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रायगढ़ दौरे पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, प्रमुख विकास परियोजनाओं का किया निरीक्षण

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ की प्रमुख विकास परियोजनाओं का किया निरीक्षण मरीन ड्राइव, नया बस स्टैंड, किसान राइस मिल ऑक्सीजोन और दूध डेयरी ऑक्सीजोन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निर्माण कार्य सुनिश्चित करने अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश रायपुर  वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ शहर में संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीन ड्राइव, नए बस स्टैंड, किसान राइस मिल परिसर में विकसित किए जा रहे ऑक्सीजोन तथा दूध डेयरी ऑक्सीजोन के निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। चौधरी ने अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों तथा गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से रायगढ़ शहर को आधुनिक और सुव्यवस्थित आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी। मरीन ड्राइव शहरवासियों के लिए आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होगा, नया बस स्टैंड यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा, जबकि ऑक्सीजोन परियोजनाएं पर्यावरण संरक्षण के साथ नागरिकों को स्वच्छ और हरित वातावरण उपलब्ध कराएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों के माध्यम से नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। इसके लिए सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि जनता को जल्द से जल्द इनका लाभ मिल सके। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सफर होगा आसान और तेज, रायपुर-बलौदाबाजार फोरलेन परियोजना का DPR तैयार

रायपुर. छत्तीसगढ़ में रायपुर से बलौदा बाजार और सारंगढ़ तक जाने वाले यात्रियों को जाम से राहत मिल सकती है. रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग के फोरलेन चौड़ीकरण का डीपीआर तैयार कर लिया गया है. नेशनल हाईवे विभाग लगभग 1500 करोड़ रुपए की लागत से इस प्रोजेक्ट पर खर्च करेगा. दो फेज में फोनलेन चौड़ीकरण का काम किया जाएगा. इससे 1 से सवा घंटे तक लोगों के समय की बचत होगी. जानकारी के मुताबिक, पहले चरण में धनेली से पुराना विधानसभा तक 11.610 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा. इस हिस्से के लिए 500 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है. दूसरे चरण में विधानसभा से पलारी तक करीब 72 किलोमीटर सड़क फोरलेन बनेगी, जिस पर 1050 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. परियोजना के तहत सड़क को केवल फोरलेन ही नहीं बनाया जाएगा, बल्कि कई हिस्सों में सर्विस लेन भी तैयार की जाएगी. इसके अलावा चार बड़े फ्लाईओवर और कई ओवरब्रिज बनाए जाएंगे, जिससे शहर और गांवों के बीच यातायात अधिक सुगम हो सकेगा. रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़ मार्ग फोरलेन बनने से जाम और हादसे कम होंगे. भारी वाहनों के लिए अलग लेन मिलेगी. सीमेंट उद्योग को फायदा होगा, माल परिवहन आसान होगा और स्थानीय व्यापार-रोजगार बढ़ने की संभावना है. यहां बनेंगे ओवरब्रिज नरदहा चौक पर 200 मीटर हिस्से को छोड़कर सिक्स लेन फ्लाईओवर और धनेली चौक पर पुराने ब्रिज को तोड़कर फ्लाईओवर, धनेली गांव में नया फ्लाईओवर बनाया जाएगा. टेकारी रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज और बरौदा गांव में ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा. दिल्ली भेजी गई ड्राइंग डिजाइन नेशनल हाईवे के चीफ इंजीनियर ज्ञानेश्वर कश्यप ने कहा कि रायपुर-बलौदाबाजार चौड़ीकरण दो चरणों में होगा. इसके लिए 1500 करोड़ रुपए का डीपीआर तैयार हो चुका है. पूरी ड्राइंग डिजाइन दिल्ली मुख्यालय भेजी जाएगी. यदि किसी सुधार की आवश्यकता होगी तो उसे किया जाएगा, अन्यथा जल्द ही चौड़ीकरण शुरू होगा.

