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रिंकू सिंह ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात, सौहार्दपूर्ण बातचीत में कई मुद्दों पर चर्चा

छत्तीसगढ़ में खेल सुविधाओं के विस्तार पर हुई सार्थक चर्चा रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज़ एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रिंकू सिंह ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने रिंकू सिंह का स्वागत शाल और नंदी के प्रतीक चिन्ह भेंट कर किया। इस अवसर पर विधायक सुशांत शुक्ला भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने रिंकू सिंह को उनके उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन और भारतीय क्रिकेट टीम में दिए जा रहे महत्वपूर्ण योगदान के लिए बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परम्पराओं और राज्य में खेलों को नई दिशा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने रिंकू सिंह को बस्तर ओलंपिक की अवधारणा और उसके माध्यम से उभर रही स्थानीय प्रतिभाओं के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में अपार संभावनाएँ हैं और राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

उच्च स्तरीय पुलिस बैठक: डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस से पहले IG-SP ने की रणनीतिक चर्चा

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 28 से 30 नवंबर तक होने वाले डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस को लेकर रविवार को पुलिस अधिकारियों की बैठक जारी है. इस बैठक में रायपुर संभाग के सभी पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अलग-अलग संभागों के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) शामिल हुए हैं. छत्तीसगढ़ इंटेलिजेंस के चीफ अमित कुमार की अध्यक्षता में बैठक हो रही है. जानकारी के मुताबिक, सिविल लाइन के सी-4 बिल्डिंग में पुलिस अधिकारियों की इस हाई लेवल मीटिंग में सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था की स्थिति और कॉन्फ्रेंस से जुड़ी तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है. IG रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा, IG आनंद छाबड़ा IG CID ध्रुव गुप्ता, संजीव शुक्ला,DIG सुरक्षा ML कोटवानी शामिल हुए. बता दें कि छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर स्थित आईआईएम में पहली बार अखिल भारतीय डीजीपी-आईजी सम्मेलन 28-30 नवंबर के बीच होगा. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होने रायपुर पहुचेंगे. इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देशभर के सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक और सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी आंतरिक सुरक्षा, नक्सल विरोधी अभियान, आतंकवाद विरोधी प्रयास, ड्रग्स नियंत्रण और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे.

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से दुल्लापुर–नेवारीगुड़ा–कान्हाभैरा मार्ग निर्माण को मंजूरी—ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर, जिला पंचायत कवर्धा क्षेत्र क्रमांक 10 के लिए विकास का नया अध्याय जुड़ गया है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निरंतर प्रयासों से क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित सड़क—दुल्लापुर, नेवारीगुड़ा, कान्हाभैरा से कंझेटा तक—के निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह निर्णय क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। क्षेत्रवासियों ने इस जनहितकारी निर्णय के लिए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क के अभाव में लंबे समय से आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और व्यापारिक गतिविधियों में काफी दिक्कतें आती थीं। सड़क निर्माण प्रारंभ होने से इन समस्याओं का समाधान होगा और आर्थिक-सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 10 के सदस्य कैलाश चंद्रवंशी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री  शर्मा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार सक्रिय हैं। उनके मार्गदर्शन में क्षेत्र की अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए कई अहम परियोजनाएँ स्वीकृत हो रही हैं। उन्होंने कहा कि दुल्लापुर–नेवारीगुड़ा–कान्हाभैरा मार्ग इस पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है। सड़क का निर्माण दुल्लापुर के नहर पार से नेवारीगुड़ा तक गांव के बाहरी हिस्से से होकर किया जाएगा, जो दुल्लापुर और नेवारीगुड़ा के लिए बायपास मार्ग के रूप में भी कार्य करेगा। यह योजना क्षेत्र की गतिशीलता और सुविधा को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ करने की तैयारी तेजी से जारी है। इसके पूर्ण होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा बेहतर होगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने कहा कि यह स्वीकृति उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की संवेदनशीलता, दूरदर्शिता और जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

खैरागढ़ महोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए राज्यपाल रमेन डेका

