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CM योगी का जनता दर्शन, बोले- कब्जामुक्त कराएं जमीन, दबंगों पर होगी कानूनी कार्रवाई

कब्जामुक्त कराएं जमीन, दबंगों को सिखाएं कानूनी सबक: मुख्यमंत्री बारिश के बावजूद सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया जनता दर्शन गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों से मुलाकात कर सुनीं समस्याएं जनता से बोले सीएम – घबराइए मत, सबकी समस्या का होगा समाधान गोरखपुर  जनता की सेवा को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह बारिश होने के बावजूद ‘जनता दर्शन’ किया। दूरदराज से आए लोगों से उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। समस्या लेकर आए लोगों को मुख्यमंत्री ने समाधान का भरोसा दिया। इस अवसर पर अवैध कब्जे की शिकायतों पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जमीन कब्जामुक्त कराने के साथ जबरन कब्जा करने वालों को कड़ा कानूनी सबक सिखाया जाए।  बारिश की वजह से मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोगों की सुविधा के लिए जनता दर्शन का आयोजन गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में किया गया। इस दौरान सीएम योगी ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने का निर्देश दिया। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक पहुंचकर मुख्यमंत्री ने उनकी पीड़ा जानी और आश्वस्त किया कि सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और तत्परता से उसका समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराएं।  इस दौरान कुछ महिलाओं ने उनकी जमीन जबरन कब्जा कर लिए जाने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी दबंग ने किसी गरीब की जमीन हड़पी है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जमीन अवैध या जबरन कब्जे से मुक्त होनी चाहिए।  हर बार की तरह जनता दर्शन में कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। ऐसे मामलों में सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के एस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी।

दिव्यांगता प्रमाण पत्र में दर्ज प्रतिशत रहेगा मान्य, इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला

लखनऊ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने दिव्यांग अभ्यर्थियों के एमबीबीएस प्रवेश से संबंधित एक मामले में दिशा स्पष्ट की है। कहा कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र में दर्ज दिव्यांगता के प्रतिशत को एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमीशन) के मेडिकल असेसमेंट बोर्ड द्वारा दोबारा निर्धारित नहीं किया जा सकता। बोर्ड को सिर्फ इतना जांचने का अधिकार है कि अभ्यर्थी उचित सुविधा और सहायक तकनीक के साथ एमबीबीएस पाठ्यक्रम पूरा करने में सक्षम है अथवा नहीं। न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने शुभम मिश्रा, सौरभ राणा और गुलफाम अहमद की ओर से दाखिल तीन अलग-अलग याचिकाओं पर एक साथ सुनवायी करते हुए, यह निर्णय दिया है। न्यायालय ने मेडिकल असेसमेंट बोर्ड और अपीलीय मेडिकल असेसमेंट बोर्ड द्वारा जारी उन निष्कर्षों को रद्द कर दिया, जिनमें अभ्यर्थियों को पीडब्ल्यूबीडी (पर्सन विद बेंचमार्क डिसबिल्टीज) आरक्षण के लिए अयोग्य बताया गया था। न्यायालय ने याचियों को नीट-यूजी 2026 की शेष काउंसलिंग में पीडब्ल्यूबीडी आरक्षित श्रेणी के योग्य अभ्यर्थी के रूप में शामिल करने का निर्देश दिया है। याची शुभम मिश्रा को मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सुलतानपुर ने 45 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता का प्रमाण पत्र जारी किया था। हालांकि, मेडिकल असेसमेंट बोर्ड ने 11 अगस्त 2026 के प्रमाण पत्र में उनकी दिव्यांगता को 45 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया और उन्हें पीडब्ल्यूबीडी आरक्षण के लिए अयोग्य बताया। अपीलीय मेडिकल बोर्ड ने भी असेसमेंट बोर्ड के फैसले को बरकरार रखा। दर्ज दिव्यांगता प्रतिशत सभी के लिए बाध्यकारी इसी प्रकार अन्य याचियों सौरभ राणा व गुलफाम अहमद के दिव्यांगता प्रतिशत को घटा दिया गया। अपने निर्णय में कोर्ट कहा कि आरपीडब्ल्यूडी एक्ट की धारा 57 के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी और वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र, जब तक सक्षम न्यायिक या वैधानिक मंच द्वारा निरस्त नहीं किया जाता, उसमें दर्ज दिव्यांगता प्रतिशत सभी के लिए बाध्यकारी है। कहा कि मेडिकल बोर्ड को यह देखना है कि अभ्यर्थी अपनी प्रमाणित दिव्यांगता के बावजूद उचित सुविधा और सहायक तकनीक के साथ एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने में सक्षम है या नहीं लेकिन यह प्रक्रिया दिव्यांगता के प्रतिशत को दोबारा तय करने के लिए नहीं है।

