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प्रदूषण को लेकर दिल्ली विधानसभा में हंगामा, ‘आप’ विधायकों ने किया विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में सोमवार को शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले आम आदमी पार्टी ने वायु प्रदूषण और खराब हवा को लेकर परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राजधानी के लोग पिछले कई महीनों से जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार समस्या को हल करने के बजाय आंकड़ों से छेड़छाड़ कर रही है। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि पिछले चार महीनों से दिल्ली के लोग ठीक से सांस तक नहीं ले पा रहे हैं। दिल्ली के बच्चे घुटन महसूस कर रहे हैं और बुजुर्गों की जान खतरे में है। एम्स जैसे बड़े अस्पताल भी कह रहे हैं कि दिल्ली में रहना मुश्किल होता जा रहा है, लेकिन दिल्ली सरकार क्या कर रही है? सरकार एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई मापने वाले मॉनिटरों में हेरफेर कर रही है।" आतिशी ने आरोप लगाया कि सरकार वास्तविक स्थिति छिपाकर लोगों को गुमराह कर रही है। इस बीच, दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने विधानसभा सत्र को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सत्र दिल्ली विधानसभा का एक महत्वपूर्ण सत्र है। मंत्री आशीष सूद ने आईएएनएस से बताया, "सरकार इस सत्र में अपनी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को सदन के सामने रखेगी। सरकार के कामकाज और योजनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी।" वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने पलटवार कर पूर्व सरकार पर निशाना साधा। भाजपा विधायक सूर्य प्रकाश खत्री ने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट को दिल्ली की जनता के सामने लाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, "सीएजी रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि पिछली सरकार की गलतियों और गड़बड़ियों का सच सामने आ सके। यह हमारी जिम्मेदारी है, नहीं तो दिल्ली की जनता कैसे जानेगी कि पिछले 11 वर्षों में उन्हें किस तरह की परेशानियों और धोखे का सामना करना पड़ा?" भाजपा विधायक चंदन कुमार चौधरी ने भी पूर्व सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार दिल्ली को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए दिन-रात काम कर रही है, लेकिन पूर्व सरकार घोटालों में उलझी रही। आज पेश की जाने वाली सीएजी रिपोर्ट में उन घोटालों का पूरा ब्योरा सामने आएगा। दिल्ली विधानसभा के इस शीतकालीन सत्र में एक तरफ जहां 'आप' प्रदूषण को लेकर सरकार को घेर रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा सीएजी रिपोर्ट के जरिए पूर्व सरकार की जवाबदेही तय करने की बात कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत नहीं, बाकी 5 आरोपियों को मिली राहत

