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26/11 के अनसुने नायकों को मुख्यमंत्री साय का सलाम, ‘भारत भाग्य विधाता’ की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग में हुए शामिल

26/11 के अनसुने नायकों को सलाम : मुख्यमंत्री श्री साय  ‘भारत भाग्य विधाता’ की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग में हुए शामिल सेवा, साहस और समर्पण की कहानी है ‘भारत भाग्य विधाता’ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दौरान सेवा और साहस का परिचय देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की अनकही कहानी को समर्पित है फिल्म रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  राजधानी रायपुर के जोरा मॉल में आयोजित ‘भारत भाग्य विधाता’ फिल्म की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग सेरेमनी में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं परिजन भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में प्रख्यात अभिनेत्री एवं सांसद सुश्री कंगना रनौत, फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया सहित फिल्म जगत से जुड़े कलाकार, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए बड़े सौभाग्य का विषय है कि सुश्री कंगना रनौत की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की स्क्रीनिंग प्रदेश में आयोजित हो रही है और इस अवसर पर वे स्वयं यहां पधारी हैं। उन्होंने कहा कि माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में सुश्री कंगना रनौत का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों और पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह एक ऐसी कहानी है, जो उन अनसुने और अनदेखे नायकों को सम्मान देती है, जिनके असाधारण योगदान को अक्सर पर्याप्त पहचान नहीं मिल पाती। उन्होंने कहा कि आज इस स्क्रीनिंग में सुश्री कंगना रनौत और उनकी टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग की बहनों की उपस्थिति इस फिल्म की भावना को और अधिक सार्थक बनाती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह गर्व की बात है कि फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया छत्तीसगढ़ की माटी के पुत्र हैं। उन्होंने यहां जन्म लिया, यहीं पले-बढ़े और लंबे समय तक मुंबई में रहकर इस महत्वपूर्ण विषय पर आधारित फिल्म की कहानी लिखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा निर्दोष लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी की गई, जिसमें अनेक लोगों की जान गई। उस कठिन समय में अस्पतालों में कार्यरत महिला नर्सों, डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना सैकड़ों लोगों की जान बचाई और घायलों की सेवा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऐसे अनेक योद्धा होते हैं, जिनकी कहानियां समाज के सामने नहीं आ पातीं। सुश्री कंगना रनौत ने स्वयं नर्स की भूमिका निभाकर उन स्वास्थ्यकर्मियों के साहस, सेवा और समर्पण की कहानी देश के सामने लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई ऐसे लोग होते हैं, जो बड़े कार्य कर जाते हैं, लेकिन उन्हें उचित पहचान नहीं मिल पाती। यह फिल्म ऐसे ही लोगों को समर्पित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह भी अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस फिल्म को ‘भारत भाग्य विधाता’ नाम प्रदान किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से सुश्री कंगना रनौत, उनकी पूरी टीम और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी कर्मियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर अभिनेत्री एवं सांसद सुश्री कंगना रनौत ने कहा कि फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया छत्तीसगढ़ की धरती पर जन्मे हैं, यहीं पले-बढ़े हैं और इस प्रदेश के बेटे हैं। उन्होंने आग्रह किया था कि यदि फिल्म की स्क्रीनिंग छत्तीसगढ़ में आयोजित की जाए तो यह उनके लिए गर्व का विषय होगा। सुश्री रनौत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने व्यस्ततम कार्यक्रमों के बीच समय निकालकर इस आयोजन में शामिल होकर कलाकारों और पूरी टीम का सम्मान बढ़ाया है तथा सभी का उत्साहवर्धन किया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में आपातकालीन परिस्थितियों में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने वाले ‘भारत भाग्य विधाता वॉरियर्स’ को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में श्री जागेश्वर कुमार धीवर, श्री नारायण सिंह नायक, श्रीमती भुनेश्वरी तिवारी, श्रीमती रोहिणी वर्मा, श्रीमती उर्मिला भगत, श्रीमती रोशनी, श्री विजय शंकर कश्यप, श्रीमती मीना सिंह, श्रीमती ममता कपूर, श्रीमती मीना शर्मा, श्रीमती जमुनाबाई, श्रीमती लक्ष्मी मेनन तथा श्रीमती विजया लक्ष्मी पिल्लई शामिल हैं। इस अवसर पर मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, विधायकगण, जनप्रतिनिधि, फिल्म जगत से जुड़े कलाकार तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

