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बस्तर के विकास कार्यों में तेजी लाने की तैयारी, सड़क-पुल परियोजनाओं पर हुई अहम बैठक

बस्तर में सड़कों और पुलों के काम में आएगी तेजी, लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अधिकारियों व ठेकेदारों की ली बैठक  प्रगतिरत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश कहा ठेकेदारों को हर महीने करें भुगतान, गुणवत्ता सुनिश्चित करने कार्यों का बारीकी से निरीक्षण भी करें  रायपुर  लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज कोंडागांव में विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर बीजापुर, दंतेवाड़ा और कोंडागांव में सड़कों और पुलों के निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने इन कार्यों में तेजी लाते हुए दी गई समय-सीमा में काम पूरा करने को कहा। उन्होंने बरसात में सड़क संपर्क से कट जाने वाले गांवों के लिए बारहमासी सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए प्राथमिकता से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने के निर्देश दिए। कोंडागांव की कलेक्टर सुनुपुर राशि पन्ना, वन मंडलाधिकारी श्रीमती दिव्या गौतम, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता भी एम.एल. उरांव और ज्ञानेश्वर कश्यप तथा अधीक्षण अभियंता संजय सूर्यवंशी सहित तीनों जिलों के कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी और उप अभियंता भी बैठक में मौजूद थे। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने तीनों जिलों के विभागीय अधिकारियों को किसी भी ठेकेदार का भुगतान लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर हर महीने भुगतान करने को कहा। बंसल ने ठेकेदारों से कार्यस्थलों पर आ रही समस्याओं की जानकारी अधिकारियों से साझा करने को कहा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को इन समस्याओं का त्वरित समाधान कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश ठेकेदारों को दिए। विभागीय सचिव ने बैठक में लोगों की जरूरतों और उपयोगिता के आधार पर नई सड़कों और पुलों के निर्माण के प्रस्ताव प्राथमिकता से भेजने के निर्देश दिए। बस्तर के नक्सलमुक्त होने के बाद दूरस्थ और पहुंच विहीन गांवों में सड़कों व पुल-पुलियों के निर्माण तेजी से होने चाहिए। उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल द्रुतगामी सड़कों के निर्माण के लिए 15 अगस्त तक इस्टीमेट भेजने को कहा। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सभी अधिकारियों को भवन, सड़क एवं पुल के कार्यों और उनकी प्रगति की पूरी जानकारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण सामग्रियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए भवनों में अच्छी गुणवत्ता के खिड़की, दरवाजे, टाइल्स, सेनेटरी, नल और पेंट्स का उपयोग करने को कहा। उन्होंने केशकाल घाटी बायपास सड़क के कार्यों में तेजी लाने वन मंडलाधिकारी को जल्द से जल्द पेड़ों की कटाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  बंसल ने काम में ढिलाई बरतने वाले तथा गुणवत्ताहीन काम करने वाले ठेकेदारों के प्रति सख्ती करने को कहा। उन्होंने ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने, डिग्रेड करने तथा टर्मिनेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने मुख्यालयों में रहने, फील्ड का नियमित दौरा कर कार्यों का बारीकी से निरीक्षण करने तथा न्यायालयीन प्रकरणों में समय पर शासन का जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने सर्किट हाउसों और विश्राम गृहों का अच्छा रखरखाव सुनिश्चित करने भी कहा। निर्माणाधीन खड़कघाट पुल के कार्यों का किया निरीक्षण लोक निर्माण विभाग के सचिव बंसल ने कोंडागांव में बैठक के बाद जगदलपुर में इंद्रावती नदी पर बन रहे खड़कघाट पुल के कार्यों का निरीक्षण किया। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर 44 करोड़ से अधिक की लागत से इस उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जा रहा है। बंसल ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और ठेकेदार को पुल का काम पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा करने को कहा। उन्होंने कार्यस्थल पर मशीनरी और मेन-पॉवर बढ़ाते हुए कार्यों में तेजी लाने को कहा।