रायपुर, कला और संस्कृति की प्रतिष्ठित धरती खैरागढ़ शुक्रवार की रात को रंग–रस–संगीत की रंगीन छटा से निखर उठी। बहुप्रतीक्षित खैरागढ़ महोत्सव के समापन समारोह में राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि खैरागढ़ की सांस्कृतिक धरोहर न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान है, बल्कि यह भारत की विविध कला-पद्धतियों का जीवंत केंद्र भी है। उन्होंने बताया कि यहां की संस्कृति रामायण काल से भी प्राचीन है। उन्होंने कहा कि संस्कृति के संरक्षण में ग्रामीणों की भूमिका अहम होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में कला के प्रति प्रेम और संरक्षण की प्रेरणा जगाते हैं तथा कलाकारों को अपने हुनर के प्रदर्शन का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।           समारोह में विशिष्ट अतिथि रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि खैरागढ़ भारत की कला-राजधानी के रूप में उभर रहा है और यह महोत्सव आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त करेगा। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. लवली शर्मा ने कहा कि खैरागढ़ महोत्सव विद्यार्थियों की साधना, सृजनशीलता और कला-अनुसंधान का सशक्त मंच है तथा विश्वविद्यालय भविष्य में राष्ट्रीय कला केंद्र के रूप में स्थापित होगा। समारोह में नृत्य संकाय के विद्यार्थियों ने कथक, भरतनाट्यम व ओडिसी नृत्य की सधी हुई प्रस्तुतिया दी। कोलकाता से आए मशहूर सरोदवादक उस्ताद सिराज अली खान और लंदन के तबला वादक पंडित संजू सहाय की जुगलबंदी ने संगीतमय वातावरण रचा। पंडित संजू सहाय के द्वारा तबला वादन की प्रस्तुति दी गई। पुणे की प्रख्यात कथक नृत्यांगना विदुषी शमा भाटे एवं उनके समूह ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर कथक नृत्य की प्रस्तुतियां दी । राजनांदगांव की लोकगायिका श्रीमती कविता वासनिक एवं उनके दल ने लोकसंगीत अनुराग धारा की प्रस्तुति दी।

सुकमा पुनर्वास केंद्र पहुंचे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, खुद बैठकर युवाओं के बनवाये आधारभूत दस्तावेज

रायपुर, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज शाम सुकमा में बनाये गए पुनर्वास केन्द्र में आकस्मिक निरीक्षण किया। जहां उन्होंने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटे युवाओं के साथ चौपाल लगाकर उनसे बात की। इस दौरान पुनर्वासित युवाओं ने अपनी बातों को उपमुख्यमंत्री के सामने रखा। जहां उपमुख्यमंत्री खुद भी युवाओं के जमीन पर साथ बैठे और उनसे आत्मीय चर्चा की। उपमुख्यमंत्री की सरलता ने सभी को आनंदित कर दिया। सभी ने अपने मन की बातें बिना संकोच के उनके समक्ष रखी। इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने युवाओं से संवाद करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र में आधारभूत व्यवस्थाओं के संबंध में युवाओं से सीधे जानकारी भी ली और अधिकारियों को उनके खाने और अन्य आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने युवाओं से शिक्षा और खेती एवं उनके परिवार सदस्यों से मुलाकात के संबंध में भी जानकारी ली। जहां पर उन्होंने अधिकारियों और पुनर्वासित युवाओं से कहा कि आपके परिजन यदि पुनर्वास केन्द्र में आकर मुलाकात करना चाहते हैं और यदि बाजार वाले दिन आकर जब भी मिलना चाहें तो उनसे मुलाकात कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी पुनर्वासित युवा के परिवार जेल में निरूद्ध हैं और युवा उनसे मिलना चाहें तो उसकी भी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने युवाओं में से यदि कोई विवाह की इच्छा भी रखते हैं तो उनके लिए भी सामूहिक विवाह की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इस दौरान पुनर्वासित युवाओं ने अपने मूलभूत दस्तावेज पूर्ण ना होने की जानकारी दी। जिसपर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने तुरंत जिला प्रशासन के अधिकारियों को दस्तावेज निर्माण करवाने के निर्देश दिए। जिसमें उन्होंने स्वयं अधिकारियों के साथ बैठकर दस्तावेज निर्माण प्रक्रिया का निरीक्षण किया और जहां भी दिक्कतें आईं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर उनका निराकरण भी किया। जहां आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड आदि बनवाने के लिए आवेदन कराए गए। उन्होंने युवाओं को विधानसभा सत्र के दौरान रायपुर भ्रमण कराकर उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जानकारी देने और उन्हें कार्यप्रणाली से अवगत कराने एवं इनके लिए पुनर्वास केंद्र में ही विशेष स्वास्थ्य शिविर लगवाने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया। उल्लेखनीय है कि सुकमा के पुनर्वास केंद्र में प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में पुनर्वासित युवाओं को राज मिस्त्री, कृषि उद्यमी, सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही पुनर्वास नीति के अनुसार उन्हें दीर्घकालिक रोजगार दिलाने हेतु सहायता भी दी जा रही है। इस अवसर पर एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी, कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, एसपी श्री किरण चव्हाण, अपर कलेक्टर गजेंद्र सिंह ठाकुर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सुकमा जिले के लखापाल-दुलेड़ में दो दिवसीय मेगा स्वास्थ्य शिविर सम्पन्न

