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इंडिगो विमान की दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग, 160 यात्री थे सवार, एक इंजन में आई खराबी

 नई दिल्ली दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विशाखापत्तनम से दिल्ली आ रही इंडिगो की एक फ्लाइट में तकनीकी खराबी की खबर मिली. विमान के इंजन फेल होने की आशंका के चलते रनवे 28 पर 'फुल इमरजेंसी' घोषित कर दी गई थी. हालांकि, पायलट की सूझबूझ और एयरपोर्ट प्रशासन की मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया और विमान की इमरजेंसी लैंडिंग हुई।  आपातकालीन प्रोटोकॉल के बीच, इंडिगो के इस विमान (6E 579) ने सुबह 10 बजकर 54 मिनट पर आईजीआई एयरपोर्ट के रनवे 28 पर सुरक्षित लैंडिंग की. लैंडिंग के वक्त रनवे पर दमकल की गाड़ियां और एम्बुलेंस तैनात थीं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।  प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फ्लाइट में टेक्निकल फाल्ट होने की वजह से कॉल हुई थी. सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया था. इंडिगो की तकनीकी टीम अब विमान की सघन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि खराबी कितनी गंभीर थी।  सभी यात्री सुरक्षित विशाखापत्तनम से उड़ान भरकर फ्लाइट दिल्ली की ओर आ रही थी। इस दौरान फ्लाइट में 160 यात्री सवार थे। जब फ्लाइट आसमान में थी, तभी उसके एक इंजन ने काम करना बंद कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई। लैंडिंग के बाद सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि, यात्री सहमें हुए हैं। इस घटना को लेकर मिली जानकारी के अनुसार, 10 बजकर 39 मिनट पर इंडिगो की फ्लाइट नंबर 6E 579 के लिए इमरजेंसी की घोषणा की गई। इस दौरान बताया गया कि फ्लाइट का एक इंजन फेल हो गया था। फ्लाइट का इंजन फेल होने की जानकारी मिलने के बाद उसे इमरजेंसी हालत में दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करवाया गया है। इस फ्लाइट में सवार सभी यात्रा फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित हैं। सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार, बोइंग 737 विमान में 160 यात्री सवार थे। उड़ान पर नजर रखने वाली वेबसाइट 'फ्लाइटरडार24 डॉट कॉम' के अनुसार, विमान सुबह 10 बजकर 59 मिनट पर उतरा। इस मामले की जानकारी देते हुए इंडिगो के प्रवक्ता ने बताया कि 28 मार्च की सुबह विशाखापत्तनम से दिल्ली जा रहा था। इस फ्लाइट में तकनीकी खारबी की जानकारी मिलने के बाद एहतियात के तौर पर पायलट से लैंडिंग के लिए कहा गया। इसके बाद पायलट ने फ्लाइट को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड करवाया। प्रवक्ता ने बताया कि इस घटना की जानकारी तुरंत अधिकारियों को भी दी गई है। इस मामले की जांच की जा रही है।

Tatkal में बवाल: 3 मिनट में वेटिंग 300 पार, 10 मिनट में नो टिकट—जानें कौन-सी ट्रेनें फुल

