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झाड़ियों में छिपाए शव : शिकार के चक्कर में खुद फंसे शिकारकर्ता

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जंगली सुअर के शिकार के लिए अवैध रूप से बिजली के तार से हुकिंग कर बिछाए गए करंट की चपेट में आने से दो ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद शवों को छिपाने के प्रयास के मामले में पुलिस ने जांच के बाद एक नाबालिग सहित पांच आरोपियों को गैर इरादतन हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह गंभीर मामला जिले के चक्रधर नगर थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के अनुसार, चक्रधर नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम छोटे रेगड़ा निवासी पुनीलाल यादव उर्फ मंत्री और संदीप एक्का के लापता होने की रिपोर्ट परिजनों ने 12 दिसंबर को थाने में दर्ज कराई थी। इस पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। परिजनों द्वारा पुलिस को बताया गया कि दोनों नौ दिसंबर को घर से निकले थे और वापस नहीं लौटे। अगले दिन, 13 दिसंबर को ग्राम संबलपुरी से बहने वाली नदी किनारे टिकरा क्षेत्र में दोनों के शव मिलने की सूचना पर एफएसएल टीम और थाना चक्रधरनगर पुलिस मौके पर पहुंची। वहां मर्ग पंचनामा की कार्रवाई की गई और शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों द्वारा दोनों की मृत्यु बिजली के करंट से होना तथा मृत्यु की प्रकृति को दुर्घटनात्मक बताया गया। सबूत मिटाने का है आरोप मृतक पुनीलाल यादव के पुत्र विजय यादव से पुनः पूछताछ में एक अहम खुलासा हुआ। उसने बताया कि 9 दिसंबर को पुनीलाल यादव और संदीप एक्का कुछ साथियों के साथ जंगली सुअर के शिकार के लिए निकले थे, जहां बिजली का करंट बिछाया गया था। इसी दौरान करंट की चपेट में आने से दोनों की मृत्यु हो गई। विवेचना के दौरान यह भी सामने आया कि घटना के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शवों को झाड़ियों में छिपाने का प्रयास किया गया था। इस आधार पर थाना चक्रधरनगर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 238(ख), और 3(5) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई। हाई टेंशन बिजली खंभे से अवैध हुकिंग परिजनों से पूछताछ में यह भी पता चला कि पुनीलाल यादव उर्फ मंत्री और संदीप एक्का ग्राम छोटे रेगड़ा निवासी जयकिशन एक्का, रमेश उरांव, राजू टोप्पो, आकाश टोप्पो तथा एक नाबालिग बालक के साथ शिकार पर गए थे। संदेह के आधार पर जयकिशन एक्का और आकाश टोप्पो को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें दोनों ने स्वीकार किया कि संबलपुरी नाला किनारे हाई टेंशन बिजली खंभे से अवैध हुकिंग कर बिजली का तार बिछाया गया था। डर के कारण शवों को छिपाया बिछाए गए करंट प्रवाहित तार में शिकार फंसा है या नहीं, यह देखने के दौरान पुनीलाल यादव और संदीप एक्का तार की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई। साथ मौजूद नाबालिग बालक के पैर में भी करंट से जलने की चोट आई। घटना के बाद, आरोपी डर के कारण शवों को झाड़ियों में छिपाने लगे थे। आकाश टोप्पो की निशानदेही पर अवैध हुकिंग में प्रयुक्त तार को बरामद किया गया, जिसे बाद में लपेटकर ले जाया गया था। आरोपियों को भेजा गया जेल एक से अधिक आरोपियों द्वारा बिजली चोरी कर अवैध हुकिंग किए जाने की पुष्टि होने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) और विद्युत अधिनियम की धारा 135 भी जोड़ी गई। इसके बाद अन्य आरोपी रमेश उरांव, राजू टोप्पो तथा विधि के साथ संघर्षरत बालक को भी हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में आकाश टोप्पो (उम्र 18 वर्ष), जयकिशन एक्का (उम्र 19 वर्ष), रमेश उरांव (उम्र 60 वर्ष), राजू टोप्पो (उम्र 19 वर्ष) सभी निवासी ग्राम छोटे रेगड़ा शामिल हैं। विधि के साथ संघर्षरत बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