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों के आरोपियों शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज कर दी है. हालांकि शीर्ष अदालत ने इस मामले में पांच अन्य आरोपियों को जमानत दे दी. शीर्ष अदालत ने स्पष्ट तौर पर कहा कि दिल्ली दंगों में इन दोनों आरोपियों की भूमिका अन्य से अलग थी. इस दोनों की भूमिका इस पूरे मामले के षड्यंत्र के केंद्र में दिखती है. ऐसे में इनको जमानत नहीं दी जा सकती है. सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि आदेश काफी विस्तृत है, इसलिए केवल कुछ महत्वपूर्ण अंश ही पढ़े जाएंगे. कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि मामले में त्वरित सुनवाई बेहद आवश्यक है. बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि जांच और ट्रायल में हुई देरी के लिए अभियोजन यानी दिल्ली पुलिस जिम्मेदार है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट की इसी टिप्पणी में शरजील और उमर के लिए उम्मीद दिख रही है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हो सकता है कि मामले की त्वरित सुनवाई हो और सुनवाई के दौरान ये दोनों निर्देश पाए जाते हैं तो उनको राहत मिल सकती है. 5 आरोपियों को दर्जनभर शर्तों पर जमानत सर्वोच्च अदालत ने गुलफिशा फातिमा, मेरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दी है। अदालत ने कहा कि इन अभियुक्तों को जमानत दिए जाने से उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों में किसी प्रकार की ढील या कमजोरी नहीं मानी जाएगी। इन्हें कुछ शर्तों (लगभग 12 शर्तें) के अधीन जमानत पर रिहा किया जाएगा। यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन किया जाता है, तो ट्रायल कोर्ट अभियुक्तों को सुनवाई का अवसर देने के बाद जमानत रद्द करने के लिए स्वतंत्र होगा। हाई कोर्ट ने भी जमानत से किया था इनकार आरोपियों ने फरवरी 2020 के दंगों की 'बड़ी साजिश' रचने से जुड़े मामले में जमानत से इनकार के दिल्ली हाई कोर्ट के 2 सितंबर के आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष न्यायालय का रुख किया था। 10 दिसंबर को सुनवाई पूरी होने के बाद जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता, अतिरिक्त सॉलीसिटर जनरल एसवी राजू और वरिष्ठ अधिवक्ताओं कपिल सिब्बल, अभिषेक सिंघवी, सिद्धार्थ दवे, सलमान खुर्शीद और सिद्धार्थ लूथरा के बीच लंबी दलीलें चली थीं। दिल्ली पुलिस ने इन दलीलों के साथ किया था जमानत याचिका का विरोध दिल्ली पुलिस ने उमर, शरजील और अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं का कड़ा विरोध करते हुए कहा था कि फरवरी 2020 में दंगे अचानक नहीं हुए थे बल्कि भारत की संप्रभुता पर हमला करने के लिए पूर्व नियोजित तरीके से इन्हें अंजाम दिया गया था। उमर, शरजील और अन्य आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम, 1967 और तत्कालीन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन पर आरोप है कि वे 2020 के दंगों के 'सरगना' हैं, जिनमें 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। शरजील इमाम और उमर खालिद की तरफ से क्या दलीलें शरजील इमाम की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने अदालत में कहा था, 'वह आतंकवादी नहीं हैं, जैसा कि प्रतिवादी (पुलिस) ने उन्हें कहा है। वह राष्ट्र-विरोधी नहीं हैं, जैसा कि सरकार ने कहा है। वह इस देश के नागरिक हैं, जन्म से नागरिक हैं और उन्हें अब तक किसी भी अपराध के लिए दोषी नहीं ठहराया गया है।' उन्होंने दलील दी कि इमाम को 28 जनवरी, 2020 को गिरफ्तार किया गया था, जो कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा से पहले की बात है। उमर खालिद की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि फरवरी 2020 में जब दंगे भड़के थे तब उनका मुवक्किल दिल्ली में नहीं था और उसे इस तरह कैद में नहीं रखा जा सकता। गुलफिशा फातिमा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने अदालत को बताया कि कार्यकर्ता ने छह साल जेल में बिताए हैं और उन्होंने मुकदमे में देरी को 'आश्चर्यजनक और अभूतपूर्व' बताया। खालिद, इमाम और अन्य की जमानत याचिकाओं का कड़ा विरोध करते हुए, दिल्ली पुलिस ने कहा कि फरवरी 2020 के दंगे कोई स्वतःस्फूर्त घटना नहीं थे, बल्कि भारत की संप्रभुता पर एक 'सुनियोजित, पूर्व नियोजित और सुनियोजित' हमला थे। फैसले में कहा गया कि देरी न्यायिक जांच को और अधिक सख्त बनाने का एक कारण बनती है. आदेश में कहा गया, “अनुच्छेद 21 संवैधानिक व्यवस्था में केंद्रीय स्थान रखता है. विचाराधीन कैद को सजा के रूप में नहीं माना जा सकता. स्वतंत्रता से वंचित करना मनमाना नहीं होना चाहिए. यूएपीए एक विशेष कानून है, जो यह तय करता है कि ट्रायल से पहले जमानत किन परिस्थितियों में दी जा सकती है.” सुप्रीम कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि उमर खालिद और शरजील इमाम की स्थिति अन्य आरोपियों से गुणात्मक रूप से अलग है. यह अदालत की प्रमुख टिप्पणियों में से एक है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम यूएपीए की धारा 43(डी)(5) के तहत निर्धारित कसौटी पर खरे नहीं उतरते. ऐसे में इन दोनों की याचिकाएं खारिज की जाती है. पांच अन्य आरोपियों को राहत सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए सोमवार को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश से जुड़े यूएपीए मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं. लेकिन दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा जमानत से इनकार किए जाने के आदेश को चुनौती दी थी. हालांकि, शीर्ष अदालत ने इसी मामले में गल्फिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी.