गृह मंत्री अमित शाह ने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का किया उद्घाटन

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चखा बस्तर की इमली का स्वाद बोले यहां की इमली का स्वाद खट्टा नहीं बल्कि मीठा गृह मंत्री अमित शाह ने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का किया उद्घाटन अब नक्सल प्रभावित नहीं रहा नेतानार.. जनता के दरवाजे तक पहुँच गयी डिजिटल सरकार नेतानार में नागरिकों की सुविधाओं हेतु एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की ऑनलाईन सुविधाएं उपलब्ध रायपुर  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार को बस्तर जिले के नेतानार ग्राम में सीआरपीएफ कैम्प पहुँचे। यहाँ उन्होंने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का उद्घाटन किया । अमित शाह ने इमली प्रसंस्करण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही स्व सहायता समूह की महिलाओं से जाना कि कैसे वे इमली बिक्री कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं। शाह ने बस्तर की इमली का स्वाद चखा और कहा कि यहां की इमली में बहुत मिठास है। समूह की श्रीमती लंबी नाग ने बताया कि इस समूह से जुड़कर वे सालाना एक लाख रु तक आय अर्जित कर सकेंगी । गुंडाधूर महिला स्व सहायता समूह में महिलाएं इमली का प्रसंस्करण करके उच्च गुणवत्ता युक्त इमली पल्प तैयार कर रही हैं।  वे सेवा सेतु केंद्र पहुँचे। यहां वे ग्राम नेतानार निवासी श्रीमती सुखदेवी से मिले। सुखदेवी ने बताया कि उन्होंने अभी अपनी पांच माह की बेटी पद्मा का आधार कार्ड बनवाया है। आधार सेवा केंद्र खुलने से पहले उन्हें 10 किलोमीटर पैदल चलकर नानगुर तक जाना पड़ता था । अब यहां पर ग्रामीणों को नया आधार, आधार अपडेट, केवायसी, मोबाइल नम्बर अपडेट, ई-आधार जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी । सेवा सेतु केंद्र में श्रीमती सोनामनी ने बताया कि वे बहुत दिन महतारी वंदन योजना का ई के वाय सी कराना चाहती थीं लेकिन दूरी अधिक होने के कारण वे जा नहीं पा रहीं थीं। गांव में ही केंद्र खुल जाने के कारण आज ही उन्होंने ई के वाय सी करा लिया है । उल्लेखनीय है कि ग्रामीण यहां पर विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन प्रमाण पत्र का लाभ ले सकेंगे । इस केंद्र में जन्म, आय , जाति आदि प्रमाण पत्र आसानी से एक ही जगह बनाये जा सकेंगे । इस केंद्र में महिलाओं को बैंक सखी का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बैंक सखी के माध्यम से महिलाएं गांव में ही पैसा जमा करना, पैसा निकालना, स्व सहायता समूह के लिए खाता खोलना, के वाय सी, बैंक खाते में मोबाईल नम्बर अपडेट, एसएचजी क्रेडिट लिंकेज जैसी सुविधाएं पा सकेंगी ।  अमित शाह ने सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही महिलाओं से भी मुलाकात की । यहाँ पर महिलाओं को बेसिक एवं एडवांस सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सुविजय कुमारी ने बताया कि यहां से सिलाई सीखने के बाद वे अच्छे से अपने परिवार का पालन पोषण कर पाएंगी। गृह मंत्री अमित शाह ने धान डेकी प्रशिक्षण केंद्र में ग्रामीण महिलाओं से चर्चा की । इसके माध्यम से चावल बिक्री से ग्रामीणों महिलाओं की आय वृद्धि तो होगी साथ ही निकलने वाली धान की भूसी से पशुओं को पौष्टिक आहार भी मिलेगा । इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा , मुख्य सचिव विकासशील एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

रेलवे का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड, बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में यात्रियों को झटका

