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बिना लाइसेंस स्मार्ट मीटर जांच? हाईटेक लैब पर उठे गंभीर सवाल

लखनऊ  स्मार्ट मीटर की जांच मामले में नियामक आयोग ने मध्यांचल एमडी को नोटिस जारी करके दस दिनों में जवाब मांगा है। यह नोटिस नियामक आयोग में दर्ज शिकायत पर जारी किया गया है, जिसमें कहा गया था कि मध्यांचल की हाईटेक लैब के पास स्मार्ट मीटर जांचने का लाइसेंस नहीं है। आयोग ने इस पर मध्यांचल से स्पष्टीकरण मांगा है। स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता को लेकर आ रहीं शिकायतों की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पावर कॉरपोरेशन ने चार सदस्यीय जांच समिति बनाई थी। मीटरों की जांच मध्यांचल की हाईटेक लैब में हुई और मीटरों की गुणवत्ता पर अंतरिम रिपोर्ट भी सरकार को दे दी गई। इसके बाद सवाल उठे कि यह लैब तो स्मार्ट मीटर की जांच करने के लिए अधिकृत ही नहीं है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस पर नियामक आयोग में शिकायत की कि लैब के पास एनएबीएल द्वारा इंडियन स्टैंडर्ड 16444 (स्मार्ट मीटर) की जांच का लाइसेंस नहीं है। ऐसे में गंभीर सवाल है कि स्मार्ट मीटर की जांच कैसे की गई? उपभोक्ता परिषद ने कहा कि सभी मीटरों में एक समान पैरामीटर तो लैब में जांचे जा सकते हैं, लेकिन स्मार्ट मीटर के संवेदनशील पैरामीटर की जांच नहीं हो सकती। स्मार्ट मीटर पर लगातार घेर रहा विपक्ष बता दें कि स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों पर उत्तर प्रदेश में विपक्ष भी लगातार सरकार को घेर रहा है। खासतौर से समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव इस पर सवाल उठा रहे हैं। प्रदेश के फतेहपुर जिले में गुरुवार को समाजवादी पार्टी पार्टी लोहिया वाहिनी के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन भेजकर समस्याओं के समाधान की मांग की। सपा लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष मो.आजम खान की अगुवाई में अन्य फ्रंटल संगठनों के कई कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। पोस्टपेड किए गए स्मार्ट मीटर वहीं सरकार के आदेश के बाद अब प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को पोस्ट पेड किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। अलीगढ़ में बिजली विभाग ने सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड मोड में अपडेट कर दिया है। अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह हर महीने बिजली का बिल मिलेगा और उसी आधार पर भुगतान करना होगा। जून के शुरुआती हफ्ते में स्मार्ट पोस्टपेड मीटर का पहला मासिक बिल जारी किया जाएगा जिसमें बिजली उपयोग का विवरण भी होगा। बिजली विभाग की ओर से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक शिविर लगाकर उपभोक्ताओं को नई व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है।

सोलर, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे और गारमेंट सेक्टर में होगा हजारों करोड़ का निवेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लगातार देश के सबसे बड़े औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने 17 बड़ी कंपनियों को यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में आवंटन पत्र प्रदान किए। इन परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये का निवेश आएगा और 12 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। खास बात यह है कि अधिकांश कंपनियों ने स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता जताई है। इन परियोजनाओं से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश अब केवल कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाला राज्य नहीं, बल्कि हरित ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और आधुनिक उद्योगों का बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है।  हरित ऊर्जा क्षेत्र में सबसे बड़ा निवेश सोलर और हरित ऊर्जा क्षेत्र में सबसे बड़ा निवेश सीईएससी ग्रीन पावर लि. द्वारा किया जा रहा है। आरपी-संजीव गोयनका समूह की यह कंपनी 100 एकड़ क्षेत्र में 3 गीगावाट क्षमता की सोलर सेल और मॉड्यूल निर्माण इकाई स्थापित करेगी। इस परियोजना में ₹3805 करोड़ का निवेश होगा और लगभग 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं इंटीग्रेटेड बैटरीज इंडिया प्रा. लि. 