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श्री रमेन डेका और श्री विष्णुदेव साय ने 10वीं-12वीं परीक्षा के टॉपर छात्रों को किया सम्मानित

रायपुर. प्रशस्ति पत्र और डेढ़-डेढ़ लाख की सम्मान राशि से 239 विद्यार्थी सम्मानित राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 10वीं एवं 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। ये 2024 एवं 2025 के टॉप 10 मेधावी और विशेष पिछडी जनजाति के टॉप 01 विद्यार्थी है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।   लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित इस प्रतिभा सम्मान समारोह में पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना के तहत विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।  प्रशस्ति पत्र और डेढ़-डेढ़ लाख की सम्मान राशि से 239 विद्यार्थी सम्मानित इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बोर्ड परीक्षाएं हमारे जीवन के लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रथम सीढ़ी है। आपने एक पड़ाव पार किया है अब अगले पड़ाव की ओर जा रहे है। जहां एक ओर इस सफलता की प्रेरणा आपको नवीन ऊर्जा के साथ प्रगति का रास्ता प्रशस्त करती है और वहीं यह सम्मान अन्य विद्यार्थियों को मेहनत, लगन एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।  राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपार संभावनाओं का प्रदेश है। ‘‘धान का कटोरा‘‘ कहा जाने वाला हमारा राज्य अब शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति बहुत उन्नत है। हमें अपने राज्य की सनातन संस्कृति पर गर्व का भाव होना चाहिए।  श्री डेका ने कहा कि विद्यार्थी आईआईटी, नीट की परीक्षा देकर इंजीनियरिंग और मेडिकल मे जाना चाहते है लेकिन सभी को सफलता नहीं मिलती है। इसके लिए निराश होने की जरूरत नहीं हैं। नए-नए विषय है जहां आप कैरियर की ऊची उड़ान भर सकते है। धैर्य के साथ आगे बढ़े। गिरना बडी बात नहीं है गिर कर खड़े होना महत्वपूर्ण है। सपना बड़ा होना चाहिए। सपनें को पूरा करने के लिए साधना और अभ्यास करना होता है। उन्होंने मौलिकता और नवाचार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के बच्चें शिक्षा में आगे बढ़ रहे है, यह बहुत सराहनीय है।    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों से कहा कि आप सभी हमारे देश एवं प्रदेश के भविष्य हो। आप लोगों के कंधे पर देश की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आज जो सफलता आप सभी छात्रों को मिली है निश्चित ही इस सफलता के पीछे आपके शिक्षक गुरुओं एवं माता पिता के आशीर्वाद है। उनके आशीर्वाद के बिना यह संभव नहीं है। इस दौरान उन्होंने सभी प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट प्रदर्शन और बसंत पंचमी पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा हम सब पर सदैव मां सरस्वती का आशीर्वाद बना रहें। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने बताया कि सत्र 2024 एवं 2025 के 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के 239 मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन स्वरूप मेडल, प्रशस्ति पत्र और प्रत्येक विद्यार्थी को डेढ़-डेढ़ लाख की राशि सीधे उनके खाते में दी गई है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को दिए इस प्रोत्साहन सेे शिक्षा के प्रति उनका रूझान बढ़ेगा और दूसरे विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम में वर्ष 2024 के 110 और वर्ष 2025 के 129  टापर विद्यार्थियों को पुरस्कार दिए गए। हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल के प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल प्रदान किया गया साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों को भी पुरस्कृत किया गया। स्वागत उद्बोधन छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु जी. पिल्ले ने दिया एवं आभार प्रदर्शन सचिव श्रीमती पुष्पा साहू ने किया।  इस अवसर पर विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री आशाराम नेताम, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।  

नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों की बड़ी जीत, धमतरी में 9 इनामी नक्सलियों ने IG के समक्ष डाले हथियार