मर्डर केस का आरोपी चुनावी मैदान में, जेल से दाखिल किया नामांकन

कटघोरा/कोरबा. छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से राजनीति का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी है। जिस व्यक्ति पर भाजपा नेता की हत्या का आरोप है, वही अब जेल से निकलकर उसी सीट पर चुनाव लड़ने मैदान में उतर गया है, जो हत्या के बाद खाली हुई थी। मामला पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत क्षेत्र के बिझरा सीट का है। हत्या के आरोपी मुस्ताक अहमद को बिलासपुर जेल से सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच नामांकन दाखिल कराने लाया गया। हथकड़ियों में पुलिस सुरक्षा के बीच पहुंचे मुस्ताक ने जनपद सदस्य पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। 23 दिसंबर को हुई थी भाजपा नेता की हत्या बताया जा रहा है कि 23 दिसंबर को ग्राम केशलपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व जनपद उपाध्यक्ष अक्षय गर्ग की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। उन पर कुल्हाड़ी और चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया गया था, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे राजनीतिक रंजिश प्रमुख वजह थी। मामले में मुस्ताक अहमद को मुख्य आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार किया गया था, जो फिलहाल जेल में बंद है। हत्या के बाद खाली सीट पर आरोपी की दावेदारी भाजपा नेता अक्षय गर्ग की हत्या के बाद बिझरा जनपद पंचायत सीट खाली हो गई थी। निर्वाचन आयोग ने यहां उपचुनाव की घोषणा की है। नामांकन के आखिरी दिन अचानक जेल वैन पहुंचने से इलाके में हलचल मच गई। लोग तब हैरान रह गए, जब हत्या के आरोपी मुस्ताक अहमद ने उसी सीट से चुनाव लड़ने के लिए अपना पर्चा भर दिया, जो अक्षय गर्ग की मौत के बाद खाली हुई थी। इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा इस घटनाक्रम के बाद बिझरा और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। स्थानीय लोगों में इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है। प्रशासन ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

सड़क निर्माण के लिए उजड़ेंगे 1300 घर? पीड़ित परिवारों का नगर निगम पर प्रदर्शन

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गुरुमुख नगर पचपेड़ी नाका से भाटागांव तक कैनाल रोड 2.0 बनाने का प्लान है, जिसके लिए कई घरों को तोड़ने की तैयारी है। बेघर होने से बचने के लिए पीड़ित परिवार ने आज निगम का घेराव किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें 80 फीट रोड नहीं चाहिए और ना ही हम अपना घर छोड़ेंगे। क्या है पूरा मामला ? दरअसल, गुरुमुख नगर पचपेड़ी नाका से भाटागांव तक कैनाल रोड बनाने का प्लान है। 30 फीट का जगह होने के बावजूद 80 फीट का रोड बनाने का प्रावधान रखा गया है। ऐसे में रोड के बीच में आने वाले कई घरों को तोड़ने की तैयारी की जा रही है। पीड़ित परिवार ने किया नगर निगम का घेराव इसी को लेकर आज पीड़ित परिवार ने नगर निगम का घेराव किया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि विस्थापन नियम का पालन नहीं किया गया और अगले 40 साल से बसे परिवारों को बेघर करने की साज़िश की जा रही है। रोड के लिए 30 फिट का जगह होने के बावजूद 80 फीट का बनाने का प्रावधान रखा गया है। नहीं चाहिए रोड, ना ही छोड़ेंगे घर वहीं उन्होंने आगे कहा कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर 1300 परिवारों को बेघर किया जा रहा है। बगैर नोटिस सर्वे किया जा रहा है और तोड़ने की तैयारी हो रही है। उनका कहना है कि हमें 80 फ़ीट का रोड नहीं चाहिए और ना ही हम अपना घर छोड़ेंगे।