25 एकड़ क्षेत्र में 4 गीगावाट क्षमता की सोलर पीवी सेल निर्माण इकाई स्थापित करेगी। इस परियोजना में ₹1146 करोड़ का निवेश होगा और 500 रोजगार सृजित होंगे। इन दोनों परियोजनाओं से उत्तर प्रदेश हरित ऊर्जा निर्माण के बड़े केंद्र के रूप में तेजी से उभरता दिखाई दे रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी और डाटा सेक्टर को नई ताकत सूचना प्रौद्योगिकी एवं आईटीईएस क्षेत्र में भी बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। आर्सेनल इन्फोसॉल्यूशंस प्रा. लि. ₹71.19 करोड़ निवेश कर आईटी/आईटीईएस इकाई स्थापित करेगी, जिससे 1140 रोजगार सृजित होंगे। कंपनी ने 40 प्रतिशत स्थानीय रोजगार देने की बात कही है। वर्चुअल एंप्लॉयी प्रा. लि. ₹48 करोड़ निवेश कर आईटी/आईटीईएस परियोजना स्थापित करेगी, जिससे 600 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह एमॅड्यूस इंडिया प्रा. लि. ₹160 करोड़ की सूचना प्रौद्योगिकी परियोजना स्थापित करेगी, जिससे 275 रोजगार सृजित होंगे। क्वार्क्स टेक्नॉसॉफ्ट प्रा. लि. डाटा प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित करेगी। कंपनी इसके लिए ₹47.47 करोड़ निवेश कर लगभग 1800 युवाओं को रोजगार देगी। इससे प्रदेश में डाटा और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। *इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण क्षेत्र में तेजी साइनाथ सेल्स एंड सर्विसेज प्रा. लि. इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद निर्माण इकाई स्थापित करेगी। कंपनी इसमें ₹37.19 करोड़ निवेश कर 300 लोगों को रोजगार देगी। इसी तरह, समरकूल होम एप्लायंसेज लि. इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद निर्माण क्षेत्र में ₹46.13 करोड़ निवेश करेगी और 532 रोजगार उपलब्ध कराएगी। एंजिलिटी इलेक्ट्रोटेक्निक्स प्रा. लि. इलेक्ट्रिकल कंट्रोल पैनल, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स रिले निर्माण क्षेत्र में ₹35 करोड़ निवेश करेगी, जिससे 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। अल्फ़ा कम्युनिकेशन एलएलपी इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद और वायर निर्माण क्षेत्र में ₹42.59 करोड़ निवेश कर 150 रोजगार सृजित करेगी। एडवांस पैनल्स एंड स्विचगियर्स प्रा. लि. पावर ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद और ईवी चार्जर निर्माण क्षेत्र में ₹66 करोड़ का निवेश करेगी। इससे 200 लोगों को रोजगार मिलेगा। वेगा इंडस्ट्रीज प्रा. लि. घरेलू उपकरण, पर्सनल केयर उपकरण और इलेक्ट्रिकल उत्पाद निर्माण क्षेत्र में ₹91 करोड़ निवेश करेगी तथा 500 रोजगार उपलब्ध कराएगी। रेलवे, वस्त्र और पैकेजिंग उद्योग को भी बढ़ावा जेएमवी एलपीएस लि. रेलवे सिग्नलिंग उत्पाद निर्माण इकाई स्थापित करेगी। ₹54.80 करोड़ की इस परियोजना से 405 लोगों को रोजगार मिलेगा और 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। साहू इंटरनेशनल अटायर प्रा. लि. रेडीमेड वस्त्र निर्माण इकाई स्थापित करेगी। ₹70 करोड़ की इस परियोजना से 1992 रोजगार सृजित होंगे। इसमें 70 प्रतिशत स्थानीय रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। ऋद्धि सिद्धि पेपर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कोरोगेटेड बॉक्स निर्माण परियोजना स्थापित करेगी। ₹59.09 करोड़ की इस परियोजना से 172 लोगों को रोजगार मिलेगा। कंपनी ने 85 प्रतिशत स्थानीय रोजगार देने की प्रतिबद्धता जताई है। स्मार्ट ऊर्जा और आधुनिक तकनीक पर फोकस एनडीएसबी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. स्मार्ट एनर्जी मीटर और डाटा एनालिसिस परियोजना स्थापित करेगी। ₹40.52 करोड़ की इस परियोजना से 217 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें 90 प्रतिशत स्थानीय रोजगार का प्रावधान रखा गया है। एमएए पेट प्रा. लि. हाई बैरियर एआई आधारित पीईटी शीट निर्माण इकाई स्थापित करेगी। ₹29.84 करोड़ की इस परियोजना से 68 लोगों को रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यीडा के अंतर्गत 17 निवेशकों को प्रदान किए भूमि आवंटन पत्र

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के अंतर्गत 17 निवेशकों को शुक्रवार को भूमि आवंटन पत्र प्रदान किए। निवेशकों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी ने अब टूरिज्म, ट्रेड, इन्वेस्टमेंट के विश्वस्तरीय डेस्टिनेशन के रूप में खुद को स्थापित किया है। आपने उत्तर प्रदेश के ब्रांड अंबेस्डर के रूप में प्रदेश की नई छवि को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है। यूपी में निवेश करने वाले निवेशक प्रदेश के विकास में सरकार के सहयात्री हैं। 9 साल पहले यह भारत का सबसे डरावना क्षेत्र था सीएम योगी ने कहा कि हम लोगों ने जिस जेवर क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया है और जिस क्षेत्र में आपको अलाटमेंट लेटर वितरित किए गए हैं, आज से 9 वर्ष पहले यह भारत का सबसे डरावना क्षेत्र हुआ करता था। वहां गंभीर आपराधिक घटनाएं होती थीं। शाम पांच-साढ़े पांच बजे के बाद आवागमन बंद हो जाता था। लाइफ सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही हुआ करती थी। इंफ्रास्ट्रक्चर भी नहीं था, लेकिन आज जेवर, यीडा क्षेत्र में जो परिवर्तन दिख रहा है, वह नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर है, और यही हाल यूपी के हर जनपद का है। 