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प्रदेश में अब तक 1210.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज, सामान्य से अधिक बारिश

रायपुर, छत्तीसगढ़ में अब तक 1210.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बस्तर जिले में सर्वाधिक 1633.3 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 554.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1159.6 मि.मी., बलौदाबाजार में 1004.8 मि.मी., गरियाबंद में 1233.9 मि.मी., महासमुंद में 1065.1 मि.मी. और धमतरी में 1149.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1205.1 मि.मी., मुंगेली में 1183.0 मि.मी., रायगढ़ में 1396.7 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1116.1 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1413.5 मि.मी., सक्ती में 1274.2 मि.मी., कोरबा में 1179.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1112.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 948.2 मि.मी., कबीरधाम में 892.0 मि.मी., राजनांदगांव में 1012.5 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1462.0 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 919.1 मि.मी. और बालोद में 1317.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 799.0 मि.मी., सूरजपुर में 1183.2 मि.मी., बलरामपुर में 1579.6 मि.मी., जशपुर में 1105.3 मि.मी., कोरिया में 1253.4 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1138.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में कोंडागांव जिले में 1213.5 मि.मी., कांकेर में 1421.6 मि.मी., नारायणपुर में 1472.6 मि.मी., दंतेवाड़ा जिले में 1622.4 मि.मी., सुकमा जिले में 1306.9 मि.मी. और बीजापुर जिले में 1615.0 मि.मी. की औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

रायपुर में ट्रैफिक से राहत का रोडमैप: पाँच मुख्य सड़कों को 6 और 8 लेन तक किया जाएगा चौड़ा

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी में सिक्स लेन सिर्फ रायपुर से सिगमा तक है. बाकी राजधानी को जोड़ने वाली ज्यादातर सड़कें 4 लेन है. इसलिए राजधानी को रफ्तार देने के लिए करीब 5 सिक्स लेन और आठ लेन सड़क बनेगी, इसमें रायपुर-विशाखापट्टनम, रायपुर- लखनादौन, रायपुर – बलौदाबाजार, दुर्ग-आरंग बाइपास सिक्स लेन और सिगमा से बिलासपुर सड़क 8 लेन चौड़ी होगी. ये सड़कें न केवल यात्रियों की दूरी कम करेंगी, बल्कि समय, ईंधन और ट्रैफिक जाम से भी निजात दिलाएंगी. छत्तीसगढ़ में इन सड़कों के प्रोजेक्ट्स पर काम तेजी से चल रहा है. ये प्रोजेक्ट राज्य की परिवहन व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन लाएंगे. राजधानी से जुड़े होने के कारण उक्त प्रोजेक्ट पूरे होने पर यात्री सुविधा के साथ माल ढुलाई आसान होगी. सड़क विस्तार से कारोबार बढ़ेगा. रायपुर से सारंगढ़ 186 किमी लंबी फोरलेन रायपुर से सारंगढ़ तक की 186 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन किया जा रहा है. इसमें रायपुर से धनेली 0 प्वाइंट से 53.1 किमी तक प्रथम चरण में, फिर 85.6 किमी तक दूसरे चरण में और अंत में 186 किमी तक तीसरे चरण में काम किया जाएगा. एनएच ने इस सड़क के एलाइन्मेंट की जानकारी जिला प्रशासन को सौंप दी है. लगभग 35 गांवों की जमीन पर पहले लगी खरीदी-बिक्री की रोक हटा ली गई है. एनएचएआई की टीम ने भूमि अभिलेखों का मिलान भी पूरा कर लिया है. अध्ययन में यह पाया गया कि अधिकतर भूमि पहले से ही नेशनल हाईवे की है, इसलिए मात्र 10% भूमि ही अधिग्रहित की जानी है. डीपीआर लगभग तैयार है और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है. यह फोरलेन रायपुर से बलौदाबाजार होते हुए सारंगढ़ जाएगी. इससे न केवल ट्रैफिक का दबाव कम होगा, बल्कि व्यापार, उद्योग और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह एक नई लाइफलाइन बनेगा. इसका निर्माण दो चरणों में होगा. पहले चरण में ग्राम धनेली (रायपुर) से और वहां से ग्राम बिनौरी तक 72 किमी बनाई जाएगी. रायपुर – लखनादौन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे रायपुर से लखनादौन (मध्यप्रदेश) तक करीब 300 किमी लंबे छह लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे की योजना पर भी काम तेजी से चल रहा है. यह सड़क बालाघाट, सिवनी, छपारा और लखनादौन होते हुए रायपुर को जोड़ेगी और करीब 12 जिलों को इससे फायदा होगा. इस परियोजना की लागत करीब 15,000 करोड़ रुपए आंकी गई है. एनएचएआई ने इसके लिए तीन संभावित रूटों का सर्वे शुरू कर दिया है. इनमें से एक रूट कान्हा और पेंच नेशनल पार्क के पास से होकर गुजरता है, जिससे पर्यावरणीय बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं. रायपुर-बिलासपुर मार्ग 8 लेन रायपुर से बिलासपुर तक नेशनल हाईवे का नए सिरे से चौड़ीकरण होगा. एनएचएआई ने इसकी चौड़ाई बढ़ाकर 8 लेन करने जा रहा है. विभाग ने डीपीआर के लिए टेंडर डाक्यूमेंट्स बनाकर दिल्ली मुख्यालय भेज दिया है. रायपुर से सिमगा तक 8 लेन और सिमगा से बिलासपुर तक सिक्स लेन सड़क बनाई जाएगी. अभी ये सड़क रायपुर से सिमगा तक 6 लेन और सिमगा से बिलासपुर तक 4 लेन है. इसी सड़क को रायपुर से बिलासपुर तक 8 लेन बनाने की योजना पर काम हो रहा है. अफसरों का कहना है कि अगले वित्त वर्ष तक टेंडर जारी कर काम शुरू कर दिया जाएगा. मुंबई-कोलकाता लिंक : दुर्ग – रायपुर होते हुए आरंग तक निर्माण भारतमाला परियोजना के तहत दुर्ग से आरंग के बीच 92.5 किमी लंबे सिक्स लेन इकॉनोमिक कॉरिडोर का भी निर्माण चल रहा है. यह राजनांदगांव, दुर्ग, पाटन, अभनपुर और आरंग तहसीलों से होकर गुजरेगा. यह दुर्ग से रायपुर होते हुए नई राजधानी तक जाने के मौजूदा 70-75 किलोमीटर के सफर को घटाकर 55 किलोमीटर कर देगा. इससे 20 किलोमीटर दूरी घटेगी, बल्कि समय और ईंधन की भी बचत होगी. यह कॉरिडोर मुंबई-कोलकाता आर्थिक कॉरिडोर में शामिल होगा. यह 6 लेन प्रोजेक्ट है. इसकी अनुमानित लागत 2297 करोड़ रुपए है.

पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पट्टा फर्जीवाड़े में शामिल तीन आरोपी हिरासत में

कांकेर कांकेर में चारामा पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर शासकीय भूमि पर अवैध रूप से वन अधिकार पट्टा लेने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में ग्राम पंचायत मयाना की पूर्व सरपंच का पति जीवन ठाकुर, उसका पुत्र नीरज पोया और ग्राम के पूर्व में रहे सरपंच शोप सिंह शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार  मयाना के ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व चारामा के पास शिकायत दर्ज कराई कि कुछ लोगों ने धोखाधड़ी कर सरकारी जमीन पर अवैध रूप से वन अधिकार पट्टा प्राप्त कर लिया है। शिकायत की जांच के दौरान यह साबित हुआ कि आरोपियों ने कूट रचना और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से वन अधिकार मान्यता पत्र बनवाया और शासन को ₹5,17,773 की आर्थिक हानि पहुंचाई। पुलिस ने आरोपी जीवन ठाकुर, शोप सिंह और नीरज पोया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। बताते चले कि यह फर्जीवाड़ा ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच के कार्यकाल में किया गया था। इस दौरान सरकारी जमीन पर अवैध रूप से पट्टा जारी कर कुछ व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले को लेकर पहले भी कलेक्टर को शिकायत किया गया था, इसको लेकर गांव में कई बार विवाद और तनाव की स्थिति बनी रहती थी।

