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गांव की राजनीति में बड़ा उलटफेर, महिला सरपंच को अविश्वास प्रस्ताव से हटाया गया

आरंग. विकासखंड आरंग के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गुज़रा में सियासी भूचाल आ गया है। ग्राम पंचायत की महिला सरपंच बिंदू बंजारे (पति स्व. कोमल बंजारे) के खिलाफ उपसरपंच और पंचों की ओर से पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव को प्रशासनिक स्तर पर मंजूर कर ली गई है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी आरंग ने इस संबंध में विधिवत आदेश और ज्ञापन जारी कर दिया है। सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के लिए आगामी 17 जून 2026 को दोपहर 1 बजे ग्राम पंचायत भवन गुज़रा में पंचों का विशेष सम्मेलन (बैठक) आहूत किया है। वित्तीय अनियमितता और भाई के दखल समेत लगे कई गंभीर आरोप ग्राम पंचायत के उपसरपंच एवं पंचों द्वारा छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 21 तथा छत्तीसगढ़ पंचायत राज नियम 1994 के प्रावधानों के तहत एक विस्तृत शिकायती आवेदन सौंपकर सरपंच पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। 6 लाख की वित्तीय अनियमितता की आशंका: पंचों का आरोप है कि पंचायत में लगभग 6 लाख रुपये की शासकीय राशि स्वीकृत और आहरित की गई, लेकिन यह राशि किस कार्य के लिए निकाली गई, इसका कोई विवरण नहीं दिया गया। पूछने पर गोलमोल जवाब दिए गए। पारिवारिक हस्तक्षेप (भाई का दखल): प्रस्ताव पत्र में आरोप लगाया गया है कि सरपंच द्वारा पंचायत की बैठकों और निर्णय लेने की प्रक्रिया में अपने सगे भाई को अनुचित रूप से शामिल किया जाता है, जो न तो वहां के निवासी हैं और न ही कोई निर्वाचित प्रतिनिधि। कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही: शिकायत के अनुसार, सरपंच नियमित रूप से पंचायत क्षेत्र में न रहकर अपने मायके ग्राम बिमचा (जिला महासमुंद) में निवास करती हैं। इसके कारण ग्रामीणों को जाति, निवास, राशन कार्ड और आधार जैसे आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन और प्रमाणन में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पानी टैंकर और मोटर पंप के नाम पर फर्जीवाड़ा: आरोप है कि पंचायत में पेयजल आपूर्ति के लिए आज तक पानी टैंकर नहीं आया, जबकि 17 व 18 अक्टूबर 2025 को क्रमशः 11,000 और 29,750 की राशि पानी टैंकर सप्लाई के नाम पर निकाल ली गई। इसी तरह 12 अगस्त 2025 को पुराने मोटर पंप और सिंटेक्स टंकी को “नवीन निर्माण/मरम्मत” दिखाकर 32,000 की राशि आहरित कर ली गई। रिकॉर्ड छिपाने और पंचों से दुर्व्यवहार का आरोप: पंचों ने बताया कि जब भी वे पंचायत के अभिलेख (पासबुक/रजिस्टर) देखने की इच्छा व्यक्त करते हैं, तो सचिव और सरपंच द्वारा उन्हें साफ मना कर दिया जाता है, जो कि पंचायती राज व्यवस्था के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है। तहसीलदार मंदिरहसौद बने पीठासीन अधिकारी अविश्वास प्रस्ताव पत्र पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अनुविभागीय अधिकारी (रा.) एवं विहित प्राधिकारी, आरंग (अभिलाषा पैकरा) ने 8 जून 2026 को दो महत्वपूर्ण आधिकारिक पत्र जारी किए हैं। सरपंच बिंदू बंजारे को आधिकारिक नोटिस जारी कर सूचित किया गया है कि वे 17 जून 2026 को दोपहर 1 बजे ग्राम पंचायत भवन गुज़रा में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। इसके साथ ही पंचायत सचिव को निर्देश दिया है कि सभी सदस्यों को 7 दिन पूर्व बैठक की सूचना तामिल कराकर पावती कार्यालय को भेजें। आधिकारिक आदेश (क्रमांक 511): निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से सम्मेलन संपन्न कराने के लिए विनोद साहू (तहसीलदार, मंदिरहसौद) को पीठासीन अधिकारी (Presiding Officer) नियुक्त किया गया है। वे इस पूरी बैठक की अध्यक्षता करेंगे और की गई कार्यवाही की रिपोर्ट सीधे कलेक्टर (पंचायत शाखा) रायपुर और एसडीएम कार्यालय को सौंपेंगे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना प्रभारी मंदिरहसौद को भी पत्र जारी किया है, ताकि बैठक की तिथि (17 जून) को पर्याप्त महिला एवं पुरुष पुलिस बल की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा वरिष्ठ आंतरिक लेखा परीक्षक एबल सिंह सिदार को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रतिलिपि भेजी गई है। अब पूरे आरंग क्षेत्र की नजरें 17 जून को होने वाले इस सम्मेलन पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि गुज़रा पंचायत की कमान बिंदू बंजारे के हाथ में रहेगी या उन्हें अपनी कुर्सी गंवानी पड़ेगी।

