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स्कूल में क्रूर सजा का मामला, सूरजपुर में बच्चे के साथ अमानवीय व्यवहार का वीडियो आया सामने

 अंबिकापुर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक चौंकाने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां के एक स्कूल में एक मासूम बच्चे को अमानवीय तरीके से दंडित करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में बच्चा केवल टी-शर्ट के सहारे पेड़ से लटका हुआ नज़र आता है, जबकि नीचे उसने सिर्फ अंडरवीयर पहना हुआ है. वह पूरी तरह से असहाय है और उसका हल्का शरीर हवा में इधर-उधर झूलता दिखाई देता है, जिसे देख हर कोई स्तब्ध है. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बच्चे को ऐसी क्रूर सजा किस कारण दी गई, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और आम लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी परिस्थिति में बच्चे के साथ इस प्रकार का व्यवहार अस्वीकार्य है और यह बाल अधिकारों का घोर उल्लंघन है. कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही और अनुशासन के नाम पर गलत मानसिकता ऐसी घटनाओं को जन्म देती है. इधर जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि वीडियो की सत्यता, घटना का समय और इसमें शामिल जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम तैनात कर दी गई है. जांच में दोषी पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन या संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. इस घटना ने एक बार फिर बच्चों के प्रति स्कूलों में होने वाली अनुचित सजाओं के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है.  

शहर में स्काईवॉक के काम के बीच, रायपुर में 27 नवंबर से वन-वे लागू

रायपुर  राजधानी के स्काई वॉक प्रोजेक्ट में अब काम और तेजी से आगे बढ़ेगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा गर्डर और स्लैब लान्चिंग के अगले चरण की तैयारी पूरी कर ली गई है, जिसके लिए विभाग ने कलेक्टर को ट्रैफिक ब्लॉक की अनुमति हेतु पत्र भेजा था। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एकांकी मार्ग के आदेश जारी कर दिए हैं।     सोमवार से आदेश लागू होते ही रात की पाली में गर्डर और स्लैब इंस्टालेशन का काम लगातार जारी रहेगा।     शास्त्री चौक से मेकाहारा चौक तक तथा शास्त्री चौक से मल्टीलेवल पार्किंग तक जयस्तंभ चौक की ओर रात्रि 10 बजे से सुबह 06 बजे तक एक माह तक वन-वे होगा।     पहले 15 दिन में शास्त्री चौक से मल्टीलेवल पार्किंग तक जयस्तंभ चौक की ओर मार्ग वन वे होगा     अगले 15 दिन में शास्त्री चौक से मेकाहारा चौक तक वन-वे होगा। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वन-वे किए जाने के लिए बंद मार्ग को एंट्री एवं एग्जिट पर पर्याप्त संख्या में रिफ्लेक्टिव बेरिकेट्स लगाकर बंद करेंगे। वाहनों को परिवर्तित करने एवं यातायात संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में गार्ड्स की व्यवस्था करेंगे एवं बंद मार्ग के प्रारंभ एवं अंत में एकांकी मार्ग का सूचना बोर्ड लगाना होगा। समय सीमा पर काम करने आदेश लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने निर्माण के अगले चरण में गर्डर और स्लैब लान्चिंग की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए विभाग ने ट्रैफिक ब्लॉक की अनुमति के लिए कलेक्टर को पत्र भेजा था। जिस पर कलेक्टर ने आदेश जारी कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह चरण तकनीकी रूप से सबसे चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि इसमें 5 से 6 मीटर ऊंचाई पर भारी गर्डरों को क्रेन की मदद से स्थापित किया जाना है। ऐसे में सुरक्षा और यातायात दोनों की विशेष व्यवस्था जरूरी मानी जा रही है। ट्रैफिक ब्लाक की अनुमति मिलते ही गर्डर लान्चिंग और स्लैब इंस्टालेशन का कार्य लगातार रात्रिकालीन पाली में जारी रहेगा, जिससे परियोजना समयसीमा के भीतर पूर्ण की जा सके। 16 गर्डर लगाना बांकी परियोजना से जुड़े इंजीनियरों ने बताया कि स्काईवॉक में कुल 63 स्टील गर्डर और 25 प्रीकास्ट स्लैब लगाए जाने हैं। इनमें से 47 गर्डर का इंस्टालेशन पूरा किया जा चुका है, जबकि 16 गर्डर शेष हैं। इसी प्रकार 25 में से 19 स्लैब लगाए जा चुके हैं, और शेष 6 स्लैब का लान्चिंग कार्य इसी चरण में किया जाएगा। गर्डर का निर्माण हो चुका है पूरा भिलाई स्थित वर्कशाप में गर्डर का निर्माण पहले ही पूरा कर लिया गया है। अब इन्हें हैवी ट्रांसपोर्टर और क्रेन सिस्टम के माध्यम से साइट पर लाकर फिटिंग की जा रही है। पीडब्ल्यूडी द्वारा भेजे गए पत्र में स्काईवॉक क्षेत्र में ट्रैफिक ब्लॉक की अवधि रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रस्तावित की गई है। शास्त्री चौक में रोटेटरी और एस्केलेटर की योजना पीडब्ल्यूडी की योजना के अनुसार, स्काईवाक का सेंटर का हिस्सा शास्त्री चौक पर विकसित किया जा रहा है, जहां चारों दिशाओं से आवागमन के लिए 5 मीटर चौड़ी रोटेटरी बनाई जाएगी। साथ ही, यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 12 स्थानों पर एस्केलेटर और लिफ्ट लगाने की योजना है। रात्रिकालीन कार्य और सुरक्षा व्यवस्था कार्य की प्रकृति को देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक का समय तय किया है, ताकि यातायात पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। इस दौरान पुलिस और ट्रैफिक विभाग की संयुक्त टीम स्थल पर मौजूद रहेगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्य अवधि के दौरान सुरक्षा बैरिकेड, सिग्नलिंग लाइट और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाएगी।  

