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मिशन 2027 के लिए तैयार BSP, कांशीराम की पुण्यतिथि पर मायावती करेंगी बड़ी घोषणा

लखनऊ  बसपा सुप्रीमो मायावती मिशन-2027 को लेकर ऐक्शन मोड में हैं। कांशीराम की पुण्य की पुण्यतिथि पर 9 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने जा रही हैं। बसपा,सालों बाद इसमें अपनी ताक़त दिखाएगी। इस कार्यक्रम में मायावती के साथ आकाश आनंद भी रहेंगे। उन्होंने रविवार को पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में तैयारियों का जायज़ा लिया और इसे सफल बनाने के निर्देश दिया। मायावती ने ज़िला से लेकर बूथ स्तर की कमेटी के गठन को लेकर चलाये गये अभियान की गहन की। लगभग 80 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति पर संतोष व्यक्त करते हुये आगे बाकी बचे कार्यों के लिए नया निर्देश दिया।बैठक में बताया कि इस बार कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ के वीआईपी रोड पर स्थित कांशीराम जी स्मारक स्थल’ में श्रद्धा-सुमन कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें जिसमें वे ख़ुद शामिल होकर आगे की राजनीतिक चुनौतियों से संघर्ष के लिये रूपरेखा पर भी चर्चा करेंगी। मायावती ने कहा कि ख़ासकर विरोधी पार्टियों द्वारा अन्दर-अन्दर आपस में मिलकर तथा साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हर प्रकार के हथकण्डे अपनाकर बी.एस.पी. पार्टी, मूवमेन्ट तथा उसके आयरन लेडी नेतृत्व को कमजोर करने का षडयंत्र लगातार जारी है ताकि दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों पर आधारित बहुजन समाज के लोगों को अत्यन्त कठिनाई से मिले उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों से वंचित करके उन्हें लाचार और मजबूर बनाये रखा जाये तथा हर कीमत पर उन्हें शासक वर्ग बनने से रोका जाये तथा इस क्रम में उन्हें आगे बढ़ने का वैसा सुनहरा अवसर ना मिल पाये जैसाकि बी.एस.पी. की यूपी में बहनजी की रही सरकारों में सर्वसमाज के लोगों को आम तौर से तथा बहुजन समाज के लोगों को खास तौर से मिला था और प्रदेश के विकास के साथ-साथ उन सबकी तरक्की हुई थी। ट्रम्प टैरिफ नई चुनौती अमेरिका द्वारा थोपे गये भारी भरकम 50 प्रतिशत ’ट्रम्प टैरिफ’ के आतंक से उभरी नई चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मायावती ने कहा कि इससे सही से निपटने के लिए ख़ासकर भारत व सत्ताधारी पार्टी भाजपा को व्यापक जन व देशहित का ध्यान रखते हुये अपनी नीतियों व कार्यक्रमों में ठोस व भारी सुधारवादी रवैया अपनाने की ज़रूरत है, वरना देश के विशाल बहुजनों की गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी, अशिक्षा, घरो से दूर पलायन की विवशता आदि की समस्यायें और भी जटिल होकर देश के मान-सम्मान को भी दुनिया में प्रभावित करेंगी, जिससे बचना बहुत ज़रूरी है।  

नियुक्ति पत्र पाकर खुश हुए शिक्षक, मुख्यमंत्री योगी ने की प्रेरक बातें

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोकभवन में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) में चयनित 1510 अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कुछ चुनिंदा अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया, जबकि सभी जिलों में आयोजित कार्यक्रम में सांसद और विधायक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया। प्रदेश के सभी जनपदों में भी भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां सांसद एवं विधायकगण सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर युवाओं के सपनों को साकार करने के साक्षी बने। उत्तर प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र के साथ निरंतर कार्यरत है। देश के सबसे अधिक युवाओं वाले प्रदेश की युवा आकांक्षाओं को देखते हुए उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। रोजगार मेलों के माध्यम से भी प्रदेश में 1736 कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें 4.13 लाख से अधिक युवाओं को 2537 कंपनियों में नौकरी का अवसर मिला है।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश को अनेक महानुभाव देने वाले प्रदेश को हमने बीमारू राज्य से ‍उबारा। हमने प्रदेश के नौजवानों का साफ सुथरा मंच दिया, जिससे उत्तर प्रदेश की अलग पहचान बनी है। उत्तर प्रदेश वर्ष 2017 से पहले देश के विकास के योगदान देने के मामले में निचली पायदान पर था और अब सभी अग्रणी राज्यों को पीछे छोड़कर लगातार आगे बढ़ रहा है। अब ‍उत्तर प्रदेश देश का ग्रोथ इंजन है और दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में नियुक्त 1510 अनुदेशक ईमानदारी से काम पर प्रदेश को आगे बढ़ाने का काम करें। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ चयन सेवा चयन आयोग की ओर से अनुदेशकों का परिणाम बीते दिनों घोषित किया गया था। इसमें 1510 अनुदेशकों का चयन हुआ। इस अवसर पर व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह अवसर न केवल चयनित अभ्यर्थियों के जीवन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करेगा। बल्कि, प्रदेश सरकार के इस संकल्प का भी प्रमाण है कि योग्यता के आधार पर पारदर्शिता के साथ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण हर जिले में किया गया। इस मौके पर व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिल देव अग्रवाल, कौशल विकास विभाग के प्रमुख सचिव डा. हरिओम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