सुशासन तिहार 2026: पुवर्ती में घर-घर पहुंचीं सरकारी सेवाएं, ग्रामीणों को मिला योजनाओं का लाभ

सुशासन तिहार 2026ः  पुवर्ती में घर-घर पहुंचीं सरकारी सेवाएं पूर्व के घोर नक्सल प्रभावित गांव में लगा सुशासन शिविर, ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत रायपुर,   सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के दूरस्थ और कभी नक्सल प्रभावित रहे ग्राम पुवर्ती में आयोजित सुशासन तिहार 2026 का शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और विश्वास का केंद्र बन गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत प्रशासन गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। मौके पर वितरित किए गए 100 से अधिक प्रमाण पत्र            कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ तत्काल प्रदान किया गया। शिविर के दौरान 100 से अधिक महत्वपूर्ण दस्तावेज वितरित किए गए, जिनमें आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, नवीन खाता, बी-1, खसरा, जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवाएं भी पहुंचीं गांव तक          शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। समय और धन की बचत से खुश ग्रामीण          वर्षों तक शासकीय दस्तावेजों और सेवाओं के लिए दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर लगाने वाले ग्रामीणों को अब गांव में ही सुविधाएं मिलने लगी हैं। इससे उनके समय और धन दोनों की बचत हो रही है। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ा सुशासन तिहार          सुशासन तिहार केवल शासकीय सेवाओं तक सीमित नहीं रहा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इससे ग्रामीणों में अपनत्व और सहभागिता का माहौल बना। शासन और जनता के बीच बढ़ा विश्वास          ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार शासन उनके घर-आंगन तक पहुंचा है। दूरस्थ क्षेत्रों में आयोजित ऐसे शिविर प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत कर रहे हैं तथा समावेशी विकास की नई मिसाल पेश कर रहे हैं। इस अवसर पर तहसीलदार श्री योपेंद्र पात्रे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, अधिकारी मैदान में बढ़ाएं सक्रियता: अरुण साव

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, अधिकारी फील्ड में दिखाएं ज्यादा सक्रियता : अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों, शहरी व्यवस्थाओं, जल जीवन मिशन और खेल सुविधाओं की समीक्षा की विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश, गुणवत्ता और समय-सीमा पर जोर रायपुर.  उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने सुकमा जिले में विकास कार्यों और विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुकमा जिला मुख्यालय में आयोजित बैठक में कहा कि प्रभावी कार्यशैली, नई तकनीकों के उपयोग और नियमित फील्ड मॉनिटरिंग से ही जनसमस्याओं का त्वरित समाधान संभव है। उप मुख्यमंत्री साव ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली संभावित बाधाओं का पूर्व आकलन कर समय रहते उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा में उप मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने, ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा पेयजल योजनाओं का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल स्रोतों के क्लोरीनेशन, पानी टंकियों की साफ-सफाई और नल-जल योजनाओं के बेहतर संचालन-संधारण पर विशेष जोर दिया। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा के दौरान साव ने वर्षा ऋतु से पहले नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई पूर्ण करने, पेयजल गुणवत्ता की नियमित जांच तथा स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग, जल संरक्षण और शहरी निकायों में नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता देने को कहा। उप मुख्यमंत्री ने  बैठक में अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय, जवाबदेही और टीम भावना के साथ कार्य करें तथा फील्ड में सक्रिय रहकर विकास कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित करें। सुकमा के कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

