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गुरु घासीदास जयंती: जिले में 18 दिसंबर को रहेगा पूर्ण शुष्क दिवस

एमसीबी आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा वर्ष 2025-26 की आबकारी नीति के अंतर्गत जारी निर्देशों के पालन में गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर 18 दिसम्बर 2025 गुरुवार को जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में पूर्ण शुष्क दिवस घोषित किया गया है। छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 24 की उपधारा 1 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार आबकारी नीति की कण्डिका 22 की उपकण्डिका 22.1 के तहत गुरु घासीदास जयंती के दिन जिले की समस्त देशी एवं विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानें, कम्पोजिट मदिरा दुकानें, दुकानों से संलग्न सभी अहाते तथा एफ.एल.4 (क) अनुज्ञप्ति अंतर्गत संचालित व्यवसायिक क्लब पूर्णतः बंद रहेंगे। इस दिन किसी भी प्रकार का मदिरा विक्रय या परोसना प्रतिबंधित रहेगा। जिला प्रशासन ने संबंधित अनुज्ञप्तिधारकों एवं संचालकों को निर्देशित किया है कि शुष्क दिवस के आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। आदेश के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। गुरु घासीदास जयंती के पावन अवसर पर शांति, अनुशासन और सामाजिक मर्यादा बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

