samacharsecretary.com

नक्सलियों का खूनी खेल जारी, बीजापुर में दो ग्रामीणों की हत्या

बीजापुर नक्सलियों ने एक बार फिर दहशत फैलाने की कोशिश करते हुए खूनी वारदात को अंजाम दिया है। उसूर इलाके में बीती रात दो ग्रामीणों की निर्मम हत्या कर दी है। जानकारी के मुताबिक, बीती रात जिले के उसूर थाना क्षेत्र के ग्राम नेलाकांकेर में नक्सलियों ने दो ग्रामीणों पर धारदार हथियार से हमला कर उनकी निर्ममपूर्वक हत्या कर दी। मृतकों की पहचान रवि कटटम और तिरूपति सोढी के रूप में हुई है। इधर नक्सलियों के द्वारा धारदार हथियार से मारकर हत्या करने की सूचना उसूर थाना को मिली है। सूचना पर थाना उसूर द्वारा घटना की तस्दीक की जा रही है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रवास की तैयारियों का लिया व्यापक जायज़ा : सभी तैयारियाँ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने अधिकारियों को दिए निर्देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का प्रवास प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण अवसर : मुख्यमंत्री साय ने दी त्रुटिरहित व्यवस्थाओं के निर्देश रायपुर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के आगामी छत्तीसगढ़ प्रवास के मद्देनज़र मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में विभिन्न कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी का छत्तीसगढ़ आगमन राज्य के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस दौरान प्रत्येक व्यवस्था उत्कृष्टता का प्रतीक बने और प्रदेश की संस्कृति, आत्मगौरव एवं प्रगति की झलक हर स्थल पर दृष्टिगोचर हो। मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री  मोदी के प्रवास की तैयारियों का लिया व्यापक जायज़ा मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री  मोदी के प्रवास की तैयारियों का लिया व्यापक जायज़ा मुख्यमंत्री  साय ने विभिन्न स्थलों का किया निरीक्षण मुख्यमंत्री  साय ने सबसे पहले नवा रायपुर स्थित  सत्य साईं हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा, सभागार व्यवस्था, मंच और आमंत्रित अतिथियों के बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री  साय प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ध्यान केंद्र पहुँचे, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने ध्यान केंद्र के सभागार, मेडिटेशन रूम एवं बाहरी परिसर का निरीक्षण करते हुए सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री  मोदी के प्रवास की तैयारियों का लिया व्यापक जायज़ा ट्राइबल म्यूज़ियम बनेगा जनजातीय अस्मिता का अमर प्रतीक मुख्यमंत्री  साय ने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय जनजातीय समाज की वीरता, बलिदान और अस्मिता का अमर प्रतीक बनेगा।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि संग्रहालय के प्रत्येक अनुभाग को इस प्रकार तैयार किया जाए कि वह आगंतुकों को छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली अध्याय से गहराई से परिचित करा सके। उन्होंने प्रदर्शनी दीर्घाओं, मल्टीमीडिया गैलरी, स्मृति कक्ष और बाहरी परिसर की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री  मोदी के प्रवास की तैयारियों का लिया व्यापक जायज़ा राज्योत्सव स्थल बनेगा छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का दर्पण मुख्यमंत्री  साय ने नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल का भी दौरा किया और तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य मंच, पार्किंग क्षेत्र, विभागीय डोम, प्रदर्शनी दीर्घा, वीआईपी दीर्घा और आमजन के लिए बनाए गए मार्गों का निरीक्षण किया।उन्होंने कहा कि राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, संस्कृति और आत्मविश्वास का उत्सव है, इसलिए यह आयोजन उत्कृष्टता की नई मिसाल बने। मुख्यमंत्री  साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएँ और सुरक्षा, स्वच्छता तथा आमजन की सुविधा से जुड़े सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। इस अवसर पर वन मंत्री  केदार कश्यप, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक  अरुण देव गौतम, सचिव  राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने रायपुर के बैजनाथपुर जलाशय के जीर्णोद्धार कार्य की रखी आधारशिला

रायपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बैजनाथपुर जलाशय जीर्णोद्धार कार्य का किया भूमिपूजन 222.79 लाख की लागत से होगा मरम्मत कार्य, हजारों ग्रामीणों को मिलेगा लाभ रायपुर सूरजपुर जिले के ग्राम बैजनाथपुर (ब) स्थित बैजनाथपुर जलाशय योजना के जीर्णोद्धार कार्य का आज विधिवत भूमिपूजन महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के करकमलों से संपन्न हुआ।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की खुशहाली और सिंचाई संसाधनों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। बैजनाथपुर जलाशय का जीर्णोद्धार क्षेत्र के किसानों को स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित करेगा और कृषि उत्पादन को नई गति देगा। सन् 1977 ई. में निर्मित यह जलाशय अब लगभग 48 वर्ष पुराना है। यह जलाशय लंबे समय से क्षेत्र के किसानों को खरीफ फसल के लिए सिंचाई सुविधा प्रदान करता रहा है। बांध की कुल लंबाई 855 मीटर है तथा इसकी जल भराव क्षमता 19.76 मिलियन क्यूबिक फीट  है। जलाशय से निकलने वाली 2250 मीटर लंबी नहर के माध्यम से लगभग 182 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जाती है, जिससे करीब 2600 से अधिक ग्रामीणों को लाभ मिलता है।प्रदेश सरकार द्वारा इस जलाशय के जीर्णोद्धार एवं मरम्मत कार्य हेतु 222.79 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। कार्य पूर्ण होने पर जलाशय की जलसंचयन क्षमता में वृद्धि होगी और सिंचाई व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, जल संसाधन विभाग के अधिकारी, कृषि विभाग के कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

रायपुर : परिवहन मंत्री केदार कश्यप बोले — ड्राइविंग टेस्ट होंगे आधुनिक तकनीक आधारित, लाइसेंस प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में परिवहन विभाग द्वारा वाहन चालकों की योग्यता और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए ड्राइविंग टेस्ट और लाइसेंसिंग प्रक्रिया का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य के 8 जिले रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, जगदलपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ और कोरबा में ई-ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) की स्थापना की जा रही है। अब लाइसेंस प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष इन आधुनिक ई-ट्रैकों के माध्यम से ड्राइविंग टेस्ट पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी तरीके से लिए जाएंगे। इसका उद्देश्य है कि ड्राइविंग परीक्षण में मानव हस्तक्षेप कम हो, निष्पक्षता बनी रहे और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आए। ई-ट्रैक प्रणाली में वाहन नियंत्रण, लेन अनुशासन, सिग्नलिंग, गति नियंत्रण और सड़क सुरक्षा से जुड़ी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इसमें लगे डिजिटल सेंसर और कैमरे अभ्यर्थियों की ड्राइविंग क्षमता का सटीक मूल्यांकन करेंगे। इससे लाइसेंस प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होगी तथा पात्र आवेदकों को समय पर सही परिणाम प्राप्त होंगे। परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल न केवल सड़क सुरक्षा को बढ़ाएगी बल्कि छत्तीसगढ़ को स्मार्ट परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे ले जाएगी। सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था राज्य के लोगों के जीवन में सहजता और भरोसा लाएगी। उन्होंने कहा कि यह राज्य में सुरक्षित, स्मार्ट और विश्वसनीय परिवहन व्यवस्था के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है।  परिवहन सचिव श्री एस प्रकाश ने कहा कि ई-ट्रैक की मदद से योग्य चालकों को प्रमाणित किया जाएगा, जिससे जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा मिलेगा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। उन्होंने बताया कि इन जिलों में ई-ट्रैक शुरू होने के बाद आवेदक ऑनलाइन आवेदन और अपॉइंटमेंट बुकिंग के माध्यम से ड्राइविंग टेस्ट दे सकेंगे। सफल परीक्षण के बाद उन्हें डिजिटल फीडबैक और लाइसेंस जारी किया जाएगा।

सिंचाई क्षमता में ढाई गुना वृद्धि कोरिया जिले में, 25 वर्षों में खेती का चेहरा बदला