हाईवे पर बड़ा हादसा: ट्रेलर से भिड़ी तेज रफ्तार बस, दर्जनभर यात्री जख्मी

बिलासपुर बिलासपुर के रतनपुर थाना अंतर्गत नेशनल हाईवे पर दर्री पारा के पास आज सुबह करीब 5:30 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। जिसमें बताया जा रहा है कि बिहार से रायपुर जा रही बस सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर से जा टकराई। हादसे में बस में सवार 12 यात्री घायल हो गए, जिनमें पांच  यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही रतनपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस की सहायता से रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर के सिम्स अस्पताल रेफर किया गया है। हादसे की जानकारी मिलते ही रतनपुर थाना प्रभारी भी तत्काल घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण तेज रफ्तार और कम विजिबिलिटी बताया जा रहा है। फिलहाल जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा।

रायपुर : एक चैन माउंटेन एवं 6 हाईवा जब्त, रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामले में कार्रवाई

रायपुर : अवैध रेत परिवहन के मामले में 9 ट्रैक्टर जब्त रायपुर : एक चैन माउंटेन एवं 6 हाईवा जब्त, रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामले में कार्रवाई     रायपुर रायगढ जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे 9 ट्रैक्टरों को जब्त किया है। साथ ही संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध खनिज अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि खनिज निरीक्षक श्री सोमेश्वर सिन्हा एवं जांच दल द्वारा सतत निगरानी के दौरान यह कार्रवाई की गई। जांच में पाया गया कि सभी वाहन बिना किसी वैध अनुमति के रेत का परिवहन कर रहे थे। मौके पर विधिवत जांच के पश्चात वाहनों को जब्त करते हुए वाहन मालिकों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 एवं खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के दायरे में जोरापाली के भानुकुमार चौहान (वाहन क्रमांक सीजी 13 बीई 9014), बाल्मिकी प्रजापति (न्यू हालैण्ड सोल्ड), कुरमापाली के नूतन साहू (स्वराज सोल्ड), गोपालपुर के प्रेम उरांव (महिन्द्रा सोल्ड), पतरापाली के समीर पटेल (सीजी 13 एडब्ल्यू 2563), बाबाधाम रायगढ़ के तिरथलाल यादव (सीजी 13 एव्ही 3634), रायगढ़ के प्यारेलाल साहू (सीजी 13 यूएच 2738), धनागर के उत्तम सारथी (सीजी 13 एएस 4893) तथा हण्डी चौक रायगढ़ के गणेश अग्रवाल (महिन्द्रा सोल्ड) शामिल हैं। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि आगे भी अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेंगी।  रायपुर : एक चैन माउंटेन एवं 6 हाईवा जब्त, रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामले में कार्रवाई     जांजगीर-चांपा जिले में जिला स्तरीय खनिज उड़नदस्ता दल द्वारा अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए 1 चैन माउंटेन मशीन एवं 6 हाईवा वाहनों को जब्त किया गया है। इसके साथ ही अवैध रेत भंडारण के 2 प्रकरण दर्ज किए गए हैं तथा बम्हनीडीह क्षेत्र में रेत की 2 अस्थायी भंडारण अनुज्ञप्तियां निरस्त की गई हैं। खनिज उड़नदस्ता दल द्वारा जिले के नवापारा, केवा, पीपरदा, पुछेली, खपरीडीह एवं बम्हनीडीह क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान ग्राम केवा में खनिज रेत के अवैध उत्खनन में संलिप्त 1 चैन माउंटेन मशीन पाई गई, जिसे मौके पर सील कर अवैध उत्खनन का प्रकरण दर्ज किया गया। खनिज अधिकारी ने बताया कि ग्राम पीपरदा में 6 हाईवा वाहनों द्वारा खनिज रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर वाहनों को मौके पर सील कर नोटिस चस्पा किया गया। इसके अतिरिक्त ग्राम पीपरदा में ही खनिज रेत के अवैध भंडारण के 2 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें एक प्रकरण शासकीय भूमि पर लगभग 200 घन मीटर रेत तथा दूसरा प्रकरण में लगभग 240 घन मीटर रेत के अवैध भंडारण का पाया गया, जिसे श्री तेरस पिता समधीन, निवासी पीपरदा द्वारा किया था। दोनों प्रकरणों में अवैध रूप से भंडारित रेत को जब्त कर ग्राम पंचायत की सुपुर्दगी में दिया गया है। इसके अतिरिक्त बम्हनीडीह क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमोदी में मेसर्स आर.बी. कंस्ट्रक्शन के पक्ष में स्वीकृत गौण खनिज रेत की अस्थायी भंडारण अनुज्ञप्ति तथा ग्राम बम्हनीडीह में मेसर्स बाबा सिद्धेश्वर कंस्ट्रक्शन के पक्ष में स्वीकृत खनिज रेत की अस्थायी भंडारण अनुज्ञप्ति को नियमों के बार-बार उल्लंघन एवं अनियमितताओं के चलते निरस्त कर दिया गया है। गौरतलब है कि जांजगीर-चांपा जिले में कलेक्टर के कलेक्टर के मार्गदर्शन में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण हेतु जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा निरंतर जांच एवं कार्रवाई की जा रही है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।  रायपुर : अवैध खनिज परिवहन करते 3 हाईवा और 1 ट्रेलर जब्त सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में खनिज विभाग की टीम द्वारा अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 हाईवा एवं 1 ट्रेलर वाहन को जब्त किया गया है। खनिज टीम ने टिमरलगा क्षेत्र अंतर्गत गौण खनिज चूना पत्थर के अवैध परिवहन में संलिप्त हाईवा वाहन क्रमांक सीजी 13 एक्यू 6504 को जब्त कर कलेक्टर कार्यालय परिसर, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ में अभिरक्षा में रखा गया है। इसी प्रकार दो अन्य हाईवा वाहन क्रमांक सीजी 13 एआर 8389, सीजी 13 एवाई 9848 तथा एक ट्रेलर वाहन क्रमांक सीजी 13 एटी 3111 को जब्त कर थाना सारंगढ़ की अभिरक्षा में सौंपा गया है। उक्त कार्रवाई छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के अंतर्गत की गई है। गौरतलब है कि कलेक्टर के निर्देशानुसार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण की रोकथाम हेतु खनिज अमले द्वारा आकस्मिक निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है। 