सुपर सीएम से जेल तक!: 4364 करोड़ के घोटाले में सौम्या चौरसिया की 5वीं गिरफ्तारी

रायपुर  पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव और निलंबित राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी सौम्या चौरसिया को ईडी ने 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में फिर गिरफ्तार किया है। इससे पहले भी ईडी ने उन्हें 2 दिसंबर 2022 को इसी मामले में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद वह 822 दिन जेल में रहीं और 3 मार्च को जमानत पर रिहा हुईं। जमानत पर बाहर रहने के करीब 9 महीने बाद, मंगलवार को ईडी ने उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया है। अब उन्हें दोबारा रायपुर केंद्रीय जेल भेजा जाएगा। इस तरह सौम्या पर कुल 4364 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल होने का आरोप है। पूछताछ के आधार पर गिरफ्तारी एजेंसी का दावा है कि रिटायर आईएएस अनिल टुटेजा, कारोबारी अनवर ढेबर, चैतन्य बघेल, मनीष उपाध्याय और जयचंद कोसले की चैट रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर सौम्या को गिरफ्तार किया गया है। पिछली सरकार के दौरान पावरफुल अधिकारियों के आधा दर्जन व्हाट्सएप ग्रुप थे, जिनमें 'बिग बॉस', 'जय मां काली ग्रुप', 'पाल ग्रुप', 'डिस्कशन ग्रुप', 'जुगनू ग्रुप', 'अवतार' और 'मंथली ग्रुप' शामिल हैं। 'मंथली ग्रुप' में पैसों के लेन-देन का जिक्र मिलता है। इन्हीं ग्रुप्स में मिले चैट के आधार पर सौम्या के खिलाफ कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपियों से जब्त डायरी में भी कोडवर्ड में इन लेन-देन का उल्लेख मिला है। 4364 करोड़ के कुल घोटाले का आरोप सौम्या पर कुल 4364 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल होने का आरोप है। इसमें 500 करोड़ रुपये के अवैध कोल लेवी केस में ईडी की गिरफ्तारी, 540 करोड़ रुपये के कोल लेवी केस में ईओडब्ल्यू की गिरफ्तारी, 575 करोड़ रुपये के डीएमएफ घोटाला में ईओडब्ल्यू की गिरफ्तारी, और 49 करोड़ रुपये के आय से अधिक संपत्ति के मामले में ईओडब्ल्यू की गिरफ्तारी शामिल है। अब 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में ईडी ने उन्हें फिर से गिरफ्तार किया है। 3200 करोड़ का है घोटाला छत्तीसगढ़ शराब घोटाला भूपेश बघेल के कार्यकाल के दौरान सामने आया था। इस घोटाले में ईडी कई बड़े अधिकारियों और नेताओं को गिरफ्तार कर चुकी है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे भी शराब घोटाले के मामले में जेल में हैं। ईडी का दावा है कि कांग्रेस सरकार में नियमों से छेड़छाड़ कर करीब 3200 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया था। सौम्या चौरसिया भूपेश बघेल की करीबी सौम्या चौरसिया 2008 बैच की पीसीएस अधिकारी हैं। सौम्या चौरसिया का जन्म दुर्ग जिले के भिलाई में हुआ है। सौम्या चौरसिया, पेंड्रा, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई और पाटन में एसडीएम रही हैं। भूपेश बघेल पाटन विधानसभा सीट से विधायक हैं। ऐसा कहा जाता है कि जब सौम्या चौरसिया पाटन की एसडीएम रहीं उस दौरान उनकी वर्किंग स्टाइल की चर्चा होती थी। भूपेश बघेल भी उनके वर्किंग स्टाइल से प्रभावित हुए थे। सीएमओ में थी बड़ी जिम्मेदारी सौम्या चौरसिया 2016 रायपुर नगर निगम में अपर आयुक्त थीं। छत्तीसगढ़ में 2018 में कांग्रेस की सरकार बनी और भूपेश बघेल राज्य के सीएम। भूपेश बघेल के सीएम बनने के बाद सौम्या चौरसिया मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ हुईं थी। उन्हें सीएमओ में उपसचिव की जिम्मेदारी दी गई थी। सौम्या चौरसिया का नाम कोल लेवी घोटाले में भी जुड़ा है। कोयला घोटाले में भी सौम्या चौरसिया जेल जा चुकी हैं। कौन हैं सौम्या चौरसिया? जांच एजेंसी का दावा है कि सौम्या 2008 बैच की डिप्टी कलेक्टर हैं। उनकी 17 साल की सेवा अवधि में शासन से उन्हें 89.19 लाख रुपये का वेतन मिला है, जबकि परिवार की कुल आय 2.51 करोड़ रुपये है। इसके बावजूद, उन्होंने 49.69 करोड़ रुपये की 45 बेनामी संपत्तियां खरीदीं, जो उनकी आय से 1872 प्रतिशत अधिक है। ईओडब्ल्यू ने सौम्या की 39 करोड़ रुपये की 29 संपत्तियां अटैच की हैं, जबकि ईडी ने 8 करोड़ रुपये की 16 अचल संपत्तियां अटैच की हैं। एफडी और निवेश भी मिले रिश्तेदारों की भी 8 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच हुई है। सौम्या, शांति देवी और ओम नारायण के नाम से इंडियन बैंक रायपुर में कुल 8.60 लाख रुपये की एफडी है। सौम्या और सौरभ के नाम पर डीएसपी म्युचुअल फंड और एचएसबीसी म्युचुअल फंड में कुल 57,308 रुपये का निवेश है। अनुराग चौरसिया ने निपोन इंडिया में 2,25,830 रुपये का निवेश किया है।

महतारी वंदन योजना : बृजबाई कर रही है घर गृहस्थी के कार्यों में राशि का उपयोग

महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल रायपुर, राज्य सरकार की फ्लैगशिप महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम सकरी निवासी बृज बाई साहू ने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उन्हें अब तक 22 किश्तों में कुल 22,000 रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हो चुकी है। इस राशि का उपयोग वे सब्जी-भाजी, राशन सहित अन्य घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में कर रही हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। बृज बाई साहू ने बताया कि महिलाओं को आगे बढ़ाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा किया जा रहा यह कार्य अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा अब तक 22 किश्तें जारी की जा चुकी हैं। हाल ही में 3 दिसंबर 2025 को मोहला-मानपुर जिले से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 22वीं किश्त की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की गई। बृजबाई ने मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।

शराब घोटाले में बड़ा खुलासा: सौम्या चौरसिया को दिए गए 115 करोड़, ED ने विशेष अदालत से रिमांड की मांग

रायपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद ईडी ने उन्हें विशेष अदालत में पेश किया, जहां आगे की पूछताछ के लिए तीन दिन की रिमांड मांगी गई है। ईडी का दावा है कि जांच में शराब और कोयला घोटाले से जुड़े कई अहम आर्थिक लेन-देन और डिजिटल साक्ष्य सामने आए हैं। बता दें कि ईडी ने सौम्या चौरसिया को मंगलवार को शराब घोटाला मामले में पूछताछ के लिए तलब किया था। घंटों चली पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद बुधवार को उन्हें रायपुर स्थित विशेष अदालत में पेश किया गया। जहां बचाव पक्ष की ओर से हर्षवर्धन परघनिया और डॉ. सौरभ कुमार पांडे ने, जबकि ईडी की ओर से पक्ष रखा गया। ईडी का दावा है कि जांच में शराब और कोयला घोटाले से जुड़े कई अहम आर्थिक लेन-देन और डिजिटल साक्ष्य सामने आए हैं। ईडी ने सौम्या से पूछताछ के लिए विशेष अदालत से तीन दिन की रिमांड मांगी है।दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। 3200 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच ईडी के अनुसार, यह मामला करीब 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राज्य की शराब नीति में बदलाव कर चहेती कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया। लाइसेंस की शर्तें इस तरह तय की गईं कि कुछ चुनिंदा कंपनियों को ही काम मिल सके। नकली होलोग्राम और टैक्स चोरी का खेल जांच में सामने आया है कि इन कंपनियों ने नोएडा की एक फर्म के माध्यम से नकली होलोग्राम और सील तैयार करवाई। इन्हीं नकली होलोग्राम लगी महंगी शराब की बोतलों को सरकारी दुकानों के जरिए बेचा गया। चूंकि होलोग्राम फर्जी थे, इसलिए बिक्री का पूरा रिकॉर्ड शासन के सिस्टम में दर्ज नहीं हो पाया और बिना एक्साइज टैक्स दिए शराब की बिक्री होती रही। इससे राज्य सरकार को करीब 2165 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। सौम्या चौरसिया तक पहुंची 115 करोड़ की रकम ईडी के रिमांड आवेदन में दावा किया गया है कि शराब घोटाले से जुड़े करीब 115 करोड़ रुपये लक्ष्मीनारायण बंसल के माध्यम से सौम्या चौरसिया तक पहुंचे। इसके अलावा, आरोपी तांत्रिक केके श्रीवास्तव से पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि घोटाले की करीब 72 करोड़ रुपये की राशि हवाला के जरिए इधर-उधर की गई। कोयला घोटाले की डायरी से भी खुलासा ईडी ने यह भी बताया कि कोयला घोटाले की जांच के दौरान मिली एक डायरी में 43 करोड़ रुपये की ऐसी रकम का जिक्र है, जिसका संबंध शराब घोटाले से बताया जा रहा है। इस डायरी में अनवर ढेबर और पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा के नामों का भी उल्लेख है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई ईडी के अनुसार, लक्ष्मीनारायण बंसल और केके श्रीवास्तव से मिली जानकारियों के साथ-साथ डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर सौम्या चौरसिया की गिरफ्तारी की गई है। ईडी के वकील सौरभ पांडे ने अदालत को बताया कि मामले में गहन पूछताछ जरूरी है, इसलिए रिमांड की मांग की गई है। पहले भी रह चुकी हैं जेल में गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया कोयला घोटाला मामले में भी प्रमुख आरोपियों में शामिल रही हैं। इससे पहले मई महीने में सुप्रीम कोर्ट की शर्तों पर सौम्या चौरसिया समेत छह आरोपियों को जमानत पर रिहा किया गया था। उस दौरान अदालत ने उन्हें राज्य से बाहर रहने के निर्देश भी दिए थे। अब तक कई बड़े नाम गिरफ्तार शराब घोटाला मामले में अब तक कई बड़े नामों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर शामिल हैं। इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया था, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। अब सबकी निगाहें विशेष अदालत के फैसले और ईडी की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि रिमांड मिलती है, तो जांच एजेंसी को उम्मीद है कि शराब और कोयला घोटाले के बीच कथित आर्थिक कड़ियों को लेकर और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