युगांडा से आए यात्रियों पर नजर, इबोला संक्रमण के खतरे को लेकर बढ़ाई गई निगरानी

भिलाई. युगांडा से आए 3 नए यात्रियों की ट्रेसिंग की गई. तीनों यात्री 7 जून को दुर्ग पहुंचे थे. वर्तमान में कुल 7 अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में रखा गया है. विभाग के अनुसार सभी यात्रियों में इबोला संक्रमण के कोई लक्षण नहीं हैं और न ही किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने का इतिहास मिला है. एहतियात के तौर पर सभी को 21 दिनों के लिए होम आइसोलेशन में रखा गया है. स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रतिदिन सुबह और शाम फोन के माध्यम से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले रही है. स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इबोला वायरस के प्रमुख लक्षणों में बुखार, उल्टी, पेट दर्द, जोड़ों में दर्द, अत्यधिक थकान, सिरदर्द और गंभीर दस्त शामिल हैं. यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क या उसके शारीरिक द्रवों के संपर्क से फैल सकता है. दुर्ग स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल जिले में इबोला का कोई संक्रमित मरीज नहीं मिला है. सभी यात्रियों की नियमित निगरानी की जा रही है और किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.

राजनांदगांव में स्वास्थ्य विभाग पर गिरी गाज, नाबालिग मामले में BMO के खिलाफ सख्त कार्रवाई

राजनांदगांव. सोमनी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में नाबालिग बालिका की गलत जांच मामले में राज्य शासन ने घुमका के बीएमओ डॉ. एनके टंडन पर कार्यवाही करते हुए उन्हे निलंबित कर दिया गया है. इस मामले को लेकर जिला प्रशासन द्वारा जांच टीम गठित की गई थी. गहन जांच के बाद जिला प्रशासन ने राज्य शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी. जिसके आधार पर राज्य शासन ने प्रथम दृष्टि में घुमका बीएमओ को दोषी पाया है. सूत्रों ने बताया कि प्रेगनेंसी कीट की खरीदी किए जाने के मामले में लापरवाही बरती गई थी. जिसके चलते किट से लिए गए सैंपल में रिपोर्ट पॉजिटिव पाया गया था. जब परिजनों ने दोबारा जांच के लिए जिला अस्पताल में सैंपल दिए थे, जहां रिपोर्ट निगेटिव पाई गई थी. जिसके बाद इस मामले में जमकर बवाल हुआ था. कांग्रेसियों ने पुलिस पर नाबालिग को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया था. पहले भी हो चुकी कार्रवाई इस मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा अपने स्तर पर अलग जांच कराई गई थी. जिसमें सोमनी टीआई को एसपी द्वारा पहले ही निलंबित कर दिया गया था. वही दूसरी तरफ जिला प्रशासन स्तर पर गठित टीम ने अपने स्तर पर जांच की है. जिसमें बीएमओ को दोषी पाते हुए निलंबन की कार्रवाई  की गई है.

खनिज विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई, अवैध कोयला और रेत परिवहन में लगे 8 वाहन पकड़े गए

