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पंजाब सीएम का ऐलान, नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग महाराष्ट्र सरकार से

चंडीगढ़ महाराष्ट्र के नांदेड़ में तख़्त सचखंड श्री हज़ूर साहिब में श्रद्धा के साथ माथा टेकते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग महाराष्ट्र सरकार के समक्ष उठाएगी। उन्होंने कहा कि यह पवित्र नगर सिखों और विशेष रूप से समूची मानवता के लिए अत्यधिक आध्यात्मिक महत्व रखता है। यह स्मरण कराते हुए कि पंजाब सरकार पहले ही श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर घोषित कर चुकी है, मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार गुरु साहिबानों के दर्शन के व्यापक प्रसार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कलगीधर पातशाह जी के पवित्र स्थान पर भी माथा टेका और इस धार्मिक स्थल के प्रबंधकों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने इस पवित्र स्थल पर नतमस्तक होने पहुँचे श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ भी देखी, जो पंथ, उसकी ऐतिहासिक संस्थाओं और उनसे प्रेरणा लेने वाले लोगों के बीच गहरे संबंधों को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नांदेड़ साहिब न केवल सिखों के लिए बल्कि समूची मानवता के लिए पवित्र स्थल है, क्योंकि दसवें सिख गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा इस पवित्र नगरी में व्यतीत किया था। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग को महाराष्ट्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाएगी, जो श्री गुरु गोबिंद सिंह जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी—जिन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए—का 350वां शहीदी दिवस गहरी श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। पिछले वर्ष लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नवंबर में श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने तीन शहरों, जहाँ सिखों के तख़्त साहिब स्थित हैं, को पवित्र शहर घोषित किया था। उन्होंने कहा कि वाल्ड सिटी अमृतसर, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने संबंधी आधिकारिक अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है, जिससे विश्व भर की संगतों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि इसी तर्ज़ पर महाराष्ट्र सरकार को भी नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने की घोषणा करनी चाहिए, जिसके लिए पंजाब सरकार हर संभव प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने नांदेड़ साहिब में स्थित पंजाब भवन के पूर्ण कायाकल्प की भी घोषणा की। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा निर्मित पंजाब भवन को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से अपग्रेड किया जाएगा। इसके साथ ही नांदेड़ में श्रद्धालुओं के लिए वेरका दुग्ध उत्पादों की आपूर्ति को और अधिक सुचारु बनाया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पवित्र स्थल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की हर संभव सुविधा सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। देश के लिए पंजाबियों के योगदान पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबियों ने स्वतंत्रता संग्राम, देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने तथा भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा में शानदार भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सीमाओं की रक्षा की बात हो या बलिदान देने की, पंजाबी हमेशा सबसे आगे रहते हैं। यह गर्व की बात है कि किसी भी आपदा के समय पंजाबी अक्सर रेड क्रॉस जैसी संस्थाओं से भी पहले जरूरतमंदों की सेवा के लिए मौके पर पहुँच जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंजाब सरकार का कर्तव्य है कि वह युवा पीढ़ियों के लिए महान गुरु साहिबानों की गौरवशाली विरासत को संजोकर रखे। उन्होंने कहा कि हम महान गुरु साहिबानों के पदचिह्नों पर चल रहे हैं, जिन्होंने मानवता को अत्याचार, दमन और अन्याय के विरुद्ध खड़े होना सिखाया और ‘सरबत दा भला’ का संदेश दिया। उन्होंने आगे कहा कि इसी प्रतिबद्धता के तहत पंजाब सरकार ने हाल ही में श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया। उन्होंने कहा कि हमारा एकमात्र उद्देश्य युवा पीढ़ियों को गुरु साहिबानों के जीवन, दर्शन और मानवता की रक्षा के लिए दी गई उनकी महान कुर्बानियों से जोड़ना है। इस दौरान तख़्त श्री हज़ूर साहिब में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रगति, विकास और लोगों की खुशहाली के लिए अरदास की। उन्होंने कहा कि तख़्त श्री हज़ूर साहिब सिख धर्म के पाँच सर्वोच्च स्थलों में से एक है, जो समुदाय के लिए आध्यात्मिक, दिव्य और नैतिक मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि सिखों के अन्य चार तख़्त—अमृतसर में श्री अकाल तख़्त साहिब, श्री आनंदपुर साहिब में तख़्त श्री केशगढ़ साहिब, तलवंडी साबो में तख़्त श्री दमदमा साहिब तथा बिहार में तख़्त श्री पटना साहिब—स्थित हैं। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की स्थापना, मानवाधिकारों की रक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अतुलनीय योगदान दिया तथा इन आदर्शों के लिए अपना पूरा परिवार बलिदान कर दिया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण भाग नांदेड़ साहिब की पवित्र धरती पर व्यतीत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पवित्र स्थल पर श्रद्धा और सम्मान अर्पित करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे परमात्मा से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें पंजाब के लोगों की और अधिक विनम्रता व समर्पण भाव से सेवा करने की शक्ति प्रदान करें। गुरुद्वारा साहिब में अरदास के उपरांत उन्होंने जाति, रंग, नस्ल और धर्म के किसी भी भेदभाव के बिना लोगों की सेवा करने तथा एक सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण के लिए अपनी सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया।  