जंगली जानवरों की रहस्यमयी मौतों पर हाईकोर्ट का कड़ा रुख, स्वतः संज्ञान लेकर PCCF से मांगा जवाब

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में हो रही जंगली जानवरों की संदिग्ध मौतों और अवैध शिकार की आशंका से जुड़े मामलों को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्त गुरु की डिवीजन बेंच ने मीडिया में लगातार सामने आ रही खबरों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में की। मामले में कोर्ट ने राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह मुख्य वन्यजीव वार्डन को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि प्रदेश में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। मामले की अगली सुनवाई 19 दिसंबर 2025 को निर्धारित की गई है। बता दें कि हाल के दिनों में प्रदेश में वन्यजीवों की मौत की कई घटनाएं सामने आई हैं। खैरागढ़-डोंगरगढ़ के बीच स्थित वन ग्राम बनबोड़ क्षेत्र में एक वयस्क तेंदुए की निर्मम हत्या कर दी गई। शिकारियों ने तेंदुए के पंजे, नाखून और जबड़े के दांत काटकर ले गए। इसके अलावा कबीरधाम जिले के भोरमदेव अभ्यारण्य अंतर्गत जामपानी क्षेत्र में करंट की चपेट में आने से दो बाइसन की मौत हो गई। आशंका है कि शिकारियों ने करंट लगाकर बाइसन का शिकार किया। वहीं मोतीनपुर और बोटेसूर गांव के बीच जंगल में भी एक तेंदुए का शव मिला है।

सदन में नारेबाजी और पोस्टरबाजी: ‘सत्यमेव जयते’ लेकर गर्भगृह में घुसे कांग्रेस विधायक, सस्पेंड

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन कांग्रेस के सभी विधायक ‘सत्यमेव जयते’ की तख्ती लेकर सदन में पहुंचे थे. विधायक नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की कार्रवाई का विरोध कर रहे थे. सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच तीखी बहस हुई. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जाँच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया. अजय चंद्राकर ने आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई. विपक्ष ने जाँच एजेंसियों के दुरूपयोग पर स्थगन लाया था. आसंदी ने विपक्ष के स्थगन को अग्राह्य किया. इसके साथ ही सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई. नारेबाजी करते हुए विपक्षी सदस्य गर्भगृह में पहुंचे. विपक्षी सदस्य सत्यमेव जयते के साथ जाँच एजेंसियों का दुरूपयोग करना बंद करो, भारत माता की जय, महात्मा गांधी की जय का नारा लगाते हुए गर्भगृह में पहुँचे. गर्भगृह में पहुंचने पर विपक्षी सदस्य निलंबित किए गए.

सदन की गरिमा पर सवाल: आसंदी ने विपक्षी सदस्यों के आचरण की निंदा की

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र के चौथे दिन प्रश्नकाल की कार्यवाही बाधित होने पर स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने नाराजगी जताई. उन्होंने विपक्षी सदस्यों के अनुचित व्यवहार की निंदा की. स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कांग्रेस विधायकों के सीने पर पोस्टर लगाकर आने पर सत्तापक्ष के विधायकों की आपत्ति के बीच कहा कि लोक हित से जुड़े विषयों पर कार्यवाही को बाधित करना निंदनीय है. विपक्षी सदस्य सदन की कार्यवाही के जानकार हैं, बावजूद उन्होंने जो किया वह अमर्यादित है, मैं आगे उनके विवेक पर छोड़ता हूं.