धमतरी जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान को आज एक बड़ी और निर्णायक सफलता मिली है। आईजी अमरेश मिश्रा और धमतरी एसपी सूरज सिंह परिहार के समक्ष आज एक साथ 9 सक्रिय हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 05 महिला और 04 पुरुष नक्सली शामिल हैं। ये सभी लंबे समय से सीतानदी क्षेत्र सहित नगरी, मैनपुर और गोबरा इलाकों में सक्रिय थे और कई घटनाओं में शामिल रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली प्रतिबंधित संगठन ओडिशा स्टेट कमेटी के धमतरी–गरियाबंद–नुआपाड़ा डिवीजन से जुड़े हुए थे और संगठन में डीवीसीएम, एसीएम, एसडीके एरिया कमेटी कमांडर एवं डिप्टी कमांडर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे हैं। इन सभी नक्सलियों पर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने बड़ी संख्या में हथियार और सामग्री भी सुरक्षा बलों को सौंपी। इन नक्सलियों ने किया सरेंडर     ज्योति उर्फ जैनी उर्फ रेखा डीव्हीसीएम सीतानदी एरिया कमेटी सचिव, 08 लाख के इनामी     उषा उर्फ बालम्मा डीव्हीसीएम टेक्निकल (डीजीएन), 08 लाख के इनामी     रामदास मरकाम उर्फ आयता उर्फ हिमांशु, पूर्व गोबरा एलोएस कमांडर / वर्तमान नगरी एसीएम, 05 लाख के इनामी     रोनी उर्फ उमा सीतानदी एरिया कमेटी कमांडर, 05 लाख के इनामी     निरंजन उर्फ पोदिया सीनापाली एससीएम टेक्निकल (डीजीएन), 05 लाख के इनामी     सिंधु उर्फ सोमड़ी एसीएम, 05 लाख के इनामी     रीना उर्फ चिरो एसीएम सीनापाली एरिया कमेटी / एलजीएस, 05 लाख के इनामी     अमीला उर्फ सन्नी एसीएम / मैनपुर एलजीएस, 05 लाख के इनामी     लक्ष्मी पूनेम उर्फ आरती उषा की बॉडी गार्ड, 01 लाख के ईनामी नक्सलियों ने सौंपा ये हथियार     इंसास राइफल – 02     एसएलआर राइफल – 02     कार्बाइन – 01     भरमार बंदूक – 01     कुल राउंड – 67     मैगजीन – 11     वॉकी-टॉकी (रेडियो सेट) – 01     अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री पुलिस दबाव और पुनर्वास नीति का दिखा असर धमतरी पुलिस, डीआरजी, राज्य पुलिस बल और सीआरपीएफ द्वारा चलाए जा रहे निरंतर नक्सल विरोधी अभियानों, बढ़ते दबाव और शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने हिंसा और विनाश का रास्ता छोड़ने का फैसला किया। पुलिस द्वारा दूरस्थ नक्सल प्रभावित गांवों में पोस्टर, बैनर, पाम्फलेट, आत्मसमर्पित नक्सलियों की अपील और सिविक एक्शन कार्यक्रमों के जरिए लगातार संदेश पहुंचाया जा रहा था। युवाओं को जोड़ने के लिए खेल प्रतियोगिताएं भी कराई गईं, जिसका सकारात्मक असर दिखा। खोखली विचारधारा से हुआ मोहभंग आत्मसमर्पित नक्सलियों ने बताया कि संगठन की खोखली विचारधारा, जंगलों में लगातार कठिन जीवन, शासन की पुनर्वास सुविधाएं और पहले आत्मसमर्पण कर चुके साथियों के सुरक्षित व खुशहाल जीवन से प्रेरित होकर उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। नगरी एरिया कमेटी, सीतानदी एरिया कमेटी, मैनपुर एलजीएस और गोबरा एलओएस के इन सक्रिय नक्सलियों के आत्मसमर्पण में धमतरी पुलिस, डीआरजी, राज्य बलों और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई और रणनीति की अहम भूमिका रही। आईजी अमरेश मिश्रा ने कहा, जिले को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में अभियान लगातार जारी रहेगा। अन्य सक्रिय माओवादियों से भी आत्मसमर्पण की अपील की जा रही है।

खदानें बढ़ीं, समस्याएं नहीं घटीं: माइनिंग के विरोध में ग्रामीण एकजुट

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी  छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल और नक्सल प्रभावित मानपुर ब्लॉक के खड़गांव थाना क्षेत्र में स्थित भिलाई स्टील प्लांट (सेल) की दुलकी लौह अयस्क खदान को लेकर ग्रामीणों और प्रबंधन के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है. भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन ने लीज क्षेत्र में लौह अयस्क की उपलब्धता का आकलन करने के लिए एक्सप्लोरेटरी ड्रिलिंग की अनुमति ग्राम सभा के माध्यम से मांगी है, लेकिन वन प्रबंधन समिति और स्थानीय ग्रामीण फिलहाल इस अनुमति के खिलाफ खड़े हो गए हैं. इसी सिलसिले में खड़गांव थाना क्षेत्र के ग्राम दौरबा में ग्रामीणों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें ड्रिलिंग कार्य के विरोध में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया. बैठक में वन प्रबंधन समिति बोदरा के सचिव रामकुमार सलामे, ग्रामीण महिला बिमला सलामे सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक ड्रिलिंग और खदान से जुड़ी सड़कों के उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी. ग्रामीणों का आरोप है कि खनन कंपनियां केवल खनिज दोहन में रुचि दिखा रही हैं, जबकि नियमों के तहत क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास अपेक्षित स्तर पर नहीं हुआ है. ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि ड्रिलिंग के दौरान होने वाले जमीनी कंपन से गांवों में मकानों को नुकसान पहुंच सकता है. इसके अलावा खदानों से निकलने वाले लाल पानी से खेतों और फसलों पर भविष्य में खतरा मंडराने की बात भी कही गई. ग्रामीणों के अनुसार इन्हीं कारणों से फिलहाल वन प्रबंधन समिति से मांगी गई ड्रिलिंग अनुमति देने पर सहमति नहीं बनी है. हालांकि यह भी तय किया गया कि जल्द ही आसपास के प्रभावित गांवों की मौजूदगी में ग्राम सभा आयोजित कर अंतिम फैसला लिया जाएगा. ग्रामीणों ने कंपनी और प्रशासन के अधिकारियों से भी ग्राम सभा में पहुंचकर क्षेत्रीय विकास और खदान संचालन को लेकर खुली चर्चा करने की अपील की है. इस पूरे मामले पर कलेक्टर तूलिका प्रजापति ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन को अनुमति की प्रक्रिया प्रशासन के माध्यम से करनी थी. उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ग्राम पंचायत और BSP प्रबंधन की संयुक्त बैठक बुलाकर यह जानने का प्रयास करेगा कि समस्या कहां है और ग्रामीणों को किस बात पर आपत्ति है. कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि चर्चा के जरिए समाधान निकालते हुए प्रशासन और कंपनी से अपेक्षित विकास सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा. दो दशक पहले शुरू हुआ खनन, विकास अब भी नदारद गौरतलब है कि मानपुर ब्लॉक के खड़गांव थाना क्षेत्र में पिछले दो दशकों में तीन लौह अयस्क खदानें स्थापित हुई हैं. वर्ष 2002 में पल्लेमाड़ी शारदा, 2014 में गोदावरी और 2017 में भिलाई स्टील प्लांट की दुलकी माइंस शुरू हुई. खदानों के संचालन के बाद क्षेत्रवासियों को उम्मीद थी कि नियमों के अनुसार कंपनियां बुनियादी सुविधाओं के विकास में योगदान देंगी, लेकिन दो दशक बाद भी ग्रामीण विकास से वंचित होने का दावा कर रहे हैं. बैठक के दौरान बोदरा गांव की एक वृद्ध महिला ने छत्तीसगढ़ी में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “सड़क नई दे, न बिजली नई दे, मैं तो कहात-कहात हार गेंव… अब मर जहूं घला,” यानी न सड़क मिली, न बिजली—मांग करते-करते थक गई हूं. वहीं ग्रामीण महिला बिमला सलामे ने कहा कि चारों ओर पहाड़ और जंगल से घिरे उनके गांव के तीन तरफ पहले ही खदानें खुल चुकी हैं. अब यदि शेष बचे जंगल-पहाड़ क्षेत्र में भी खनन हुआ तो वनोपज, जो उनकी आजीविका का मुख्य साधन है, वह भी छिन जाएगा.

