samacharsecretary.com

छत्तीसगढ़ में ‘महिला स्वास्थ्य सम्मेलन दिवस’ का भव्य आयोजन

हजारों महिलाओं ने स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पोषण संवाद और जागरूकता गतिविधियों में लिया सक्रिय भाग रायपुर, ‘स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार’ अभियान के अंतर्गत आज पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में महिला स्वास्थ्य सम्मेलन दिवस का राज्यस्तरीय आयोजन बड़े उत्साह और व्यापक सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और मातृत्व संबंधी समग्र सेवाएं प्रदान करते हुए उन्हें जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना था। राज्य के सुदूर ग्रामीण अंचलों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक फैले इस व्यापक अभियान में हजारों महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। स्वास्थ्य जांच शिविरों, टीकाकरण सत्रों, पोषण संवादों और जनजागरूकता गतिविधियों में महिलाओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम के तहत आयोजित VHSND (Village Health Sanitation and Nutrition Day) सत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा महिलाओं की हीमोग्लोबिन, रक्तचाप और शर्करा स्तर की जांच की गई। । इस दौरान 1,889 गर्भवती महिलाओं को आवश्यक टीकाकरण, पोषण संबंधी परामर्श तथा आयरन और कैल्शियम की खुराक प्रदान की गई। किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता, सेनेटरी नैपकिन के प्रयोग और संक्रमण से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि संतुलित आहार, स्वच्छ जल, नियमित जांच और व्यायाम से कैसे अनेक रोगों की रोकथाम संभव है। पोषण शिक्षा, स्वच्छता व्यवहार और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उपायों पर विशेष बल दिया गया। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार: 6447 शिशुओं की स्वास्थ्य जांच 23,000 से अधिक  टीकाकरण बड़ी संख्या में किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म प्रबंधन पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, आगामी सप्ताह तक सभी जिलों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विशेष रूप से हाई-रिस्क प्रेगनेंसी, कुपोषण और अन्य जटिल स्वास्थ्य स्थितियों से ग्रस्त महिलाओं की गहन जांच की जाएगी। यह कार्यक्रम न केवल चिकित्सकीय सेवाओं का विस्तार करता है, बल्कि महिलाओं को उनके स्वास्थ्य अधिकारों, जरूरतों और आत्मनिर्भरता के प्रति भी सजग करता है। स्वास्थ्य के साथ सामाजिक सशक्तिकरण को जोड़ते हुए यह पहल प्रदेश की महिलाओं के समग्र विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है।

संभागायुक्त कावरे का न्याय सुधार अभियान: एक साल में 2000 ज्यादा प्रकरण निराकृत

रायपुर रायपुर संभागायुक्त आईएएस महादेव कावरे ने आयुक्त न्यायालय एवं अपर आयुक्त न्यायालय में अभियान चलाकर 2607 निराकृत प्रकरणों को अभिलेख कोष्ठ जमा कराया है. वर्तमान में संभागायुक्त के प्रयास से दोनों न्यायालयों के सभी प्रकरणों को ऑनलाइन दर्ज कर प्रकरणों से संबंधित सभी कार्यवाही ऑनलाइन की जा रही है. संभागायुक्त प्रकरणों को शीघ्र निराकरण के लिए सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को आयुक्त और मंगलवार एवं गुरुवार को अपर आयुक्त न्यायालय में पेशी नियत कर सुनवाई की जा रही है. इस तरह से एक वर्ष में कुल 2426 प्रकरण निराकृत किए गए हैं. निराकृत प्रकरणों का आदेश ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है, जिसे केस नम्बर डाल कर अपीलार्थी/उत्तरवारी अवलोकन कर सकते हैं. प्रकरणों की स्थिति देखने हेतु राजस्व विभाग के वेबसाइट-https://revenue.cg.nic.in में जाकर प्रकरण खोजे में प्रकरण क्रमांक डालकर प्रकरण की स्थिति देखा जा सकता है तथा आदेश हुए प्रकरणों की आदेश की कापी डाउनलोड किया जा सकता है. प्रकरण की पंजीयन के दौरान अपीलार्थी, उत्तरवादी एवं अधीवकतागणों का मोबाईल नंबर ऑनलाईन दर्ज किया जा रहा है, जिससे प्रकरण की पंजीयन क्रमांक एवं आगामी देशी तिथियों की जानकारी मेंसेज की माध्यम से उनके रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर में सूचना मिल जा रही है. प्रकरण में प्रतिदिन की गई कार्यवाही की आर्डरशीट ऑनलाईन अपलोड किया जा रहा है. न्यायालय में लंबित 5 वर्ष से अधिक अवधि के प्रकरणों को प्राथमिकता देकर प्रति सप्ताह सुनवाई संभागायुक्त द्वारा किया जा रहा है.

