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आर्थिक तंगी के बावजूद झारखंड के वेटलिफ्टर बाबूलाल हेम्ब्रम एक-एक मेडल से बना रहे हैं अपनी पहचान

आर्थिक तंगी से जूझते हुए झारखंड के वेटलिफ्टर बाबूलाल हेम्ब्रम एक-एक मेडल के साथ बना रहे हैं अपनी पहचान  खेलो इंडिया एथलीट बाबूलाल हेम्ब्रम झारखंड के केरिबांदा गांव से आते हैं 2024 में 49 किग्रा वर्ग में खेलो इंडिया यूथ गेम्स का स्वर्ण पदक जीत चुके हैं, साथ ही एशियाई और विश्व युवा चैंपियनशिप में भी पदक हासिल किए अब सीनियर सर्किट में भारत का प्रतिनिधित्व करने पर नजर रायपुर जब पूर्व आर्मी कोच गुरविंदर सिंह ने बाबूलाल हेम्ब्रम को उनकी शारीरिक बनावट के आधार पर अन्य खेल छोड़कर वेटलिफ्टिंग अपनाने की सलाह दी, तब झारखंड के रामगढ़ जिले के केरिबांदा गांव के इस किशोर के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी—इस खेल को जारी रखने के लिए पैसे जुटाना।  लेकिन हार मानने के बजाय बाबूलाल ने निर्माण स्थलों पर बांस की लकड़ियों और लोहे की रॉड से अभ्यास शुरू किया। बाद में उन्होंने झारखंड स्टेट स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी (JSPS) के कोचिंग सेंटर में दाखिला लिया, जिसके लिए उन्हें रोज़ 60 किलोमीटर का सफर तय कर कोच गुरविंदर के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेना पड़ता था।      बाबूलाल, जिन्होंने यहां आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता ने कहा, “2018 में जब मैंने इस खेल को अपनाया, वह समय मेरे लिए बहुत कठिन था। हमारे पास ट्रेनिंग के लिए उपकरण और किट खरीदने के पैसे नहीं थे, इसलिए मैं बांस और लोहे की रॉड से ही अभ्यास करता था। फिर जीएसपीएस और अपने कोच का साथ मिला और आज मैं यहां हूं।”     19 वर्षीय बाबूलाल, जो पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं, ने बताया, “मेरी मां एक स्थानीय स्कूल में रसोइया हैं और पिता छोटे-मोटे काम करते हैं। आर्थिक स्थिति हमेशा चुनौतीपूर्ण रही है। लेकिन मुझे भरोसा है कि खेलो इंडिया जैसे आयोजनों में मिल रही सफलता से हमारी स्थिति बदलेगी।”       बाबूलाल हेम्ब्रोम ने उम्र-आधारित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले ही अपनी छाप छोड़ी है। 2024 में उन्होंने चेन्नई में आयोजित खेलो इंडिया यूथ गेम्स में 49 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद उन्होंने आईडब्ल्यूएफ़ वर्ल्ड यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप और एशियन जूनियर एवं यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी पदक हासिल किए। अब बाबूलाल सीनियर सर्किट में कदम रख रहे हैं और बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भारतीय टीम में जगह बनाने का लक्ष्य रख रहे हैं। फिलहाल वह पटियाला में राष्ट्रीय शिविर का हिस्सा हैं।                बाबूलाल ने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में यह रजत पदक मेरे लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है कि मैं सही दिशा में जा रहा हूं। राष्ट्रीय शिविर में लौटकर मैं अपने कोच से भविष्य के लक्ष्यों पर चर्चा करूंगा और उसी के अनुसार तैयारी करूंगा। मेरा सपना है कि मैं कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करूं।”

Revenue Surge! दुर्ग निगम रोज कमा रहा 50 लाख, फाइनेंशियल ईयर एंड में पूरी ताकत झोंकी

