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सामूहिक दुष्कर्म का खुलासा: आदिवासी युवती पर हमला करने वाले तीन आरोपी हिरासत में

कवर्धा आदिवासी युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में कवर्धा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 36 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार युवक कवर्धा के ही रहने वाले आदतन अपराधी हैं. इस मामले में पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह छवाई आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी देंगे. पूरा मामला 24 सितंबर रात का है, अपने परिचित के घर ठहरी पीड़िता रात करीबन दो बजे किसी विवाद के बाद घर से निकलकर बस स्टैंड की ओर चली गई. इसी दौरान बाइक सवार तीन युवक उसे बहला-फुसलाकर सुनसान इलाके (अटल आवास के पीछे) ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दिया. घटना के बाद आरोपियों ने किसी न न बताने की धमकी देकर पीड़िता को बस स्टैंड के पास छोड़ दिया था. पीड़िता ने साहस दिखाते हुए महिला थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर पीड़िता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई. इधर पुलिस जांच में जुटी हुई थी, उधर घटना से आक्रोशित आदिवासी समाज सड़क पर उतर आया. कलेक्टर कार्यालय का घेराव करते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की. जनाक्रोश और लगातार विरोध-प्रदर्शनों के बीच पुलिस ने जांच में तेजी लाते हुए कई टीमों को आरोपियों की तलाश में लगाया. इसके साथ आरोपियों की पहचान या गिरफ्तारी में मदद करने वाले को 10,000 रुपए का इनाम देने की घोषणा करते हुए जनता से भी आरोपियों की पहचान या जानकारी होने पर पुलिस से साझा करने की अपील की थी. आखिरकार 36 घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ने में कामयाबी पाई है. बताया जा रहा है कि तीनों आरोपी अटल आवास में रहने वाला हैं, जो मौके की नजाकत को देखते हुए फरार होने के फिराक में थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें धरदबोचा.

गांव में आतंक फैलाने की कोशिश, पेट्रोल से कार-बाइक में आग

कोरबा गांव में दहशत फैलाने की मंशा से अज्ञात लोगों ने कार और दो बाइक पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. घटना से गांव में मचे हड़कंप के बीच ग्रामीणों ने आरोपियों को पकड़कर कार्रवाई करने की मांग की है. उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत तिलकेजा में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात अज्ञात लोगों ने एक इको वाहन और दो मोटरसाइकिलों को आग लगा दी. वाहन मालिक नरेंद्र उरांव ने आगजनी से लाखों रुपए के नुकसान की बात कहते हुए इसे सोची-समझी साजिश का हिस्सा बताया है. इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है. ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं. इस मामले में कोरबा सीएसपी भूषण एक्का ने बताया कि उरगा थाना पुलिस को सूचना दी गई है. मौके पर पहुंचकर जांच की जा रही है.

