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योगी सरकार 35 हजार स्काउट-गाइड्स के लिए तैयार करेगी डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में विश्वस्तरीय व्यवस्था

– 23 से 29 नवंबर तक लखनऊ में चलेगी 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी, मेजबानी करेगी योगी सरकार  – टेंट सिटी में होंगे 3500 टेंट, 64 रसोई, 1600 शौचालय, 100 बिस्तरों का अस्पताल और 15 डिस्पेंसरी – भूमि पूजन के साथ शुभंकर और लोगो भी होगा लॉन्च, नवंबर में पीएम मोदी करेंगे जम्बूरी का उद्घाटन, राष्ट्रपति करेंगी समापन – एडवेंचर, संस्कृति, शिक्षा और समाज सेवा से जुड़ेगी युवा ऊर्जा, योगी सरकार के प्रयासों से 61 साल बाद यूपी को मिली जम्बूरी की मेजबानी लखनऊ उत्तर प्रदेश एक ऐतिहासिक अवसर का गवाह बनने जा रहा है। 61 साल बाद भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की राष्ट्रीय जम्बूरी का आयोजन यूपी में होगा। इसके डायमंड जुबली ग्रैंड फिनाले की तैयारियों का आगाज़ सोमवार (29 सितंबर) को भूमि पूजन के साथ होगा। इसके बाद अगले 55 दिनों में ये टेंट सिटी पूरी तरह से आकार ले लेगी। राजधानी लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड, सेक्टर-15, वृंदावन योजना में सुबह 11:30 बजे वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना भूमि पूजन करेंगे। इसी मंच से 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी का लोगो और शुभंकर भी लॉन्च किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण भी मौजूद रहेंगे। इनमें उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी और भारत स्काउट गाइड यूपी के अध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य डॉ. महेन्द्र सिंह विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। 35 हजार स्काउट्स-गाइड्स की मेजबानी करेगी टेंट सिटी भूमि पूजन के साथ जिस भूमि पर टेंट सिटी तैयार की जाएगी, वहां 35 हजार स्काउट्स और गाइड्स के लिए अस्थायी लेकिन विश्वस्तरीय सुविधाएं बसाई जाएंगी। इसमें लगभग 3500 टेंट होंगे, जिनमें प्रतिभागियों का ठहराव होगा। इसके अलावा 64 सामूहिक रसोई घर, 1600 शौचालय और स्नानागार, 100 दुकानों वाली ‘जम्बूरी मार्केट’, प्रदर्शनियों के लिए विशाल हॉल और मीटिंग एरिया बनाए जाएंगे। इसमें प्रत्येक प्रतिभागी दल के लिए अलग आवासीय सुविधा होगी। स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए 100 बिस्तरों वाला अस्पताल और 15 डिस्पेंसरी स्थापित की जाएंगी, ताकि 23 से 29 नवंबर तक चलने वाले इस मेगा आयोजन में किसी भी प्रतिभागी को स्वास्थ्य सुविधा की कमी न हो। इसके साथ ही पूरा परिसर प्लास्टिक फ्री होगा, जहां ग्रीन एनर्जी का उपयोग किया जाएगा। वाई-फाई जोन, प्रदर्शनी हॉल, मीटिंग हॉल के साथ ही 24×7 कंट्रोल रूम और हेल्प लाइन की व्यवस्था होगी।  आयोजित होंगी साहसिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियां जम्बूरी में आने वाले स्काउट्स-गाइड्स हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियों से साहसिक अनुभव प्राप्त करेंगे। वहीं फर्स्ट एड, गांठें बांधना और जीवन रक्षा जैसी स्काउटिंग की मूल विधाओं से व्यवहारिक जीवन जीने की कला सीखेंगे। सांस्कृतिक मंच पर ग्लोबल विलेज, लोक नृत्य, नाटक और गीत-संगीत का रंग बिखरेगा। विज्ञान और तकनीक की दुनिया से रूबरू कराने के लिए रोबोटिक्स और विज्ञान प्रदर्शनी भी आयोजित होगी। साथ ही सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण और टीमवर्क आधारित गतिविधियां युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करेंगी। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी होंगे सहभागी 24 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जम्बूरी का भव्य उद्घाटन करेंगे। समापन 28 नवंबर को राष्ट्रपति महोदया के कर-कमलों से होगा। इस बीच पूरे एक सप्ताह तक चलने वाला यह महाकुंभ युवाओं को नेतृत्व, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी की सीख देगा। यूपी के लिए गौरव का क्षण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से 61 वर्ष बाद राष्ट्रीय जम्बूरी उत्तर प्रदेश को मिली है। लखनऊ में बनने वाली यह टेंट सिटी न केवल आयोजन का केंद्र होगी बल्कि यह संदेश भी देगी कि उत्तर प्रदेश अब बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी के लिए पूरी तरह सक्षम है। भूमि पूजन के साथ ही इस ऐतिहासिक जम्बूरी की उलटी गिनती शुरू हो जाएगी। पिछली बार 1964 में प्रयागराज में आयोजित हुआ था जम्बूरी भारत में पहली बार जम्बूरी का आयोजन 1953 में हैदराबाद में हुआ था। उसके बाद से अब तक 18 राष्ट्रीय जम्बूरी हो चुकी हैं। 1964 में प्रयागराज ने चौथे जम्बूरी की मेजबानी कर उत्तर प्रदेश का नाम इतिहास में दर्ज कराया था। अब, छह दशकों से अधिक समय बाद, योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयासों से यूपी को फिर से यह मौका मिला है। युवा शक्ति का महापर्व बनेगा आयोजन जम्बूरी एक सप्ताह का ऐसा आयोजन होगा जिसमें देश-विदेश से हजारों युवा स्काउट और गाइड्स एक अस्थायी टेंट सिटी में रहेंगे। वे न केवल एडवेंचर, खेलकूद, विज्ञान और सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे, बल्कि अनुशासन, आत्मनिर्भरता और टीमवर्क जैसी जीवन मूल्यों को भी आत्मसात भी करेंगे। प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं जम्बूरी का हिस्सा जम्बूरी का प्रधानमंत्री मोदी से भी गहरा रिश्ता है। 2009 में जब स्काउटिंग के 100 वर्ष पूरे हुए थे, उस वक्त अहमदाबाद में आयोजित जम्बूरी में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने भाग लिया था। बतौर प्रधानमंत्री, वे देशभर के 35 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों को लखनऊ में संबोधित करेंगे।