रायपुर : सिंचाई रकबे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, 40 हजार से अधिक किसान ले रहे लाभ सिंचाई क्षमता में ढाई गुना वृद्धि कोरिया जिले में, 25 वर्षों में खेती का चेहरा बदला रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष में कोरिया जिले ने सिंचाई के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। पिछले 25 वर्षों में जिले की कुल सिंचित रकबा में ढाई गुना से अधिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2000 में जिले का सिंचित रकबा 18 हजार 13 हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 21 हजार 102 हेक्टेयर तक पहुँच गया है। सिंचाई क्षमता में ढाई गुना वृद्धि कोरिया जिले में, 25 वर्षों में खेती का चेहरा बदला सिंचाई प्रतिशत अब बढ़कर 34.55 प्रतिशत हो गई      यह वृद्धि जिले की कृषि व्यवस्था और जल संसाधन प्रबंधन में आए सकारात्मक परिवर्तन को दर्शाती है। यदि सिंचाई प्रतिशत की बात करें तो यह वर्ष 2000 में 13.72 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 34.55 प्रतिशत हो गई है।  रबी सिंचाई रकबा बढ़कर 5 हजार 469 हेक्टेयर        कोरिया जिले में रबी फसलों के सिंचाई रकबे में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2000 में जहाँ मात्र 3 हजार 595 हेक्टेयर में रबी फसलों को सिंचाई सुविधा प्राप्त थी, वहीं अब यह क्षेत्र बढ़कर 5 हजार 469 हेक्टेयर तक पहुँच गया है। 2 मध्यम और 58 लघु परियोजनाएँ       जल संसाधन संभाग, बैकुंठपुर के अनुसार, वर्ष 2000 में जिले में 1 मध्यम और 63 लघु सिंचाई परियोजनाएँ संचालित थीं। वर्तमान में 2025 में यह संख्या 2 मध्यम और 58 लघु परियोजनाओं तक है। इस बीच अविभाजित कोरिया जिले की 43 लघु परियोजनाएँ नवगठित मनेंद्रगढ़ -चिरमिरी-भरतपुर जिले को हस्तांतरित की गई हैं। अब 40 हजार 210 किसान लाभान्वित      वर्ष 2000 में 28 हजार 619  किसान सिंचाई परियोजनाओं से लाभान्वित हो रहे थे, जबकि अब लाभान्वित किसानों की यह संख्या बढ़कर 40 हजार 210 तक पहुँच गई है। जिले में वर्तमान में कुल 60 सिंचाई परियोजनाएँ संचालित हैं, जिनमें से 2 प्रमुख हैं।      यह उपलब्धि न केवल कोरिया जिले की कृषि उत्पादकता में वृद्धि का प्रतीक है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और किसानों की जीवनशैली में आए सकारात्मक बदलाव का भी द्योतक है ।

रायपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भटगांव छठ घाट का निरीक्षण कर तैयारियों का लिया जायजा

रायपुर : छठ पर्व की तैयारी का लिया जायजा – मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने किया भटगांव छठ घाट का निरीक्षण रायपुर छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज भटगांव के दुर्गा मंदिर के समीप स्थित छठ घाट का निरीक्षण कर पर्व की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रबंध समय पर पूरे किए जाएं ताकि छठ महापर्व शांति, सौहार्द और श्रद्धा के साथ संपन्न हो सके। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने घाट की साफ-सफाई, जल स्तर, सुरक्षा व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और आवागमन की सुगमता का विस्तार से निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि घाट पर पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था, साउंड सिस्टम और शुद्ध पेयजल  की सुविधा सुनिश्चित की जाए। साथ ही, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में महिला सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि छठ पर्व भारतीय संस्कृति का अत्यंत पवित्र पर्व है, जो सूर्य उपासना और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है। इस पर्व में महिलाएं निर्जला उपवास रखकर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करती हैं। अतः इस आयोजन में स्वच्छता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्थल निरीक्षण कर तैयारियों का लिया जायजा

