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धमतरी में ‘समर कैम्प 2026’ का आगाज़, 36 केंद्रों पर खेल और व्यक्तित्व विकास का संगम

धमतरी में 'समर कैम्प 2026' का आगाज़,  36 केंद्रों पर खेल और व्यक्तित्व विकास का संगम ​रायपुर      धमतरी ​जिले के बच्चों और युवाओं की खेल प्रतिभा को तराशने तथा ग्रीष्मकालीन अवकाश को रचनात्मक बनाने के उद्देश्य से धमतरी में “समर कैम्प 2026” की शुरुआत हो गई है। जिला प्रशासन और खेल विभाग के समन्वय से आयोजित यह 30 दिवसीय शिविर 9 मई से 8 जून तक चलेगा, जिसमें खेल तकनीक के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।   समर कैम्प का उद्देश्य केवल खेल प्रशिक्षण देना नहीं है, बल्कि बच्चों को एक सकारात्मक वातावरण प्रदान कर उन्हें नशामुक्ति, स्वास्थ्य और अनुशासित जीवनशैली की ओर प्रेरित करना है। ​30 दिन, 36 केंद्र और अनगिनत अवसर     ​इस वर्ष समर कैम्प का दायरा बढ़ाते हुए जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 36 केंद्र बनाए गए हैं। फ्रीडम फिजिकल ट्रेनिंग सहित विभिन्न खेल संघों और क्लबों के माध्यम से बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार खेलों का चयन करने का विकल्प मिल रहा है। ​शिविर में ​मैदानी खेल में फुटबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, रग्बी को शामिल किया गया है। ​मार्शल आर्ट्स में कराटे, जूडो, ताइक्वांडो, बॉक्सिंग, कुडो के साथ-साथ​पारंपरिक एवं अन्य में योग, शतरंज, कुश्ती, तीरंदाजी, स्केटिंग, वेटलिफ्टिंग को शामिल किया गया है । ​अनुभवी प्रशिक्षकों की देखरेख में निखरेगी प्रतिभा     ​शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ के अनुभवी प्रशिक्षक हैं, जो न केवल खेल की बारीकियां सिखा रहे हैं, बल्कि बच्चों में फिटनेस, अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता (Leadership) जैसे गुणों का संचार कर रहे हैं। इन शिविरों का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से ऐसी प्रतिभाओं की पहचान करना है, जिन्हें भविष्य में खेल अकादमियों और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा सके। ​योग और आत्मरक्षा पर विशेष फोकस     ​बदलते दौर की चुनौतियों को देखते हुए शिविर में योग और मार्शल आर्ट्स को प्राथमिकता दी गई है। इसके माध्यम से बच्चों को आत्मरक्षा (Self-defense) के गुर सिखाने के साथ-साथ उनकी मानसिक एकाग्रता और स्वास्थ्य जागरूकता पर बल दिया जा रहा है। ​इस वृहद आयोजन में जिले की प्रतिष्ठित संस्थाएं अपनी सहभागिता दे रही हैं, जिनमें मुख्य रूप से ​सेजेस (SAGES) चर्रा और शौर्य क्रीड़ा क्लब कुण्डेल,​कला केन्द्र इतवारी बाजार और नगर निगम स्पोर्ट्स एकेडमी,​जिला वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स, कुडो और कराटे संघ शामिल है। धमतरी जिले में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शुरू हुए इस "समर कैम्प" के लिए ​जिला प्रशासन ने सभी केंद्रों पर खेल सामग्री और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सोने-चांदी के जेवरों की चोरी, रायपुर के लक्ष्य ज्वेलर्स में 1 करोड़ का नुकसान