दुर्ग. वर्तमान वित्तीय वर्ष के अंतिम सप्ताह में राजस्व वसूली पर निगम प्रशासन ने पूरा जोर लगा दिया है। रोजाना 50 लाख की वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वैसे सभी टैक्स को मिलकर इस बार वसूली का लक्ष्य 47 करोड़ रुपए है। इनमें संपत्ति कर करीब 30 करोड़ आंकी गई है। जानकारी के मुताबिक अब तक 23 करोड़ संपत्ति कर की वसूली हुई है। निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने राजस्व विभाग के सभी अधिकारियों को तय समय में शत प्रतिशत राजस्व वसूली किए जाने के सख्त निर्देश दिए हैं। यही वजह है कि पिछले 10 दिनों में रोजाना अच्छी खासी राजस्व की वसूली की जा रही है। वर्तमान वित्तीय वर्ष का मात्र 4 दिन शेष है। इसमें भी अवकाश आड़े आ रहा है, नगर निगम प्रशासन ने अवकाश के दिनों में भी काउंटर खोले जाने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम दुर्ग द्वारा शहर के समस्त करदाताओं को सूचित किया जाता है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पूर्व संपत्ति कर / अन्य निगम कर जमा करने हेतु अब केवल अंतिम 4 दिन शेष रह गए हैं। निगम प्रशासन द्वारा करदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है, जिसके अंतर्गत नगर निगम परिसर के टैक्स निरंतर शनिवार-रविवार खुले रखे जा रहे हैं, ताकि नागरिक बिना किसी असुविधा के अपना कर जमा कर सकें। अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने बताया कि कर संग्रहण को सुचारू एवं व्यवस्थित बनाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है तथा काउंटरों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। नागरिकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए समय-समय पर व्यवस्था का निरीक्षण भी किया जा रहा है, जिससे करदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। पेनाल्टी एवं फाइन से बचे राजस्व अधिकारी आर. के. बोरकर ने कहा है कि समय सीमा के भीतर कर जमा करने से करदाता अनावश्यक पेनाल्टी एवं फाइन से बच सकते हैं, वहीं अंतिम तिथि के पश्चात निगम द्वारा नियमानुसार दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी, जिसमें जुर्माना, अधिभार एवं अन्य विधिक कार्रवाई शामिल हो सकती है। करदाता अपना टैक्स ऑनलाइन घर बैठे जमा कर सकते है।

Agniveer Recruitment 2026: निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग शुरू, अप्लाई करने की आखिरी तारीख 1 अप्रैल

बालोद. बालोद. छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में भारतीय थलसेना में अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। छत्तीसगढ़ रोजगार विभाग द्वारा पात्र अभ्यर्थियों को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे लिखित परीक्षा की बेहतर तैयारी कर सकें। यह पहल युवाओं को सेना में शामिल होने के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जिला रोजगार अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अग्निवीर भर्ती के लिए इच्छुक अभ्यर्थी 1 अप्रैल तक आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद चयन प्रक्रिया के अगले चरण शुरू होंगे। जून में संभावित है कॉमन एंट्रेंस एग्जाम सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के अनुसार, पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए 1 से 10 जून के बीच ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। ऐसे में अभ्यर्थियों के पास तैयारी के लिए सीमित समय है, जिसे देखते हुए यह निःशुल्क कोचिंग बेहद उपयोगी साबित होगी। रोजगार विभाग देगा फ्री ऑनलाइन कोचिंग छत्तीसगढ़ रोजगार विभाग द्वारा अग्निवीर भर्ती के लिए पंजीकृत अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा की तैयारी हेतु निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग प्रदान की जाएगी। इसमें विषयवार मार्गदर्शन, मॉडल पेपर और परीक्षा पैटर्न की जानकारी दी जाएगी, जिससे अभ्यर्थियों को परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी। जो अभ्यर्थी इस निःशुल्क कोचिंग का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें पहले भारतीय थलसेना में अग्निवीर भर्ती के लिए पंजीयन कराना होगा। इसके बाद वे छत्तीसगढ़ रोजगार विभाग को कोचिंग के लिए आवेदन भेज सकते हैं। साथ ही, ऑनलाइन आवेदन करने से पहले रोजगार कार्यालय में पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें इस संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थी जिला रोजगार कार्यालय, बालोद से संपर्क कर सकते हैं। कार्यालय के दूरभाष क्रमांक 07740-299509 पर कॉल कर भी आवश्यक मार्गदर्शन लिया जा सकता है। युवाओं के लिए बेहतर अवसर यह पहल उन युवाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जो आर्थिक कारणों से कोचिंग नहीं ले पाते। निःशुल्क प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें समान अवसर मिलेगा और वे सेना में भर्ती होकर देश सेवा का अपना सपना पूरा कर सकेंगे।