फूल रथ की परिक्रमा में छाया विवाद, बस्तर दशहरा की विजय रथ पर भी उठे सवाल

जगदलपुर विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में बुधवार को विवादों के बीच परंपरानुसार फूल रथ की परिक्रमा शुरू की गई. मां दंतेश्वरी का छत्र सजाए गए चार पहियों वाले फूल रथ पर रखा गया और प्रधान पुजारी रथ पर सवार होकर गोलबाजार के बीच मावली माता की परिक्रमा करते नजर आए. इस दौरान गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ मां के छत्र का स्वागत हुआ, वहीं पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए सलामी भी दी. नवरात्रि के तीसरे दिन निभाई जाने वाली इस परिक्रमा से पहले बड़ा विवाद खड़ा हो गया. 60 साल बाद फिर से राजा-रानी को रथ पर बैठाने की मांग को लेकर बस्तर संभाग के विभिन्न गांवों से पहुंचे पटेल समुदाय अड़े रहे. उनका कहना था कि जब तक राजा-रानी रथ पर सवार नहीं होंगे, वे रथ नहीं खींचेंगे. देर रात तक यह विवाद चलता रहा. रथ घंटों तक खड़ा रहा. बस्तर कलेक्टर हरिस एस और बस्तर एसपी सलभ सिन्हा की समझाइश के बाद भी पटेल समुदाय अपने बात पर अड़ा रहा. तब बस्तर राज परिवार के सदस्य कमल चंद भंजदेव ने बारिश के बीच ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की. आखिरकार राजा के पुजारी के रथ पर मां दंतेश्वरी का छत्र रखने के बाद परिक्रमा पूरी हुई. छह दशकों से बंद है परंपरा गौरतलब है कि रियासत काल में यह परंपरा रही कि राजा-रानी मां दंतेश्वरी के छत्र के साथ रथ पर सवार होते थे. यह परंपरा 1965 के बाद से बंद हो गई. इस साल वर्तमान बस्तर रियासत प्रमुख कमलचंद भंजदेव की शादी के बाद मांग उठी कि उन्हें रथ पर बैठाया जाए, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी. बुधवार की परिक्रमा में घंटों बाद देर रात रथ सिरहासार चौक से निकला और गोलबाजार, मिताली चौक होते हुए मां दंतेश्वरी मंदिर तक पहुंचा. यह रस्म आगामी 3 दिनों तक और इसी तरह निभाई जाएगी. सात सौ साल पुरानी है परंपरा माना जाता है कि बस्तर दशहरा की रथ परिक्रमा की शुरुआत 1410 ईसवी में महाराजा पुरुषोत्तम देव ने की थी. परंपरा और आस्था से जुड़ी यह रस्म हर साल दशहरे का मुख्य आकर्षण रहती है. हालांकि, विवाद अभी थमा नहीं है. पटेल समाज ने साफ संकेत दिए हैं कि 2 अक्टूबर को होने वाली विजय रथ परिक्रमा में वे राजा को रथपति की उपाधि दिलाने की मांग फिर से उठाएंगे. ऐसे में आशंका है कि दशहरे के इस बड़े आयोजन में विवाद एक बार फिर उठ सकता है.

समाज कल्याण मंत्री राजवाड़े का बयान: शराबबंदी पर कांग्रेस सरकार विफल

कोरबा प्रदेश की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े आज एक दिवसीय कोरबा प्रवास पर रहीं। इस दौरान उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विशेषीकृत दत्तकग्रहण अभिकरण-सेवा भारती का अवलोकन किया और यहां निवासरत बच्चों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने यहां उपलब्ध सुविधाओं और बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई से चर्चा कर बच्चों को मिल रही सुविधाओं से अवगत हुईं। मंत्री राजवाड़े ने उनके प्रयासों की सराहना की। मंत्री राजवाड़े ने विभाग के गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को लाभ मिला है। आर्थिक समृद्धि के साथ आत्मनिर्भर बनने की राह आसान हुई है और खुशहाली का वातावरण निर्मित हुआ है। इस दौरान विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, महापौर संजू देवी राजपूत, डीपीओ रेणु प्रकाश सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा विभाग के अधिकारी, प्रतिनिधि उपस्थित थे। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कहा था कि शराब दुकान बंद करेंगे, लेकिन कांग्रेस के कार्यकाल में शराब की दुकानें बढ़ी हैं। हमने कोई वादा नहीं किया है लेकिन लोग शराब कम पिए इस दिशा में प्रशासन पूरा काम कर रहा है। कांग्रेस सरकार ने कोरोना काल जैसे समय में शराब बेची और दुकान बढ़ाईं। शराबबंदी को लेकर वादा करके जो कांग्रेस की सरकार बनी थी लेकिन वह कर नहीं पाए जिसके चलते फिर से कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इसके लिए प्रशासन के द्वारा लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ताकि लोग नशे से दूर रहें, नशे के चलते ही आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं जिस पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