295 ग्रामीणों का निःशुल्क इलाज, 164 आयुष्मान कार्ड बने रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार की नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत सुकमा जिले के दूरस्थ और संवेदनशील वनांचलों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता फिर से सफल साबित हुई। कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन में और सीएमएचओ डॉ. आरके सिंह के मार्गदर्शन में लखापाल एवं दुलेड़ (मुकराजकोंडा पारा) में 21-22 नवंबर को दो दिवसीय विशाल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह क्षेत्र सुकमा मुख्यालय से लगभग 110 किमी दूर घने जंगलों में स्थित है, जहां स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सामान्यतः चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। स्वास्थ्य शिविर में लखापाल में 133 तथा दुलेड़ में 162, कुल 295 ग्रामीणों की चिकित्सकीय जांच हुई। मरीजों को मौके पर ही निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं और आर्थिक सुरक्षा के लिए 164 नए आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए, जिनसे वे भविष्य में निःशुल्क उपचार सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। शिविर के दौरान स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों को मच्छरदानी का उपयोग, स्वच्छता बनाए रखना, बासी भोजन से बचना और पानी के जमाव को रोकने जैसे महत्वपूर्ण उपाय बताए गए, जिससे वे अनेक बीमारियों से बचाव कर सकें। इस स्वास्थ्य शिविर को पहली बार विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने संबोधित किया। जिला चिकित्सालय सुकमा, वीवाई हॉस्पिटल रायपुर एवं स्थानीय स्वास्थ्य अमला की संयुक्त टीम ने अत्यंत कठिन परिस्थिति में भी ग्रामीणों का निःशुल्क उपचार किया। टीम में विशेषज्ञ सर्जन, शिशु रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन विशेषज्ञ और त्वचारोग विशेषज्ञ शामिल थे। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की पहलों ने उनकी जीवनशैली में स्वास्थ्य और शिक्षा जागरूकता का नया संचार किया है। नियद नेल्लानार योजना की यह सफलता राज्य सरकार की दूरदर्शी नीति का प्रमाण है, जो कि न केवल दूरस्थ इलाकों में मूलभूत सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करती है, बल्कि जनजातीय समुदायों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार भी ला रही है।