पीडीए रथ यात्रा पूरी तरह फर्जी, दलित और मजदूर वर्ग सपा के असली चेहरे से परिचिति: अनिल राजभर

'जाति का जहर घोलने निकले हैं अखिलेश, 100 यात्राएं भी नहीं बचा पाएंगी सपा को': अनिल राजभर पीडीए रथ यात्रा पूरी तरह फर्जी, दलित और मजदूर वर्ग सपा के असली चेहरे से परिचिति: अनिल राजभर दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश को घेरा, बोले- पीडीए मतलब 'परमानेंटली डिवाइडेड अलायंस' लखनऊ  समाजवादी पार्टी की पीडीए रथ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हर मोर्चे पर विफल होने के बाद अब जाति का जहर घोलने की राजनीति कर रही है, लेकिन उसे इसमें कोई सफलता मिलने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि सपा चाहे एक यात्रा निकाले या 100 यात्राएं, जनता अब उसके बहकावे में आने वाली नहीं है। पीडीए रथ यात्रा पूरी तरह फर्जी अनिल राजभर ने कहा कि पीडीए रथ यात्रा पूरी तरह फर्जी यात्रा है। उत्तर प्रदेश का पिछड़ा, दलित, कमजोर और मजदूर वर्ग समाजवादी पार्टी के असली चेहरे से भलीभांति परिचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सपा सत्ता में रहती है तो उसे गरीबों की याद नहीं आती और पूरा सैफई परिवार प्रदेश की गाढ़ी कमाई को लूटने में लगा रहता है। आज वही लोग चोला बदलकर पिछड़ों और दलितों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जनता सब समझती है। पीडीए की परिभाषा तय करे सपा उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पहले पीडीए की परिभाषा ही तय कर ले। पार्टी के नेता खुद ही पीडीए को लेकर भ्रमित हैं और रोज इसकी नई परिभाषा बताते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीतिक तिकड़मों से कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। चुनाव आने पर समाजवादी पार्टी का कहीं नामोनिशान नहीं दिखाई देगा। इस दौरान नए वोटर फॉर्म में सर्विलांस से जुड़ी जानकारी जोड़े जाने और दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति के सवाल पर अनिल राजभर ने कहा कि हाल में सामने आए घटनाक्रम से स्पष्ट है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से हुई है। चुनाव आयोग किसी भी विषय पर नियमों और परंपराओं के अनुसार आपसी राय-मशविरा और विस्तृत विचार-विमर्श के बाद ही निर्णय लेता है। अलग-अलग राय लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा होती है। स्वर्गीय कल्याण सिंह के परिवार से कब मिलेंगे अखिलेश? वहीं, भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने भी अखिलेश यादव और उनकी पीडीए राजनीति पर निशाना साधा। रायबरेली में सपा विधायक राहुल लोधी के आवास पर अखिलेश यादव के प्रस्तावित दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अपने नेताओं के घर जरूर जाना चाहिए, लेकिन उन्हें यह भी बताना चाहिए कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय कल्याण सिंह के परिवार के पास वे आज तक क्यों नहीं गए। दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि एक मुख्यमंत्री को दूसरे मुख्यमंत्री के परिवार के प्रति शिष्टाचार और संवेदना दिखानी चाहिए थी। यदि अखिलेश यादव कल्याण सिंह के परिवार के पास जाकर श्रद्धांजलि और संवेदना व्यक्त करते, तो यह राजनीतिक नहीं बल्कि मानवीय और संवैधानिक मर्यादा का परिचय होता। उन्होंने कहा कि अब जब वे लोध समाज के बीच जा रहे हैं तो उन्हें अपने पुराने व्यवहार का भी जवाब देना चाहिए। पीडीए मतलब परमानेंटली डिवाइडेड अलायंस पीडीए रथ यात्रा पर हमला बोलते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पीडीए का वास्तविक अर्थ 'परमानेंटली डिवाइडेड अलायंस' है। उन्होंने दावा किया कि आज न पिछड़ा समाज, न दलित समाज और न ही अल्पसंख्यक समाज समाजवादी पार्टी के साथ है। उन्होंने कहा कि पिछड़ा समाज पूरी मजबूती के साथ एनडीए के साथ खड़ा है। दिनेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेशभर में ऐसे पोस्टर और बैनर लगाए जा रहे हैं जिनमें अखिलेश यादव से पूछा जा रहा है कि दलितों पर अत्याचार कब रुकेंगे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहे जितना नया चोला पहन ले, उत्तर प्रदेश की जनता उसके असली चरित्र को पहचान चुकी है। जनता अब भ्रमित होने वाली नहीं है और समय आने पर अपना जवाब देगी।