रायपुर में मुख्यमंत्री से मिले CAIT प्रतिनिधि, स्वदेशी संकल्प यात्रा में शामिल होने का दिया निमंत्रण

रायपुर : मुख्यमंत्री से CAIT प्रतिनिधियों की सौजन्य मुलाकात, स्वदेशी संकल्प यात्रा में शामिल होने का दिया आमंत्रण रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय को कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स एवं स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में देशभर में संचालित स्वदेशी संकल्प यात्रा के अंतर्गत 20 दिसंबर को दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने CAIT के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया और स्वदेशी विचारधारा को मजबूती देने वाले ऐसे आयोजनों की सराहना की। उल्लेखनीय है कि स्वदेशी संकल्प यात्रा दुर्ग शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण करेगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सशक्त स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल, स्थानीय व्यापार को सशक्त बनाना तथा स्वदेशी उद्यमिता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है। इस अवसर पर कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स के अध्यक्ष प्रकाश सांखला, यात्रा संयोजक संजय चौबे सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

रायपुर: विशेष लेख – छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष: संघर्ष, संकल्प और समग्र विकास की स्वर्णिम यात्रा

रायपुर : विशेष लेख : छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष: संघर्ष, संकल्प और समग्र विकास की स्वर्णिम यात्रा रायपुर 1 नवंबर 2000 को भारत के मानचित्र पर छत्तीसगढ़ एक नए राज्य के रूप में उभरा। मध्यप्रदेश से पृथक होकर बने इस राज्य ने 25 वर्षों की यात्रा में न केवल अपनी पहचान गढ़ी, बल्कि विकास, सामाजिक न्याय और सुशासन के कई नए प्रतिमान भी स्थापित किए। प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर, आदिवासी संस्कृति से समृद्ध और कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ की यह यात्रा चुनौतियों से शुरू होकर आत्मविश्वास और उपलब्धियों तक पहुँची है। राज्य गठन और प्रारंभिक चुनौतियाँ राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ के सामने अनेक समस्याएँ थीं, कमजोर अधोसंरचना, सीमित औद्योगिक आधार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की चुनौती। ग्रामीण और आदिवासी बहुल अंचलों में सड़क, बिजली, पानी और प्रशासनिक पहुंच का अभाव स्पष्ट था। ऐसे में शुरुआती वर्षों में सरकार का प्रमुख लक्ष्य मजबूत प्रशासनिक ढांचा खड़ा करना और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार रहा। नई राजधानी नवा रायपुर (अटल नगर) की परिकल्पना, जिलों और तहसीलों का पुनर्गठन, पंचायत और नगरीय निकायों को सशक्त बनाना, इन प्रयासों ने विकास की नींव रखी। विकेंद्रीकरण के माध्यम से योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया गया। कृषि: छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” कहा जाता है और कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही है। पिछले 25 वर्षों में सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार, उन्नत बीज, कृषि यंत्रीकरण और किसान हितैषी नीतियों ने खेती को अधिक उत्पादक और लाभकारी बनाया। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, डिजिटल पंजीकरण और समय पर भुगतान जैसी व्यवस्थाओं ने किसानों को आर्थिक सुरक्षा दी। इससे न केवल किसान की आय बढ़ी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली। आज छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था देशभर में एक मॉडल के रूप में देखी जाती है। आदिवासी विकास और सामाजिक न्याय छत्तीसगढ़ की आत्मा उसके आदिवासी समाज में बसती है। राज्य गठन के बाद अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के सर्वांगीण विकास के लिए विशेष प्रयास किए गए। वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टों का वितरण, छात्रावास और छात्रवृत्ति योजनाएं, स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रम-इन सबने सामाजिक न्याय को मजबूत किया। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका ऐतिहासिक रही है। लाखों ग्रामीण महिलाएं आज आर्थिक गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनी हैं और ग्रामीण विकास की धुरी बन चुकी हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य में परिवर्तन शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है। नए प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय, कॉलेज, आईटीआई और विश्वविद्यालय स्थापित हुए। नवोदय, एकलव्य और आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों ने ग्रामीण और वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर दिया। स्वास्थ्य सेवाओं में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों तक सुविधाओं का विस्तार हुआ। मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, कुपोषण उन्मूलन और आपातकालीन सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। औद्योगिक विकास और अधोसंरचना खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ ने औद्योगिक क्षेत्र में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इस्पात, बिजली, सीमेंट और एल्युमिनियम उद्योगों ने राज्य की आर्थिक ताकत बढ़ाई। साथ ही एमएसएमई, फूड प्रोसेसिंग और आईटी जैसे नए क्षेत्रों को भी प्रोत्साहन मिला। सड़क, रेलवे, बिजली और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार ने विकास को गति दी। गांव-गांव तक बिजली और सड़क पहुंचने से शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार को नया आधार मिला। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की रोशनी नक्सलवाद छत्तीसगढ़ की सबसे जटिल चुनौतियों में से एक रहा है। लेकिन सुरक्षा उपायों के साथ-साथ विकास को प्राथमिक हथियार बनाकर सरकार ने बड़ा बदलाव किया। सड़कों, मोबाइल नेटवर्क, स्कूलों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार ने उन क्षेत्रों में भी उम्मीद जगाई, जहां कभी भय का माहौल था। विकास और संवाद ने शांति की राह खोली। सुशासन, तकनीक और पारदर्शिता पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने सुशासन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए। ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन सेवाएं, जनदर्शन और समयबद्ध सेवा गारंटी जैसी पहलों ने प्रशासन को जनता के करीब लाया। पारदर्शिता और जवाबदेही से योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंचा। सांस्कृतिक पहचान और छत्तीसगढ़ी अस्मिता छत्तीसगढ़ की लोककला, नृत्य, संगीत, तीज-त्योहार और भाषा को राज्य स्तर पर संरक्षण और प्रोत्साहन मिला। यह सांस्कृतिक पुनर्जागरण विकास के साथ-साथ पहचान और गर्व का प्रतीक बना। राज्य ने यह सिद्ध किया कि आधुनिकता और परंपरा साथ-साथ चल सकती हैं। युवा, रोजगार और भविष्य की दिशा आज का छत्तीसगढ़ युवा राज्य है। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और स्वरोजगार योजनाओं ने युवाओं को नए अवसर दिए हैं। स्टार्टअप, डिजिटल सेवाएं और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ ज्ञान, तकनीक और सतत विकास के नए केंद्र के रूप में उभर सकता है। छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष केवल समय की गणना नहीं, बल्कि एक परिवर्तनकारी यात्रा हैं, जहां संघर्ष से संकल्प और संकल्प से सफलता की कहानी लिखी गई। यह विकास केवल इमारतों, सड़कों और आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि किसान की समृद्धि, आदिवासी के अधिकार, महिला की आत्मनिर्भरता और युवा के सपनों में दिखाई देता है। रजत जयंती के इस पड़ाव पर छत्तीसगढ़ आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर देख रहा है। एक ऐसा भविष्य, जो समावेशी, टिकाऊ और उज्ज्वल है। यही 25 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि और आने वाले कल की सबसे मजबूत नींव है। लोकेश्वर सिंह डॉ. ओमप्रकाश डहरिया, सहायक जनसंपर्क अधिकारी

