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वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने शेयर किया खास वीडियो, बोले- झालमुड़ी के साथ जीत का मजा

रायपुर. बंगाल की 293 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। शुरुआती रुझान में भाजपा को बहुमत मिला है। भाजपा 194 और टीएमसी 93 सीटों पर आगे चल रही है। बंगाल में भाजपा की जीत पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सोशल मीडिया पर बंगाल के लोकप्रिय स्ट्रीट फूड ‘झालमुड़ी’ खाते हुए वीडियो पोस्ट किया है। इस मौके पर उनके बंगले के बाहर लोगों को भी मुफ्त में झालमुड़ी खिलाया गया। मंत्री चौधरी ने पोस्ट में लिखा है कि बचपन से झालमुड़ी मेरा पसंदीदा रहा है। झालमुड़ी के साथ जीत का स्वाद…। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज झालमुड़ी के माध्यम से बंगाल समेत पूरे देश की जनता को कनेक्ट करने का काम किया इसीलिए देश की जनता ऐसे नेतृत्व को आशीर्वाद देती है। झालमुड़ी खास तौर पर बंगाल की पहचान मानी जाती है, अब यह सिर्फ एक खाद्य पदार्थ नहीं बल्कि लोगों के बीच जुड़ाव और सादगी का प्रतीक बनता दिख रहा है।

निर्माणाधीन पंचायत भवन में भोजन के साथ साथ मुख्यमंत्री साय लेते रहे योजनाओं का फीडबैक

रायपुर. सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में एक बेहद आत्मीय और संवेदनशील दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय निर्माणाधीन पंचायत भवन के औचक निरीक्षण के दौरान सीधे श्रमिकों के बीच पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान उनका यह दौरा केवल कार्यों की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आमजन के साथ उनके सहज जुड़ाव और संवेदनशील नेतृत्व का जीवंत उदाहरण बन गया। मुख्यमंत्री के अचानक पहुंचने से वहां कार्यरत श्रमिकों में उत्साह का माहौल बन गया और सभी ने उनका आत्मीय स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान वहां काम कर रही महिला श्रमिकों ने मुख्यमंत्री को बड़े स्नेह और आग्रह के साथ दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया। इस सादगी भरे निमंत्रण को मुख्यमंत्री ने तुरंत स्वीकार किया और मुस्कुराते हुए उनसे पूछा कि वे खाने में क्या लेकर आई हैं। महिलाओं ने बताया कि वे अपने घर से पारंपरिक भोजन- बोरे बासी, पान पुरवा रोटी, चना भाजी, चरोटा भाजी, मुनगा बड़ी और आमा (आम) की चटनी लेकर आई हैं। यह सुनकर मुख्यमंत्री ने उसी सहजता से उनके साथ भोजन करने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री साय श्रमिकों के बीच जमीन पर बैठ गए और उनके टिफिन से ही भोजन ग्रहण किया। बोरे बासी और आमा चटनी का स्वाद लेते हुए उन्होंने कहा कि यह भोजन उनकी अपनी जीवनशैली और संस्कृति से जुड़ा हुआ है। भोजन के दौरान श्रमिक बहनों से बात करते हुए मुख्यमंत्री साय ने शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत को भी समझने का प्रयास किया। उन्होंने श्रमिक महिलाओं से महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी ली। महिलाओं ने भी खुले मन से अपने अनुभव साझा किए, जिससे मुख्यमंत्री को योजनाओं की वास्तविक स्थिति का सीधा फीडबैक मिला। मुख्यमंत्री ने जब गांव की प्रमुख समस्याओं के बारे में पूछा, तो महिलाओं ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण पेयजल की समस्या लगातार बनी रहती है। बोरवेल और हैंडपंप लंबे समय तक कारगर नहीं रह पाते, जिससे गर्मी के दिनों में पानी की दिक्कत और अधिक बढ़ जाती है। इस समस्या को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और तत्काल समाधान की दिशा में पहल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कलेक्टर से पेयजल व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने बताया कि क्षेत्र के 26 गांवों के लिए एक विशेष पेयजल योजना तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत दूरस्थ जल स्रोतों से पाइपलाइन के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की योजना है। यह योजना तकनीकी रूप से तैयार है और इसे जल्द ही क्रियान्वित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश देते हुए कहा कि इस योजना को यथाशीघ्र स्वीकृति प्रदान कर धरातल पर कार्य शुरू किया जाए, ताकि ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाएं समय पर और प्रभावी रूप से आमजन तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि हमारी सुशासन सरकार जनसमस्याओं के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