नक्सलियों की धमाके की योजना नाकाम, नारायणपुर में प्रेशर-कुकर बम जब्त

जगदलपुर दंतेवाड़ा जिले के बारसूर इलाके में जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए आईईडी लगाने वाले छह नक्सलियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से आईईडी भी जब्त किया था। घटना के 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि नारायणपुर पुलिस ने थाना कोहकामेटा क्षेत्र के ग्राम कोडलियार बिचपारा के जंगलों से तीन नग कुकर बम बरामद किए, जिन्हें बाद में नष्ट कर दिया गया। बताया जा रहा है कि नारायणपुर जिले में सर्चिंग पर निकले जवानों ने एक बार फिर नक्सलियों के नापाक मंसूबों को विफल कर दिया। सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए नक्सलियों ने पांच-पांच किलो वजनी ती नग कमांड कुकर आईईडी बम लगाए थे। नक्सलियों ने ये कुकर बम नारायणपुर जिले के थाना कोहकामेटा क्षेत्र के ग्राम कोडलियार बिचपारा और नीचेपारा के बीच के जंगलों में लगाए थे। सर्चिंग के दौरान जवानों को तीन नग कुकर कमांड आईईडी बरामद हुए। सभी आईईडी का वजन पांच-पांच किलोग्राम बताया गया। सुरक्षा बल की बीडीएस टीम ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सभी बमों को नष्ट कर दिया। इसके अलावा, शनिवार को नक्सलियों की सूचना पर दंतेवाड़ा जिले के बारसूर क्षेत्र में पुलिस बल भेजा गया था, जहां से पांच पुरुष नक्सलियों के साथ एक महिला नक्सली को भी गिरफ्तार किया गया। उनके पास से भी आईईडी बरामद किए गए हैं।

लाखों की ज्वेलरी चोरी का मामला सुलझा, नाबालिग समेत दो चोर पकड़े गए

खैरागढ़ खैरागढ़ जिले के छुईखदान में बीते 8 और 9 अक्टूबर की दरमियानी रात हुई ज्वेलरी शॉप चोरी का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। वारदात में शामिल एक नाबालिग मास्टरमाइंड और उसके साथी को गिरफ्तार कर पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 6 लाख रुपये मूल्य के चांदी के जेवरात बरामद किए हैं। यह मामला नगर के मुख्य चौक स्थित सोनी ज्वेलर्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान का है, जहां अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर दुकान में रखे जेवरात चोरी कर लिए थे। इस संबंध में दुकान संचालक परमेश्वर राम सोनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश गौतम ने बताया कि शिकायत मिलते ही पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के CCTV फुटेज खंगाले, जिसके आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चोरी की वारदात कबूल कर ली। गिरफ्तार आरोपियों में प्रह्लाद निषाद उर्फ दादू (35 वर्ष), निवासी कंडरापारा छुईखदान और एक विधि से संघर्षरत नाबालिग शामिल हैं। दोनों ने चोरी के बाद गहनों को गांव में छिपाकर रखा था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। बरामद सामान में पायल, कड़ा, बिछिया, बाजूबंद, करधन, चांदी के सिक्के, लाकेट और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियाँ शामिल हैं, जिनका वजन करीब 4 किलो और मूल्य लगभग ₹6 लाख बताया गया है। पुलिस ने बताया कि इस चोरी में शामिल एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने इस चोरी को महज 72 घंटे में सुलझा लिया और बरामदगी भी शत-प्रतिशत कर ली गई है।

नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिए आवश्यक निर्देश

मंत्रालय, संचालनालय और सूडा की टीम को समयबद्ध कार्य करते हुए लेट-लतीफी से बचने को कहा रायपुर, उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने दीपावली के पहले सभी नगरीय निकायों में कर्मचारियों को वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्रालय, संचालनालय और सूडा की टीम को बेहतर समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य करते हुए लेट-लतीफी से बचने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ धरातल पर नजर आने चाहिए। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और संयुक्त सचिव डॉ. रेणुका श्रीवास्तव भी समीक्षा बैठक में शामिल हुईं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय निकायों में विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने गोधाम योजना के क्रियान्वयन के लिए कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए हरित आवरण बढ़ाने हेतु एक समग्र कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने इसके लिए राज्य प्रवर्तित योजना के अंतर्गत राशि आबंटित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी भी नियुक्त करने को कहा। समीक्षा बैठक में नगरीय निकायों के लंबित विद्युत देयकों की समीक्षा की गई। श्री साव ने एनर्जी बिल ऑडिट की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए प्राप्त सुझावों के त्वरित क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने सरचार्ज एवं अतिरिक्त भार से होने वाले आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए निकायों के सीएमओ, लेखापाल व अभियंताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए। श्री साव ने बैठक में नवगठित नगरीय निकायों को आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के लिए अधोसंरचना मद, चुंगी कर अथवा अन्य स्रोतों से राशि स्वीकृत कर कार्य कराने की कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने नवीन निकायों को शीघ्र आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नालंदा परिसरों, अटल परिसरों तथा बजट में शामिल अन्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों को सर्वांगीण विकास के लिए सरकार द्वारा भरपूर राशि प्रदान की जा रही है, अतः सभी अधिकारी योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को इनका शीघ्र लाभ मिल सके। बैठक में नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति, रिक्त पदों पर भर्ती, वर्गीकरण तथा सेट-अप रिवीजन पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उप अभियंताओं की भर्ती हेतु वित्त विभाग से समन्वय कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। श्री साव ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 21 नगरीय निकायों की जलप्रदाय योजनाओं एवं एसटीपी निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीपीआर एवं आरएफपी कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा। उन्होंने मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत चल रहे कार्यों की निकायवार समीक्षा कर जिला कलेक्टरों के माध्यम से निर्माण में आ रही बाधाएं दूर कर कार्य समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए। उप मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों की चल-अचल संपत्ति, मशीनरी, वाहनों आदि की ऑडिट कर अद्यतन स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने व्यावसायिक परिसरों एवं दुकानों के नियमानुसार सुचारू संचालन के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने मुक्तिधामों को समुचित सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए शवदाह हेतु शेड, प्रतीक्षालय, पेयजल, गार्ड कक्ष, बाउंड्रीवाल आदि निर्माण के लिए सूडा की राज्य प्रवर्तित योजना से राशि आबंटित करने के निर्देश दिए। राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय, अतिरिक्त सीईओ श्री दुष्यंत कुमार रायस्त, उप सचिव डॉ. ऋतु वर्मा, अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में CM विष्णु देव साय का सख्त संदेश — जनहित में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

राज्य एवं केन्द्र शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे बस्तर संभाग के मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष अभियान चलाया जाए प्रभारी सचिवों और संभागीय आयुक्तों को योजना के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करने के निर्देश कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित योजनाओं पर मंथन रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रविवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित के नए मानक तय किए गए। बैठक की शुरुआत निर्धारित समय से पहले हुई, जिसने पूरे प्रशासन को मुख्यमंत्री की वर्क-डिसिप्लिन और परिणाम केंद्रित कार्यशैली का सीधा संदेश दिया।  बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त और कलेक्टर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने प्रारंभ से ही स्पष्ट कर दिया कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम लाभ जनता तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचना ही सुशासन का वास्तविक अर्थ है — और इस दिशा में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कॉन्फ्रेंस केवल समीक्षा बैठक नहीं, बल्कि जनहित के नए मानक तय करने का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन में परिणाम दिखाई देने चाहिए, केवल रिपोर्टों में नहीं। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स कांफ्रेंस में कहा कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम उद्देश्य आम जनता तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच आपकी उपस्थिति और संवेदनशीलता ही आपकी पहचान है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धान खरीदी 15 नवंबर से प्रारंभ होगी और इसकी सभी तैयारियाँ समय पर पूरी कर ली जाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सीधे कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। धान खरीदी में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक धान खरीदी केंद्र की मॉनिटरिंग  हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभारी सचिव जिलों में लगातार निगरानी रखें और संवेदनशील केंद्रों की विशेष मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीदी की चौकसी बढ़ाने के लिए अब इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उपयोग किया जाएगा। इससे जिलों में निगरानी तेज होगी और किसी भी गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि बाहर से धान की अवैध आवाजाही को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के लिए विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन जनजातीय इलाकों में विशेष शिविरों के माध्यम से 100 प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भी पात्र किसान वंचित न रहे, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिलों में निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पात्र किसानों को लाभ पहुँचना चाहिए। उन्होंने कमिश्नरों को निर्देश दिया कि बस्तर और सरगुजा सम्भाग में विशेष रूप से योजना की प्रगति की सतत समीक्षा करें।  मुख्यमंत्री साय ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुँचे। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों को बैंक फाइनेंस की सुविधा आसानी से उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे। स्वास्थ्य सेवाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शत प्रतिशत प्रसव सभी अस्पतालों में  सुनिश्चित हो। साथ ही टीकाकरण की वास्तविक स्थिति की फील्ड वेरिफिकेशन द्वारा पुष्टि की जाए। उन्होंने कहा कि मैटरनल डेथ ऑडिट प्रत्येक मामले में अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम की रणनीति बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनआरसी सेंटरों का संचालन नियमित और प्रभावी होना चाहिए तथा माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने वेलनेस सेंटरों को सक्रिय कर गैर-संचारी रोगों  के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग में मलेरिया उन्मूलन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाया जाए ताकि छत्तीसगढ़ को “मलेरिया-मुक्त राज्य” बनाने का लक्ष्य शीघ्र पूरा किया जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के अंतर्गत सभी पात्र वृद्धजनों के पंजीयन और कार्ड निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रॉपआउट शून्य करने और सकल नामांकन अनुपात को 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य किसी भी हालत में पूरा होना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षण सामग्री अलमारियों में नहीं, कक्षाओं में दिखनी चाहिए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि शिक्षण संसाधनों का उपयोग कक्षा में सुनिश्चित करें और नियमित मॉनिटरिंग करें। मुख्यमंत्री ने बीजापुर जिले की सराहना करते हुए कहा कि वहाँ स्थानीय युवाओं की मदद से गोंडी भाषा में शिक्षण से बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है और ड्रॉपआउट घटा है। उन्होंने सभी जिलों को ऐसे नवाचार अपनाने की सलाह दी ताकि शिक्षा स्थानीय संस्कृति और भाषा से जुड़ सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 31 दिसंबर तक सभी विद्यार्थियों की आधार-बेस्ड APAR ID बनाकर रजिस्ट्रेशन पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था डिजिटल पारदर्शिता और छात्र लाभ वितरण में निर्णायक भूमिका निभाएगी। इसी आधार पर छात्रों को गणवेश, किताबें और छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” चलाया जाएगा। इसमें स्कूलों का सामाजिक अंकेक्षण कर ग्रेडिंग होगी। उन्होंने कहा कि जिलों में परीक्षा परिणाम सुधार की ठोस योजना बने। जो जिले बेहतर कर रहे हैं, उनके मॉडल अन्य जिलों में लागू किए जाएँ।