छत्तीसगढ़ का अब तक का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट: ₹35,000 करोड़ से विकास और भविष्य की मजबूत नींव — ओपी चौधरी

रायपुर : छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा ₹35,000 करोड़ का अनुपूरक बजट: विकास, अनुशासन और भविष्य की मजबूत नींव – वित्त मंत्री ओ पी चौधरी रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा ₹35,000 करोड़ का अनुपूरक बजट प्रस्तुत कर विकास, वित्तीय अनुशासन और दूरदर्शी शासन की स्पष्ट प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि यह अनुपूरक बजट केवल संसाधनों की व्यवस्था नहीं, बल्कि निरंतर आर्थिक प्रगति और संतुलित विकास की मजबूत दिशा है। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा विभिन्न बोर्डों और निगमों पर छोड़े गए ₹45,000 करोड़ से अधिक के लंबित ऋण ने इन संस्थानों को लगभग निष्क्रिय स्थिति में पहुँचा दिया था। इस अनुपूरक बजट के माध्यम से सरकार ने मार्कफेड और नान (NAAN) जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों को संबल प्रदान करने का गंभीर प्रयास किया है, जो राज्य में धान खरीदी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की रीढ़ हैं। इन संस्थाओं को सुदृढ़ किए बिना किसानों का कल्याण और नागरिकों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने औद्योगिक विकास को भी समान प्राथमिकता दी है। राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने तथा विभिन्न औद्योगिक विकास एवं प्रोत्साहन योजनाओं को निरंतरता प्रदान करने के लिए अनुपूरक बजट में ₹360 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे निवेश, रोजगार और उत्पादन क्षमता को बढ़ावा मिलेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र और संतुलित विकास के लिए केवल राजस्व व्यय पर्याप्त नहीं होता, बल्कि दूरदर्शी पूंजीगत व्यय ही भविष्य की समृद्ध अर्थव्यवस्था और मजबूत अधोसंरचना का आधार बनता है। सड़क, पुल, सिंचाई, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में किया गया निवेश आने वाले दशकों तक विकास के स्थायी स्रोत तैयार करता है। इसी सोच के साथ सरकार ने पूंजीगत व्यय को अपनी विकास रणनीति का केंद्र बनाया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद बीते 25 वर्षों में पूंजीगत व्यय में लगभग 55 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज हुई है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में जहाँ पूंजीगत व्यय ₹13,320 करोड़ था, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर ₹15,419 करोड़ और 2024-25 में ₹20,055 करोड़ तक पहुँचा। मुख्य बजट 2025-26 में पूंजीगत व्यय के लिए ₹26,341 करोड़ का प्रावधान किया गया है, साथ ही अनुपूरक बजट में अतिरिक्त ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट के कुल आकार के अनुपात में भी पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहाँ पूर्व सरकार के समय यह लगभग 3.5 प्रतिशत था, वहीं वर्ष 2025-26 में इसके 4.1 प्रतिशत तक पहुँचने की संभावना है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सरकार दीर्घकालिक विकास और मजबूत अधोसंरचना निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। अपने वक्तव्य के समापन में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि यह सरकार वादों पर नहीं, बल्कि परिणामों पर विश्वास करती है। पूंजीगत व्यय के माध्यम से संकल्पों को कागज से जमीन तक उतारने का कार्य किया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से सशक्त, अधोसंरचना के दृष्टिकोण से मजबूत और देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है। अनुपूरक बजट में सड़क एवं भवन निर्माण क्षेत्र को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। अधोसंरचना से जुड़े निर्माण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के उद्देश्य से अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुदृढ़ करने के लिए ग्रामीण सड़क कार्यक्रम (आरआरपी फेज-2) हेतु ₹175 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं राज्य में प्रमुख सड़कों के उन्नयन एवं विस्तार के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सड़क क्षेत्र परियोजना (एडीबी लोन-3) के अंतर्गत ₹150 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट रेल लाइन परियोजना के लिए ₹86 करोड़ की राशि का प्रावधान कर क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है। अनुपूरक बजट में कृषि विकास एवं किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापक वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक एवं लाभकारी बनाने के उद्देश्य से कृषि उन्नति योजना के लिए अनुपूरक बजट में ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही किसानों को 5 एचपी तक के पंपों के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने हेतु ₹1,700 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है, जिससे सिंचाई लागत में कमी आएगी और कृषि उत्पादन को स्थायी बल मिलेगा। किसानों को बिना ब्याज के ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अनुपूरक में ₹187 करोड़ का प्रावधान कर उन्हें वित्तीय संबल प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त, फसल जोखिम से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत ₹122 करोड़ का प्रावधान किया गया है, वहीं कृषि क्षेत्र में जल प्रबंधन एवं सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना हेतु ₹35 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कृषि नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में बायोटेक इन्क्यूबेशन सेंटर के भवन निर्माण के लिए ₹4 करोड़ का प्रावधान कर राज्य में कृषि आधारित नवाचार एवं तकनीकी विकास को नई गति देने का प्रयास किया गया है। अनुपूरक बजट में खाद्य सुरक्षा एवं पोषण व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया है। पिछली सरकार द्वारा छोड़े गए लंबित भुगतानों के निपटान हेतु अनुपूरक बजट में कुल ₹19,224 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य सुरक्षा तंत्र को स्थायित्व प्रदान किया जा सके। इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत ₹6,800 करोड़ का प्रावधान किया गया है, ताकि पात्र हितग्राहियों को नियमित, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सके। इसके साथ ही राज्य में धान खरीदी की महत्वपूर्ण व्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से मार्कफेड को धान खरीदी में हुई हानि के निपटान हेतु ₹12,424 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस प्रावधान से न केवल किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा, बल्कि राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य सुरक्षा ढांचे को भी दीर्घकालिक स्थिरता मिलेगी, जिससे आम नागरिकों के पोषण एवं खाद्य अधिकारों की प्रभावी रक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। अनुपूरक बजट में सड़क सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ करने … Read more