सुप्रीम कोर्ट ने अमित बघेल को चेताया, कहा- जहां केस, वहां कानूनी प्रक्रिया का पालन होगा

रायपुर  छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली है। अपने बयानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाने पर अमित बघेल को राहत नहीं मिली है। 24 नवंबर को कोर्ट ने साफ कर दिया कि जहां-जहां FIR दर्ज हुई है, आरोपी को वहां की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा। अमित बघेल की ओर से दर्ज सभी एफआईआर को क्लब करने की मांग पर कोर्ट ने कहा, आप अपनी ज़ुबान संभालकर रखें। राज्य पुलिस आएगी, आपको अपने-अपने राज्यों में ले जाएगी। पूरे देश की सैर का आनंद लीजिए। बता दें कि अमित बघेल पिछले 26 दिनों से फरार है, उन पर 12 राज्यों में FIR दर्ज है। अमित बघेल के वकील ने कहा- गुस्से में दिया था बयान बघेल की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट ने न्यायालय में सुनवाई के दौरान कहा था कि बयान स्वीकार्य नहीं थे, लेकिन गुस्से में दिए गए थे और किसी की भावनाएं आहत करने का इरादा नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में पांच FIR दर्ज हैं, इसलिए अन्य राज्यों के मामले वहीं ट्रांसफर कर दिए जाएं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दलील मानने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि वे इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी और आरोपी को हर राज्य में दर्ज FIR के तहत प्रक्रिया का सामना करना होगा। कई राज्यों में दर्जनभर से अधिक FIR बता दें कि अमित बघेल के खिलाफ कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु सहित कई राज्यों में दर्जनभर से अधिक FIR दर्ज हैं। विवादित बयान के बाद देशभर में सिंधी समाज ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। कई शहरों में बघेल का पुतला फूंका गया और राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। समुदाय का आरोप है कि बघेल ने सिंधी समाज को ‘पाकिस्तानी’ कहकर अपमानित किया था।  अमित बघेल ने क्या कहा था ? छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने को लेकर 27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल ने अग्रसेन महाराज, सिंधी समाज के ईष्ट देवता झूलेलाल पर टिप्पणी की थी। अमित बघेल के बयान के बाद अग्रवाल समाज और सिंधी समाज ने प्रदेशभर और देशभर में प्रदर्शन किया। जानिए क्या है मूर्ति विवाद ? दरअसल, 26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ की गई। अगले दिन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना मौके पर पहुंची और जमकर हंगामा किया। इस दौरान क्रांति सेना और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी देखने को मिली। हंगामे के बाद, छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति दोबारा स्थापित कर दी गई। पुलिस ने अगले दिन सुबह राम मंदिर के पास से आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी मानसिक रूप से बीमार था और उसने नशे में मूर्ति तोड़ी थी। अमित बघेल की विवादित टिप्पणी दरअसल, 27 अक्टूबर 2025 को अमित बघेल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अग्रसेन महाराज के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी। अमित ने कहा था कि कौन है अग्रसेन महराज। चोर है या झूठा है। पाकिस्तानी सिंधी क्या जानते हैं। मछली वाले भगवान के बारे में। उन्होंने हमारी छत्तीसगढ़ी महतारी के गर्दन को काटकर अपमान किया है।

