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नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता, पांच नक्सली मारे गए, दो जवान शहीद

जगदलपुर दंतेवाड़ा और बीजापुर सीमा से लगे भैरमगढ़ क्षेत्र के केशकुतुल के जंगलों में सुबह से नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो रही है। एनकाउंटर में पांच माओवादियों को जवानों ने ढेर कर दिया है। मुठभेड़ में डीआरजी के दो जवान बलिदान हो गए हैं, जबकि एक अन्य जवान घायल है जिसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। जंगल में बड़ा सर्च ऑपरेशन जारी है, मारे गए नक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है। बताया जा रहा है कि आज सुबह दंतेवाड़ा से टीम निकली थी जहां बीजापुर की सीमा भैरमगढ़ के केशकुतुल में जवानों और नक्सलियों के बीच में मुठभेड़ हो गई। दोनों ओर से रुक-रुककर फायरिंग हो रही है। बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच बटालियन के बारसे देवा, पापाराव, केसा समेत तमाम नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए बनाए गए अनुकूल माहौल के बाद एक बार फिर से सुकमा बीजापुर दंतेवाड़ा जैसे जिलों में जॉइंट ऑपरेशन को तेज कर दिया गया है। बीते दिनों देवा समेत पापाराव, केसा, चैतू के आत्मसमर्पण की चर्चा तेज थी जिसके बाद चैतू अपने 10 साथियों के साथ जगदलपुर में आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद भी सुरक्षा एजेंसियों ने देवा समेत तमाम नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए जंगलों में अनुकूल माहौल बनाए रखा। इसके तहत जंगलों में ऑपरेशन और किसी भी तरह की गतिविधियां नहीं की गई। लेकिन 15 दिनों के अनुकूल माहौल के बावजूद जब आत्मसमर्पण को लेकर बटालियन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं नजर आई और बटालियन से आत्मसमर्पण के संपर्क खत्म होने के बाद एक बार फिर से एजेंसियों के निर्देश पर ऑपरेशन को तेज किया गया है। इससे पहले डीकेएसजेडसी सदस्य ने अपने 9 साथियों के साथ लाल गलियारे को त्याग करते हुए पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि लगातार नक्सली की टीम बिखरती जा रही है, नक्सलियों की खोखली विचारधारा से त्रस्त होकर नक्सली अब धीरे-धीरे जागरूक होते जा रहे है और अपने साथियों को समर्पण करने के लिए तैयार कर रहे हैं। इसी का परिणाम था कि डीकेएसजेडसी सदस्य चैतू उर्फ श्याम दादा के साथ ही उसके 9 साथियों ने आत्मसमर्पण किया है। कॉलेज के समय नक्सलियों के संपर्क में आया था चैतू नक्सलियों के दरभा डिवीजन में कई वर्षों तक उनके साथ काम करने के साथ ही उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले चैतू उर्फ श्याम दादा ने आत्मसमर्पण कर दिया था। इस समर्पण के साथ ही दरभा डिवीजन और भी कमजोर हो गई। चैतू दादा उर्फ श्याम ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि कॉलेज के दिनों में ही वे नक्सलियों के मेडिकल टीम के संपर्क में आया और वर्ष 1985 में भूमिगत हो गया था।