नक्सली मरे, लेकिन पोस्टमार्टम नहीं, डॉक्टरों ने किया मना, भत्ता बना मुद्दा

 नारायणपुर  नारायणपुर जिला अस्पताल के डाक्टरों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मारे गए नक्सलियों का पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया है. बीते 9 महीने से नक्सल प्रोत्साहन क्षेत्र भत्ता (CRMC) नहीं मिलने से आक्रोशित डॉक्टरों ने अपना विरोध दर्ज कराया. नक्सल प्रोत्साहन क्षेत्र भत्ता नहीं मिलने से डॉक्टरों में लंबे समय से पनप रहा गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा, जब 22 सितंबर को अबूझमाड़ में मारे गए दो सेंट्रल कमेटी के सदस्यों के शव को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया. डॉक्टरों ने एकजुट होकर पोस्टमार्टम से इंकार करते हुए बीते 9 महीने से अटके नक्सली भत्ते को देने की मांग पर अड़ गए. नारायणपुर जिला अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के तौर पर पदस्थ डॉ. हिमांशु सिन्हा ने बताया कि नक्सल क्षेत्र प्रोत्साहन भत्ता (सीआरएमसी) बीते नौ महीने से हमें नहीं मिला है. जनवरी 2025 से आज तक यह नहीं मिला है. साय सरकार का दावा है कि काम जल्द से जल्द किया जाता है, वह बात हमारे भत्ते को लेकर भी अमल में लाया जाए, और हमें जल्द से जल्द भत्ते का भुगतान किया जाएगा. सीएमएचओ एसएस राज ने बताया कि डॉक्टरों ने नक्सली भत्ता नहीं मिलने की बात कही है. इस पर बताया कि यह राज्य स्तरीय मामला है. अक्टूबर-नवंबर में बजट का आवंटन हो जाएगा, एक हफ्ते के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा. आश्वासन पर डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम शुरू कर दिया है.

रेल पुलिस की कार्रवाई: दो वाहन चोर गिरफ्तार, चोरी की दो एक्टिवा मिलीं

रायपुर शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) रायपुर ने दोपहिया वाहन चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी उड़ीसा के निवासी हैं और उनके कब्जे से 1.60 लाख रुपये कीमत की दो होंडा एक्टिवा गाड़ियां बरामद की गई हैं. पुलिस ने केशबा सोना (32 वर्ष, नुआगांव, थाना कोमना, जिला नुवापाड़ा, उड़ीसा) और दुर्योधन सुनानी (45 वर्ष, उदनबान, थाना कोमना, जिला नुवापाड़ा, उड़ीसा) को 24 सितंबर 2025 को क्रमशः 1:30 बजे और 1:40 बजे गिरफ्तार किया. दोनों का वर्तमान पता रायपुर है. प्रकरण की शुरुआत दीप्ति चौधरी (22 वर्ष, बिलासपुर) की शिकायत से हुई, जिन्होंने बताया कि 23 अगस्त 2025 को उनकी भाभी कंचन पिंजानी की होंडा एक्टिवा (वाहन नंबर CG04CR3570, कीमत 1 लाख रुपये) रायपुर रेलवे स्टेशन के टू-व्हीलर पार्किंग से चोरी हो गई. दीप्ति ने 25 अगस्त को पार्किंग में गाड़ी न पाकर पुलिस में शिकायत दर्ज की. इसके आधार पर जीआरपी ने अपराध क्रमांक 107/2025 के तहत धारा 303(2), 317(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की.  पुलिस अधीक्षक (रेल) और उप पुलिस अधीक्षक (रेल) रायपुर के निर्देश पर थाना प्रभारी जीआरपी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई की. पूछताछ में आरोपी केशबा सोना ने दीप्ति की एक्टिवा चोरी करने की बात स्वीकार की. साथ ही, उसने लक्ष्मीनगर, टिकरापारा, रायपुर से एक अन्य एक्टिवा (कीमत 60,000 रुपये) चोरी करने की बात कबूल की, जो थाना टिकरापारा के अपराध क्रमांक 270/2021 से संबंधित थी.  पुलिस ने दोनों आरोपियों से दो चोरी की एक्टिवा गाड़ियां बरामद कीं, जिनकी कुल कीमत 1.60 लाख रुपये है.