रायपुर खम्हारडीह इलाके में स्थित लक्ष्य ज्वेलर्स में बीती रात चोरी की वारदात सामने आई है। शनि-रवि की  रात अज्ञात चोरों ने दुकान को निशाना बना धावा बोल दिया। वहां से करीब एक करोड़ रुपए के सोने-चांदी के जेवरात पार कर दिए। मिली जानकारी के अनुसार रात करीब 12:30 बजे चोर लक्ष्य ज्वेलर्स शॉप में घुसे और डिस्प्ले काउंटर में रखे कीमती आभूषण चोरी कर फरार हो गए। रविवार को दुकान बंद होने के कारण कारोबारी को घटना की जानकारी नहीं मिल सकी। सोमवार सुबह दुकान खोलने पर चोरी का खुलासा हुआ। सूत्रों की मानें तो शनिवार और रविवार की रात करीब 12:30 बजे के आसपास चोरों ने दुकान में एंट्री की थी। चोरों को शायद पता था कि रविवार को दुकान नहीं खुलेगी, इसलिए उनके पास भागने के लिए पूरा एक दिन और एक रात का वक्त था। वारदात की खबर मिलते ही खम्हारडीह पुलिस के साथ-साथ क्राइम ब्रांच की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। दुकान के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को बारीकी से चेक किया जा रहा है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को भी बुलाया गया है ताकि फिंगरप्रिंट्स और दूसरे सुराग जुटाए जा सकें। पुलिस अब दुकान के आसपास के इलाकों और चौक-चौराहों पर लगे कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि चोरों के भागने का रास्ता पता चल सके। घटना की सूचना मिलते ही खम्हारडीह थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जो साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। फिलहाल पुलिस अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है। मौके पर पहुंची पुलिस और क्राइम ब्रांच सूचना मिलने के बाद खम्हारडीह थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जिससे चोरी से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सकें। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

डिजिटल युग की शुरुआत: छत्तीसगढ़ प्रशासन में ई-ऑफिस का प्रभाव

विशेष लेख ई-ऑफिस का विस्तार: छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में डिजिटल क्रांति का आगाज "पारदर्शिता की नई पहचान 'ई-ऑफिस' रायपुर छत्तीसगढ़ में 'ई-ऑफिस' (e-Office) प्रणाली सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही लाकर सुशासन (Good Governance) का नया सवेरा लेकर आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में, यह डिजिटल पहल भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। फाइलों का डिजिटल होना फाइलों में हेराफेरी की गुंजाइश को लगभग खत्म कर देता है, जिससे शासन में पारदर्शिता आती है। कागजी फाइलों के भौतिक परिवहन में लगने वाला समय बचता है, जिससे फाइलें तेजी से आगे बढ़ती हैं और निर्णय जल्दी लिए जाते हैं।            डिजिटल तकनीक आज केवल सूचनाओं के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शासन की कार्यप्रणाली को नया आयाम दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के संकल्प को साकार करते हुए राज्य में ई-ऑफिस (e-Office) प्रणाली प्रशासनिक व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है। फाइलों के अंबार से डिजिटल रफ्तार तक           छत्तीसगढ़ में अब शासकीय दफ्तरों की तस्वीर बदल रही है। वह दौर बीत रहा है जब कार्यालयों में धूल खाती फाइलों के ढेर और कछुआ गति से चलने वाली प्रक्रियाएं सामान्य मानी जाती थीं। अब डिजिटल फाइलों के माध्यम से कार्यों में न केवल तेजी आई है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित हुई है। सक्ती जिला रहा अव्वल          ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य ने डिजिटल गवर्नेंस में नए मानक स्थापित किए हैं। व्यापक नेटवर्क के तहत प्रदेश के 87 हजार 222 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। अब तक 5 लाख 46 हजार 903 से अधिक फाइलों का सफल डिजिटल संचालन किया गया है। 30 अप्रैल 2026 की स्थिति में प्रदेश का 33 वां जिला सक्ती 15 हजार 735 फाइलों के डिजिटल संचालन के साथ राज्य में अग्रणी रहा है। ई-ऑफिस के प्रमुख लाभ         ऑनलाइन फाइल ट्रैकिंग की सुविधा से अब यह जानना आसान है कि कौन सी फाइल किस अधिकारी के पास कितने समय से लंबित है। इससे कार्य के प्रति जवाबदेही बढ़ी है। कुशल निर्णय प्रक्रिया सचिवालय से लेकर जिला स्तर तक फाइलों की आवाजाही त्वरित होने से निर्णय लेने की प्रक्रिया व्यवस्थित और समयबद्ध हुई है। कागज के उपयोग में भारी कमी आने से यह प्रणाली पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा योगदान दे रही है। डिजिटल संधारण (Storage) के कारण दस्तावेजों के फटने, खोने या खराब होने का डर खत्म हो गया है और भंडारण की समस्या भी सुलझ गई है। प्रशिक्षण और तकनीकी मजबूती          किसी भी नवाचार की सफलता उसके उपयोगकर्ताओं पर निर्भर करती है। इसी उद्देश्य से राज्य शासन ने अधिकारी-कर्मचारियों के लिए चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इस व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में एनआईसी (NIC) और चिप्स (CHiPS) की टीमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। भविष्य की राह पूर्णतः डिजिटल प्रशासन          मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का लक्ष्य आगामी समय में समस्त शासकीय पत्राचार को शत-प्रतिशत ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित करना है। यह बदलाव केवल एक तकनीकी सुधार नहीं है, बल्कि यह नागरिक-केंद्रित प्रशासन की ओर बढ़ता एक ठोस कदम है। ऑफिस ने यह सिद्ध कर दिया है कि तकनीक का सही समन्वय प्रशासन को प्रभावी और जनोन्मुखी बना सकता है। छत्तीसगढ़ का यह मॉडल आने वाले समय में सुशासन की एक नई और आधुनिक परिभाषा लिखने के लिए तैयार है।  नितेश चक्रधारी  (सहायक जनसंपर्क अधिकारी)