धान की खरीद में पारदर्शिता और बढ़ी सुविधा : भागीरथी साहू

रायपुर, तकनीक.आधारित सुशासन का सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है, जिससे धान जैसी फसलों की खरीद में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ी है। श्तुंहर टोकन, ऐप जैसी पहलों से घर बैठे टोकन मिल रहा है, जिससे समितियों के चक्कर लगाने और समय बर्बाद होने की समस्या खत्म हो गई है। धमतरी जिले के भटगांव के किसान भागीरथी साहू इसका जीवंत उदाहरण हैं। पहले जहाँ धान विक्रय के दौरान घंटों लंबी कतारों में लगना पड़ता था, वहीं इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए “टोकन तुहर हाथ” मोबाइल एप ने पूरी प्रक्रिया ही बदल दी है। खेती-किसानी को बेहतर बनाने में करेंगे प्राप्त धन राशि का उपयोग साहू ने अपने घर से ही कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन टोकन प्राप्त किया। न भीड़ का तनाव, न इंतज़ार, सिर्फ मोबाइल पर कुछ क्लिक और टोकन तुरंत उपलब्ध। वे बताते हैं “व्यवस्था पूरी तरह सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक है। टोकन भी आसानी से कट गया और धान बेचने में बिल्कुल भी परेशानी नहीं हुई।”  इस वर्ष उन्होंने सहकारी समिति केंद्र सोरम में 20 क्विंटल 60 किलो धान विक्रय किया। वे बताते हैं कि पिछले वर्ष भी उन्होंने लगभग इतनी ही मात्रा में धान बेचा था। प्राप्त धनराशि का उपयोग वे परिवार की आवश्यकताओं और खेती-किसानी को बेहतर बनाने में करते हैं। किसान को सुविधा अनुसार तारीख और समय चुनने का अधिकार राज्य सरकार का उद्देश्य तकनीक की मदद से किसानों के समय, ऊर्जा और संसाधनों की बचत सुनिश्चित करना है। ऐप के माध्यम से टोकन लेने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, किसान स्वयं अपनी सुविधा के अनुसार तारीख और समय चुन सकते हैं। इससे केन्द्रों में होने वाली अनावश्यक भीड़ पूरी तरह खत्म हो गई है। ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव साहू जैसे किसान न केवल इस व्यवस्था का लाभ उठा रहे हैं, बल्कि गाँव के अन्य किसानों को भी ऐप का उपयोग करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। आधुनिक तकनीक और पारदर्शी प्रशासन का यह समन्वय ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। सरकारी नवाचारों की ऐसी सफल पहल यह सिद्ध करती है कि सही दिशा में उठाया गया एक कदम, किसान की पूरी व्यवस्था को अधिक सरल, सुरक्षित और सुगम बना सकता है।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर राज्यपाल ने किया नमन

रायपुर, भारत के प्रथम राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर आज राज्यपाल रमेन डेका ने लोकभवन में उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया। राज्यपाल रमेन डेका ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया। इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी डॉ. प्रसाद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों एवं मूल्यों का स्मरण किया।

साय सरकार की सौगात: घरेलू उपभोक्ताओं को दोगुना बिजली रियायत का लाभ

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में रियायत देने के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए – मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (M-URJA) – राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान राज्य में 01 दिसम्बर 2025 से लागू है, जिसके तहत घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 100 यूनिट से बढ़ाकर अब 200 यूनिट प्रति माह तक बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा। यह लाभ 400 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं को भी मिलेगा। राज्य में 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को अगले एक वर्ष तक 200 यूनिट तक, बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, ताकि इस अवधि में वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके। इस तरह मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान से प्रदेश के 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा। गौरतलब है कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से सब्सिडी दी जा रही है, जिसके तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये तथा 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी। छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम, 2002 में स्थानीय लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों से क्रय को प्रोत्साहन देने तथा जेम पोर्टल में क्रय की स्पष्टता के लिए संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया। इन संशोधन से क्रय प्रक्रिया का सरलीकरण होगा, पारदर्शिता में वृद्धि होगी, प्रतिस्पर्धा को बढा़वा मिलेगा तथा समय और संसाधनों की बचत होगी। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 (क्र. 21 सन् 2018) में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के रिफॉर्म्स और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

गोलीकांड के आरोपी के ठिकाने पर निगम की कार्रवाई, पुलिस सुरक्षा में बुलडोजर ने तोड़ा कब्जा