ढाई वर्ष के दौरान निगम क्षेत्र में 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत

उद्योग मंत्री ने किया 40 लाख रूपए के सड़क डामरीकरण कार्य का शुभारंभ ढाई वर्ष के दौरान निगम क्षेत्र में 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत रायपुर,   प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्रीलखनलाल देवंागन ने आज नगर कोरबा के दर्री जोनांतर्गत वार्ड क्र. 54 में 40 लाख रूपये की लागत से किये जाने वाले सड़क डामरीकरण कार्य का भूमिपूजन व शुभारंभ किया। उन्होने कार्य का शुभारंभ करते हुये पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य संपादन करने एवं शीघ्र कार्य को पूरा किये जाने के निर्देश अधिकारियांे को दिये।  नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा लगातार किये जा रहे विकास कार्याे की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में दर्री जोनांतर्गत वार्ड क्र. 54 में कुमगरी मुख्य चौक से पण्डाल होते हुये प्राथमिक शाला कुमगरी तक 40 लाख रूपये से सड़क डामरीकरण का कार्य किया जाना हैं। आज उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने उक्त महत्वपूर्ण विकास कार्य का भूमिपूजन किया, शिलान्यास पट्टिका का अनावरण व नारियल तोड़कर का कार्य शुभारंभ कराया। इस अवसर पर पार्षद नरेन्द्र देवंागन, वार्ड पार्षद मुकुंद सिंह कंवर, फिरतराम साहू, चन्द्रलोक सिंह, किशन केंवट आदि सहित अन्य लोग उपस्थित थे।  ढाई वर्ष के दौरान निगम क्षेत्र में 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत  उद्योग मंत्री देवांगन ने इस मौके पर अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आशीर्वाद से विगत ढाई वर्ष के दौरान नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्रंातर्गत विभिन्न मदों के अंतर्गत लगभग 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत किये गये हैं, जिसमें अनेकों कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, अनेक प्रगति पर हैं तथा शेष कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होने जा रहे हैं। उन्होने वार्ड क्र. 54 में विकास कार्याे का उल्लेख करते हुये कहा कि इस वार्ड में 93 लाख रूपये के विकास कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, वहीं साढे़ 03 करोड़ रूपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं।  उद्योग मंत्री देवंागन ने अपने उद्बोधन में कहा कि निगम क्षेत्र में 15 करोड़ रूपये के सड़क डामरीकरण कार्य कराये जाने हैं, जैसे-जैसे डामर की उपलब्धता होती जायेगी, यह कार्य संपादित होंगे। उन्होेने आगे कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारे छत्तीसगढ़ राज्य का तेजी से विकास हो रहा है तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार की दर्जनों जनकल्याणकारी योजनाओं व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य की विभिन्न योजनाओं से प्रदेश व देश के करोड़ों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होने कहा कि 15 वर्षाे तक डॉ. रमन सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, उन्होने राज्य का ऐतिहासिक विकास किया तथा विकास पुरूष की छबि अर्जित की, अब पुनः मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में विकास को तेज गति व सही दिशा दी जा रही है।  उद्योग मंत्री ने जो वायदा किया था, वह पूरा किया  इस अवसर पर वार्ड क्र. 54 के पार्षद मुकुंद सिंह कंवर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान उद्योग मंत्री लाखनलाल देवंागन इस बस्ती में आये हुये थे, यहॉं की सड़क अत्यंत जर्जर थी, उन्होने वायदा किया था कि इस सड़क का डामरीकरण व जीर्णाेद्धार का कार्य किया जायेगा, आज हम सब बस्तीवासियों के लिये अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि देवंागन ने अपना वह वायदा पूरा किया, और आज बस्ती की सड़क का डामरीकरण व जीर्णाेद्धार का कार्य शुरू हो चुका है। उन्होने कहा कि मेरे वार्ड में अन्य वार्डाे की तरह ही व्यापक रूप से विकास कार्य कराये गये हैं, जिसके लिये मैं उद्योग मंत्री लखनलाल देवंागन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत को धन्यवाद देता हूॅं। भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान पार्षद नरेन्द्र देवंागन, वार्ड पार्षद मुकुंद सिंह कंवर, फिरतराम साहू, चन्द्रलोक सिंह, किशन केंवट, रतन सिंह कंवर, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, मण्डल अध्यक्ष मनोज लहरे, पूर्व मण्डल अध्यक्ष ईश्वर सिंह साहू व नारायण सिंह ठाकुर, नरेन्द्र पाटनवार, आकाश श्रीवास्तव, अनिल यादव, जोन कमिश्नर लीलाधर पटेल, यशवंत जोगी, रितेश सिंह, चंदन दास, अजय कुर्रे, कृष्णा यादव, प्रकाश यादव, अभय कुर्रे, गणेश दास, अजय भट्ट, भागवत प्रसाद, रामप्रसाद केंवट, सरवन यादव, दुर्गा महंत, विक्की तिवारी, विक्रांत कुर्रे, सरस्वती केंवट, नगीना महंत, प्रीति पटेल, दुलारी श्रीवास, बहारन सिंह, बोधन दास, मीना आदित्य, आदि साथ अन्य लोग उपस्थित थे।

