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PM किसान की 23वीं किस्त का इंतजार खत्म, आज किसानों को मिलेगा बड़ा तोहफा

रायपुर. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के अंतर्गत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की दिशा में आज 20 जून 2026 को 23वीं किस्त जारी की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से दोपहर 3.45 बजे देशभर के पात्र किसानों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से राशि हस्तांतरित करेंगे। मुख्यमंत्री के साथ मंत्री बनेंगे चिंतन शिविर 3.0 का हिस्सा रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार शासन-प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। जुलाई के पहले सप्ताह में नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) में चिंतन शिविर 3.0 का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ प्रदेश के सभी मंत्री हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन, नीति निर्माण, जनसेवा, तकनीक और विकास से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ मंत्रियों को प्रशिक्षण देंगे।

साय कैबिनेट की अहम बैठक 23 जून को, किसानों से जुड़े मुद्दों पर होगी विशेष चर्चा

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 23 जून को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में मानसून की देरी को देखते हुए खरीफ सीजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। धान समेत अन्य फसलों की बुआई की स्थिति, किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा 13 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र की तैयारियों पर भी मंत्रिमंडल मंथन करेगा। बैठक में अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े प्रस्तावों और संशोधित नियमों को मंजूरी मिल सकती है। वहीं, शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के थोक तबादलों के लिए नई स्थानांतरण नीति पर भी कैबिनेट की मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।

CM साय आज जशपुर में, जैविक खेती को देंगे बढ़ावा; जनकल्याण शिविर में भी होंगे शामिल

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। CM साय सुबह करीब 11:30 बजे बगिया से कुनकुरी के पण्डरीपानी पहुंचेंगे। यहां वे जैविक खेती कार्यशाला, जनकल्याणकारी शिविर और भूमिपूजन व लोकार्पण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इसके बाद दोपहर ढाई बजे वे बेमताटोली जाएंगे, जहां उत्कल ब्राह्मण समाज सेवा समिति के सामाजिक भवन का भूमिपूजन करेंगे। दोपहर बाद CM साय गिनाबहार में निर्माणाधीन MCH, BPHU, चराईडांड में निर्माणाधीन 220 बिस्तर अस्पताल, फिजियोथेरेपी और नर्सिंग कॉलेज, सलियाटोली में निर्माणाधीन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और नालंदा परिसर का निरीक्षण करेंगे। सलियाटोली में पौने तीन बजे आयोजित ‘PM किसान उत्सव दिवस’ कार्यक्रम में शामिल होने के बाद, वे करीब 5:30 बजे अंबिकापुर के लिए रवाना हो जाएंगे।

आंधी-तूफान प्रभावित 474 परिवारों को 69 लाख रुपये से अधिक की राहत सहायता

रायपुर प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं से प्रभावित नागरिकों को राज्य आपदा मोचन निधि के तहत तत्काल अनुग्रह राशि और राहत सामग्री प्रदान की जाती है। जनहानि, गंभीर चोट, और घर या संपत्ति के नुकसान की स्थिति में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मंशानुरूप प्रभारी मंत्री  केदार कश्यप के निर्देशानुसार सुकमा जिले में हाल ही में आए भीषण आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की घटना के बाद जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाई। प्राकृतिक आपदा की सूचना मिलते ही कलेक्टर  अमित कुमार के निर्देशन में प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए गए। प्रभावित परिवारों तक पहुंची त्वरित राहत            राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के प्रावधानों के तहत आपदा प्रभावित नागरिकों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाकर जिले के 474 प्रभावित हितग्राहियों को कुल 69 लाख 32 हजार 700 रुपये की राहत राशि वितरित की गई। सबसे अधिक प्रभावित तोंगपाल क्षेत्र के परिवारों को प्राथमिकता देते हुए लगभग 36 लाख रुपये की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिली। पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा रहा प्रशासन            आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायजा लिया। जनहानि और पशुधन हानि से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी जरूरतमंद परिवार राहत और सहायता से वंचित न रहे। प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया गया कि संकट की इस घड़ी में शासन और प्रशासन उनके साथ खड़ा है। क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण की दिशा में पहल           आंधी-तूफान से जिले में 1,407 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन द्वारा क्षति का सर्वेक्षण कर पुनर्निर्माण और मरम्मत की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके साथ ही लगभग 2.5 करोड़ रुपये मूल्य की क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्तियों के सुधार और बहाली के लिए भी आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। तेजी से सामान्य हो रहा जनजीवन            प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, सतत निगरानी और मानवीय दृष्टिकोण के कारण प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन तेजी से सामान्य हो रहा है। राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि प्रभावित परिवार जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौट सकें। सुकमा जिला प्रशासन की यह पहल दर्शाती है कि आपदा की कठिन घड़ी में संवेदनशील शासन और त्वरित राहत व्यवस्था लोगों के लिए भरोसे और संबल का मजबूत आधार बन सकती है।