सूरजपुर. प्रदेश में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत खनिज विभाग ने सूरजपुर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कोयला एवं रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त वाहनों को जब्त कर संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए हैं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के सुशासन एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के संकल्प के अनुरूप तथा जिला प्रशासन के सतत निगरानी अभियान के तहत की गई। कलेक्टर के निर्देश पर चलाया गया विशेष जांच अभियान कलेक्टर रेना जमील के निर्देशानुसार खनिज विभाग, जिला स्तरीय टास्कफोर्स एवं खनिज अमले द्वारा खनन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। 7 जून को तहसील सूरजपुर अंतर्गत ग्राम पचिरा-मानी चौक मार्ग पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान ग्राम बेलटिकरी के पास अवैध रूप से खनिज कोयला परिवहन करते हुए 06 मोटरसाइकिलों को पकड़ा गया। इन वाहनों से लगभग 5 टन कोयला जब्त किया गया, जिसे पुलिस थाना सूरजपुर में सुरक्षार्थ रखा गया है। अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त वाहन जब्त खनिज विभाग ने ग्राम राजापुर, हर्राटिकरा एवं आसपास के क्षेत्रों में भी कार्रवाई करते हुए अवैध रेत परिवहन में संलिप्त 03 टिपर वाहनों के मालिकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई प्रारंभ की है। इसके अलावा 08 जून को राजापुर रेत खदान क्षेत्र के औचक निरीक्षण के दौरान अवैध रेत परिवहन में लगे 02 और टिपर वाहनों को जब्त किया गया। संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज करते हुए जप्त वाहनों एवं खनिज सामग्री को पुलिस थाना जयनगर के सुपुर्द किया गया है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा तथा राजस्व क्षति रोकने के उद्देश्य से खनिज अमला नियमित निरीक्षण एवं सघन जांच अभियान संचालित कर रहा है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध खनिज गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

किसानों से परिवहन तक कई अहम निर्णय, साय कैबिनेट ने CSPTCL IPO और खनन निगरानी में किए बदलाव

रायपुर मंत्रालय के महानदी भवन में सीएम विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की अहम बैठक हुई. बैठक में साय कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए. मंत्रिपरिषद ने किसानों को प्रोत्साहन देने, सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने, योग को चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने सहित छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी को IPO के जरिए शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने जैसे अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है।  कैबिनेट की बैठक में CSPTCL के IPO को सैद्धांतिक मंजूरी कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की सैद्धांतिक सहमति दी. इस फैसले से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदारी का मौका मिलेगा. इसके साथ ही कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी. आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को इसको लिए अधिकृत किया गया है।  किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार की आदान सहायता खरीफ सीजन 2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी मिली है. धान की जगह दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी वैकल्पिक फसलें लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपए की सहायता मिलेगी। यह फायदा एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर मिलेगा. सरकार का लक्ष्य फसल विविधीकरण, किसानों की आय में वृद्धि और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है।  राशन हितग्राहियों को लगातार मिलेगा चना सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत पात्र परिवारों को चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए कैबिनेट ने आवश्यक चना खरीदने की मंजूरी दी है. छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को NeML के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के जरिए अधिकतम 0.25 प्रतिशत सर्विस चार्ज पर चना खरीदने की अनुमति दी गई है. अप्रैल से जून 2026 तक की व्यवस्था को भी बढ़ाया गया।  अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन होगा योग विभाग कैबिनेट ने योग विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने का निर्णय लिया है. सरकार का मानना है कि योग आयुष प्रणाली का अभिन्न हिस्सा है, इसलिए इससे जुड़े प्रशिक्षण, शिक्षा और अनुसंधान कार्यों का बेहतर समन्वय चिकित्सा शिक्षा विभाग के माध्यम से हो सकेगा।  रायपुर समेत 4 शहरों में दौड़ेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत पेमेंट सिक्योरिटी और मैकेनिज्म के लिए डायरेक्ट डेबिट मैंडेट को मंजूरी दी गई है. इससे रायपुर, ​भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में स्वीकृत 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है, इससे नागरिकों को आधुनिक, सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और किफायती सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल पाएगी।  नवा रायपुर में भूमि अधिग्रहण को मिलेगी रफ्तार कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को आपसी सहमति से भूमि खरीद पर मिलने वाली स्टाम्प ड्यूटी में छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है. इस फैसले से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी और नवा रायपुर के आधारभूत ढांचे के विकास को गति मिलेगी।  खनन क्षेत्र में RFID और वाहन ट्रैकिंग अनिवार्य छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम 2009 में संशोधन को मंजूरी मिली है. खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में RFID टैग और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य होगा. खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा आकलन के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. भंडारण शुल्क और सिक्योरिटी डिपॉजिट में भी वृद्धि हो गई है. राज्य सरकार का दावा है कि इससे अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण होगा तथा राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।  सरकार के फैसले इन क्षेत्रों को करेंगे प्रभावित साय कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले कृषि, ऊर्जा, परिवहन, खनन और शहरी विकास जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सीधे प्रभावित करेंगे. विशेष रूप से किसानों के लिए नई प्रोत्साहन नीति, 240 ई-बसों की मंजूरी और खनन क्षेत्र में तकनीकी निगरानी को सरकार के बड़े सुधारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए – 1.    आज मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किए जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। इस महत्वपूर्ण निर्णय से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा तथा कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी। मंत्रिपरिषद् ने इस संबंध में आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को अधिकृत किया है। 2.    मंत्रिपरिषद् ने खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना के नवीन स्वरूप को मंजूरी दी है। राज्य सरकार द्वारा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने तथा धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के उद्देश्य से धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों एवं दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी तथा कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15,000 रुपये की आदान सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर दिया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश में दलहन-तिलहन एवं अन्य वैकल्पिक फसलों का रकबा बढ़ेगा, किसानों को बेहतर आय प्राप्त होगी साथ ही कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। 3.    मंत्रिपरिषद् ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक चना उपलब्ध कराने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।  निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेकडेक्स-ई-मार्केट (NeML) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे कम सर्विस चार्ज पर चना क्रय करने की अनुमति दी गई है। साथ ही, वर्तमान व्यवस्था के तहत अप्रैल से जून 2026 तक तीन माह की अवधि वृद्धि का अनुमोदन भी किया गया है। इस निर्णय से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को चना वितरण निर्बाध रूप से जारी रहेगा। 4.    मंत्रिपरिषद् ने ‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। योग, आयुष प्रणाली का अभिन्न … Read more