बस्तर दौरे पर एक्शन मोड में अरुण साव, निर्माण कार्यों का लगातार कर रहे निरीक्षण

उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बस्तर में निर्माण कार्यों का निरीक्षण जारी  मिशन अमृत के तहत निर्माणाधीन इंटेक-वेल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का लिया जायजा, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का काम भी देखा  रायपुर.  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने बस्तर प्रवास के चौथे दिन आज सुकमा में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत शहर में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को मजबूत करने बनाए जा रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने योजना के तहत शबरी नदी पर निर्माणाधीन इंटेक-वेल के कार्यों को भी देखा। उन्होंने पानी टंकी और पाइपलाइन विस्तार के कार्यों को भी तेजी से पूर्ण करते हुए जनवरी-2027 से मिशन अमृत की इस योजना से सुकमा में जल की आपूर्ति प्रारंभ करने के निर्देश दिए। केंद्र सरकार की मिशन अमृत 2.0 के तहत नगर पालिका द्वारा 86 करोड़ की लागत से सुकमा शहर की पेयजल व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इसका 54 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों से कहा कि सुकमा की आगामी 25 वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखकर इसका निर्माण किया जा रहा है। निर्माण और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करना है। काम में तेजी बरकरार रखते हुए नियत समय में इसे पूर्ण करना है।  उप मुख्यमंत्री साव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा सुकमा के कुम्हाररास में 11 करोड़ 62 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों में तेजी लाते हुए अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से दिसम्बर तक इसे पूर्ण करने को कहा। करीब 10 एकड़ में बन रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में फुटबॉल मैदान, एथलेटिक्स ट्रैक, इंडोर बैडमिंटन कोर्ट, प्रशासनिक भवन, बॉक्स-क्रिकेट, स्वीमिंग-पूल जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके निर्माण से सुकमा की खेल प्रतिभाओं को अपने कौशल को निखारने एक सर्वसुविधायुक्त अधोसंरचना और सुविधाएं मिलेंगी। अब तक इसका 50 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।  तीनों कार्यों के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अमित कुमार भी उप मुख्यमंत्री के साथ थे।

मुख्यमंत्री साय का संदेश: सकारात्मक सोच और जवाबदेही से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