अखिलेश यादव का जोरदार हमला: भाजपा के अंदरूनी विवादों पर सियासी तंज

लखनऊ उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने मेरठ में जिलाध्यक्षों की क्लास ली. उन्होंने अध्यक्षों को शुचिता और मर्यादा का पाठ पढ़ाया. इतना ही नहीं एमएलसी और पंचायत चुनाव जीतने के गुर बताए. एमएलसी और पंचायत चुनावों की तैयारी की क्षेत्रीय बैठक में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि थाने चौकी जैसे सरकारी व्यवस्था से जुड़े कार्यों को सांसद और विधायकों के लिए छोड़ दें. उन्होंने जिलाध्यक्षों को हिदायत देते हुए कहा कि थाना-चौकी छोड़कर जिलाध्यक्ष संगठन को संभालें. इस पर अखिलेश यादव ने चुटकी ली है. अखिलेश यादव ने भाजपा के खात्मे के कई कारण बताए हैं. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि ‘भाजपाइयों को जमीन-कब्जा, भ्रष्टाचार, अंदरूनी लड़ाई और आपसी उठा-पटक से फ़ुरसत मिले तब तो वे संगठन के बारे में सोचें. भाजपा के खात्मे के मूल कारण हैं:       भाजपा की सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की नकारात्मक राजनीति     ⁠अकूत पैसे कमाने की महाभ्रष्ट सोच     ⁠किसान, मजदूर, युवा, महिला, नौकरी-कारोबार विरोधी नीतियां     ⁠भाजपाइयों के किसी के सगे नहीं होने के हर दिन बढ़ते उदाहरण     ⁠भाजपाइयों के हर स्तर व हर तरफ से भ्रष्ट-चारित्रिक पतन के आते समाचार व वीडियो     ⁠भाजपा व उनके संगी-साथियों द्वारा संविधान व आरक्षण को पिछले दरवाजे से खत्म करने की साजिश     ⁠भाजपा द्वारा अपने सहयोगी दलों का घोर अपमान, उपेक्षा व तिरस्कार     ⁠पीडीए के लिए भाजपाइयों के मन में कूट-कूटकर भरी दुर्भावना     ⁠पीडीए समाज के उत्पीड़न-शोषण को बढ़ावा देने की वर्चस्ववादी सोच सच तो ये है कि समाज में दरार डालते-डालते भाजपा खुद ही दरारों से भर गई है. भाजपा गई!’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया से नई पीढ़ी को मिला सुनहरा अवसर

