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राजधानी में विवादित नारेबाजी कर हंगामा, बस्तर IG बोले– कठोर कार्रवाई होगी, 23 गिरफ्त में

दिल्ली छत्तीसगढ़ में नक्सली लीडर माड़वी हिड़मा के एनकाउंटर के बाद मामला अब सोशल मीडिया से निकलकर देश की राजधानी की सड़कों तक पहुंच गया है. इंडिया गेट के सामने प्रदूषण के खिलाफ जुटी भीड़ में अचानक कुछ युवक हिड़मा के पोस्टर लहराते हुए “हिड़मा जिंदाबाद” के नारे लगाने लगे. मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षा कर्मियों ने इस अप्रत्याशित घटना को तुरंत नोटिस किया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं. घटना के सामने आने के बाद बस्तर IG सुंदरराज पी. ने सख्त प्रतिक्रिया जताई है. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक ढांचे से बाहर जाकर नक्सल विचारधारा का समर्थन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि चाहे कोई अर्बन नक्सली हो या सोशल मीडिया के जरिए नक्सल प्रोपेगेंडा फैलाने वाला, सभी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. IG ने यह भी कहा कि शहरों में इस तरह की गतिविधियां नक्सली नेटवर्क के नए रुझान की ओर इशारा करती हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है. वहीं दिल्ली में माडवी हिड़मा के समर्थन में ‘लाल सलाम’ नारे लगाने के आरोप में 23 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही पॉल्यूशन प्रोटेस्ट के दौरान हंगामा मामले में 2 थानों में FIR दर्ज की गई है. आरोपियों पर BNS की धारा 223 A, 132,221, 121 A, 126 (2), 3 (5) के तहत दर्ज की गई है. सभी को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जा रहा है. बता दें कि हिडमा की हाल ही में आंध्र प्रदेश में पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई थी.

व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ पेवेलियन आकर्षण का केंद्र, मुख्यमंत्री ने किया अवलोकन

हस्तशिल्प, वन-उत्पाद और पारंपरिक कला ने खींचा देश-विदेश के खरीदारों का ध्यान रायपुर, भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में आज छत्तीसगढ़ पेवेलियन आकर्षण का केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के पेवेलियन का भ्रमण कर विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने  पेवेलियन में प्रदर्शित उत्पादों और नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वैश्विक व्यापार मंचों पर लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, वनोपज आधारित उत्पाद और पारंपरिक कला वैश्विक बाजार में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि “देश-विदेश के खरीदारों के बीच छत्तीसगढ़ी उत्पादों की बढ़ती मांग स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और हमारे कारीगरों के सम्मान को नई दिशा दे रही है। यह ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ के हमारे संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।” उन्होंने पवेलियन में प्रदर्शित कोसा सिल्क, धातु-शिल्प, ढोकरा कला, प्राकृतिक वन-आधारित उत्पाद, मिलेट-आधारित फूड प्रोडक्ट्स और सूक्ष्म उद्यमों के अभिनव मॉडल की सराहना की। मुख्यमंत्री ने पेवेलियन में बस्तर की समृद्ध विरासत और कलाकृतियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने डिजिटल टीवी पर प्रसारित डॉक्यूमेंट्री ‘बदलता बस्तर (आमचो बस्तर)’  का अवलोकन करते हुए कहा कि डॉक्यूमेंट्री में आज का नया बस्तर स्पष्ट दिखाई देता है। बस्तर बदल चुका है, और यह डॉक्यूमेंट्री उसी परिवर्तन का जीवंत अवलोकन कराती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य  सरकार जनजातीय और ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने के लिए विभिन्न योजनाओं और संस्थागत समर्थन को निरंतर मजबूत कर रही है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल,  कमलेश जांगड़े एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।

MMC स्पेशल जोनल कमेटी ने CMs को लिखा पत्र, नक्सलियों ने जताई हथियार डालने की तैयारी