2017 के पहले माफिया को वितरित किए गए थे जनपद सीएम ने कहा कि 2017 के पहले सत्ता के सामानांतर माफिया का साम्राज्य हुआ करता था। हर जनपद में भय व दहशत का माहौल था। महिलाएं बाजार या रोजगार के लिए बाहर जाती थीं तो परिवार की चिंता होती थी कि वे सूर्यास्त के पहले वापस आ जाएं। व्यापारी 6 बजे के पहले प्रतिष्ठान बंद करने पर मजबूर थे। सड़कें गड्ढों से भरी थीं। कनेक्टिविटी, बिजली की हालत बुरी थी। बमुश्किल 4-5 घंटे बिजली मिल जाए तो लोग खुद को भाग्यशाली मानते थे। हर माफिया को अलग-अलग जनपद वितरित किए गए थे। माफिया व आपराधिक गिरोह के लोग जनपद व थाने का संचालन करते थे। सरकार के पास नीति, नीयत, सुरक्षा व लैंडबैंक भी नहीं था।  विकास की पहली शर्त है सुरक्षा सुरक्षा को विकास की पहली शर्त बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए अनुकूल वातावरण बनाना पड़ता है। असुरक्षित वातावरण में कुछ भी नहीं हो सकता। आज यूपी में बिना रोकटोक, बिना लेनदेन, उद्योग-व्यापार अनुकूल नीतियों के लाभ दिखाई दे रहे हैं। अब यूपी का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर सबसे बढ़िया है। देश में यदि प्रतिस्पर्धा हो तो यूपी टॉप राज्यों में होगा। एक्सप्रेसवे का 60 प्रतिशत हिस्सा और चार लाख किमी. का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर यूपी के पास है। हर जिला मुख्यालय फोर-लेन, तहसील या ब्लाक मुख्यालय फोर-लेन/टू-लेन से जुड़ा है। यूपी की एयरकनेक्टिविटी सबसे अच्छी है। 2017 से पहले यूपी में डेढ़ एक्सप्रेसवे, दो एयरपोर्ट संचालित थे। आज 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, उसमें से पांच अंतरराष्ट्रीय हैं। छह एयरपोर्ट पर हम काम कर रहे हैं, एयरक्राफ्ट मिल जाएं तो इन्हें भी बहुत जल्द संचालित करेंगे। निवेश के स्थान पर सारी सुविधाएं उपलब्ध  निवेशकों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यूपी के पास 16 हजार किमी. का रेल कॉरिडोर है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईस्टर्न/वेस्टर्न) का जंक्शन भी यूपी में है। जिस क्षेत्र में आपका निवेश हो रहा है, वहां रोड, फ्रेट कॉरिडोर, विश्व स्तरीय एयर कनेक्टिविटी भी है। वह क्षेत्र लाजिस्टिक हब बनने जा रहा है। यूपी के पास पहली रैपिड रेल, पहला इनलैंड वाटरवे (वाराणसी से हल्दिया) संचालित है। पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने यूपी में लंबी छलांग लगाई है। सात शहरो में मेट्रो का संचालन हो रहा है।  यूपी अब माफिया, गुंडा, कर्फ्यू, अराजकता, दंगा मुक्त सीएम योगी ने कहा कि यूपी अब माफिया, गुंडा, कर्फ्यू, अराजकता, दंगा से मुक्त है। यहां हर व्यक्ति, निवेशक को सुरक्षा की गारंटी है। हम निवेशक को केवल निवेशक नहीं मानते, बल्कि वह इन्वेस्टर पार्टनर के रूप में यूपी सरकार के साथ विकास में सहभागी बनकर कार्य करता है। यूपी में निवेश करने वाला निवेशक प्रदेश के विकास में सरकार का सहयात्री है। वह यूपी के नौजवानों को रोजगार देता है, उन्हें स्किलफुल बनाता है। सरकार हर निवेशक का यूपी में स्वागत करती है। सीएम ने बताई यूपी की विकास गाथा सीएम योगी ने कहा कि यूपी के पास 34 सेक्टोरल पॉलिसी हैं। एफडीआई की डेडिकेटेड पॉलिसी, फॉर्चून 500 की पॉलिसी है। 25 हजार हेक्टेयर का बड़ा लैंडबैंक यीडा के पास विकसित करने जा रहे हैं। बीडा नए इंडस्ट्रियल सिटी के रूप में विकसित हो रहा है। इसमें कानपुर व झांसी के बीच 56 हजार एकड़ लैंड उपलब्ध होगी। यूपी बना देश की इकॉनमी का ब्रेकथ्रू सीएम ने बताया कि गत वर्ष 156 करोड़ पर्यटक यूपी में आए। यूपी कभी बीमारू नहीं था। राजनीतिक नेतृत्व की मानसिकता ने इसे बीमार बनाया था। यूपी अनलिमिटेड पोटेंशियल वाला राज्य था। गुंडों के पीछे दुम दबाकर चलने की प्रवृत्ति और माफिया के सामने नतमस्तक होने वाले राजनीतिक नेतृत्व ने यूपी को बीमारू बनाया था, जब स्वस्थ मानसिकता के साथ डबल इंजन सरकार आई तो यूपी आज देश का इकॉनमी का ब्रेकथ्रू बन चुका है। आज अलग-अलग सेक्टर में बड़े पैमाने पर यूपी में निवेश हो रहा है। 15 जून से जेवर एयरपोर्ट से शुरू होगी घरेलू उड़ान सीएम योगी ने कहा कि फरवरी में प्रधानमंत्री जी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। इसमें कार्गो व एमआरओ की भी सुविधा होगी। 15 जून से घरेलू उड़ान शुरू होगी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय सेवाएं प्रारंभ होंगी। सीएम ने एयरपोर्ट को समय-सीमा के अंदर शुरू करने में सकारात्मक योगदान देने के लिए यमुना अथॉरिटी के सीईओ व उनकी टीम को धन्यवाद दिया।  जहां आपको भूमि आवंटित हो रही, वह सोने के भाव की है सीएम ने निवेशकों से कहा कि आपको जहां भूमि आवंटन किया जा रहा, वह भूमि सोने के भाव की है। यह केवल यूपी-भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया में निवेश की सबसे उर्वर भूमि है। जो वहां जाएगा, वही संभावनाओं को समझ पाएगा। आज से 9 वर्ष पहले जब गोरखपुर में निवेश के लिए कहा जाता तो निवेशक हंसकर टाल देते थे, लेकिन पांच वर्ष में हुए निवेश से गोरखपुर में 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। यही हाल यूपी के हर क्षेत्र का है। देवरिया में पेपर मिल चल रही है। महिलाओं को … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 17 निवेशकों को सौंपे आवंटन पत्र