24 घंटे तक सुरंग में छिपे रहे चोर: खदान से केबल चोरी की कोशिश नाकाम, 6 आरोपी गिरफ्तार

सूरजपुर बिश्रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एसईसीएल कुम्दा सहक्षेत्र स्थित अंडरग्राउंड माइंस में केबल चोरी करते हुए छह आरोपी पकड़े गए हैं. चोरी की भनक लगने पर सुरक्षा कर्मियों ने बाहर निकलने के रास्ते को बंद कर दिया, जिसके बाद सभी आरोपी करीब 24 घंटे तक सुरंग के अंदर ही फंसे रहे. बताया जा रहा है कि इस दौरान चोरों ने सुरक्षा अधिकारी पर हमला करने की भी कोशिश की. दरअसल, सुरक्षा अधिकारी को सूचना मिली कि अंडरग्राउंड कोयले की माइंस के अंदर कई लोग चोरी करने की इरादे से घुसे हुए हैं. जिसके बाद सिक्योरिटी विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर माइंस के अंदर जाने वाले रास्ते को जाली लगाकर बंद कर दिया. सुरक्षा अधिकारी और त्रिपुरा राइफल के जवानों ने चोरों का ढूंढना शुरू किया. जिन्हें देखते ही चोर भागने लगे, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया. सुरक्षा अधिकारी पर कुल्हाड़ी से किया हमला चोरों ने भागने निकलने की कोशिश में सरक्षा अधिकारी पर कुल्हाड़ी से हमला किया. हालांकि सुरक्षा अधिकारी बाल बाल बचे. इसके बाद सभी चोरों को पुलिस के हवाले कर दिया गया. आरोपियों के पास से हथियार और लाखों रुपए मूल्य का केबल तार बरामद किया गया.

एचआइवी पाजिटिव महिला मरीज की पहचान सार्वजनिक करने पर हाई कोर्ट ने अस्पताल पर उठाया सवाल, सुनवाई 15 को