मुख्यमंत्री साय की पहल: मेधावी विद्यार्थियों ने आईपीएल मैच का आनंद लिया

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से मेधावी विद्यार्थियों ने लिया आईपीएल मैच का रोमांच प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों को मिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में लाइव मैच देखने का अवसर रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उनके सपनों को नई ऊर्जा देने की दिशा में लगातार नवाचारपूर्ण पहल कर रही है। इसी क्रम में आज राजधानी रायपुर में आयोजित इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैच का रोमांच प्रदेश के उन मेधावी विद्यार्थियों ने भी महसूस किया, जिन्होंने दसवीं और बारहवीं की प्रावीण्य सूची में स्थान बनाकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है।  राज्य शासन की विशेष पहल पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 18 प्रतिभावान विद्यार्थी नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पहुंचे, जहां उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस के बीच खेले जा रहे हाई-वोल्टेज मुकाबले का आनंद लिया।मेधावी विद्यार्थियों के लिए यह अवसर केवल एक क्रिकेट मैच देखने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन का सम्मान और उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देने का प्रेरक प्रयास भी था।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ऐसे अवसर प्रदान किए जाने चाहिए, जिससे वे अपने सपनों को और बड़े स्तर पर देखने के लिए प्रेरित हों। राज्य सरकार शिक्षा, खेल और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए लगातार संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नवा रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की भव्यता और आईपीएल मैच के रोमांचक माहौल ने विद्यार्थियों को बेहद उत्साहित कर दिया। अधिकांश विद्यार्थियों के लिए यह पहला अवसर था, जब वे किसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में लाइव मैच देखने पहुंचे थे। स्टेडियम की आकर्षक रोशनी, हजारों दर्शकों का उत्साह, खिलाड़ियों की ऊर्जा और पूरे आयोजन का जीवंत वातावरण बच्चों के लिए किसी सपने से कम नहीं था। कई विद्यार्थी पहली बार इतने बड़े खेल आयोजन का हिस्सा बनकर अभिभूत नजर आए। हायर सेकेंडरी परीक्षा की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सरस्वती शिशु मंदिर, पलारी के छात्र जिज्ञासु वर्मा ने कहा कि उन्हें बचपन से क्रिकेट का विशेष शौक रहा है। अब तक वे टीवी पर ही आईपीएल मैच देखा करते थे, लेकिन आज पहली बार इतने विशाल स्टेडियम में लाइव मैच देखने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे रोमांचक और अविस्मरणीय क्षण है। जिज्ञासु ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल ने उनके उत्साह और आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी है। इसी प्रकार कांकेर जिले के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, नरहरपुर के छात्र एवं बारहवीं की प्रावीण्य सूची में दसवां स्थान प्राप्त करने वाले यश ख्रोबागढ़े ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सामने खेलते देखने की उनकी लंबे समय से इच्छा थी, जो आज पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि स्टेडियम का माहौल, दर्शकों का जोश और खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहद अद्भुत अनुभव रहा। यश ने कहा कि मुख्यमंत्री साय की यह पहल विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाने वाली और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाली है। विद्यार्थियों ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस तरह का सम्मान और प्रोत्साहन मिलने से उनमें आगे और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि उनके सपनों को पहचान देने और उन्हें नई दिशा देने का प्रयास है। कई विद्यार्थियों ने इसे अपने जीवन का ऐसा अनुभव बताया, जिसे वे हमेशा याद रखेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का स्पष्ट मानना है कि प्रतिभा को अवसर और सम्मान मिलना आवश्यक है। उन्होंने कई अवसरों पर कहा है कि प्रदेश के युवा ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सबसे मजबूत आधार हैं। राज्य सरकार शिक्षा, खेल, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेश के बच्चे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। राज्य सरकार द्वारा खेल और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सकारात्मक पहल की जा रही है।  डिजिटल शिक्षा, खेल अधोसंरचना विकास और प्रतिभावान विद्यार्थियों के प्रोत्साहन जैसे अनेक कदमों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आईपीएल मैच का यह अनुभव भी उसी दिशा में एक प्रेरक पहल के रूप में देखा जा रहा है।आईपीएल मैच देखने पहुंचे विद्यार्थियों के चेहरे पर उत्साह, खुशी और गर्व साफ दिखाई दे रहा था। क्रिकेट के प्रति उनके जुनून और पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन को एक साथ सम्मानित करने की यह पहल निश्चित रूप से उन्हें भविष्य में और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगी।  विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अनुभव उनके जीवन की सबसे खूबसूरत यादों में शामिल रहेगा।