पत्नी को प्रताड़ित कर बाल काटे, कालिख पोती और मारपीट की; पुलिस ने आरोपी को दबोचा

अंबिकापुर कोरिया जिले के पटना थाना क्षेत्र में चरित्र शंका को लेकर पत्नी के साथ अमानवीय क्रूरता करने वाले आरोपी पति जितेंद्र सारथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मूलतः सूरजपुर जिले के ग्राम रुनियाडीह का रहने वाला है। पुलिस ने पहले बीएनएस की धारा 115(2), 351(2) और 85 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी, लेकिन हैवानियत का वीडियो सामने आने और पीड़िता को बच्चे से पेशाब कराने व खुद का पेशाब पिलाने की पुष्टि के बाद पुलिस पर दबाव बढ़ा। इसके बाद प्रकरण में धारा-123 भी जोड़ दी गई। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर 10 वर्ष तक के कठोर कारावास का प्रावधान है। वीडियो क्लिप सामने आने के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई पटना थाना प्रभारी प्रमोद पांडेय ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। इस बीच आरोपी द्वारा बनाई गई क्रूरता की वीडियो क्लिप सामने आ गई। वीडियो में पीड़िता के साथ हुई हैवानियत साफ दिख रही थी। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। मोबाइल भी जब्त किया गया है। क्या है पूरा मामला 20 वर्ष पहले प्रेम विवाह करने वाले दंपती के चार बच्चे हैं। पिछले 11 महीने से चरित्र शंका को लेकर विवाद चल रहा था। पति उसे छोड़कर बाहर चला गया था। पीड़िता मायके में रह रही थी। आर्थिक कठिनाइयों में साथ देने वाले व्यक्ति के घर बीते 14 जून को गई थी। आरोपी जितेंद्र सारथी, चारों बच्चों को लेकर वहां पहुंचा। आरोप है कि आरोपी ने बच्चों के सामने ही पत्नी के कपड़े फाड़कर मारपीट की। आधे बाल काट दिए। सिर पर ग्रीस-मोबिल ऑयल डालकर मुंडन कर दिया। चेहरे और शरीर पर कालिख पोती। इसके बाद एक बच्चे से महिला के ऊपर पेशाब कराया और खुद का पेशाब भी गिलास में लेकर बलपूर्वक पिलाया। पूरी वारदात का वीडियो बनाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। लगातार गाली-गलौज कर पत्नी को मर जाने के लिए दुष्प्रेरित किया। पीड़िता के मायके पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की थी।  

विद्युत वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी आधुनिक और उपभोक्ता हितैषी बनने की पहल