रायपुर        देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे निर्णायक अभियान के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी (MMC जोन) के नक्सलियों ने तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, मध्य प्रदेश के मोहन यादव और छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साईं को एक लेटर भेजा है, जिसमें उन्होंने सामूहिक सरेंडर करने की इच्छा जताई है. नक्सलियों ने अपने दो वरिष्ठ साथियों महाराष्ट्र में सरेंडर करने वाले भूपति और छत्तीसगढ़ में सरेंडर करने वाले सतीश के नक्शेकदम पर चलते हुए सरेंडर करने की इच्छा जताई है.  MMC जोन के सभी नक्सली एक साथ सरेंडर करेंगे. हालांकि, इस लेटर में, MMC जोन के नक्सलियों ने एक-दूसरे से बातचीत करने के लिए 15 फरवरी 2026 की डेडलाइन मांगी है.  उन्होंने अनुरोध किया है कि इस डेडलाइन तक सुरक्षा बलों को कोई ऑपरेशन नहीं करना चाहिए. माओवादियों ने मुख्यमंत्रियों से कुछ दिनों के लिए न्यूज नेटवर्क बंद करने का भी अनुरोध किया है. PLGA सप्ताह नहीं मनाने का भरोसा पत्र में नक्सलियों ने यह भी भरोसा दिलाया है कि वे जल्द ही आने वाला अपना सालाना PLGA हफ्ता (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी वीक) इस साल नहीं मनाएंगे. उन्होंने सुरक्षा बलों से अनुरोध किया है कि इस अवधि के दौरान नक्सलियों के खिलाफ सालाना ऑपरेशन भी न चलाएं. नक्सलियों ने पत्र में कहा है कि वे जल्द ही एक और पत्र भेजकर मास सरेंडर की तारीख की घोषणा करेंगे. केंद्र सरकार की डेडलाइन के भीतर भले ही 15 फरवरी, 2026 की डेडलाइन लंबी लगती हो, लेकिन यह केंद्र सरकार की ओर से नक्सली-मुक्त भारत के लिए निर्धारित 31 मार्च, 2026 की अंतिम समय सीमा के भीतर है. अगर तीनों राज्यों की सरकारें MMC जोन के नक्सलियों को यह समय देती हैं और यह सामूहिक सरेंडर सफल होता है, तो यह देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान की एक ऐतिहासिक सफलता होगी.

स्ट्रीट फूड बना खतरा: गुपचुप खाने से 34 की तबीयत बिगड़ी

अकलतरा छत्तीसगढ़ के अकलतरा क्षेत्र के बरगवां में साप्ताहिक बाजार में गुपचुप खाने से 34 लोग फूड पॉइजनिंग के शिकार हो गए. बीमार में ज्यादार बच्चे शामिल हैं. इसमें 2 से 3 बच्चों की तबीयत ज्यादा खराब होने पर सीएचसी में भर्ती कराया गया. सूचना पर सीएमएचओ निरीक्षण करने पहुंचे. जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए. जानकारी के अनुसार अकलतरा ब्लॉक के गांव बरगवां में शनिवार को साप्ताहिक बाजार था. शाम को गांव के लोगों ने गुपचुप खाए, देर शाम व रात में कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी. देखते-देखते ही उल्टी व दस्त शुरू हो गई. 23 नवंबर को पता चला कि गांव में दो दर्जन से अधिक लोगों को उल्टी व दस्त हो रही है. फिर पता चला कि सभी एक ही गुपचुप वाले के पास से गुपचुप खाएं हैं. फूड पॉइजनिंग के कई मरीज सामने आने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया. जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया.  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जांजगीर-चांपा डॉ. उमेश मरकाम ने बरगवां पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और मरीजों से मुलाकात कर उनकी हालत जानी. 34 मरीज फूड पॉइजनिंग से प्रभावित पाए गए हैं. इनमें से 2 मरीजों की तबीयत अधिक खराब होने पर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकलतरा में भर्ती कराया गया है. जबकि बाकी मरीजों का उपचार गांव में ही किया जा रहा है. निरीक्षण के दौरान डॉ. मरकाम ने मरीजों की जांच प्रक्रिया, उपचार व्यवस्था, दवाइयों की उपलब्धता एवं स्टाफ की तैनाती के संबंध में विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने उपस्थित चिकित्सकीय स्टाफ को मरीजों की लगातार निगरानी रखने, समय पर दवा उपलब्ध कराने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने के सत निर्देश दिए. साथ ही फूड पॉइजनिंग की वजहों की जानकारी एकत्र कर रिपोर्ट तैयार करने के भी निर्देश दिए गए.