दुर्ग  भिलाई के गुरुघासीदास नगर में 14 नवंबर को इवेंट ऑर्गनाइजर विकास प्रजापति पर गोली चलवाने के मामले में आरोपी करण साव के अवैध कब्जे पर आज निगम ने बुलडोजर चला दिया। आरोपी पिछले 10 सालों से अवैध भूमि पर निर्माण कर टेंट हाउस का संचालन कर रहा था। आज सुबह-सुबह डीएसपी क्राइम और दो थाना प्रभारियों की मौजूदगी में भारी पुलिस बल के साथ निगम की तोडू दस्ते ने संतोषीपारा कैंप-2 पहुंचकर कार्रवाई की। इधर निगम आयुक्त राजीव पांडेय स्वयं मौके पर मौजूद रहे और अवैध कब्जा हटवाया। आयुक्त का कहना है कि समृद्धि बाजार के इस एरिया में प्रधानमंत्री आवास के लिए जमीन चिन्हांकित की गई है और यहां जमीन पर हुए अवैध कब्जाधारियों को कई बार नोटिस भी दिया गया। यह पूरी कार्रवाई अंतिम नोटिस के बाद की गई है। वहीं टेंट हाउस संचालक को पहले ही कार्रवाई का अंदाज़ा था, इसलिए सारा सामान पहले ही हटा लिया था। इधर आरोपी करण साव के भाई सूरज साव का कहना है कि निगम ने जानबूझकर केवल उनके मकान को ही टारगेट किया है। उनके मोहल्ले में और भी कई अवैध मकान हैं, जिन पर निगम का बुलडोजर नहीं चला। उसने कहा कि उनके परिवार के लोगों ने अपराध किया है तो वे सभी जेल में हैं और उन पर कार्रवाई भी की गई, लेकिन इस तरह परिवार की रोज़ीरोटी को खत्म करना सही नहीं है। आपको बता दें कि करण साव ने अपने भाई शिवम साव की हत्या में शामिल और जेल की सजा काटकर छूटे विकास प्रजापति पर झारखंड से 3 शूटर बुलाकर जान से मारने की कोशिश की थी, लेकिन निशाना चूक गया। जिसके बाद जामुल थाने में मामला दर्ज कर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

मौसम विभाग की चेतावनी: छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे में ठंड बढ़ने की संभावना

रायपुर  छत्तीसगढ़ का मौसम लगातार करवट ले रहा हैं. फिल्हाल इसे प्रभावित करने वाला दितवाह तूफान का असर अवदाब के बाद कमजोर हो कर निम्न दबाव क्षेत्र में तबदील हो गया है. दो दिनों में तापमान में फिर से वृद्धि होने की संभावना है. पारा एक से तीन डिग्री तक लुढ़केगा. अभी सरगुजा समेत पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान अपनी सामान्य स्थिति से नीचे नहीं है. अब राज्य में आने वाली हवा की दिशा में बदलाव होने की संभावना है. इससे रात के न्यूनतम तापमान में पुनः गिरावट का दौर शुरू होने के आसार हैं. अनुमान है कि गुरुवार की रात से पारा सामान्य से नीचे जाएगा, जिससे ठंड का बढ़ता प्रभाव महसूस होगा. पिछले 24 घंटे में राज्य में सबसे कम पारा 9.5 दुर्ग और सबसे अधिक 30.2 दुर्ग का दर्ज किया गया. अगले चौबीस घंटे में इसमें बदलाव आने की उम्मीद कम है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम रायपुर में सुबह कोहरा रहने के बाद आकाश मुख्यतः साफ़ रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.