राजनांदगांव. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इसके तहत बिलासपुर-झारसुगुड़ा के बीच तीसरी एवं चौथी रेलवे लाइन का कार्य किया जा रहा है। जिससे ट्रेनें प्रभावित होगी। इसी क्रम में बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच 206 किलोमीटर चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन के चांपा स्टेशन में चौथी लाइन से जोड़ने का कार्य 07 जून से 19 जून तक (विभिन्न तिथियों में) किया जायेगा। इस कार्य के लिए इन ट्रेनों का परिचालन अल्पकालिक बाधित रहेगा एवं इस कार्य के पूर्ण होते ही गाडियों की समयबद्धता एवं गति में तेजी आयेगी । इस कार्य के फलस्वरूप कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा। प्रभावित होने पैसेंजर गाडियां – 19 जून 2026 तक गेवरारोड से चलने वाली 68745 गेवरारोड – रायपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी। 7 से 18 जून तक रायपुर से चलने वाली 68746 रायपुर-गेवरारोड मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी । 8 से 19 जून तक कोरबा से चलने वाली 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर रद्द रहेगी। 7 से 18 जून तक रायपुर से चलने वाली 58204 रायपुर- कोरबा पैसेंजर रद्द रहेगी। 8 से 19 जून तक बिलासपुर व गेवरारोड से चलने वाली 68734/68733 बिलासपुर-गेवरारोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी। 8 से 19 जून तक बिलासपुर बिलासपुर- कोरबा-बिलासपुर मेमू पैसेंजर व कोरबा से चलने वाली, 8732/68731 रद्द रहेगी।

किसानों की मेहनत रंग लाई, धान की बंपर पैदावार से मंडियां हुईं गुलजार

राजनांदगांव. कृषि उपज मंडी बसंतपुर में रबि सीजन के धान की बंफर आवक होने लगी है। जिसके चलते शेड में पैर रखने की जगह नही है। ऐसे में किसानों को शेड के बाहर खुले परिसर में धान पाला करना पड़ रहा है और वे रतजगा करने को मजबूर है। रोजाना 16 हजार कट्टा धान की आवक होने लगी है। इस साल रबि सीजन के आवक ने प्रशासन के दावों की भी पोल खोल दी है, जहां वे धान का कम रकबा बता रहे थे। लेकिन यहां पिछले साल से ज्यादा धान की आवक होने लगी है। जानकारी अनुसार पिछले साल अप्रैल और मई तक जहां 3 लाख 86392 क्विंटल धान की आवक दर्ज की गई थी, लेकिन इस बार धान के उत्पादन में इजाफा होकर इस साल 4 लाख 9363 क्विंटल धान की आवक हुई है। मंडी प्रशासन की माने तो नए धान में महापाया की आवक तेजी से होने लगी है। जिसके चलते पोहा मिल के लिए इसकी डिमांड बनी हुई है। इसके आलावा आई आर धान की आवक बनी हुई है। इसके आलावा कठानी आवक में सोयाबीन, चना देशी, गेंहू, मसूर, राहर, धनिया, सरसो व कुसुमबीज की आवक हो रही है। महामाया धान 21 सौ क्विंटल में बिका इस सीजन में महामाया व आईआर धान अधिकतम 21 सौ रूपए क्विंटल तक बिका है। हालांकि, लगातार बारिश के चलते शेड में जगह नही मिलने के कारण किसानों को नुकसान का भी सामना करना पड रहा है। शेड के बाहर धान रखने होने से उपज भीगने के चलते व्यापारी 12 से 14 सौ रुपए तक बोली लगा रहे है। इससे किसानों को नुकसान भी हो रहा है। मंडी प्रशासन द्वारा बोली के बाद व्यापारियों से तत्काल धान उठाव नही कराया जा रहा है। जिसके कारण उन्हें शेड में जगह नही मिल रही है। उठाव में देरी से बढ़ी परेशानी मंडी के शेड में बोली लगने के कारण व्यापारी धान का उठाव तत्काल नही कर रहे है। जिससे किसान परेशान हो गए है। जबकि नियमतः बोली लगने के बाद धान उठाव करने की जिम्मेदारी व्यपारियों की हैं, ताकि अन्य किसानों की उपज की बोली समय पर लग सके। लेकिन इस पर मंडी प्रशासन की मानिटरिंग नही होने से व्यापारियों ने शेड पर कब्जा जमा लिया है। इस मामले में मंडी सचिव पंचराम वर्मा का कहना है कि व्यापारियों को जल्द से जल्द धान उठाव करने कहा गया है।