यातायात नियम तोड़ने वालों पर कड़ी निगरानी, 30.55 करोड़ का भारी जुर्माना

रायपुर छत्तीसगढ़ में वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा कसता ही जा रहा है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल जनवरी से सितंबर के बीच वाहन चालकों से 19 करोड़ 96 लाख रुपए वसूले गए, लेकिन इस साल इसी अवधि में चालानी रकम बढ़कर 30 करोड़ 55 लाख रुपए हो गई है. राज्य पुलिस मुख्यालय ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाईयों का जो आंकड़ा जारी किया है, उससे यह तथ्य सामने आया है. मोटे तौर पर देखने से साफ होता है कि पुलिस वाहन चालकों, खासकर दुपहिया और मध्यम आकार के गैर व्यावसायिक वाहन चलाने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाईयां तेज कर रही है. एक तरफ पुलिस सड़क पर लोगों की सुरक्षा के नाम पर ये कार्रवाईयां कर रहीं है, दूसरी ओर राज्य में हर साल रोड एक्सीडेंट की संख्या और उनमें जान गंवाने वालों की संख्या भी बढ़ रही है. धमतरी, रायगढ़, जशपुर नारायणपुर में कसा शिकंजा छत्तीसगढ़ में वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में जनवरी से लेकर सितंबर तक के आंकड़ों से ये साफ होता है कि पुलिस और उससे जुड़े यातायात पुलिस के अमले सड़कों पर यातायात को आसान बनाने लोगों को सुविधा देने की जगह केवल और केवल चालानी कार्रवाईयों पर जो दे रहे हैं. राज्य के 33 जिलों में 2024 की तुलना में कितनी अधिक कार्रवाईयां तेज हुई हैं, उसका प्रमाण पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आंकड़ों से होता है. 2024 के मुकाबले 2025 में किस जिले में कितने प्रतिशत की वृद्धि हुई है. धमतरी में 175.60 प्रतिशत, रायगढ़ में 138.85 प्रतिशत, जशपुर जिले में 131.85 प्रतिशत, नारायणपुर में 117.36 प्रतिशत जऔर दुर्ग जिले में 100 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. कुछ जिलों में कमी भी राज्य के कुछ जिलों में चालानी कार्रवाई पिछले साल के मुकाबले कम हुई है. जिन जिलों में यह कमी आई है, उनमें सारंगढ़ बिलाईगढ़ गौरेला-पेड्रा-मरवाही, कांकेर, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम शामिल हैं. कुल मिलाकर पुलिस वो पिछले खल सभी तरह के वाहनों के चालान के 4 लाख 51 हजार 49 प्रकरण बजाए थे, जबकि इस साल 6 लाख 86 हजार 983 प्रकरण बने हैं. चालानी कार्रवाई में यह वृद्धि 52.31 प्रतिशत है.

धान खरीदी तिहार सुचारू और पारदर्शी, भिट्ठी कला के किसानों ने जताया विश्वास

3100 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य से किसानों को सीधा लाभ रायपुर,  प्रदेश में इस वर्ष धान खरीदी तिहार पूरी तरह सुगमता, पारदर्शिता और सुव्यवस्था के साथ संचालित हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में राज्य के सभी धान उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित किए जाने से किसानों में उत्साह और विश्वास का माहौल है। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत भिट्ठी कला स्थित आदिमजाति सहकारी मर्यादित समिति मेंड्राकला में धान विक्रय करने पहुँचे किसान इस वर्ष की खरीदी व्यवस्था से पूरी तरह संतुष्ट दिखाई दिए। किसानों ने बताया कि खरीदी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुचारू, सुविधाजनक और पारदर्शी है। किसान बनकेश्वर राम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान मूल्य से किसानों को सीधा आर्थिक लाभ हो रहा है। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्र में तुलाई, नमी परीक्षण और अन्य प्रक्रियाएँ बिना किसी कठिनाई के पूरी हुईं, जिससे खरीदी का अनुभव सहज रहा। उपार्जन केंद्र में उपलब्ध सुव्यवस्थित व्यवस्था देखकर किसान बनकेश्वर राम ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाएँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों—बारदाना उपलब्धता, पारदर्शी तुलाई, त्वरित भुगतान प्रणाली और लगातार निगरानी—ने किसानों के बीच प्रक्रिया के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत किया है।