अनुदेशक बोले- यह सफलता केवल उनकी मेहनत ही नहीं, बल्कि सरकार की प्रतिबद्धता का भी परिणाम  उत्तर प्रदेश में अब सिफारिश नहीं, बल्कि योग्यता और मेहनत के दम पर हासिल हो रहे हैं रोजगार के अवसर  लखनऊ उत्तर प्रदेश में रोजगार के अवसर अब योग्यता और मेहनत के दम पर हासिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया ने हजारों युवाओं के जीवन को नई दिशा दी है। रविवार को लोकभवन के सभागार में नियुक्ति पत्र पाने वाले नवचयनित अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता केवल उनकी मेहनत ही नहीं, बल्कि सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री का कहना है कि उत्तर प्रदेश में अब रोजगार के अवसर योग्यता और मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को ही मिलेंगे, न कि सिफारिश वालों को। सीएम योगी के इसी मिशन को उनकी टीम धरातल पर उतारने में लगी है।  मेहनत को मिला सही मंच – सीमा, मैनपुरी मैनपुरी की सीमा ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि मैंने राजकीय महिला पॉलीटेक्निक, बरेली से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के प्रयास से यह भर्ती प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ पूरी हुई, जिसकी वजह से उनकी मेहनत रंग लाई। बेटियों के सपनों को मिला सहारा – अल्पना श्रीवास्तव, लखनऊ लखनऊ की अल्पना श्रीवास्तव ने फिरोजगांधी पॉलीटेक्निक, रायबरेली से प्रशिक्षण प्राप्त किया और एनएसटीआई कानपुर से सीआईटीएस कोर्स किया। उन्होंने बताया कि समाज की चुनौतियों के बावजूद उनके माता-पिता ने कभी पढ़ाई में कमी नहीं रखी। उन्होंने बताया कि अनुदेशक की नियुक्ति मिलने पर उनके माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू थे। उन्होंने वादा किया कि वह अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाएंगी। उत्तर प्रदेश को उत्तम और कुशल प्रदेश बनाने में सहयोग करूंगी। किसान परिवार का पहला सरकारी रोजगार – श्यामू विश्वकर्मा, गोरखपुर गोरखपुर के श्यामू विश्वकर्मा ने भावुक होकर कहा कि वह किसान परिवार से आते हैं और परिवार में पहले व्यक्ति हैं जिन्हें सरकारी नौकरी मिली है। यह अवसर उन्हें इसलिए मिल पाया क्योंकि प्रदेश सरकार ने निष्पक्ष भर्ती की परंपरा स्थापित की है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए विश्वास दिलाया कि वह पूरी लगन और मेहनत से काम कर अपने चयन को सार्थक करेंगे।  रोजगार से बढ़ा आत्मविश्वास – पवन कुमार, पीलीभीत पीलीभीत के पवन कुमार ने बताया कि उन्होंने राजकीय पॉलीटेक्निक पीलीभीत से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया और फिर सीआईटीएस की परीक्षा हैदराबाद से पास की। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र से सरकारी सेवा तक की उनकी यात्रा आसान नहीं थी। लेकिन सरकार की पारदर्शी प्रक्रिया ने उनके सपनों को पंख लगा दिए। नवचयनित अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खुद को गौरवान्वित महसूस किया। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति न सिर्फ उनके लिए गर्व का क्षण है, बल्कि प्रदेश सरकार के युवाओं को रोजगार देने की प्रतिबद्धता का प्रमाण भी है।

यूपी में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हो रहे हैं व्यापक कार्य- मुख्यमंत्री

 यूपी टी20 लीग के समापन में शामिल हुए सीएम योगी, घंटा बजाकर किया फाइनल मैच का शुभारंभ – मुख्यमंत्री ने दोनों टीमों के कप्तानों और खिलाड़ियों से की मुलाकात, फाइनल मैच के लिए उछाला टॉस – काशी रुद्रास और मेरठ मावेरिक्स के बीच यूपी टी20 लीग का फाइनल मैच – सीएम योगी ने बीबीसीआई से किया आग्रह, यूपी को मिले दो टीमें, ताकि स्थानीय खिलाड़ियों को अधिक अवसर मिलें लखनऊ उत्तर प्रदेश प्रीमियर टी20 लीग का भव्य समापन शनिवार को भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई इकाना स्टेडियम में हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर फाइनल मैच का टॉस उछालकर शुभारंभ किया। काशी रुद्रास और मेरठ मावेरिक्स के बीच हुए इस रोमांचक मुकाबले ने दर्शकों को उत्साहित कर दिया। सीएम योगी के आगमन पर दर्शकों का उत्साह चरम पर दिखा। पूरा स्टेडियम "योगी-योगी" के नारों से गूंज उठा। सीएम योगी ने बीसीसीआई वरिष्ठ पदाधिकारियों, सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ मैच का लुत्फ भी उठाया। सीएम योगी ने कहा कि यूपी टी-20 लीग युवाओं के लिए बेहतर है। सरकार सूबे में कई क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण करा रही है।  सीएम योगी ने मैदान में पहुंचकर दोनों टीमों के कप्तानों और खिलाड़ियों से मुलाकात कर परिचय प्राप्त किया और ट्रॉफी के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। उन्होंने स्टेडियम में तैयारियों में जुटे कर्मचारियों से भी बातचीत की और उनका उत्साहवर्धन किया। सीएम योगी ने रोबोट चुलबुल से सिक्का लेकर फाइनल मैच का टॉस कराया और घंटा बजाकर मैच के शुभारंभ किया। यूपी में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हो रहे हैं व्यापक कार्य- मुख्यमंत्री बीसीसीआई उपाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने सीएम का शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम इस वर्ष के अंत तक पूरा होगा, जिसमें 70% कार्य पूर्ण हो चुका है। अयोध्या और गोरखपुर में भी स्टेडियम निर्माणाधीन हैं, जबकि मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के साथ अंतरराष्ट्रीय मानकों के स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। प्रदेश के हर गांव से लेकर ब्लाक और जनपदों में बन रहे स्टेडियम- सीएम योगी सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश की खेल नीति की सराहना करते हुए कहा कि हर गांव में खेल मैदान, हर विकासखंड में मिनी स्टेडियम और हर जनपद में स्टेडियम बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। पुराने खिलाड़ियों को कोच के रूप में नियुक्त कर उभरते खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने की योजना भी लागू की जा रही है। उन्होंने बीसीसीआई से अनुरोध किया कि 25 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश को कम से कम दो टीमें दी जाएं, ताकि स्थानीय खिलाड़ियों को अधिक अवसर मिलें। सीएम योगी ने खिलाड़ियों और दर्शकों के उत्साह की प्रशंसा की और कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने सभी को धन्यवाद देते हुए उत्तर प्रदेश को खेलों में अग्रणी बनाने का संकल्प दोहराया। इस मौक़े पर बीसीसीआई के वरिष्ठ पदाधिकारी, यूपीसीए के वरिष्ठ पदाधिकारी, बीसीसीआई के उपाध्यक्ष व राज्य सभा सांसद राजीव शुक्ला, यूपी टी 20 लीग के चेयमैन डॉ. डीएम चौहान, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत कई गणमान्य भी मौजूद रहे। 