बिलासपुर  हाई कोर्ट ने रायपुर के डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में एचआइवी पाजिटिव महिला मरीज की पहचान सार्वजनिक करने की घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की खंडपीठ ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार के मुख्य सचिव से व्यक्तिगत शपथपत्र मांगा है. कोर्ट ने कहा कि यह कृत्य न केवल अमानवीय है बल्कि नैतिकता और निजता के अधिकार का घोर उल्लंघन है. मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी. दरअसल, 10 अक्टूबर को प्रकाशित खबर में बताया गया कि रायपुर के डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल में नवजात शिशु के पास एक पोस्टर लगाया गया, जिसमें यह लिखा था कि बच्चे की मां एचआईवी पाजिटिव है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह पोस्टर गाइनो वार्ड में भर्ती मां और नर्सरी वार्ड में रखे नवजात बच्चे के बीच लगाया गया था. जब बच्चे के पिता अपने शिशु को देखने पहुंचे तो उन्होंने यह पोस्टर देखा और भावुक होकर रो पड़ा. कोर्ट ने इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए सुनवाई की. कोर्ट ने कहा कि यह अत्यंत अमानवीय, असंवेदनशील और निंदनीय आचरण है, जिसने न केवल मां और बच्चे की पहचान उजागर कर दी बल्कि उन्हें सामाजिक कलंक और भविष्य में भेदभाव का शिकार भी बना सकता है. कोर्ट ने कहा कि यह कार्य सीधे तौर पर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन है. अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि, राज्य के इतने प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान से यह अपेक्षा की जाती है कि वह रोगियों के साथ अत्यधिक संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करे. एचआइवी/एड्स जैसे सामाजिक रूप से संवेदनशील मामलों में पहचान उजागर करना गंभीर चूक है. मामले में कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे 15 अक्टूबर 2025 तक व्यक्तिगत शपथपत्र प्रस्तुत करते हुए यह स्पष्ट किया जाए कि, सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कालेजों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की गोपनीयता सुनिश्चित करने की वर्तमान व्यवस्था क्या है. इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कर्मचारियों को संवेदनशील बनाने के क्या कदम उठाए गए हैं. डाक्टरों, नर्सों और पैरा-मेडिकल स्टाफ को कानूनी और नैतिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने के लिए भविष्य में क्या उपाय प्रस्तावित हैं.  कोर्ट ने कहा- दोबारा ऐसी गलती न दोहराई जाए.

दुर्ग पुलिस की नशा तस्करो पर लगातार कार्यवाही, 22 मामलों में 438.748 किलोग्राम गांजा पकड़ा

हेरोईन के 03 प्रकरण में 33 आरोपी पकड़े गए इनमें थाना मोहन नगर के प्रकरण में 246 ग्राम चिट्टा के साथ अभी तक कुल 30 आरोपी पकड़े जा चुके है इस वर्ष जिले में पहली बार अफीम के 03 आरोपी भी पकड़े गए, जिसमें 02 आरोपी पंजाब के रहने वाले है 01 सितम्बर को 239 मामलों में लगभग 1620.490 कि0ग्रा0 गांजा, हेराईन 277.29 ग्राम ब्राउन शुगर 214.398 ग्राम एवं 273776 नग नशीली दवाईयों का नष्टीकरण किया गया दुर्ग जिला पुलिस दुर्ग द्वारा 1 सितंबर 2025 से विशेष अभियान विश्वास चलाकर नशाखोरी में लिप्त नशा की तस्करी में लिप्त तस्करों एवं विक्रेताओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस कार्यवाही के तहत लगभग 84.77 लाख रुपए के नशीली दवाएं एवं टैबलेट्स तथा गांजा एवं चिट्टा पकड़ा गया है। थाना कुम्हारी में एक कंटेनर में तस्करी करते हुए 388 किलोग्राम गांजा पकड़ा तथा उनके साथ महाराष्ट्र के दो अंतर्राज्यीय तस्कर एवं ड्राइवर पकड़े गए।इसी तरह पंजाब के चार तस्करों के साथ 246 ग्राम चिट्टा थाना मोहन नगर क्षेत्र में पकड़ा गया और उसके गैंग में शामिल छोटे बड़े सभी विक्रेताओं को 30 की संख्या में पकड़ा गया है। इस प्रकरण में आगे भी गिरफ्तारी होना संभावित है। इसी अभियान में दिनांक 16.09.2025 को विशेष अभियान चला कर एक ही दिन में एनडीपीएस के 17 प्रकरण में 19.531 किलोग्राम गांजा तथा 106 नग टैबलेट्स/सीरप पकड़ा गया। साथ ही नशीली दवाओ एवं सिरींज के लिए भी पुलिस की टीम लगातार लगी रही तथा कुख्यात तस्कर वैभव खंडेलवाल से हजारों की संख्या में अल्प्राजोरम के टैबलेट बरामद किया गया। तत्पश्चात थाना दुर्ग कोतवाली में 10000 से ज्यादा नशीले दवाओ के टैबलेट एक साथ बरामद किए गए उक्त पूरी कार्यवाही एएसीसीयू के स्टाफ एवं थाना की टीमो द्वारा किया गया है।