अकाली सरकार के विकास कार्यों को विधानसभा क्षेत्रों में गिनाएगी आम आदमी पार्टी

चंडीगढ़. 2007 से लेकर 2017 तक अपने कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों को लेकर मास कांटेक्ट प्रोग्राम के तहत हर विधानसभा हलके में जाने का शिरोमणि अकाली दल ने फैसला लिया है। आज यहां जिला प्रधानों और हलका प्रभारियों के साथ बैठक के बाद में यह फैसला लिया गया। पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल की प्रधानगी में हुई बैठक में यह भी कहा गया कि हर हलके रैलियां की जाएंगी और लोगों के पास जाकर न केवल अपनी सरकार की प्राप्तियों के बारे में बताया जाएगा बल्कि आप सरकार की नकारात्मक कार्यवाहियों को भी उनके सामने रखा जाएगा। बैठक के बाद मीडिया कर्मियों से बात करते हुए पार्टी के सीनियर उपाध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता डा दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि मास कांटेक्ट प्रोग्राम फरवरी महीने से शुरू होगा जिसमें हलका वाइस बड़ी रैलियां की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इन रैलियों को पार्टी प्रधान सुखबीर बादल और पार्टी के अन्य बड़े सीनियर लीडर संबोधित करेंगे। एक सप्ताह में चार रैलियां करने का कार्यक्रम रखा गया है लेकिन इन की तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी। उन्होंने बताया कि अपनी सरकार के दौरान हुए डेवलपमेंट के काम और इस सरकार में बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था और प्रापर्टियों को बेचने का मुद्दा उभारा जाएगा। इन सभी मुद्दों को लेकर हम लोगों की कचहरियों में जाएंगे। सेहत बीमा योजना के नाम पर लोगों को मूर्ख बनाया जा रहा डॉ. चीमा ने कहा की मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना लोगों को मूर्ख बनाने के लिए है। इसका मकसद चुनाव के लिए सिर्फ लोगों का डाटा एकत्रित करना है। अगर सब को बीमा की सुविधा मिलनी है तो फिर फार्म क्यों भरवाए जा रहे हैं। अगर फार्म भरवाए जाने हैं तो उन पर आम आदमी पार्टी के नेता के हस्ताक्षर की क्या जरुरत है? चीमा ने कहा कि योजना चलाने के लिए पैसा ही नहीं है। एक सवाल के जवाब में चीमा ने कहा कि आपरेशन प्रहार भी लोगों को गुमराह करने के लिए है। रेलवे पटरी पर धमाका हो जाता है और अगर पुलिस इतनी सचेत और बारीकी से काम कर रही है तो धमाका कैसे हुआ? पुलिस बिना किसी सर्च वारंट के लोगों के घरों में घुस रही है। लोगों को परेशान किया जा रहा है। सरकार ने एजेंडा सेट करने के लिए बनाया वार रूम सरकार ने एक वार रुम बना रखा है जिस का मकसद लोगों की भलाई करना नहीं बल्कि एजेंडा सेट करना है कि किस दिन कौन सा एजेंडा चला लोगों का असली मुद्दों से ध्यान भटकाना है। यह सिर्फ लोगों को गुमराह करने का जरिया है ताकि असली मुद्दे न उठे। पार्टी संगठन को लेकर डाॅ. चीमा ने कहा कि आज जिला प्रधानों से का गया है कि वे सर्कल , कोर कमेटी और बूथ लेवल कमेटियों के नेताओं की नियुक्तियां दस फरवरी तक पूरी कर लें। इसके अलावा पार्टी के समस्त विंगों का काम भी पूरा कर लिया जाएगा। ब्लाक समिति चुनावों में कार्यकर्ताओं ने दिखाया दमखम उन्होंने कहा कि जिला परिषद और ब्लाक समितियों के चुनाव में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बेहतर दमखम दिखाया है जहां भी हमारे पर्चे रद नहीं हुए वहां हमने जीत प्राप्त की है। अब स्थानीय निकाय चुनाव को भी मजबूती से लड़ा जाएगा। पंचायतों में ट्यूबवेलों के बकाया बिल लेने को लेकर डाॅ. चीमा ने कहा कि सभी पंचायतों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे वित्त कमीशन ग्रांट को ट्यूबवेलों के बिल भरने पर लगाएं। डाॅ. चीमा ने कहा कि सरकार पैसा देने की बजाए अफसरों के माध्यम से बिल भरने पर लगा रही है। नियमों के मुताबिक वित्त कमीशन के पैसे को डाइवर्ट नहीं किया जा सकता।