286 राजकीय आईटीआई में 1.84 लाख सीटें उपलब्ध

60 से अधिक नए आईटीआई की हुई स्थापना 5000 करोड़ की परियोजना से 150 आईटीआई का उन्नयन भविष्य की तकनीकों में युवाओं को मिल रहा प्रशिक्षण कौशल विकास मिशन से 14 लाख से अधिक युवा प्रशिक्षित प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से 1.20 लाख कारीगर लाभान्वित रोजगार मेलों से अब तक 4.13 लाख युवाओं को नौकरी प्रोजेक्ट प्रवीण से स्कूली छात्रों को मिल रहा कौशल प्रशिक्षण लखनऊ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, लखनऊ द्वारा वर्ष 2025 में घोषित अंतिम परिणामों में व्यावसायिक शिक्षा के चयनित विभिन्न व्यवसायों के 1510 अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का शुभारम्भ रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन स्थित ऑडिटोरियम में किया। इस अवसर पर प्रदेश के सभी जनपदों में भी भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां सांसद एवं विधायकगण सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर युवाओं के सपनों को साकार करने के साक्षी बने। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र के साथ निरंतर कार्यरत है। देश के सबसे अधिक युवाओं वाले प्रदेश की युवा आकांक्षाओं को देखते हुए उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।  शेष 341 पदों का परिणाम भी जल्द होगा घोषित  प्रदेश के  व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने के लिए प्रदेश के 286 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 92 व्यवसाय संचालित हैं, जिनमें 1,84,280 सीटें उपलब्ध हैं। इन संस्थानों में 7768 अनुदेशक के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 6577 नियमित और 1191 आउटसोर्सिंग के हैं। वर्ष 2022 में रिक्त 2406 पदों पर भर्ती प्रक्रिया अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से प्रारम्भ की गई थी, जिसके तहत 1510 अनुदेशकों का चयन हुआ है। शेष 341 पदों का परिणाम भी शीघ्र घोषित होने की संभावना है। इस प्रकार कुल 1851 चयनित अनुदेशक विभाग को प्राप्त होंगे, जिनसे राजकीय आईटीआई में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित होगा। 82 ट्रेड में लगभग 1.84 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदेश सरकार ने बीते आठ वर्षों में 60 से अधिक नए राजकीय आईटीआई स्थापित कर संचालन प्रारम्भ कराया है। वर्तमान में 324 राजकीय आईटीआई के माध्यम से 82 ट्रेड में लगभग 1.84 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। किसी भी इच्छुक युवा की आर्थिक स्थिति प्रशिक्षण में बाधा न बने, इसके लिए मासिक फीस मात्र 40 रुपए निर्धारित की गई है। साथ ही प्रदेश के लगभग 3000 निजी आईटीआई में 6 लाख सीटों पर प्रशिक्षण उपलब्ध है। यहां प्रवेश लेने वाले युवाओं को फीस प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति की सुविधा भी दी जा रही है। 900 से अधिक पद आउटसोर्सिंग से भरे गए  सरकार ने राजकीय आईटीआई को सुदृढ़ करने हेतु प्रधानाचार्यों के 150 से अधिक और प्रशिक्षकों के 1510 रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति की है। इसके अतिरिक्त 900 से अधिक पद आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरे गए हैं। भविष्य की तकनीकों जैसे सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, लेजर कटिंग, सीएनसी, थ्री डी प्रिंटिंग, डिजिटल कम्युनिकेशन आदि में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए आईटीआई का उन्नयन किया जा रहा है। 9 नए ट्रेड और 23 शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू इस दिशा में टाटा टेक्नोलॉजीज लि. एवं 18 विश्वस्तरीय कंपनियों के सहयोग से प्रथम चरण में 150 आईटीआई का उन्नयन किया गया, जिसके तहत 9 नए ट्रेड और 23 शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू हुए हैं। इस परियोजना पर लगभग 5000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और हर वर्ष 15 हजार से अधिक युवा प्रशिक्षित हो रहे हैं। सफलता को देखते हुए 62 अन्य आईटीआई के उन्नयन को भी स्वीकृति दी गई है, जिस पर 3350 करोड़ रुपये व्यय होंगे। कौशल विकास मिशन से 14 लाख युवाओं को प्रशिक्षण  प्रदेश के प्रत्येक इच्छुक युवा को उसके घर के नजदीक निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण देने के लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन सक्रिय है। पिछले आठ वर्षों में इस मिशन के माध्यम से 14 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें से 5.65 लाख को रोजगार और सेवायोजन से जोड़ा गया है। वर्तमान में 1000 से अधिक प्रशिक्षण पार्टनर्स के सहयोग से 350 से अधिक कोर्स संचालित हो रहे हैं। मिशन के तहत उद्योगों को सीधे जोड़ने के लिए फ्लेक्सी ट्रेनिंग पार्टनर्स की व्यवस्था शुरू की गई है। अब तक 33 औद्योगिक इकाइयों को जोड़ा गया है और प्रत्येक जनपद से 5 नई इकाइयों को अनुबंधित करने का लक्ष्य रखा गया है। विदेश कामगार कौशल प्रशिक्षण एवं सेवायोजन योजना पर विचार प्रदेश के युवाओं को विदेश में सेवायोजन उपलब्ध कराने के लिए “विदेश कामगार कौशल प्रशिक्षण एवं सेवायोजन योजना” प्रारम्भ करने पर विचार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत 1.20 लाख पारंपरिक कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण और अर्ह लाभार्थियों को 1 लाख रूपए ब्याजमुक्त ऋण दिया गया है।  प्रोजेक्ट प्रवीण में 20 हजार छात्रों को प्रमाणपत्र  राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रोजेक्ट प्रवीण कार्यक्रम माध्यमिक विद्यालयों में लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत 600 से अधिक विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को प्रतिदिन 90 मिनट कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 20 हजार छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर के प्रमाणपत्र प्रदान किए जा चुके हैं। 1.80 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के माध्यम से पिछले आठ वर्षों में 1.80 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 1.30 लाख को सेवायोजित किया गया। वहीं प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के अंतर्गत 500 प्रतिष्ठित कंपनियों में 2.50 हजार से अधिक युवाओं की इंटर्नशिप प्रारम्भ की गई है, जिसमें उन्हें 5000 रूपए मासिक मानदेय दिया जा रहा है। रोजगार मेलों के जरिए 4.13 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी रोजगार मेलों के माध्यम से भी प्रदेश में 1736 कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें 4.13 लाख से अधिक युवाओं को 2537 कंपनियों में नौकरी का अवसर मिला है।  

सीता के रूप में मंच पर आएंगी मनिका विश्वकर्मा, अयोध्या की रामलीला में चमकेगी खूबसूरती और प्रतिभा