कक्षा 9 में प्रवेश का मौका: प्रयास आवासीय विद्यालयों के लिए आवेदन शुरू, 10 मई को परीक्षा

रायपुर. मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना अंतर्गत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि इच्छुक विद्यार्थी 17 अप्रैल 2026 तक विभागीय वेबसाइटhttps://eklavya.cg.nic.in/ पर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन भरे गए आवेदनों में 18 अप्रैल से 21 अप्रैल 2026 तक त्रुटि सुधार भी कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्राक्चयन परीक्षा का आयोजन 10 मई 2026 को किया जाएगा। उक्त संबंध में अधिक जानकारी सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट स्कूली शिक्षा के साथ-साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग, सीए, सीएमए, एनडीए, क्लैट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है।

CM साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कमिश्नर, आईजी और कलेक्टरों के साथ की बड़ी बैठक

पेट्रोलियम पदार्थों और गैस सिलेंडरों की उपलब्धता पर ले रहे हैं जानकारी पेट्रोलियम पदार्थों और गैस की पर्याप्त उपलब्धता, अफवाहों पर न दें ध्यान परिस्थिति का फायदा लेकर आवश्यक वस्तु की कालाबाजारी करने वालों पर हो कड़ी करवाई रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों, आईजी, कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। यह बैठक मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में उपजी वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए बुलाई गई थी, ताकि राज्य में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित न हो। बता दें कि मुख्यमंत्री ने बैठक में रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल और खेती के लिए उर्वरकों की उपलब्धता की बारीकी से जांच की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन चीजों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए ताकि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। दरअसल, बैठक में भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग पर भी चर्चा की गई है। मैदानी सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को लेकर कड़े तेवर दिखाए हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट कहा है कि बाजार में सामानों की कमी को लेकर फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर तुरंत एक्शन लिया जाए। मुख्यमंत्री ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यापारी या बिचौलिया जमाखोरी या कालाबाजारी के जरिए कृत्रिम संकट पैदा करने की कोशिश करता है, तो उस पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि इस महत्वपूर्ण बैठक में खाद्य, कृषि, परिवहन और ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तेल विपणन कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। शासन की कोशिश है कि वैश्विक तनाव के बावजूद छत्तीसगढ़ के बाजारों में जरूरी सामानों की आपूर्ति और कीमतें सामान्य बनी रहें।  

अब गांव में ही सुलझेंगे जमीन विवाद: पटवारी आपके द्वार पहुंचेंगे

जिले में राजस्व पखवाड़ा का मेगा प्लान जारी अब गांव में ही होगा जमीन विवादों का हलः पटवारी पहुंचेंगे आपके द्वार मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए प्रशासन ने एक बड़ा और प्रभावी कदम उठाया है। “राजस्व पखवाड़ा” के तहत विस्तृत ग्रामवार शेड्यूल जारी कर दिया गया है, जिससे अब ग्रामीणों को अपनी जमीन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस अभियान के तहत तहसील मनेन्द्रगढ़ सहित जिले के 100 से अधिक गांवों में शिविर लगाए जाएंगे, जहां पटवारी और राजस्व अमला मौके पर ही समस्याओं का समाधान करेंगे। तीन चरणों में चलेगा अभियान राजस्व पखवाड़ा को तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा: 01 से 15 अप्रैल 2026 04 से 18 मई 2026 01 से 15 जून 2026 प्रत्येक गांव के लिए अलग-अलग तिथियां तय की गई हैं, ताकि अधिकतम ग्रामीणों को लाभ मिल सके। सैकड़ों गांवों में पहुंचेगा प्रशासन घोषित कार्यक्रम के अनुसार मनेन्द्रगढ़ तहसील के उजियारपुर, बरबसपुर, राधारमणनगर, सोनवर्षा, नवापारा, महाराजपुर, अमृतधारा, चैनपुर, परसगढ़ी, पिपरिया, लालपुर, शंकरगढ़, खोंगापानी, मनेन्द्रगढ़ सहित कई गांवों में शिविर आयोजित होंगे। जिलेभर में यह अभियान व्यापक स्तर पर संचालित होगा: भरतपुर तहसील: 108 ग्राम केल्हारी तहसील: 74 ग्राम कोटाडोल तहसील: 75 ग्राम चिरमिरी तहसील: 16 ग्राम खड़गवां तहसील: 44 ग्राम _कुल मिलाकर 376 ग्राम पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे। _मौके पर होगा हर समस्या का समाधान। इस विशेष अभियान में निम्न राजस्व मामलों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाएगा: _नामांतरण (Mutation) _बंटवारा _सीमांकन _भू-अभिलेख सुधार _ऋण पुस्तिका _फौती नामांतरण साथ ही ग्रामीणों को उनके अधिकारों और राजस्व प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक भी किया जाएगा। पटवारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी कलेक्टर के निर्देशन में तैयार इस मेगा प्लान के तहत जिले के कई पटवारियों और राजस्व अधिकारियों को ग्रामवार जिम्मेदारी दी गई है, जो तय तिथियों पर गांवों में पहुंचकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे। प्रशासन की अपील जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने-अपने गांव में निर्धारित तिथि पर आयोजित शिविर में पहुंचकर इस जनहितकारी अभियान का अधिकतम लाभ उठाएं। लक्ष्य साफ है “समस्या का समाधान गांव में ही” और ग्रामीणों को राहत देना।