अचानक गांव पहुंचे CM साय, हेलिकॉप्टर लैंड कर पेड़ तले लगाई चौपाल

कवर्धा. प्रदेशभर में आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सुशासन तिहार कार्यक्रम जारी है. अभियान के तहत मुख्यमंत्री साय लोगों के बीच पहुंचकर योजनाओं का फीडबैक ले रहे हैं. साथ ही फरियादों की समस्याओं को सुन रहे हैं. आज सीएम का हेलिकॉप्टर अचानक कवर्धा जिले के पंडरिया तहसील के कुई-कुकदूर में उतरा. सीएम साय के आगमन पर स्थानीय विधायक भावना बोहरा समेत भाजपा नेताओं ने गमछा भेंटकर स्वागत किया. भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. कलेक्टर, एसपी, डीएफओ सहित आला अधिकारी मौजूद है.  पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों की सुनएंगे समस्याएं मुख्यमंत्री सबसे पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के एक हितग्राही के घर पहुंचकर उनसे सीधा संवाद करेंगे और योजनाओं की जमीनी स्थिति का फीडबैक लेंगे. इसके बाद वे कमराखोल गांव में आम के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधे चर्चा करेंगे. इस दौरान सीएम ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे और प्रदेश व केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे. साथ ही अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा सकते हैं कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. 1 मई से 10 जून तक सुशासन तिहार  सुशासन तिहार के तहत 1 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे. ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह और शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर लगाए जाएंगे. इन शिविरों में न केवल जन समस्याओं का समाधान किया जाएगा, बल्कि शासन की योजनाओं के प्रति जन-जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी. पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी. शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति से अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए हैं.

बैठक में गरजे CM साय: अधूरी रिपोर्ट पर PWD अधिकारी को लगाई कड़ी फटकार

रायपुर. विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के तहत बलरामपुर प्रवास के दौरान समीक्षा बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया. समीक्षा बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग के एक अधिकारी द्वारा सड़क मरम्मत की सही जानकारी नहीं देने पर मुख्यमंत्री ने कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिया कि मीटिंग से बाहर जाकर सही जानकारी लेकर आइए. इस घटनाक्रम के बाद बैठक में सन्नाटा छा गया और यह संदेश साफ हो गया कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी. सीएम ने अधिकारियों के बीच यह स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े कामों को समय और प्राथमिकता के साथ पूरा किए जाए.  समय सीमा से पूरे हों काम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का विकास सड़कों से ही दिखाई देता है, इसलिए मानसून से पहले सभी सड़कों की मरम्मत अनिवार्य रूप से पूरी की जाए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आबादी वाले क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता दी जाए और समय-सीमा में काम पूरा किया जाए, अन्यथा सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें. उन्होंने प्रशासनिक अमले को संबोधित करते हुए कहा कि सभी अपने कार्यालयों को “सेवा तीर्थ” मानें, जहां जनता की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता हो. साथ ही कलेक्टरों को अपने अधीनस्थ अधिकारियों के काम का नियमित मूल्यांकन करने और जरूरत पड़ने पर कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. जल्द शुरू होगी सीएम हेल्पलाइन मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य के राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा, जिससे नागरिकों को खसरा-नक्शा डिजिटल हस्ताक्षर के साथ घर बैठे मिल सकेगा. इसके अलावा “मुख्यमंत्री हेल्पलाइन” भी जल्द शुरू की जाएगी, जहां टोल फ्री नंबर पर आमजन अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे. बैठक में उन्होंने DMF फंड के उपयोग को लेकर भी सख्त निर्देश दिए और कहा कि इसका उपयोग केवल खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास में ही किया जाए.