भूपेश बघेल सरकार की पूर्व अधिकारी पर ईओडब्ल्यू का शिकंजा, 8 करोड़ की संपत्तियां सीज़

रायपुर छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने मंगलवार को राज्य प्रशासनिक सेवा (एसएएस) की अधिकारी सौम्या चौरसिया की 16 संपत्तियां जब्त कर ली। इन संपत्तियों की कीमत करीब 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। आरोप है कि सौम्या ने ये संपत्तियां अपनी आय से अधिक साधनों से जुटाईं। चौरसिया 2018 से 2023 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में उप सचिव के पद पर कार्यरत थीं। यह राज्य में पहला मामला है, जब किसी अधिकारी की आय से अधिक संपत्ति को ईओडब्ल्यू ने जब्त किया है। 2024 में चौरसिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया था।

महिलाओं के सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा महतारी सदन : श्याम बिहारी जायसवाल

रायपुर राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना महतारी सदन के तहत आज 23 सितम्बर 2025 को मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर में एक साथ 55 महतारी सदनों का लोकार्पण किया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 208 महतारी सदनों में से अब तक 55 का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। इसी क्रम में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के खड़गवां ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत रतनपुर और बरदर में निर्मित महतारी सदनों का भी मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ग्राम पंचायत बरदर और रतनपुर में आयोजित महतारी सदन लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत बरदर और रतनपुर ऐतिहासिक और गौरवशाली धरोहरों से जुड़ा हुआ है और आज यहां महतारी सदन का लोकार्पण होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने महिलाओं को 50% आरक्षण और रजिस्ट्री शुल्क में कमी कर उन्हें सशक्त बनाया, वहीं वर्तमान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने महतारी वंदन योजना के तहत हर महिला को प्रतिमाह 1000 रुपए की सहायता राशि देकर महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ अभियान के तहत महिलाओं और पुरुषों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार कराया जा रहा है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अब तक केवल एमसीबी जिले में 27 हजार मकान बन चुके हैं और 67 हजार निर्माणाधीन हैं वो भी बहुत जल्द बन जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और जनमन योजना के तहत जिले में 100 से अधिक सड़कों का निर्माण या नवीनीकरण हुआ है। किसानों को धान खरीदी के लिए 3100 रुपए प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य मिल रहा है।  मंत्री  जायसवाल ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं कीं जिनमें बरदर डेम में नौका विहार की शुरुआत, बरदर शिव मंदिर के लिए पाँच लाख रुपए की स्वीकृति, 19 ग्राम पंचायतों में पीडीएस भवन निर्माण, 9 स्थानों पर अतिरिक्त महतारी सदन और नई सड़कों के निर्माण कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह महतारी सदन न केवल महिलाओं के आर्थिक उत्थान का केंद्र बनेगा बल्कि पूरे समाज को आत्मनिर्भरता और विकास की राह पर आगे बढ़ाएगा।

जीएसटी सुधार से आर्थिक गतिविधियों में आएगी तेजी, स्थानीय रोजगार को भी मिलेगा फायदा – मुख्यमंत्री साय