पश्चिम एशिया की स्थिति पर CM साय की आज समीक्षा बैठक, जरूरी वस्तुओं और कानून-व्यवस्था पर होगा चर्चा

CM साय आज लेंगे उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक: पश्चिम एशिया की स्थिति के मद्देनज़र आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और कानून-व्यवस्था पर रहेगा फोकस रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज 28 मार्च को प्रातः 11:00 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, पुलिस आयुक्त रायपुर, सभी कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेंगे। यह बैठक वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर पश्चिम एशिया में उत्पन्न स्थिति को ध्यान में रखते हुए आयोजित की जा रही है, ताकि राज्य में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था सुचारु रूप से बनी रहे और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में रसोई गैस (LPG), पेट्रोल, डीजल एवं उर्वरकों की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग और संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी, ताकि दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री साय कानून-व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा करेंगे और अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसी भी प्रकार की जमाखोरी, कालाबाजारी या कृत्रिम संकट उत्पन्न करने की कोशिशों पर तत्काल प्रभाव से कड़ी कार्रवाई की जाए। बैठक में खाद्य, उद्योग, कृषि, खनिज, परिवहन, तेल विपणन कंपनियों (OMCs) एवं ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।

वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री देवांगन ने

रायपुर वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री  देवांगन ने कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 61.82 लाख की लागत से निर्मित रैन बसेरा का किया लोकार्पण वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन द्वारा आज कोरबा स्थित स्व.  बिसाहू दास महंत स्मृति मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एसईसीएल के सीएसआर मद से 61.82 लाख रुपये की लागत से निर्मित सर्वसुविधायुक्त आश्रयालय का लोकार्पण किया।  वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री  देवांगन ने कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 61.82 लाख की लागत से निर्मित रैन बसेरा का किया लोकार्पण  कार्यक्रम में मंत्री  देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्यरत है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल को 4.50 करोड़ रुपये की अत्याधुनिक जांच मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि 50 बिस्तर क्षमता वाला क्रिटिकल केयर यूनिट 16.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन है, जो शीघ्र ही पूर्ण होगा। इसी प्रकार कैजुअल्टी भवन के ऊपरी तल पर 100 बिस्तरों वाले नए वार्ड का निर्माण लगभग 3 करोड़ रुपये में जारी है। गर्मी से मरीजों व परिजनों को राहत दिलाने के उद्देश्य से अस्पताल में 83 एयर कंडीशनर लगाए जा रहे हैं।      मंत्री ने कहा कि 40 बिस्तरों की क्षमता वाला आई वार्ड लगभग 1 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से जल्द प्रारंभ किया जाएगा। नवजात शिशुओं हेतु 6 बिस्तरों का विशेष वार्ड तैयार किया गया है। साथ ही सीएसआर एवं डीएमएफ फंड से सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन की खरीद की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जिसके बाद जिलेवासियों को अत्याधुनिक उपचार सुविधाएँ मिलेंगी। उन्होंने कहा कि नए आश्रयालय (रैन-बसेरा) के शुरू होने से मरीजों के परिजनों को ठहरने में अब किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ समय पर उपलब्ध हों।      कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं महापौर मती संजू देवी राजपूत ने कहा कि सुशासन की सरकार एवं केबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों में कोरबा में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की गई है। इस अवसर पर सभापति  नूतन ठाकुर तथा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डीन डॉ. के.के. सहारे उपस्थित रहे।