आरटीओ के चक्कर खत्म, पंजाब में घर बैठे उपलब्ध होंगी सेवाएं

चंडीगढ़  पंजाब में आरटीओ को फेसलेस करना आम आदमी के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। वर्षों से लोग ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी और वाहन पंजीकरण जैसे कामों के लिए आरटीओ दफ्तरों में लंबी कतारों, दलालों और अनावश्यक देरी से परेशान रहते थे। अब इस व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव होने जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा शुरू की गई फेसलेस योजना के तहत ट्रांसपोर्ट विभाग की 56 सेवाएं अब सेवा केंद्रों से मिलेंगी। लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या 1076 नंबर पर कॉल कर सहायता ले सकते हैं। खास बात यह है कि सेवा केंद्र के कर्मचारी जरूरत पड़ने पर लोगों के घर जाकर प्रक्रिया पूरी करेंगे। इस बदलाव से लोगों का समय, पैसा और मानसिक तनाव तीनों की बचत होगी। अब किसी को छुट्टी लेकर आरटीओ के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। दलालों पर निर्भरता खत्म होगी और हर व्यक्ति को तय समय में सेवा मिलने की गारंटी होगी। आरटीओ दफ्तर अब केवल ड्राइविंग लाइसेंस का फोटो खिंचवाने और आरसी रिन्यू कराने जैसे जरूरी कामों के लिए ही जाना होगा। बाकी सभी सेवाएं डिजिटल और फेसलेस होंगी। यह व्यवस्था खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी। सरकार का यह कदम दिखाता है कि प्रशासन अगर नागरिकों की सुविधा को केंद्र में रखकर काम करे, तो सरकारी सेवाएं भी निजी सेवाओं की तरह सरल और भरोसेमंद बन सकती हैं।