रायपुर : जीएसटी बचत उत्सव का जायजा लेने बाजार पहुंचे मुख्यमंत्री  साय जीएसटी बचत उत्सव का जायजा लेने बाजार पहुंचे मुख्यमंत्री  साय जीएसटी सुधार से आर्थिक गतिविधियों में आएगी तेजी, स्थानीय रोजगार को भी मिलेगा फायदा – मुख्यमंत्री  साय जीएसटी बचत उत्सव को लेकर व्यापारियों में दिखा भारी उत्साह रायपुर शहर के जयस्तंभ चौक से लेकर गुरुनानक चौक तक मुख्यमंत्री  साय का गर्मजोशी से हुआ अभूतपूर्व स्वागत नवरात्रि पर्व पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने किया बाजार भ्रमण – जीएसटी 2.0 से व्यापारियों और उपभोक्ताओं में उत्साह रायपुर नवरात्रि पर्व के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के एम.जी. रोड एवं आसपास के प्रमुख बाजारों का भ्रमण कर व्यापारियों और उपभोक्ताओं से आत्मीय संवाद किया। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने कर प्रणाली को नई सरलता और पारदर्शिता प्रदान की है। मुख्यमंत्री के आगमन से पूरे बाजार का वातावरण उल्लास और उत्साह से भर गया। जगह-जगह व्यापारियों और नागरिकों ने उनका स्वागत किया और “मोदी जी को धन्यवाद” के नारे गूंजते रहे। मुख्यमंत्री ने दुकानदारों से प्रत्यक्ष संवाद करते हुए जाना कि नई कर व्यवस्था से व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को कितना बड़ा लाभ मिला है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने शाम को राजधानी रायपुर स्थित जयस्तंभ चौक से महात्मा गांधी मार्ग होते हुए गुरुनानक चौक तक पैदल बाजार भ्रमण किया और जीएसटी बचत उत्सव का जायजा लेने विभिन्न प्रतिष्ठानों में पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री  साय ने दुकानों में बचत उत्सव के स्टीकर भी लगाए और स्थानीय दुकानदारों एवं ग्राहकों से आत्मीय चर्चा की। बाजार भ्रमण के दौरान व्यापारियों में खासा उत्साह देखने को मिला। विभिन्न व्यापारी संगठनों एवं संचालकों ने मुख्यमंत्री  साय का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जीएसटी सुधार से देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा हाल में किए गए व्यापक जीएसटी सुधारों से टैक्स में कमी आई है और ग्राहकों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने शारदा चौक स्थित  शंकर हनुमान मंदिर में दर्शन कर बाजार भ्रमण की शुरुआत की। मुख्यमंत्री से बातचीत में लीला राम इलेक्ट्रॉनिक्स में खरीददारी करने आई समता कॉलोनी निवासी सु ऋचा ठाकुर ने कहा कि जीएसटी में कटौती से उनकी बड़ी चिंता दूर हुई है। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने हॉस्टल के लिए 5 एसी खरीदने थे। पहले 35,000 रुपये प्रति एसी की कीमत वाले उत्पाद अब कटौती और डिस्काउंट के बाद 30,000 रुपये में मिले, जिससे एक बार में ही 25,000 रुपये की बचत हुई। ऋचा ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को इस निर्णय के लिए धन्यवाद दिया। इसी प्रकार एम.एस. ट्रेडर्स के प्रोप्राइटर  मोहन नेभानी ने बताया कि बचत उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं उनकी दुकान पर आए और ग्राहकों के लाभ की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि जीएसटी में कटौती से ग्राहकों की खरीददारी बढ़ी है और हर सामान पर 1,000 से 2,000 रुपये तक की बचत हो रही है। मुख्यमंत्री  साय ने महात्मा गांधी मार्ग स्थित विभिन्न दुकानों में भ्रमण कर दुकानदारों और ग्राहकों से आत्मीय बातचीत की। बाजार में