सुशासन तिहार 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुंगेली के चौक-चौराहों में प्रतिमाओं का अनावरण किया

सुशासन तिहार 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया मुंगेली नगर के चौक-चौराहों में स्थापित प्रतिमाओं का अनावरण डॉ. भीमराव अंबेडकर, बाबा गुरु घासीदास, महाराणा प्रताप और भक्त माता कर्मा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर किया नमन रायपुर   शासकीय योजनाओं का लाभ लोगो को प्राप्त हो, यह सुनिश्चित करने के साथ ही सुशासन को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से सुशासन तिहर अंतर्गत समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मुंगेली जिले के प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मुंगेली नगर के चौक-चौराहों में महापुरुषों एवं संतों की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। प्रतिमाओं के अनावरण कार्यक्रम के दौरान नगर में उत्साह, श्रद्धा और गौरव का वातावरण रहा। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक पुन्नू लाल मोहले, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।             मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टोरेट कार्यालय के पास भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण कर संविधान निर्माता को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने भारतीय संविधान के माध्यम से देश को समानता, न्याय और अधिकारों की मजबूत आधारशिला प्रदान की। उनका जीवन शिक्षा, संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणादायी मिसाल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।       इसके पश्चात मुख्यमंत्री साय ने दाऊपारा स्थित गुरु घासीदास बाबा की प्रतिमा का विधिवत अनावरण करते हुए कहा कि बाबा गुरुघासीदास ने सत्य, अहिंसा और समानता का संदेश देकर समाज को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी समाज को एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संतों और महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी तक उनके आदर्शों को पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।            इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने पड़ाव चौक में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने महाराणा प्रताप को भारतीय इतिहास का महान योद्धा बताते हुए कहा कि उनका जीवन साहस, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर गाथा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र हित में सक्रिय भूमिका निभाने कहा। मुख्यमंत्री साय ने रायपुर रोड तिराहा में भक्त माता कर्मा की प्रतिमा का भी अनावरण किया। उन्होंने कहा कि भक्त माता कर्मा सेवा, श्रद्धा और समर्पण की प्रतीक हैं। उनका जीवन समाज को मानव सेवा, भक्ति, परोपकार और संस्कारों की प्रेरणा देता है।   मुख्यमंत्री साय ने प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। स्थानीय नागरिकों एवं समाज प्रमुखों ने प्रतिमा स्थापना को जिले के लिए गौरवपूर्ण पहल बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा ऐलान: मुंगेली को मिले 353 करोड़ से अधिक के विकास कार्य