DGP-IG सम्मेलन में सुरक्षा रणनीति तय, मॉडल-स्टेट के आधार पर गाइडलाइन तैयार, रिहर्सल 27 नवंबर

रायपुर  रायपुर में 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में 60वां अखिल भारतीय DGP-IGP सम्मेलन आयोजित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस तीन दिवसीय बैठक में शामिल होंगे। सम्मेलन से पहले 26 और 27 नवंबर को रिहर्सल रखी गई है। आज मंगलवार को SPG की टीम रायपुर पहुंच रही है, जो कार्यक्रम स्थल और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करेगी। इसके लिए नया रायपुर पूरी तरह सील रहेगा। उससे पहले सिविल लाइंस स्थित C-4 डायल 112 कंट्रोल रूम में अधिकारियों की बैठक होगी। सम्मेलन में देशभर के डीजीपी और आईजी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम मसलों पर चर्चा करेंगे। साइबर सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी रणनीति, ड्रग्स नियंत्रण और सीमा प्रबंधन प्रमुख एजेंडा होंगे। पहले दिन 2, दूसरे दिन 4 और तीसरे दिन 2 सत्र होंगे। अमित शाह तीनों दिन मौजूद रहेंगे, जबकि प्रधानमंत्री मोदी दो दिन शामिल हो सकते हैं। सभी राज्य अपराध नियंत्रण और सुरक्षा उपायों पर प्रेजेंटेशन देंगे। एक मॉडल स्टेट के आधार पर कॉमन गाइडलाइन तैयार की जाएगी। उद्घाटन सत्र में अमित शाह और समापन सत्र में प्रधानमंत्री मोदी शामिल होंगे। सम्मेलन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह का बंगला अस्थायी PMO के रूप में उपयोग होगा। VVIP सुरक्षा के लिए शहर में कारकेड व्यवस्था वहीं पीएम मोदी और कई VVIP 28–29 नवंबर को रायपुर पहुंचेंगे. जिसके चलते VVIP सुरक्षा के लिए शहर में कारकेड की व्यवस्था की गई है. अफसरों के लिए विशेष बस सेवा तैयार किया गया है. 27 नवंबर से एयरपोर्ट पर अफसरों और मेहमानों के स्वागत के खास इंतजाम होंगे. सुबह वीवीआईपी आगमन, शाम को वापसी, आम जनता की आवाजाही पर न्यूनतम असर रहेगा. रूट डायवर्जन, होटल व्यवस्था और उच्च स्तरीय सुरक्षा के लिए सभी विभाग अलर्ट पर है. कॉन्फ्रेंस में सभी राज्य प्रेजेंटेशन देंगे कॉन्फ्रेंस में सभी राज्य अपराध नियंत्रण संबंधी प्रयासों पर प्रजेंटेशन देंगे। एक मॉडल स्टेट चुनकर कॉमन गाइडलाइन जारी हो सकेगी। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह का बंगला अस्थाई PMO बनेगा। 2024 में भुवनेश्वर में हुआ था सम्मेलन पिछले साल 2024 में DGP-IG कॉन्फ्रेंस ओडिशा के भुवनेश्वर में हुआ था। इसमें पीएम मोदी ने हिस्सा लिया था। छत्तीसगढ़ पहली बार इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी कर रहा है, जो राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। ऐसे होगी ठहरने की व्यवस्था प्रधानमंत्री एम-1 केंद्रीय गृहमंत्री एम-11 में ठहरेंगे। नए सर्किट हाउस में एनएसए अजीत डोभाल, डिप्टी एनएसए अनीश दयाल सिंह, आईबी चीफ तपन डेका, केंद्रीय गृह सचिव और दोनों केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के