मुख्यमंत्री गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में हुए शामिल

आदिवासी ऐतिहासिक निरंतरता से वर्तमान चुनौतियों तक तथा विरासत का सम्मान : वैश्विक दृष्टिकोण पर सवाल” पुस्तकों का विमोचन रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के टिकरापारा स्थित गोंडवाना भवन में छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति द्वारा आयोजित गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री का पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत किया गया तथा उन्होंने भगवान बूढ़ादेव का पूजन कर विधि-विधान से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गोंड समाज को सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 05 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान करने की घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम द्वारा लिखित दो महत्वपूर्ण पुस्तकों—“आदिवासी ऐतिहासिक निरंतरता से वर्तमान चुनौतियों तक” तथा “विरासत का सम्मान : वैश्विक दृष्टिकोण पर सवाल” का विमोचन किया।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गोंड समाज का इतिहास अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली रहा है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समाज के हितों के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। देश के सर्वोच्च पद पर जनजातीय समाज की गौरवपूर्ण उपस्थिति इस सम्मान का प्रत्यक्ष प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पीएम जनमन और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान हेतु भी सरकार ने कई विशेष पहल प्रारंभ की हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय नायकों के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उपस्थित लोगों से नया रायपुर में स्थापित जनजातीय संग्रहालय का भ्रमण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय वीरों ने सदैव अपनी माटी और संस्कृति की रक्षा की है, और इस गौरवमयी परंपरा की सुंदर झलक आपको संग्रहालय में देखने को मिलेगी। श्री साय ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाया जाने वाला जनजातीय गौरव दिवस आदिवासी समाज की विरासत को सम्मान देने का एक सशक्त माध्यम है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को आपस में जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इससे भावी पीढ़ी अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक जड़ों से परिचित होती है। युवक-युवती परिचय सम्मेलन समुदाय के लोगों को एक-दूसरे को समझने, जानने और रिश्तों के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएँ भी दीं। इस अवसर पर आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने गोंड समाज के गौरवशाली इतिहास पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गोंड समाज का इतिहास समृद्ध परंपराओं और वीरता की गाथाओं से भरा हुआ है। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक कालखंडों में गोंड राजाओं ने शासन, प्रबंधन और सामाजिक संरचना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिनका उल्लेख विभिन्न ऐतिहासिक दस्तावेजों में मिलता है। श्री मरकाम ने कहा कि डबल-इंजन की सरकार में जनजातीय समुदाय के हितों, विकास और उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ आज बड़े पैमाने पर जनजातीय समाज तक पहुँच रहा है। उन्होंने समाज को एकजुट होकर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया तथा गोंड समाज द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों, सामुदायिक प्रयासों एवं नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास ही समाज को सशक्त बनाते हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री जग्गू सिंह, उपाध्यक्ष श्री किशोर ध्रुव, श्री सेवाराम ध्रुव, श्री हरि सिंह ठाकुर सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित थे।

ISIS की भारत पर 10 साल में कब्जे की प्लानिंग का खुलासा, पाकिस्तानी मॉड्यूल बच्चों को बना रहा था निशाना

रायपुर प्रदेश में पाकिस्तान आधारित आईएसआईएस माड्यूल के राजफाश होने के बाद जांच एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। एटीएस की टीम शनिवार को माना बाल संप्रेक्षण गृह पहुंची, जहां गिरफ्तार दोनों नाबालिगों से लगातार गहन पूछताछ की। दोनों किशोरों को संप्रेक्षण गृह के एक अलग सुरक्षित कक्ष में रखा गया है, जिसकी निगरानी उच्च स्तरीय सुरक्षा में की जा रही है। आस-पास किसी भी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही पर सख्त प्रतिबंध है। केवल संप्रेक्षण गृह प्रभारी और चिह्नित प्रहरी ही उस कमरे तक पहुंच सकते हैं। जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी आतंकी समूह बच्चों के दिमाग में झूठी कहानियां भर रहा था। उन्हें विश्वास दिलाया गया कि 5-10 वर्षों में भारत पर कब्जा कर लिया जाएगा और उसके बाद चीन पर नियंत्रण करने का ‘मिशन’ चलेगा। इस तरह के भ्रम फैलाकर हैंडलरों ने बच्चों को पूरी तरह अपने प्रभाव में ले लिया था। एटीएस को मिले सुराग एनआईए से साझा पूछताछ के दौरान एटीएस को कई तथ्य मिले हैं, जिन्हें एनआईए के साथ साझा किया जा रहा है। एनआईए इन तथ्यों का अलग एंगल से विश्लेषण कर रही है। अगर नेटवर्क के बड़े तार सामने आते हैं, तो राष्ट्रीय जांच एजेंसी आगे स्वतंत्र जांच प्रारंभ कर सकती है। फिलहाल एटीएस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों किशोरों के संपर्क में प्रदेश के कितने अन्य युवा थे और किस तरह पाक हैंडलरों के निर्देश पर नाबालिग अन्य बच्चों को प्रभावित कर रहे थे। राज्य में हिंसा फैलाने की साजिश, बड़े रोल की तैयारी सूत्रों के अनुसार पाक हैंडलरों ने दोनों किशोरों को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अपनी विचारधारा में ढाल लिया था। उन्हें धर्म के नाम पर भड़काकर सामाजिक तंत्र से पूरी तरह अलग कर दिया गया। हैंडलर उन्हें लगातार ऐसे युवाओं का नेटवर्क बढ़ाने कहते थे जो उनके कट्टर विचारों से प्रभावित हो सकते थे। राजफाश हुआ है कि बच्चों को राज्य में किसी बड़ी आतंकी गतिविधि की जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही एटीएस ने उन्हें पकड़कर इस साजिश को नाकाम कर दिया। कई और स्लीपर सेल की आशंका एटीएस को संदेह है कि जिस तरह रायपुर और भिलाई के दो किशोरों को टारगेट किया गया, उसी प्रकार प्रदेश में और भी नाबालिगों को प्रभावित करने की कोशिश की गई हो सकती है। इसी वजह से एजेंसी ने 10 हजार से अधिक इंटरनेट मीडिया अकाउंट्स की निगरानी शुरू कर दी है। जिन अकाउंट्स पर अधिक संदेह है उनकी मैन्युअल मानिटरिंग भी की जा रही है। इंस्टाग्राम पर नजर, साइबर सेल भी सक्रिय किशोरों के आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने के बाद साइबर सेल ने इंटरनेट मीडिया की सर्विलांस और कड़ी कर दी है। संदिग्ध अकाउंट्स के आइपी एड्रेस ट्रैक किए जा रहे हैं और उनके विदेशी कनेक्शन की जांच की जा रही है। जांच में इंस्टाग्राम सबसे अधिक संदिग्ध प्लेटफार्म के रूप में सामने आया है, इसलिए इस पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। एटीएम ने परिजन को दिखाए बातचीत के सबूत एटीएस ने दोनों बच्चों की चैट, ग्रुप स्क्रीनशाट, फर्जी आईडी, हिंसक कंटेंट और हैंडलर्स के साथ हुई बातचीत के सबूत परिवारों को दिखाए हैं। परिजन ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें अंदाजा तक नहीं था कि उनके बच्चे फोन में किस तरह की दुनिया में फंस चुके हैं।  