पैदल भ्रमण के दौरान आमजन ने मुख्यमंत्री पर पुष्पवर्षा कर स्वागत और अभिनंदन किया। जयस्तंभ चौक पर मुख्यमंत्री का स्वागत चैम्बर ऑफ कॉमर्स और पार्टी पदाधिकारियों ने किया। इसके बाद वे शारदा चौक पहुंचे और वहाँ देवी प्रतिमा के दर्शन कर भक्तों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं। इसके पश्चात मुख्यमंत्री पूनम होटल से लेकर मंजू ममता होटल तक पैदल भ्रमण करते हुए आगे बढ़े। सड़क किनारे खड़े छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक, सभी ने मुख्यमंत्री से संवाद करने की उत्सुकता दिखाई। मुख्यमंत्री ने भी आत्मीयता के साथ सभी की बातें सुनीं और जीएसटी 2.0 के लाभों पर उनकी प्रतिक्रियाएँ जानीं। मुख्यमंत्री  साय ने टिनी टीज़र और किड्स ऑन व्हील साइकिल स्टोर जैसे प्रतिष्ठानों पर जाकर बच्चों से जुड़ी वस्तुओं और घरेलू सामग्री पर घटे कर दरों की जानकारी ली। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में जाकर उन्होंने जाना कि उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में कितनी सस्ती दरों पर सामान मिल रहा है। दुकानदारों ने बताया कि नए प्रावधानों से व्यापार करना आसान हुआ है और ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ा है। मुख्यमंत्री  साय ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नवरात्रि पर्व और जीएसटी दरों में ऐतिहासिक कटौती का यह संयोग व्यापार और उपभोक्ताओं दोनों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में कर प्रणाली और अधिक पारदर्शी एवं सरल बनी है। इससे न केवल व्यापारियों को सुविधा होगी बल्कि आम उपभोक्ताओं की जेब में भी प्रत्यक्ष बचत होगी। मुख्यमंत्री ने विस्तार से कहा कि अब केवल दो स्लैब रह गए हैं। आवश्यक वस्तुएँ जैसे साबुन, टूथपेस्ट, साइकिल और रसोई सामग्री अब मात्र 5 प्रतिशत कर पर उपलब्ध होंगी, जिससे हर परिवार को सालाना 3,000 से 5,000 रुपये की बचत होगी। इसी प्रकार ब्रेड, दूध, पैक्ड नमकीन और चना जैसी खाद्य वस्तुएँ पूरी तरह करमुक्त हो गई हैं, जिससे सालाना ढाई से साढ़े तीन हजार रुपये तक की बचत होगी। स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर भी कर हटने से लोगों को 25,000 रुपये की पॉलिसी पर लगभग 4,500 रुपये और वरिष्ठ नागरिक बीमा पर 8 से 10 हजार रुपये सालाना की बचत होगी। मुख्यमंत्री  साय ने अंत में कहा कि जीएसटी 2.0 से व्यापार जगत को भी बड़ा लाभ होगा।  यह सुधार उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार सभी क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों और व्यापारियों से आग्रह किया कि वे स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा दें और उपभोक्ताओं से भी आह्वान किया कि वे गर्व से कहें – “मैं स्वदेशी खरीदता हूँ और स्वदेशी बेचता हूँ।” उन्होंने इसे भारत के आर्थिक भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला मंत्र बताया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री  केदार कश्यप, विधायक  सुनील सोनी,  पुरंदर मिश्रा,  मोती लाल साहू, नान के अध्यक्ष  संजय वास्तव, अमित  चिमनानी, रमेश ठाकुर, नंदन जैन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न व्यापारी संगठन एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री ने अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट पर आयुक्तों, सीएमओ और अभियंताओं के तीन दिवसीय प्रशिक्षण को किया संबोधित