33/11 केवी उपकेन्द्र निर्माण की रखी गई आधारशिला, 12 गांव होंगे लाभान्वित

रायपुर उप मुख्यमंत्री ने ग्राम जैतपुरी में 5.20 लाख रुपए के सीसी रोड निर्माण की घोषणा की रामनवमी के शुभ अवसर पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के ग्राम जैतपुरी में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी सौगात देते हुए 2 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 33/11 के.व्ही., 5 एम.वी.ए. क्षमता के नवीन विद्युत उपकेन्द्र का विधिवत भूमि पूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस उपकेन्द्र के स्थापित होने से जैतपुरी सहित आसपास के 12 गांवों के करीब 1 हजार 750 से अधिक उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें गुणवत्तापूर्ण, नियमित एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध हो सकेगी। वर्षों से लो वोल्टेज, बार-बार बिजली बाधित होने और लंबी फीडर लाइन की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रवासियों को राहत मिलेगी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने ग्राम जैतपुरी में 5 लाख 20 हजार रुपए के सीसी रोड निर्माण की घोषणा की।  उप मुख्यमंत्री ने ग्राम जैतपुरी में 5.20 लाख रुपए के सीसी रोड निर्माण की घोषणा की           उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार गांव और वनांचल क्षेत्रों के विकास पर भी पूरा ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि यह नया बिजली उपकेन्द्र बनने से क्षेत्र में बिजली की समस्या दूर होगी और विकास तेजी से बढ़ेगा। अब लोगों को लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली जाने की परेशानी से राहत मिलेगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बिजली व्यवस्था स्थायी रूप से बेहतर हो जाएगी।          उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने बताया कि इस उपकेन्द्र में 5 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा तथा यहां से 3 अलग-अलग 11 केवी फीडर निकाले जाएंगे, जिससे आसपास के 12 गांव सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। इस व्यवस्था से क्षेत्र में वोल्टेज की समस्या दूर होगी, जिससे किसानों को विशेष रूप से राहत मिलेगी और कृषि कार्य के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। इस दौरान उन्होंने  प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य  भगत पटेल,  नितेश अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, जनपद उपाध्यक्ष  नंद वास,  लोकचंद साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। 2.98 करोड़ रुपए की लागत से होगा निर्माण, विकास को मिलेगी नई दिशा         विकासखंड कवर्धा के ग्राम जैतपुरी में नवीन 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र का निर्माण कार्य प्रारंभ होने से क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी और क्षेत्रवासियों के लिए सुविधाओं का विस्तार करेगी। ग्राम जैतपुरी में लगभग 2 करोड़ 98 लाख रुपए की लागत से उपकेन्द्र का निर्माण किया जाएगा। इसमें 5 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की क्षमता बढ़ेगी। 12 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ            ग्राम जैतपुरी में स्थापित होने वाला यह नया विद्युत सबस्टेशन क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को मजबूत करेगा। इसके माध्यम से जैतपुरी, सिंघनपुरी, लालपुर, तारो, खैरबना, धनडबरा, बटालियन, मंडलाकोना, हाथीडोब सहित कुल 12 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा, जहां लंबे समय से लो वोल्टेज और अनियमित बिजली की समस्या बनी हुई थी। इस उपकेन्द्र से उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा और क्षेत्र में नियमित, गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। 1750 से अधिक उपभोक्ताओं को मिलेगी बेहतर बिजली          नए सब स्टेशन के निर्माण से लगभग 1750 से अधिक उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी। वर्तमान में 8 गांवों की बिजली आपूर्ति जोरताल सबस्टेशन से संचालित 11 केवी खैरबना फीडर के माध्यम से होती है। खैरबना फीडर की लंबाई लगभग 40 किलोमीटर है, जिस पर पीक सीजन में 120 एम्पियर तक लोड रहता है। इसके कारण अंतिम छोर के गांवों में लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है, जिससे विशेषकर कृषि पंप उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही, लंबी लाइन होने के कारण बार-बार फाल्ट और बिजली बाधित होने की समस्या भी सामने आती है। इस समस्या से अब निजात मिलेगा और गांव के लोगों को राहत मिलेगी।