भारी बारिश की चेतावनी: कल बिगड़ेंगे मौसम के हालात, इन राज्यों में IMD का रेड/ऑरेंज अलर्ट

नई दिल्ली इस साल मानसून ने देशभर में जोरदार दस्तक दी और कई राज्यों में अच्छी से लेकर भारी बारिश देखने को मिली। लगातार हुई बारिश के कारण कई जगह पुराने रिकॉर्ड भी टूट गए। मानसून का औपचारिक सीजन खत्म होने के बाद भी कुछ राज्यों में बारिश का सिलसिला अभी जारी है, जबकि कई इलाकों में ठंड बढ़ने लगी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 2025 की तरह 2026 में भी बारिश सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। इसी बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कल यानी 5 तारीख को कई राज्यों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। केरल में मौसम का हाल केरल में हर साल की तरह इस बार भी मानसून सबसे पहले पहुंचा था और राज्य में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हालांकि मानसून के बाद भी यहां बारिश पूरी तरह नहीं थमी है। मौसम विभाग के मुताबिक, कल केरल के कई इलाकों में रुक-रुककर तेज बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।   कर्नाटक में बारिश का दौर जारी कर्नाटक में भी मानसून के दौरान अच्छी बारिश हुई थी और अब भी कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी है। मौसम विभाग का कहना है कि कल राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है और बादल जमकर बरस सकते हैं। इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार, केरल के अलावा पुडुचेरी, कराईकल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी कल भारी बारिश होने की संभावना है। मेघालय में सुबह के समय बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। वहीं हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ इलाकों में भी तेज बारिश के आसार हैं।

नई दिल्ली में दर्दनाक घटना: होटल बिल्डिंग से कूदने पर शख्स की मौत, मचा हड़कंप

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके में स्थित मशहूर ली मेरिडियन होटल में सोमवार को एक दुखद घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार, होटल की ऊंची बिल्डिंग से एक व्यक्ति ने कूदकर अपनी जान दे दी। घटना की खबर मिलते ही होटल में और आसपास के इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने शुरू की जांच सूचना मिलने पर दिल्ली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मृतक के शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस मृतक की पहचान नहीं कर पाई है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि व्यक्ति होटल का मेहमान था या किसी अन्य कारण से वहां मौजूद था। होटल में अफरातफरी होटल स्टाफ और वहां मौजूद अन्य लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। घटना के समय होटल परिसर में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं, लेकिन शख्स के कूदने से कर्मचारियों और मेहमानों में दहशत फैल गई। पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लिया है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में किसी तरह की आपराधिक गतिविधि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन पूरे मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है। इस घटना ने राजधानी के पॉश इलाके में सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

बालकनी में मोबाइल सिग्नल तलाशते वक्त हुआ हादसा, नोएडा में IOC के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर की जान गई