रेल ट्रैक धमाके के पीछे खालिस्तानी संगठन का दावा, पंजाब में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अमृतसर पंजाब के सरहिंद में रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट की जिम्मेदारी आतंकी संगठन 'खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स' ने ली है। फोर्स के सरगना रणजीत सिंह नीटा ने हस्ताक्षर वाला एक नोट वायरल हो रहा है। इसमें रणजीत सिंह नीटा ने कहा कि यह तो सिर्फ ट्रेलर था। हम यह विस्फोट पैसेंजर ट्रेन में भी कर सकते थे लेकिन हमारा इरादा किसी का जानी नुकसान करना नहीं है। यह भारत सरकार को एक चेतावनी है। हमारी खालिस्तान की मांग पहले भी थी और आगे भी जारी रहेगी। न ही हम आराम से बैठे हैं और न ही बैठने देंगे। खालिस्तान बनने तक यह संर्घष जारी रहेगा। हमारे एक्शन सरकार की नींद हराम करते रहेंगे। डीआईजी पहुंचे जांच करने, अभी आतंकी हमला मानने से इनकार गणतंत्र दिवस से पहले पंजाब के फतेहगढ़ साहिब के सरहिंद में रेलवे ट्रैक पर जोरदार धमाका हुआ है। आरडीएक्स जैसे विस्फोटक से रेलवे ट्रैक के परखच्चे उड़ गए। इसमें मालगाड़ी के ड्राइवर को चोटें आई हैं। इन घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों को चिंता में डाल दिया है। रोपड़ रेंज के डीआईजी नानक सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस और अन्य एजेंसियां जांच कर रही हैं। वैज्ञानिक तरीके से सबूत जुटाए जा रहे हैं। बड़ा संपत्ति नुकसान नहीं हुआ और चालक को सिर्फ हल्की चोटें हैं। ट्रैक और गाड़ी को गंभीर क्षति नहीं पहुंची। क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत कर रेल यातायात को बहाल कर दिया गया है। डीआईजी ने फिलहाल इसे आतंकी हमला मानने से इनकार किया। हालांकि उन्होंने कहा कि यह एक आपराधिक गतिविधि लगती है। जांच पूरी होने पर ही साफ होगा। इलाके में नाकेबंदी की गई है और संदिग्धों की तलाश चल रही है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नीटा ने आईएसआई की मदद से किया था खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का गठन आतंकी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स की स्थापना रणजीत सिंह नीटा ने की थी। वह जम्मू का मूल निवासी है, लेकिन लंबे समय से पाकिस्तान में रह रहा है। उसने पाकिस्तान में आईएसआई की मदद से खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का गठन किया। इस संगठन का उद्देश्य सिखों को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित कर उन्हें अपने संगठन में भर्ती करना था। नीटा ने 1980 के दशक में पाकिस्तान में अपने संपर्कों की नींव रख दी थी। उसने जम्मू के सिंबल कैंप, आरएस पुरा और अन्य सिख बहुल इलाकों में अपनी पकड़ बनाई, जहां सिख समुदाय की बड़ी संख्या थी। 1990 के दशक में वह पाकिस्तान चला गया और वहां जाकर खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का गठन किया। उस दौर में इस संगठन ने दिल्ली और पंजाब के बीच चलने वाली बसों और ट्रेनों को निशाना बनाया था। इसके बाद, इसने अपनी रणनीति बदलते हुए धार्मिक नेताओं को भी टारगेट करना शुरू कर दिया। 2009 में इस संगठन ने राष्ट्रीय सिख संगत के प्रमुख रुलदा सिंह की हत्या कर दी, और विएना में संत रामानंद की हत्या में भी इसका हाथ था। साल 2017 के बाद खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स ने अपनी गतिविधियों को और बढ़ा दिया और पंजाब के कई पुलिस थानों में धमाके किए। खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स की मौजूदगी भारत में नहीं, बल्कि इसके सदस्य अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, नेपाल, स्विट्जरलैंड और इटली जैसे देशों में भी मौजूद हैं। खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स भारत में पहले से ही प्रतिबंधित है लेकिन इसके सदस्य विदेशों में सक्रिय होकर अपनी साजिशों को अंजाम देने में जुटे हुए हैं।