कर्नाटक का स्वर्णिम प्रदर्शन, तैराकी में पूर्ण वर्चस्व

रायपुर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के तीसरे दिन कर्नाटक ने अंतर्राष्ट्रीय स्विमिंग पूल में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। कर्नाटक 10 से अधिक स्वर्ण पदक जीतने वाला पहला राज्य बन गया है। तीसरे दिन के अंत तक कर्नाटक को कुल 13 स्वर्ण, 5 रजत और 1 कांस्य पदक हो गए हैं, जिनमें सभी स्वर्ण पदक तैराकी स्पर्धाओं से प्राप्त हुए हैं। मणिकांता एल का जलवारू अकेले जीते आठ स्वर्ण          कर्नाटक के स्टार तैराक मणिकांता एल ने लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तीसरे दिन दो स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किए। अब तक वे कुल आठ स्वर्ण पदक जीतकर प्रतियोगिता के सबसे सफल खिलाड़ी बन चुके हैं और कर्नाटक की बढ़त को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पदक तालिका में प्रतिस्पर्धा तेज          पदक तालिका में ओडिशा 6 स्वर्ण, 2 रजत और 9 कांस्य के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है, जबकि असम 2 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य पदकों के साथ तीसरे स्थान पर है। मेजबान छत्तीसगढ़ 3 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 6 पदकों के साथ त्रिपुरा के साथ संयुक्त रूप से सातवें स्थान पर बना हुआ है। मेजबान छत्तीसगढ़ का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन         मेजबान छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने तीसरे दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य के लिए एक रजत और दो कांस्य पदक जीते। अनुष्का भगत ने महिलाओं की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में रजत पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपना तीसरा रजत हासिल किया, जबकि निखिल जाल्को ने पुरुषों की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में कांस्य पदक जीता। वहीं न्यासा पैकरा ने 100 मीटर बटरफ्लाई में कांस्य पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश ने खोला स्वर्ण खाता तीसरे दिन महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना स्वर्ण खाता खोला। महाराष्ट्र की तन्वी धुर्वे ने महिलाओं की 100 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की, जबकि अरुणाचल प्रदेश की अनाई वांगसू ने 58 किग्रा वर्ग में तथा रिचिन चोंगरुजू ने 79 किग्रा वर्ग में वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया। तैराकी स्पर्धाओं में रोमांचक मुकाबले तैराकी स्पर्धाओं में खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। महिलाओं की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में कर्नाटक की मेघांजलि ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि छत्तीसगढ़ की अनुश्का भगत को रजत प्राप्त हुआ। पुरुष वर्ग में मणिकांता एल ने 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और 100 मीटर बटरफ्लाई में स्वर्ण जीतकर शानदार प्रदर्शन किया, वहीं 50 मीटर फ्रीस्टाइल में कर्नाटक के धूनीश एन ने स्वर्ण पदक हासिल किया। वेटलिफ्टिंग में दमदार प्रदर्शन         वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अरुणाचल प्रदेश की अनाई वांगसू ने 169 किलोग्राम वजन उठाकर 58 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जबकि ओडिशा की बिदु स्मिता भोई ने 63 किग्रा वर्ग में 195 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। पुरुष वर्ग में मिजोरम के एमएच सिलवान बेहरोथतलो ने 71 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीता, जबकि अरुणाचल प्रदेश के रिचिन चोंगरुजू ने 79 किग्रा वर्ग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। देशभर से खिलाड़ियों की भागीदारी          खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के प्रथम संस्करण में 30 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3800 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती सहित कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर हैं, जबकि मल्लखंभ एवं कबड्डी प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल हैं। आगे और रोमांचक मुकाबलों की उम्मीद         तीन दिनों के बाद 14 राज्यों ने कम से कम एक पदक जीत लिया है, जबकि 6 राज्यों ने स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। प्रतियोगिता के आगामी दिनों में और अधिक रोमांचक एवं प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबलों की उम्मीद जताई जा रही है।