रायपुर-बिलासपुर में ED का शिकंजा, कई ठिकानों पर दबिश

रायपुर छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम शुक्रवार सुबह से सक्रीय हो चुकी है. रायपुर और बिलासपुर में कई बिल्डर्स के ठिकानों पर छापा पड़ा है. मौके पर टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है. जानकारी के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने तड़के सुबह रायपुर के एक बिल्डर के ठिकानों पर छापेमारी की. इसी क्रम में बिलासपुर में भी सुल्तानिया ग्रुप के मीनाक्षी सेल्स के ठिकानों पर छापेमारी की गई है. बताया जा रहा है कि सुल्तानिया ग्रुप के मीनाक्षी सेल्स का कोयला, सीमेंट, छड़, स्टील और ट्रेडिंग का कारोबार है. ईडी की ये कार्रवाई किन गड़बड़ियों को लेकर है, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है. ईडी के अधिकारी ग्रुप से जुड़े कारोबारियों से पूछताछ कर रहे हैं. यहां दो गाड़ियों में टीम पहुंची है. मौके पर कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच जारी है.

मुख्यमंत्री साय ने कहा – जनसमस्याओं के हल में अफसरों की भूमिका अहम

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में 2024 बैच के 13 एवं 2021 बैच के एक अधिकारी शामिल थे। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी प्रशासन की धुरी हैं। जनता की समस्याओं को हल करने में उनकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ-साथ आपको प्रबुद्ध नागरिक के रूप में समाज की भी चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक बेहतर समाज के निर्माण में आप सभी अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी अधिकारियों को पदेन दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करने के लिए शुभकामनाएँ दीं। छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर ने मुख्यमंत्री  साय को अवगत कराया कि इन अधिकारियों का 7 अप्रैल 2025 से प्रारंभ हुआ इंडक्शन कोर्स अब समाप्त हो रहा है। इसके बाद ये सभी अधिकारी राज्य के विभिन्न जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रूप में सेवा देंगे, जहाँ वे शासन के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को समझेंगे। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से उनके प्रशिक्षण के अनुभव भी जाने। उन्होंने कहा कि यह आपका सौभाग्य है कि आपको राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के रूप में जनता की सेवा का अवसर मिला है। यह अवसर सभी को नहीं मिलता। पूरे मनोयोग से इस अवसर का लाभ उठाते हुए निष्ठा और समर्पण के साथ अपने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन का काम जनहित की नीतियाँ बनाना है, लेकिन उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर ही रहती है। छत्तीसगढ़ एक अत्यंत समृद्ध राज्य है। यहाँ प्रचुर मात्रा में खनिज और वन संपदा है, मिट्टी उर्वरा है और पावर सेक्टर बहुत मजबूत है। राज्य के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी रुकावट था, जो अब अपनी अंतिम साँसें गिन रहा है। हमारे जवान पूरी मुस्तैदी से नक्सलियों का मुकाबला कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल समस्या का उन्मूलन कर दिया जाएगा। हमारे बहादुर जवान डटकर मुकाबला कर रहे हैं। इस लक्ष्य की प्राप्ति के बाद छत्तीसगढ़ और तेजी से विकसित होगा। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के रूप में आपकी जिम्मेदारी भी और अधिक बढ़ जाएगी। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज को आगे लाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रशासन में पारदर्शिता लाना हमारी प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहाँ सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया गया है। छत्तीसगढ़ में  ई-ऑफिस प्रणाली भी लागू की गई है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है। अब तक हमें साढ़े 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाने में आप सभी की भूमिका होगी। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा कि राजस्व मामले सीधे जनता से जुड़े होते हैं। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों की एक छोटी-सी पहल से भी लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राजस्व मामलों के समयबद्ध निराकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। राजस्व प्रक्रियाओं को ऑनलाइन कर सरल बनाया जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संयुक्त संचालक प्रणव सिंह तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।  