लोकतंत्र का प्रत्यक्ष अनुभव: बस्तर संभाग के सरपंचों का नए विधानसभा भवन का भ्रमण, उपमुख्यमंत्री से मुलाकात

रायपुर : बस्तर संभाग के सरपंचों ने नए विधानसभा भवन में देखी लोकतांत्रिक प्रक्रिया उपमुख्यमंत्री ने की सरपंचों से मुलाकात  रायपुर, बस्तर संभाग से आए विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंचगणों ने  नवनिर्मित छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन का भ्रमण कर विधानसभा की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को नजदीक से देखा। इस अवसर पर सरपंचों ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात भी की। बस्तर के जन जन में लोकतंत्र में विश्वास जगाने के लिए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर बस्तर संभाग के विभिन्न ग्रामों का प्रतिनिधित्व करने वाले सरपंचों को नवीन विधानसभा भवन का भ्रमण कराया गया।       इस दौरान सरपंचों को सदन की कार्यवाही, प्रश्नकाल, चर्चा एवं निर्णय प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। ग्राम स्तर पर लोकतंत्र को सशक्त बनाने वाले जनप्रतिनिधियों के लिए यह अनुभव अत्यंत प्रेरणादायी रहा। उपमुख्यमंत्री ने उनसे उनके अनुभवों पर विस्तृत चर्चा की जिसमें सरपंचों ने कहा कि विधानसभा की कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से देखने से उन्हें जनसेवा और शासन व्यवस्था की बेहतर समझ मिली है। जिस प्रकार हर समस्या और विषय पर दोनों पक्षों से सकारात्मक तरीके से चर्चा की जाती है वो सराहनीय है। इससे लगता है कि हमारी हर समस्या के लिए हमारे प्रतिनिधि बातें एवं मुद्दों को सामने रखते हैं।         उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सरपंचों से संवाद करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की आधारशिला हैं और ग्रामीण विकास की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में सरपंचों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बस्तर संभाग के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और पंचायत सशक्तिकरण को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।       सरपंचों ने इस अवसर के लिए राज्य सरकार एवं उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के अनुभव उन्हें अपने-अपने गांवों में बेहतर नेतृत्व और जवाबदेही के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेंगे।

लाल आतंक को बड़ा झटका: छत्तीसगढ़ में 34 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, कुल इनाम 84 लाख

बीजापुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में मंगलवार को सात महिलाओं समेत 34 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें आठ-आठ लाख रुपये के इनामी पांच प्रमुख नक्सली भी शामिल हैं। इनमें में 45 वर्षीय पांड्रू पुनेम, 25 वर्षीय रुकनी हेमला, 22 वर्षीय देवा उइका, 27 वर्षीय रामलाल पोयम और 21 वर्षीय मोटू पुनेम शामिल हैं। बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने बताया कि इनमें से 26 नक्सलियों पर सामूहिक रूप से 84 लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने कहा कि पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को कौशल विकास प्रशिक्षण और 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता प्रदान की जाएगी। सात महिलाओं ने भी किया सरेंडर बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) जितेंद्र यादव ने बताया कि 7 महिलाओं सहित 34 नक्सलियों ने यहां वरिष्ठ पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के अधिकारियों के समक्ष सरेंडर किया। उन्होंने बताया कि यह नक्सली माओवादियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी, तेलंगाना राज्य कमेटी और आंध्र ओडिशा सीमा डिवीजन में सक्रिय थे। अधिकारी ने बताया कि सरेंडर करने वाले प्रमुख नक्सलियों में पांड्रू पुनेम (45), रुकनी हेमला (25), देवा उइका (22), रामलाल पोयम (27) और मोटू पुनेम (21) शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक पर आठ लाख रुपये का इनाम है।  सरकार की ओर से दी जाएंगी सुविधाएं एसपी जितेंद्र यादव ने बताया कि पुनर्वास नीति के तहत, सरेंडर करने वाले कैडरों को छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से प्रदान की जाने वाली अन्य सुविधाओं जैसे कौशल विकास प्रशिक्षण और अन्य सुविधाओं के साथ-साथ 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति माओवादियों को हिंसा छोड़ने के लिए आकर्षित कर रही है। एसपी जितेंद्र यादव ने कहा कि सरेंडर करने वालों नक्सलियों के परिवार भी चाहते हैं कि वे सामान्य जीवन जिएं और समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलें। दो साल में 2200 से अधिक नक्सलियों ने किया सरेंडर एसपी ने बताया कि सरकार की सरेंडर और पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर, पिछले दो सालों में दंतेवाड़ा जिले में 824 माओवादियों ने हिंसा छोड़ दी है और मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं। पुलिस ने बताया कि पिछले दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में शीर्ष माओवादियों सहित 2200 से अधिक नक्सलियों ने सरेंडर किया है। केंद्र सरकार ने मार्च, 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया है। सरेंडर करने वाले नक्सली पंडरू पूनेम उर्फ संजू (45), बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के मेटापाल एर्रापारा का रहने वाला. इनाम- 8 लाख रुपये. रूकनी हेमला (25), बासागुड़ा थाना क्षेत्र के कोरसागुड़ा मेटापारा गांव निवासी. इनाम- 8 लाख रुपये. देवा उईका (22), बासागुड़ा के सुकनपल्ली कुंजामपारा गांव निवासी. इनाम- 8 लाख रुपये. रामलाल पोयाम उर्फ रामलू (27), जांगला थाना क्षेत्र के कोतरापाल काकड़पारा निवासी. इनाम- 8 लाख रुपये. मोटू पुनेम उर्फ रवि (21), हिरोली सरपंचपारा निवासी. इनाम- 8 लाख रुपये. मीना माड़वी उर्फ जमली (26), एड़समेटा कड़ियापारा निवासी. इनामी- 5 लाख रुपये. सुदरू पुनेम (27), एड़समेटा निवासी. इनाम- 5 लाख रुपये लिंगे कुंजाम उर्फ सुमित्रा (25), दुरनदरभा कुरसमपारा निवासी, सुकमा. इनाम- 5 लाख रुपये. पाले उईका (25), मल्लेपल्ली स्कूलपारा निवासी बीजापुर. इनाम- 2 लाख रुपये. सुखराम उरसा उर्फ गंगा (21), तुर्रेनार सरपंचपारा निवासी बीजापुर. इनाम- 2 लाख रुपये. दिनेश करटाम उर्फ बामड़ा (30), दुरधा डोडरेपारा निवासी बीजापुर. इनाम- 2 लाख रुपये. शंकर पोडियाम (25), परकेली स्कूलपारा निवासी बीजापुर. इनाम- 2 लाख रुपये. सुखराम पोडियम (25), हकवा बोटेमपारा निवासी बीजापुर. इनाम- 2 लाख रुपये मुन्ना पोयाम (35), जप्पेली स्कूलपारा निवासी बीजापुर. इनामी- 2 लाख रुपये. सुखमती बोड्डू (39), कमकानार तेलगापारा निवासी बीजापुर. इनाम- 2 लाख रुपये. लक्ष्मण गोंदे उर्फ डेंगा (25), पदमुर नदीपारा निवासी, बीजापुर. इनाम 2 लाख रुपये. लक्ष्मण हेमला (31), घुमरा थना नैमेड़ जिला बीजापुर इनाम- 2 लाख रुपये अर्जुन बोड्डू (29), कमकानार तेलगापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर इनाम- 2 लाख रुपये. पण्डरू मड़कम उर्फ सलीम (30), कोतरापाल लक्खापारा थाना जांगला जिला बीजापुर इनाम- 1 लाख रुपये. राजू कुरसम उर्फ दुरूम (22) ईसुलनार स्कूलपारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर इनाम- 1 लाख रुपये. सोमारू मड़कम (25) कोतरापाल काकडीपारा थाना जांगला जिला बीजापुर इनाम- 1 लाख रुपये. संतो पोड़ियाम ऊर्फ संतोषी (20) पोंदुम कर्रेपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर इनाम- 1 लाख रुपये. हिड़मा माड़वी ऊर्फ गुडडी (20) कोतरापाल लक्खापारा थाना जांगला जिला बीजापुर इनाम- 1 लाख रुपये. सुखमती उरसा (26) पोमरा पटेलपारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर इनाम- 1 लाख रुपये. चमरू ओयाम (46) पदमुर सरपंचपारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर इनाम- 1 लाख रुपये. पण्डरू बड़दी (47), बीजापुर पायकू ओयाम (45), बीजापुर सुखराम तेलम (33), बीजापुर जग्गू पोडियम (19), बीजापुर सन्नू कुरसम (18), बीजापुर राजू हेमला (40), बीजापुर फगनू मड़कम (21), बीजापुर सुरेश कुरसम (20), बीजापुर मोती उरसा (30), बीजापुर एसपी ने की नक्सलियों से ये अपील बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने माओवादियों से अपील करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति माओवादियों को आकर्षित कर रही है. पुनर्वास करने वालों के परिजन भी चाहते हैं कि वे सामान्य जीवन जियें और समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें. उन्होंने आगे कहा कि माओवादी भ्रामक और हिंसक विचारधाराओं को त्यागकर निर्भय होकर समाज की मुख्यधारा में लौटें. सरकार की ‘पूना मारगेम' नीति उनके भविष्य को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्वावलंबी बनाने के लिए हर संभव सुविधा प्रदान कर रही है. सीएम ने भी नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की     नक्सलियों के समर्पण पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा, "पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन, बस्तर में शांति की ओर निर्णायक कदम. बस्तर अंचल में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आज एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ी है. बीजापुर जिले में ₹84 लाख के इनामी 34 माओवादी कैडरों ने हिंसा और लाल आतंक का रास्ता छोड़कर भारतीय संविधान में आस्था जताते हुए समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है.     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति के अनुरूप छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर ठोस और मानवीय प्रयास कर रही है. ‘पूना मारगेम' नीति ने यह सिद्ध किया है कि संवाद, संवेदनशीलता और विकास हिंसा से कहीं अधिक प्रभावी समाधान हैं. यह आत्मसमर्पण केवल हथियार छोड़ने का नहीं, बल्कि भय से मुक्त होकर सम्मानजनक जीवन की ओर लौटने का निर्णय है.     … Read more