 नई दिल्ली एक मिनट के भीतर एसी थर्ड क्लास की 165 सीटें फुल, 3 मिनट में 300 वेटिंग और 10 मिनट में स्लीपर और थर्ड के साथ ही सेकेंड और फर्स्ट क्लास एसी में भी REGRET। बिहार जाने वाली कुछ ट्रेनों में इन दिनों ऐसी ही मारामारी है। वैसे तो आमतौर पर पूर्वी भारत की अधिकतर ट्रेनों में टिकटों की किल्लत सालभर बनी रहती है, लेकिन पर्व-त्योहारों और गर्मी की छुट्टियों में स्थिति विकराल हो जाती है। नई दिल्ली से दरभंगा जाने वाली ट्रेन दो प्रमुख ट्रेनों बिहार संपर्क क्रांति और स्वतंत्रता सेनानी में टिकट बुकिंग यात्रियों के लिए इन दिनों एक बड़ी चुनौती है। यात्रा की तिथि से ठीक 60 दिन पहले जब टिकट की बिक्री शुरू होती है तो टिकट खिड़कियों और लैपटॉप-मोबाइल से टिकट बुकिंग के लिए हजारों लोग इंतजार में होते हैं, लेकिन कंफर्म तो छोड़िए वेटिंग टिकट भी मिल जाए तो लोग खुद को खुशनसीब समझ रहे हैं। ऐसे ही एक यूजर ने बुधवार को जब बिहार संपर्क क्रांति ट्रेन में 24 मई की टिकट बुक करनी चाही तो जिस अनुभव से गुजरे वह हैरान करने वाला है। उन्होंने बताया, ‘मैंने ठीक 8 बजे टिकट आईआरसीटी की वेबसाइट को लॉग इन किया। तीन यात्रियों का ब्योरा भरते हुए 2 मिनट के भीतर यूपीआई से 4584.95 रुपये पेमेंट भी कर दिया। कुछ समय तक प्रोसेस के बाद 8.03 मिनट पर जब टिकट सामने आया तो वेटिंग संख्या देखकर मैं हैरान रह गया। वेटिंग थी- 291, 292 और 293। 10 मिनट बाद जब स्वतंत्रता सेनानी की स्थिति देखने के लिए दोबारा लॉग इन किया तो दोनों ही ट्रेनों में सभी सीटें फुल हो चुकी थीं। सिर्फ स्वतंत्रता सेनानी में एसी फर्स्ट क्लास में वेटिंग टिकट उपलब्ध था।’ ट्रेन में वेटिंग भी नहीं। टिकट का इंतजाम नहीं, कैंसिलेशन चार्ज का झटका यात्री ने कहा कि वह अगले दिन फिर बुकिंग की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा, ‘संभव है कि आप फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट करके केबीसी में हॉट सीट पा जाएं लेकिन इन ट्रेनों में टिकट के लिए सुपरसोनिक स्पीड और किस्मत दोनों का साथ चाहिए। दुखद यह है कि 300 वेटिंग का कंफर्म होना संभव नहीं है और कैंसिल करने चार्ज कटता है। फुल रिफंड के लिए आपको दो महीने का इंतजार करना होगा। हर तरह से यात्री ही परेशान होता है।’ दिल्ली-पटना की ट्रेनों का क्या हाल दिल्ली से पटना जाने वाली अधिकतर ट्रेनों में भी सीटें फुल हो चुकी हैं। गनीमत है कि पटना के लिए ट्रेनों में वेटिंग टिकट उपलब्ध है। लेकिन 60 दिन पहले ही वेटिंग इतनी लंबी हो चुकी है कि कंफर्म होना मुश्किल है। दिल्ली से पटना जाने वाले यात्रियों के लिए डिमांड में रहने वाली ट्रेन संपूर्ण क्रांति में स्लीपर में खबर लिखे जाने तक 123 वेटिंग है। एसी-3 इकॉनमी में REGRET हो चुका है। एसी-3 में 75, एसी-2 में 20 और एसी-1 में एक वेटिंग है। विक्रमशिला में स्लीपर और एसी-3 इकॉनमी में वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं। एसी-3 में 95 और एसी-2 में 33 वेटिंग है। पटना राजधानी में एसी थर्ड में आरएसी की कुछ सीटें हैं तो सेकेंड एसी में कुछ ही सीटें खाली हैं।

वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर अक्षरधाम! 26 मार्च को अनोखी ‘वन-लेग’ प्रतिमा का भव्य उद्घाटन