प्रकृति का अनमोल प्रहरी! जगदलपुर में मिली दुर्लभ निशाचर पक्षी की मौजूदगी, बढ़ी वैज्ञानिकों की उत्सुकता

जगदलपुर. जगदलपुर के माचकोट वन क्षेत्र में एक दुर्लभ पक्षी की मौजूदगी ने जंगलों की समृद्ध जैव विविधता को फिर सुर्खियों में ला दिया है. लंबी पूंछ वाले नाइटजार, जिसे स्थानीय भाषा में “कापू चड़ई” और हिंदी में “रात की चिड़िया” कहा जाता है, को कैमरे में कैद किया गया है. यह पक्षी दिनभर झाड़ियों और पेड़ों की निचली शाखाओं में छिपकर आराम करता है, इसलिए इसे देख पाना बेहद मुश्किल माना जाता है. रात होते ही यह सक्रिय हो जाता है और उड़ते हुए कीट-पतंगों का शिकार करता है. विशेषज्ञों के अनुसार यह प्राकृतिक रूप से कीट नियंत्रण कर किसानों के लिए भी लाभकारी साबित होता है. इसकी विशेष आवाज जंगलों में इसकी उपस्थिति का संकेत देती है. भारत के अलावा चीन, इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया में भी यह प्रजाति पाई जाती है. वन अधिकारियों का कहना है कि माचकोट क्षेत्र दुर्लभ पक्षियों का महत्वपूर्ण आवास बनता जा रहा है. इस खोज ने एक बार फिर साबित किया है कि कोंडागांव के जंगल जैव विविधता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं.

बारिश से पहले बड़ी सौगात! अबूझमाड़ के 1200 ग्रामीणों को 7 पुलों से मिली राहत

नारायणपुर. अबूझमाड़ के दुर्गम वनांचल में वर्षों से मानसून के दौरान अलगाव झेल रहे ग्रामीणों के लिए इस बार बारिश राहत लेकर आएगी. आईटीबीपी की 53वीं वाहिनी ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच रिकॉर्ड समय में सात नए लॉग ब्रिज तैयार किए हैं. इन पुलों के निर्माण से 15 से अधिक गांवों के करीब 1200 ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा. हर साल बारिश में उफनते नालों के कारण गांवों का संपर्क टूट जाता था और मरीजों, गर्भवती महिलाओं तथा छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था. ग्रामीणों की मांग पर आईटीबीपी ने जिला प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर यह अभियान चलाया. अब इलाज, शिक्षा और दैनिक आवागमन के लिए जोखिम भरे रास्तों पर निर्भरता कम होगी. स्थानीय लोगों ने इसे वर्षों पुरानी समस्या का समाधान बताया है. सुरक्षा बलों की यह पहल केवल बुनियादी ढांचा निर्माण नहीं बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में जीवन को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है. मानसून से पहले तैयार हुए ये पुल अबूझमाड़ के विकास की नई तस्वीर पेश कर रहे हैं.