धमतरी जिले में 21 दिसम्बर को पल्स पोलियो अभियान, 0-5 वर्ष के बच्चों को पोलियो दवा पिलाने की तैयारी

धमतरी : धमतरी जिले में पल्स पोलियो अभियान : 21 दिसम्बर को 0-5 वर्ष के बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दवा धमतरी  धमतरी जिले में बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने हेतु पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान का आयोजन 21 दिसम्बर 2025 को किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत जिले के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक उनके निकटतम निर्धारित पोलियो बूथ पर पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।   जिले में कुल 772 पोलियो बूथों के माध्यम से 1 लाख 10 हजार 553 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान को सफल बनाने हेतु स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, कोटवार, प्रशिक्षु महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता तथा पैरामेडिकल विद्यार्थियों की ड्यूटी लगाई गई है।     पोलियो की दवा की समय पर उपलब्धता और कार्य की प्रभावी निगरानी के लिए सभी पोलियो बूथों को सेक्टरों में विभाजित किया गया है तथा प्रत्येक सेक्टर के लिए एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा सभी विकासखण्डों को जोन में विभाजित कर जिला स्तर के अधिकारियों को निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।   अभियान की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी इलाकों में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी पोलियो बूथ बनाए गए हैं। वहीं खदानों, ईंट-भट्टों, छात्रावासों, मदरसों एवं छूटे हुए क्षेत्रों में बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने हेतु ट्रांजिट टीमों एवं मोबाइल टीमों का गठन किया गया है।   प्रथम दिवस 21 दिसम्बर को बूथों पर दवा पिलाने के पश्चात 22 एवं 23 दिसम्बर को सभी कार्यकर्ता घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगे। अभियान के दौरान जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे, जो 24 घंटे क्रियाशील रहेंगे। कंट्रोल रूम में प्रत्येक दो घंटे में प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है।   अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु सभी मैदानी अमलों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी अभिभावकों से अपील की गई है कि वे 21 दिसम्बर को अपने 0 से 5 वर्ष के बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर लाकर दवा अवश्य पिलाएं, ताकि पोलियो मुक्त समाज के लक्ष्य को साकार किया जा सके। साथ ही 22 एवं 23 दिसम्बर को घर-घर भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का सहयोग कर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाने में सहभागिता निभाने का आग्रह किया गया है।यह अभियान बच्चों के उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

रायपुर: किसान हंसराज साहू की मेहनत से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा कदम, समर्थन मूल्य से मिली सफलता

रायपुर : समर्थन मूल्य से आत्मनिर्भरता तक: किसान हंसराज साहू की मेहनत ने बदली रफ्तार ई-स्कूटी बनी समृद्धि की पहचान रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियाँ आज गांवों में खुशहाली और आत्मनिर्भरता की मजबूत आधारशिला बन रही हैं। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था ने किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी धमतरी जिले के ग्राम बोड़रा के किसान श्री हंसराज साहू की है। जिन्होंने सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि आधुनिक सुविधाओं को भी अपनाया। श्री हंसराज साहू बताते हैं कि उन्होंने पिछले खरीफ सत्र में संबलपुर सहकारी समिति में समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय किया। धान बिक्री से प्राप्त राशि से उन्होंने एक ई-स्कूटी खरीदी, जो आज उनके लिए सुविधा, समय की बचत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गई है। साँय-साँय दौड़ती ई-स्कूटी से अब उन्हें धमतरी शहर, खेतों, रिश्तेदारों के घर और दैनिक कार्यों के लिए सुगम आवागमन की सुविधा मिल रही है। इससे न केवल ईंधन खर्च में कमी आई है, बल्कि समय की भी उल्लेखनीय बचत हो रही है। श्री साहू के पास कुल 2 एकड़ 25 डिस्मिल कृषि भूमि है, जिसमें वे पारंपरिक अनुभव और आधुनिक कृषि समझ के साथ धान की खेती करते हैं। इस वर्ष उन्होंने समर्थन मूल्य पर कुल 46 क्विंटल 40 किलोग्राम धान का विक्रय किया है। समय पर भुगतान और स्पष्ट प्रक्रिया से वे बेहद संतुष्ट हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे अपने पुत्र के विवाह जैसे महत्वपूर्ण पारिवारिक कार्य में करेंगे, जिससे पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। श्री हंसराज साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “तुहर टोकन” मोबाइल ऐप ने धान बेचने की प्रक्रिया को अत्यंत सरल, पारदर्शी और किसान-अनुकूल बना दिया है। पंजीयन से लेकर विक्रय तक अब किसानों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होती। किसान हंसराज साहू की यह सफलता कथा इस बात का सशक्त प्रमाण है कि सरकार की दूरदर्शी नीतियाँ और डिजिटल नवाचार जब जमीन पर प्रभावी रूप से लागू होते हैं, तो किसान सशक्त बनते हैं और उनका जीवन स्तर निरंतर ऊँचाइयों की ओर बढ़ता है। यह कहानी प्रदेश के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा है कि वे सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेकर समृद्धि की राह पर आगे बढ़ें।