सकारात्मक सोच, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे शासन की योजनाओं का लाभ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार 2026 के तहत बालोद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों की विस्तृत समीक्षा लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, पीएम आवास निर्माण में तेजी और पीएम सूर्यघर योजना के विस्तार पर दिया विशेष जोर रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। समीक्षा बैठक में कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्व प्रकरणों, ग्रामीण एवं शहरी विकास, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविरों और चौपालों के माध्यम से सीधे लोगों से संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद प्रशासनिक अमले ने आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित भाव से कार्य किया है और इस प्रतिबद्धता को आगे भी बनाए रखना होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को सकारात्मक सोच, जवाबदेही और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की किसी भी योजना का पात्र हितग्राही लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और स्वामित्व योजना पर जोर मुख्यमंत्री साय ने दोनों जिलों में लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन तथा नक्शा सुधार से संबंधित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना तथा राजस्व अभिलेखों के अद्यतन कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास और पीएम सूर्यघर योजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले अधिकतम स्वीकृत आवासों का निर्माण पूर्ण किया जाए, ताकि हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण कार्यों को गति देने के लिए अधिक से अधिक कारीगरों को मेसन प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति भी सुनिश्चित हो सके। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेश में पांच लाख सौर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य प्राप्त करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़ा जाए तथा योजना से मिलने वाले आर्थिक और ऊर्जा संबंधी लाभों की जानकारी लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए। किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दें मुख्यमंत्री साय ने खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को खाद एवं बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के संबंध में किसानों को जागरूक किया जाए तथा इसके लाभों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के सभी पात्र किसानों को योजना से लाभान्वित करने और एग्रीस्टैक पंजीयन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। धान उपार्जन और धान उठाव की समीक्षा करते हुए उन्होंने समयबद्ध उठाव सुनिश्चित करने तथा स्थानीय स्तर पर राइस मिलों की स्थापना के लिए उद्योग विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक पहल करने को कहा। महिला सशक्तिकरण, आजीविका और कुपोषण उन्मूलन पर विशेष फोकस बिहान योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया। उन्होंने रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री निर्माण में महिला समूहों की भागीदारी बढ़ाने तथा दोनों जिलों में इस कार्य को प्रारंभ करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति, कुपोषित बच्चों की संख्या और सुपोषण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कुपोषण उन्मूलन के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 20 हजार 245 तथा बालोद जिले में 36 हजार 312 लखपति दीदी तैयार हो चुकी हैं। इसके अलावा औराटोला को लखपति ग्राम के रूप में विकसित किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बरसात पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु के दौरान संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और जिला अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने टीबी मुक्त पंचायत अभियान, संस्थागत प्रसव तथा विभिन्न जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। बालोद जिले में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने आवश्यक रोकथाम, जागरूकता और उपचार संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पेयजल, सड़क और डिजिटल सेवाओं की प्रगति की समीक्षा जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्मी और आगामी वर्षा ऋतु के दौरान निर्बाध पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मोहला-मानपुर क्षेत्र में स्वीकृत 60 किलोमीटर सड़क निर्माण में से 50 किलोमीटर कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष 10 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ऐसे मार्गों की भी समीक्षा की जो वर्षा ऋतु में आवागमन के लिए कठिन हो जाते हैं और उन्हें बारिश से पहले दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-ऑफिस, ई-डिस्ट्रिक्ट और अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों के माध्यम से नागरिक सेवाओं … Read more

वनांचल में गूंजा क्रिकेट का रोमांच, अरुण साव ने मैदान में दिखाया बल्लेबाजी का अंदाज