पंजाब में खेत में खोदे गहरे गड्ढे में गिरने से 9 वर्षीय बच्चे की मौत

जालंधर. बसंत पंचमी के दिन शहर में हुई मूसलाधार बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। इसी दौरान मकसूदा क्षेत्र में सुरानसी पेट्रोल पंप के पास एक किसान ने बरसाती पानी से फसल को बचाने के लिए अपने खेत में करीब 10 फीट गहरा गड्ढा खुदवाया था। दोपहर बाद बारिश थमने पर इलाके के बच्चे पतंग उड़ाने लगे। इसी दौरान पतंग लूटने के लिए कुछ बच्चे खेत की ओर दौड़े, तभी एक 9 वर्षीय बच्चा खेत में बने गहरे गड्ढे में गिर गया। बच्चे के साथ मौजूद अन्य बच्चे घबरा गए और घर चले गए, लेकिन उन्होंने इस घटना की जानकारी किसी को नहीं दी। जब बच्चा देर शाम तक घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना नंबर एक की पुलिस मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान रात करीब 8 बजे खेत में बने गहरे गड्ढे से बच्चे का शव बरामद किया गया। मृतक बच्चे की पहचान शिवम के रूप में हुई है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक बच्चे के परिजनों ने खेत मालिक किसान पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि निजी लाभ के लिए इतना गहरा और असुरक्षित गड्ढा खोदना उनके बच्चे की मौत का कारण बना। परिजनों ने प्रशासन से दोषी किसान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं थाना नंबर एक के प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

पंजाब में बिना वेरिफिकेशन किराएदार रखने वालों की अब खैर नहीं

लुधियाना. महानगर में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस ने अब अपना शिकंजा उन मकान मालिकों पर कसना शुरू कर दिया है जो चंद रुपयों के लालच में नियमों को ताक पर रखकर बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किराएदार रखते हैं। पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए शहर के अलग-अलग थानों में ताबड़तोड़ कार्रवाई की है, जिसके तहत 16 एफआईआर दर्ज कर कुल 17 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस का यह एक्शन उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो अनजान व्यक्तियों को अपने घरों में पनाह देते हैं और उनकी जानकारी संबंधित थानों में साझा नहीं करते। ​दरअसल, पुलिस द्वारा गैंगस्टरों और हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ चलाई विशेष मुहिम के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि संगीन वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधी पुलिस की नजरों से बचने के लिए शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में आसानी से किराए पर कमरा ले लेते हैं। बिना वेरिफिकेशन के कमरा मिलने के कारण अपराधियों की पहचान गुप्त रह जाती है और वे पुलिस की रडार पर आए बिना अपनी साजिशों को अंजाम देते रहते हैं। कई मामलों में देखा गया है कि बड़े अपराधी पड़ोसी राज्यों से आकर यहां छिप जाते हैं और मकान मालिकों की लापरवाही के कारण पुलिस को इनकी मौजूदगी की भनक तक नहीं लगती। ​पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कमिश्नरेट पुलिस का मानना है कि किराएदार का वेरिफिकेशन न करवाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह समाज की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह चेकिंग अभियान और भी तेज किया जाएगा। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी बाहरी व्यक्ति को किराए पर कमरा देने से पहले उसके आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों की जांच करें और तुरंत नजदीकी थाने में उसकी वेरिफिकेशन करवाएं, अन्यथा जेल जाने की बारी उनकी भी हो सकती है।