रायपुर स्मार्ट मीटर किसी राज्य सरकार की अलग योजना नहीं, बल्कि भारत सरकार की पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना के तहत पूरे देश में लागू की गई राष्ट्रीय पहल है। इसी योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और निर्धारित मानकों के अनुसार छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। राज्य सरकार इस केंद्रीय योजना का क्रियान्वयन करते हुए विद्युत वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और उपभोक्ता हितैषी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। केंद्र सरकार ने जुलाई 2021 में देशभर में स्मार्ट मीटरिंग योजना लागू करने का निर्णय लिया था। इसका उद्देश्य बिजली वितरण कंपनियों की कार्यक्षमता बढ़ाना, तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों में कमी लाना, बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारना तथा उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग की सुविधा उपलब्ध कराना है। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर परियोजना लागू करने का निर्णय  पूर्ववर्ती सरकार वर्ष 2022 में लिया गया था। परियोजना के लिए टेंडर जारी होने और कार्यादेश दिए जाने के बाद फरवरी 2024 से स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य प्रारंभ हुआ। वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पूर्व में जारी निविदाओं, अनुबंधों और कार्यादेशों के आधार पर ही परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रदेश में लगभग 55 लाख उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जाने का लक्ष्य है, जिनमें से करीब 40 लाख मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को कई सुविधाएं मिल रही हैं। बिजली की खपत का आंकड़ा हर 30 मिनट में उपलब्ध होता है, जिससे उपभोक्ता अपने उपयोग पर बेहतर निगरानी रख सकते हैं। मीटर रीडर द्वारा गलत रीडिंग दर्ज होने की संभावना समाप्त हो जाती है और बिलिंग अधिक सटीक होती है। इसके अलावा स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली भार, वोल्टेज और ऊर्जा खपत सहित अन्य तकनीकी आंकड़े वास्तविक समय में प्राप्त होते हैं। इससे विद्युत वितरण कंपनी को नेटवर्क की स्थिति का लगातार विश्लेषण करने, ओवरलोडिंग, वोल्टेज में उतार-चढ़ाव अथवा आपूर्ति संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने में सुविधा मिलती है। इसका लाभ अंततः उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के रूप में मिलता है। ऊर्जा विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटरिंग का उद्देश्य उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालना नहीं, बल्कि बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाना है। यह पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार की योजना और उसके दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की जा रही है।

विकसित भारत रोजगार योजना के तहत 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित, युवाओं और नियोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ

रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रोजगार सृजन, गरीब कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। प्रधानमंत्री के 12 वर्षों के कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। यह बात प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में कही। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका सीधा प्रसारण रायपुर स्थित एम्स ऑडिटोरियम में देखा गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत आज 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की। योजना के माध्यम से अब तक 15 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया तथा केंद्रीय राज्य मंत्री सुशोभा करांदलाजे भी उपस्थित रहीं। योजना के अंतर्गत पहली बार नौकरी प्राप्त करने वाले युवाओं को एक माह के वेतन के बराबर अधिकतम 15,000 रुपये तक की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रत्येक नई नियुक्ति पर अधिकतम 3,000 रुपये प्रतिमाह तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी, जिससे उद्योगों और संस्थानों में भर्ती को बढ़ावा मिलेगा। श्रम मंत्री देवांगन ने कहा कि 99 हजार 446 करोड़ रुपये के कुल व्यय वाली इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य अगले दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार का सृजन करना है। इनमें लगभग 1.92 करोड़ ऐसे लाभार्थी होंगे, जिन्हें पहली बार औपचारिक रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व में श्रम एवं रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। मंत्री देवांगन ने बताया कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति को उद्योग जगत का व्यापक समर्थन मिला है और इसके परिणामस्वरूप अब तक 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में रोजगार, गरीबी उन्मूलन और आर्थिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू नई औद्योगिक नीति में युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री मोदी लगातार नवाचार आधारित योजनाएं लागू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में एनआईटी, आईआईटी, आईआईएम और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं। उद्योग विभाग को इन संस्थानों के युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष पहल करनी चाहिए। नगरनार और बैलाडीला जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में भी प्रशिक्षित युवाओं के लिए व्यापक रोजगार संभावनाएं उपलब्ध हैं। कार्यक्रम में कर्मचारी भविष्य संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय के प्रमुख जयवर्धन इंगले ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उपस्थित अतिथियों ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली से प्रसारित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भी सुना।