ठहरने की व्यवस्था की गई है। सर्किट हाउस में 6 सूइट और 22 कमरे बुक किए गए हैं। ठाकुर प्यारेलाल संस्थान में 140 कमरे और निमोरा अकादमी में 91 कमरे बुक हैं। यहां 33 राज्यों से आने वाले डीजीपी, पैरामिलिट्री फोर्स के 20 डीजी/एडीजी समेत 75 पुलिस अधिकारी ठहरेंगे। एक महीने में पीएम मोदी का दूसरा दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक महीने में यह दूसरा छत्तीसगढ़ दौरा होगा। इससे पहले, 1 नवंबर को वे राज्य स्थापना दिवस पर रायपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में बच्चों से मुलाकात की। आदिवासी संग्रहालय का उद्घाटन किया और राज्योत्सव में हिस्सा लिया था। आज से SPG संभालेगी मोर्चा DGP-IG कॉन्फ्रेंस में SPG (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) कार्यक्रम स्थलों में तैनात होगी. SPG की टीम मंगलवार को रायपुर पहुंचेगी. कार्यक्रम से एसपीजी के अधिकारी कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण करेंगे. कार्यक्रम के मद्देनजर नया रायपुर सील रहेगा.  कॉन्फ्रेंस में जुटेंगे साढ़े पांच सौ अफसर साथ ही रुकने वाले स्थानों की सुरक्षा के लिए जवानों की तैनाती की जाएगी. राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल की 5 कंपनी को ड्यूटी में उपलब्ध कराया जाएगा. 28 से 30 नवंबर तक होने वाले सम्मेलन स्थल पर सीआरपीएफ के जवानों के साथ ही आईबी की टीम तैनात रहेगी. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपीजी के जिम्मे रहेगी. केंद्रीय फोर्स के जवान सहयोगी की भूमिका में रहेंगे. पिछले वर्ष 2024 में यह सम्मेलन ओडिशा के भुवनेश्वर में हुआ था। छत्तीसगढ़ पहली बार इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी कर रहा है, जो राज्य के लिए एक उपलब्धि मानी जा रही है। अतिथियों के ठहरने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री एम-1 और गृह मंत्री एम-11 में रुकेंगे। नए सर्किट हाउस में NSA अजीत डोभाल, डिप्टी NSA अनीश दयाल सिंह, IB चीफ तपन डेका, केंद्रीय गृह सचिव और दोनो केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के लिए 6 सूइट और 22 कमरे बुक किए गए हैं। ठाकुर प्यारेलाल संस्थान में 140 कमरे और निमोरा अकादमी में 91 कमरे आरक्षित हैं, जहां 33 राज्यों से आने वाले डीजीपी, पैरामिलिट्री फोर्स के 20 डीजी/एडीजी सहित 75 वरिष्ठ अधिकारी ठहरेंगे। प्रधानमंत्री मोदी एक महीने में दूसरी बार छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। इससे पहले वे 1 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। सम्मेलन की सुरक्षा एडीजी दीपांशु काबरा और आईजी अमरेश मिश्रा की कमान में रहेगी। केंद्रीय फोर्स, इंटेलिजेंस एजेंसियों और राज्य पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी इनके पास होगी। सम्मेलन में सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी और आईजी प्रतिनिधि शामिल होंगे।  