पंजाब में रेलवे लाइन पर धमाके से मालगाड़ी का इंजन क्षतिग्रस्त

फतेहगढ़/सरहिंद. सरहिंद क्षेत्र में रेलवे लाइन पर देर रात एक बड़ा धमाका होने की खबर सामने आई है। यह ब्लास्ट फतेहगढ़ सहिब-सरहद रेलवे स्टेशन से चार किलोमीटर दूर फ्रेट कॉरिडोर रेलवे लाइन पर हुआ। यह घटना रात करीब 11 बजे उस दौरान घटी जब जब एक मालगाड़ी फ्रंट कोरिडोर रेल लाइन से गुजर रही थी। जानकारी के मुताबिक, यह नई रेलवे लाइन विशेष रूप से मालगाड़ियों के संचालन के लिए बनाई गई है। जैसे ही मालगाड़ी का इंजन खानपुर फाटकों के पास पहुंचा, तभी अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाके के कारण रेलवे लाइन का करीब 12 फीट हिस्सा पूरी तरह उड़ गया। लोको पायलट हुआ घायल इस धमाके में मालगाड़ी के लोको पायलट को भी चोटें आई हैं। घायल चालक को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और इस बाबत रेलवे अधिकारियों को जानकारी दी गई। वहीं, इसे लेकर डीजीपी लॉ ऑर्डर ने बताया की अलग अलग टीम मामले की जांच कर रही। धमाके में आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया या नहीं। यह अभी कहना मुश्किल है। मामले की जांच के लिए अलग-अलग टीम जुट गई हैं। धमाके में घायल लोको पायलट को चंडीगढ़ ले जाया गया है, क्षतिग्रस्त इंजनको अंबाला ले जाया गया है। आतंकी साजिश की ओर इशारा घटनास्थल पर पहुंचे डीआईजी रोपड़ डॉक्टर नानक सिंह ने बताया किइस घटना के पीछे आतंकवादी गतिविधि से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि फोरेंसिक सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेज दिए गए हैं। रेलवे लाइन पर हुए ब्लास्ट के बाद डॉग स्क्वाडड और बम स्क्वाड ने रेलवे लाइन तथा आसपास के क्षेत्र में सघन जांच शुरू कर दी है। डीआईजी ने बताया की सभी जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। आपसी तालमेल के साथ इस घटना की यह तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। डीआईजी ने बताया कि रेलवे लाइन पर हुआ ब्लास्ट ज्यादा घातक नहीं था। क्षतिग्रस्त इंजन में सवार एक रेल कर्मचारी मामूली रूप से घायल हुआ है। ब्लास्ट से रेल इंजन के शीशे टूट गए। क्षतिग्रस्त रेल इंजन को अंबाला भेज दिया गया है। देर रात चले सर्च अभियान के बाद अब दिन के उजाले में पंजाब पुलिस व एजेंसियां जांच में जुटी हैं।  

पंजाब के कई जिलों में आज फिर बारिश और जलभराव

लुधियाना. पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में शुक्रवार को मौसम में बड़ा बदलाव आया। बर्फबारी ने पहाड़ी इलाकों को प्रभावित किया। पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में वर्षा ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। पंजाब के कई जिलों में तेज वर्षा हुई। जालंधर, लुधियाना व मुक्तसर में ओलावृष्टि भी हुई है। जालंधर में लगभग 15 घंटे तक वर्षा से जलभराव हो गया। पठानकोट में सबसे अधिक 59.8 मिमी रिकॉर्ड की गई। तापमान में भी 11 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। तेज हवा के कारण पेड़ गिरने से कई शहरों में 10 से 15 घंटे तक बिजली बंद रही। मौसम विभाग ने शनिवार को भी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पटियाला के नाभा में खंभे में करंट आने से आईटीआई के छात्र भावेश की मौत हो गई। गुरदासपुर के गांव तिब्बड़ में बिजली गिरने से शेड गिर गई, जिससे मलबे में दबने से करीब आठ हजार चूजे मर गए। हिमाचल के शिमला व मनाली शहर में सर्दी के सीजन में पहला हिमपात हुआ। वहां करीब एक फीट हिमपात हुआ। डल्हौजी में भी बर्फबारी हुई। पंजाब सहित कई राज्यों से पहुंचे पर्यटक बर्फ के साथ मस्ती करते रहे। मां वैष्णो देवी भवन पर भी हिमपात हुआ। श्रीनगर एयरपोर्ट पर बर्फ गिरने से उड़ानें रद रहीं। मौसम विभाग ने हिमस्खलन की चेतावनी भी जारी की है। कृषि विभाग ने इस वर्षा को गेहूं की खेती के लिए लाभकारी बताया है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऐसे ही वर्षा जारी रही तो खेतों में पानी खड़ा होने पर यह वर्षा आलू की फसल के लिए हानिकारक हो सकती है।