अयोध्या  मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 का खिताब अपने नाम करा चुकी मनिका विश्वकर्मा के हाथ एक और बड़ी उपलब्धि लगी है। मनिका अयोध्या में होने वाली सितारों की रामलीला में सीता की भूमिका निभाएंगी। मनोज तिवारी, रवि किशन, पुनीत इस्सर और रजा मुराद जैसे कई जाने-माने अभिनेता इस रामलीला का हिस्सा बनेंगे। 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक राम कथा पार्क में आयोजित होने वाली इस रामलीला में देश-विदेश के दर्शकों को एक अनोखा अनुभव मिलने वाला है। रामलीला के संस्थापक अध्यक्ष सुभाष मलिक (बॉबी) और संस्थापक महासचिव शुभम मलिक ने जानकारी दी कि इस बार विश्व की सबसे बड़ी रामलीला में दर्शकों को और भी शानदार प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी। पिछले वर्ष इस रामलीला को रिकॉर्ड तोड़ 45 करोड़ लोगों ने देखा था, जो अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है। दुनिया के कोने-कोने से इसे देखने वाले दर्शक इसे खास और अद्वितीय बनाते हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान की रहने वाली मनिका विश्वकर्मा मिस यूनिवर्स 2025 प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। मनिका ने कहा कि वह लंबे समय से अयोध्या आने की सोच रही थीं, लेकिन अवसर नहीं मिल पाया। अब उन्हें भगवान श्रीराम की कृपा से सीता का किरदार निभाने का अवसर मिल रहा है, जो उनके लिए जीवन का अनमोल अनुभव है। मनिका ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह वर्ष उनके लिए बेहद खास है क्योंकि उन्हें एक ही समय में देश का प्रतिनिधित्व करने और अयोध्या की रामलीला में मां सीता का पावन किरदार निभाने का अवसर मिला है। बॉबी मलिक ने बताया कि इस बार रामलीला में कई चर्चित और नामी कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। परशुराम की भूमिका में पुनीत इस्सर, बाली के रूप में मनोज तिवारी, केवट के किरदार में रवि किशन, हनुमान जी के रूप में राजेश पुरी, रावण के रूप में मनीष शर्मा, भगवान राम के रूप में राहुल गुच्चर, मेघनाद की भूमिका में रजा मुराद, राजा जनक के रूप में अवतार गिल, विभीषण के रूप में राकेश बेदी और भगवान लक्ष्मण के रूप में राजन मोदी नजर आएंगे। शुभम मलिक ने कहा कि सुविख्यात कलाकारों का संगम इस रामलीला को और भी आकर्षक बना देगा। अयोध्या की रामलीला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक है।

राजनीति में लौटे अशोक सिद्धार्थ, आकाश आनंद के बाद बसपा में स्वागत, मायावती ने किया माफ़

लखनऊ  बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को पार्टी और डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान एवं स्वाभिमान के मूवमेन्ट को आगे बढ़ाने के हित में पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ को पार्टी में फिर शामिल कर लिया है। मायावती ने अशोक सिद्धार्थ से पहले उनके दामाद आकाश आनंद का भी बसपा से निष्कासन समाप्त कर उनको पार्टी में नंबर दो का दर्जा भी दिया है। अशोक सिद्धार्थ ने सार्वजनिक रूप से बसपा मुखिया से माफी मांगने के साथ अपनी गलती को स्वीकार किया था। उसी के बाद से उनका निष्कासन रद होना तय माना जा रहा था। बसपा मुखिया ने सोशल मीडिया पर अपने एक्स हैंडल पर पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ का पार्टी से निष्कासन रद करने का जानकारी दी। मायावती ने लिखा कि बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) में कई जिम्मेदार पदों पर लम्बे वर्षों तक कार्यरत रहे एवं पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिये कुछ माह पहले पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर आज अपने लम्बे पोस्ट के जरिये सार्वजनिक तौर पर अपनी गलती की माफी मांगी है। उन्होंने आगे पार्टी और बीएसपी मूवमेन्ट के प्रति पूरी तरह से वफादर रहकर बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान एवं स्वाभिमान के मूवमेन्ट को आगे बढ़ाने में पूरे जी-जान से लग जाने का आश्वासन बहुजन समाज व बीएसपी नेतृत्व को दिया है। मायावती ने आगे लिखा, हालांकि उन्हें अपनी गलती का एहसास बहुत पहले हो चुका था और वे इसका लगातार पश्चाताप विभिन्न स्तर पर कर रहे थे, किन्तु आज उन्होंने सार्वजनिक तौर पर अपना पछतावा जाहिर किया है। जिसको ध्यान में रखते हुये पार्टी व मूवमेन्ट के हित में उन्हें पार्टी ने एक मौका दिया जाना उचित समझा है। इसी कारण बीएसपी से उनके निष्कासन का फैसला आज तत्काल प्रभाव से रद किया जाता है अर्थात इनको पार्टी में वापस ले लिया गया है। उम्मीद है कि पार्टी के अन्य सभी छोटे-बड़े कार्यकर्ताओं की तरह वे भी पूरे तन, मन, धन से पार्टी व मूवमेन्ट को आगे बढ़ाने में अपना भरपूर योगदान जरूर देंगे, ताकि बीएसपी के नेतृत्व में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का कारवां आगे बढ़ता हुआ बहुजन समाज को शोषित वर्ग से ऊपर उठाकर यहाँ प्रदेश एवं देश का शासक वर्ग बना सके। आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ ने बसपा प्रमुख से माफी मांग ली है। अशोक सिद्धार्थ ने फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए मायावती से माफी मांगी है। इसके साथ ही उन्होंने मायावती से खुद को पार्टी में वापस लेने का आग्रह भी किया है। मायावती के भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ ने अब सभी विवाद खत्म करते हुए बसपा प्रमुख से माफी मांग ली है। बता दें कि मायावती ने अशोक सिद्धार्थ को पिछले दिनों पार्टी से निकाल दिया था। अपनी पोस्ट में अशोक सिद्धार्थ ने कहा कि मैं हाथ जोड़कर उनसे अनुरोध कर रहा हूं कि वह मुझे माफ कर दें। इसके साथ ही उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे से कभी भी ऐसी गलती नहीं करने की भी बात कही। अशोक सिद्धार्थ ने किसी के लिए सिफारिश नहीं करने का भी वादा किया। आखिर में उन्होंने मायावती से खुद को माफ करते हुए पार्टी में वापस लेने का आग्रह किया। अशोक सिद्धार्थ ने की पोस्ट अशोक सिद्धार्थ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि आगे अब गलती नहीं होगी। उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा, "मैं अशोक सिद्धार्थ बीएसपी पूर्व सांसद निवासी जिला फर्रुखाबाद बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष व यूपी की चार बार रहीं मुख्यमंत्री एवं कई बार लोकसभा व राज्यसभा की रहीं सांसद बहन मायावती जी का हृदय से सम्मान एवं चरण स्पर्श करता हूं और मुझसे पार्टी का कार्य करने के दौरान ‘जाने व अनजाने’ में तथा गलत लोगों के बहकावे में आकर जो भी गलतियां हुई हैं। तो उसके लिए मैं बहन जी से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं। जिन्होंने अनेकों कष्ट झेलकर, अपनी पूरी जिन्दगी, इस देश के करोड़ों दलितों एवं अन्य उपेक्षित वर्गों के हित व कल्याण के लिए समर्पित की है।  