ई-चालान का नया नियम लागू, जुर्माने के खिलाफ अपील का मौका; 30 दिन में निस्तारण अनिवार्य

लखनऊ केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने वाहनों के चालान को और सख्त बनाया है। वाहन के जुर्माने पर हर जिले में सुनवाई कराने के लिए न्याय निर्णायक प्राधिकारी नियुक्त होगा व अपील करने की भी सुविधा मिलेगी। सुनवाई, अपील की 30-30 दिन में सुनवाई करके निर्णय देना होगा। ऐसा न होने पर प्राधिकारी व अपील अधिकारी पर भी पांच से 10 हजार रुपये जुर्माना लगेगा। इसका नेक्स्ट जेन ई-चालान मोबाइल एप व पोर्टल बुधवार मध्यरात्रि से प्रभावी हो गया है। दैनिक जागरण ने 28 जुलाई को अब वाहन चालान के जुर्माने पर हर जिले में होगी सुनवाई शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। केंद्रीय मंत्रालय मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 167-ख में वाहनों के चालान के जुर्माने का निर्णय करने का नियम बनाया। इसमें प्रदेश सरकार हर जिले में जुर्माने का फैसला करने के लिए न्याय निर्णायक प्राधिकारी नियुक्त करेगी। यह प्राधिकारी ऑनलाइन व इलेक्ट्रानिक माध्यम से 30 दिनों में सुनवाई करके निर्णय देगा। यदि निर्णय से कोई व्यक्ति संतुष्ट नहीं है तो आदेश मिलने के 30 दिनों के भीतर अपर जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) या समकक्ष अपीलीय प्राधिकारी के पास अपील कर सकता है। अपीलीय प्राधिकारी को 30 दिनों के भीतर निस्तारण करना होगा। यदि किसी आदेश के 30 दिन निकल जाएं और उचित कारण हो तो 30 दिन अपील स्वीकार की जा सकती है। सुनवाई व अपील अधिकारी यदि 30 दिन में निर्णय नहीं देता तो उस अधिकारी पर 5000 से 10,000 तक का जुर्माना भी लगेगा।यदि किसी वाहन ई-चालान हो गया व वाहन स्वामी चालान का भुगतान नहीं करता है या कोर्ट व अधिकारी की ओर से तय जुर्माना भरने का आदेश होने के बाद भी भुगतान नहीं करता है तो जब तक चालान का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक वाहन से संबंधित अधिकांश सेवाएं जैसे रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट का ट्रांसफर, एनओसी, डुप्लीकेट आरसी आदि जारी नहीं होंगी। वाहन पोर्टल पर संबंधित वाहन के कालम में लेनदेन न करने योग्य लिख दिया जाएगा। ऐसे वाहन स्वामी को चालान जमा करने की सूचना आनलाइन भेजी जाएगी। वहीं, यदि चालान का मामला अभी कोर्ट या सक्षम प्राधिकारी के पास विचाराधीन है तो उस दौरान यह प्रतिबंध लागू नहीं होंगे। उल्लेखनीय है कि अभी तक वाहन का चालान होने पर 90 दिन बाद प्रकरण को संबंधित कोर्ट में भेजने का नियम रहा है। यूपी में इस तरह हुए चालानप्रदेशभर में 2024-25 में 27 लाख एक हजार 786 ई-चालान जारी हुए थे। इनमें चार पहिया वाहन आधे से अधिक हैं। इनमें 2,79,296 वाहन ऐसे हैं जिन पर कई तरह के चालान लंबित है। 2025-26 में प्रदेशभर में 30 लाख से अधिक वाहनों का चालान हुआ था।