छत्तीसगढ़ में बड़ी कामयाबी: 48 लाख के इनामी 15 सक्रिय माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

सुकमा छत्तीसगढ़ में लगातार नक्सल विरोधी अभियानों में सुरक्षा बलों को सफलता मिल रही है। इसी क्रम में आज सुकमा जिले में एक और बड़ी कामयाबी मिली है, जहां 15 सक्रिय माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। इन सभी पर 48 लाख रुपये के इनाम घोषित था। आत्मसमर्पित माओवादियों में PLGA बटालियन-01 के 4 हार्डकोर सदस्य भी शामिल हैं। हार्डकोर नक्सली भी किये सरेंडर आत्मसमर्पण करने वालों में PPCM के 4, SCM के 2, पार्टी सदस्य 3 और अन्य 8 सदस्य शामिल हैं। इनमें 5 महिलाएं और 10 पुरुष माओवादी हैं। इन सभी पर मिलाकर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें 4 माओवादियों पर 8-8 लाख, 2 पर 5-5 लाख, 1 पर 3 लाख, 1 पर 2 लाख, 1 पर 1 लाख का इनाम था। आत्मसमर्पित माओवादियों ने ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति’ और पुना मुर्गम योजना से प्रभावित होकर हिंसा का रास्ता छोड़ा है। इसके साथ ही तर्रेम और अंसदरी क्षेत्रों में नए सुरक्षा कैंपों की बढ़ी मौजूदगी ने भी उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित किया। इस आत्मसमर्पण अभियान में जिला पुलिस बल, DRG, RAF, CRPF (02, 212, 217, 223 बटालियन), COBRA 207 और विभिन्न इंटेलिजेंस एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

छत्तीसगढ़ में फूड प्रोसेसिंग को नई गति मिलेगी, सीएम साय ने चिराग पासवान से की रणनीतिक बातचीत

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री चिराग पासवान से उनके कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ से जुड़े अनेक जनहित विषयों पर रचनात्मक और सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से राज्य में खाद्य सुरक्षा, कृषि-आधारित उद्योगों और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) संस्थान की स्थापना छत्तीसगढ़ में की जाए, ताकि राज्य के युवाओं को आधुनिक खाद्य तकनीक, उद्यमिता तथा नए रोजगारों से संबंधित उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि कृषि दृष्टि से छत्तीसगढ़ एक मजबूत राज्य है और यहां ऐसे संस्थान से हजारों छात्रों, किसानों तथा खाद्य-आधारित उद्यमों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस प्रस्ताव को अत्यंत सकारात्मक रूप से लेते हुए कहा कि वे इस विषय पर हर संभव सहयोग देंगे और इसे गंभीरता से विचार में लेंगे। रायपुर में वर्ल्ड फूड इंडिया का रीजनल समिट कराने का किया आग्रह मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह भी अनुरोध किया कि वर्ल्ड फूड इंडिया के रीजनल समिट का आयोजन रायपुर में किया जाए। उन्होंने कहा कि रायपुर की समृद्ध खाद्य परंपरा, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और विविधता ऐसे आयोजन के लिए आदर्श गंतव्य बनाती है। यह फेस्टिवल क्षेत्रीय पाक-परंपराओं को वैश्विक पहचान देगा और नए खाद्य-आधारित उद्यमों के लिए बड़े अवसर उत्पन्न करेगा। सीएम साय ने कहा कि यह आयोजन दिल्ली के वर्ल्ड फूड इंडिया अथवा गुवाहाटी के नॉर्थ ईस्ट फूड फेस्ट की तर्ज पर हर दो वर्ष में आयोजित किया जाए। प्रदेश में फूड इर्रेडिएशन यूनिट के लिए केंद्र से मांगा सहयोग मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में खाद्य वस्तुओं की जांच के लिए फूड टेस्टिंग लैब तथा खाद्य उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए फूड इर्रेडिएशन यूनिट स्थापित की जानी है, जिनके लिए राज्य केंद्र से सहयोग चाहता है। उन्होंने कहा कि धान तथा फल–सब्जी आधारित उद्योगों में बड़े निवेशकों की भागीदारी बढ़ने से किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को व्यापक गति मिलेगी। साय ने जानकारी दी कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को विशेष महत्व दिया गया है और निवेशकों को अनेक अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। इसी के अंतर्गत Drools कंपनी द्वारा छत्तीसगढ़ में ₹1,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जिससे लगभग 3,000 लोगों को रोजगार मिलेगा और इसका लाभ ग्रामीण व आदिवासी समुदायों तक पहुंचेगा। राइस ब्रान ऑयल हब के रूप में विकसित होगा छत्तीसगढ़ सीएम ने यह भी कहा कि राज्य का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को राइस ब्रान ऑयल हब के रूप में विकसित करना है, जिससे तेल आयात पर निर्भरता कम होगी और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को सुदृढ़ समर्थन मिलेगा। आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ और विकसित भारत 2047 का सपना इन्हीं प्रयासों के माध्यम से साकार होगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत एवं इन्वेस्टमेंट कमिश्नर रितु सेन उपस्थित थीं।