सरकारी जमीन पर कार्रवाई: संभल में बुलडोजर से हटाया सपा विधायक का कब्जा

संभल   उत्तर प्रदेश के संभल में शनिवार को एक बार फिर बुलडोजर गरजा। इस बार जिला प्रशासन ने समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक और उनके परिजनों के बाग में शामिल सरकारी जमीन को बुलडोजर चलाकर कब्जामुक्त कराया। सपा विधायक इकबाल महमूद व उनके परिजनों आदि का तहसील संभल के ग्राम मंडलाई में दो गाटा संख्या में एक बाग है। इस बाग में सरकारी भूमि को शामिल कर लिए जाने की शिकायत प्रशासन को मिली थी। एसडीम विकास चंद्र टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बाग की नापजोख कराई। नापी के दौरान टीम को बंजर की लगभग साढ़े तीन बीघा सरकारी भूमि बाग में शामिल मिली। इसे टीम ने बुलडोजर चलाकर कब्जामुक्त कराया। एसडीएम ने बताया कि कब्जा काफी पुराना प्रतीत हो रहा है। नापी के दौरान बाग में एक कटहल का पेड़ भी बिना अनुमति के कटा मिला है। वन विभाग के अधिकारियों को कार्रवाई के लिए बुलाया गया है। गौरतलब है कि संभल में जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के बाद हिंसा फैल गई थी। इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था। इस अभियान में तमाम स्थानों पर अतिक्रमण मिले थे। इन अतिक्रमणों पर बुलडोजर गरजा तो कई हिंदू पौराणिक स्थल और कुएं आदि दिखाई देने लगे। इसी के बाद बिजली चोरी के खिलाफ भी अभियान चला। सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क भी प्रशासन के निशाने पर आए। उनके घर पर अतिक्रमण मिला और बिजली चोरी की रिपोर्ट भी दर्ज की गई।  

मुख्यमंत्री ने किया परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं का शुभारंभए डिजिटल लोकार्पण एवं शिलान्यास