दर्शकों से खचाखच भरे हाल में हुआ भव्य आयोजन

यूपीआईटीएस 2025 ग्रेटर नोएडा हॉल खचाखच भरा था… दर्शकों को खादी फैशन शो का बेसब्री से इंतज़ार था। जैसे ही रोशनी जली और संगीत गूंजा, सबकी निगाहें रैंप की ओर टिकी रह गईं। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 के तीसरे दिन आयोजित “री-स्पन: द खादी एडिट” ने उत्तर प्रदेश की कपड़ा विरासत को आधुनिक अंदाज़ में प्रस्तुत कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर प्रदेश के एमएसएमई, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उत्पादन, वस्त्र एवं हथकरघा मंत्री राकेश सचान भी मौजूद रहे। हौट कॉउचर में खादी की विरासत “री-स्पन: द खादी एडिट” ने खादी को पारंपरिक परिधान से निकालकर आधुनिक फैशन की धुरी के रूप में पेश किया। रैंप पर मॉडल्स ने खादी की विविधता को हौट कॉउचर (Haute Couture) अंदाज़ में प्रदर्शित किया। कहीं चिकनकारी और रेशमी बुनावट को इंडो-वेस्टर्न लुक में ढाला गया तो कहीं खादी को ऑफिस वियर, कैज़ुअल्स और पार्टी वियर की शक्ल में प्रस्तुत किया गया। कारीगरों को मिला वैश्विक मंच शो का उद्देश्य केवल फैशन का प्रदर्शन भर नहीं था, बल्कि यह स्थानीय बुनकरों और कारीगरों के कौशल को दुनिया तक पहुँचाने का जरिया भी बना। विदेशी बायर्स, उद्योग जगत के विशेषज्ञ और फैशन डिज़ाइनरों ने खादी की संभावनाओं पर गहरी रुचि दिखाई। खादी की आधुनिक प्रस्तुति ने इसे सस्टेनेबल फैशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में स्थापित किया। खादी के जादू ने छोड़ी अमिट छाप करीब दो घंटे तक चले “री-स्पन: द खादी एडिट” का समापन तालियों की गड़गड़ाहट के बीच हुआ। रोशनी, संगीत और खादी के अनूठे डिज़ाइनों से सजा यह मंच दर्शकों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हुआ। शो ने यह संदेश स्पष्ट किया कि खादी केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि भविष्य के फैशन का भी मजबूत आधार है।