पंजाब के CM भगवंत मान को जान से मारने की धमकी

गुरदासपुर. श्री हरिमंदिर साहिब, राज्य की अदालतों, जिलामुख्यालयों व स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी के बाद अब शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी जान से मारने की धमकी दी गई है। गुरदासपुर के दस स्कूलों और पठानकोट के एक स्कूल को भेजी गई ईमेल में कहा गया कि आज दोपहर एक बजते ही जिले के दस स्कूलों में बम धमाके होंगे। मेल में यह भी लिखा गया था कि मुख्यमंत्री भगवंत मान भी हमारे निशाने पर हैं क्योंकि वे हमारे साथियों को गैंगस्टर कहकर मार रहे हैं। अज्ञात मेल मिलने के बाद तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी गई और पुलिस ने संबंधित स्कूलों को खाली करवाने के साथ ही वहां जांच शुरू की। जांच के लिए डाग स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया गया लेकिन गहन जांच के बाद कहीं कुछ नहीं मिला। इससे पहले मेल से नहीं दी गई धमकी खास बात यह है कि इससे पहले जब भी धमकी भरी ईमेल भेजी गई तब कभी भी इसमें मुख्यमंत्री को धमकी नहीं दी गई थी। यही नहीं, इन धमकियों के बाद पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा पाई है कि यह धमकी कौन और कहां से भेज रहा है। शुक्रवार की सुबह वर्षा के बीच बहुत कम बच्चे स्कूल पहुंचे थे। इसी बीच स्कूलों को एक ईमेल प्राप्त हुई जिसमें स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसकी सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने पुलिस को सूचित करने के साथ ही बच्चों के अभिभावकों को अपने बच्चों को तुरंत ले जाने के संदेश भेजने शुरू कर दिए। स्कूल से संदेश मिलते ही वर्षा के बीच अभिभावन स्कूल पहुंचने लगे। वहीं पुलिस टीमों ने भी स्कूलों में पहुंचकर जांच शुरू की। स्कूल परिसरों की गहनता से हुई जांच मौके पर बम निरोधक दस्ते और डाग स्क्वायड को भी बुलाया गया। स्कूल परिसरों की गहन जांच के बाद पाया गया कि वहां पर कुछ भी संदिग्ध वस्तु नहीं है। पुलिस का दावा है कि शरारती तत्वों ने केवल दहशत फैलाने के लिए ऐसा किया था। फिलहाल जांच जारी है। साइबर क्राइम की विशेषज्ञ टीम ई-मेल के आइपी एड्रेस को ट्रैक करने में जुटी हुई हैं। उधर गुजरात के अहमदाबाद के एक दर्जन स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली। हिमाचल में हमीरपुर व कांगड़ा कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, लेकिन जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