जशपुर की नाशपाती बनी किसानों की कमाई का बड़ा जरिया, 3500 से ज्यादा कृषक जुड़े

जशपुर की नाशपाती से बढ़ रही किसानों की आमदनी, 3,500 से अधिक कृषक जुड़े फल उत्पादन से 3500 हेक्टेयर में हो रही नाशपाती की खेती, देश के कई राज्यों में है जशपुर की नाशपाती की मांग एक एकड़ से किसानों को हो रही 1 लाख से 1.50 लाख रुपए तक की वार्षिक आय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। जशपुर जिले के किसान नाशपाती की खेती के माध्यम से उल्लेखनीय आय अर्जित कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। प्राकृतिक रूप से अनुकूल जलवायु और उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन के कारण जशपुर आज राज्य के प्रमुख नाशपाती उत्पादक जिलों में शामिल हो चुका है। जशपुर जिले में लगभग 3,500 से अधिक किसान करीब 3,500 हेक्टेयर क्षेत्र में नाशपाती की खेती कर रहे हैं। जिले में प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख 75 हजार क्विंटल नाशपाती का उत्पादन हो रहा है। इससे हजारों कृषक परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और जिले की पहचान फल उत्पादन के क्षेत्र में लगातार मजबूत हो रही है। जशपुर की नाशपाती स्वाद, गुणवत्ता और आकर्षक आकार के कारण देश के विभिन्न राज्यों में विशेष रूप से पसंद की जाती है। जिले के सन्ना, पंडरापाठ, कंवई, महुआ, सोनक्यारी, मनोरा, धवईपाई और गीधा जैसे क्षेत्रों से नाशपाती की खेप दिल्ली, उत्तर प्रदेश, ओडिशा सहित अन्य राज्यों में भेजी जाती है। फल को सावधानीपूर्वक कैरेट में पैक कर बाजारों तक पहुंचाया जाता है। नाशपाती की खेती किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। एक एकड़ क्षेत्र से किसानों को औसतन 1 लाख से 1.50 लाख रुपए तक की वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और किसान आधुनिक उद्यानिकी की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। उद्यानिकी विभाग तथा नाबार्ड के सहयोग से किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण, पौधरोपण, बागवानी प्रबंधन और विपणन संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत नाशपाती क्षेत्र विस्तार योजना संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम से किसानों को अनुदान एवं तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जशपुर जिले में उद्यानिकी आधारित कृषि को नई दिशा मिली है। नाशपाती की खेती न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि जशपुर को राज्य के एक उभरते हुए फल उत्पादन केंद्र के रूप में स्थापित कर रही है।

शर्मनाक कृत्य पर बड़ा एक्शन, रेप आरोपी शिक्षक सलाखों के पीछे

बलरामपुर-रामानुजगंज. जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गोपातू में पदस्थ शिक्षक धन सिंह राम को गंभीर आपराधिक मामले में गिरफ्तारी के बाद निलंबित कर दिया गया है. संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा, सरगुजा संभाग अंबिकापुर द्वारा जारी आदेश में शिक्षक के विरुद्ध दर्ज अपराध को शासकीय सेवा की गरिमा के विपरीत मानते हुए यह कार्रवाई की गई है. जारी आदेश के अनुसार शिक्षक धन सिंह राम के खिलाफ थाना दुलदुला, जिला जशपुर में अपराध क्रमांक 25/2026 के तहत धारा 376(2)(n) भादवि एवं 69 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है. प्रकरण में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद शिक्षक वर्तमान में जेल निरुद्ध बताया गया है. शिक्षा विभाग ने आदेश में उल्लेख किया है कि उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन है. इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है. निलंबन अवधि में धन सिंह राम का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय शंकरगढ़ निर्धारित किया गया है. उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी. कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है.

कानून व्यवस्था होगी और मजबूत, गृहमंत्री शाह ने लॉन्च किए 400 डायल-112 वाहन

रायपुर. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज माना पुलिस परेड ग्राउंड, रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस की अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ और  मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 400 अत्याधुनिक डायल-112 वाहनों और 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे. उल्लेखनीय है कि ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित यह आधुनिक सेवा पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा सेवाओं को एकीकृत करते हुए नागरिकों को एक ही नंबर पर त्वरित आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराएगी. इसके तहत शुरू किए गए 400 अत्याधुनिक वाहनों में स्मार्टफोन, जीपीएस, वायरलेस रेडियो, पीटीजेड कैमरा, डैश कैम, मोबाइल एनवीआर और सोलर बैकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं. इन तकनीकों की मदद से घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम ट्रैकिंग और त्वरित संचार सुनिश्चित किया जा सकेगा. यह सेवा 24×7 संचालित होगी. इसमें जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग, एडवांस व्हीकल ट्रैकिंग, एसआईपी ट्रंक टेक्नोलॉजी और स्वचालित कॉलर लोकेशन पहचान जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है. राज्य के सभी 33 जिला समन्वय केंद्रों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा गया है. नागरिक वॉयस कॉल, एसएमएस, ईमेल, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप, चैटबॉट और SOS-112 इंडिया ऐप के माध्यम से भी सहायता प्राप्त कर सकेंगे. मोबाइल फॉरेंसिक वैन से घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच ‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ थीम पर आधारित 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदेश में अपराध अनुसंधान को नई दिशा देंगी. “32 वैन – 32 जिले – एक संकल्प: सटीक जांच, त्वरित न्याय” के उद्देश्य के साथ शुरू की गई यह पहल घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराएगी. लगभग 65 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत वाली इन अत्याधुनिक वैन में घटनास्थल संरक्षण किट, साक्ष्य संग्रहण एवं सीलिंग उपकरण, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम, नार्कोटिक्स परीक्षण किट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, उच्च गुणवत्ता फोटोग्राफी व्यवस्था, बुलेट होल स्क्रीनिंग एवं बैलिस्टिक जांच किट तथा गनशॉट रेजिड्यू (GSR) परीक्षण किट जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं. अब तक अपराध स्थल से साक्ष्य प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में समय लगता था, जिससे साक्ष्यों के दूषित होने की संभावना बनी रहती थी तथा रिपोर्ट आने में भी विलंब होता था. नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच, साक्ष्य संरक्षण, परीक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा. इससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में महत्वपूर्ण सुधार होगा. साक्ष्य आधारित न्याय व्यवस्था को मिलेगा नया बल राज्य सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक जांच को जन-जन तक पहुंचाना, साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूत करना, अपराध नियंत्रण में फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका को बढ़ाना तथा समयबद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच सुनिश्चित करना है. आधुनिक डायल-112 सेवा और मोबाइल फॉरेंसिक वैन के संचालन से प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा, अपराध अनुसंधान को नई गति मिलेगी और आम नागरिकों का कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा.