शारदीय नवरात्रि में गोरक्षपीठाधीश्वर ने मां के चरणों में लगाई हाजिरी

गो माता को खिलाया गुड़, बच्चों से मिले, दी चॉकलेट मंदिर में आये श्रद्धालुओं का किया अभिवादन, व्यवस्थाओं का लिया जायजा लखनऊ गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को बलरामपुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने मां पाटेश्वरी मंदिर में रात्रि विश्राम किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर की व्यवस्थाओं व नवरात्रि मेले की तैयारियों की जानकारी ली।  इसके बाद गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार प्रातः तुलसीपुर में देवी शक्तिपीठ मां पाटेश्वरी मंदिर में दर्शन, पूजन-अर्चन किए। मां की आरती उतारी। मुख्यमंत्री ने मां से सुखी, स्वस्थ व प्रसन्नचित्त उत्तर प्रदेश की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री गोशाला गए, जहां उन्होंने गायों को गुड़ व चारा खिलाया। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।  इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर में आये श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया। बच्चों को देखकर उनके पास पहुंचे और हालचाल जाना। फिर उन्हें चॉकलेट भी दी और खूब मन लगाकर पढ़ने को कहा। इस दौरान मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ योगी, कालीबाड़ी मंदिर गोरखपुर के महंत रवींद्र दास भी मौजूद रहे।

बलरामपुरवासियों को 825.29 करोड़ की 124 परियोजनाओं के जरिए विकास की मुख्यधारा से जोड़ेंगे सीएम योगी

256 करोड़ की 62 परियोजनाओं का लोकार्पण, 568 करोड़ की 62 परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास सड़क, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन विकास, सेतु, परिवहन समेत अनेक परियोजनाओं की देंगे सौगात  बलरामपुर/लखनऊ मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ जी द्वारा नवरात्रि में मां पाटेश्वरी के दर्शन-पूजन के उपरांत जनपद को विकास की बड़ी सौगात देंगे। रविवार को मुख्यमंत्री यहां 825.29 करोड़ की 124 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री बलरामपुर में राजकीय पॉलीटेक्निक का लोकार्पण भी करेंगे। सड़क, पुल, शिक्षा, परिवहन, गृह, पुलिस आदि से जुड़ीं इन परियोजनाओं का लाभ मंडलवासियों को मिलेगा। रविवार को होने वाले कार्यक्रम को लेकर सारी तैयारी की जा चुकी है।   जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री रविवार सुबह मां पाटेश्वरी देवी के दर्शन-पूजन व गोसेवा के उपरांत जनपदवासियों को विकास की बड़ी सौगात देंगे। डीएम ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  जनपदवासियों को शिक्षा क्षेत्र में बड़ी सौगात देंगे। सीएम ने 17 फरवरी 2020 में राजकीय पॉलीटेक्निक घुघुलपुर, बलरामपुर के भवन का निर्माण कार्य का शिलान्यास किया था। 2029 लाख रुपये खर्च कर यह कार्य पूरा हो चुका है। रविवार को इसका लोकार्पण किया जाएगा।  256 करोड़ से अधिक की 62 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे सीएम योगी  मुख्यमंत्री 256 करोड़ से अधिक की 62 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के आवासीय भवनों के लिए टाइप-4 के छह आवास, टाइप-3 के 12 आवास व टाइप-2 के 12 आवासों का लोकार्पण करेंगे। बलरामपुर में ट्रांजिट हॉस्टल का भी शुभारंभ करेंगे। राजकीय आईटीआई बेलीकलान तुलसीपुर व विशुनपुर विश्राम में 100-100 सीटेड महिला व पुरुष छात्रावास का लोकार्पण भी करेंगे। थाना कोतवाली देहात, थाना पचपेड़वा, थाना महराजगंज व हरैया में हास्टल, बैरक व विवेचना कक्ष की भेंट देंगे। इसके अलावा बलरामपुर के जिला मेमोरियल अस्पताल में ओपीडी, गैसड़ी के कार्यालय भवन का निर्माण कार्य का लोकार्पण करेंगे। चाउरखाता मंदिर स्थल का पर्यटन विकास व देवीपाटन मंदिर में फसाड लाइटिंग कार्य का भी शुभारंभ होगा।   568 करोड़ की 62 परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास तुलसीपुर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो, उन्हें जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए मुख्यमंत्री ओवरब्रिज का भी शिलान्यास करेंगे। बलरामपुर में मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के लिए फोरलेन मार्ग के निर्माण का शिलान्यास करेंगे। 261 करोड़ रुपये से 1.75 किमी. लंबे इस फोरलेन कार्य का जल्द ही शुभारंभ हो जाएगा।  घुघुलपुर में बस स्टेशन का होगा निर्माण, बरात घर, निर्माण कार्य का भी होगा शिलान्यास बलरामपुर के उतरौला तहसील में टाइप 3 के चार आवासीय भवन व राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय, बालापुर बलरामपुर में शिक्षक व शिक्षणेत्तर कार्मिकों के कुल 15 आवासों के निर्माण का भी शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री बलरामपुर के घुघुलपुर में बस स्टेशन के निर्माण के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही राजकीय नवीन हाईस्कूल लौकीखुर्द, त्रिलोकपुर, रेहराचौकी का भी शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री थारू विकास परियोजना विशुनपुर विश्राम परिसर में कंप्यूटर व सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र का शिलान्यास करेंगे। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालाय दत्तगंज, उतरौला, रेहरा बाजार में भी शैक्षणिक भवन व छात्रावास ब्लॉक की सौगात देंगे। इसके अलावा गैसड़ी में बरात घर, उतरौला ग्रामीण छिपिया में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय की नींव रखेंगे।