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अंतर्गत 17 निवेशकों को भूमि आवंटन पत्र प्रदान किया। सीएम योगी ने प्रदेश में नए निवेश, रोजगार व औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने पर निवेशकों को बधाई दी। वहीं निवेशकों ने भी सीएम योगी के प्रति आभार जताया।  सीएम योगी के हाथों इन्हें मिला भूमि आवंटन पत्र  सीएम योगी आदित्यनाथ के हाथों मंच पर इंटीग्रेटेड बैटरीज इंडिया प्रा. लि. के एसके महाजन, सीईएससी ग्रीन पावर लि. के अंशुल खंडेलवाल, वेगा इंडस्ट्रीज प्रा. लि. के संदीप जैन, साहू इंटरनेशनल अटायर प्रा. लि. के मनोज गोयल, क्वार्क्स टेक्नोसॉफ्ट प्रा. लि. के विपिन बिंदल, एमेड्यूज इंडिया प्रा. लि. की श्रेया अरोरा, वर्चुअल इम्प्लाई प्रा. लि. के कुमार हर्षवर्धन, समरकूल होम अप्लायंसेज लि. के संजीव कुमार गुप्ता, ऋद्धि सिद्धि पेपर्स के सुशील गुप्ता, जेएमवी एलपीएस प्रा. लि. के नीरज सैनी, अर्सेनल इंफोसाल्यूशन प्रा. लि. के विनोद पटानी, साईंनाथ सेल्स एंड सर्विसेज प्रा. लि. के मनीष मुद्गल, एमएए पेट प्रा. लि. के कामेश अग्निहोत्री, एजीलिटी इलेक्ट्रोटेक्निक्स प्रा. लि. की प्रतिमा गर्ग-मुकेश गर्ग, एनडीएसबी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. के हरिशंकर सिंह, अल्फा कम्युनिकेशन एलएलपी के संदीप सिंह व एडवांस पैनल्स एंड स्विचगियर्स प्रा. लि. के सुरेश राज जैन को आवंटन पत्र प्रदान किया।  बोले निवेशक आधुनिक उत्तर प्रदेश के शिल्पकार हैं सीएम योगी आदित्यनाथः अंशुल सीईएससी ग्रीन पावर लि. के अंशुल खंडेलवाल ने सीएम योगी आदित्यनाथ को आधुनिक उत्तर प्रदेश का शिल्पकार बताया। कहा कि सीएम योगी ने जिस दृढ़ संकल्प शक्ति के साथ एक दशक पहले उत्तर प्रदेश का पुनर्निर्माण शुरू किया था, उसी का फल है कि हम लोग यहां विश्व स्तरीय विकास देख रहे हैं। उत्तर प्रदेश से अधिक अनुकूल वातावरण उद्योग के लिए कहीं नहीं है। यूपी निवेश व निवेशक की पूंजी के लिए सबसे अच्छी जगह है। उद्योग को गति, पारदर्शिता व मूलभूत व्यवस्था की जरूरत होती है, जो यहां है। लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट के पास प्राधिकरण की जो सुविधाएं हैं, उतनी फैसिलिटी अब चीन में भी नहीं है। यहां जमीन का आवंटन हमारे लिए सौभाग्य की बात है। हमारी कोशिश रहेगी कि यूनिट में 40-50 प्रतिशत महिला की सहभागिता हो। यहां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना भी करेंगे, साथ ही सोलर में यूपी का नाम सबसे ऊपर करेंगे।  मुख्यमंत्री ने ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर दिया है कि हम उद्योग लगा सकेंः महाजन एसके महाजन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर दिया है कि हम उद्योग लगा सकें। पिछले पांच साल में तीन अलॉटमेंट लेटर लिया है और उसे इंडस्ट्री में कन्वर्ट कर चुका हूं। यूपी में काम करने का बेहतरीन माहौल है। पहले तो कठिनाई आती नहीं, यदि आती है तो उसका निराकरण भी होता है। दुनिया जब लॉकडाउन में थी, तब भी मुख्यमंत्री जी उद्योग लगाने की बात कर रहे थे। 24 अप्रैल 2020 को लखनऊ से मुझे फोन आया कि क्या आप उद्योग लगाना चाहते हैं। इसके लिए 5 मई 2020 को मुझे लेटर दिया गया। हम इंडस्ट्री लगाकर 500 लोगों को रोजगार दे रहे हैं। ग्रेनो में फैक्टरी लगाकर 250 लोगों को रोजगार दिया है। यूपी सरकार की वजह से काफी सकारात्मक माहौल मिला।

मजबूत बाल संरक्षण तंत्र ने बिछड़े परिवार से मिलाया, लगातार पता खोजने में लगे रहे अधिकारी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में बाल संरक्षण और पुनर्वास व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। इसी संवेदनशील कार्यशैली का एक भावुक उदाहरण उस समय सामने आया, जब लगभग दो वर्षों से घर से लापता एक मूक-बधिर बालक को राजकीय बालगृह (बालक), मोहान रोड, लखनऊ के प्रयासों से उसके परिवार से मिलवाया गया। परिवार ने जिस बेटे के लौटने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी, उसे योगी सरकार की सक्रिय व्यवस्था और अधिकारियों की संवेदनशीलता ने फिर से अपने परिजनों से मिला दिया। शुक्रवार को जब यह बालक पश्चिम बंगाल से आए परिजनों को सौंपा गया तो भावुक होकर उन्होंने योगी सरकार को शुक्रिया कहा। बालगृह प्रशासन ने नहीं मानी हार दरअसल, बाल कल्याण समिति मेरठ के आदेश पर 12 सितंबर 2025 को करीब 13 वर्षीय एक मूक-बधिर बालक को राजकीय बालगृह (बालक), मोहान रोड में प्रवेश दिलाया गया था। बालक बोल और सुन नहीं सकता था, इसलिए वह अपना नाम, पता या परिवार की कोई जानकारी देने में असमर्थ था। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद बालगृह प्रशासन ने उसकी पहचान जानने के प्रयास लगातार जारी रखे। बालक की देखभाल के साथ-साथ उसकी पहचान पता लगाने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर लगातार काम किया गया।  आधार कार्ड से खुला घर का पता इसी बीच इस बालक का आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू की गई। जब बालक ने स्कैन मशीन पर उंगलियों के निशान दिए तो पूर्व में बने आधार कार्ड का विवरण सामने आ गया। इस आधार कार्ड से बालक का पता पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के ग्राम गंगासार का मिला। इसके बाद बालगृह प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र में संपर्क स्थापित कर परिवार तक सूचना पहुंचाई। जानकारी मिलते ही परिवार भावुक हो उठा, क्योंकि रमजान नाम का यह बालक करीब दो वर्षों से लापता था और परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे इस पूरी प्रक्रिया में उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी एवं उप निदेशक मेरठ मंडल पुनीत मिश्रा का विशेष सहयोग रहा। अधिकारियों की सक्रियता और मानवीय संवेदनाओं ने एक बिछड़े परिवार को फिर से जोड़ने का कार्य किया। बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास को प्राथमिकता महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक सी. इंदुमति ने बताया कि योगी सरकार बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि मूक-बधिर बालक की पहचान स्थापित करना आसान नहीं था, लेकिन टीम ने लगातार प्रयास जारी रखे। आधुनिक तकनीक और आधार कार्ड की मदद से आखिरकार बालक को उसके परिवार तक पहुंचाना संभव हो सका। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक सफलता नहीं, बल्कि संवेदनशील शासन और मानवता की बड़ी मिसाल है।

प्रदेश में तय शेड्यूल के अनुसार हो रही बिजली आपूर्ति

लखनऊ  प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और विद्युत मांग बढ़ने के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश की बिजली व्यवस्था लगातार सुचारु बनी हुई है। उ.प्र. पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) द्वारा सभी क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुरूप विद्युत आपूर्ति कर रहा है। ट्रासफार्मर आदि को लेकर आने वाली शिकायतों का शीघ्र निस्तारण किया जा रहा है। इससे आम जनता को बड़ी राहत मिल रही है। प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे, तहसील मुख्यालयों एवं नगर पंचायतों को साढ़े 21 घंटे तथा जिला मुख्यालयों को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति देने का शेड्यूल है। प्रदेश में विद्युत मांग रात्रि में लगभग 32 से 33 हजार मेगावाट तक पहुंच रही है। जिस मांग को पूर्ण करने के लिए उप्र. पावर कारपोरेशन दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक अनुबंधों, ऊर्जा एक्सचेंजों और विभिन्न राज्यों से ऊर्जा बैंकिंग के माध्यम से व्यापक प्रयास कर रहा है। निरंतर निर्बाध बिजली आपूर्ति कर रहा यूपीपीसीएल उ.प्र. पावर कारपोरेशन के निदेशक वितरण ज्ञानेन्द्र धर द्विवेदी ने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए यूपीपीसीएल प्रदेश की जनता को राहत पहुंचाने के लिए दिन में सभी को रोस्टरिंग मुक्त बिजली मुहैया कर रहा है। 21 मई को दोपहर में 2 बजे लोड 29,493 मेगावाट के सर्वकालिक उच्च स्तर (ऑल-टाइम हाई) पर पहुंच गया। जबकि प्रदेश में 22 मई को दोपहर 2ः30 बजे बिजली की उच्चतम मांग जो आपूर्ति हुई वह 30357 मेगावाट थी। यह विवरण वैज्ञानिक रूप से प्रचलित ऑनलाइन डाटा के आधार पर है। प्रचंड गर्मी में उपभोक्ताओं को असुविधा न हो, इस दृष्टि से कारपोरेशन निर्बाध बिजली देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।  अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए गए विशेष निर्देश प्रचंड भीषण गर्मी के बावजूद यूपीपीसीएल निर्धारित घंटों के अनुसार सभी क्षेत्रों में आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है। योगी सरकार के मार्गदर्शन में यूपीपीसीएल यह प्रयास कर रहा है कि इस भीषण गर्मी के मौसम में भी हर घर और व्यवसाय को बिजली मिलती रहे। साथ ही विद्युत वितरण के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विशेष निर्देश जारी किए गए है। उनको निर्देश है कि किसी कारण से अगर विद्युत बाधित हो तो, उस अवधि की बिजली उस क्षेत्र को अतिरिक्त आपूर्ति करके देना सुनिश्चित किया जाए।  