छत्तीसगढ़ पुलिस को मिली हाईटेक ताकत, अमित शाह ने अत्याधुनिक डायल-112 और फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ और मोबाइल फॉरेंसिक वैन का किया शुभारंभ 400 अत्याधुनिक आपातकालीन वाहन एवं 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को दिखाई हरी झंडी ‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ के साथ प्रदेश में त्वरित सहायता और वैज्ञानिक जांच व्यवस्था होगी सशक्त ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित सेवा से पुलिस, मेडिकल इमरजेंसी, आगजनी, सड़क दुर्घटना और आपदा जैसी हर स्थिति में मिलेगी त्वरित सहायता रायपुर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज माना पुलिस परेड ग्राउंड, रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस की अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ तथा मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह एवं  की गरिमामयी उपस्थिति में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 400 अत्याधुनिक डायल-112 वाहनों तथा 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित यह आधुनिक सेवा पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा सेवाओं को एकीकृत करते हुए नागरिकों को एक ही नंबर पर त्वरित आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराएगी। इसके तहत शुरू किए गए 400 अत्याधुनिक वाहनों में स्मार्टफोन, जीपीएस, वायरलेस रेडियो, पीटीजेड कैमरा, डैश कैम, मोबाइल एनवीआर और सोलर बैकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन तकनीकों की मदद से घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम ट्रैकिंग और त्वरित संचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।  यह सेवा 24×7 संचालित होगी। इसमें जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग, एडवांस व्हीकल ट्रैकिंग, एसआईपी ट्रंक टेक्नोलॉजी तथा स्वचालित कॉलर लोकेशन पहचान जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। राज्य के सभी 33 जिला समन्वय केंद्रों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा गया है। नागरिक वॉयस कॉल, एसएमएस, ईमेल, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप, चैटबॉट और SOS-112 इंडिया ऐप के माध्यम से भी सहायता प्राप्त कर सकेंगे। मोबाइल फॉरेंसिक वैन से घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच ‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ थीम पर आधारित 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदेश में अपराध अनुसंधान को नई दिशा देंगी। “32 वैन – 32 जिले – एक संकल्प: सटीक जांच, त्वरित न्याय” के उद्देश्य के साथ शुरू की गई यह पहल घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराएगी। लगभग 65 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत वाली इन अत्याधुनिक वैन में घटनास्थल संरक्षण किट, साक्ष्य संग्रहण एवं सीलिंग उपकरण, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम, नार्कोटिक्स परीक्षण किट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, उच्च गुणवत्ता फोटोग्राफी व्यवस्था, बुलेट होल स्क्रीनिंग एवं बैलिस्टिक जांच किट तथा गनशॉट रेजिड्यू (GSR) परीक्षण किट जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब तक अपराध स्थल से साक्ष्य प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में समय लगता था, जिससे साक्ष्यों के दूषित होने की संभावना बनी रहती थी तथा रिपोर्ट आने में भी विलंब होता था। नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच, साक्ष्य संरक्षण, परीक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा। इससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में महत्वपूर्ण सुधार होगा। साक्ष्य आधारित न्याय व्यवस्था को मिलेगा नया बल राज्य सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक जांच को जन-जन तक पहुंचाना, साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूत करना, अपराध नियंत्रण में फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका को बढ़ाना तथा समयबद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच सुनिश्चित करना है।  आधुनिक डायल-112 सेवा और मोबाइल फॉरेंसिक वैन के संचालन से प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा, अपराध अनुसंधान को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों का कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।