नोएडा नोएडा के सेक्टर 104 में 55 साल के शख्स की 17वें फ्लोर गिरकर मौत हो गई। शख्स की पहचान अजय गर्ग के तौर पर हुई जो इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) में कार्यकारी निदेशक (Executive Director) थे। वह एटीएस वन हेलमेट सोसायटी में अपनी पत्नी के साथ रहते थे। घटना शनिवार सुबह 10.20 मिनट की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक वह फोन का नेटवर्क ढूंढते हुए बालकनी में गए थे और इसी दौरान वह बालकनी से गिर गए।   मीडया रिपोर्ट के मुताबिक अजय गर्ग के फोन में फ्लैट के अंदर अछानक नेटवर्क नहीं आ रहे थे। इसलिए वह बालकनी में चले गए। सिग्नल ढूंढते ढूंढते अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गए। सोसाइटी के लोगों ने उन्हें जमीन पर पड़ा देखा और तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस सोसाइटी के CCTV फुटेज खंगाल रही है और परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह पूरी तरह साफ हो पाएगी। अजय गर्ग और उनकी पत्नी मूल रूप से कानपुर के रहने वाले थे। उनका बेटा मुंबई में रहता है। इस दर्दनाक हादसे के बाद अजय गर्ग की पत्नी बदहवास हो गईं। लोग अजय गर्ग को आनन फानन में अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उनके बेटे देवांग को भी मामले की जानकारी दी गई।  

गिग वर्कर्स के लिए खुशखबरी! राघव चड्ढा ने कहा– सही दिशा में कदम, मोदी सरकार की तारीफ

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने नए लेबर कोड के तहत गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी नियमों का ड्राफ्ट जारी करने के लिए केंद्र सरकार की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि यह गिग वर्कर्स की कड़ी मेहनत को "मान्यता, सुरक्षा और सम्मान" देने की दिशा में पहला कदम है।   रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रम और रोजगार मंत्रालय ने इस हफ्ते की शुरुआत में 'कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी (सेंट्रल) रूल्स, 2025' नाम से ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं। इनमें गिग वर्कर्स को अलग-अलग सोशल सिक्योरिटी बेनेफिट्स और सुरक्षा पाने के लिए योग्य होने के नियम गए हैं। राघव चड्ढा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दी बधाई राघव चड्ढा ने आज अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर लिखा, “सभी गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स को बधाई। आपके लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार के सोशल सिक्योरिटी नियमों का ड्राफ्ट आपके काम को मान्यता, सुरक्षा और सम्मान देने की दिशा में पहला कदम है। भले ही Zomato, Swiggy, Blinkit, आदि प्लैटफॉर्म्स ने आपकी बात नहीं सुनी, लेकिन इस देश के लोगों और सरकार ने सुनी। यह एक छोटी जीत है, लेकिन एक महत्वपूर्ण जीत है।” राघव चड्ढा लंबे समय से गिग वर्कर्स के अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं, यहां तक ​​कि कई बार संसद में भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाया है। केंद्र सरकार के कदम का भी किया स्वागत 'आप' सांसद ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा, “ये ड्राफ्ट नियम सिर्फ इसलिए नहीं बनाए गए कि मैंने संसद में यह मुद्दा उठाया, बल्कि यह इसलिए हुआ क्योंकि आप सभी ने भी अपनी आवाज उठाई। कंपनियों और प्लैटफॉर्म्स ने आपकी बात नहीं सुनी, लेकिन सरकार ने सुनी, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए।” नए नियमों से गिग वर्कर्स को कानूनी मान्यता और यूनिक पहचान मिलेगी राघव चड्ढा ने कहा कि नए नियमों के तहत, गिग वर्कर्स को कानूनी मान्यता मिलेगी और उन्हें एक यूनिक पहचान दी जाएगी। हाल ही में संसद सत्र में ‘आप’ के राज्यसभा सांसद ने भारत के गिग वर्कर्स के 'दुख-दर्द" के बारे में बात की थी, जो बहुत ज्यादा दबाव में और कभी-कभी खराब मौसम की स्थिति में काम करते हैं। राघव चड्ढा ने क्विक कॉमर्स और दूसरे ऐप-बेस्ड डिलीवरी और सर्विस बिजनेस पर रेगुलेशन की मांग की थी, खासकर गिग वर्कर्स के फायदों की जरूरत पर जोर दिया था। उन्होंने संसद में अपने भाषण में गिग वर्कर्स के लिए सम्मान, सुरक्षा और सही वेतन की मांग की थी। पहली बार, 'गिग वर्कर्स' और 'प्लैटफॉर्म वर्कर्स' की परिभाषा और उनसे जुड़े प्रावधान सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 में दिए गए हैं, जो 21 नवंबर, 2025 को लागू हुआ है। क्या होंगे फायदे यह कोड गिग वर्कर्स और प्लैटफॉर्म वर्कर्स के लिए जीवन बीमा और विकलांगता कवर, दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य और मैटरनिटी बेनिफिट्स, बुढ़ापा सुरक्षा वगैरह से जुड़े मामलों पर सही सोशल सिक्योरिटी उपायों को बनाने का प्रावधान करता है। यह कोड कल्याणकारी योजनाओं को फाइनेंस करने के लिए एक सोशल सिक्योरिटी फंड बनाने का भी प्रावधान करता है। यह कोड गिग वर्कर्स और प्लैटफॉर्म वर्कर्स के कल्याण के लिए एक नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड बनाने का भी प्रावधान करता है। इसके अलावा, श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 26.08.2021 को असंगठित श्रमिकों, जिसमें प्लैटफॉर्म वर्कर्स, प्रवासी श्रमिक आदि शामिल हैं, का एक व्यापक नेशल डेटाबेस बनाने के लिए ई-श्रम पोर्टल लॉन्च किया था। ई-श्रम पोर्टल का मकसद असंगठित श्रमिकों को सेल्फ-डिक्लेरेशन के आधार पर यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) देकर उन्हें रजिस्टर करना और सपोर्ट करना है। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 21.10.2024 को ई-श्रम- 'वन-स्टॉप-सॉल्यूशन' भी लॉन्च किया है, जिसमें अलग-अलग सामाजिक सुरक्षा/कल्याण योजनाओं को एक ही पोर्टल यानी ई-श्रम पर इंटीग्रेट किया गया है।  