इन्वेस्ट यूपी पवेलियन में निवेशकों और एमएसएमई प्रतिनिधियों ने लिया मार्गदर्शन

यूपीआईटीएस 2025 सीएम युवा पवेलियन युवाओं के लिए बना व्यावहारिक बिज़नेस सीखने का मंच ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सपो मार्ट में चल रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2025 में इन्वेस्ट यूपी पवेलियन व्यापारिक संवाद और निवेश की संभावनाओं का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। यह पवेलियन निवेशकों, उद्यमियों और एमएसएमई प्रतिनिधियों को आकर्षित कर रहा है, जो उत्तर प्रदेश में निवेश, क्षेत्रीय नीतियों, प्रोत्साहन योजनाओं, भूमि उपलब्धता और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। राज्य की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी के रूप में, इन्वेस्ट यूपी व्यवसाय स्थापित करने या विस्तार करने के इच्छुक लोगों को विशेष मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। इसके संवादात्मक सत्र और सक्रिय सहभागिता राज्य की नवाचार, उद्यमिता और समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। ओडीओपी और स्थानीय हस्तशिल्प ने खींचा ध्यान 25–29 सितंबर तक चल रहे इस शो में ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) पहल विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मिर्जापुर के कालीन, मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का कांच का समान, कन्नौज का इत्र और बनारस की साड़ी जैसी उत्कृष्टता वाले उत्पाद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। राज्य के स्थानीय उत्पादों की यह झलक न सिर्फ उनकी कला और कौशल को प्रदर्शित करती है, बल्कि उद्यमियों और निवेशकों के लिए व्यावसायिक अवसर भी खोलती है। सीएम युवा पवेलियन: युवाओं के लिए लॉन्चपैड सीएम युवा पवेलियन ने युवाओं के लिए व्यावहारिक बिज़नेस मॉडल, मेंटरशिप, फंडिंग और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराकर उन्हें प्रेरित किया। यह पवेलियन युवा उद्यमियों के लिए सीखने और नेटवर्किंग का मंच बनता जा रहा है, जो उन्हें भविष्य में अपने व्यवसाय को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा और साधन प्रदान करता है। UPITS 2025 के तीसरे संस्करण ने राज्य की औद्योगिक, सांस्कृतिक और उद्यमशीलता शक्ति को प्रदर्शित करते हुए यह साबित कर दिया कि उत्तर प्रदेश निवेशकों, युवा उद्यमियों और वैश्विक कारोबारियों के लिए तेजी से विकसित हो रहा है।

ओडीओपी पवेलियन बना आकर्षण का केंद्र, दूसरे दिन 46 हजार लीड्स और ₹20.77 करोड़ के हुए सौदे