रायपुर :राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने अवैध रेत खनन और परिवहन के मामलों में सख्ती दिखाई

रायपुर  जिले में लंबे समय से चल रहे अवैध रेत खनन और परिवहन के मामलों को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। एनजीटी के निर्देश पर खनन माफिया पर कार्रवाई नहीं करने वाले अफसरों पर अब शिकंजा कसा गया है। मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए जिला मजिस्ट्रेट और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के प्रतिनिधि संयुक्त रूप से जांच करेंगे और 42 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। जिला खनिज विभाग ने बीते एक वर्ष में रेत, मुरुम, गिट्टी और फर्शी पत्थर के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के मामलों में कार्रवाई करते हुए 1,132 वाहनों को पकड़ा। साथ ही पोकलेन और चेन माउंटेन सहित करीब 40 मशीनें जब्त की गईं। इन प्रकरणों में कुल तीन करोड़ 85 लाख रुपये का अर्थदंड वसूला गया। इसके बावजूद किसी भी गंभीर मामले में कठोर कार्रवाई नहीं की गई। अधिकांश मामलों में मौके पर जुर्माना वसूल कर प्रकरण समाप्त कर दिया गया और एनजीटी को भेजा ही नहीं गया। एनजीटी के स्पष्ट निर्देश एनजीटी ने कहा है कि अवैध रेत खनन केवल राजस्व की चोरी नहीं, बल्कि गंभीर पर्यावरणीय खतरा है। ऐसे मामलों में सिर्फ वाहन जब्ती या जुर्माना पर्याप्त नहीं है। दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति भी अनिवार्य है। इसी आधार पर एनजीटी ने सीईसीबी के सदस्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि अवैध रेत खनन में संलिप्त व्यक्तियों और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए और 42 दिनों के भीतर रिपोर्ट एनजीटी की केंद्रीय पीठ, भोपाल में प्रस्तुत की जाए। मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल 2026 को तय की गई है। वाहन जब्त, माफिया पर असर नहीं एनजीटी के न्यायिक सदस्य श्यो कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल की पीठ ने टिप्पणी की कि खनिज विभाग ने अवैध परिवहन में लगे कई वाहन जब्त किए, लेकिन वास्तविक अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कुछ मामलों को आधिकारिक फाइलों से हटाने की बात भी सामने आई है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिम्मेदारों की अनदेखी एनजीटी ने पाया कि जिला खनिज विभाग के संज्ञान में मामला आने के बाद भी संबंधित अधिकारियों ने कार्रवाई के बजाय अनदेखी की। इसी कारण सीईसीबी के सदस्य सचिव, खनिज विभाग के उप निदेशक छत्तीसगढ़ और जिला खनन अधिकारी रायपुर को प्रतिवादी बनाया गया है। नियमों की अवहेलना नियमों के अनुसार स्वीकृत क्षेत्र से बाहर खनन, भारी मशीनों का उपयोग, नदी प्रवाह से छेड़छाड़ और पर्यावरण क्षति जैसे मामलों में एफआइआर दर्ज करना अनिवार्य है। अवैध खनन गंभीर अपराध है, जिसमें दो से पांच साल की सजा और पांच लाख रुपये या उससे अधिक का जुर्माना हो सकता है। इसके अतिरिक्त एनजीटी द्वारा पर्यावरणीय क्षति के लिए अलग से भारी मुआवजा भी लगाया जाता है, इसके बावजूद जिला स्तर पर मामलों को एनजीटी तक नहीं भेजा गया। हरदीडीह एनीकट का मामला हरदीडीह एनीकट का गेट बार-बार खोलकर खनन करने का खुलासा नईदुनिया ने किया था। यहां रेत खदान में प्रदेश हाईवा परिवहन संघ के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल द्वारा खनन का मामला सामने आया। खबर के अगले ही दिन नदी में चेन माउंटेन उतारकर फिर से अवैध खनन शुरू हो गया। न एफआइआर दर्ज हुई और न ही मशीनें पूरी तरह जब्त की गईं। खनिज विभाग ने प्रकरण बनाया, लेकिन तीन चेन माउंटेन और एक पनडुब्बी मशीन मौजूद होने के बावजूद कार्रवाई केवल एक चेन माउंटेन और पनडुब्बी मशीन तक सीमित रही। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के दतिया में इसी तरह के मामले में एनजीटी ने 17 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।