कालाबाजारी करने वालों की अब खैर नहीं! बस्तर में खाद-बीज कारोबारियों पर सख्ती

बस्तर. खरीफ सीजन शुरू होते ही किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने निगरानी व्यवस्था मजबूत कर दी है. जिला स्तर पर विशेष कंट्रोल रूम स्थापित कर भंडारण और वितरण पर लगातार नजर रखी जा रही है. विभाग की ताबड़तोड़ जांच कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है. नियमों के उल्लंघन पर कई दुकानों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि अनेक केंद्रों की बिक्री पर रोक लगाई गई है. कुछ लाइसेंस निलंबित और एक लाइसेंस निरस्त भी किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि किसानों के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय किया गया है. कृषि विभाग का दावा है कि इस अभियान का उद्देश्य किसानों को सही समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराना है. प्रशासनिक सख्ती के चलते बाजार में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.

आधुनिक खेती का कमाल: करेले की फसल ने महासमुंद के किसान को दिलाया लाखों का लाभ

पारंपरिक फसल छोड़ अपनाई करेले की आधुनिक खेती महासमुंद के प्रगतिशील किसान दीपक को हुआ 2.95 लाख रूपए का शुद्ध लाभ रायपुर,   करेले की आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसान कम लागत में लाखों रुपये का मुनाफा कमा सकते हैं। आधुनिक तकनीकों (जैसे ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और मचान विधि) के प्रयोग से करेले की पैदावार कई गुना बढ़ जाती है और फलों की गुणवत्ता भी अच्छी रहती है।            छत्तीसगढ़ के किसान अब पारंपरिक ढर्रे से बाहर निकलकर आधुनिक और व्यावसायिक खेती के जरिए अपनी तकदीर बदल रहे हैं। ऐसा ही एक मिसाल महासमुंद जिले के विकासखंड बसना के अंतर्गत ग्राम बंसुलीडीह के प्रगतिशील किसान श्री दीपक ने पेश की है। स्नातकोत्तर  शिक्षित दीपक ने लीक से हटकर उद्यानिकी फसल को अपनाया, जिससे उनकी आय में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत सब्जी क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के तहत करेला फसल का उत्पादन शुरू किया और आज वे क्षेत्र के दूसरे किसानों के लिए रोल मॉडल बन गए हैं। धान की तुलना में 7 गुना से अधिक मुनाफा          किसान दीपक बताते हैं कि पहले वे अपनी 1.00 हेक्टेयर सिंचित भूमि पर पारंपरिक रूप से धान की खेती करते थे। धान से उन्हें सालभर में महज 42 हजार 300 रुपये का ही शुद्ध लाभ मिल पाता था। लेकिन उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से प्रेरित होकर जब उन्होंने करेले की खेती चुनी, तो उनकी किस्मत बदल गई। इस बार उन्हें इस फसल से लगभग 2.95 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है, जो धान के मुकाबले 7 गुना से भी अधिक है। आधुनिक कृषि तकनीकों ने बढ़ाई फसल की गुणवत्ता         दीपक की इस सफलता के पीछे वैज्ञानिक और आधुनिक तौर-तरीके रहे हैं। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी खेती में ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग तकनीक, आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग किया गया।  इन नवीन तकनीकों के प्रयोग से न केवल पानी की बचत हुई, बल्कि फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में भी भारी उछाल आया। उन्हें प्रति एकड़ लगभग 18 टन करेले का बंपर उत्पादन मिला। ओडिशा के बाजारों तक पहुंची महासमुंद के करेले की धमक*           बेहतर क्वालिटी के कारण दीपक को बाजार में करेले का औसतन 30 रुपये प्रति किलोग्राम का शानदार भाव मिला। उन्होंने अपनी उपज को स्थानीय सरायपाली मंडी के साथ-साथ पड़ोसी राज्य ओडिशा के बड़े बाजारों में भी बेचा, जहां इसकी भारी मांग रही। प्रगतिशील किसान श्री दीपक ने बताया कि उद्यानिकी खेती अपनाने से मेरी आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी सुधार हुआ है। बढ़ी हुई आय से मेरे परिवार का जीवन स्तर काफी बेहतर हुआ है। मैं लगातार उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के संपर्क में रहता हूं ताकि नई सरकारी योजनाओं और तकनीकों का लाभ उठा सकूं। *आसपास के गांवों में बढ़ी उद्यानिकी फसलों की होड़          दीपक की इस बड़ी कामयाबी को देखकर ग्राम बंसुलीडीह सहित आसपास के इलाकों के अनेक किसान अब पारंपरिक खेती छोड़ उद्यानिकी फसलों (सब्जी और फल उत्पादन) की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। विभाग का मानना है कि ऐसी सफलताएं जिले में कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होंगी।