जंगल के बीच क्रिकेट का मैदान और उप मुख्यमंत्री अरुण साव के हाथ में बैट बदलते बस्तर की खुशनुमा तस्वीर  सुकमा सुकमा के जंगलों के बीच मैदान में युवाओं को क्रिकेट खेलते देख उप मुख्यमंत्री अरुण साव खुद को रोक न सके। उन्होंने गाड़ी रुकवाई, खिलाड़ियों के बीच मैदान में पहुंचे और क्रीज पर जाकर बैट थाम लिया। टूर्नामेंट खेल रहे कुशल गेंदबाजों की गेंदों पर कुछ करारे शॉट भी लगाए। यह बदलते बस्तर की खुशनुमा तस्वीर है। किरंदुल से सुकमा के रास्ते का यह मुनगा गांव था जहां साव ने मैदान में बल्ला भांजा। सुकमा जिले के ग्राम पंचायत कोर्रा का आश्रित गांव है यह। मैदान पर खेलने के लिए जुटे युवाओं से पता चला कि यहां 7 जून से क्रिकेट टूर्नामेंट चल रहा है जिसमें आसपास के गांवों की 16 टीमों ने भाग लिया है। मैदान के एक छोर पर खिलाड़ियों का झुंड तो दूसरे छोर पर दर्शकों का झुंड था। उप मुख्यमंत्री साव ने कुछ गेंदे खेलने के बाद पिच पर ही खिलाड़ियों से अपने सहज-सरल अंदाज में बातचीत शुरू की, जिससे इस टूर्नामेंट की जानकारी मिली। उन्होंने खिलाड़ियों के मांगे बिना ही सभी 16 टीमों को क्रिकेट किट देने का वादा किया, जिससे वे पूरे साजो-सामान के साथ अपने खेल का आनंद ले सकें। साव से चर्चा के बीच खिलाड़ियों ने खेल मैदान की कमी की बात रखी, जिस पर उन्होंने कलेक्टर को निर्देशित कर समुचित व्यवस्था का आश्वासन दिया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव इन दिनों चार दिनों के बस्तर प्रवास पर हैं। वे रोज दिनभर निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। साथ ही अधिकारियों की बैठक लेकर इनकी प्रगति की समीक्षा भी कर रहे हैं। बस्तर संभाग के प्रगतिरत काम जल्दी कैसे पूरे हों… अप्रारंभ कार्यों को तत्काल शुरू कर कैसे तेजी से अंजाम तक पहुंचाएं, इन पर बैठकों में मंथन भी कर रहे हैं।

वन्यजीव सुरक्षा में बड़ा कदम, हाथियों से जुड़े मामलों की जांच के लिए वन कर्मियों को मिला विशेष प्रशिक्षण

