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घने कोहरे से घरों में रहने को मजबूर लोग, आम जिंदगी पूरी तरह प्रभावित

फरीदकोट पोह के महीने में अक्सर बहुत ज्यादा कोहरा पड़ता है और ठंड बढ़ जाती है। पिछले चार-पांच दिनों से यह कोहरा और ठंड अपने पीक पर है। जिससे आम जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हुई है। ठंड की वजह से लोग घरों में रहने को मजबूर हो रहे हैं। कर्मचारी और फील्ड में काम करने वाले लोग आने-जाने को मजबूर हैं। कोहरे और ठंड का गहरा असर फरीदकोट में भी देखा जा रहा है। गरीब मजदूर, कारीगर और मिस्त्री भी इस ठंड से प्रभावित हुए हैं। हालांकि कई समाज सेवी संस्थाएं इन दिनों कंबल और दूसरी चीजें बांटकर गरीबों को ठंड से बचाने की कोशिश कर रही हैं। इन कोशिशों को और बड़े लेवल पर करने की जरूरत है।

जमीन–मकान रजिस्ट्री कराने वालों के लिए जरूरी खबर, पंजाब सरकार ने बदले नियम

चंडीगढ़ पंजाब सरकार द्वारा जमीन प्लाटों आदि सभी तरह की रजिस्ट्री करवाने के लिए नियम और सख्त कर दिए हैं और नए साल 2026 में तहसील दफ्तरों में नए नियम लागू होने के कारण नंबरदारों, सरपंचों और दूसरे सभी गवाहों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। अब जमीन रजिस्ट्रेशन में एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब नंबरदार और गवाहों की गवाहों बिना OTP और आधार कार्ड के बिना गवाही नहीं मानी जाएगी। तहसील ऑफिस में रजिस्ट्रेशन के दौरान धोखाधड़ी के मामले अक्सर सामने आते हैं। सरकार का मानना ​​है कि आधार से जुड़े e-KYC को लागू करने से रजिस्ट्री में धोखाधड़ी को रोका जाएगा। रजिस्ट्रेशन में धोखाधड़ी और जालसाजी को रोकने के लिए पंजाब सरकार ने तहसीलों में आधार-बेस्ड e-KYC को जरूरी कर दिया है। इस पहल के तहत रजिस्ट्रेशन के दौरान बायोमेट्रिक/आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए खरीदार और बेचने वाले दोनों की पहचान वेरिफाई की जाएगी। सरकार का दावा है कि इस पहल से जाली रजिस्ट्रेशन और जाली पहचान के आधार पर धोखाधड़ी रुकेगी और जमीन के रिकॉर्ड में ट्रांसपेरेंसी आएगी। सरकार ने इस बारे में सब-रजिस्ट्रार ऑफिस को लिखित आदेश जारी किए हैं। गौरतलब है कि पहले रजिस्ट्रार ऑफिस में आधार-बेस्ड e-KYC लागू नहीं थी। इस मकसद के लिए रजिस्ट्रेशन के समय खरीदार और बेचने वाले की पहचान पक्की करने के लिए संबंधित तहसीलों में बायोमेट्रिक मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। गौरतलब है कि तहसील ऑफिस में रजिस्ट्रेशन के दौरान अक्सर धोखाधड़ी वाले रजिस्ट्रेशन के मामले सामने आते हैं। सरकार का मानना ​​है कि आधार-लिंक्ड e-KYC लागू होने से रजिस्ट्रेशन में धोखाधड़ी रुकेगी और मरे हुए व्यक्ति को जिंदा रजिस्टर करने, नकली पहचान का इस्तेमाल करके प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने या झूठे गवाह बनाने जैसे मामलों पर रोक लगेगी। सब-तहसील तलवंडी चौधरियां के नायब तहसीलदार के तौर पर काम कर रहे सब-रजिस्ट्रार ने संपर्क करने पर बताया कि रजिस्ट्रेशन के समय खरीदार और बेचने वाले को ऑथेंटिकेट करने के लिए आधार-बेस्ड e-KYC का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब हर नंबरदार और गवाहों को जमीन की रजिस्ट्री करवाते समय अपना मोबाइल, आधार कार्ड और पहचान पत्र साथ लाना होगा और सभी नंबरदारों और गवाहों और जमीन बेचने वाले मालिक और जमीन खरीदने वाले को मौके पर ही उनके मोबाइल पर एक OTP आएगा जो मौके पर दिखा कर ही रजिस्ट्रेशन की कार्रवाई हो सकेगी।   उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से यह पक्का हो जाएगा कि प्रॉपर्टी असल में संबंधित व्यक्ति ही खरीद या बेच रहा है। अगर व्यक्ति विदेश में है या अगर खरीदार नाबालिग है और कोई और उसकी तरफ से रजिस्ट्री करवा रहा है, तो उसकी पहचान वेरिफाई करने के लिए व्यक्ति के आधार और मोबाइल नंबर से OTP लिया जाएगा।