150वीं जयंती वर्ष पर डोंडराही में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के विकासखंड बगीचा के ग्राम डोंडराही में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि यह स्थल अब “बिरसा मुंडा चौक” के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन अन्याय, शोषण और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने जनजातीय अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन आज भी जनजातीय समाज सहित पूरे देश को अपने अधिकारों, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लेकर जनजातीय नायकों के योगदान को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री  साय ने क्षेत्र के विकास एवं सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न निर्माण कार्यों हेतु कुल 37 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने बैगाटोली कर्मा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपये, कुदमुरा नांदो टोली में रंगमंच निर्माण हेतु 8 लाख रुपये, कुदमुरा पतराटोली (डिबा टोली) में सांस्कृतिक मंच निर्माण के लिए 7 लाख रुपये तथा केशव घर के समीप स्थित हनुमान मंदिर परिसर में मंच निर्माण के लिए 7 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। जनजातीय विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के 6,661 गांव इस योजना में शामिल हैं, जहां सड़क, पेयजल, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु का देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचना जनजातीय समाज के सम्मान और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने जशपुर को जनजातीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए कहा कि यहां स्थित अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम देशभर में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को ढाई वर्षों के भीतर पूरा किया है। सरकार गठन के 24 घंटे के भीतर 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिनमें से 10 लाख 60 हजार से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य दिया जा रहा है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की जा रही है। किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस भी प्रदान किया गया है।उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है तथा रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा दर्शन योजनाओं से हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। डिजिटल सेवाओं और जनसुविधाओं का विस्तार मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 6,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ हो चुके हैं, जहां आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। भविष्य में प्रत्येक पंचायत में यह सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की गई है, जिसमें शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की सतत निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए संचालित मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की जानकारी देते हुए कहा कि बकाया बिजली बिलों पर अधिभार पूरी तरह माफ किया जा रहा है।  कार्यक्रम में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री  योगेश बापट ने भी भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर पद्म जागेश्वर यादव, विधायक मती गोमती साय एवं मती रायमुनी भगत, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष  शंभूनाथ चक्रवर्ती, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष  यशप्रताप सिंह जूदेव, अन्य जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

टीबी उन्मूलन लक्ष्य पर जोर, जे.पी. नड्डा ने मुख्य सचिवों और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ की चर्चा

रायपुर केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  जे.पी. नड्डा ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये नई दिल्ली से देश के सभी राज्यों के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रियों से टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर व्यापक चर्चा की। छत्तीसगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंस से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने भाग लिया और उन्होंने टीबी मुक्त भारत के तहत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।           स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में तेजी से कई गांव एवं ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हुए है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव  विकासशील भी छत्तीसगढ़ से शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंस में सभी राज्यों के मुख्य सचिव भी शामिल हुए।                 नड्डा ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के लिए हम सभी केन्द्र एवं राज्यों की सरकारें आपसी समन्वय से कार्य कर रहे है। टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को सभी के सहयोग से पूरा कर लिया जाएगा। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने टीबी के मरीजों की तेजी से पहचान करने, इलाज में नियमिता, हाई रिस्क वाले क्षेत्रों में मरीजों की जांच एवं ईलाज तथा त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना जरूरी है। इसी तरह से जनप्रतिनिधियों के सहयोग एवं जनसहभागिता से कार्य करने पर बल दिया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अधिकारी भी शामिल हुए।

91 करोड़ से अधिक की लागत से 34 एकड़ में बन रहा इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने आज अपने रायगढ़ प्रवास के दौरान पुसौर विकासखंड के ग्राम लोहरसिंग में बन रहे इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के स्थल का निरीक्षण किया। वहां कुछ दिनों पहले ही इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के प्रशासनिक भवन, छात्रावास, स्टॉफ-रूम एवं पहुंच मार्ग का काम शुरू हुआ है।  साव ने कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समयावधि में पूर्ण गुणवत्ता के साथ इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए।  रायगढ़ में 91 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 34 एकड़ में इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। यहां फुटबॉल, एथलेटिक्स, इनडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल, हॉकी और तीरंदाजी सहित 18 खेलों की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उप मुख्यमंत्री  साव ने कार्यस्थल के निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को प्राक्कलन के अनुसार समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य संपादित करने के निर्देश दिए।   साव ने रायगढ़ के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की सहायक संचालक मती प्रतिमा सागर को जिले में खेल संघों का गठन कर इनके माध्यम से खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने समय-समय पर इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले रायगढ़ जिले के खिलाड़ियों को विशेष रूप से सहयोग प्रदान करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  साव ने निरीक्षण के दौरान कहा कि यह आधुनिक खेल परिसर रायगढ़ और पूरे क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा। हमारा लक्ष्य ऐसा विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना विकसित करना है, जहां राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं हो सके। यह सर्वसुविधायुक्त इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जिले में खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, रायगढ़ नगर निगम के आयुक्त  बृजेश सिंह छत्री और लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता  अमित कश्यप भी निर्माणाधीन इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।