उज्जैन में मानव तस्करी रैकेट बेनकाब: सरगुजा की दो युवतियों को ले जाकर बेचा, पुलिस ने एक को छुड़ाया

अंबिकापुर सरगुजा की दो लड़कियों को मानव तस्करों ने उज्जैन ले जाकर बेचने का मामला सामने आया है. मोटी तनख्वाह की नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेची गई दो युवतियों में से एक को पुलिस ने बरामद कर लिया है, वहीं दूसरे की तलाश जारी है. जानकारी के अनुसार, लखनपुर थाना क्षेत्र की बेची गई युवती को एक हफ्ते तक घर में बंधक बनाकर रखा गया था. लड़की ने शोर मचाया तो उज्जैन पुलिस ने उसे छुड़ाया. सूचना पर उज्जैन पहुंचे परिजनों को पुलिस ने युवती को सौंपा. वहीं लापता दूसरी लड़की को बेचकर खरीदार से शादी कराने की शिकायत परिजनों ने पुलिस से की है. बताया जा रहा है कि आरोपी लड़की को अंबिकापुर से ट्रेन से लेकर उज्जैन गए, और ढाई लाख रुपए में बेच दिया. मानव तस्करी के मामले में 4 के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया है.

रुक-रुककर फायरिंग से तनाव, सर्चिंग के बाद सामने आएगी क्षति का पूरा विवरण

बीजापुर  एक बार फिर नक्सलियों के साथ सुरक्षा बल की मुठभेड़ जारी है. अबकी बार भैरमगढ़ क्षेत्रांर्तगत ग्राम हकवा के जंगलों में मुठभेड़ चल रही है. बीजापुर पुलिस ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि डीआरजी/एसटीएफ/कोबरा की संयुक्त टीम की नक्सलियों के साथ रुक-रुक कर मुठभेड़ चल रही है. इसके साथ ही सुरक्षाबलों जवानों का सर्चिंग अभियान जारी है.

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक शुरू

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय, महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण नीतिगत और प्रशासनिक मुद्दों पर अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। बैठक के बाद कैबिनेट की आधिकारिक ब्रीफिंग मंत्रालय के भू-तल स्थित कक्ष S0-12 में आयोजित की जाएगी। पिछली बैठक में लिए गए फैसले बता दें कि इससे पहले 14 नवंबर को हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए थे। जिनमें- मंत्रिपरिषद द्वारा खरीफ एवं रबी विपणन मौसम में दलहन-तिलहन फसल के उपार्जन हेतु पूर्व वर्ष की भांति ‘‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान‘‘ प्राईस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत उपार्जन किए जाने का निर्णय लिया गया। यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत खरीफ विपणन मौसम में अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन तथा रबी मौसम में दलहन-तिलहन फसल जैसे चना, सरसों, मसूर का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया जाता है। दलहन-तिलहन का समर्थन मूल्य पर उपार्जन की व्यवस्था प्रदेश की मंडियों में होने से बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहती है, जिसके कारण कृषकों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होने की संभावना होती है। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन करते हुए सार्वजनिक उपक्रम विभाग को वाणिज्य और उद्योग विभाग में और बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग का संविलियन योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। यह निर्णय शासकीय कार्य में सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य ‘‘मिनिमम गवर्मेंट मैक्सिमम गवर्नेंस‘‘ का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु बैंकों तथा वित्तीय संस्थाओं हेतु स्वीकृत 15 हजार करोड़ रुपये की शासकीय प्रत्याभूति को खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए पुनर्वेधीकरण करने के साथ ही विपणन संघ को अतिरिक्त शासकीय प्रत्याभूति राशि रुपए 11,200 करोड़ प्रदाय किए जाने का निर्णय लिया। मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य प्रवर्तित दीनदयाल आवास योजना, अटल आवास योजना, अटल विहार योजना एवं नवा रायपुर मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए पूर्व में जारी नियम एवं शर्तों में पात्रता के लिए निम्नलिखित अतिरिक्त प्रावधानों का समावेश कर विक्रय की अनुमति प्रदान की गई। अ) ईडब्ल्यूएस एवं एलआईजी भवनों, फ्लैटों के विक्रय हेतु 3 बार विज्ञापन होने के पश्चात अविक्रित भवनों को, पात्र हितग्राही के अतिरिक्त किसी भी आय वर्ग के हितग्राही को विक्रय किया जा सकता है, परंतु ऐसे हितग्राहियों को शासन द्वारा स्वीकृत अनुदान की पात्रता नही होगी। अनुदान की पात्रता केवल निर्धारित आय वर्ग के हितग्राही को ही होगी। ब) ईडब्ल्यूएस एवं एलआईजी भवनों, फ्लैटों के विक्रय हेतु 03 बार विज्ञापन होने के पश्चात अविक्रित भवनों को एकल व्यक्ति या शासकीय/अर्धशासकीय अथवा निजी संस्थाओं द्वारा एक से अधिक संपत्ति क्रय करने का (Bulk Purchase) प्रस्ताव दिया जाता है, तो एकल व्यक्ति या शासकीय/अर्धशासकीय अथवा निजी संस्था के नाम पर एक से अधिक भवनों को मांग अनुसार विक्रय किया जा सकेगा, परन्तु इन्हें शासन द्वारा स्वीकृत अनुदान की पात्रता नही होगी। इस निर्णय का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक हितग्राहियों को इसका लाभ मिले। शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम नवा रायपुर अटल नगर को दीर्घकालीन पूर्णतः संचालन और विकास कार्याें के लिए छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ को अनुबंध के अनुसार लीज पर देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस निर्णय से राज्य के उदीयमान क्रिकेट खिलाड़ियों को उच्च स्तर का प्रशिक्षण और तकनीकी सुविधाएं प्राप्त होगी। इस निर्णय से छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के और अधिक क्रिकेट मैच का आयोजन सुनिश्चित होगा।