अमृतसर में आम आदमी पार्टी के सरपंच को गोलियों से भूना, मौत

अमृतसर अमृतसर में बड़ी वारदात की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार यहां आम आदमी पार्टी के सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सहम का माहौल देखने को मिल रहा है। बताया जा रहा है कि सरपंच जरमल सिंह एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे। इस दौरान बदमाश मैरिज पैलेस में आए और अचानक फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने सरपंच के सिर में गोली मार दी। गोली लगने से सरपंच जरमल सिंह बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें तुरंत गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक सरपंच जरमल सिंह तरनतारन जिले के वल्टोहा गांव के रहने वाले थे और मौजूदा सरपंच थे। पुलिस जांच के अनुसार उन पर पहले भी 3 बार हमला हो चुका था। फायरिंग की सूचना मिलने पर पुलिस पैलेस पहुंची और पूरे पैलेस को घेर कर जांच की जा रही है। पुलिस शादी समारोह में आए लोगों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस को शक है कि सरपंच की रेकी की जा रही थी। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। हमले के कारणों का अभी पता नहीं चला है, लेकिन पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।

MP का रिश्तेदार बना करोड़पति, कुछ ही घंटों में बदली जिंदगी

गुरदासपुर पंजाब स्टेट डियर मंथली लॉटरी का पहला इनाम गुरदासपुर जिले को लगा है। 1.5 करोड़ रुपये के इस बड़े इनाम से हरदो बथवाला गांव के रहने वाले संदीप सिंह रंधावा की किस्मत पल भर में बदल गई। संदीप सिंह रंधावा पेशे से आटा चक्की चलाने वाले हैं और जमींदार भी हैं। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने यह लॉटरी सिर्फ इत्तेफाक से लॉटरी स्टॉल के मालिक के कहने पर ही खरीदी थी। किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और उसी टिकट का 1.5 करोड़ रुपये का पहला इनाम निकाला। गौरतलब है कि संदीप सिंह रंधावा सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के दूर के रिश्तेदार भी हैं।

तरन तारन में समलैंगिक विवाह की अजीब घटना, शादी से पहले दुल्हन बनी लड़की सहेली के साथ भागी