यूपीआईटीएस 2025  सीएम युवा कॉन्क्लेव ने बढ़ाया जोश, तीन दिन में 5.5 हजार बिजनेस पूछताछ और 101 बी2बी बैठकें संपन्न नीति दिवस पर कृषि व ग्रामीण विकास केंद्रित, फूड प्रोसेसिंग और ब्लू रिवोल्यूशन को मिला बल खादी फैशन शो ने खादी को दी आधुनिक पहचान, परंपरा और फैशन का संगम बना आकर्षण सांस्कृतिक संध्या में लोकगायन और नृत्यों ने बांधा समां, मालिनी अवस्थी के सुरों से हुआ भव्य समापन ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस 2025) के तीसरे दिन शनिवार को प्रदर्शनी स्थल पर रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ी। कुल 1,25,204 आगंतुकों ने ट्रेड शो का हिस्सा बनकर इसकी लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया। इनमें 35,368 बी2बी और 89,836 बी2सी आगंतुक शामिल रहे। कुल मिलाकर इन तीन दिनों में 2.65 लाख से ज्यादा विजिटर्स, 76 हजार से ज्यादा बी2बी बायर्स और 1.89 लाख से ज्यादा बी2सी विजिटर्स इस मेगा इवेंट का हिस्सा बन चुके हैं। इससे यह साबित हो गया कि यूपीआईटीएस 2025 अब भारत के सबसे बड़े राज्य-नेतृत्व वाले व्यापार मंचों में शुमार हो चुका है।  सबसे खास उपलब्धि रही अंतरराष्ट्रीय खरीदार-विक्रेता बैठक, जिसे फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स (FIEO) ने आयोजित किया। इस मंच पर सीमा-पार सहयोग की नई राहें खुलीं और उत्तर प्रदेश सहित देशभर के निर्यातकों को वैश्विक खरीदारों से सीधे जुड़ने का अवसर मिला। परिणामस्वरूप 288 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए जिनकी कुल व्यावसायिक राशि ₹89 करोड़ रही। इसने स्पष्ट संदेश दिया कि उत्तर प्रदेश अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में अपनी सशक्त पहचान बना रहा है। ओडीओपी पवेलियन में 46 हजार से ज्यादा मिलीं लीड्स  ओडीओपी पवेलियन, जहां 466 स्टॉल संचालित हुए, विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। पहले दिन अपेक्षाकृत मामूली कारोबार हुआ, लेकिन दूसरे दिन आंकड़े अभूतपूर्व उछाल पर पहुंचे। 11,305 विज़िटर्स से 46,005 लीड्स उत्पन्न हुईं और कुल ₹20.77 करोड़ के सौदों पर सहमति बनी। यह वित्तीय प्रतिबद्धता पहले दिन की तुलना में कई गुना अधिक थी और इसने यूपी के उद्यमिता व निर्यात की क्षमता को उजागर किया। डिजिटल सशक्तिकरण और निर्यात संर्वधन पर गहन चर्चा तीसरे दिन के सत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण और निर्यात संवर्धन पर गहन चर्चा हुई। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स द्वारा आयोजित “ई-कॉमर्स: भारतीय निर्यात के लिए नई सीमा” विषयक सत्र ने दिखाया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म किस प्रकार छोटे और मध्यम उद्यमों को वैश्विक मंच पर ला सकते हैं। इसमें औद्योगिक विकास एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ और एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने भाग लिया। राकेश सचान ने समानांतर रूप से “लोकल से ग्लोबल” विषयक सत्र की अध्यक्षता की, जिसमें ओडीओपी की ताकत और वैश्विक स्तर पर इसकी संभावनाओं को सामने रखा गया। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर जिले के विशिष्ट उत्पाद को विश्व मानचित्र पर स्थापित किया जाए और इसके लिए डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। सीएम युवा में तीन दिन के अंदर 5.5 हजार से ज्यादा बिजनेस पूछताछ  यूपीआईटीएस 2025 में आयोजित सीएम युवा कॉन्क्लेव तीसरे दिन का एक और बड़ा आकर्षण रहा। इस मंच ने युवाओं को उद्यमिता की दिशा में न केवल प्रेरित किया बल्कि उनके विचारों को आकार देने का अवसर भी दिया। पहले तीन दिनों में कुल 5,525 बिज़नेस पूछताछ दर्ज हुईं, जिनमें से अकेले तीसरे दिन ही 2,200 पूछताछ सामने आईं। इस दौरान 101 बिज़नेस-टू-बिज़नेस बैठकें आयोजित की गईं और 39 बिज़नेस प्रेज़ेंटेशन युवाओं ने निवेशकों और मेंटर्स के सामने दिए। तीन दिनों में 3,500 पंजीकरण प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि यह मंच युवाओं के लिए नेटवर्किंग और निवेश का सशक्त साधन बन चुका है। ग्रामीण विकास और कृषि आधारित उद्योगों पर विशेष फोकस  तीसरे दिन ग्रामीण विकास और कृषि आधारित उद्योगों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने “उत्तर प्रदेश की फूड बास्केट का लाभ उठाना” विषय पर चर्चा की और राज्य की खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के उद्देश्यों को रेखांकित किया। इसका मकसद आपूर्ति श्रृंखला का औद्योगीकरण, फार्म-टू-मार्केट लिंकेज को मजबूत करना और कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना है। इसी क्रम में मत्स्य पालन विभाग ने “ब्लू रिवोल्यूशन” के तहत जलीय कृषि की संभावनाओं को सामने रखा। उत्तर प्रदेश के विशाल जल संसाधनों का उपयोग करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रोटीन आपूर्ति और रोजगार सृजन को बढ़ाने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। खादी फैशन शो और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बटोरी सुर्खियां तीसरे दिन का सबसे बहुप्रतीक्षित आकर्षण था खादी फैशन शो। इस आयोजन ने खादी को केवल पारंपरिक कपड़े के रूप में नहीं, बल्कि आधुनिक परिधान और स्थायी फैशन के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया। शो ने खादी को ‘राष्ट्र के वस्त्र’ से ‘फैशन के वस्त्र’ में बदलने का उत्सव मनाया। कार्यक्रम में एमएसएमई, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री राकेश सचान ने भाग लिया और खादी के वैश्विक महत्व को रेखांकित किया। शाम का समय संस्कृति के रंगों से सराबोर रहा। कथक की शास्त्रीय सुंदरता, थारू और बधावा नृत्यों की जीवंतता और लोकगायन की भावपूर्ण गूंज ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पद्मश्री मालिनी अवस्थी के सुरमयी गायन ने न केवल दिन का, बल्कि पूरे तीन दिवसीय आयोजन का भव्य समापन किया।