हवा हुई साफ तो GRAP-3 से मिली राहत, लेकिन दिल्ली-NCR में नियम अब भी बरकरार

नई दिल्ली दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया है। मंगलवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 380 से घटकर 236 रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदूषण स्तर में गिरावट को बताता है। वायु गुणवत्ता में इस सुधार को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की GRAP उप-समिति ने बड़ा फैसला लिया है। CAQM की उप-समिति ने पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में GRAP के स्टेज-3 के तहत लगाए गए सभी प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से हटा लिया है। हालांकि, प्रदूषण पर नजर बनाए रखने के लिए GRAP के स्टेज-1 और स्टेज-2 के तहत लागू सभी पाबंदियां NCR में जारी रहेंगी। अधिकारियों के अनुसार, मौसम की अनुकूल परिस्थितियों और प्रदूषण के स्तर में आई गिरावट के चलते यह निर्णय लिया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर वायु गुणवत्ता दोबारा खराब होती है, तो आवश्यकतानुसार सख्त कदम फिर से लागू किए जा सकते हैं। GRAP-3 के तहत लगे ये प्रतिबंध हटाए     गैर-जरूरी निर्माण व तोड़फोड़ गतिविधियों पर रोक।     खनन, पत्थर तोड़ने और क्रशर यूनिट्स पर प्रतिबंध।     NCR में डीज़ल जनरेटर सेट के उपयोग पर रोक (सिर्फ आपात सेवाओं को छोड़कर)     बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-IV डीजल चारपहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक।     सड़कों पर अतिरिक्त मशीन स्वीपिंग और पानी का छिड़काव की अनिवार्यता।   GRAP-I और GRAP-2 के ये प्रतिबंध अभी लागू रहेंगे GRAP-I के प्रतिबंध:     सड़कों पर नियमित मैकेनिकल स्वीपिंग और पानी का छिड़काव।     कचरा जलाने पर पूरी तरह रोक।     खुले में निर्माण सामग्री रखने पर सख्ती।     होटल-रेस्तरां में कोयला और लकड़ी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध।     ट्रैफिक जाम कम करने के लिए ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाना। GRAP-2 के प्रतिबंध:     NCR के अंदर बाहरी राज्यों से आने वाले ट्रकों पर रोक (सिर्फ आवश्यक वस्तुएं लाने वाले ट्रक को छूट)     डीजल जेनरेटर के उपयोग पर सख्ती।     पार्किंग फीस बढ़ाकर निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करना।     सड़कों पर धूल नियंत्रण के लिए अतिरिक्त निगरानी।     प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर कड़ी कार्रवाई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन करें और अनावश्यक रूप से प्रदूषण फैलाने से बचें, ताकि वायु गुणवत्ता में सुधार का यह सिलसिला बना रहे।  