क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी! RCB-KKR मैच के टिकट आज से मिलेंगे

रायपुर. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के रायपुर में होने वाले पहले होम मैच, जो 10 मई को मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ खेला जाएगा, की टिकट बिक्री ऑनलाइन शुरू हो गई है. वहीं, 13 मई को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ होने वाले दूसरे मैच के टिकट कल यानी 4 मई से उपलब्ध होंगे. दोनों मुकाबले शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले जाएंगे. फैंस टिकट RCB की वेबसाइट https://shop.royalchallengers.com/ticket पर खरीद सकते हैं. टिकट विभिन्न श्रेणियों में उपलब्ध होंगे, जिससे प्रशंसकों को कई विकल्प मिलेंगे. नॉन-हॉस्पिटैलिटी स्टैंड्स के टिकट ₹2,500 और ₹3,500 में उपलब्ध होंगे, जबकि हॉस्पिटैलिटी टिकट ₹8,000 में उपलब्ध रहेंगे. प्रत्येक यूजर अधिकतम चार टिकट खरीद सकता है. व्हाट्सएप पर आएगा m-ticket टिकट को ‘My Tickets’ सेक्शन के माध्यम से दोस्तों और परिवार के साथ साझा किया जा सकता है, जिसमें सीट चुनकर प्राप्तकर्ता का मोबाइल नंबर जोड़ना होगा. m-ticket व्हाट्सऐप के जरिए भेजा जाएगा और इसे केवल एक बार (मैच शुरू होने से छह घंटे पहले तक) ट्रांसफर किया जा सकता है. स्टेडियम में रहेंगी ये सुविधाएं सुरक्षित और सुगम मैच डे अनुभव सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं. स्टेडियम में दो मेडिकल कमांड सेंटर, छह फर्स्ट एड सेंटर और छह एम्बुलेंस तैनात रहेंगी. गेट दोपहर 3:30 बजे खुलेंगे, जबकि मैच शाम 7:30 बजे शुरू होंगे. पार्किंग के लिए छह निर्धारित ज़ोन बनाए गए हैं, जिनकी एंट्री संबंधित गेट्स से जुड़ी होगी. कुछ वस्तुएं, जैसे खतरनाक सामग्री, प्रतिबंधित सामान और बाहर का खाना-पीना स्टेडियम के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी. पूरी सूची के लिए प्रशंसकों को अपने टिकट का संदर्भ लेने की सलाह दी गई है. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के सीईओ बोले… रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के सीईओ राजेश मेनन ने कहा, ”हम रायपुर में ये मैच आयोजित कर बेहद खुश हैं और छत्तीसगढ़ के प्रशंसकों को एक यादगार मैच अनुभव देने के लिए उत्साहित हैं. हमें पूरे भारत में प्रशंसकों का जबरदस्त समर्थन मिलता है और टीम को देश के अलग-अलग हिस्सों में ले जाकर उनसे जुड़ना हमेशा खास होता है. इन मैचों के आयोजन में सहयोग के लिए हम छत्तीसगढ़ सरकार, छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ और बीसीसीआई का आभार व्यक्त करते हैं और हमने सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर प्रशंसकों के लिए एक सहज और आनंददायक अनुभव सुनिश्चित करने के लिए काम किया है.” बता दें, टॉस से पहले एक छोटा प्री-मैच एंटरटेनमेंट सेगमेंट भी आयोजित किया जाएगा. टिकट से संबंधित किसी भी प्रश्न के लिए प्रशंसक 8884864040 पर संपर्क कर सकते हैं।

साय बोले—बंगाल-असम में BJP की सरकार तय, PM मोदी के नेतृत्व पर जनता का बढ़ा विश्वास

रायपुर. प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चार राज्य और एक केंद्रशासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव परिणामों की पूर्व संध्या पर भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत का भरोसा जताया है. मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से असम और पश्चिम बंगाल में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनने का दावा किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी सोमवार को आने वाले परिणाम को लेकर बेहद आशान्वित है. मुख्यमंत्री साय ने कहा, कल चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव के परिणाम आने हैं और हम लोग बहुत आशावान हैं. दो राज्यों- पश्चिम बंगाल और असम में निश्चित रूप से भारतीय जनता पार्टी की स्पष्ट बहुमत की सरकार बना रही है. अन्य राज्यों में भी एनडीए की मजबूत स्थिति की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने गठबंधन की सफलता का दावा कर कहा, उन्होंने स्वयं केरल का दौरा किया और वहां के अनुभवों को साझा करते हुए कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोगों का विश्वास बढ़ा है, जिसका लाभ एनडीए को मिलेगा. मुख्यमंत्री साय ने उन सभी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया जो छत्तीसगढ़ से दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए गए थे. पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल पर चर्चा करते हुए सीएम साय ने कहा, वहां की जनता वर्तमान ममता बनर्जी सरकार और टीएमसी के कामकाज से असंतुष्ट है. बंगाल में इस बार परिवर्तन की लहर चल रही है और जनता का जनसैलाब भाजपा के पक्ष में उमड़ रहा है.