नैमिष नगर-वरुण विहार योजना का आज भूमि पूजन, 24 सितंबर से प्लॉट बुकिंग शुरू

लखनऊ लखनऊ विकास प्राधिकरण की नैमिष नगर और वरुण विहार योजनाओं का शुभारंभ बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। शाम चार बजे मुख्यमंत्री दोनों महत्वाकांक्षी टाउनशिप योजनाओं का भूमि पूजन करेंगे और भूखंडों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कराएंगे। साथ ही एलडीए की पांच अपार्टमेंट परियोजनाओं का भी शिलान्यास होगा। दोनों योजनाओं में कुल 4526 आवासीय भूखंडों के लिए पंजीकरण खोला जा रहा है। पंजीकरण की प्रक्रिया 24 सितंबर से 24 अक्तूबर तक एक माह के लिए खुली रहेगी। वरुण विहार के भूखंड 2800 रुपये वर्गफुट आगरा एक्सप्रेसवे क्षेत्र के निकट विकसित की जा रही वरुण विहार योजना में 112.5 वर्ग मीटर से लेकर 450 वर्ग मीटर तक के 2847 भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनकी कीमत 2800 रुपये प्रति वर्ग फुट निर्धारित की है। नैमिष नगर के भूखंड 3800 रुपये प्रति वर्गफुट सीतापुर रोड र नैमिष नगर योजना में 1679 भूखंड उपलब्ध होंगे। योजना में 72 वर्ग मीटर के 197, 112.5 वर्ग मीटर के 524, 162.5 वर्ग मीटर के 520, 200 वर्ग मीटर के 299, 288 वर्ग मीटर के 103 तथा 450 वर्ग मीटर के 30 भूखंड शामिल हैं। भूखंडों की कीमत 3800 रुपये प्रति वर्ग फुट निर्धारित की गई है। नैमिष नगर व वरुण विहार को 12,600 एकड़ में विकसित किया जा रहा है। आगरा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा वरुण विहार एलडीए ने आगरा एक्सप्रेसवे से वरुण विहार को सीधे जोड़ने के लिए यूपीडा और शासन को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव के तहत एक्सप्रेसवे से वरुण विहार योजना में उतरने के लिए एक विशेष रैंप बनाया जाएगा। वर्तमान में वरुण विहार योजना तक पहुंचने के लिए आगरा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड का सहारा लेना पड़ता है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार रैंप केवल योजना में प्रवेश के लिए होगा। यानी लखनऊ या अन्य दिशा से आने वाले वाहन सीधे वरुण विहार में उतर सकेंगे। हालांकि वापसी के दौरान लोगों को पहले की तरह सर्विस रोड का उपयोग करना होगा। एलडीए के एक अधिकारी के अनुसार इस संबंध में यूपीडा और शासन को पत्र भेज दिया गया है। चूंकि एक्सप्रेसवे यूपीडा के अधिकार क्षेत्र में आता है। आयोजन को लेकर आज रूट डायवर्जन ● आगरा एक्सप्रेस वे अंडरपास से वाहन घुरघुरी तालाब मोहान रोड या मलिहाबाद होकर गुजर सकेंगे। ● खुशहालगंज किसानपथ अंडरपास से वाहन बबुरियाखेड़ा किसानपथ अंडरपास के बजाय घुरघुरी तालाब मोहान रोड या बुद्धेश्वर से जाएंगे। ● मौंदा चौराहा से वाहन घुरघुरी तालाब मोहान रोड या बुद्धेश्वर होकर जाएंगे। ● बबुरियाखेड़ा किसानपथ अंडरपास से वाहन बबुरियाखेड़ा किसानपथ अंडरपास से यू-टर्न से होकर जाएंगे। ● बड़ागांव आगरा एक्सप्रेस वे अंडरपास से वाहन मोहान रोड या बबुरियाखेड़ा किसानपथ अंडरपास होकर जाएंगे। ● कठहिंगरा आगरा एक्सप्रेस वे अंडरपास से वाहन कठहिंगरा गांव से घुरघुरी तालाब मोहान रोड होकर गुजर सकेंगे। ● भलिया आगरा एक्सप्रेस वे अंडरपास से वाहन मोहान रोड घुरघुरी तालाब होकर गुजर सकेंगे। ● झलियामऊ आगरा एक्सप्रेस वे अंडरपास से वाहन कठहिंगरा अंडरपास होकर गुजर सकेंगे।