अबूझमाड़ के सोमरू राम का बरसों का इंतजार खत्म

अबूझमाड़ के सोमरू राम का बरसों का इंतजार खत्म सुशासन शिविर में 'एक ही दिन' में बना आधार कार्ड ​सुशासन तिहार बना राहत का माध्यम   ​रायपुर      छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए चलाया जा रहा 'सुशासन तिहार 2026' अभियान दूरस्थ वनांचल के ग्रामीणों के लिए नई उम्मीद और खुशियां लेकर आ रहा है। इसकी एक बेहद सुखद तस्वीर नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र से सामने आई है, जहाँ ग्राम पीडियाकोट निवासी श्री सोमरू राम पोडियाम का बरसों से लंबित आधार कार्ड सुशासन शिविर की तत्परता से महज एक ही दिन में बनकर तैयार हो गया। ​संसाधनों की कमी और दूरी थी बाधा      ​पीडियाकोट जैसे अत्यंत दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र में रहने वाले सोमरू राम आधार योजना की शुरुआत के बाद से ही अपना कार्ड बनवाने के लिए प्रयासरत थे। लेकिन भौगोलिक कठिनाइयों, संसाधनों की कमी और जरूरी सुविधाओं के अभाव के कारण उनका आधार कार्ड नहीं बन पा रहा था। पहचान का यह महत्वपूर्ण दस्तावेज न होने की वजह से उन्हें सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उठाने में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ​शिविर में हुआ 'ऑन द स्पॉट' समाधान       ​सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविर सोमरू राम के लिए वरदान साबित हुआ। शिविर में जैसे ही उनकी यह समस्या जिला प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष आई, अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल एक्शन लिया। शिविर स्थल पर ही उनके दस्तावेजीकरण और बायोमेट्रिक की प्रक्रिया पूरी कर उनका आधार पंजीयन कराया गया। जो काम सालों से अटका था, वह प्रशासनिक मुस्तैदी से कुछ ही घंटों में पूरा हो गया। ​सोमरू राम के चेहरे पर लौटी मुस्कान       ​हाथ में अपना आधार कार्ड पाकर सोमरू राम के चेहरे पर वर्षों का इंतजार खत्म होने की खुशी साफ झलक रही थी। भावुक होते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और नारायणपुर जिला प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब मुझे सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में कोई परेशानी नहीं होगी। प्रशासन खुद हमारे पास आया और हमारी समस्या दूर कर दी। ​अबूझमाड़ के दुर्गम इलाकों तक पहुंच रहा सुशासन     ​अबूझमाड़ जैसे देश के सबसे कठिन और पहुंचविहीन क्षेत्रों में शामिल इलाके में इस तरह त्वरित रूप से नागरिक सेवाएं प्रदान करना 'सुशासन तिहार' की एक बड़ी सफलता है। नारायणपुर जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक शासन की योजनाएं और बुनियादी सुविधाएं बिना किसी रुकावट के और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचें।

ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निपटारा, सुशासन तिहार शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे लोग