भीषण सड़क दुर्घटना में मासूम सहित पांच की मौत, लखीमपुर खीरी में नौ घायल

लखीमपुर खीरी लखीमपुर खीरी के खीरी थाना क्षेत्र में रविवार को सुबह करीब आठ बजे भीषण सड़क हादसा हो गया। लखीमपुर-सीतापुर मार्ग के ओयल मोड़ पर रोडवेज बस और कार की  भिड़ंत हो गई। हादसे में मासूम बच्चे समेत पांच की मौत हो गई, जबकि नौ लोग घायल हुए हैं। इनमें छह गंभीर घायलों को लखनऊ रेफर किया गया है। उधर, डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और एसपी संकल्प शर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। जानकारी के मुताबिक रोडवेज बस लखीमपुर से लखनऊ जा रही थी। सवारियों से भरी वैन सीतापुर से लखीमपुर आ रही थी। इसमें 15 लोग सवार थे। बताया जा रहा है कि ओयल मोड़ पर रोडवेज बस और वैन की आमने-सामने से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए। हादसा होते ही चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग मौके पर जुट गए। छह लोगों की हालत गंभीर सूचना मिलते ही थाना पुलिस पहुंच गई। क्षतिग्रस्त वैन से घायलों को बाहर निकाला और जिला अस्पताल भिजवाया, जहां चिकित्सकों ने पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया।मरने वालों में दो साल का बच्चा भी शामिल है। हादसे में घायल नौ लोगों में से छह की हालत गंभीर बताई गई है। गंभीर घायलों को लखनऊ रेफर किया गया है। तीन का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। रोडवेज बस में सवार किसी को भी चोट नहीं आई है। मृतक 1- गुड्डू उर्फ सुनील निवासी एलआरपी 2- सरफराज पुत्र सलमान अली निवासी पिपर झाला। 3- रामशंकर पुत्र जगदीश बहदुरा मोतीपुर बहराइच। 4- बुद्धराम उर्फ बुद्धू पुत्र भग्गू बरही पुरवा मोतीपुर बहराइच। 5- एक अज्ञात घायल – बबली 35 वर्ष उर्फ निशा पत्नी सलमान – सलमान (40 वर्ष) – नाज (3 वर्ष) पुत्री सलमान – पुष्पा पुत्री लालाबाबू यादव सिरसिया पिपरा कोठी बिहार – दिलकुश पुत्री लालाबाबू – रामलाल पुत्र जगदीश – शारदा 32 पुत्र इतवारी ढखेरवा पोस्ट पढ़ुआ