रायपुर : जनजातीय स्वतंत्रता विद्रोहों पर बने भव्य स्मारक सह-संग्रहालय जल्द लोगों के लिए होगा समर्पित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्थल निरीक्षण कर तैयारियों का लिया जायजा राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे देश के पहले डिजीटल संग्रहालय का लोकार्पण आदिवासियों के 14 विद्रोहों और जंगल सत्याग्रह एवं झंडा सत्याग्रह के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन रायपुर नवा रायपुर अटल नगर के आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के विद्रोहों पर बन रहे स्मारक सह-संग्रहालय जल्द ही लोगों के लिए समर्पित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्योत्सव के मौके पर देश के पहले डिजीटल संग्रहालय का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  निर्माणाधीन संग्रहालय स्थल का निरीक्षण कर लोकार्पण की तैयारियों का जायजा लिया एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गौरतलब है कि राज्य सरकार इस वर्ष छत्तीसगढ़ निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती के रूप में मना रहा हैं। नवा रायपुर में बन रहे शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक सह-संग्रहालय के निर्माण कार्यों का निरीक्षण के दौरान मुख्य मंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आगंतुकों एवं पर्यटकों के हिसाब से संग्रहालय में आडियो-विडीयो विजुवल की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि आगंतुक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के संबंध में भंलिभांति परिचित हो सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की परिकल्पना का परिणाम है कि जल्द ही छत्तीसगढ़ में जनजातीय वर्गों के ऐतिहासिक गौरव गाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक स्मारक सह-संग्रहालय धरातल पर दिखाई देगा। यह निर्माणाधीन संग्रहालय सदियों के लिए आने वाली नई पीढ़ियों को पुरखों का याद दिलाता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय न सिर्फ आदिवासी वर्गों के लिए बल्कि सभी वर्गों सहित देश-विदेश के लोगों के लिए भी प्रेरणाप्रद बनेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस जीवंत संग्रहालय के माध्यम से लोगों में बड़ी से बड़ी ताकतों के अन्याय, अत्याचार के खिलाफ विद्रोह करने का साहस पैदा होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि सोच का परिणाम है कि आज प्रदेश का पहला संग्रहालय है जो छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की शौर्य गाथा एवं बलिदान को समर्पित है। मुख्यमंत्री साय ने आगामी राज्योत्सव के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा प्रस्तावित उद्घाटन के मद्देनजर सभी आवश्यक तैयारियां व निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने संग्रहालय में डिजीटलीकरण कार्य, पार्किंग व्यवस्था, सॉवेनियर शॉप, गार्डनिंग, वॉटर सप्लाई की स्थिति की जानकारी ली। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को संग्रहालय में निर्माणाधीन 14 गैलरियों सहित झंडा सत्याग्रह, जंगल सत्याग्रह, जनजातीय संस्कृतियों पर बने गैलरियों आदि के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान उनके साथ वन एवं जलवायु परिर्वतन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, रायपुर संभाग के कमिश्नर महादेव कावरे, आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ रवि मित्तल, कलेक्टर गौरव सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, टीआरटीआई संचालक मती हिना अनिमेष नेताम सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। वीएफएक्स टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्शन वर्क से तैयार हो रहा है संग्रहालय गौरतलब है कि यह स्मारक सह- संग्रहालय छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बारिकी के साथ अध्ययन व रिसर्च के बाद वीएफएक्स टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्शन वर्क के साथ तैयार किया रहा है। संग्रहालय देखने वाले आगंतुकों को आदिवासी विद्रोह का वर्णन स्टैच्यू के पास ही लगे डिजिटल बोर्ड पर उपलब्ध रहेगा। आगंतुक संग्रहालय में आदिवासी विद्रोह को जीवंत महसूस कर सकेगा। वहीं आगंतुक प्रत्येक गैलरी में बनाई गई जीवंत प्रस्तुति के सामने स्कैनर से मोबाईल द्वारा स्कैन कर संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। 16 गैलेरियों में तैयार हो रहा है संग्रहालय उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे – हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रेाह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन 14 गैलेरियों में किया जा रहा है। वहीं जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह पर एक-एक गैलेरियों का भी निर्माण किया जा रहा है।

रायपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने रजवार समाज के मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित

रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े आज सूरजपुर जिले के ग्राम करंजी में रजवार समाज द्वारा आयोजित सामाजिक उत्कृष्ट विद्यार्थियों के सम्मान समारोह में शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने समाज के उज्जवल भविष्य की नींव रखने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया और उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि शिक्षा ही जीवन में प्रगति और सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम है। समाज की उन्नति तभी संभव है जब उसके बच्चे शिक्षित और संस्कारी बनें। उन्होंने कहा कि रजवार समाज द्वारा विद्यार्थियों के प्रोत्साहन के लिए किया जा रहा यह आयोजन न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण प्रयास भी है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।  कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, समाज के पदाधिकारियों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि समाज और शासन के संयुक्त प्रयासों से ही राज्य के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे शिक्षा के साथ संस्कारों और सामाजिक मूल्यों को भी जीवन में अपनाएं। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, रजवार समाज के वरिष्ठजन, महिला समूह, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण को मिली 78 करोड़ 15 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की एक और जनहित घोषणा को मिली मंज़ूरी रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की एक और महत्वपूर्ण घोषणा को राज्य सरकार ने मूर्त रूप दे दिया है। राज्य बजट में शामिल 9 नवीन नर्सिंग महाविद्यालयों के भवन निर्माण कार्य के लिए 78 करोड़ 15 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा को नई दिशा देगा और स्वास्थ्य क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद करेगा। प्रत्येक संस्था के भवन निर्माण के लिए 8 करोड़ 68 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। जिन जिलों में ये नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे, उनमें दंतेवाड़ा, बैकुंठपुर, बीजापुर, बलरामपुर, जशपुर, रायगढ़, धमतरी, जांजगीर-चांपा और नवा रायपुर (अटल नगर) शामिल हैं। "हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के हर युवा को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा मिले और हर जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कुशल मानव संसाधन भी तैयार हो। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदेश के स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगी। यह पहल न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाएगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर भी बढ़ाएगी।" –मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय "मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य शिक्षा को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक निर्णय लिया है। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा के साथ ही रोजगार और आत्मनिर्भरता के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। यह पहल छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने में मदद करेगी।" – स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल "मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए 78 करोड़ 15 लाख रुपए की स्वीकृति इस बात का प्रतीक है कि सरकार प्रदेश के युवाओं के लिए अवसर सृजन और सेवा क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।" – वित्त मंत्री  ओ पी चौधरी

रायपुर : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाओं और सुविधाओं की समीक्षा की

रायपुर : उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने पुनर्वास केंद्र में सुविधाओं की ली समीक्षा बैठक आत्मसमर्पित नक्सलियों के कल्याण एवं पुनर्वास हेतु दिए आवश्यक दिशा निर्देश रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री  विजय शर्मा ने आज अपने बीजापुर प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास केंद्र में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तारपूर्वक समीक्षा की।  शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्वास केंद्र में रह रहे आत्मसमर्पित नक्सलियों की बुनियादी आवश्यकताओं का संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि उनके दैनिक जरूरतों जैसे नाश्ता, भोजन, वस्त्र, खेलकूद की सामग्री, योगाभ्यास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए साथ ही उनके लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन-प्रशासन के वरिष्ठ जनों से नियमित संवाद की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्वास केंद्र में रह रहे लोगों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। उनकी रुचि एवं योग्यता के अनुसार उन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे वे मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें। उन्होंने आत्मसमर्पित नक्सलियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए परिजनों से मिलने की तिथि तय करने एवं यदि उनके परिवारजन किसी जेल में बंद हैं, तो उनसे मिलने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।  शर्मा ने कहा कि सभी पुनर्वासित व्यक्तियों को कम से कम एक बार रायपुर भ्रमण (एक्सपोज़र विज़िट) पर ले जाया जाए, ताकि वे समाज और विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें। इसके साथ ही उन्होंने पुनर्वास केंद्र के प्रत्येक सदस्य को निःशुल्क मोबाइल फोन उपलब्ध कराकर परिवार नियमित संपर्क बनाए रखने में सहयोग करने को कहा। बैठक में दंतेवाड़ा विधायक  चैतराम अटामी, एडीजी नक्सल ऑपरेशन  विवेकानंद सिन्हा, बस्तर संभाग आयुक्त  डोमन सिंह, आईजी बस्तर  सुंदरराज पी., डीआईजी  कमलोचन कश्यप, कलेक्टर  संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव, डीएफओ  रंगानाथन रामाकृष्णन वाय सहित अन्य जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।