 तरनतारन पंजाब के तरन तारन से अजीबोगरीब कहानी सामने आई है. यहां दो छात्राएं समलैंगिक विवाह करने के इरादे से घर से भाग गईं. दोनों लंबे समय से एक-दूसरे को जानती थीं. इस घटना के बाद परिजन भी हैरान हैं. इस मामले में एक छात्रा की मां ने मामले की शिकायत पुलिस से की है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दोनों छात्राओं की तलाश की जा रही है. ये कहानी तरन तारन जिले के थाना सिटी क्षेत्र के अंतर्गत मोहल्ला मुरादपुरा की है. एक छात्रा की मां ने पुलिस से की गई शिकायत में कहा है कि बेटी को उसके साथ पढ़ने वाली छात्रा बहला-फुसलाकर घर से भगा कर ले गई है, जबकि 14 जनवरी को तरन तारन के एक युवक के साथ उसकी शादी होने वाली थी. वो दुल्हन बनने वाली थी. लेकिन उसके घर से भागने की खबर के बाद अब लड़के वालों ने भी शादी से इनकार कर दिया है. शिकायत करने वाली महिला ने कहा कि बेटी और उसके साथ पढ़ने वाली लड़की ने 9वीं से लेकर 12वीं तक साथ पढ़ाई की है. पढ़ाई के दौरान दोनों की दोस्ती काफी गहरी हो गई थी. उस लड़की ने बॉय कट स्टाइल रखा था. बेटी अक्सर उसके घर जाती थी. दोनों अधिकतर समय साथ ही रहती थीं. वह लड़की मोहल्ले में ही रहती है. इस वजह से शुरुआत में किसी तरह का शक नहीं हुआ. महिला ने पुलिस को बताया कि बेटी की शादी 14 जनवरी को तय कर दी थी. इसके लिए रिश्तेदारों में शादी के कार्ड भी बांटे जा रहे थे. इसी बीच मोहल्ले की लड़की इस शादी से नाराज रहने लगी. उसने मेरे बेटे को भी कई बार धमकाया कि यदि शादी कहीं और कर दी गई तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. शिकायत में महिला का आरोप है कि इन्हीं धमकियों के बाद मोहल्ले की वो लड़की बेटी को अपने साथ भगा कर ले गई. घटना की जानकारी मिलते ही परिवार ने रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों के यहां तलाश की, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं लगा. इस मामले में तरन तारन के सिटी थाने के एसएचओ अमरीक सिंह का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. दोनों छात्राओं की लोकेशन ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानून के दायरे में रहते हुए सभी पहलुओं की जांच की जाएगी. दोनों के मिलने के बाद उनके बयान दर्ज किए जाएंगे.

देश की सर्वश्रेष्ठ 100 यूनिवर्सिटियों में पंजाब के 7 विश्वविद्यालयों ने बनाई जगह

चंडीगढ़. भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से ‘इंडिया रैंक 2024’ के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। देश की सर्वश्रेष्ठ 100 यूनिवर्सिटियों में से पंजाब की 7 यूनिवर्सिटियों ने जगह बनाई है। पंजाब के लिहाज से सबसे अच्छी रैंकिंग मोहाली के चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी को मिली है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की ऑल इंडिया रैकिंग 32 है। थापर इंस्टीच्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी, पटियाला की 43वीं और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, फगवाड़ा की 45वीं रैंक है। आईआईटी रोपड़ 48, पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ 60, इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ साइंस एंड रिसर्च, मोहाली 64 और पंजाब एग्रीकल्चर पीएयू, लुधियाना की 80वीं रैंक आई है। नए इनोवेशन में नहीं बनाई जगह  अलग-अलग श्रेणी में करवाए गए सर्वेक्षण में पंजाब की कोई भी यूनिवर्सिटी नए इनोवेशन में जगह नहीं बना सकी। जबकि मैनेजमेंट श्रेणी में भी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने 36वां स्थान हासिल किया। इस सर्वेक्षण में देश की 1374 इंडस्टीच्यूट ने हिस्सा लिया। इसी प्रकार सर्वेक्षण में देश की 439 सरकारी व प्राइवेट यूनिवर्सिटियों, इंजीनियरिंग के 1373, फार्मेसी के 439 और 1596 कालेजों ने हिस्सा लिया। पंजाब यूनिवर्सिटी 7वां स्थान प्राप्त किया देश की टॉप 50 फार्मेसी श्रेणी में चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी 7वां स्थान प्राप्त किया। जबकि नेशनल इंस्टीच्यूट आफ फार्मासूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च ने 9वां, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने 20वां और पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी ने 46वां स्थान हासिल किया। आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग श्रेणी में भी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने 13वां स्थान हासिल किया। जबकि चंडीगढ़ कालेज आफ आर्किटेक का रैंक 30वां रहा। पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ 5वां स्थान प्राप्त किया पंजाब की कोई भी यूनिर्टिसिटी कानूनी शिक्षा में स्थान नहीं बना सकी। देश की टॉप 50 मेडिकल श्रेणी में भी लुधियाना के डीएमसी ने 40वां स्थान प्राप्त किया। जबकि पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीच्यूट आफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआई) दूसरे और सरकारी मेडिकल कालेज एवं अस्पताल सेक्टर 32 ने 35वां स्थान प्राप्त किया। डेंटल में पंजाब का कोई भी कालेज स्थान बनाने में नाकामयाब रहा। जबकि टॉप स्टेट यूनिवर्सिटी पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ ने 5वां स्थान प्राप्त किया।

पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत योजना में 65 लाख परिवारों को 10 लाख तक का मुफ्त इलाज

चंडीगढ़. पंजाब सरकार 15 जनवरी को मुख्यमंत्री सेहत योजना लागू करने जा रही है। सीएम भगवंत मान व आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल इस योजना की औपचारिक शुरुआत करेंगे। इसके तहत यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी पंजाब में हर परिवार का 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा करेगी। इसके लिए स्टेट हेल्थ एजेंसी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर संयम अग्रवाल और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मैथ्यू जॉर्ज ने एमओयू किया। माैके पर स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. बलबीर सिंह मौजूद रहे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्थ स्कीम के तहत पहले मिलने वाला पांच लाख रुपये का हेल्थ कवरेज, जो कुछ खास कैटेगरी तक ही सीमित था, उसे दोगुना कर दिया गया है। इसलिए नई स्कीम का मकसद पंजाब के सभी निवासियों जिसमें सरकारी कर्मचारी और पेंशनर शामिल हैं, के हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देना है। मंत्री ने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आय सीमा या अन्य क्राइटेरिया नहीं है। सिर्फ आधार और वोटर आईडी का इस्तेमाल करके कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के जरिये रजिस्ट्रेशन को आसान बना दिया गया है। इसके बाद लाभार्थी को डेडिकेटेड एमएमएसवाई हेल्थ कार्ड मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी। मंत्री के अनुसार कंपनी राज्य के सभी 65 लाख परिवारों को हर परिवार को एक-एक लाख रुपये का हेल्थ कवर देगी। एक लाख रुपये से 10 लाख रुपये के बीच की मेडिकल जरूरतों के लिए इंश्योरेंस स्टेट हेल्थ एजेंसी द्वारा ट्रस्ट के आधार पर दिया जाएगा। यह स्कीम इनोवेटिव हेल्थ बेनिफिट पैकेज (एमबीपी 2.2) को अपनाती है, जो 2000 से ज्यादा चुने हुए ट्रीटमेंट पैकेज के जरिये पूरी कवरेज पक्का करता है। 824 सूचीबद्ध अस्पताल देंगे सर्विस इस स्कीम के तहत, लाभार्थी 824 सूचीबद्ध अस्पतालों के एक मजबूत नेटवर्क का इस्तेमाल करके सेकेंडरी और टर्शियरी हेल्थकेयर सर्विस का फायदा उठा सकते हैं, जिसमें अभी 212 सरकारी हॉस्पिटल, केंद्र सरकार के आठ हॉस्पिटल और 600 से ज्यादा प्राइवेट हॉस्पिटल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस स्कीम के तहत लिस्टेड हॉस्पिटल की संख्या समय के साथ और बढ़ने की उम्मीद है।