ट्रांसफार्मर खराब हो तो शीघ्र आपूर्ति सामान्य करने के निर्देश इसके साथ-साथ अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। उपभोक्ताओं के फोन रिसीव करने और उन्हें सही जानकारी देने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही कहा गया कि अगर कही कोई विद्युत बाधा हो तो मीडिया के माध्यम से उपभोक्ता और जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी जाए। ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त न हों इसके लिए सावधानी बरती जाए। फिर भी अगर कहीं ट्रांसफार्मर खराब हो तो कम से कम समय में आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास सुनिश्चित किया जाए। पर्याप्त संख्या में ट्रांसफार्मर, गैंग समेत अन्य सामग्री उपलब्ध यूपीपीसीएल के निदेशक वितरण ने बताया कि अनुरक्षण माह के माध्यम से आवश्यक सुधार के कार्य पिछले महीनों में कराए गए हैं, लेकिन फिर भी अगर कही कोई आवश्यकता हो तो तत्काल अनुरक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए प्रत्येक डिस्काम को पर्याप्त धनराशि दी गई है। गर्मी में विद्युत आपूर्ति के लिए आवश्यकतानुरूप पर्याप्त संख्या में ट्रांसफार्मरों, गैंग एवं अन्य सामग्री उपलब्ध है। भीषण गर्मी एवं अत्यधिक ए.सी. आदि उपकरणों के लोड के कारण विद्युत व्यवधान उत्पन्न होते है, जिसके कारण विद्युत आपूर्ति प्रभावित होती है। ऐसे स्थानों पर आपूर्ति बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास सुनिश्चित किया जा रहा है।

88.16 प्रतिशत कर्मचारियों ने चार से अधिक मॉड्यूल पूरे किए, डिजिटल दक्षता बढ़ाने पर योगी सरकार का फोकस

लखनऊ योगी सरकार शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यकुशलता, डिजिटल दक्षता और प्रशासनिक क्षमता को लगातार मजबूत कर रही है। मिशन कर्मयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ने तेज रफ्तार पकड़ते हुए बड़ा प्रदर्शन किया है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 5.41 लाख से अधिक कर्मचारियों ने चार से अधिक प्रशिक्षण मॉड्यूल सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। यह कुल पंजीकृत कर्मचारियों का 88.16 प्रतिशत है। प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को तकनीक आधारित, जवाबदेह और परिणाममुखी बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। मिशन कर्मयोगी के माध्यम से कर्मचारियों को डिजिटल कार्यप्रणाली, ई-गवर्नेंस और आधुनिक प्रशासनिक दक्षता से जोड़ा जा रहा है, जिससे विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल रही है। इस प्रशिक्षण अभियान से कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ने के साथ मॉनिटरिंग व्यवस्था, योजनाओं के क्रियान्वयन और सेवा वितरण प्रणाली को भी नई मजबूती मिली है। योगी सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को पारंपरिक ढांचे से आगे बढ़ाकर डिजिटल, दक्ष और परिणाम आधारित प्रणाली में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। तकनीक आधारित मॉडल को प्राथमिकता प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों को आधुनिक प्रशासनिक कार्यप्रणाली, डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रभावी सेवा प्रणाली से जोड़ना है, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ तेजी से जमीनी स्तर तक पहुंच सके। प्रदेश सरकार अब शिक्षा और प्रशासन दोनों क्षेत्रों में तकनीक आधारित मॉडल को प्राथमिकता दे रही है। 6,14,245 कर्मचारियों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया जारी प्रगति रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के कुल 7,00,000 कर्मचारियों में से 6,14,245 कर्मचारियों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। इनमें से 5,41,512 कर्मचारी चार से अधिक प्रशिक्षण कोर्स पूरे कर चुके हैं। खास बात यह है कि प्रदेश में केवल 0.50 प्रतिशत कर्मचारी ही ऐसे हैं, जिनकी लर्निंग शून्य है, जबकि अधिकांश कर्मचारी लगातार प्रशिक्षण मॉड्यूल पूरे कर रहे हैं। अनेक जनपदों का उत्कृष्ट प्रदर्शन मिशन कर्मयोगी प्रशिक्षण में अनेक जनपदों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। बागपत में 97.24 प्रतिशत कर्मचारियों ने चार से अधिक कोर्स पूरे किए हैं, जबकि संतकबीरनगर में यह आंकड़ा 97.13 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसके अलावा मथुरा और बस्ती में 95.68 प्रतिशत, बाराबंकी में 94.95 प्रतिशत, श्रावस्ती में 94.21 प्रतिशत और सिद्धार्थनगर में 92.94 प्रतिशत कर्मचारियों ने चार से अधिक प्रशिक्षण मॉड्यूल सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। अलीगढ़ में 94.22 प्रतिशत, वाराणसी में 91.09 प्रतिशत, लखनऊ में 89.70 प्रतिशत और प्रयागराज में 87.09 प्रतिशत कर्मचारियों ने प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया है। डिजिटल और कार्यकुशल प्रशासन पर जोर योगी सरकार पहले ही डिजिटल मॉनिटरिंग, ई-ऑफिस व्यवस्था, तकनीक आधारित शिक्षा प्रबंधन और ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रणाली को तेजी से आगे बढ़ा रही है। अब मिशन कर्मयोगी के माध्यम से कर्मचारियों की क्षमता वृद्धि और कार्य संस्कृति को और अधिक मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