दिल्ली दिल्ली का स्वामि‍नारायण अक्षरधाम 26 मार्च को एक ऐसे ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है, जो विश्व रिकॉर्ड के साथ-साथ आध्यात्मिक चेतना का नया केंद्र बनेगा। वैश्विक आध्यात्मिक संस्था BAPS के वर्तमान प्रमुख महंतस्वामी महाराज के सान्निध्य में भगवान स्वामिनारायण (तपोमूर्ति श्रीनीलकंठवर्णी) की 108 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। विश्व की पहली 'एक चरण' पर टिकी 108 फीट की प्रतिमा पंचधातु (मुख्य रूप से कांस्य) से निर्मित यह प्रतिमा कला और इंजीनियरिंग का अद्भुत संगम है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी प्रतिमा 'एक पैर' पर खड़ी है, जो भगवान नीलकंठवर्णी की कठिन तपस्या का प्रतीक है।  ऊंचाई: 108 फीट (8 फीट ऊंचे बेस पर स्थापित)। निर्माण: अक्षरधाम के शिल्पी संतों और करीब 50 कुशल कारीगरों ने एक वर्ष के कड़े पुरुषार्थ से इसे तैयार किया है। महत्व: यह प्रतिमा मुक्तिनाथ (नेपाल) में भगवान द्वारा की गई चार महीने की उस कठोर तपस्या को जीवंत करती है, जो उन्होंने लोक-कल्याण के लिए की थी। महंतस्वामी महाराज का दिल्ली आगमन और उत्सव की धूम ब्रह्मस्वरूप महंतस्वामी महाराज 19 मार्च को दिल्ली पधारे, जिसके बाद से ही अक्षरधाम में उत्सव का माहौल है। 21 मार्च: भव्य स्वागत सभा का आयोजन किया गया। 22 मार्च: पंचकुला और कुरुक्षेत्र के नवनिर्मित मंदिरों की मूर्ति प्रतिष्ठा के साथ संतों-भक्तों ने 'फूलों की होली' का आनंद लिया। 23 मार्च: आगामी सितंबर में पेरिस (फ्रांस) में स्थापित होने वाली प्रतिमा का विशेष पूजन किया गया। नीलकंठवर्णी: 11 वर्ष की आयु में 12,000 KM की पदयात्रा भगवान स्वामिनारायण ने मात्र 11 वर्ष की अल्पायु में गृह त्याग कर 'नीलकंठवर्णी' के रूप में संपूर्ण भारत की यात्रा की थी। हिमालय से रामेश्वरम और जगन्नाथ पुरी से द्वारका तक, उन्होंने 7 वर्षों में 12,000 किलोमीटर से अधिक की पैदल यात्रा कर तप, त्याग और करुणा का संदेश फैलाया। यह तपोमूर्ति उन्हीं वैश्विक मूल्यों (मैत्री, सुहृद्भाव और मानव सेवा) को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। विश्व शांति महायज्ञ और लोकार्पण का समय महोत्सव का शुभारंभ 25 मार्च की सुबह ‘श्रीनीलकंठवर्णी विश्व शांति महायज्ञ’ के साथ हुआ। इस वैदिक अनुष्ठान में भाग लेने के लिए अमेरिका, यूके, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया सहित दुनिया भर से 300 से अधिक संत दिल्ली पहुंचे हैं। महंतस्वामी महाराज ने आकाश में श्वेत कबूतर उड़ाकर विश्व शांति और युद्धों की समाप्ति की प्रार्थना की।  

हरीश राणा का निधन: पिता का वो दिल छूने वाला आखिरी मैसेज, जिसने आंखों में आंसू ला दिए

  गाजियाबाद कभी जिंदगी से भरे सपनों के साथ इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने निकले हरीश राणा की सांसें मंगलवार को गहरे सन्नाटे में बदल गई. 13 साल तक कोमा में रहने के बाद हरीश ने आखिरकार दुनिया को अलविदा कह दिया. आज सुबह उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया. उनके जाने की खबर पिता अशोक राणा ने जैसे सोसाइटी के व्हाट्सऐप ग्रुप में जैसे ही दी लोगों की आंखें भर आईं. उन्होंने लिखा- सुबह 9 बजे पार्थिव शरीर (हरीश राणा जी) का अंतिम संस्कार ग्रीन पार्क, साउथ दिल्ली में किया जाएगा… ॐ शांति ॐ…  उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के राजनगर एक्शटेंशन निवासी हरीश राणा का 13 सालों का इंतजार आखिरकार खत्म हुआ। जीवन-मृत्यु के बीच झूल रहे 32 वर्षीय युवक ने मंगलवार शाम दिल्ली एम्स में आखिरी सांस ली। सुप्रीम कोर्ट की ओर से 11 मार्च को इच्छामृत्यु की अनुमति दिए जाने के बाद हरीश को एम्स में भर्ती कराया गया था। वहां पर दर्दरहित मृत्यु की प्रक्रिया को पूरा कराया गया। जीवनरक्षक उपकरणों को हटाए जाने के बाद उन्होंने आखिरी सांस ली। बुधवार सुबह दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित श्मशान घाट में हरीश राणा का पार्थिव शरीर पहुंचा। हिंदू रीति रिवाज और ब्रह्माकुमारी के रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई है। राज एम्पायर सोसायटी में रहते थे हरीश हरीश राणा गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित राज एम्पायर सोसाइटी में रहने थे। हरीश राणा की मंगलवार को एम्स में इच्छामृत्यु के बाद सोसायटी में गमगीन माहौल रहा। सोसायटी में रहने वाले लोगों को जैसे ही हरीश की मृत्यु की सूचना मिली, सभी भावुक हो गए। सोसायटी के लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई। सोसायटी के वॉट्सऐप ग्रुप में सुबह 9 बजे अंतिम संस्कार की सूचना में बाद मंगलवार की शाम ही लोगों ने तैयारियां कीं। हरीश के अंतिम संस्कार में सोसायटी से बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंचीं। हिमाचल के रहने वाले थे हरीश हरीश राणा का परिवार मूल रूप से हिमाचल प्रदेश का रहने वाला है। हरीश राणा के पिता अशोक राणा मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के प्लेटा गांव के रहने वाले हैं। अशोक राणा वर्ष 1989 में दिल्ली आए। वह मुंबई के एक नामी होटल में शेफ का काम किया। 2013 में बेटे हरीश के साथ चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में दुर्घटना के बाद उन्होंने दिल्ली आकर परिवार की जिम्मेदारी संभाली। चंडीगढ़ में हादसे के बाद से हरीश कोमा में चले गए। वेजिटेटिव स्टेट में गए हरीश के इलाज की काफी कोशिश की गई, लेकिन वे ठीक नहीं हुए। हरीश के इलाज में अशोक राणा ने दिल्ली वाला घर बेच दिया। राज एम्पायर सोसायटी में आकर रहने लगे। घर चलाने के लिए अशोक राणा ने आसपास के इलाकों में सैंडविच बनाकर बेचना शुरू किया। 11 को आया फैसला 13 सालों के अथक इंतजार के बाद भी हरीश के ठीक नहीं होने पर अशोक राणा ने सुप्रीम कोर्ट में बेटे के लिए इच्छामृत्यु की मांग वाली याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को हरीश को इच्छा मृत्यु की अनुमति दी। 14 मार्च को एम्स में इच्छा मृत्यु की आगे की प्रक्रिया के लिए भर्ती कराया गया था। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इच्छा मृत्यु की प्रक्रिया हुई। मंगलवार दोपहर को कोमा में चल रहे हरीश राणा ने अंतिम सांस ली।