रायपुर में आज मौसम में बदलाव, सुबह धुंध, दिन में गर्मी, रात में ठंड, उत्तरी हिस्सों में बढ़ेगी ठंड

रायपुर  छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक ठंड से राहत मिलने का अनुमान जताया है। हालांकि, इसके बाद एक बार फिर ठंड का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे रात की ठंड से कुछ राहत मिलेगी। इसके बाद उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, हालांकि बाद में मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। छत्तीसगढ़  में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश में लगातार तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सुबह के समय ठंडक बढ़ रही है, जबकि दोपहर में हल्की गर्मी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 48 घंटों में प्रदेश में ठंड बढ़ने की संभावना है, क्योंकि उत्तर दिशा से आ रही सर्द हवाओं का असर तेज हो रहा है। अगले 48 घंटे में बढ़ेगी ठंड मौसम विभाग ने बताया कि उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। ठंड के साथ हल्की धुंध देखने को मिल सकती है, लेकिन घने कोहरे की संभावना फिलहाल नहीं जताई गई है। तापमान का हाल हाल के दिनों में न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.5 डिग्री अधिक था। वहीं दिन का अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से ऊपर रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज न्यूनतम तापमान करीब 14 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 25 साल का रिकॉर्ड टूटा इस बार जनवरी का महीना छत्तीसगढ़ में काफी ठंडा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर छत्तीसगढ़ में तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले 25 वर्षों में सबसे कम तापमान में से एक माना जा रहा है। पूरे जनवरी माह में ठंड का असर सामान्य से ज्यादा रहा है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है, इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है।

झारखंड शराब घोटाले में CBI का हाथ खींचना, रायपुर जोनल ऑफिस ने किया इंकार, HCमें सुनवाई होगी अगले हफ्ते

रायपुर झारखंड में सामने आए करोड़ों रुपये के शराब घोटाले की जांच को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। छत्तीसगढ़ की तर्ज पर दर्ज इस मामले की जांच से केंद्रीय जांच ब्यूरो ने हाथ खींच लिए हैं। सीबीआइ के रायपुर जोनल कार्यालय ने इस प्रकरण की जांच करने से इन्कार कर दिया है। इससे संबंधित सीबीआइ का पत्र छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान पेश किया गया, जिसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह तय की है। यह मामला रांची निवासी विकास सिंह की शिकायत से जुड़ा है, जिसके आधार पर झारखंड-छत्तीसगढ़ शराब घोटाले को लेकर छत्तीसगढ़ में प्रकरण दर्ज किया गया था। वर्तमान में इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय और छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा की जा रही है। हाई कोर्ट में तीन याचिकाएं लंबित ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज प्राथमिकी से संबंधित इस प्रकरण में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में तीन याचिकाएं विचाराधीन हैं। इनमें झारखंड के तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे, संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह और शिकायतकर्ता विकास सिंह की याचिकाएं शामिल हैं। इन याचिकाओं पर मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार अग्रवाल की खंडपीठ में सुनवाई हुई। महाधिवक्ता ने कोर्ट में रखा सीबीआइ का पत्र सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने न्यायालय के समक्ष सीबीआइ रायपुर के हेड ऑफ ब्रांच द्वारा भेजे गए पत्र की प्रति प्रस्तुत की। पत्र में बताया गया कि छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव की ओर से भेजा गया जांच संबंधी पत्र सीबीआइ ने वापस कर दिया है, क्योंकि एजेंसी इस मामले की जांच करने के लिए इच्छुक नहीं है। महाधिवक्ता ने कहा कि वे मामले के मेरिट पर अदालत के समक्ष पक्ष रखना चाहते हैं। इस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई में दलीलें सुनने का निर्णय लिया।  

बलौदाबाजार प्लांट में हादसा, 6 मजदूर जलकर मरे, कंपनी ने 20 लाख की मदद की घोषणा, कांग्रेस करेगी जांच