चलती बस में धुआं-बदबू के बाद लगी आग, 9 की मौत; ड्राइवर-कंडक्टर फरार

ग्रेटर नोएडा  ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक यात्री बस में आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई है। यह बस दिल्ली से महोबा जा रही थी। यह भीषण हादसा दयानतपुर गांव के पास हुआ। हादसे के समय बस में करीब 35 लोग सवार थे। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया बताया जा रहा कि रात करीब 11 बजे गौतमबुद्ध नगर के जेवर टोल के पास शॉर्ट सर्किट के चलते बस में आग लग गई। ड्राइवर ने आग लगने के बाद बस को एक्सप्रेसवे के किनारे रोक दिया था। लेकिन भीषण आग के चलते बस में अफरातफरी मच गई। हादसे के समय कुछ यात्री तो बस से निकलने में कामयाब हो गए। लेकिन कुछ यात्रियों की बस के अंदर जलने से मौत हो गई। यह बस राज कल्पना ट्रैवल्स की बताई जा रही है। घायलों को नजदीकी कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस बस में आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। सीएम योगी ने हादसे का लिया संज्ञान ग्रेटर नोएडा में हुए सड़क हादसे का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री ने मृतकों के शोक संतप्त परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार करवाने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों से संवाद कर हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने का भी निर्देश दिया है।  आग लगने के बाद बस में भर गया था धुआं इस हादसे में कई बच्चों और बुजुर्गों की मौत की भी खबर है। हादसे वाली बस का नंबर BR32 PA8647 है। बस में यात्रा कर रहे एक चश्मदीद ने बताया कि जब मैं सो गया था, तो किसी ने मुझे जगाकर बताया कि बस में आग लग गई है और हम सब बाहर निकलने के लिए हड़बड़ी में भागे। बस से निकलना आसान नहीं था। बहुत ज़्यादा धुआं था। घबराहट के बीच हम किसी तरह बाहर निकल पाए। बस यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी। सीएम योगी ने मुआवजे का किया ऐलान ग्रेटर नोएडा बस हादसे पर सीएम योगी ने मुआवजे का ऐलान किया है. मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए व घायलों को 50-50 हजार रुपए को आर्थिक मदद का सीएम ने किया ऐलान. बस हादसे में 30 लोगों को पुलिस व बचाव दल ने सुरक्षित बचाया।  पुलिस अधिकारी ने बस हादसे की दी जानकारी साथ ही सीएम योगी ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. यह घटना यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट से करीब 32 किलोमीटर आगे हुई, जो जेवर थाना क्षेत्र में आता है. ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि आग लगते ही बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए बस से कूदना शुरू कर दिया. हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई. देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपने चपेट में ले लिया।  अभी भी फंसे हो सकते हैं कुछ और लोग आग की सूचना मिलते ही फायर विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद फायर टीम ने आग पर काबू पा लिया. चिंता की बात यह है कि कुछ लोगों के अभी भी बस में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. फायर विभाग के मुताबिक जब तक कूलडाउन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तबतक बस के अंदर तलाशी नहीं ली जा सकेगी।  बस ड्राइवर से की जा रही पूछताछ प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दुर्घटनाग्रस्त बस के सभी प्रपत्र (फिटनेस, परमिट आदि) वैध पाए गए हैं। गौतमबुद्ध नगर पुलिस बस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। यात्रियों को तत्काल वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था कर उनके गंतव्य स्थानों पर भेजा जा रहा है।

योगी सरकार बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने में जुटी, एसएलडीसी के आधुनिकीकरण के निर्देश

लखनऊ  प्रदेश में सुचारु, सुरक्षित और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाने पर लगातार जोर दे रही है। इसी क्रम में प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपी पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने लखनऊ स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र के आवश्यक आधुनिकीकरण को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। ग्रिड फ्रीक्वेंसी स्थिर रखने और ओवरलोडिंग रोकने पर जोर निरीक्षण के दौरान रणवीर प्रसाद ने एसएलडीसी की कार्य प्रणाली, रियल टाइम ग्रिड मॉनिटरिंग, स्काडा सिस्टम और लोड प्रबंधन की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सम्पूर्ण विद्युत व्यवस्था में एसएलडीसी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एसएलडीसी ही वह केंद्र है, जो प्रदेश के विद्युत भार (लोड) का रियल टाइम आंकलन एवं पूर्वानुमान करता है। उत्पादन केंद्रों से प्राप्त बिजली एवं वितरण निगमों की मांग के बीच संतुलन बनाता है। ग्रिड की फ्रीक्वेंसी को स्थिर रखता है तथा लाइनों को ओवरलोड होने से बचाता है। सतर्कता से लोड डिस्पैच करने के निर्देश प्रमुख सचिव ने कहा कि ट्रिपिंग, ब्रेकडाउन की स्थिति में त्वरित रिस्टोरेशन एवं वैकल्पिक स्रोत से आपूर्ति सुनिश्चित करता है। नवीकरणीय ऊर्जा (सोलर/विंड) के एकीकरण एवं ए.बी.टी. मीटरिंग का प्रबंधन करता है। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाला एक महीना गर्मी एवं अधिक मांग के दृष्टिकोण से चुनौतीपूर्ण है, इसलिए पूरी सावधानी के साथ लोड डिस्पैच किया जाए। जिससे कहीं भी अनावश्यक ओवरलोडिंग व ट्रिपिंग न हो और उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति मिल सके।