दिल्ली में बड़ी वारदात: सीलमपुर में व्यापारी से 1.5 करोड़ का सोना लूटा, आरोपी फरार

नई दिल्ली दिल्ली के सीलमपुर इलाके में सोमवार रात को बदमाशों ने चांदनी चौक के एक स्वर्ण व्यवसायी और उनके पिता से करीब डेढ़ करोड़ रुपये का सोना और उनकी स्कूटी लूट ली। यह वारदात पुलिस उपायुक्त कार्यालय के पास हुई जहां पहले से घात लगाए बदमाशों ने उनकी स्कूटी को टक्कर मारकर विवाद शुरू किया और फिर स्कॉर्पियो सवार साथियों के साथ मिलकर लूटपाट की। वारदात के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की तलाश में जुटी है। डेढ़ करोड़ से ज्यादा का सोना और स्कूटी लूटी एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त कार्यालय और सीलमपुर पुलिस बूथ के पास सोमवार देर रात कार सवार बदमाशों ने एक कारोबारी से डेढ़ करोड़ से ज्यादा का सोना व स्कूटी लूट ली। वारदात के बाद आरोपी आराम से मौके से फरार हो गए। भोपुरा बॉर्डर के पास खड़ी मिली स्कॉर्पियो कार वारदात के कुछ ही देर बाद पुलिस को वारदात में शामिल एक स्कॉर्पियो कार भोपुरा बॉर्डर के पास खड़ी मिली, लेकिन कार सवार बदमाश फरार थे। पुलिस ने पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज व स्कॉर्पियो कार की मद्द से आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। पीड़ित का गोल्ड का कारोबार पुलिस उपायुक्त आशीष मिश्रा ने बताया कि पीड़ित कारोबारी 24 वर्षीय प्रथम बंसल अपने परिवार के साथ राम नगर, शाहदरा में रहता है। वह अपने पिता अनेश बंसल के साथ चांदनी चौक के कूचा महाजनी इलाके में सोने का कारोबार करते हैं। स्कूटी को पीछे से मारी टक्कर पुलिस को दिए बयान में प्रथम बंसल ने बताया कि सोमवार रात करीब 8:30 बजे वह अपने पिता अनेश बंसल के साथ स्कूटी से घर लौट रहे थे। जैसे ही वे वेलकम मेट्रो स्टेशन के पास पहुंचे, तभी स्कूटी पर सवार दो युवकों ने उनकी स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी। सोने की चेन, सोने की छड़ और स्कूटी लूटी टक्कर मारने के बाद आरोपी उनसे बहस करने लगे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो कार में सवार दो अन्य व्यक्ति मौके पर पहुंचे और पहले से मौजूद हमलावरों के साथ मिलकर उन्हें घेर लिया। इसके बाद चारों बदमाशों ने मिलकर उनसे सोने की चेन, सोने की छड़ और उनकी स्कूटी छीन ली और मौके से फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज की जांच घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और इलाके में नाकाबंदी कर दी गई। जांच के दौरान संदिग्ध स्कॉर्पियो कार भोपुरा सीमा के पास लावारिस हालत में मिली। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वारदात को सोच समझकर अंजाम दिया गया है। आरोपियों ने पहले से पीड़ित की रेकी की हो सकती है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए गठित की गई हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की छानबीन कर रही है।