आवास, पर्यावरण और आजीविका पर फोकस, दो साल में छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रखी : ओपी चौधरी

रायपुर प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ संवाद ऑडिटोरियम में प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में आवास एवं पर्यावरण विभाग ने विगत दो वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। लोगों को किफायती आवास की उपलब्धता, बेहतर रहवासी सुविधा, आजीविका के साधनों के विकास के साथ ही पर्यावरण अनुकूल ईज आफ लिविंग का ध्यान रखते हुए इन दो सालों में काम किया गया है। विभाग द्वारा किये गये दो सालों से नागरिक जीवन बेहतर हुआ है और राज्य की उज्ज्वल भविष्य की ठोस नींव रख दी गई है। मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि दो साल पहले छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा था। 3200 से अधिक आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों का विक्रय नहीं हो सका था। 735 करोड रूपए का बकाया था। मंडल को ऋण मुक्त करने के लिए यह राशि राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई। वर्तमान में मंडल पर कोई ऋण नहीं है। जिन संपत्तियों का विक्रय लंबे समय से नहीं हुआ था, उनके विक्रय के लिए सरकार द्वारा एकमुश्त निपटान योजना ओटीएस-2 आरंभ की गई। इसके माध्यम से इन संपत्तियों पर 30 प्रतिशत तक की छूट उपलब्ध करायी गई। इस योजना को सफलता मिली और 9 महीनों में ही 1251 संपत्तियों का विक्रय हुआ और इस योजना के माध्यम से 190 करोड रुपए का राजस्व अर्जित किया गया। यह राशि आगामी परियोजनाओं में व्यय की जाएगी, ताकि अधिकतम हितग्राहियों को किफायती आवास एवं व्यावसायिक संपत्ति का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि भविष्य में अविक्रित स्टॉक से बचने के लिए नई निर्माण नीति लागू की गई है। अब मांग आधारित निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। बाजार की वास्तविक आवश्यकता के अनुसार परियोजनाएं शुरू होंगी। इससे वित्तीय जोखिम कम होगा।  नई नीति के अनुसार 60 प्रतिशत या प्रथम 3 माह में 30 प्रतिशत पंजीयन अनिवार्य किया गया है। इसके पश्चात ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। यह व्यवस्था परियोजनाओं की व्यवहार्यता सुनिश्चित करेगी। नागरिकों की मांग को प्रत्यक्ष रूप से महत्व मिलेगा। श्री चौधरी ने कहा कि आवंटियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन पोर्टल को और सुदृढ किया गया है। प्रक्रियाएं सरल और समयबद्ध हुई हैं। नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एआई आधारित चैटबॉट के माध्यम से 24×7 जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। मानव हस्तक्षेप की आवश्यकता कम हुई है। पारदर्शिता और सुविधा दोनों में वृद्धि हुई है। मंत्री श्री चौधरी ने रायपुर विकास प्राधिकरण की उपलब्धियों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 193 करोड रूपए की लागत से प्राधिकरण द्वारा पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही टिकरापारा में 168 फ्लैट का निर्माण प्रस्तावित है। जिसके लिए निविदा आमंत्रित की गई है। जनवरी से प्राधिकरण द्वारा ऑनलाईन प्रणाली की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर के विकास के लिए बीते 2 सालों में ऐतिहासिक निर्णय हुए हैं। नवा रायपुर अटल नगर देश का पहला ऋण मुक्त ग्रीनफील्ड शहर बना है। यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय मानी जा रही है। प्राधिकरण द्वारा 1,345 करोड़ के संपूर्ण ऋण का भुगतान किया गया। यह ऋण पूर्ववर्ती विकास परियोजनाओं से संबंधित था। अनुशासित वित्तीय प्रबंधन से यह संभव हो सका। किसी नए ऋण का बोझ नहीं डाला गया। ऋण चुकता होने के साथ 5,030 करोड मूल्य की भूमि और संपत्ति गिरवी-मुक्त हुई। अब ये परिसंपत्तियां पूरी तरह स्वतंत्र हैं। इससे निवेश और विकास प्रस्तावों को गति मिलेगी। नवा रायपुर में औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधि बढ़ाने के लिए भी उल्लेखनीय पहल की गई है। 132 एकड क्षेत्र में टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। टेक्सटाइल पार्क में लगभग 2,000 करोड के निवेश का अनुमान है। यह निवेश राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगा। एमएसएमई और बड़े उद्योगों को अवसर मिलेंगे। निर्यात क्षमता में वृद्धि होगी। इस परियोजना से 12,000 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार दोनों शामिल होंगे। स्थानीय युवाओं को अवसर मिलेंगे तथा क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। सेमीकंडक्टर और आईटी क्षेत्र में 1,800 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। यह पहल उन्नत 5जी और 6 जी तकनीक को ध्यान में रखकर की गई है। इससे राज्य को तकनीकी मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। डिजिटल इकोसिस्टम मजबूत होगा। आईटी क्षेत्र से लगभग 10,000 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। उच्च कौशल आधारित रोजगार उपलब्ध होंगे। स्टार्टअप और तकनीकी कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा। श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर टेक-हब के रूप में उभरेगा। नवा रायपुर को कॉन्फ्रेंस कैपिटल के रूप में विकसित किया जा रहा है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों को आकर्षित करने की योजना है। एमआईसीई टूरिज्म को बढावा मिलेगा। सेवा और पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी। श्री चौधरी ने बताया कि शहर को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और खुले स्थल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इवेंट आधारित अर्थव्यवस्था को बढावा मिलेगा। स्थानीय सेवाओं में रोजगार बढ़ेगा। 400 करोड की लागत से इनलैंड मरीना परियोजना विकसित की जा रही है। यह पर्यटन और शहरी सौंदर्य दोनों को बढ़ाएगी। मनोरंजन के नए अवसर सृजित होंगे। ग्रीन और ब्लू इंफ्रास्ट्रक्चर को जोड़ा गया है।      