गुप्ता सरकार की बड़ी सौगात: दिल्ली में EWS वर्ग के लिए इलाज की आय सीमा बढ़ी

नई दिल्ली दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्लीवालों को एक बड़ी राहत दी है। सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की आमदनी सीमा को दोगुने से अधिक कर दिया है। अब 5 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी वालों को इस कैटिगरी में रखा जाएगा। दिल्ली सरकार की ओर से इस आदेश का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। अभी तक यह सीमा 2.20 लाख रुपये थी। स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से 2 जनवरी को जारी किए गए आदेश में 2 सितंबर 2025 को हाई कोर्ट की ओर से दिए गए आदेश का भी हवाला दिया गया है। इसमें बताया गया है कि चिह्नित अस्पतालों में ईडब्ल्यूएस वर्ग के मरीजों के इलाजे के लिए आमदनी की सीमा को बदला गया है। आदेश में कहा गया है कि आमदनी की सीमा को 2 लाख 20 हजार सालाना से बढ़ाकर 5 लाख रुपये सालाना कर दिया गया है। सभी चिह्नित प्राइवेट हॉस्पिटलों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का अनुपालन कराने और ऐसा नहीं किए जाने को गंभीरता से लेने को कहा गया है। लाखों परिवार EWS दायरे में आएंगे आय सीमा में इस बदलाव से दिल्ली में लाखों परिवार को फायदा होगा। आय सीमा में बदलाव के प्रभाव को आप इस बात से भी समझ सकते हैं कि अभी तक करीब 18 हजार मासिक आमदनी वालों को ही इसका लाभ मिलता था, जबकि अब 41 हजार औतम मासिक आदमनी वाले लोग भी इस कैटिगरी में आ जाएंगे।  

भारत को नीचा दिखाने वालों की सोच अधूरी है— दिल्ली शब्दोत्सव 2026 में सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली शब्दोत्सव 2026 के भव्य मंच से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने देश, संस्कृति और भारतीयता पर बात की। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि अगर कोई भारतीय नेता या व्यक्ति विदेश जाकर अपने ही देश के बारे में हल्के शब्दों का इस्तेमाल करता है, तो यह दर्शाता है कि वह इस देश की मिट्टी और संस्कृति से जुड़ा नहीं है और उसने भारत को सही मायने में समझा ही नहीं। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, "अगर कोई अपने ही देश के लिए विदेश में जाकर नकारात्मक बातें करता है, तो इसका कोई औचित्य नहीं है।" दिल्ली शब्दोत्सव को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में किसी सरकारी मंच से ऐसा भव्य आयोजन पहले कभी नहीं हुआ। आज का भारत अपने अतीत, वर्तमान और भविष्य से एक साथ संवाद करता हुआ दिखाई दे रहा है। वैदिक काल से लेकर डिजिटल युग तक भारत ने जो ऐतिहासिक यात्रा तय की है, उसका साक्षी यह शब्दोत्सव बनने जा रहा है। उन्होंने कहा, "न झुका है, न झुकेगा, अमर था, अमर रहेगा मेरा भारत महान।" सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में इस तरह का आयोजन होना खास मायने रखता है, क्योंकि यहां देश के कोने-कोने से लोग आकर जुड़ते हैं। यह जुड़ाव भविष्य की ओर बढ़ते भारत का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की जड़ें इतनी मजबूत रही हैं कि देश ने बार-बार खुद को खड़ा किया है। आज भी ऐसे आयोजनों की जरूरत है जो लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि विज्ञान और तकनीक के साथ-साथ संस्कृति से जुड़ाव भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन उन सवालों का भी जवाब है जो हर भारतीय माता-पिता के मन में होते हैं कि आधुनिकता की राह पर चलते हुए अपने बच्चों को संस्कृति से कैसे जोड़े रखें। उनके अनुसार, शब्दोत्सव भारतीय विविधता का सजीव उदाहरण है। सीएम ने दिल्ली में मनाए जाने वाले विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार और पूर्वांचल का छठ पर्व दिल्ली में पूरे धूमधाम से मनाया गया। महाराष्ट्र का गणेश चतुर्थी उत्सव, गुजरात का डांडिया, कांवड़ यात्रा और दीपावली पर कर्तव्य पथ पर सवा लाख दीप जलाना, ये सभी कार्यक्रम दिल्ली की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में 40 पुस्तकों का विमोचन किया गया, जो साहित्य को मजबूत करने की दिशा में एक सुंदर प्रयास है। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी अपने विचारों को नहीं छोड़ा और हमेशा विवेक का हाथ थामे रखा। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह भारतीयता के पुनर्जागरण का काल है। भारत आज विश्व पटल पर एक उभरती हुई शक्ति के रूप में खड़ा है, जहां विकास के साथ-साथ विरासत को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन संस्कृति को छोड़े बिना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह आयोजन पहली बार जरूर हो रहा है, लेकिन आखिरी बार नहीं। अगले वर्ष भी दिल्ली शब्दोत्सव को और भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन: दिल्ली से बिहार समेत 4 राज्यों को मिलेगा फायदा इस महीने से