रायपुर : जल संचय और रिचार्जिंग सिस्टम के लिए शहरों में बुनियादी ढांचा विकसित करने की जरूरत –  अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट पर आयुक्तों, सीएमओ और अभियंताओं के तीन दिवसीय प्रशिक्षण को किया संबोधित नगरीय निकायों के वरिष्ठ अधिकारियों और अभियंताओं को देश-विदेश के विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण रायपुर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने पं. दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) के तहत नगरीय निकायों में भू-जल के संचय, संवर्धन और रिचार्ज के लिए मिशन मोड पर कार्य करने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने नवा रायपुर स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के साथ मिलकर सभी नगरीय निकायों के लिए तीन दिवसीय गहन ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया है। इसमें देश-विदेश के विषय विशेषज्ञ अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट विषय पर सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं अभियंताओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि नगरीय प्रशासन विभाग ने इस साल 20 मई को शहरों में भू-जल और वर्षा जल के संरक्षण-संवर्धन के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) लांच किया था। प्रशिक्षण के बाद निकायों द्वारा इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी।   उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री  अरुण साव ने विगत 22 सितम्बर से शुरू तीन दिनों के प्रशिक्षण के दूसरे दिन आज सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित किया। वे आज अपने मुंगेली प्रवास के दौरान सभी अधिकारियों और प्रशिक्षण दे रहे विशेषत्रों से वर्चुअली जुड़े और उन्हें संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भू-जल का संरक्षण और रिचार्ज आज की बड़ी चुनौती है। शहरों की बढ़ती आबादी और वहां जल संकट से निपटने के लिए प्रभावी कार्य करना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण से हमारे नगरीय निकायों के अधिकारियों को भू-जल के संचय, संवर्धन और रिचार्ज से जुड़ी तकनीकी जानकारी मिलेगी। वे एक्वीफर मैपिंग, भूजल पुनर्भरण तकनीक तथा शहरी जल प्रबंधन की आधुनिक पद्धतियों से अवगत होकर अपने शहर के विकास की कार्ययोजना बनाते समय इनका ध्यान रख सकेंगे। इससे वे भू-जल के संवर्धन के लिए भी प्रभावी योजनाएं तैयार कर सकेंगे। उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि नगरों के विकास की योजना बनाते समय जल संरक्षण को प्राथमिकता से शामिल करना होगा। जल संचय और रिचार्जिंग सिस्टम के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा विकसित करना होगा। उन्होंने सभी अधिकारियों से प्रशिक्षण का पूरा लाभ लेने को कहा।  साव ने राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के साथ ही प्रशिक्षण दे रहे सभी विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से हम नगरीय निकायों में भू-जल के संरक्षण और रिचार्ज के लिए प्रभावी काम कर सकेंगे। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ  शशांक पाण्डेय सहित नगरीय प्रशासन विभाग एवं सुडा के वरिष्ठ अधिकारी भी प्रशिक्षण से ऑनलाइन जुड़े।    ये विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण प्रदेशभर के नगरीय निकायों के वरिष्ठतम अधिकारियों और अभियंताओं को अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट विषय पर देश-विदेश के विशेषज्ञ प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण के पहले दिन 22 सितम्बर को राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, नवा रायपुर की वैज्ञानिक सु बिजिमोल जोस के साथ ही सीजीडब्ल्यूबी, चेन्नई के वैज्ञानिक डॉ. एम. सेंथिल कुमार ने शहरी क्षेत्रों के जल भू-विज्ञान के बारे में जानकारी दी। वहीं मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज, फरीदाबाद के प्राध्यापक डॉ. अरुणांग्शु मुखर्जी ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में भू-जल परिदृश्य के बारे में बताया। प्रशिक्षण के दूसरे दिन आज सीजीडब्ल्यूबी, नई दिल्ली के पूर्व सदस्य डॉ. दीपांकर साहा ने उथले जलभृतों (Aquifer) में भूजल की गुणवत्ता, सीजीडब्ल्यूबी, नई दिल्ली के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक  एस.के. मोहिद्दीन ने भारत के मेट्रो शहरों में वर्षा जल संचयन और प्रबंधित जलभृत पुनर्भरण (एमएआर) तथा डेनमार्क के आरहूस विश्वविद्यालय के फैकल्टी डॉ. फिलिप ने डेनमार्क के शहरी जलभृत प्रबंधन के अनुभव साझा किए। प्रशिक्षण के तीसरे दिन 24 सितम्बर को सीजीडब्ल्यूबी, नई दिल्ली के वैज्ञानिक  मधुकर सिंह शहरी क्षेत्रों में कृत्रिम पुनर्भरण के सरल और व्यावहारिक तरीकों, बायोम एनवायर्नमेंटल, बेंगलुरु के संस्थापक और निदेशक  एस. विश्वनाथ बेंगलुरु के शहरी जलभृत प्रबंधन और सर्वोत्तम प्रथाओं तथा केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के डॉ. उदय भोंडे शहरी विकास एजेंडा के तहत शहरी जलभृत प्रबंधन परियोजनाओं की जानकारी देंगे।

रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया मनरेगा दर्पण का लोकार्पण

रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया मनरेगा दर्पण का लोकार्पण मनरेगा की पारदर्शिता बढ़ाने मनरेगा दर्पण का शुभारंभ : मुख्यमंत्री साय  ग्रामीण क्यूआर कोड स्कैन कर पिछले तीन वर्षों में हुए मनरेगा के कार्यों का विवरण, व्यय और प्रगति रिपोर्ट देख सकेंगे रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले के करेली बड़ी गांव में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण कार्यक्रम में मनरेगा दर्पण नागरिक सूचना पटल का विधिवत शुभारंभ‘ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मनरेगा दर्पण से आम जनता को मनरेगा कार्यों की पूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी। यह पहल पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मनरेगा दर्पण छत्तीसगढ़ सरकार की अभिनव पहल है, जो न केवल पारदर्शिता की नई मिसाल है बल्कि हर ग्रामीण को योजनाओं से सीधे जोड़ने का माध्यम भी है। क्यूआर कोड और जीआईएस तकनीक आधारित यह कदम गांवों में डिजिटल सशक्तिकरण और सुशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।  तीन साल में हुए मनरेगा कार्यो की रिपोर्ट देख सकेंगे ग्रामीण छत्तीसगढ़ में मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने डिजिटल क्रांति की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में नागरिक सूचना पटल लगाए गए हैं। इन पर प्रदर्शित क्यूआर कोड को स्कैन करके कोई भी ग्रामीण पिछले तीन वर्षों में किए गए कार्यों का विवरण, व्यय की जानकारी और प्रगति रिपोर्ट देख सकता है। इस प्रणाली से अब गांव का हर व्यक्ति यह जान सकेगा कि मनरेगा के तहत उसके इलाके में कौन-कौन से कार्य स्वीकृत हुए हैं, कितनी राशि खर्च हुई है और काम की वर्तमान स्थिति क्या है। फाईल और दस्तावेज हटकर अब हर सूचना मोबाइल पर उपलब्ध हो सकेगी। ग्रामीणों को जानकारी के लिए किसी कार्यालय या अधिकारी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। मनरेगा दर्पण पोर्टल और सूचना पटल के माध्यम से सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर संधारित जानकारी को समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। इससे योजनाओं पर अनावश्यक भ्रम की स्थिति समाप्त होगी और जनता खुद निगरानी कर पाएगी। इस पहल से ग्रामीणों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा। पारदर्शी व्यवस्था से न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा बल्कि ग्रामीणों की सीधी भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, सांसद मती रूप कुमारी चौधरी, विधायक  अजय चन्द्राकर, सचिव मती निहारिका बारिक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

सेवा पखवाड़ा में दिव्यांग और वरिष्ठजनों का सम्मान, मुख्य अतिथि मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

सेवा पखवाड़ा में दिव्यांग और वरिष्ठजनों का सम्मान, मुख्य अतिथि मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की मौजूदगी में सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत दिव्यांगों व बुजुर्गों का सम्मान रायपुर सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत सूरजपुर जिले में दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठजनों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण, सम्मान एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े शामिल हुईं। सभा को संबोधित करते हुए मंत्री मती राजवाड़े ने नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और कहा कि सेवा पखवाड़ा समाज की भलाई और जनसेवा के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में स्वास्थ्य, स्वच्छता और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी अनेक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ सीधे आमजन तक पहुंच रहा है। मंत्री मती राजवाड़े ने कहा कि दिव्यांगजन समाज में समान अधिकार और सम्मान के अधिकारी हैं। उन्होंने दिव्यांग विवाह सहायता योजना, स्वरोजगार तथा रोजगारपरक योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने आह्वान किया कि दिव्यांगजन शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से अपने जीवन को बेहतर दिशा दें, सरकार हर कदम पर सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। मती राजवाड़े ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित सेवा पखवाड़ा पूरे देश में सकारात्मक बदलाव का अभियान है। इस दौरान स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता जागरूकता, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण जैसे अनेक जनकल्याणकारी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई और समाज में स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावरण बनाने का संकल्प लेने का आग्रह किया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा दिव्यांगजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और मेडिकल प्रमाण पत्र बनाए गए। साथ ही जरूरतमंदों को सहायक उपकरण प्रदान किए गए। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने लोगों से “मां के नाम से एक पेड़ लगाने” की अपील भी की। कार्यक्रम में विधायक  भूलन सिंह मरावी जिला पंचायत अध्यक्ष मती चंद्रमणि पैकरा, उपाध्यक्ष  रेखलाल रजवाड़े, जिला पंचायत सीईओ  विजेंद्र सिंह पाटले, मुरली मनोहर सोनी, जिला रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष  बाबूलाल अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।