प्रार्थना सभा में अवैध धर्मांतरण का आरोप: बजरंग दल के पहुंचते ही हंगामा, दो लोग पकड़े गए

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक बार फिर धर्मांतरण का मामला गरमाया है। जिले के रनचिराई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कलंगपुर गांव में रविवार को एक प्रार्थना सभा की आड़ में कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। बजरंग दल की शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने मौके पर दबिश दी और दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, कलंगपुर गांव में एक निजी परिसर में पिछले काफी समय से हर रविवार को प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा था। स्थानीय हिंदू संगठनों, विशेषकर बजरंग दल का आरोप है कि इस आयोजन का इस्तेमाल भोले-भाले ग्रामीणों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने के लिए किया जा रहा था। रविवार को जब यह प्रार्थना सभा चल रही थी, उसी दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और धर्मांतरण की कोशिशों का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। कार्यकर्ताओं ने तत्काल रनचिराई पुलिस को इस संबंध में सूचना दी।   पुलिस ने दो लोगों को लिया हिरासत में शिकायत मिलते ही पुलिस की एक टीम तुरंत गांव पहुंची और सभा स्थल पर दबिश दी। पुलिस ने सभा के आयोजकों में से दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। बजरंग दल ने मांग की है कि धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत इन व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। रनचिराई थाना प्रभारी राधा बोरकर ने इस संबंध में बताया, "हमें प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण की शिकायत मिली थी। मौके पर पहुंचकर दो संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" जिले में बढ़ता धर्मांतरण विवाद यह घटना बालोद जिले में धर्मांतरण को लेकर बढ़ते तनाव की एक नई कड़ी है। हाल ही में, इसी जिले में मसीही समाज द्वारा कब्रिस्तान की मांग को लेकर भी एक बड़ा विवाद हुआ था, जिसका हिंदू संगठनों ने पुरजोर विरोध किया था। ऐसे में, प्रशासन के लिए जिले में धर्मांतरण की गतिविधियों पर नियंत्रण रखना और धार्मिक सद्भाव बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।  

युवक-युवती सम्मेलन में मुख्यमंत्री साय ने किया पुस्तकों का विमोचन, गोंड समाज को आर्थिक सहायता भी दी

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के टिकरापारा स्थित गोंडवाना भवन में आयोजित गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री का पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत किया गया और उन्होंने भगवान बूढ़ादेव का पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गोंड समाज को सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 05 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान करने की घोषणा की। कार्यक्रम में आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम द्वारा लिखित दो पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। आदिवासी ऐतिहासिक निरंतरता से वर्तमान चुनौतियों तक विरासत का सम्मान : वैश्विक दृष्टिकोण पर सवाल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गोंड समाज का इतिहास अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समाज के हितों के प्रति संवेदनशील हैं और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार जनजातीय नायकों के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है और नागरिकों से नया रायपुर स्थित जनजातीय संग्रहालय का भ्रमण करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवक-युवती परिचय सम्मेलन समाज के लोगों को एक-दूसरे को समझने और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस अवसर पर विकास मरकाम ने गोंड समाज के गौरवशाली इतिहास, परंपराओं और नवाचारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डबल-इंजन की सरकार में जनजातीय समुदाय के हितों, विकास और उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री जग्गू सिंह, उपाध्यक्ष श्री किशोर ध्रुव, श्री सेवाराम ध्रुव, श्री हरि सिंह ठाकुर सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।