सुशासन तिहार शिविर में उमड़ा ग्रामीणों का भरोसा, 400 से अधिक आवेदन प्राप्त, कई समस्याओं का मौके पर हुआ समाधान हितग्राहियों को मिली विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ रायपुर दंतेवाड़ा जिले के ग्राम पंचायत मटेनार में सुशासन तिहार के तहत 12 ग्राम पंचायतों का संयुक्त शिविर आयोजित किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और शासन की विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। शिविर में 400 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई मामलों का मौके पर ही निराकरण कर लोगों को राहत प्रदान की गई। शिविर में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कमला विनय नाग, जनपद सदस्य श्रीमती संतनी ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, सरपंच, उपसरपंच, पंचगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ दिया गया। कृषि विभाग द्वारा 11 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किए गए। वहीं 6 हितग्राहियों को जन्म प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा शिविर में आधार कार्ड सुधार, नए आधार कार्ड निर्माण, महतारी वंदन योजना के लिए आधार लिंकिंग, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया भी पूरी की गई। ग्रामीणों ने शिविर में त्वरित समाधान और एक ही जगह पर विभिन्न विभागों की सेवाएं मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए बहुत लाभकारी साबित हो रहे हैं, क्योंकि अब उन्हें छोटे-छोटे कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। सुशासन तिहार के तहत आयोजित ये शिविर शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रहे हैं।

रेत माफियाओं पर प्रशासन का शिकंजा, भारी मात्रा में अवैध रेत जप्त

अवैध रेत भंडारण और परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 1740 घनमीटर रेत जप्त खनिज विभाग के लगातार कार्रवाई से अवैध खनन और परिवहन पर लग रही लगाम प्रशासन की सक्रियता से अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों को मिल रहा कड़ा संदेश रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े निर्देशों के तहत प्रदेश में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विभागीय अमला दिन-रात सक्रिय रहकर अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित कर रहा है। इसके लिए रात्रिकालीन गश्त, सघन निगरानी, औचक निरीक्षण और छापेमार कार्रवाई के साथ-साथ ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है।         सचिव खनिज साधन विभाग तथा संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने जिले के आरंग तहसील अंतर्गत ग्राम कागदेही में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान समोदा-कागदेही मार्ग तथा आर्या पेट्रोल पंप के दक्षिण दिशा में फॉरेस्ट नर्सरी के पास बिना वैध अनुमति के गौण खनिज साधारण रेत का अवैध भंडारण पाया गया। जांच में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम 2009 के उल्लंघन की पुष्टि होने पर खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए लगभग 1740 घनमीटर रेत जप्त की गई।                  जप्त रेत को नगर पंचायत समोदा के पार्षद देवेंद्र कुमार साहू के सुपुर्द किया गया। वहीं सघन जांच के दौरान ग्राम समोदा के पास अवैध रेत परिवहन में संलग्न दो हाईवा वाहनों को भी जप्त कर आरंग थाना परिसर में खड़ा कराया गया।

तेज रफ्तार बनी काल! जगदलपुर हाईवे पर बस हादसे में एक की मौत, कई यात्री जख्मी

जगदलपुर. जगदलपुर: बस्तर के नेशनल हाइवे 30 में यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई है. इस हादसे में 1 महिला की मौत हो गई. कई यात्री घायल हैं. जिस महिला की मौत हुई है वह टीचर है. बस में कुल 34 यात्री सवार थे. मिली जानकारी के अनुसार रॉयल ट्रेवल्स की बस रायपुर से कोंटा के लिए निकली थी. इसी दौरान बस्तर में तड़के सुबह हादसे का शिकार हो गई.बालेंगा कोसा सेंटर के पास बस अनियंत्रित होकर पलट गई. वाहन पलटने से यात्रियों को काफी नुकसान हुआ है. घटना में एक महिला यात्री की बस में दबने से मौत हो गई है. डिमरापाल अस्पताल में घायलों का इलाज वहीं बस पलटने से लगभग 10 से 15 यात्री घायल हैं. जिन्हें 108 व निजी वाहनों से डिमरापाल अस्पताल पहुंचाया गया है. जहां उनका इलाज जारी है. बताया जा रहा है कि घायलों की स्थिति खतरे से बाहर है. सुकमा में टीचर के पद पर पदस्थ थी महिला इधर मृतका के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और परिजनों को इसकी सूचना दे दी गई है. परिजनों की उपस्थिति में पोस्टमॉर्टम प्रकिया सम्पन्न कराने के बाद शव उन्हें सौंप दिया जाएगा. मृतका का नाम पदमनी चंद्रवंशी है. जो कवर्धा की निवासी है. सुकमा जिले के दोरनापाल में शिक्षिका का काम करती थी.