सुशासन तिहार 2026 : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुंगेली को दी 353 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात 414 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और जल सुविधाओं को मिलेगा नया विस्तार संवेदनशीलता और सुशासन ही विकास की मुख्य अवधारणा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज मुंगेली जिला विकास, जनकल्याण और सुशासन के एक ऐतिहासिक अध्याय का साक्षी बना। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिला मुख्यालय स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल होकर जिले को 353 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले 414 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 152 करोड़ 02 लाख रुपये से अधिक की लागत के 284 कार्यों का लोकार्पण तथा 201 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक की लागत के 130 कार्यों का शिलान्यास शामिल है। इन कार्यों से जिले में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और जनसुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वाणिज्य एवं उद्योग, श्रम तथा जिले के प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले, तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम के दौरान पुष्प वाटिका एवं चौपाटी, नहर, एनीकट, लाइवलीहुड कॉलेज भवन पहुंच मार्ग, मुंगेली-भटगांव पहुंच मार्ग सहित अनेक सड़क निर्माण कार्यों, महतारी सदनों, छात्रावासों, जल जीवन मिशन के कार्यों, सामुदायिक भवनों, अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों, प्राथमिक शाला भवनों, सांस्कृतिक मंचों, सीसी सड़कों, अमृत सरोवरों तथा आंगनबाड़ी भवनों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही विभिन्न ग्रामों में सीसी सड़क, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सड़क मार्ग, एसटीपी निर्माण, तालाब सौंदर्यीकरण, फुटपाथ और पुल निर्माण सहित अनेक विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत स्वामी आत्मानंद विद्यालय मोतिमपुर, लालपुरथाना, लोरमी, पथरिया और सरगांव का वर्चुअल लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन सरकार विकास और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज मुंगेली जिले को मिली विकास कार्यों की यह बड़ी सौगात आने वाले समय में जिले के विकास को नई गति प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से आमजनों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है तथा शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर भक्ति और श्रम की प्रतीक माता कर्मा, सामाजिक समरसता के प्रतीक बाबा गुरु घासीदास, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा शौर्य और त्याग के प्रतीक महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं का अनावरण करते हुए कहा कि ये महापुरुष समाज को प्रेरणा देने वाले आदर्श हैं। उन्होंने नवागढ़ रोड में वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा स्थापना के लिए 25 लाख रुपये, मुंगेली में पोस्ट मैट्रिक छात्रावास भवन निर्माण, मेला नवागांव में बाउंड्रीवाल एवं प्रवेश द्वार निर्माण के लिए 20 लाख रुपये तथा सीसी सड़क निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही चिकित्सा महाविद्यालय की मांग को पूरा करने के लिए सकारात्मक आश्वासन दिया। केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने जिले को मिली 353 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात के लिए मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास और सुशासन को नई दिशा मिल रही है।  उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार जनता के दुख-दर्द को समझते हुए त्वरित निर्णय ले रही है और मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुंगेली जिला निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और यह सब मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। विधायक पुन्नूलाल मोहले ने जिले में हो रहे विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं सहायता राशि वितरित कर लाभान्वित भी किया। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के चार विद्यार्थियों अंशुल शर्मा, नंदिता देवांगन, हेमा साहू और चैतूराम साहू को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबियां, मनियारी बैराज योजना से प्रभावित परिवारों को प्रतिकात्मक चेक, मछुआरों को मछली जाल एवं आइस बॉक्स, किसानों को मिनी किट तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सहायता सामग्री वितरित की। कुल 282 से अधिक हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी बिलासपुर रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, डीएफओ अभिनव कुमार, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने हाटकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री ने हाटकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना की रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने महादेव से राज्य की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।               इस दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।              उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री साय आज हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर महादेव घाट में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होने पहुंचे थे।