बलौदाबाजार  बलौदाबाजार जिले के भाटापारा क्षेत्र के बकुलाही गांव में स्थित एक निजी इस्पात स्पंज आयरन फैक्ट्री(Chhattisgarh Steel Plant Blast) में गुरुवार सुबह भीषण विस्फोट होने से कम से कम छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घटना की खबर मिलने पर क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। 10 बजे की है घटना घटना सुबह करीब 10 बजे उस समय हुई, जब फैक्ट्री के स्पंज आयरन प्लांट के कोल कीलन में अचानक जोरदार धमाका हो गया। इसकी चपेट में आए अधिकांश मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी चीख-पुकार से पूरा परिसर गूंज उठा। प्राप्त जानकारी के अनुसार विस्फोट इतना भयानक था कि आसपास काम कर रहे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। मौके पर दमकल, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत पहुंच गए और घायलों को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और कुछ की हालत नाजुक है। पुलिस ने दर्ज किया मामला पुलिस ने पूरे मामले में केस दर्ज कर आधिकारिक जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री की तकनीकी खराबी या मशीनरी में दबाव वृद्धि को विस्फोट का संभावित कारण बताया जा रहा है। अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और घायलों के बेहतर इलाज की भी बात कही है। भाटापारा के ग्रामीणों और मजदूर संगठनों ने इस हादसे को सुरक्षा मानकों की उपेक्षा का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि कारखानों में सुरक्षा उपायों की कमी अनेक बार जानलेवा साबित हो चुकी है और इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना की हाई-लेवल जांच की जाए : भूपेश बघेल पूर्व सीएम बघेल ने आगे लिखा कि हम सरकार और प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि घायलों को सही इलाज दिया जाए. हम यह भी मांग करते हैं कि मरने वालों के परिवारों को सही मुआवजा दिया जाए, घटना की हाई-लेवल जांच की जाए और इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. हालांकि विष्णु देव साई की छत्तीसगढ़ सरकार ने अभी तक किसी भी पीड़ित के लिए कोई एक्स-ग्रेसिया अनाउंस नहीं किया है. मुख्यमंत्री ने क्या कहा? सीएम विष्णु देव साय ने लिखा है कि "बलौदा बाजार के बकुलाही स्थित स्पंज आयरन फैक्ट्री में हुए भयावह विस्फोट की घटना अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है. इस हादसे में 6 श्रमिकों की असमय मृत्यु हो गई, जबकि 5 घायलों को बिलासपुर उच्च स्तरीय इलाज हेतु भेजा गया है. मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी शोक संवेदना। इस दुख की घड़ी में उनकी हर संभव सहायता सुनिश्चित की जाएगी. जिला प्रशासन को घायलों के समुचित उपचार और हादसे के कारणों की तथ्यपरक जांच के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. छत्तीसगढ़ सरकार पीड़ित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है. ॐ शान्ति" राहत कार्य जारी पुलिस और राहत कर्मी अब भी बचाव कार्य में जुटे हैं और मृतकों की पहचान तथा विस्तृत राहत गतिविधियों के बारे में अपडेट जारी किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य ने गहरा शोक व्यक्त किया इस दर्दनाक हादसे पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गहरा शोक व्यक्त किया है। क्लिनिकल फर्नेस के दौरान हुए विस्फोट में श्रमिकों के असामयिक निधन को अत्यंत दुःखद बताते हुए उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोकाकुल परिवारजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हादसे में गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को बेहतर उपचार हेतु सिम्स, बिलासपुर में भर्ती कराया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घायलों को हर संभव उत्तम एवं त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनके उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहे।

रायपुर में IND-NZ टी-20 मैच, भीड़ से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने रूट और पार्किंग तय किए

रायपुर  भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 सीरीज का दूसरा मैच आज 23 जनवरी को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है। राज्य के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में दर्शक रायपुर पहुंच रहे हैं। इसी को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने दर्शकों और खिलाड़ियों की सुविधा के लिए विशेष यातायात और पार्किंग व्यवस्था लागू की है। विजय अभियान जारी रखने उतरेगा भारत न्यूजीलैंड के विरुद्ध नागपुर में पहला टी-20 इंटरनेशनल मुकाबला 48 रन से जीतकर भारतीय टीम आत्मविश्वास से लबरेज है। अब शुक्रवार को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में होने वाला दूसरा मुकाबला सीरीज के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। कप्तान सूर्यकुमार यादव की नजरें इस मुकाबले को जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़त लेने पर होंगी, ताकि आगे के मैचों में टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त मिल सके। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम इस मैच को हर हाल में जीतकर सीरीज में बराबरी करना चाहेगी। पहले मैच में अभिषेक शर्मा और रिंकू सिंह की तूफानी बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 238 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने कीवी टीम को 200 रन के भीतर रोक दिया। अभिषेक-संजू से विस्फोट पारी की उम्मीद पहले टी-20 में संजू सैमसन भले ही बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन अभिषेक शर्मा ने 35 गेंदों पर 84 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया था। रायपुर में भी टीम मैनेजमेंट बाएं-दाएं के इस काम्बिनेशन को बरकरार रख सकता है। वहीं, नागपुर में इशान किशन और संजू सैमसन की बल्लेबाजी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही थी। ऐसे में दूसरे टी-20 में श्रेयस अय्यर को मौका दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। तिलक वर्मा के चोटिल होने के बाद टीम में लौटे अय्यर को टी-20 विश्व कप से पहले आजमाना टीम मैनेजमेंट की प्राथमिकता हो सकती है। स्पिन ट्रैक पर भारत की रणनीति रायपुर की पिच आमतौर पर स्पिनरों को मदद देती है। ऐसे में भारत अपनी अंतिम एकादश में बदलाव कर सकता है। शिवम दुबे की जगह कुलदीप यादव या रवि बिश्नोई को मौका मिल सकता है। स्पिन विभाग की कमान उप-कप्तान अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती संभालेंगे। हालांकि, अक्षर पटेल की फिटनेस पर नजर रहेगी, क्योंकि वह पिछले मैच में चोटिल हो गए थे। तेज गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह की जोड़ी शानदार लय में है। न्यूजीलैंड करना चाहेगा वापसी पहले मुकाबले में हार के बाद न्यूजीलैंड की टीम रायपुर में नई रणनीति के साथ उतर सकती है। कप्तान मिशेल सेंटनर टाप आर्डर को अधिक आक्रामक बनाने और अतिरिक्त स्पिनर को शामिल करने पर विचार कर सकते हैं। डेवोन कान्वे, ग्लेन फिलिप्स और डेरिल मिचेल से बड़ी पारियों की उम्मीद होगी। भारत : सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, इशान किशन, श्रेयस अय्यर, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, रिंकू सिंह, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा। न्यूजीलैंड : मिशेल सैंटनर (कप्तान), डेवोन कान्वे, बेवोन जैकब्स, डेरिल मिशेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम राबिंसन, जिमी नीशम, ईश सोढी, जैक फाल्क्स, मार्क चैपमैन, माइकल ब्रेसवेल, रचिन रवींद्र, काइल जेमीसन, मैट हेनरी, जैकब डफी, क्रिस्टियन क्लार्क। शहर से स्टेडियम जाने वाले दर्शक रायपुर शहर से आने वाले दर्शक तेलीबांधा थाना तिराहा होते हुए नेशनल हाईवे-53 से सेरीखेड़ी ओवरब्रिज पार कर नया रायपुर मार्ग से स्टेडियम तिराहा पहुंचेंगे। यहां से साईं अस्पताल रोड होते हुए साईं अस्पताल और सेंध तालाब पार्किंग में वाहन खड़े कर पैदल स्टेडियम जाना होगा। बिलासपुर, बलौदाबाजार और महासमुंद से आने वाले दर्शक बिलासपुर, बलौदाबाजार, खरोरा और महासमुंद की ओर से आने वाले दर्शकों को नेशनल हाईवे-53 के रास्ते मंदिर हसौद और नवागांव होकर स्टेडियम टर्निंग पहुंचना होगा। वाहन परसदा और कोसा पार्किंग में खड़े कर पैदल स्टेडियम जाना होगा। धमतरी-जगदलपुर मार्ग से आने वाले दर्शक इस दिशा से आने वाले दर्शक अभनपुर, केन्द्री, उपरवारा और मंत्रालय चौक होते हुए सेंध तालाब और साईं अस्पताल पार्किंग में वाहन खड़े कर सकेंगे। दुर्ग-भिलाई से आने वाले दर्शक दुर्ग-भिलाई की ओर से आने वालों को टाटीबंध, रिंग रोड और तेलीबांधा तिराहा होकर नेशनल हाईवे-53 से नया रायपुर मार्ग अपनाना होगा। पासधारी वाहनों के लिए अलग व्यवस्था जिन वाहनों को A से G तक के पार्किंग पास जारी किए गए हैं, वे सेरीखेड़ी ओवरब्रिज होकर नया रायपुर प्रवेश मार्ग से सीधे स्टेडियम के निर्धारित पार्किंग जोन में वाहन पार्क कर सकेंगे। ट्रैफिक पुलिस ने दर्शकों से अपील की है कि तय मार्गों और पार्किंग व्यवस्था का पालन करें, ताकि मैच के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो और सभी सुरक्षित व समय पर स्टेडियम पहुंच सकें।  13 गेट पर लोहे की रेलिंग लगाई गई CSCS छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ ने साफ किया है कि, फर्स्ट इनिंग खत्म होने के बाद किसी भी दर्शक को स्टेडियम में एंट्री नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 350 से ज्यादा प्राइवेट बाउंसर्स भी तैनात किए जा रहे हैं। इस दौरान क्रिकेट संघ के 45 अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था के लिए मौजूद रहेंगे। 13 गेट पर लोहे की रेलिंग लगा दी गई है। 800 रुपए से 25 हजार रुपए तक की टिकट इस बार मैच के जनरल टिकट के दाम पिछले वनडे मुकाबले के लगभग समान रखे गए हैं। टिकट 800 रुपए से शुरू होकर 25 हजार रुपए तक बिके हैं। टिकट विंडो ओपन होने के शुरुआती तीन दिनों तक मैच की टिकट नहीं बिक पाई थी। लेकिन चौथे दिन सारी 35,000 टिकट बिक गईं। एंट्री गेट्स पर तिहरी निगरानी स्टेडियम के सभी एंट्री गेट्स पर पुलिस, प्राइवेट गार्ड्स और क्रिकेट संघ के कर्मचारियों की संयुक्त ड्यूटी लगाई जाएगी। जिससे किसी तरह का विवाद या अव्यवस्था न हो। पिछले ODI में 2 दर्शक रेलिंग जंप करते हुए मैदान के बीच खिलाड़ियों तक पहुंच गए थे। इस बार बाउंसर्स को बाउंड्री पर तैनात किया जाएगा, ताकि दर्शक दीर्घा से कोई जंप कर खिलाड़ियों तक न पहुंच पाएं।

रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर बने संजीव शुक्ला, श्वेता बनीं ग्रामीण SP, 15 IPS अफसरों का ट्रांसफर

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए पुलिस विभाग में एक बड़ा फेरबदल किया है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 15 अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इस फेरबदल की सबसे खास बात राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली के तहत पहली नियुक्ति और कई जिलों में नए कप्तानों की तैनाती है। रायपुर को मिला पहला पुलिस कमिश्नर राजधानी रायपुर की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए संजीव शुक्ला (2004 बैच) को रायपुर का पहला पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे बिलासपुर में आईजी (IG) के पद पर तैनात थे। रायपुर में अब पुलिसिंग का स्वरूप पूरी तरह प्रोफेशनल और हाई-टेक होने की उम्मीद है। राज्य के तीन प्रमुख रेंजों में भी नए आईजी की तैनाती की गई है:     रामगोपाल गर्ग (2007 बैच): बिलासपुर रेंज के नए आईजी।     अभिषेक शांडिल्य (2007 बैच): दुर्ग रेंज की कमान संभालेंगे।     बालाजी राव सोमावार (2007 बैच): राजनांदगांव रेंज के नए आईजी बनाए गए हैं। जिलों के नए कप्तान (SP) कुछ महत्वपूर्ण जिलों में भी अनुभवी अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है:     लाल उमेद सिंह: जशपुर के नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP)।     शशि मोहन सिंह: रायगढ़ जिले की सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।     दिव्यांग पटेल: सेनानी, 14वीं वाहिनी, बालोद।     उमेश प्रसाद गुप्ता: पुलिस अधीक्षक (रेल), रायपुर। रायपुर नगरीय पुलिस का नया ढांचा शहर की बढ़ती आबादी और क्राइम कंट्रोल के लिए रायपुर नगरीय पुलिस में विशेषज्ञों की टीम तैनात की गई है:     अमित तुकाराम काम्बले: अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, रायपुर।     संदीप पटेल: पुलिस उपायुक्त (मध्य)।     मयंक गुर्जर: पुलिस उपायुक्त (उत्तर)।     विकास कुमार: पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल)।     राजनाला स्मृतिक: पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर)।     श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा: सहायक पुलिस आयुक्त (आजाद चौक)। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर और ग्रामीण एसपी की नियुक्ति 2009 बैच के आईपीएस अमित तुकाराम कांबले को रायपुर का अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। वहीं रेल एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा को रायपुर ग्रामीण एसपी के पद पर पदस्थ किया गया है। एसएसपी स्तर पर तबादले रायपुर के एसएसपी लाल उम्मेद सिंह का तबादला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृहक्षेत्र जशपुर किया गया है। जशपुर के एसएसपी शशिमोहन सिंह को रायगढ़ भेजा गया है। आईजी और एसपी स्तर पर बड़ा फेरबदल आदेश के अनुसार दुर्ग रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग को बिलासपुर रेंज भेजा गया है। अभिषेक शांडिल्य को राजनांदगांव से दुर्ग रेंज, बालाजी राव सोमावार को पुलिस मुख्यालय से राजनांदगांव रेंज और रायगढ़ एसपी दिव्यांग पटेल को रेल एसपी बनाया गया है। रायपुर में रह चुके हैं संजीव शुक्ला संजीव शुक्ला पूर्व में रायपुर के एसपी रह चुके हैं और स्थानीय अनुभव व मजबूत प्रशासनिक नेटवर्क के लिए जाने जाते हैं। हालांकि वे जनवरी 2027 में सेवानिवृत्त होंगे, जिससे उन्हें करीब 11 माह का कार्यकाल मिलेगा। क्यों खास है यह फेरबदल? यह आदेश राज्यपाल के नाम से गृह सचिव हितेश शिखर गुप्ता द्वारा जारी किया गया है। इन नियुक्तियों के पीछे मुख्य उद्देश्य वीआईपी मूवमेंट, बढ़ते साइबर अपराध और शहरी यातायात को बेहतर ढंग से मैनेज करना है। संजीव शुक्ला जैसे अनुभवी अधिकारी का रायपुर कमिश्नर बनना शहर की सुरक्षा के लिहाज से एक नया अध्याय माना जा रहा है। SP के रूप में संभाला चुके हैं दुर्ग की कमान  संजीव शुक्ला ने दुर्ग जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य किया. इससे पहले उन्होंने इसी जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का पद भी संभाला था. दुर्ग में उनका काम करने का तरीका सख्त, अनुशासित और अपराध नियंत्रण में प्रभावी माना जाता था. बाद में उन्हें बिलासपुर रेंज का पुलिस महानिरीक्षक नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में समस्याओं को सुलझाने और रेंज स्तर पर संगठित अपराध से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. दो बार प्रेसिडेंट पुलिस मेडल से नवाजे जा चुके हैं संजीव शुक्ला बता दें कि संजीव शुक्ला CID के हेड के तौर पर भी काम कर चुके हैं. उन्हें उनके बेहतरीन काम के लिए प्रेसिडेंट मेडल से सम्मानित किया गया है, जिससे उनका सर्विस रिकॉर्ड और भी मजबूत हुआ है. उन्हें 2010 और 2022 में दो अलग-अलग कैटेगरी में दो बार प्रेसिडेंट पुलिस मेडल मिला. संजीव शुक्ला कांकेर में डीआईजी के पद पर तैनात थे. उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी (रायपुर) में उप निदेशक के रूप में काम करने का भी अनुभव है.   रायपुर कमिश्नरी में DCP की नियुक्ति रायपुर में कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने के बाद नगरीय पुलिस ढांचे को मजबूत करते हुए पुलिस उपायुक्त (DCP) स्तर पर अहम नियुक्तियां की गई हैं। इसके तहत वर्ष 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी उमेश प्रसाद गुप्ता को पुलिस उपायुक्त (मध्य) रायपुर, संदीप पटेल को पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) रायपुर और मयंक गुर्जर को पुलिस उपायुक्त (उत्तर) रायपुर नगरीय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा विकास कुमार (IPS-2020) को पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल) और राजनाला स्मृतिक (IPS-2020) को पुलिस उपायुक्त (क्राइम और साइबर) रायपुर नगरीय नियुक्त किया गया है। वहीं ईशु अग्रवाल (IPS-2022), जो अब तक नगर पुलिस अधीक्षक, आजाद चौक रायपुर थे, उन्हें पुलिस सहायक आयुक्त, आजाद चौक, रायपुर नगरीय पदस्थ किया गया है। आधे जिले में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू रायपुर के आधे जिले में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम आज यानी 23 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गई है। रायपुर के 21 थाने कमिश्नर और 12 थाने SP संभालेंगे। गृह विभाग ने इसे लेकर बुधवार शाम नोटिफिकेशन जारी किया गया था। रायपुर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने के लिए शहर की पुलिस फोर्स को 2 हिस्सों में बांटा गया।