बरेली हिंसा पर कड़ा संदेश: योगी बोले — दंगा फैलाओ तो भुगतना होगा अंजाम

बलरामपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बलरामपुर के दौरे पर हैं। यहां लोगों को संबोधित करते हुए सीएम ने बरेली बवाल पर 24 घंटे में तीसरी बार दंगाइयों को अलटीमेटम दिया। कहा कि यूपी में अराजकता और दंगा करने वालों को जहन्नुम का टिकट दूंगा। गजवा-ए-हिंद की कल्पना पर नरक का टिकट  मिलेगा। भारत में उन महान आत्माओं के आदर्श चलेंगे, जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना बलिदान दिया। सीएम ने रविवार की सुबह देवीपाटन मंदिर में मां पाटेश्वरी के दर्शन कर उनके पांव पखारे। इसके बाद आरती की। यहां से वह गोशाला पहुंचे। वहां पर गायों को चना… गुड़ और रोटियां खिलाकर गोसेवा की। इसके बाद सीएम ने मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं से बातचीत की। बच्चों को दुलारा और टाफियां दीं। बताते चलें कि सीएम योगी शनिवार की रात यहां पहुंचे थे। उस समय मंदिर में दर्शन करके विश्राम को चले गए थे। उन्होंने रात्रि विश्राम यहीं मंदिर में ही किया था। सीएम ने मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं से मुलाकात करके बच्चों से भी मिले। बच्चों को टाफियां देकर उन्हें दुलार किया और खूब मन लगाकर पढ़ने को कहा। इस दौरान मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ योगी, कालीबाड़ी मंदिर गोरखपुर के महंत रवींद्र दास भी मौजूद रहे। 826 करोड़ की 124 परियोजनाओं की दी सौगात मंदिर से निकलने के बाद सीएम धूधुलपुर में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। यहां उन्होंने सरकारी योजनाओं पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके साथ ही 826 करोड़ की 124 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। साथ ही राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज का उद्घाटन किया। 2047 में विकसित भारत के लिए आम लोगों से सुझाव भी मांगे। सीएम ने छांगुर को कहा कालनेमि राक्षस इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए सीएम ने एक बार फिर प्रदेश में अराजकता और दंगा फैलाने वालों को चेतावनी दी। कहा कि यूपी में ऐसा करने की हिम्मत की तो जहन्नुम का टिकट दूंगा। बरेली का हवाला देते हुए सबक लेने को कहा। उन्होंने छांगुर की कालनेमि राक्षस से तुलना की। कहा कि विकास में बाधा डाली तो ऐसे राक्षसों का विनाश होगा। सपा और कांग्रेस के अराजकतत्वों से मिले होने की बात कही। भारत में नहीं चलेगा गजवा-ए-हिंद सीएम ने कहा कि कुछ लोग भारत में रहते हैं, लेकिन गजवा-ए-हिंद का नारा लगाकर देश के भीतर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं। गजवा-ए-हिंद भारत की धरती पर नहीं होगा। भारत की धरती महान आत्माओं की भूमि है। यह उन महान आत्माओं के आदर्श चलेंगे, जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना बलिदान दिया है। गजवा-ए-हिंद की कल्पना करना, इसके बारे में सपना देखना भी नरक का टिकट बन जाएगा। जो लोग ऐसी गतिविधियों में लगे हैं, वे कान खोलकर सुन लें। देर-सवेर उनका भी हश्र छांगुर जैसा ही होगा।  