नई दिल्ली आरामदायक सफर और तेज रफ्तार की पहचान बन चुकी ‘वंदे भारत ट्रेन’ अब नई सुविधा के साथ पटरी पर दौड़ने वाली है। पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दिल्ली से चलने वाली है। दिल्ली से कोलकाता के बीच नई ट्रेन इसी महीने के अंत तक सफर की शुरुआत कर सकती है। इस ट्रेन के शुरू होने से दिल्ली-पश्चिम बंगाल के अलावा यूपी और बिहार यानी कुल 4 राज्यों के यात्रियों को सुविधा होगी। पश्चिम बंगाल में कुछ ही महीनों बाद विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में केंद्र सरकार राज्य की जनता को बड़ा तोहफा दे सकती है। सूत्रों के मुताबिक, जनवरी के तीसरे सप्ताह में पहली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जा सकता है। हालांकि, इस ट्रेन को पहले दिसंबर 2025 में ही शुरू किए जाने की बात कही गई थी। हाल ही में 180 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ी ट्रेन की स्पीड भले ही अभी कुछ कम होगी पर आरामदायक सफर से लंबे रूट पर यात्रियों का अनुभव बेहतर होने जा रहा है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी के सफर को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है और इसमें यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। वंदे भारत 4 राज्यों को होगा फायदा, इस रूट पर यात्री भी बहुत दिल्ली-कोलकाता के बीच चलने वाली इस ट्रेन से दिल्ली के अलावा यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल को फायदा होगा। यूपी और बिहार में इसका स्टॉपेज कहां-कहां होगा यह अभी साफ नहीं है। लेकिन माना जा रहा है कि कानुपर, इलाहाबाद, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, पटना जैसे प्रमुख स्टेशनों पर स्टॉपेज हो सकता है। बता दें कि इस रूट पर बड़ी संख्या में ट्रेनें चलती हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या भी इतनी अधिक है कि वेटिंग लिस्ट बहुत लंबी होती है। ऐसे में इस रूट पर नई वंदे भारत स्लीपर को बड़ी संख्या में यात्री मिल सकते हैं। 180 की स्पीड में फाइनल ट्रायल हाल ही में कोटा-नागदा रूट पर स्वदेशी रूप से डिजाइन की गई 'वंदे भारत स्लीपर ट्रेन' का अंतिम चरण का हाई-स्पीड परीक्षण किया। इस दौरान ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति प्राप्त की। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 30 दिसंबर को 'एक्स' पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें दिखाया गया कि 180 की स्पीड में भी पानी भरे गिलास स्थर रहे। पानी भी नहीं छलका।