स्वास्थ्य सेवाओं के साथ युवाओं को मिलेगा रोजगार: नवा रायपुर बनेगा सेंट्रल इंडिया का हेल्थकेयर हब – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : मेडिसिटी विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि: चार माह में जमीन लीज और रजिस्ट्री पूरी, ₹680 करोड़ की लागत से बनेगा 300 बिस्तरों का बॉम्बे हॉस्पिटल स्वास्थ्य सेवाओं के साथ युवाओं को मिलेगा रोजगार: नवा रायपुर बनेगा सेंट्रल इंडिया का हेल्थकेयर हब – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर नवा रायपुर को देश के प्रमुख हेल्थकेयर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में देश के प्रतिष्ठित बॉम्बे हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर और नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मध्य 15 एकड़ भूमि के लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता नवा रायपुर में प्रस्तावित मेडिसिटी के विकास को नई गति देगा। यह परियोजना न केवल राज्य के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करेगी, बल्कि निवेश के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की तेज़ और भरोसेमंद प्रशासनिक कार्यप्रणाली का भी उदाहरण बनेगी। राज्य सरकार द्वारा 24 सितंबर 2025 को निवेश आमंत्रण जारी किए जाने के बाद मात्र चार माह के भीतर भूमि चिन्हांकन, आवश्यक स्वीकृतियां और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जो अपने आप में एक नया बेंचमार्क है। नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आबंटित 15 एकड़ भूमि पर बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा लगभग ₹680 करोड़ की लागत से 300 बिस्तरों का अत्याधुनिक मल्टी सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा। यह अस्पताल ट्रस्ट का देश में चौथा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा। इससे पूर्व मुंबई, इंदौर और जयपुर में ट्रस्ट के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। बॉम्बे हॉस्पिटल के माध्यम से कार्डियक साइंसेज, कैंसर उपचार, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, क्रिटिकल केयर, ऑर्गन ट्रांसप्लांट सहित कई उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुंबई या दिल्ली जैसे महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इस परियोजना से 500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिनमें डॉक्टर, सर्जन, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और मेडिकल टेक्नीशियन शामिल होंगे। इसके साथ ही हेल्थकेयर सप्लाई चेन, सेवाओं और सहयोगी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को उल्लेखनीय प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि बॉम्बे हॉस्पिटल की स्थापना से नवा रायपुर में मेडिसिटी का सपना साकार होने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के नागरिकों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के निरंतर विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। बॉम्बे हॉस्पिटल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का नवा रायपुर में निवेश करना राज्य की नीतिगत स्थिरता, तेज़ निर्णय क्षमता और निवेशक-अनुकूल वातावरण पर विश्वास का प्रमाण है। यह परियोजना छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत स्वास्थ्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहनों और समयबद्ध क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष परिणाम है। इससे नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया के प्रमुख हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ चंदन कुमार, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं चेयरमैन भरत तापड़िया, सचिव श्याम जी सहित ट्रस्ट एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।