अनुमति के बिना प्रदर्शन पड़ा भारी, ग्रामीण कांग्रेस के 8 नेता हिरासत में

भिलाई. उतई पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन के मामले में दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर समेत 8 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की। इन्होंने मासूम से अनाचार के मामले में पिछले माह प्रदर्शन किया था। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल द्वारा अनुमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने कहा गया, जो उपलब्ध नहीं कराया गया। पुलिस ने बताया, 12 अप्रैल की शाम मिनीमाता चौक पर 50-60 लोगों ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। पुतला दहन के दौरान ड्यूटी पर तैनात आरक्षक गिरधारी मंडावी के दोनों हाथ, आरक्षक अविनेश प्रताप सिंह के दाहिने हाथ एवं आरक्षक टिकेंद्र साहू को आंख के पास चोट आई। पुलिस ने जिलाध्यक्ष समेत पूर्व पार्षद प्रहलाद वर्मा, नेता प्रतिपक्ष द्वारिका प्रसाद साहू, धर्मेंद्र बंजारे, सत्यप्रकाश कौशिक, लोचन यादव और दिवाकर गायकवाड़ को गिरफ्तार किया। सभी को मुचलके पर छोड़ दिया गया।

खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी! 6 करोड़ में हॉकी स्टेडियम का एस्ट्रोटर्फ होगा अपग्रेड

राजनांदगांव. हॉकी की नर्सरी कहे जाने वाले राजनांदगांव के अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम की हालत सुधरने वाली है। चार महीने पहले राज्य सरकार द्वारा इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम के अपग्रेडेशन के लिए मंजूर किए गए 6.04 करोड़ रुपए के कामों के टेंडर को लेकर स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। ऐसे में अब जल्द ही स्टेडियम में काम शुरू हो जाएगा। जिससे खिलाड़ियों को भविष्य में बेहतर टर्फ में खेलने की सुविधा मिलेगी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा स्पीकर एवं स्थानीय विधायक डॉ. रमन सिंह के प्रयासों के बाद शासन से यह स्वीकृति मिली थी। खेल और युवा कल्याण विभाग के अनुसार इन पैसों का इस्तेमाल एस्ट्रोटर्फ बदलने, नई इमारत बनाने और स्टेडियम की कुल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अंदरूनी सड़कों को सुधारने में किया जाएगा। इस अपग्रेड से स्टेडियम के आधुनिक होने और खिलाड़ियों को ट्रेनिंग के बेहतर मौके मिलने की उम्मीद है।

सड़कें सरकार का असली विकास, बारिश से पहले सभी रास्ते बिना समस्या के होंगे: मुख्यमंत्री