वन्य जीव संरक्षण को बढ़ावा, छत्तीसगढ़ में नई गोद लेने की पहल शुरू

 रायपुर  प्रदेश में वन्य जीव संरक्षण और प्राणी उद्यानों के बेहतर रखरखाव को लेकर वन विभाग ने एक नई पहल शुरू करने की तैयारी की है। कर्नाटक और उत्तरप्रदेश की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में भी नागरिकों के साथ विभिन्न संस्थाएं और सामाजिक संगठन वन्य प्राणियों को गोद ले सकेंगे। इस योजना के माध्यम से वन्य प्राणियों की देखभाल, पोषण के साथ-साथ उनके आवास व स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वन विभाग ने इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही सरकार के स्वीकृति के लिए भेजा जा रहा है। अनुमति मिलते ही योजना को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया जाएगा। पहले चरण में राजधानी रायपुर स्थित जंगल सफारी और बिलासपुर के कानन पेंडारी चिड़ियाघर से कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद जरूरत और परिस्थितियों के अनुरूप राज्य के अन्य चिड़ियाघरों तथा संरक्षित क्षेत्रों में भी इसे विस्तारित किया जाएगा। वार्षिक दान दे सकेंगे योजना के तहत नागरिक या संस्थाएं किसी भी वन्य प्राणी के संरक्षण के लिए वार्षिक दान दे सकेंगे। इस दान की न्यूनतम राशि और गोद लेने की शर्तें योजना के औपचारिक लॉन्च के बाद सार्वजनिक की जाएगी। अनुमान है कि राशि प्राणी के आहार और सेवा-सुविधाओं की लागत के आधार पर तय होगी, जिसमें शेर, बाघ जैसे बड़े प्राणियों के लिए अधिक और हिरण, पक्षी आदि श्रेणियों के लिए अपेक्षाकृत कम दान निर्धारित किया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार किसी भी प्राणी को गोद लेने का अर्थ केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना होगा, इसमें प्राणी के स्वामित्व या उसके अधिकारों का हस्तांतरण शामिल नहीं होगा। गोद लेने वालों को विशेष अवसर पर प्राणी दर्शन की अनुमति, देखभाल संबंधी गतिविधियों की जानकारी और विभाग के कार्यक्रमों में आमंत्रण जैसे प्रोत्साहन भी प्रदान किए जाएंगे। संबंधित बाड़े में होंगे नाम विशेष बात यह है कि दान देने वाले नागरिकों और संस्थाओं के नाम संबंधित प्राणी के बाड़े के बाहर और चिड़ियाघर के प्रमुख सार्वजनिक स्थल पर पट्टिका के रूप में अंकित किए जाएंगे। इससे सामाजिक सहभागिता बढ़ेगी और वन्य प्राणियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता भी मजबूत होगी। वन विभाग का मानना है कि इस योजना के लागू होने से जहां संरक्षण कार्यों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। वहीं आम नागरिकों में वन्य जीवों के प्रति भावनात्मक जुड़ाव भी बढ़ेगा। विभाग को उम्मीद है कि राज्य के उद्योग, शैक्षणिक संस्थान, सामाजिक संगठन और संवेदनशील नागरिक इस अभियान में उत्साहपूर्वक भागीदारी करेंगे।

दिल्ली में छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट सम्मेलन शुरू, CM विष्णुदेव साय निवेशकों से कर रहे संवाद

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार का महत्वपूर्ण निवेशक सम्मेलन छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट आज नई दिल्ली में प्रारम्भ हो गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय पहुँचे और उन्होंने उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से मुलाक़ात का क्रम प्रारंभ कर दिया है। इस आयोजन में स्टील क्षेत्र, पर्यटन उद्योग और अन्य प्रमुख सेक्टरों के नामी उद्योगपति तथा विभिन्न कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हो रहे हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य देश भर के निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, उभरते अवसरों और निवेश–अनुकूल वातावरण को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय निवेशकों से सीधे संवाद कर रहे हैं तथा उन्हें राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए उपलब्ध सुविधाओं, स्थिर एवं पारदर्शी नीति, तेज़ी से विकसित होते इंफ्रास्ट्रक्चर तथा सरल और समयबद्ध प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से अवगत करा रहे हैं।