Delhi Budget Highlights: फ्री बिजली पर बड़ा ऐलान, जानिए किन योजनाओं की हुई बरसात

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को अपना दूसरा बजट पेश करते हुए कई बड़े ऐलान किए। लगातार दूसरे साल एक लाख करोड़ से अधिक का बजट अनुमान पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने मुफ्त बिजली को लेकर भी दिल्लीवासियों को बड़ी राहत की खबर दी। रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने मुफ्त बिजली योजना को पहले की तरह जारी रखने का फैसला किया है। इसके अलावा दिल्ली में बेटियों को मुफ्त साइकिल तो मेधावी छात्रों को लैपटॉप बांटने का महत्वपूर्ण ऐलान भी किया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि 'ट्रिपल इंजन' सरकार के साथ राष्ट्रीय राजधानी में तेजी से प्रगति हो रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दिल्ली सरकार का 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया।। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बजट में पर्यावरण संरक्षण के लिए 21 प्रतिशत आवंटन होगा और इसलिए बजट को 'ग्रीन बजट' का नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, यमुना सफाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण ऐलान किए। मुफ्त बिजली की स्कीम जारी रहेगी दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए ऐलान किया कि उनकी सरकार आगामी वित्त वर्ष में भी मुफ्त बिजली की स्कीम को जारी रखेगी। दिल्ली को 24 घंटे मुफ्त बिजली सुनिश्चित करने के लिए 3942 करोड़ का बजट रखा गया है। महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा मुख्यमंत्री ने कहा कि 450 करोड़ करोड़ मुफ्त बस यात्रा के लिए रखे हैं। लेकिन भ्रष्टाचार के लिए एक रुपया नहीं रखा है। इसलिए पिंक कार्ड बनवाए हैं। जितनी बहनें यात्रा करेंगी उनके बदले ही पैसा दिया जाएगा। इसलिए पिंक सहेली कार्ड बनवाए हैं। इनमें सिर्फ महिलाएं नहीं बल्कि ट्रांसजेंडर वर्ग को भी मुफ्त यात्रा का सौगात दिया गया है। महिला समृद्धि योजना के लिए कितना पैसा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए भरोसा दिलाया कि दिल्ली में जल्द ही महिला समृद्धि योजना के तहत पैसा मिलने की शुरुआत हो जाएगी। महिला समृद्धि योजना के तहत पात्र महिलाओं को मासिक 2500 रुपये देने के लिए 5100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम ने कहा कि इस योजना में लाभार्थी तय करने के लिए कमेटी बनाई गई है। उस पर काम हो रहा है। जल्द सरकार पोर्टल खोलेगी जिसमे बहनें आवेदन कर सकेंगी। मुफ्त खाना और सिलेंडर दिल्ली की सीएम ने कहा कि झुग्गी बस्तियों के लिए और अटल कैंटीन के लिए 634 करोड़ का फंड रखा गया है। मुफ्त सिलेंडर के लिए 260 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है। सीएम ने कहा कि होली में मुफ्त सिलेंडर का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजा गया है और दिवाली में भी ऐसा किया जाएगा। शिक्षा के लिए बड़ा बजट, साइकिल से लैपटॉप तक दिल्ली सरकार ने शिक्षा के लिए 19 हजार करोड़ का बजट रखा है। स्कूलों के विस्तार और निर्माण के लिए 470 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 9वीं क्लास में पढ़ने वाली एक लाख से ज्यादा बेटियों को मुफ्त साइकिल तो 10वीं क्लास के मेधावी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने का ऐलान भी किया गया है। ड्रेनेज के लिए बड़ी रकम मुख्यमंत्री ने कहा कि नया ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया। कई ड्रेनेज को मंजूरी दी गई ताकि जलभराव को खत्म किया जा सके। इसके लिए 610 करोड़ का फंड बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई विभाग को दिया गया है। बस और मेट्रो के लिए क्या सीएम ने कहा कि परिवहन के लिए 8374 करोड़ का बजट रखा गया है। हर महीने बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। दिल्ली में अगले वर्ष मार्च तक 5800 इलेक्टिक बेस होंगी और कुल बसों की संख्या 7500 हो जाएंगी। मेट्रो के लिए 2885 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया है। नमो ट्रेन के लिए 568 करोड़ का बजट रखा है। स्वास्थ्य के लिए बजट में कितना पैसा, आरोग्य मंदिर पर बड़ा ऐलान रेखा गुप्ता ने कहा कि उपचार अधिकार है, उपकार नहीं। इसलिए उनकी सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को 12,645 करोड़ का बजट आवंटित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले एक साल में दिल्ली में 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले हैं। इस साल 750 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जाएंगे। ग्रीन बजट दिया गया नाम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के इस बजट को ग्रीन बजट के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा, 'हर योजना को हमने ग्रीन लेंस से देखा है। इस बजट की हर नीति में पर्यावरण और हर योजना में प्रकृति और हर निर्णय में भविष्य की पीढ़ियों की चिंता समाहित है। इसलिए हमने पूरे बजट का 21 फीसदी हिस्सा ग्रीन बजट के लिए आवंटित किया है।'