पंजाब के CM मान आज 560 सब इंस्पेक्टरों को देंगे नियुक्ति पत्र

जालंधर. मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार को जालंधर में नई भर्ती किए गए सब इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। यह कार्यक्रम पीएपी कांप्लेक्स में होगा। मुख्यमंत्री शनिवार दोपहर जालंधर पहुंचेंगे। वह जिन 560 नव नियुक्त सब इंस्पेक्टरों को नियुक्ति सौंपने आ रहे हैं उनकी भर्ती की घोषणा नौ सितंबर 2021 को की गई थी। भर्ती परीक्षा सितंबर 2022 में हुई थी। नवंबर 2022 में फिजिकल टेस्ट और दस्तावेजों की जांच के बाद यह नाम चयनित हुए हैं। तकनीकी एवं सहायक सेवा वर्ग वाले सब इंस्पेक्टरों को अभी इंतजार करना पड़ेगा इस भर्ती प्रक्रिया के दौरान तकनीकी एवं सहायक सेवा वाले 267 सब इंस्पेक्टर भी चयनित किए गए हैं। मुख्यमंत्री जनरल ड्यूटी के 560 सब इंस्पेंक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंप देंगे, लेकिन 267 तकनीकी एवं सहायक सेवा वर्ग वाले सब इंस्पेक्टरों को अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान के जालंधर दौरे से राजनीतिक हलचल भी रहेगी। वह पीएपी कैंपस में पार्टी के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान सांसद सुशील रिंकू और विधायक भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री जालंधर में चल रहे विकास कार्यों पर डीसी और निगम कमिश्नर से रिपोर्ट ले सकते हैं। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। पुलिस कमिश्नर कुलदीप चाहल ने कहा कि पुलिस की सुरक्षा चाक चौबंद है। हर तरफ निगरानी रखी जा रही है। पूरी नाकाबंदी करवाई जाएगी। सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही नहीं बर्दाश्त की जाएगी। वहीं नगर निगम ने शहर में मेन सड़कों की सफाई के लिए टीमें लगा रखी हैं। पीएपी चौक के आसपास भी व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है।

सीएम मान के नेतृत्व में पंजाब को मिला ‘टॉप अचीवर’ पुरस्कार

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की उद्योग-समर्थक नीतियों को मान्यता देते हुए भारत सरकार ने आज व्यापार सुधार कार्य योजना (बी आर ए पी ) 2024 के अंतर्गत पंजाब को "टॉप अचीवर" पुरस्कार से सम्मानित किया है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित समारोह के दौरान पंजाब सरकार को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया। उल्लेखनीय है कि पंजाब ने भारत के पाँच प्रमुख सुधार क्षेत्रों — व्यवसाय प्रारंभ , निर्माण परमिट प्राप्तकर्ता, निवेश आकर्षण, क्षेत्र-विशेष स्वास्थ्य सेवाएँ , और सेवा प्रबंधन— में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डी पी आई आई टी ) ने पंजाब को "टॉप अचीवर" घोषित करते हुए उसकी पारदर्शी, कुशल और निवेशक-हितैषी व्यावसायिक नीतियों की सराहना की है। यह सम्मान राज्य में व्यवसाय करने में सुगमता के क्षेत्र में पंजाब की अग्रणी भूमिका की पुष्टि करता है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता के चलते पंजाब निरंतर औद्योगिक विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। पारदर्शी शासन, उद्योग-हितैषी नीतियाँ और निवेश के अनुकूल वातावरण के कारण राज्य में लगातार निवेश आ रहा है। पंजाब के शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल ने औद्योगिक निवेश को बड़ी गति दी है। मार्च 2022 में मान सरकार के सत्ता में आने के बाद से अब तक राज्य को 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लगभग 4.7 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट्स, हैंड टूल्स, साइकिल, आईटी और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति के कारण पंजाब आज अन्य राज्यों के लिए एक रोल मॉडल बन चुका है। राज्य सरकार की उद्योग-समर्थक नीतियों के परिणामस्वरूप पंजाब अब जापान, अमेरिका, जर्मनी, यू.के., यू.ए.ई., स्विट्ज़रलैंड, फ्रांस, और स्पेन जैसे विकसित देशों से भी निवेश आकर्षित कर रहा है। सरकार के ठोस प्रयासों से पंजाब न केवल भारत बल्कि विश्व के पसंदीदा निवेश स्थलों में तेजी से उभर रहा है। कारोबार करने में सुगमता के मामले में भी पंजाब अग्रणी स्थान पर है। इसके साथ ही, राज्य सरकार द्वारा आरंभ किया गया ‘फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल’ भारत का सबसे उन्नत सिंगल-विंडो सिस्टम बन गया है, जो 150 से अधिक व्यावसायिक सेवाएँ ऑनलाइन प्रदान करता है और ऑफलाइन आवेदन की आवश्यकता को पूरी तरह समाप्त करता है। पंजाब की यह उपलब्धि राज्य की उद्योग-हितैषी सोच, प्रशासनिक दक्षता और निवेशक विश्वास का प्रतीक है।