यूपीआईटीएस में काशी के हुनर को मिलेगा ग्लोबल बाजार, यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखेगी बनारसी विरासत

वाराणसी काशी अपनी प्राचीन विरासत, समृद्ध धरोहर, पारंपरिक हस्तशिल्प और आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार किए जा रहे उत्पादों को ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदर्शित करने के लिए तैयार है। 25 से 29 सितंबर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण में काशी के खानपान से लेकर पहनावे तक, घर की सजावट और पारंपरिक परिधान से लेकर दैनिक उपयोग के उत्पादों तक की विविधता देखने को मिलेगी। बनारसी सिल्क साड़ी, लकड़ी के खिलौने, गुलाबी मीनाकारी, सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क, हैंडमेड बनारसी सिल्क के विभिन्न उत्पाद और अन्य पारंपरिक उत्पादों के साथ आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप तैयार किए गए उत्पाद भी प्रदर्शित किए जाएंगे। आयोजन के जरिए स्थानीय उद्यमियों और हस्तशिल्पियों को वैश्विक बाज़ार से जुड़ने का अवसर मिलेगा। 45 उद्यमियों ने कराया पंजीकरण जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि वाराणसी से 45 उद्यमियों ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में भाग लेने के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, सूक्ष्म, एमएसएमई, जीआई उत्पाद,   नए और पुराने निर्यातक,एक जिला एक व्यंजन तथा मुख्यमंत्री युवा योजना से जुड़ी महिला उद्यमी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेड शो में लकड़ी के खिलौने, गुलाबी मीनाकारी, बनारसी सिल्क साड़ी समेत काशी के विभिन्न पारंपरिक और आधुनिक उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा ओडीओसी के उत्पादों में लौंगलता ,तिरंगी बर्फ़ी और बनारसी पान भी खाने को मिलेगा।  यूपीआईटीएस का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने के साथ उद्यमियों को नए व्यापारिक संपर्क उपलब्ध कराना है। काशी की विरासत से आधुनिक उत्पाद तक दिखेगी विविधता एमएसएमई और युवा उद्यमियों के उत्पाद काशी में बदलते कारोबारी परिवेश और नए बाजारों की ओर बढ़ते कदम को प्रदर्शित करेंगे। प्राकृतिक वेलनेस उत्पाद , कंटेनर्स बैग, मल्टीफिलामेंट यार्न और अन्य उत्पाद प्रदर्शित किए जायेंगे, जिनका उपयोग विभिन्न वस्तुओं के परिवहन के लिए किया जाता है। विदेश में इस बैग की अच्छी मांग है। यूपीआईटीएस से खरीदारों को काशी की पारंपरिक कला, शिल्प और उद्यमिता की विविधता एक ही मंच पर देखने को मिलेगी। उद्यमियों ने कहा- बनारस के उत्पादों को वैश्विक मंच मिलना महत्वपूर्ण ट्रेड शो में शामिल होने वाले उद्यमियों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। जीआई और ओडीओपी गुलाबी मीनाकारी के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हस्तशिल्पी कुञ्ज बिहारी तथा वाराणसी 'वुडेन लेकर वेयर' लकड़ी के खिलौने उद्योग से जुड़ी उद्यमी अमृता सिंह ने बताया कि ऐसे आयोजनों से पारंपरिक शिल्प से जुड़े लोगों को बड़ा बाजार मिल जाता है। सीएम युवा योजना से लाभान्वित, महिला स्वास्थ्य से जुड़ी प्राकृतिक वेलनेस उत्पाद बनाने वाली कंपनी 'श्री विधि ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स' की निदेशक अदिति सिंह ने बताया कि इस तरह के आयोजन उद्यमियों को अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का अवसर देते हैं।  वर्जन   उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो पूर्वांचल सहित पूरे प्रदेश के एमएसएमई तथा हैंडीक्राफ्ट को स्थानीय बाजार से राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार तक पहुंचाने, नए खरीदारों से जोड़ने तथा तकनीकी एवं औद्योगिक विस्तार का महत्वपूर्ण मंच बन गया है। नए ऑर्डर, निवेश और औद्योगिक विस्तार से रोजगार तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल रहा है।     