रायपुर से दिल्ली तक गूंजा छत्तीसगढ़ का लोक रंग, राजधानी में शानदार प्रस्तुति

रायपुर : देश की राजधानी में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का भव्य प्रदर्शन लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति में भारत मंडपम में दिखी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छटा रायपुर राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आज छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं का अद्भुत संगम दिखाई दिया। 44वें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले  में छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष के अवसर पर  आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों ने अपनी पारंपरिक नृत्य-शैली और विविध लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पूरे वातावरण में उत्साह, ऊर्जा और आनंद भर दिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन, रायपुर लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, जांजगीर-चांपा लोकसभा सांसद मती कमलेश जांगड़े, कांकेर लोकसभा सांसद  भोजराज नाग सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने दीप प्रज्वलन कर की। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का अवलोकन किया तथा विभिन्न स्टॉलों में प्रदर्शित कला-कृतियों, हस्तशिल्प और उत्पादों को देखा। उन्होंने कलाकारों और उद्यमियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि देश की राजधानी में “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” की गूंज सुनकर प्रत्येक छत्तीसगढ़ वासी गर्व से भर उठता है।   मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा रायपुर में देश के पहले डिजिटल जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण का उल्लेख करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ कला, संस्कृति और परंपराओं की समृद्ध भूमि है, जहाँ तीज-त्योहार, लोक-नृत्य और पारंपरिक कलाएँ आज भी उसी उत्साह और गरिमा के साथ संरक्षित हैं। उन्होंने मिलेट्स उत्पादन, स्थानीय हस्तशिल्प और जनजातीय परंपराओं को राज्य की असीम संभावनाओं का प्रतीक बताया तथा कहा कि राज्य सरकार कलाकारों के संरक्षण, आर्थिक सहयोग और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को और सशक्त बना रही है। मुख्यमंत्री ने देशवासियों को छत्तीसगढ़ आने तथा इसकी सादगी, सांस्कृतिक संपन्नता और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव करने के लिए आमंत्रित किया। सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक-कलाओं की एक से बढ़कर एक झलक प्रस्तुत की।गौरा-गौरी, भोजली, राउत नाचा, सुआ नृत्य, पंथी और करमा नृत्य जैसी लोक-शैली की सजीव प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मोहित कर लिया। सुआ नृत्य की गीतमय अभिव्यक्ति, राउत नाचा की जोशीली लय, पंथी की आध्यात्मिक छटा और करमा की मनभावन प्रस्तुति ने छत्तीसगढ़ की विविधता और लोक परंपराओं की गहराई को प्रभावी रूप से सामने रखा। पूरे कार्यक्रम के दौरान दर्शक तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन करते रहे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष  नीलू शर्मा,  छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष  शशांक शर्मा, विधायक  संपत अग्रवाल,  प्रबोध मिंज, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  पंकज झा, मुख्य सचिव  विकास शील,  पर्यटन, संस्कृति एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव  रोहित यादव, सीएसआईडीसी के महाप्रबंधक  विश्वेश कुमार, संस्कृति विभाग के संचालक  विवेक आचार्य, खादी ग्रामोद्योग सचिव  श्याम धावड़े, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर मती ऋतु सैन, आवासीय आयुक्त मती श्रुति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में CM विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का किया अवलोकन

रायपुर : अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पेवेलियन का किया अवलोकन हस्तशिल्प, वन-उत्पाद और पारंपरिक कला ने खींचा देश-विदेश के खरीदारों का ध्यान रायपुर भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में आज छत्तीसगढ़ पेवेलियन आकर्षण का केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के पेवेलियन का भ्रमण कर विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने  पेवेलियन में प्रदर्शित उत्पादों और नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वैश्विक व्यापार मंचों पर लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, वनोपज आधारित उत्पाद और पारंपरिक कला वैश्विक बाजार में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि “देश-विदेश के खरीदारों के बीच छत्तीसगढ़ी उत्पादों की बढ़ती मांग स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और हमारे कारीगरों के सम्मान को नई दिशा दे रही है। यह ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ के हमारे संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।” उन्होंने पवेलियन में प्रदर्शित कोसा सिल्क, धातु-शिल्प, ढोकरा कला, प्राकृतिक वन-आधारित उत्पाद, मिलेट-आधारित फूड प्रोडक्ट्स और सूक्ष्म उद्यमों के अभिनव मॉडल की सराहना की।  मुख्यमंत्री ने पेवेलियन में बस्तर की समृद्ध विरासत और कलाकृतियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने डिजिटल टीवी पर प्रसारित डॉक्यूमेंट्री ‘बदलता बस्तर (आमचो बस्तर)’  का अवलोकन करते हुए कहा कि डॉक्यूमेंट्री में आज का नया बस्तर स्पष्ट दिखाई देता है। बस्तर बदल चुका है, और यह डॉक्यूमेंट्री उसी परिवर्तन का जीवंत अवलोकन कराती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य  सरकार जनजातीय और ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने के लिए विभिन्न योजनाओं और संस्थागत समर्थन को निरंतर मजबूत कर रही है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन, लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, मती कमलेश जांगड़े एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।

बस्तर की बेटी सुभद्रा कश्यप ने राष्ट्रीय एकलव्य स्पोर्ट्स मीट में बनाया इतिहास, शतरंज में जीता स्वर्ण