अब ट्राइसाइकिल से बढ़ेगी रफ्तार, निगम ने डीजल खर्च घटाने का लिया बड़ा फैसला

दुर्ग. ईंधन की खपत कम करने नगर निगम दुर्ग ने बड़ा कदम उठाया है। आयुक्त सुमित अग्रवाल के निर्देश के तहत वार्डों में कचरा उठाने वाले वाहनों के फेरे में कटौती की गई है। ट्राइसाइकिल का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किए जाने जोर दिया जा रहा है। वहीं, निगम के अफसरों को भी ईंधन कम खपत करने के निर्देश दिए गए हैं। हर माह मिलने वाले ईंधन में 50% की कटौती की गई है। नगर निगम दुर्ग में तरह-तरह की वाहन हैं, सभी वाहनों की अपनी अलग उपयोगिता है। जेसीबी, ट्रक, ट्रैक्टर, डंपर, टाटा एस, पानी टैंकर, मवेशी वाहन, कार, जीप सहित अन्य गाड़ियां निगम के पास है। 60 वार्डों में कचरा उठाने के लिए 60 टाटा एस है, जो रोजाना करीब चार फेरा लगाती है। इसके फेरे में कटौती की जा रही है। इसके अलावा छोटे- छोटे वार्ड में टाटा एस वाहन की जगह ट्राई साइकिल का उपयोग किया जाएगा। ट्राई साइकिल के माध्यम से घरों से डोर टू डोर कचरा कलेक्ट कर एसएलआरएम सेंटर में सेग्रीगेशन के लिए डंप करेगा। वहीं अफसरों के वाहनों को प्रतिमाह 80 लीटर दिया जाता था, इसमें कटौती करते हुए अब उन वाहनों के लिए हर माह 40 लीटर डीजल दिया जाएगा। इसी तरह जोन में प्रयुक्त वाहनों की भी कटौती की गई है।

रोजगार की नई पहल: सेवा डेरा बना स्किल डेवलपमेंट सेंटर, कई हुनरों की मिलेगी ट्रेनिंग

जगदलपुर. नेतानार का सेवा डेरा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का नया मॉडल बन रहा है. वन मंत्री, विधायक और सांसद ने कैंप का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. यहां आधार सेवा केंद्र, बैंक सखी, सिलाई प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं. इमली और राइस प्रोसेसिंग यूनिट से स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने की कोशिश है. महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर खास फोकस किया गया है. जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को व्यवस्थाएं मजबूत रखने के निर्देश दिए. इस पहल से गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. ग्रामीणों को अब छोटे-छोटे काम के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा. सेवा डेरा एक मिनी सुविधा केंद्र की तरह काम करेगा. स्थानीय संसाधनों को स्थानीय स्तर पर ही उपयोग करने की योजना है. इससे पलायन पर भी रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है. बस्तर में विकास अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है. सुविधा, रोजगार और प्रशासन का नया केंद्र बनेगा बस्तर में सुरक्षा कैंप अब केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि विकास के केंद्र बनते दिखेंगे. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के तहत नेतानार में पहला सेवा डेरा शुरू होने जा रहा है. जगदलपुर से करीब 25 किमी दूर सीआरपीएफ कैंप में इसकी शुरुआत होगी. गृहमंत्री के हाथों इसका औपचारिक शुभारंभ तय है. दो दिवसीय बस्तर दौरे के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इस पहल का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास और विकास को साथ लाना है. सेवा डेरा ग्रामीणों के लिए सुविधा, रोजगार और प्रशासन का नया केंद्र बनेगा. इससे सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के बीच दूरी कम करने की कोशिश होगी. बस्तर में नक्सलवाद के बाद अब विकास की नई कहानी लिखने की तैयारी है. कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं. स्थानीय स्तर पर भी इसे लेकर उत्साह का माहौल है. यह पहल बस्तर के सामाजिक-आर्थिक ढांचे में बदलाव का संकेत मानी जा रही है.