वायरल वीडियो में हितग्राही के उड़ीसा में निवासरत होने के कारण आवास सर्वे में नहीं था नाम, जल्द दिलाया जाएगा आवास- जिला पंचायत सीईओ गरियाबंद

रायपुर राज्य शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों के लिए केंद्र प्रवर्तित पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत अब तक  राज्य में सर्वे कर 33 हजार से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से लगभग 21 हजार आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। ऐसे हितग्राही जो पूर्व में छूट गए थे, उनके लिए भारत सरकार से विशेष आग्रह कर राज्य शासन द्वारा विशेष अनुमति प्राप्त कर उनका पुनः सर्वे कार्य जारी है, जो एक-दो दिनों में पूर्ण हो जाएगा। सर्वे पूर्ण होते ही पात्र हितग्राहियों को तत्काल आवास स्वीकृत किए जाएंगे।        सोशल मीडिया में एक वायरल वीडियो के संबंध में जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि समाधान शिविर के दौरान एक हितग्राही जो विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार से आते हैं अपना आवेदन लेकर शिविर में आये थे। उनका परिवार पूर्व में छत्तीसगढ़ में निवास नहीं कर रहा था, वे उड़ीसा में ही रह रहे थे। जिसके कारण वर्ष 2011 एवं वर्ष 2018 की आवास सर्वे सूची में उनके परिवार को शामिल नहीं किया जा सका था, हाल में वर्ष 2024 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कराए गए नवीन सर्वेक्षण के दौरान भी उक्त परिवार ग्राम में निवासरत नहीं था, तब वे उड़ीसा में निवास कर रहे थे और पिछले कुछ दिनों पूर्व ही वे छत्तीसगढ़ आये थे। उसके वापस लौटने के बाद उनके परिवार का सर्वे पीएम जनमन योजना के तहत पूर्ण कर लिया गया है और उसे शीघ्र ही आवास स्वीकृत कर दिया जाएगा।        उन्होंने बताया कि जिले में पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। पीएम जनमन के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के जिले में अलग अलग बसाहटों में निवासरत होने के कारण बार बार सर्वे कराकर हितग्राहियों को जोड़ने का कार्य भी किया गया है। ऐसे परिवार जिनका पूर्व में सर्वे नहीं हुआ था, ऐसे शेष पात्र परिवारों हेतु सर्वेक्षण पूर्ण कर सूची तैयार कर ली गई है तथा भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने की प्रतीक्षा है।            जिला प्रशासन द्वारा सभी पात्र परिवारों को नियमानुसार योजना का लाभ उपलब्ध कराने हेतु सतत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उड़ीसा में होने के कारण उक्त परिवार का राशन कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज भी अपूर्ण थे, जिसे अधिकारियों द्वारा तत्परता दिखाते हुए समाधान शिविर में ही बनाने का कार्य किया गया। जहां उनका राशन कार्ड एवं मनरेगा जॉब कार्ड तत्काल बनाया गया तथा आयुष्मान कार्ड के लिए भी कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है। इसके साथ ही उन्हें आश्वश्त किया गया कि शासन प्रशासन हर कदम पर आपके साथ है।