सूरजपुर/ रायपुर. प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा रायगढ़ में हाथियों की मृत्यु की वैज्ञानिक जांच एवं वन्यजीव अपराधों की पहचान को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।  “कार्यक्रम में एशियाई हाथियों की मृत्यु जांच की आवश्यक प्रक्रियाएं” विषय पर आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न वन क्षेत्रों से आए 78 वन अधिकारी एवं पशु चिकित्सा विशेषज्ञों ने भाग लिया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य हाथियों की मृत्यु के कारणों की वैज्ञानिक जांच, वन्यजीव अपराधों की पहचान तथा संरक्षण संबंधी प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाना था। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में लगभग 450 हाथियों की उपस्थिति है। रायगढ़, जशपुर, कोरबा और सूरजपुर जैसे जिलों में हाथियों की बढ़ती आवाजाही तथा मानव-हाथी संघर्ष की चुनौतियों को देखते हुए यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया। वन विभाग का मानना है कि किसी हाथी की मृत्यु के पीछे बीमारी, विद्युत प्रवाह, विषप्रयोग, शिकार अथवा अन्य कारणों की सटीक पहचान किए बिना भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम और दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई संभव नहीं है। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को हाथियों की शारीरिक संरचना, स्वास्थ्य, व्यवहार एवं प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी हाथी की मृत्यु की जांच केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि वैज्ञानिक तथ्यों और साक्ष्यों पर आधारित विस्तृत अध्ययन है। प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि जंगल में मिला मृत हाथी संभावित रूप से एक अपराध स्थल भी हो सकता है, इसलिए घटनास्थल को सुरक्षित रखने, साक्ष्य एकत्रित करने तथा संदिग्ध परिस्थितियों की पहचान करने की प्रक्रियाओं का पालन अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में वन्यजीव अपराधों की जांच, साक्ष्यों के संरक्षण, हाथी दांत तस्करी से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रियाओं तथा न्यायालय में उपयोगी वैज्ञानिक प्रमाणों के संकलन पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों को यह भी सिखाया गया कि जांच के दौरान प्राप्त जैविक नमूनों को किस प्रकार सुरक्षित रखा जाए ताकि प्रयोगशाला परीक्षणों में उनकी गुणवत्ता बनी रहे। प्रशिक्षण के दूसरे दिन अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को फील्ड स्तर पर हाथियों के शव परीक्षण, नमूना संग्रहण, रक्त एवं ऊतक नमूनों के संरक्षण तथा विष विज्ञान एवं रोग परीक्षण के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कठिन परिस्थितियों और दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षित तरीके से शव परीक्षण करने की तकनीकों का भी प्रदर्शन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारतीय वन्यजीव संस्थान, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान तथा वन्यजीव फोरेंसिक एवं स्वास्थ्य अध्ययन संस्थान के विशेषज्ञों ने सहभागिता करते हुए आधुनिक वन्यजीव फोरेंसिक तकनीकों और वैज्ञानिक जांच पद्धतियों की जानकारी साझा की। प्रशिक्षण के दौरान दोनों विभागों के अधिकारियों ने वन्यजीव रोगों की निगरानी, वन्यजीव अपराधों की जांच तथा संरक्षण संबंधी गतिविधियों में साझा कार्यप्रणाली विकसित करने पर बल दिया। अचानकमार टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक प्रियंका पांडे सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सक्रिय रूप से भागीदारी की। प्रशिक्षण में सभी 78 प्रतिभागियों को हाथियों सहित अन्य वन्यजीवों की मृत्यु जांच के लिए मानकीकृत वैज्ञानिक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। इससे छत्तीसगढ़ वन विभाग की फोरेंसिक जांच, रोग निगरानी, वन्यजीव अपराध नियंत्रण तथा वन्यजीव संरक्षण की क्षमता और अधिक मजबूत होगी। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों को बढ़ावा दे रही है। हाथियों सहित सभी वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने विभाग निरंतर क्षमता निर्माण, अनुसंधान और नवाचार आधारित प्रयास कर रहा है। यह प्रशिक्षण उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो प्रदेश में हाथियों के दीर्घकालिक संरक्षण और वन्यजीव प्रबंधन को नई मजबूती प्रदान करेगा।

साहू समाज की परंपरा और योगदान की सराहना, कर्मा महोत्सव में अरुण साव ने कही बड़ी बात

रायपुर. उप मुख्यमंत्री अरुण साव किरंदुल में तहसील साहू संघ द्वारा आयोजित कर्मा महोत्सव, नवीन सामाजिक भवन नामकरण एवं लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने सामाजिक पदाधिकारियों के साथ एक करोड़ रुपए की लागत से निर्मित भव्य तैलीय सदन का लोकार्पण किया। छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, दंतेवाड़ा के विधायक चौतराम अटामी और किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष रुबी शैलेन्द्र सिंह भी महोत्सव में शामिल हुईं। उप मुख्यमंत्री साव ने कर्मा महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि किरंदुल में छत्तीसगढ़ का सबसे भव्य साहू समाज का भवन बना है। इस भवन का रोज उपयोग हो, ऐसी व्यवस्था बनाएं। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और मेहनत साहू समाज की ताकत और विशेषता है। हमारी इस पहचान को बनाकर रखना है।  साव ने कहा कि सभी समाजों के साथ साहू समाज का आत्मीय संबंध है। यह सभी के साथ मिलकर चलने वाला समाज है। साहू समाज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। देश-विदेश में समाज के युवा अनेक क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। भक्त माता कर्मा के बताए मार्ग पर चलकर हमें समाज को ऊंचाईयों पर पहुंचाना है। छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू ने अपने संबोधन में कहा कि साहू समाज का तेल निकालने का पुश्तैनी काम रहा है। हमारे इस पुश्तैनी व्यवसाय को पुनर्स्थापित करना चाहिए। उन्होंने समाज के लोगों को तेल निकालने की मशीन लगाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि तेल निकालने की मशीनों पर सरकार द्वारा 35 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। समाज के लोग इसका लाभ लेकर तेल निकालने का उद्यम कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। विधायक चौतराम अटामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि साहू समाज के लोग किरंदुल में सक्रियता से काम कर रहे हैं। समाज के 300 परिवार यहां रहते हैं। उन्होंने समाज की मांग पर शैक्षणिक कार्य के लिए कमरा बनाने की घोषणा की। किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष रुबी शैलेन्द्र सिंह, किरंदुल तहसील साहू समाज के अध्यक्ष टीकमचंद साहू और छत्तीसगढ़ साहू समाज के संगठन सचिव ओमप्रकाश साहू ने भी कर्मा महोत्सव को संबोधित किया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए लालाराम साहू को समाजरत्न सम्मान दिया गया। माता कर्मा प्रांगण में दीवारों कर कलाकृति बनाने वाले कलाकार कामता राम कोर्राम को भी सम्मानित किया गया। भगवताचार्य यामिनी देवी साहू, लोक गायिका आरू साहू, पार्षद विनोद साहू और तहसील साहू समाज के संरक्षक ओम साहू सहित साहू समाज के प्रदेशभर के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