सरकार का विकास सड़क से ही दिखता है, बारिश के पहले कोई भी रोड ऐसी न हो जिससे लोगों को दिक्कत हो: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने सही जानकारी नहीं होने पर PWD के अधिकारी को फटकार लगाई और कहा कि *मीटिंग से निकलकर बाहर जाओ और अपने सचिव से बात करके सही जानकारी बताओ। हम सभी को अपने अपने कार्यालयों को सेवा तीर्थ समझना है, ये सेवा करने के मंदिर हैं: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने जिले में अपने अधीनस्थ अधिकारियों के काम का मूल्यांकन करें कलेक्टर, जरूरत पड़ने पर करें कठोर कार्रवाई मुख्यमंत्री हेल्प जल्द होगी शुरू, टोल फ्री नंबर पे दर्ज होगी समस्या: मुख्यमंत्री रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार में बलरामपुर प्रवास के दौरान आयोजित समीक्षा बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सख्त संदेश दिया।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की। बैठक के दौरान उस समय स्थिति गंभीर हो गई, जब लोक निर्माण विभाग का एक अधिकारी सड़क मरम्मत की सही जानकारी प्रस्तुत नहीं कर पाया। इस पर मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा, “मीटिंग से बाहर जाइए, अपने सचिव से बात करिए और सही जानकारी लेकर आइए।” इसके बाद बैठक कक्ष में सन्नाटा छा गया और यह स्पष्ट हो गया कि अब कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम सभी जनता के सेवक हैं और अपने-अपने कार्यालयों को सेवा तीर्थ की तरह देखें, जहां आम जनता की सेवा ही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।  मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार का विकास सबसे पहले सड़कों पर दिखाई देता है, इसलिए मानसून आने से पहले एक भी सड़क खराब नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि सभी सड़कों की मरम्मत समय-सीमा में पूर्ण की जाए और विशेष रूप से आबादी क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने घोषणा की कि राज्य के सभी राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा, जिससे नागरिकों को खसरा-नक्शा डिजिटल हस्ताक्षर के साथ घर बैठे उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही “मुख्यमंत्री हेल्पलाइन” सेवा भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी, जिसमें टोल फ्री नंबर के माध्यम से आमजन अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।  मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि राजस्व मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री ने जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) निधि के उपयोग पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस निधि की अधिकतम राशि खनन प्रभावित गांवों के विकास में खर्च की जानी चाहिए। मुख्यालय के नाम पर इस राशि का उपयोग स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने बलरामपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में खनिज संसाधनों के बेहतर और पारदर्शी उपयोग के निर्देश भी दिए।   मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए भटकना न पड़े और जहां आवश्यकता हो, वहां टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गर्मी और बारिश के बीच संभावित मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी करने को कहा, साथ ही किसानों के लिए धान, बीज और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के आचरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आम जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना जाए और समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों के कार्यों का नियमित मूल्यांकन करें और आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई से भी न हिचकें।   बैठक में जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद सरगुजा चिंतामणि महाराज, विधायक सामरी श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, विधायक प्रतापपुर श्रीमती शकुंतला पोर्ते तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनि निकुंज सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

वन मंत्री केदार कश्यप ने चिल्फी और सरोधा दादर की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की

 रायपुर : चिल्फी और सरोधा दादर की प्राकृतिक सुंदरता से अभिभूत हुए वन मंत्री केदार कश्यप छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के बैगा एथनिक रिजॉर्ट की सराहना भोरमदेव अभ्यारण्य के शुभारंभ पर किया प्रवास  रायपुर छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा संचालित बैगा एथनिक रिजॉर्ट (सरोधा दादर) में प्रवास के दौरान राज्य के उभरते पर्यटन स्थलों की मुक्तकंठ से सराहना की। भोरमदेव अभयारण्य के शुभारंभ के अवसर पर पहुंचे मंत्री कश्यप ने यहाँ एक दिवसीय रात्रि विश्राम किया और चिल्फी घाटी सहित सरोधा दादर की मनमोहक प्राकृतिक छटा का आनंद लिया। मेडिटेशन के लिए उपयुक्त       कश्यप ने कहा कि सरोधा दादर का वातावरण इतना सुकून, शांतिपूर्ण और स्फूर्तिदायक है कि यहाँ एक दिन का प्रवास भी कम प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि यह स्थान मेडिटेशन के लिए उपयुक्त है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि यहाँ का मौसम और नैसर्गिक परिवेश मानसिक शांति, योग और ध्यान के लिए सर्वथा उपयुक्त है। पर्यटन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि नवाचार और सतत विकास के कारण छत्तीसगढ़ अब राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। मंत्री कश्यप ने बताया कि सरोधा दादर जैसे स्थलों का विकास न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि स्थानीय जनजातीय संस्कृति और जीवनशैली को भी वैश्विक मंच प्रदान कर रहा है। बैगा एथनिक रिजॉर्ट की विशेषता       मंत्री कश्यप ने रिजॉर्ट की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ आने वाले पर्यटकों को प्रकृति के सानिध्य में पारंपरिक जनजातीय जीवनशैली का एक अनूठा और जीवंत अनुभव प्राप्त होता है। प्रवास के अंत में उन्होंने संकेत दिया कि वे शीघ्र ही पुनः इस शांत और सुरम्य स्थल का भ्रमण करेंगे। यह प्रवास क्षेत्र में पर्यटन विकास की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।