ट्रेड शो में प्रवाहित होगी संगम नगरी के हस्तशिल्प, खानपान और परिधानों की त्रिवेणी

प्रयागराज ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो' (यूपीआईटीएस) 2026 में संगम नगरी प्रयागराज के उद्यमी अपनी व्यापारिक क्षमता और हुनर की धमक दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रदेश सरकार की इस पहल से प्रयागराज के स्थानीय उद्यमियों, हस्तशिल्पियों और नवाचारियों को एक बड़ा ग्लोबल मंच उपलब्ध हो रहा है। इस वृहद आयोजन में प्रयागराज जनपद की भागीदारी हर साल बढ़ रही है। इस वर्ष जिले के 10 उद्यमी यूपीआईटीएस में हिस्सा लेंगे, जिनके लिए आवंटित स्टाल में जिले के उत्पादों का डंका बजेगा। हस्तशिल्प, खानपान और परिधानों की त्रिवेणी   यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो  के चौथे संस्करण में प्रयागराज  के विभिन्न वर्गों के उद्यमियों को अवसर दिया गया है। उपायुक्त उद्योग शरद टंडन बताते हैं कि प्रयागराज से विभिन्न श्रेणियों मे इस बार दस प्रतिभागियों को अवसर दिया गया है। मेले में ओडीओपी ( एक जनपद एक उत्पाद) श्रेणी के तहत 3  इकाइयों के  स्टाल लगेंगे। इसके अलावा  एमएसएमई मे 5  इकाइयां और  'नवोदित निर्यातक' श्रेणी में  एक और ओडीओसी के लिए एक इकाई का चयन किया गया है, जिन्हें कुल 12  स्टाल  दिए गए हैं। चयनित इकाइयों मे संगम नगरी के परंपरागत हस्तशिल्प,  यहां के खानपान और परिधानों का मेल देखने को मिलेगा । * पहचान बनाएंगे परंपरागत हस्तशिल्प मूंज के उत्पाद* एक जनपद एक उत्पाद की श्रेणी में चयनित मूंज के उत्पादों को ट्रेड शो मे खास पहचान मिलेगी। इस श्रेणी के अंतर्गत प्रयागराज में मूंज के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के उत्पाद बनाने वाली इकाई 'द परफेक्ट बाजार' का चयन किया गया है । ‘द परफ़ैक्ट बाजार' के पार्टनर पवन कुमार मिश्रा बताते हैं कि उन्हें ट्रेड शो के हॉल नंबर 10 मे स्टाल मिला है। उनकी इकाई अलग -अलग श्रेणियों में एक दर्जन से अधिक तरह के उत्पाद के स्टाल यहाँ लगाएगी। उनके सभी उत्पाद ईकोफ़्रेंडली हैं और सभी  ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर पहले से उपलब्ध हैं ।  खानपान में पैक्ड समोसे के जायके का बिखरेगा स्वाद उत्तर प्रदेश के समृद्ध व्यंजनों की विरासत की ग्लोबल ब्रांडिंग के लिए योगी सरकार द्वारा शुरू की गई ‘एक जनपद एक व्यंजन योजना’ में चयनित उत्पाद भी यूपी आईटीएस 2026 में अपने जायके का स्वाद बिखेरेंगे। उपायुक्त उद्योग शरद टंडन का कहना है कि पहली बार यूपी आईटीएस मे ओडीओसी श्रेणी को शामिल किया गया है, जिसे वहां निःशुल्क स्टाल दिया जा रहा है। इस श्रेणी के लिए 11 आवेदन आए थे, जिसमें परम्परागत जायके में अपनी खास पहचान रखने वाले प्रयागराज के पैक्ड समोसे को जगह मिली है। ओडीओसी श्रेणी में चयनित प्रयागराज के बलुआ घाट स्थित मुंडा स्नैक्स के पैक्ड समोसे का जायका इंटरनेशनल ट्रेड शो में जा रहा  है। मुंडा स्नैक्स के प्रतिनिधि अमित यादव का कहना है कि वैसे तो देशी घी, पनीर और ड्राई फ्रूट्स से बने उनके समोसे अपने लज़ीज जायके के लिए मशहूर हैं, लेकिन ट्रेड शो में मूल जायके को बनाए रखने के उनका ड्राई मसाला समोसा जा रहा है। इसके 5  हजार से अधिक ड्राई पीस ट्रेड शो के लिए ले जा रहे हैं | इसकी पैकिंग पर भी खास ध्यान दिया गया है, क्योंकि इसे घर पर 15 दिन रखा जा सकता है । इसके अलावा  खानपान की श्रेणी में ही केशरी गृह उद्योग , इकावा एग्रो और श्याम डेयरी उत्पादों को भी जगह मिली है। विशिष्ट परिधानों और फ्रैगनेंस का मेल इस बार  ट्रेड शो के लिए चयनित उद्यमियों में हुनर की विविधता भी देखने को मिलेगी। इस बार परिधान और इत्र की इकाइयों का चयन किया गया है। परिधान की श्रेणी में तीन उद्यमी हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें पुष्पांजलि की मिली मेहरोत्रा, अकील एम्ब्रायडरी के अकील अहमद और पवन मिश्रा ग्रामोद्योग के पवन मिश्रा शामिल है।  इस श्रेणी के उद्यमी खादी, कॉटन, एम्ब्रॉयडरी और हैंड प्रिंटिंग में अपने हुनर का जादू बिखेरेंगे। पहली बार whiffhaus fragrance इकाई को इसमें जगह मिली है। एमएसएमई श्रेणी के अंतर्गत चयनित इस इकाई के प्रतिनिधि अनवर आजम कहते हैं कि परंपरा और आधुनिकता से जुड़ी 60 तरह की खुशबू के इत्र ट्रेड शो मे अपनी महक बिखेरेंगे ।