बजट से पहले दिल्ली विधानसभा, मेट्रो और स्पीकर को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा अलर्ट

नई दिल्ली  दिल्ली का बजट आज यानी मंगलवार को पेश होना है. ऐसे में विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी ने खलबली मचा दी है. जी हां, दिल्ली विधानसभा, दिल्ली विधानसभा मेट्रो और स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. एक अनोन ईमेल के जरिए दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. इस धमकी के बाद हलचल बढ़ गई है. पूरे विधानसभा की सिक्योरिटी चेक कराई जा रही है. अभी तक कोई बम नहीं मिला है।  दरअसल, आज यानी मंगलवार की सुबह 7:49 AM पर स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की ईमेल पर एक ईमेल आया. इससे पहले 7:28 AM पर विधानसभा की ईमेल पर धमकी भरा मेल आया. ईमेल में LG तरनजीत संधू, प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, फॉरेन मिनिस्टर जयशंकर, और साथ में दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का भी नाम है. इस धमकी के बाद बजट का समय आधा घंटे बढ़ा दिया गया है।  बम की धमकी मिलने के तुरंत बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू कर दी. एक पुलिस सूत्र ने बताया कि हमने परिसर के अंदर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. सूत्र ने आगे बताया कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है, जबकि तोड़फोड़-रोधी गहन जांच भी जारी है।  बजट सत्र के माहौल में यह धमकी और गंभीर हो गई. सदन में बजट पेश करने की तैयारी चल रही थी, लेकिन धमकी के कारण कार्यवाही में देरी हुई. स्पीकर कार्यालय ने सत्र का समय आधे घंटे बढ़ा दिया ताकि सुरक्षा जांच पूरी हो सके और सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. विधानसभा परिसर में हलचल मची रही. कई विधायकों ने सदन में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।  बजट सत्र से ठीक पहले आई धमकी ने पूरे प्रशासन को चौकस कर दिया है. दिल्ली विधानसभा के इतिहास में ऐसी धमकियां पहले भी आई हैं, लेकिन इस बार बजट सत्र के संवेदनशील समय पर आने से माहौल और तनावपूर्ण हो गया है. आम जनता और मेट्रो यात्री भी सतर्क हैं. प्रशासन का दावा है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी है। 