विकासशील बने छत्तीसगढ़ के 13वें मुख्य सचिव, वरिष्ठ IAS अधिकारियों को पछाड़ते हुए संभाली कमान

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने सीनियर आईएएस अधिकारी विकासशील को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है. वे छत्तीसगढ़ के 13वें मुख्य सचिव होंगे और मुख्य सचिव अमिताभ जैन की जगह लेंगे. विकासशील 30 सितंबर को पदभार ग्रहण करेंगे. शासन ने उनका आदेश जारी कर दिया है. वर्तमान मुख्य सचिव अमिताभ जैन 30 सितंबर को रिटायर होंगे.  सीनियर अधिकारियों को किया सुपरसीड आईएएस विकासशील की नियुक्ति में 4 सीनियर अधिकारियों को सुपरसीड किया गया है. इन अफसरों में रेणु पिल्ले, सुब्रत साहू, अमित अग्रवाल और मनोज कुमार पिंगुआ शामिल हैं. पदभार ग्रहण करने के बाद वे करीब पौने चार साल तक मुख्य सचिव रहेंगे. बतां दे कि मध्यप्रदेश से अलग होकर बने छत्तीसगढ़ में अब तक 12 मुख्य सचिव रह चुके हैं. विकासशील 13वें मुख्य सचिव होंगे.  30 सितंबर को लेंगे पदभार वर्तमान मुख्य सचिव अमिताभ जैन 30 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं. इसी दिन शाम को वे विकास शील को औपचारिक रूप से पदभार सौंपेंगे. पदभार के बाद विकासशील मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे. परंपरा के अनुसार, जिस दिन नया मुख्य सचिव पदभार ग्रहण करता है, उस दिन कोई बड़ी मीटिंग नहीं होती, सिर्फ सीएम से मुलाकात होती है. अगले दिन मंत्रालय में अफसरों की बैठक आयोजित की जाएगी.  जानिए कौन है IAS विकासशील विकासशील का जन्म 10 जून 1969 को उत्तरप्रदेश में हुआ था. उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से बीई, बाद में एमई किया. 4 सितंबर को 1994 में IAS सर्विस जॉइन की. उस समय मध्यप्रदेश कैडर के अफसर थे. बाद में छत्तीसगढ़ के गठन के बाद उन्होंने कैडर छत्तीसगढ़ चुन लिया. वे बिलासपुर और रायपुर के कलेक्टर भी रह चुके हैं. इसके अलावा छत्तीसगढ़ में कई अहम पदों पर काम भी कर चुके हैं. 2018 से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं. स्वास्थ्य कल्याण विभाग में अतिरिक्त सचिव रहे. जल शक्ति मंत्रालय में पेयजल और स्वच्छता विभाग में जल जीवन मिशन के अतिरिक्त सचिव और मिशन निदेशक रहें. जनवरी 2024 से एशियन डेवलपमेंट बैंक में कार्यकारी निदेशक के सलाहकार पद पर पोस्टेड थे.  पौने चार साल का होगा कार्यकाल नए मुख्य सचिव विकास शील का जन्म जून 1969 में हुआ था। इस हिसाब से जून 2029 में वे 60 साल के होंगे। यानी 30 सितंबर को पदभार ग्रहण करने के बाद वे करीब 3 साल 9 महीने तक मुख्य सचिव रहेंगे। लंबे कार्यकाल की दृष्टि से वे छत्तीसगढ़ के तीसरे मुख्य सचिव होंगे। सबसे लंबा कार्यकाल अमिताभ जैन का रहा है, जिन्होंने चार साल 10 महीने तक यह जिम्मेदारी संभाली। उनके बाद विवेक ढांड ने 3 साल 11 महीने तक पद पर काम किया था। विकासशील की नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबा कार्यकाल मिलने के कारण उनसे शासन की योजनाओं और नीतियों को निरंतरता और स्थायित्व मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सीएस की रेस में शामिल रहे इन 4 अफसरों को पछाड़ा- CS पद के लिए क्या होती है योग्यता ? मुख्य सचिव बनने के लिए 30 से 33 साल की प्रशासनिक सेवा की आवश्यकता होती है। आमतौर पर मुख्यमंत्री राज्य के सबसे सीनियर आईएएस अधिकारी को मुख्य सचिव के पद पर नियुक्त करते हैं। इस पद के लिए कोई निश्चित कार्यकाल नहीं होता है। इस दौरान कार्यकाल बढ़ाया भी जा सकता है। मुख्य सचिव की नियुक्ति के लिए राज्य के मुख्यमंत्री की मंजूरी की आवश्यकता होती है।

रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में आंगनबाड़ी सुविधाओं का विकास, 10 नए भवन बनेंगे

रायपुर  दक्षिण विधानसभा में 10 नए आधुनिक आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाएंगे। इसके पश्चात अन्य वार्डों में भी आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाने हैं। शासन से प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। यह बात दक्षिण विधानसभा के भाजपा विधायक सुनील सोनी ने कही। हमारा रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र विकास की नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। क्षेत्र में लगातार ऐसे विकास कार्य हो रहे हैं, जिससे सीधे आमजन को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के ब्राह्मणपारा वार्ड और महंत लक्ष्मीनारायण दास वार्ड, पुरानी बस्ती में आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए 23,38000 रुपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसके लिए उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम लगातार समस्याओं के समाधान और सुविधाओं के विस्तार के साथ क्षेत्र के चहुंमुखी विकास की दिशा में कार्य कर रहे हैं जिससे क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है। इसी प्रकार आगे बढ़ते हुए हम निश्चित ही एक विकसित विधानसभा क्षेत्र के निर्माण में सफल होंगे।

लंबे समय से टैक्स नहीं चुकाने वालों पर निगम की कार्रवाई, परिसर पर लगाया ताला

रायपुर  नगर निगम के अमले ने वर्षों से संपत्तिकर जमा नहीं करने वाले बड़े बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आज व्यावसायिक परिसरों में ताला लगाकर सीलबंद की कार्रवाई की. जिन परिसरों में तालाबंदी की कार्रवाई की गई, उनमें संत रविदास वार्ड 70 स्थित पार्थिवी प्रोविन्स – डॉ. शैलेष वर्मा, वीर सावरकर नगर वार्ड-01 स्थित राहुल धारीवाल पिता राजेंद्र धारीवाल, लीलावती देवी सिंग पति-अशोक सिंग, ओमप्रकाश तिवारी पिता-आर.ए. तिवारी, सुरेन्दर सिंग, गुरविन्दर सिंग पिता-प्रीतम सिंग, नीलम मिश्रा पति-संजय मिश्रा, राजेश चन्द्राकर पिता-गंगा प्रसाद और हरभजन सिंग पिता-टहल सिंग शामिल हैं.

मुख्यमंत्री साय बोले – छत्तीसगढ़ अब जटिल हृदय उपचारों में बना देश का अग्रणी राज्य