लखनऊ विश्वविद्यालय में लगेगा विशाल रोजगार मेला, 35 से अधिक कंपनियां करेंगी चयन

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की ओर से शनिवार को यूनिवर्सिटी ऑफ लखनऊ के मालवीय सभागार में विशाल रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। इस रोजगार मेले के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। 35 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियां हिस्सा लेंगी कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक पुलकित खरे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। रोजगार मेले में 35 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियां हिस्सा लेंगी, जो विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं का चयन करेंगी। मेले के माध्यम से 2500 से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां करेंगी भर्ती रोजगार मेले में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी, मैन्युफैक्चरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी एवं आईटीईएस, बैंकिंग-फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस तथा परिधान उद्योग सहित कई क्षेत्रों की कंपनियां भाग लेंगी। भाग लेने वाली प्रमुख कंपनियों में बारबेक्यू नेशन,पेटीएम हिटैची, शाही इंडस्ट्रीज, स्विफ्ट ट्रक, जीएम मॉडयूलर्स सहित कई बड़ी कंपनियां शामिल होंगी। हर वर्ग के युवाओं को मिलेगा अवसर इस रोजगार मेले की खास बात यह है कि इसमें 8वीं पास से लेकर आईटीआई, पॉलिटेक्निक, स्नातक, बीटेक और एमबीए तक की योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी भाग ले सकेंगे। सामान्यतः अभ्यर्थियों की आयु सीमा 18 से 45 वर्ष निर्धारित की गई है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अधिकारियों के अनुसार यह रोजगार मेला “समावेशी रोजगार” की अवधारणा पर आधारित है, ताकि विभिन्न शैक्षिक पृष्ठभूमि वाले युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। कौशल और रोजगार पर योगी सरकार का फोकस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कौशल विकास और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दे रही है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है। यही कारण है कि प्रदेशभर में लगातार रोजगार मेले, कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम और निजी कंपनियों के साथ साझेदारी के जरिए युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पैतृक भूमि को वैश्विक मानचित्र पर मिलेगी विशिष्ट पहचान

आगरा  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए निरंतर बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पैतृक भूमि और 101 प्राचीन शिव मंदिरों की श्रृंखला के लिए प्रसिद्ध आगरा के 'बटेश्वर धाम' को आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। भारत सरकार की एसएएससीआई (SASCI) योजना के अंतर्गत 71.50 करोड़ रुपये की लागत से संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत अब तक 56.11 करोड़ रुपये जारी भी किए जा चुके हैं। पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बटेश्वर धाम में विश्व स्तरीय पर्यटन सुविधाओं का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है और इस पूरी परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। विज़िटर सपोर्ट और आधुनिक आवास क्षेत्र का निर्माण श्रद्धालुओं और देश- विदेश से आने वाले पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस परिसर को बेहद आधुनिक रूप दिया जा रहा है। विज़िटर सपोर्ट एवं आवास क्षेत्र के तहत यहाँ विशाल पार्किंग व्यवस्था, स्वच्छ सार्वजनिक शौचालय और महिला व पुरुष आगंतुकों के लिए करीब 20 कमरों की क्षमता वाले अलग- अलग सर्वसुविधायुक्त डॉरमेट्री का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही पर्यटकों के लिए आधुनिक कैफेटेरिया, फूड कियोस्क, सोवेनियर शॉप और बच्चों के मनोरंजन के लिए एक विशेष इंटरैक्टिव जोन तैयार किया जा रहा है। पर्यटक यहां के शांत और रमणीय वातावरण का आनंद ले सकें, इसके लिए ओपन सीटिंग एरिया सहित