दिल्ली में बिजली के दामों में होगी वृद्धि, अप्रैल से लागू होगा नया प्लान

नई दिल्ली दिल्लीवासियों के लिए बड़ी खबर है. अप्रैल से बिजली की दरों में बढ़ोतरी की जा सकती है. दावा किया जा रहा है कि ऐसा इसलिए होगा, क्योंकि दिल्ली सरकार तीन बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को 38000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के बकाया का भुगतान करने की तैयारी कर रही है।  एक एजेंसी के मुताबिक सरकार बिजली की दरों में बढ़ोतरी पर सब्सिडी देने की भी योजना बना रही है, ताकि उपभोक्ताओं पर इसका असर कम हो सके. पिछले साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को एक निर्देश दिया था. जिसमें कहा गया था कि सरकार तीन निजी डिस्कॉम BRPL, BYPL और TPDDL – को 27200 करोड़ रुपये की कैरिंग कॉस्ट (ब्याज) सहित रेगुलेटरी एसेट्स का भुगतान 7 साल के अंदर करे।  रेगुलेटरी एसेट्स वे लागतें हैं जिनकी वसूली भविष्य में होने की उम्मीद होती है. आम आदमी पार्टी के शासन के पिछले एक दशक में बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी न होने के कारण तेज़ी से बढ़ी हैं. दिल्ली बिजली नियामक आयोग (DERC) ने जनवरी में केंद्रीय एजेंसी, अपीलीय बिजली न्यायाधिकरण (APTEL) को सूचित किया कि दिल्ली में कुल रेगुलेटरी एसेट्स 38,552 करोड़ रुपये हैं।  जानें किस डिस्कॉम की है कितनी राशि डीईआरसी की फाइलिंग के अनुसार बकाया राशि में BRPL के लिए 19,174 करोड़ रुपये, BYPL के लिए 12,333 करोड़ रुपये और TPDDL के लिए 7,046 करोड़ रुपये शामिल हैं. ये राशि डिस्कॉम द्वारा बिजली की आपूर्ति के लिए किए गए अनुमोदित खर्च है. वसूली में देरी के कारण ब्याज जमा होने से मूल रेगुलेटरी एसेट्स की राशि बढ़ गई है।  अदालत ने DERC को एक वसूली योजना तैयार करने, कैरिंग कॉस्ट (ब्याज) का हिसाब रखने और लागत वसूली में हुई लंबी देरी की व्याख्या करते हुए एक विस्तृत ऑडिट करने का भी निर्देश दिया था. यह वसूली 7 साल की अवधि में बिजली के बिलों में रेगुलेटरी एसेट सरचार्ज बढ़ाकर किए जाने की संभावना है।  दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने पिछले साल मार्च में कहा था कि डिस्कॉम को रेगुलेटरी एसेट्स के रूप में जमा हुए 27,000 करोड़ रुपये वसूलने का अधिकार दिया गया है. जिससे यह संकेत मिला था कि शहर में बिजली की दरें बढ़ सकती हैं। 

यूज न किया गया डेटा रात 12 बजे ही क्यों खत्म होता है? राघव चड्ढा ने उठाई आवाज

नई दिल्ली राज्यसभा सांसद और आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने टेलीकॉम कंपनियों की विवादास्पद नीति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि मोबाइल रिचार्ज प्लान में डेली डेटा लिमिट जैसे 1.5 जीबी, 2 जीबी या 3 जीबी प्रतिदिन दिए जाते हैं, जो हर 24 घंटे में रीसेट हो जाते हैं। उपयोग न होने वाला डेटा आधी रात को समाप्त हो जाता है, भले ही उपभोक्ता ने उसके लिए पूरा पेमेंट कर दिया हो। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति 2 जीबी का प्लान लेता है और सिर्फ 1.5 जीबी इस्तेमाल करता है, तो बाकी 0.5 जीबी बिना किसी रिफंड या रोलओवर के खत्म हो जाता है। राघव चड्ढा ने इसे संयोग नहीं, बल्कि सोची-समझी नीति करार दिया, जिसमें उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से डेटा इस्तेमाल करने के लिए मजबूर किया जाता है, नहीं तो वह बर्बाद हो जाता है। यह मुद्दा करोड़ों भारतीय उपभोक्ताओं से जुड़ा है, क्योंकि ज्यादातर लोग प्रीपेड प्लान पर निर्भर हैं। टेलीकॉम कंपनियां जैसे जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया दैनिक डेटा कोटा लागू करती हैं, जो मध्यरात्रि पर रीसेट होता है। इससे कई बार छात्र, कामकाजी लोग और ग्रामीण क्षेत्रों के उपयोगकर्ता प्रभावित होते हैं, जो कम डेटा इस्तेमाल करते हैं लेकिन पूरा भुगतान करते हैं। राघव चड्ढा ने संसद में इस मुद्दे को उठाया और सवाल किया कि भुगतान किया हुआ डेटा क्यों जब्त किया जाता है? उन्होंने मांग की कि बचे डेटा को अगले चक्र में ट्रांसफर किया जाना चाहिए, ताकि उपभोक्ता अपनी मेहनत की कमाई से की गई खरीद का पूरा लाभ उठा सकें। चड्ढा का यह बयान उपभोक्ता अधिकारों की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। उन्होंने इसे डिजिटल लूट जैसा बताया, जहां कंपनियां जानबूझकर ऐसे नियम बनाती हैं जो उनके मुनाफे को बढ़ाते हैं लेकिन आम आदमी को नुकसान पहुंचाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा रोलओवर की सुविधा लागू करने से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और कंपनियों पर भी ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा, क्योंकि औसत उपयोग से कम डेटा ही बचेगा। यह नीति विदेशों में कई देशों में पहले से लागू है, जहां अप्रयुक्त डेटा अगले महीने या साल में कैरी फॉरवर्ड होता है। इस मुद्दे पर अब बहस तेज हो गई है। राघव चड्ढा की मांग है कि सरकार और ट्राई इस पर विचार करें और उपभोक्ता हित में नियमों में बदलाव लाएं। अगर डेली डेटा रोलओवर लागू होता है, तो लाखों-करोड़ों रुपये उपभोक्ताओं की जेब में बच सकते हैं।  