लखनऊए  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं का शुभारंभ और डिजिटल लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि परिवहन विभाग प्रदेश के पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सबसे बड़ा माध्यम है और इसे विकसित भारत की परिकल्पना का सारथी बनना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के पास देश में सबसे बड़ा बेड़ा है। इतनी बड़ी संख्या में सेवाएं देना अपने आप में एक उपलब्धि हैए लेकिन इसके साथ ही चुनौतियां भी कम नहीं हैं। उन्होंने रक्षाबंधन पर बहनों को तीन दिनों तक मुफ्त बस यात्रा उपलब्ध कराने की पहल को सराहनीय बताया और कहा कि विभाग भविष्य में इस तरह की सेवाओं का प्रचार.प्रसार और प्रभावी तरीके से करे। समय की रफ्तार से कदम मिलाना जरूरीमुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्तिए समाज या राष्ट्र यदि समय की गति से पीछे जाता है तो हमेशा के लिए पीछे रह जाता है। लेकिन यदि वह समय की गति से दो कदम आगे चलने की क्षमता रखता हैए तो विजयश्री का ध्वज फहराता है। उन्होंने परिवहन विभाग से अल्पकालिक ;3 वर्षद्धए मध्यम अवधि ;10 वर्षद्ध और दीर्घकालिक ;22 वर्षद्ध योजनाएं तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि फाइल को लटकाने की आदत बंद करनी पड़ेगी। जनसुनवाई को तेजी से आगे बढ़ाना पड़ेगा। विभाग में टीम वर्क को और सशक्त बनाना पड़ेगा तो परिणाम आने में देर नहीं लगेगी।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवहन विभाग ने समय.समय पर अपनी सेवाओं से मिसाल पेश की है। 2019 के प्रयागराज कुंभ और 2020 की वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान जब करोड़ों कामगार और श्रमिक अपने.अपने राज्यों और गांवों की ओर लौट रहे थेए तब विभाग ने उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि बिहारए झारखंडए ओडिशाए असमए पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड तक प्रवासियों को सुरक्षित पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।  उन्होंने कहा कि सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है। यदि किसी यात्री की जान बचती है तो यह विभाग की सकारात्मक छवि बनाता हैए लेकिन लापरवाही से जान जाने पर न केवल विभाग की बदनामी होती हैए बल्कि आर्थिक क्षति भी होती है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बस चालकों का नियमित मेडिकल और फिजिकल फिटनेस टेस्ट हर तीन महीने में अनिवार्य रूप से कराया जाए। विशेष रूप से आंखों की जांच जरूरी है ताकि दृष्टि दोष के कारण दुर्घटनाएं न हों। उन्होंने कहा कि सड़क पर अंदाजे से गाड़ी चलाने की छूट नहीं दी जा सकती। जागरूकता और समन्वय से ही समाधानमुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जन.जागरूकता अभियान चलाना होगा। इसके लिए आईआईटी खड़गपुर जैसी संस्थाओं की तकनीकी मददए पुलिस और अन्य विभागों का समन्वयए साथ ही स्कूलों में ट्रैफिक नियमों पर शिक्षा जरूरी है। उन्होंने हेलमेटए सीट बेल्टए नशे में ड्राइविंगए ओवरस्पीडिंग जैसी स्थितियों पर कड़े नियम लागू करने और मीडियाकृडिजिटलए प्रिंटए सोशल व विजुअलकृके माध्यम से प्रचार.प्रसार बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून कभी.कभी कठोर लगता हैए लेकिन यही कानून अंततः आपकी सुरक्षा और जीवन की गारंटी है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा विकसित एक ऐप के जरिए अत्यधिक दुर्घटना वाले क्षेत्रों की पहचान की गईए जिससे कई स्थानों पर हादसों की संख्या घटकर महीने में 18 से घटकर 3 तक हो गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के साथ.साथ हमें प्रकृति के अनुरूप विकास करना होगा।  आधुनिक बस स्टेशनए इलेक्ट्रिक बसें और स्क्रैपिंग नीतिमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवहन विभाग को समय की मांग के अनुसार अपनी सेवाओं को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाना होगा। बस स्टेशन विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होंए बसें सड़कों पर अव्यवस्थित खड़ी न रहें और यात्रियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित माहौल मिलेकृइसके लिए ठोस प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बस सेवा से पर्यावरण संरक्षण के साथ बेहतर यात्रा अनुभव भी संभव है। चार्जिंग स्टेशनों के लिए निजी क्षेत्र को जोड़ा जा सकता है। साथ हीए पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग को बढ़ावा देना होगा ताकि प्रदूषण और सड़क हादसों का खतरा कम हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स को और सुदृढ़ किया जाए और विभाग जवाबदेही के साथ काम करे। प्रयागराज महाकुंभ जैसे आयोजनों में भी परिवहन विभाग ने लाखों यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुँचाकर अपनी क्षमता साबित की है। अब जरूरत है कि शॉर्ट टर्मए मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म प्लानिंग के जरिए विभाग प्रदेश के विकास का सारथी बने। इस अवसर पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंहए महापौर सुषमा खर्कवालए विधायक जय देवीए अमरेश कुमारए ओपी श्रीवास्तवए योगेश शुक्लए विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधानए मुकेश शर्माए प्रमुख सचिव ;परिवहनद्ध अमित गुप्ताए परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंहए परिवहन निगम के एमडी मासूम अली सरवर आदि मौजूद रहे।