बस्तर की बेटी सुभद्रा कश्यप ने राष्ट्रीय एकलव्य स्पोर्ट्स मीट में रचा इतिहास, शतरंज प्रतियोगिता में बनी स्वर्ण पदक विजेता रायपुर बस्तर जिले के लोहण्डीगुड़ा स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय गढ़िया की कक्षा 8 वीं की होनहार छात्रा सुभद्रा कश्यप ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सुभद्रा ने हाल ही में ओडिशा के सुंदरगढ़ में आयोजित चौथे एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय स्पोर्ट्स मीट में शानदार प्रदर्शन करते हुए शतरंज प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय गढ़िया लोहण्डीगुड़ा की इस प्रतिभाशाली बालिका ने राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित खेल प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उसकी निर्णायक चालों और एकाग्रता ने उसे पोडियम के शीर्ष पर पहुँचाया। संस्था प्रमुख श्रीमती ऊषा शुक्ला ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा सुभद्रा ने न केवल अपने विद्यालय और परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि उसने यह भी साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती। उसकी यह जीत क्षेत्र की अन्य बालिकाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। सुभद्रा कश्यप की यह सफलता बस्तर के ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्र की अन्य युवा प्रतिभाओं के लिए एक प्रेरणा का नया स्रोत बन गई है। एक छोटे से क्षेत्र की बालिका का राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना यह दर्शाता है कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर ये बच्चे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ राज्य और पूरे बस्तर संभाग के लिए गौरव का विषय है।

किसानों की शिकायत पर उपमुख्यमंत्री का एक्शन, ग्राम कुरूवा के पटवारी को तत्काल निलंबित करने के निर्देश

किसानों की शिकायत पर उपमुख्यमंत्री ने ग्राम कुरूवा के पटवारी को तत्काल निलंबित करने के दिए निर्देश किसानों की शिकायत पर मौके पर ही पटवारी  को किया गया निलंबित उप मुख्यमंत्री देर शाम सहसपुर लोहारा में किसानों से जमीन पर बैठकर की चर्चा, शिकायत पर की तत्काल कार्रवाई उप मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्या का किया निराकरण रायपुर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने अपने सहसपुर लोहारा के प्रवास के दौरान तहसील कार्यालय में किसानों को देखकर अपनी काफिला को रूकवाया। इसके बाद उन्होंने किसानों से मिलकर चर्चा की। इस दौरान उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने जमीन पर बैठकर किसानों से उनकी समस्या और शिकायत को गंभीरता पूर्वक सुना। किसानों ने बताया कि हल्का नंबर 15 ग्राम कुरूवा के पटवारी  राजेश शर्मा द्वारा कृषकों के विभिन्न कार्यों में टालमटोल एवं अनाधिकृत रूप से विलंब किया जाता है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तत्काल संज्ञान में लेते हुए पटवारी राजेश शर्मा को मौके पर ही निलंबित करने का आदेश दिया। अधिकारियों द्वारा आदेश का पालन करते हुए वही पर निलंबन का आदेश निकाला। आदेश के अनुसार पटवारी  राजेश शर्मा हल्का नंबर 15 कुरूवा, रा.नि.मं. सिल्हाटी, तहसील सहसपुर लोहारा को अपने प्रभार क्षेत्र के कृषकों के विभिन्न कार्यों में टालमटोल एवं अनाधिकृत रूप से विलंब करने जाने का शिकायत पर संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। उक्त आदेश के अनुक्रम तथा शासकीय कार्य में लापरवाही किये जाने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) के तहत, निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में निलंबित कर्मचारी  राजेश शर्मा पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय स.लोहारा (निर्वाचन शाखा) में होगा। संबंधित कर्मचारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदाय किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री  विजय शर्मा ने किसानों से धान खरीदी तथा अन्य राजस्व संबंधी कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों को किसी भी स्तर पर दिक्कत नहीं होनी चाहिए, किसान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। मौके पर उपस्थित सभी पटवारियों से उपमुख्यमंत्री ने कार्यों की स्थिति पूछी और कड़े शब्दों में निर्देश दिए कि कृषकों के किसी भी कार्य में लापरवाही, देरी या टालमटोल बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के सभी राजस्व कार्य समय पर और पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। यदि किसी कर्मचारी द्वारा लापरवाही पाई जाती है तो तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार को पूरे क्षेत्र की निरंतर मॉनिटरिंग करने तथा किसानों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।