सुकमा जिले के 1 लाख 54 हजार 157 लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं कलेक्टर  अमित कुमार के मार्गदर्शन में सुकमा जिले में मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच और उपचार कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ एवं अंदरूनी क्षेत्रों के जरूरतमंद नागरिकों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में कोंटा विकासखंड के दूरस्थ नियद नेल्लानार क्षेत्र के अरलमपल्ली, पोलमपल्ली, दोरनापाल, बगड़ेगुड़ा, रंगाईगुड़ा, कोलईगुड़ा एवं पेंटापाड़ जैसे गांवों से कुल 39 मरीजों को जिला चिकित्सालय सुकमा लाकर जांच एवं उपचार कराया गया। जिला चिकित्सालय में इन मरीजों का समुचित परीक्षण कर उपचार सुनिश्चित किया गया, जिसमें 16 लोगों को प्रेसबायोपिक चश्मा प्रदान किया गया तथा 8 मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। वहीं नियद नेल्लानार के गोगुंडा पहाड़ी क्षेत्र से 5 उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित लाकर जांच कराई गई और आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श के साथ वापस भेजा गया। इसके अतिरिक्त कोसागुड़ा से 6 मरीजों को अल्ट्रासाउंड एवं रक्त चढ़ाने हेतु भेजा गया था, जबकि 4 मरीज हाथ-पैर सूजन की समस्या से पीड़ित थे, जिनका भी उपचार कर राहत प्रदान की गई। जिला चिकित्सालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत सुकमा जिले में कुल स्वास्थ्य जांच का लक्ष्य 2,93,386 निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक 1,54,157 लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी की जा चुकी है। जांच के दौरान कुल 4990 मरीजों को मोतियाबिंद, मलेरिया, कुष्ठ, टीबी, खून की कमी, उच्च जोखिम गर्भवती महिला, कुपोषित बच्चे, बीपी और शुगर जैसी बीमारियों से चिन्हांकित कर प्राथमिक, सामुदायिक एवं जिला अस्पतालों में उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।  कलेक्टर  अमित कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के माध्यम से जिले के दूरस्थ एवं अंदरूनी क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का कार्य प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी जरूरतमंद नागरिक इलाज से वंचित न रहे। अभियान के अंतर्गत चिन्हांकित मरीजों को समय पर जिला चिकित्सालय लाकर जांच, उपचार, ऑपरेशन एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।   मानवीय संवेदनशीलता और प्रशासनिक तत्परता का परिचय देते हुए सभी मरीजों का इलाज पूर्ण कराने के बाद उन्हें सुरक्षित घर वापस भेजने की व्यवस्था भी की गई। सुबह 6 बजे जिला अस्पताल में 4 एम्बुलेंस लगाकर मरीजों को नाश्ता कराया गया और फिर उन्हें उनके गांवों तक पहुंचाया गया। यह व्यवस्था इस बात का प्रमाण है कि शासन-प्रशासन दूरस्थ अंचलों के लोगों की स्वास्थ्य जरूरतों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें सम्मान और सुरक्षा के साथ इलाज उपलब्ध करा रहा है।

किसानों, श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के हित में मुख्यमंत्री साय की महत्वपूर्ण घोषणाएं: जलेश्वर महादेव धाम के विकास के साथ क्षेत्रीय अधोसंरचना को मिलेगा विस्तार

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड अंतर्गत डोंगरिया गांव पहुंचे, जहां उन्होंने प्रसिद्ध जलेश्वर महादेव धाम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया। मुख्यमंत्री  साय ने भगवान भोलेनाथ से प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, राज्यसभा सांसद मती लक्ष्मी वर्मा, विधायक पंडरिया मती भावना बोहरा, विधायक तखतपुर  धर्मजीत सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और श्रद्धालुगण उपस्थित थे।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराएं हमारी पहचान हैं। ऐसे पवित्र धाम केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने वाले प्रेरणा स्थल भी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं के विस्तार हेतु कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने क्षीरपानी जलाशय मध्यम परियोजना अंतर्गत 50 करोड़ की लागत से नहर विस्तारीकरण कार्य कराने की घोषणा की।  इस परियोजना से लगभग 1100 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा और किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री  साय ने जलेश्वर महादेव धाम के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा भी की। साथ ही उन्होंने खरहट्टा से डोंगरिया तक लगभग 2.5 किलोमीटर सड़क के उन्नयन कार्य की घोषणा करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम और सुविधाजनक होगा। उल्लेखनीय है कि कबीरधाम जिले के डोंगरिया गांव स्थित जलेश्वर महादेव धाम स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच अत्यंत पूजनीय स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां स्थित शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ है। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह शिवधाम विशेष रूप से सावन माह, सावन सोमवार और महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है। पहाड़ी और नदी-घाट के रमणीय वातावरण में स्थित यह धाम शिवभक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए विशेष पहचान रखता है।