Economic Survey में खुलासा: दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय 5.31 लाख से ज्यादा रहने का अनुमान

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने सोमवार को आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 जारी किया है, जो इस शृंखला का 17वां संस्करण है। यह सर्वेक्षण दिल्ली को विश्व स्तरीय, समावेशी, न्यायपूर्ण और रहने योग्य शहर बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को रेखांकित करता है, जहां नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने पर जोर दिया गया है। अग्रिम अनुमानों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) मौजूदा कीमतों पर करीब 13 लाख 27 हजार करोड़ रुपए पहुंचने की उम्मीद है। यह 2024-25 की तुलना में 9.42 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्शाता है।  इसी तरह प्रति व्यक्ति आय मौजूदा कीमतों पर लगभग 5 लाख 31 हजार 610 रुपए अनुमानित है, जो पिछले साल से 7.92 प्रतिशत अधिक है। दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से करीब 2.5 गुना ज्यादा रहने का अनुमान है, जो शहर की मजबूत आर्थिक स्थिति को दिखाता है। दिल्ली की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का दबदबा बना हुआ है। सकल राज्य मूल्य वर्धन (जीएसवीए) में इसका योगदान 86.32 प्रतिशत है। इसके बाद द्वितीयक क्षेत्र (उद्योग आदि) का 12.88 प्रतिशत और प्राथमिक क्षेत्र (कृषि आदि) का महज 0.80 प्रतिशत योगदान है। सेवा क्षेत्र की वजह से दिल्ली की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। सरकार ने राजस्व अधिशेष की परंपरा बरकरार रखी है। 2025-26 के बजट अनुमान (बीई) में राजस्व अधिशेष 9,661.31 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो जीएसडीपी का 0.73 प्रतिशत है। कर संग्रह में पिछले साल की तुलना में 15.54 प्रतिशत की बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है। 2025-26 का कुल बजट 1 लाख करोड़ रुपए का था, जिसमें से 59,300 करोड़ रुपए सरकार की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और परियोजनाओं के लिए आवंटित किए गए। यह 2024-25 के बजट अनुमान (39,000 करोड़) से 20,300 करोड़ रुपए अधिक है। बजट आवंटन में परिवहन क्षेत्र को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है, जिसे कुल आवंटन का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा मिला। इसके बाद सामाजिक सुरक्षा और कल्याण (17 प्रतिशत), जल आपूर्ति एवं स्वच्छता (15 प्रतिशत), शिक्षा (13 प्रतिशत) और स्वास्थ्य (12 प्रतिशत) क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। महंगाई के मोर्चे पर भी दिल्ली में दबाव दिखा है। औद्योगिक श्रमिकों के लिए वार्षिक औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2024 में 132.5 से बढ़कर 2025 में 139.4 हो गया, जो 4.9 प्रतिशत की वृद्धि है। कुल मिलाकर दिल्ली की अर्थव्यवस्था मजबूत गति से आगे बढ़ रही है। सेवा क्षेत्र की अगुवाई, राजस्व अधिशेष और विकास परियोजनाओं पर फोकस से शहर की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है। सरकार का लक्ष्य दिल्ली को और अधिक समृद्ध, समावेशी और वैश्विक स्तर का शहर बनाना है।