नवा रायपुर में डेढ़ एकड़ पर बनेगी इंटीग्रेटेड फूड और ड्रग टेस्टिंग लैब

रायपुर : नवा रायपुर में डेढ़ एकड़ के कैंपस में होगा इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का निर्माण मुख्य बजट 2025-26 की एक और बड़ी घोषणा पूर्ण, 46.49 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशा के अनुसार नवा रायपुर में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला सह एफडीए भवन के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने 46 करोड़ 49 लाख 45 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। मुख्य बजट 2025-26 के प्रावधान के अनुरूप इस महत्वपूर्ण परियोजना से प्रदेश में खाद्य एवं औषधि परीक्षण क्षमता को नई मजबूती मिलेगी। नवीन इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला तथा नवीन एफ.डी.ए. भवन का रायपुर में स्थापना करने हेतु शासन द्वारा नया रायपुर में 1.5 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। रायपुर स्थित वर्तमान प्रयोगशाला लगभग 5 हजार वर्ग फीट (भूतल, प्रथम एवं द्वितीय तल) में संचालित है। प्रस्तावित नवीन प्रयोगशाला अत्याधुनिक उपकरणों (ड्रग एवं इनफोर्समेंट) से सुसज्जित होगा तथा 30 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में (भूतल, प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय तल) में निर्मित होगा। इसके निर्माण से रासायनिक परीक्षणों की जांच क्षमता 500–800 नमूने प्रतिवर्ष से 7000–8000 नमूने प्रतिवर्ष हो जाएंगी। माइक्रोबायोलॉजिकल परीक्षण (इंजेक्शन, आई ड्रॉप आदि) 2000 नमूने प्रतिवर्ष होंगे, मेडिकल डिवाइसेस (हाथ के दस्ताने, कैथेटर आदि) जिनका वर्तमान में परीक्षण नहीं किया जा रहा है उनका भी 500 नमूने प्रतिवर्ष लिए जाएंगे। इसके साथ ही  फार्मास्यूटिकल्स नमूनों की जांच 50 से बढ़कर 1000 नमूने प्रतिवर्ष हो जाएंगे।  स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रयोगशाला राज्य में खाद्य सुरक्षा के ढांचे को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि इससे जांच प्रक्रिया अधिक आसान, पारदर्शी और प्रभावी होगी। सरकार जनता को शुद्ध, प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद एवं दवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि नवा रायपुर में बनने वाली यह आधुनिक प्रयोगशाला राज्य के लिए एक आदर्श प्रयोगशाला के रूप में विकसित होगी और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।