ईंधन की अवैध बिक्री पर सख्ती, डब्बों में पेट्रोल-डीजल बेचने पर होगी कार्रवाई

दंतेवाड़ा. पश्चिम एशिया में उपजे मौजूदा संकट और उससे उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने बड़ा फैसला लिया है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग (मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल नगर) द्वारा जारी निर्देशों के तहत राज्य में पेट्रोल और डीजल की खुले में बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर खाद्य शाखा दंतेवाड़ा द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य शासन ने ईंधन की आपूर्ति और वितरण को सुचारू बनाए रखने के लिए नए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देशों के मुताबिक, सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) की तेल कंपनियों और अन्य समानांतर कंपनियों के पेट्रोल-डीजल रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) संचालकों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि: पेट्रोल और डीजल का विक्रय सीधे केवल उपभोक्ता के वाहन की टंकी में ही किया जाएगा। कोई भी रिटेल आउटलेट संचालक किसी भी व्यक्ति को ड्रम, केन (Jerrycan) या बोतल जैसे खुले बर्तनों में पेट्रोल-डीजल नहीं बेचेगा। यदि कोई संचालक इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चूंकि वर्तमान में रबी सीजन की फसल कटाई का काम चल रहा है और आगामी खरीफ सीजन की तैयारियां भी शुरू होने वाली हैं, ऐसे में आम जनता और विकास कार्यों को प्रभावित होने से बचाने के लिए शासन ने कुछ महत्वपूर्ण मामलों में छूट का प्रावधान भी किया है। इन क्षेत्रों को मिलेगी नियमों से राहत: कृषक (किसान): खेती-किसानी और ट्रैक्टर/थ्रेशर आदि के लिए किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए। शासकीय एवं निर्माण कार्य: जिला कलेक्टर द्वारा चिन्हांकित रेलवे, सड़क निर्माण और भवन निर्माण जैसे समय-सीमा में पूरे होने वाले सरकारी कार्य। अत्यावश्यक सेवाएं: अस्पताल, मोबाइल टावर संचालन और अन्य जरूरी इमरजेंसी सेवाएं। कैसे मिलेगी खुले में ईंधन लेने की अनुमति? विज्ञप्ति के अनुसार, शासकीय कार्यों और अत्यावश्यक सेवाओं के लिए खुले में (ड्रम या केन में) डीजल-पेट्रोल की आवश्यकता होने पर सीधे ईंधन नहीं मिलेगा। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी SDM द्वारा मांग का उचित परीक्षण किया जाएगा। एसडीएम की रिपोर्ट और सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद ही कलेक्टर द्वारा चिन्हांकित कार्यों हेतु रिटेल आउटलेट से निर्धारित मात्रा में ईंधन विक्रय की विशेष अनुमति दी जा सकेगी।