मुख्यमंत्री से CAIT प्रतिनिधियों की सौजन्य मुलाकात, स्वदेशी संकल्प यात्रा में शामिल होने का दिया आमंत्रण

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स एवं स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में देशभर में संचालित स्वदेशी संकल्प यात्रा के अंतर्गत 20 दिसंबर को दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने CAIT के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया और स्वदेशी विचारधारा को मजबूती देने वाले ऐसे आयोजनों की सराहना की। उल्लेखनीय है कि स्वदेशी संकल्प यात्रा दुर्ग शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण करेगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सशक्त स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल, स्थानीय व्यापार को सशक्त बनाना तथा स्वदेशी उद्यमिता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है। इस अवसर पर कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स के अध्यक्ष श्री प्रकाश सांखला, यात्रा संयोजक श्री संजय चौबे सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री से सतनाम पंथ के पदाधिकारियों ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में विधायक श्री सम्पत अग्रवाल के नेतृत्व में सतनाम पंथ के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को 28 दिसम्बर को परम् पूज्य गुरुघासी दास बाबा की जयंती महोत्सव के अवसर पर महासमुन्द जिले के ग्राम साजापाली में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सतनाम पंथ के पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया तथा पूज्य बाबा गुरुघासी दास के सामाजिक और आध्यात्मिक संदेशों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। इस अवसर पर श्री लखनमुनि महाराज, श्री अभय घृतलहरे सहित सतनाम पंथ के अन्य प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।