पंजाब के लोगों को मुख्यमंत्री सेहत योजना से मिलेगा 10 लाख तक का मुफ्त इलाज

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री सेहत योजना के पंजीकरण का काम शुरू हो गया है। राज्य में तीन करोड़ लोगों को इसका लाभ मिलेगा। इसमें पंजीकरण करवाने के लिए परिवार के कम से कम दो सदस्यों एक साथ जाना पड़ेगा। बाद में बाकी सदस्य अपना नाम जुड़वा सकते हैं। पंजीकरण से पहले अप्वाइंटमेंट पर्ची का होना अनिवार्य है। इसके लिए यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के साथ अनुबंध किया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। तो आइए जानें इन सवालों का जवाब… सेहत योजना के तहत कौन-कौन कवर होगा? पंजाब का कोई भी निवासी और उसके परिवार के सदस्य इस योजना के पात्र होंगे। योजना में पंजीकरण के लिए आधार कार्ड और निवास प्रमाण के रूप में वोटर आइडी कार्ड होना चाहिए। 18 वर्ष से कम आयु के लाभार्थियों के लिए स्वयं का आधार कार्ड तथा माता-पिता में से किसी एक का वोटर आइडी कार्ड या अभिभावक का वोटर आइडी कार्ड पर्याप्त होगा। केंद्र और राज्य प्रायोजित आयुष्मान भारत योजना के तहत पंजीकृत लाभार्थियों को इस योजना में अतिरिक्त पांच लाख का टॉप अप मिलेगा। इस योजना के तहत पंजीकरण कैसे करें? सरकार ने लाभार्थियों के पंजीकरण के लिए यूथ क्लब और आम पार्टी के यूथ विंग को कमान सौंपी है। वार्ड और गांव स्तर पर यूथ लोगों के घर-घर जाकर अप्वाइंटमेंट की पर्चियां बांटेंगे। इसके बाद लाभार्थी कामन सर्विस सेंटर पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकता है। पंजीकरण के लिए कामन सर्विस सेंटर पर परिवार के कम से कम दो सदस्य जरूर पहुंचे। शेष बचे सदस्यों का नाम बाद में भी दर्ज हो सकता है। इसके बाद लाभार्थियों को कार्ड जारी किए जाएंगे। लगभग 16.60 लाख परिवार, जिनका फंड केंद्र से आता है और जो आयुष्मान भारत योजना के तहत पंजीकृत हैं, उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी के दिशा निर्देश के अनुसार कार्ड जारी किए जाएंगे। योजना के तहत परिवार की परिभाषा क्या है? परिवार में मुखिया पति/पत्नी, या तलाकशुदा व्यक्ति और उनके नाबालिग बच्चे तथा विधवा बहू और उसके नाबालिग बच्चे शामिल होंगे। पंजीकृत परिवार के आकार की कोई सीमा नहीं होगी। सभी इसके पात्र होंगे। इसके लिए परिवार के मुखिया को पंजीकरण के समय घोषणा पत्र देना होगा। कोई भी व्यक्ति एक से अधिक परिवारों में पंजीकृत नहीं हो सकता। सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारी कवर होंगे? पंजाब सरकार के सभी विभागों, संगठनों, सोसायटियों, निगमों और ट्रस्टों में आउटसोर्सिंग, ठेका कर्मचारी सभी योजाना के पात्र होंगे। इसके अलावा पंजाब सरकार के पेशनभोगी और नियमित कर्मचारी भी योजना के अंतर्गत आएंगे। हईएसआइसी, सीजीएचएस या अन्य केंद्रीय, राज्य सरकारी बीमा के तहत कदर लाभार्थी किसी एक योजना का ही लाभ ले सकेंगे। पांच लाख रुपये वाली पिछली योजना से यह कैसे अलग है? स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार यह योजना आयुष्मान भारत योजना के लिए हेल्थ बेनिफिट पैकेज (एचबीपी 2.2) को अपनाती है। पिछली योजना में 1,669 बीमारियों का इलाज फ्री था। वहीं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना में 2,300 से अधिक उपचार पैकेज शामिल हैं। इनमें ऑर्थोपेडिक्स, जनरल मेडिसिन, कार्डियोलाजी, न्यूरोलाजी, नेफ्रोलाजी, न्यूरोलाजी और आन्कोलाजी जैसी चिकित्सा विशेषज्ञताओं के अंतर्गत सेकेंडरी और टर्शियरी स्तर की सेवाएं शामिल हैं। हृदय शल्य चिकित्सा, कैंसर उपचार, किडनी डायलिसिस एवं ट्रांसप्लांट, मस्तिष्क और रीढ़ की सर्जरी, घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण, मोतियाबिंद सर्जरी, प्रसूति एवं नवजात देखभाल, दुर्घटना एवं आपातकालीन सेवाएं, आइसीयू देखभाल तथा अस्पताल में भर्ती से पहले और बाद की सेवाएं शामिल हैं। लाभार्थी 824 से अधिक इम्पैनल्ड अस्पतालों में इसका लाभ उठा सकेंगे। इनमें 212 सार्वजनिक अस्पताल, पीजीआइ चंडीगढ़ सहित भारत सरकार के आठ अस्पताल और 600 से अधिक निजी अस्पताल शामिल हैं। आवश्यकता पड़ने पर राज्य से बाहर इलाज की सुविधा भी उपलब्ध होगी। योजना के वितीय निहितार्थ क्या हैं? यह योजना हाइब्रिड मॉडल में लागू की गई है, जिसमें चयनित बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में एक लाख रुपये तक के दावों का निपटारा करेगी। एक लाख से अधिक के दावों में बीमा कंपनी दावों के प्रमाणीकरण और प्रोसेसिंग की जिम्मेदारी निभाएगी, जबकि एक लाख से अधिक की देनदारी राज्य स्वास्थ्य एजेंसी वहन करेगी।