वीसी बैठक: कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने धान उपार्जन केंद्रों के नोडल अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज वीसी के माध्यम से धान उपार्जन केंद्रों के नोडल अधिकारियों की बैठक ली और धान खरीदी की प्रगति तथा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को धान उपार्जन में कोई समस्या न हो। अवैध धान खरीदी पर कड़ाई से रोक लगाने तथा प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर, एडीएम उमाशंकर बंदे तथा रायपुर एसडीएम नंदकुमार चौबे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

भ्रष्टाचार पर ACB-EOW का शिकंजा, मुख्यमंत्री साय ने कहा— दोषियों को किसी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा

रायपुर छत्तीसगढ़ में रविवार सुबह एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने रायपुर, बिलासपुर सहित कई जिलों में एक साथ छापेमारी की। आबकारी और डीएमएफ घोटाले से जुड़े लगभग 18 ठिकानों पर दबिश दी गई है, जहां अधिकारी दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ACB-EOW की इस कार्रवाई पर बयान देते हुए कहा कि हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। भ्रष्टाचार की शिकायतों पर एजेंसियां जांच कर रही हैं और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई भी होगी। जांच एजेंसी अपना काम कर रही है – अरुण साव उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि दोनों मामलों में लंबे समय से इन्वेस्टिगेशन चल रही है। दोनों ही मामलों की जांच पहले से ही की जा रही है। जांच के आधार पर यह कार्रवाई हो रही है, जांच एजेंसी अपना काम कर रही है। बता दें कि ACB–EOW की टीम ने सुबह से ही कई जिलों में छापा मारा। आबकारी और डीएमएफ घोटाले से जुड़े ठिकानों में रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, कोंडागांव समेत विभिन्न जिले शामिल हैं। कहां-कहां हुई ACB-EOW की छापेमार कार्रवाई रायपुर – रामा ग्रीन कॉलोनी में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास और अमलीडीह स्थित ला विस्टा कॉलोनी में कारोबारी हरपाल अरोरा के ठिकानों पर। दुर्ग –  रिटायर्ड आबाकरी अधिकारी निरंजन दास के बेटे डॉ. अभिषेक दास के घर। बिलासपुर – शराब घोटाले से जुड़े अनिल टुटेजा के रिश्तेदार अशोक टुटेजा के घर। कोंडागांव – वर्ष 2019-20 में डीएमफ सप्लाई में शामिल रहे हैं कोणार्क जैन के घर। जगदलपुर – निरंजन दास के भाई चितरंजन दास के मैत्री संघ स्थित आवास। अंबिकापुर – पर्राडांड निवासी डॉक्टर तनवीर अहमद और सत्ती पारा निवासी अमित अग्रवाल के घर। बलरामपुर – कारोबारी मनोज अग्रवाल के घर।