बरेली विवाद में बड़ा मोड़: 8 आरोपी जेल में, पुलिस ने दर्ज की 10 एफआईआर

बरेली  बरेली में शुक्रवार को हुए हंगामे के बाद पुलिस ने 10 एफआईआर दर्ज की हैं। मामले में 39 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। बरेली पुलिस ने इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा को भी गिरफ्तार किया, जिन्हें अब 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। डीआईजी के अनुसार, हंगामे को लेकर तौकीर रजा के संगठन के कुछ लोगों का नाम भी सामने आया है। उनके खिलाफ कुछ सबूत भी हैं। इन लोगों के नाम एफआईआर में भी दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार की घटना के संबंध में अब तक कुल 10 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। डीआईजी ने यह भी बताया कि घटनास्थल से हथियार, खाली खोखे, कुछ बोतलें और घटना में इस्तेमाल की गई अन्य सामग्री बरामद की गई है। कुल 22 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और उनका इलाज चल रहा है। बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जुमे की नमाज के बाद कुछ जगहों पर हिंसक प्रदर्शन किया गया। हम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इस मामले में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एफआईआर को लेकर एसएसपी ने बताया कि घटनाओं को लेकर थाना कोतवाली में 5 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जबकि थाना बारादरी में दो और किला, प्रेम नगर और कैंट पुलिस थानों में एक-एक एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि कुल 8 अपराधियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है। इसमें मौलाना तौकीर रजा भी शामिल हैं। कोर्ट के आदेश के बाद सभी 8 आरोपियों को जेल में भेजा गया है।

यूपी सीएम योगी ने दी चेतावनी: दारुल इस्लाम में विश्वास रखने वालों को पहले भुगतना होगा नतीजा

श्रावस्ती उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में बवाल करने वालों को एक बार फिर कड़ी चेतावनी दी है। श्रावस्ती में आयोजित एक जनसभा में शनिवार को सीएम योगी ने कहा कि हमने हर समुदाय, हर जाति के कल्याण के लिए काम किया। अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति सभी को सम्मान दिया। सबका साथ, सबका विकास हमारा मंत्र है। इसके बाद भी कुछ लोगों को विकास अच्छा नहीं लगता। वे तालिबानी व्यवस्था और दारुल इस्लाम में विश्वास करते हैं। मैं उन्हें कहता हूं, ऐसी व्यवस्था जन्नत में भी पूरी नहीं होगी, इसके लिए पहले जहन्नुम जाना पड़ेगा। सीएम योगी ने कहा कि आस्था के नाम पर तोड़फोड़, आगजनी और निर्दोष लोगों पर हमले करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो उनकी कई पीढ़ियों के लिए नजीर बन जाएगा। सीएम योगी नवरात्र के समय बरेली में बवाल और कई जिलों में आई लव मोहम्मद को लेकर निकाले जा रहे जुलूस को लेकर बेहद खफा नजर आए। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है। यह सबका साथ और विकास जानता है, लेकिन उपद्रवियों और माफियाओं से सख्ती से निपटना भी जानता है। कुछ लोगों को शांति और कल्याण अच्छा नहीं लगता। हिंदू त्योहारों पर उन्हें गर्मी चढ़ती है, लेकिन हम डेंटिंग-पेंटिंग से उनकी गर्मी शांत करना जानते हैं। सीएम योगी ने कहा कि अराजकता स्वीकार्य नहीं है। अगर किसी ने सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया, निर्दोष नागरिकों पर हमला किया, बेटियों की सुरक्षा को खतरा पहुंचाया या व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में आगजनी की कोशिश की तो ऐसी कार्रवाई करेंगे कि उनकी कई पीढ़ियां याद रखेंगी। उन्होंने त्योहारों के दौरान माहौल खराब करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि त्योहार उत्साह और एकता का समय है। हिंदू परिवार अपनी पूंजी लगाकर समाज के साथ खुशी मनाता है। कोई भेदभाव नहीं करता। सभी को साथ लेकर चलता है। ऐसे मौकों पर सड़क पर प्रदर्शन और उपद्रव बर्दाश्त नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने उन लोगों को आड़े हाथों लिया जो उपद्रव के दौरान बच्चों और महिलाओं को आगे करते हैं। उन्होंने कहा कि जो कायरों और बुझदिलों की तरह बच्चों और महिलाओं को आगे करके उपद्रव करते हैं, उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। आस्था अंतःकरण का विषय है, प्रदर्शन का नहीं। आस्था के नाम पर तोड़फोड़, आगजनी या पुलिस पर हमला करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। सीएम योगी ने महापुरुषों के सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि महापुरुष किसी भी परंपरा में हों, उनका सम्मान होना चाहिए। आस्था प्रदर्शन का विषय नहीं है। जो लोग आस्था के नाम पर हिंसा और अराजकता फैलाते हैं, उन्हें कठोर दंड भुगतना होगा।