संघर्ष से सफलता तक : बीजापुर की महिलाओं को मिले सपनों के नए पंख

नक्सल मुक्त बीजापुर में विकास की नई सुबह, पुनर्वासित महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण से मिल रहा रोजगार का अवसर रायपुर, कभी नक्सल हिंसा की छाया से प्रभावित रहा बीजापुर अब विकास, विश्वास और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहा है। माओवाद के अंत के बाद जिला तेजी से मुख्यधारा की ओर बढ़ रहा है। सुरक्षाबलों के साहस, शासन की प्रभावी पुनर्वास नीति और प्रशासन की सतत पहल ने बीजापुर को शांति एवं विकास के नए दौर में प्रवेश कराया है। राज्य शासन की पुनर्वास नीति केवल आत्मसमर्पण या पुनर्वास तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुनर्वासित परिवारों को आर्थिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बीजापुर जिले की पुनर्वासित महिलाओं को मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत स्थानीय गारमेंट फैक्ट्री में सिलाई प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से बदल रही जिंदगी मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाएं अब आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। उन्हें आधुनिक सिलाई तकनीक, मशीन संचालन और परिधान निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विशेष बात यह है कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को उसी गारमेंट फैक्ट्री में रोजगार भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल से महिलाओं को न केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात उन्हें प्रतिमाह लगभग 5 से 8 हजार रुपये तक का पारिश्रमिक दिया जाएगा।  जिससे वे आर्थिक रूप से निरंतर सशक्त बनी रहें। आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम पुनर्वासित महिलाओं के चेहरे पर अब भविष्य को लेकर नई उम्मीद और आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है। जो महिलाएं कभी हिंसा और असुरक्षा के माहौल में जीवन व्यतीत कर रही थीं, वे आज रोजगार और सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। यह पहल केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए महिलाओं को सम्मानजनक जीवन देने का सशक्त माध्यम बन रही है। बीजापुर बन रहा विकास और विश्वास का प्रतीक बीजापुर में चल रही पुनर्वास एवं कौशल विकास की यह पहल शासन की संवेदनशील सोच और दूरदर्शी नीति का उदाहरण है। जिला प्रशासन द्वारा पुनर्वासित परिवारों को शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नक्सलवाद से मुक्त होकर अब बीजापुर विकास, शांति और आत्मनिर्भरता की नई पहचान बना रहा है। पुनर्वासित महिलाओं की सफलता यह संदेश दे रही है कि अवसर और सहयोग मिलने पर जीवन की दिशा बदली जा सकती है।

​’हर घर सोलर’ के संकल्प को पूरा करने राजमन नाग की अपील

शून्य हुआ बिजली बिल ​रायपुर,      छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की एक नई और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। नारायणपुर जिले के एक जागरूक और प्रगतिशील विद्युत उपभोक्ता श्री राजमन नाग ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट (kW) क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कर "पीएम सूर्य घर योजना" को अपनाते हुए क्षेत्र के लिए एक मिसाल पेश की है। उनकी इस पहल से न केवल उनका बिजली बिल नाममात्र का रह जाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी नारायणपुर ने एक मजबूत कदम आगे बढ़ाया है। ​विभाग और वेंडर के तालमेल से आसान हुई राह      ​श्री राजमन नाग के घर पर इस सोलर सिस्टम की स्थापना नारायणपुर के अधिकृत वेंडर 'अरु सोलर सोलुसशन' द्वारा सफलतापूर्वक की गई। अपनी सफलता का अनुभव साझा करते हुए श्री नाग ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने में सरकारी तंत्र और वेंडर की भूमिका बेहद सराहनीय रही।       ​विद्युत विभाग नारायणपुर के सहायक अभियंता श्री बिरेंद्र कोसले और वेंडर की टीम ने उन्हें योजना के हर पहलू और मिलने वाली सब्सिडी की जानकारी बेहद सरल भाषा में दी। आवेदन करने से लेकर छत पर पैनल स्थापित होने तक, हर चरण में उन्हें पूरा तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग मिला, जिससे यह पूरी प्रक्रिया उनके लिए बेहद आसान और बाधारहित रही। ​       पीएम सूर्य घर योजना आम नागरिकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इससे हर महीने होने वाले भारी-भरकम बिजली बिल के खर्च से मुक्ति मिलती है और हम अपने घर के लिए खुद बिजली बनाकर आत्मनिर्भर बनते हैं। साथ ही, यह देश को स्वच्छ और हरित ऊर्जा की ओर ले जाने का एक बेहतरीन जरिया है।        ​राजमन नाग की इस सफलता को देखते हुए जिला प्रशासन और विद्युत विभाग ने इसे पूरे राज्य के लिए एक रोल मॉडल के रूप में पेश किया है। प्रशासन ने छत्तीसगढ़ के सभी विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे आगे आएं और इस सरकारी योजना का लाभ उठाएं।        ​विभाग का कहना है कि अपनी छतों पर सोलर सिस्टम लगाकर उपभोक्ता न केवल आर्थिक बचत कर सकते हैं, बल्कि देश के "हर घर सोलर" के संकल्प को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी भी निभा सकते हैं। नारायणपुर के राजमन नाग की यह कहानी साबित करती है कि अगर सही जानकारी और दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो बस्तर का हर संभाग ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकता है।