स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि, आवास, पेयजल, राशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति का लिया जायजा

प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने की जिले के विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि, आवास, पेयजल, राशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति का लिया जायजा किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्यपालन और उद्यानिकी को बढ़ावा देने के दिए निर्देश दिव्यांग एवं असहाय हितग्राहियों को घर पहुंच पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने कहा रायपुर जशपुर जिले के प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने  जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि, पेयजल, आवास, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। प्रभारी सचिव ने सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी प्रकरणों का गंभीरतापूर्वक एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान सभी राजस्व प्रकरणों का ऑनलाइन पंजीयन एवं अद्यतन रिकॉर्ड संधारण सुनिश्चित करने पर बल दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) के तहत स्वीकृत एवं प्रगतिरत आवास निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों, निविदा प्रक्रिया एवं अपूर्ण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कहा। जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूरा करने तथा जिन गांवों में भूजल स्तर कम है वहां पेयजल आपूर्ति के लिए वैकल्पिक एवं स्थायी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रभारी सचिव ने जिले में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज, 220 बिस्तरीय चिकित्सालय, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय तथा अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों के निर्माण एवं स्थापना संबंधी कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने खरीफ एवं रबी फसलों के रकबे, खाद-बीज की उपलब्धता तथा भंडारण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने किसानों की आय में वृद्धि के लिए दलहन, तिलहन, उद्यानिकी, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अपेक्स बैंक, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक एवं सहकारिता विभाग के समन्वय से किसानों को खेती, डेयरी, मत्स्यपालन एवं कृषि आधारित उद्यमों के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि इच्छुक किसान बड़े स्तर पर उत्पादन एवं व्यवसाय का विस्तार कर सकें। खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान राशन कार्डों के नवीनीकरण, नए राशन कार्डों की स्वीकृति तथा उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्नों के समय पर भंडारण एवं वितरण की स्थिति का जायजा लिया गया। शिक्षा विभाग से स्कूलों में पाठ्यपुस्तक एवं यूनिफॉर्म वितरण तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से महतारी वंदन योजना, ई-केवाईसी, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए। प्रभारी सचिव ने समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि ऐसे दिव्यांग, वृद्ध एवं असहाय हितग्राहियों की पहचान कर सूची तैयार की जाए, जो पेंशन प्राप्त करने के लिए बैंक तक पहुंचने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे हितग्राहियों को बीसी सखी के माध्यम से घर पहुंच पेंशन भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, चश्मा, बैसाखी एवं अन्य सहायक उपकरणों की आवश्यकता वाले हितग्राहियों को प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास ने बताया कि जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में कुल 35 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 15 हजार 846 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 11 हजार 205 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है तथा शेष आवेदनों का भी प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुरूप जिले में मेडिकल कॉलेज, 220 बिस्तरीय अस्पताल, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय एवं क्रिटिकल केयर सेंटर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में 1 लाख 12 हजार 618 आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 93 हजार 506 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने बताया कि मनरेगा अंतर्गत मजदूरी भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है। जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जिले में 6 मॉडल अमृत सरोवर चयनित किए गए हैं। इसके अलावा आजीविका डबरी के 495, वाटर रिचार्ज के 461, पारंपरिक जल स्रोतों के जीर्णोद्धार के 1,437 तथा सोक पिट निर्माण के 3,050 कार्य स्वीकृत एवं प्रगतिरत हैं। समीक्षा बैठक में मनरेगा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, वन विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, पीएम जनमन योजना, स्वास्थ्य, कृषि, उद्यानिकी, खाद्य, मत्स्यपालन, पशुपालन, जल संसाधन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, शिक्षा, समाज कल्याण, श्रम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, क्रेडा तथा मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना सहित विभिन्न विभागों एवं योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।