एक आधुनिक पर्यटन सुविधा केंद्र भी बनाया जाएगा। शिव पुराण, समुद्र मंथन और डिजिटल गैलरी का आकर्षण आध्यात्मिकता और संस्कृति के इस अनूठे संगम में पर्यटकों को आधुनिक तकनीक से जुड़ा एक बेहद अद्भुत अनुभव मिलेगा। यहां विकसित की जा रही इंटरैक्टिव गैलरी और थीम आधारित आकर्षण श्रद्धालुओं को भारतीय आध्यात्मिक विरासत के करीब लाएंगे। म्यूजियम गैलरी-1: इसमें चारों वेदों और शिव पुराण की पावन कथाओं को अत्याधुनिक डिजिटल माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा। म्यूजियम गैलरी-2: यहाँ मुख्य रूप से 'चार धाम गैलरी' और 'समुद्र मंथन गैलरी' बनाई जा रही हैं, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी। शिव सहस्रनाम खंड: भगवान शिव के विविध स्वरूपों और उनकी महिमा को प्रदर्शित करने के लिए विशेष थीम आधारित इंस्टॉलेशन लगाए जाएंगे। 'ध्यान पथ' और 'शिव प्रांगण' से मिलेगी असीम शांति परियोजना का सबसे मुख्य और खूबसूरत आकर्षण इसका 'सेंट्रल लैंडस्केप क्षेत्र' होगा, जिसे अनुभवात्मक पर्यटन के एक नए केंद्र के रूप में आकार दिया जा रहा है। यहां एक विशाल वटवृक्ष (बरगद के पेड़) के समीप भगवान शिव की ध्यानमग्न मुद्रा में एक भव्य और विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इस दिव्य प्रतिमा के चारों ओर एक आकर्षक 'ध्यान पथ' और भव्य 'शिव प्रांगण' विकसित किया जाएगा, जो यहाँ आने वाले लोगों के लिए श्रद्धा, शांति और गहरी आध्यात्मिक अनुभूति का विशेष केंद्र बनेगा। पंचभूत शिव स्कल्पचर गार्डन और शिवलिंगम पार्क धार्मिक और प्राकृतिक सुंदरता को नया विस्तार देते हुए इस परियोजना के अंतर्गत पंचमहाभूत (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) को समर्पित एक भव्य 'पंचभूत शिव स्कल्पचर गार्डन' विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही देश के पवित्र 12 ज्योतिर्लिंगों की सुंदर प्रतिकृतियों से सुसज्जित 'शिवलिंगम पार्क' और यमुना नदी व भगवान शिव के प्राचीन आध्यात्मिक संबंध को दर्शाने वाला मनमोहक 'कालिंदी वनम' भी तैयार किया जा रहा है। इस परिसर की भव्यता को संपूर्णता देने के लिए सेवा के प्रतीक भगवान नंदी की एक विशाल प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। आध्यात्मिक पर्यटन का सबसे बड़ा केंद्र बन रहा यूपी बटेश्वर धाम के इस कायाकल्प और सरकार के विजन को साझा करते हुए उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से विरासत और आध्यात्मिक पर्यटन का सबसे बड़ा केंद्र बन रहा है। हमारी सरकार बटेश्वर धाम के समेकित विकास के जरिए इसकी प्राचीन विरासत को सहेजने के साथ- साथ पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आगरा देशी- विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बनकर उभरा है, जहां वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 1.83 करोड़ पर्यटकों ने भ्रमण किया है। उन्होंने कहा कि बटेश्वर धाम का यह समेकित विकास उत्तर प्रदेश को वैश्विक आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाएगा। 'हेरिटेज रिवाइवल कॉरिडोर' के रूप में परिकल्पित यह परियोजना बटेश्वर की प्राचीन सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को संरक्षित करते हुए उसे आधुनिक विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाओं से जोड़ेगी। इससे न केवल वैश्विक आगंतुकों को एक नया दिव्य अनुभव मिलेगा, बल्कि पर्यटन विभाग द्वारा राज्य के लोकप्रिय स्थलों के साथ-साथ ऐसे अल्पज्ञात ऐतिहासिक स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

कांग्रेस की टिप्पणी पर सीएम योगी का तीखा प्रहार, प्रधानमंत्री पर अभद्र टिप्पणी को बताया कांग्रेस के राजनीतिक कुसंस्कारों का प्रमाण

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के विषय में की गई अभद्र, असंसदीय और अक्षम्य टिप्पणी कांग्रेस के राजनीतिक कुसंस्कारों को उजागर करती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की भाषा और व्यवहार लगातार लोकतांत्रिक मर्यादाओं को चोट पहुंचाने वाला रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले कांग्रेस के “युवराज” भी अपनी टिप्पणियों के जरिए अपने कुसंस्कारों का परिचय दे चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस आज हताशा, निराशा, कुंठा और मानसिक दिवालियेपन के शीर्ष स्तर पर पहुंच चुकी है। जनता का समर्थन लगातार घटने के कारण कांग्रेस के नेताओं में राजनीतिक संयम और शालीनता भी समाप्त होती जा रही है।  उन्होंने कहा कि जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग कांग्रेस नेताओं द्वारा किया जा रहा है, वह भारतीय लोकतंत्र की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्थिति अब ऐसी हो चुकी है कि वह देशवासियों से क्षमा मांगने की नैतिक स्थिति में भी नहीं बची है।