बांदा के शजर पत्थर और पारंपरिक स्वाद की भी रहेगी ट्रेड शो में धमक

बांदा सीएम योगी के विजन और प्रयासों से बुंदेलखंड की गौरवशाली संस्कृति और हुनर को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच मिलने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में बांदा जनपद के हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों की धूम रहेगी। जनपद के स्थानीय कारीगर और उद्यमी इस वैश्विक बाजार में अपनी चमक बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।  ओडीओपी के जरिए बांदा के हस्तशिल्प को मिली संजीवनी उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'एक जनपद-एक उत्पाद' और एमएसएमई के चलते बांदा के हस्तशिल्प को नई संजीवनी मिली है। उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि नोएडा में आयोजित हो रहे इस मेगा इवेंट में बांदा जनपद से कुल चार श्रेणियों में उद्यमी शामिल हो रहे हैं। ट्रेड शो में बांदा का गौरव कहे जाने वाले और ओडीओपी में शामिल शजर स्टोन के दो विशेष स्टाल लगाए जाएंगे। इसके लिए ओडीओपी श्रेणी से द्वारिका प्रसाद सोनी और अर्जुन गुप्ता का चयन किया गया है जो शजर पत्थर से तराशे गए खूबसूरत और अनूठे हस्तशिल्प का प्रदर्शन करेंगे। केन नदी के तट पर पाए जाने वाले इस दुर्लभ पत्थर की कलाकृतियां विदेशी खरीदारों के आकर्षण का मुख्य केंद्र होंगी।  पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बिखेरेगा स्वाद का जादू हस्तशिल्प के साथ-साथ इस बार बुंदेलखंड के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर जादू बिखेरेगा। वहीं ओडीओसी के तहत दीपक सोनी इस शो में बांदा की प्रसिद्ध बालूशाही और सोहन हलुआ का स्टाल लगाएंगे। वहीं एमएसएमई श्रेणी से कमल आहूजा अपनी बेकरी उत्पादों के स्टाल के जरिए बांदा के आधुनिक स्वाद का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत चयनित युवा उद्यमी रवी नगाइच और शिवम कुशवाहा भी इस अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में शामिल होकर जिले का मान बढ़ाएंगे। स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों का कहना है कि पूर्ववर्ती सरकारों में बांदा के इस हुनर को स्थानीय स्तर पर भी पहचान नहीं मिल पा रही थी लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों ने उन्हें सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने ला खड़ा किया है। इस ट्रेड शो के माध्यम से न केवल बांदा के शजर उद्योग को नए एक्सपोर्ट ऑर्डर मिलने की उम्मीद है बल्कि बुंदेलखंड के लजीज व्यंजनों और युवा उद्यमियों को भी एक बड़ा बाजार मिलेगा।