एसीआई में देश का छठा और सरकारी संस्थान का पहला बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग केस : छत्तीसगढ़ को मिली ऐतिहासिक सफलता प्रदेश का स्वास्थ्य ढांचा आधुनिकता और विश्वास का बन रहा है प्रतीक : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल राइट एट्रियम या बैकमैन बंडल में लीड लगाने का पहला मामला रायपुर,  प्रदेश में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की उत्कृष्टता का प्रतीक, प्रदेश का सबसे पुराना और सबसे बड़ा पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय तथा इससे संबद्ध डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के डॉक्टरों की टीम ने जटिल उपचारों में लगातार ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं जिन पर हर किसी को गर्व हो सकता है। ताज़ा उदाहरण एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट (एसीआई) के कार्डियोलॉजी विभाग में हुआ, जहाँ 68 वर्षीय महिला मरीज पर देश का छठा और किसी भी सरकारी संस्थान का पहला बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग सफलतापूर्वक किया गया। डॉक्टरों के अनुसार यह जटिल प्रक्रिया अब तक एम्स दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ जैसे शीर्ष संस्थानों में भी नहीं की गई थी। बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग का अर्थ है – हृदय की धड़कन को पूरी तरह प्राकृतिक कंडक्शन सिस्टम (conduction system) के जरिए नियंत्रित करना, ताकि मरीज को लंबे समय तक स्थिर और सुरक्षित हृदय गति मिल सके। यहां ध्यान देने योग्य है कि अब तक एसीआई और अन्य सरकारी कार्डियक संस्थानों में लेफ्ट बंडल या हिज़ बंडल में लीड लगाने के कई केस हो चुके हैं, लेकिन राइट एट्रियम यानी बैकमैन बंडल में लीड लगाने का यह पहला मामला है। इससे हृदय के दोनों चैम्बर्स की धड़कनें प्राकृतिक विद्युत मार्ग से संचालित होती रहती हैं। एसीआई के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि रायपुर निवासी यह मरीज सिक साइनस सिंड्रोम नामक गंभीर हृदय रोग से पीड़ित थी। इस रोग में हृदय को धड़कन देने वाली कोशिकाएँ (पेसमेकर कोशिकाएँ) क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और धड़कन अनियमित हो जाती है। सामान्यतः ऐसे मामलों में वेंट्रिकुलर या लेफ्ट बंडल पेसिंग की जाती है, लेकिन इस मरीज का हृदय कमजोर था और एट्रियल रिद्म भी अनियमित थी। केवल वेंट्रिकुलर पेसिंग करने से हार्ट फेल्योर और तेज धड़कन का खतरा था। इसी कारण एसीआई की टीम ने बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग का निर्णय लिया। इस प्रक्रिया में हृदय की प्राकृतिक विद्युत संरचना के एट्रियम भाग में पेसमेकर की लीड लगाई गईं। यह तकनीक हृदय को उसके स्वाभाविक ढंग से धड़कने में मदद करती है और हार्ट फेल्योर का जोखिम बेहद कम कर देती है। इस तरह संपन्न हुई प्रक्रिया सबसे पहले लेफ्ट बंडल की स्थिति का इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी मैपिंग किया गया। फिर ठीक उसी तरह राइट एट्रियम के बैकमैन बंडल की मैपिंग कर लीड इंप्लांट की गई। इस तरह पूरा पेसिंग सिस्टम प्राकृतिक ढंग से काम करने लगा। उपचार करने वाली टीम में कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव, डॉ. एस. के. शर्मा, डॉ. कुणाल ओस्तवाल, डॉ. अनुराग कुजूर और डॉ. वेद प्रकाश शामिल थे। यह उपचार मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत किया गया, जिसमें योजना का लाभ दिलाने में मेडिको सोशल वर्कर खोगेंद्र साहू का विशेष योगदान रहा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट द्वारा किया गया यह सफल उपचार छत्तीसगढ़ की चिकित्सा सेवाओं के उच्च स्तर और निरंतर प्रगति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल अब केवल सामान्य उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वस्तरीय जटिल प्रक्रियाओं को भी सफलतापूर्वक अंजाम दे रहा है। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों की टीम को साधुवाद देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल मरीजों के जीवन को नई आशा देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी संस्थान चिकित्सा विज्ञान में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट, रायपुर द्वारा किया गया यह जटिल उपचार प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती और चिकित्सकों की उत्कृष्ट क्षमता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ के मरीजों को अत्याधुनिक कार्डियक प्रक्रियाओं के लिए महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हर नागरिक को मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से निःशुल्क और उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हों। स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सक दल को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय चिकित्सा मानचित्र पर और अधिक प्रतिष्ठित करेगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022-23 में इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी के सर्वाधिक मामलों के उपचार में एसीआई देशभर में पाँचवें स्थान पर रहा है।