पंजाब सरकार की नई नीति से खुश लोग, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं सेहत और शिक्षा की सकारात्मक तस्वीरें

चंडीगढ़  पंजाब में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है – आम नागरिक खुद अपने मोबाइल से सरकारी योजनाओं की तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे है। यह कोई सरकारी प्रचार नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत है। हाल ही में आम आदमी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने इंस्टाग्राम पर “सेहत-शिक्षा हॉस्पिटल” की तस्वीर डाली, जो तेजी से वायरल हो गई। इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा था- “मान सरकार, ये रही सिर्फ सुलतां खालदार!” यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि उस बदलाव की गवाही है जो पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार जमीन पर ला रही है।  असली बात यह है कि पंजाब सरकार ने शुरू से ही एक बात साफ कर दी थी – विकास का मतलब सिर्फ बड़ी-बड़ी इमारतें या हाईवे नहीं, बल्कि आम आदमी की रोजमर्रा की ज़रूरतें है। सेहत और शिक्षा – ये दो ऐसे स्तंभ है जिन पर किसी भी इंसान का पूरा जीवन टिका होता है। मान सरकार ने इसी फॉर्मूले को अपनाया और पूरी ताकत से इन दोनों क्षेत्रों में काम शुरू किया। नतीजा यह है कि आज पंजाब के गांव-गांव, शहर-शहर में लोग महसूस कर रहे है कि सरकार उनके लिए काम कर रही है, उनकी परवाह कर रही है।  सोशल मीडिया पर आ रही प्रतिक्रियाएं इस बात का सबूत है। एक यूजर ने लिखा, “पहली बार लग रहा है कि सरकार हमारे लिए है, न कि हम सरकार के लिए।” दूसरे ने कहा, “मोहल्ला क्लीनिक में मुफ्त इलाज मिलता है, दवाइयां मिलती है। पहले तो सोच भी नहीं सकते थे।” ये टिप्पणियां दिखाती है कि जनता ने मान सरकार के इरादों को समझ लिया है। लोग जानते हैं कि यह सरकार दिखावे की नहीं, बल्कि हकीकत में बदलाव लाने वाली है। जब आम आदमी खुद सरकार के काम की तारीफ करने लगे, तो समझ जाइए कि नीतियां सही दिशा में जा रही है। पंजाब भर में फैले सैकड़ों मोहल्ला क्लीनिक इस बदलाव की पहली कड़ी है। गरीब से गरीब इंसान को अब इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। बुखार हो, दर्द हो या कोई छोटी-मोटी बीमारी – मोहल्ले में ही सुविधा मिल जाती है। इसके साथ ही, सरकारी अस्पतालों का कायाकल्प किया जा रहा है। जर्जर इमारतों की मरम्मत, नई मशीनें, साफ-सफाई, डॉक्टरों की नियुक्ति – हर स्तर पर काम हो रहा है। यह सब इसलिए क्योंकि मान सरकार का मानना है कि स्वस्थ नागरिक ही मजबूत पंजाब बना सकते हैं। शिक्षा के मोर्चे पर भी यही कहानी है। सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ रही है क्योंकि अब वहां भी प्राइवेट स्कूलों जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं। कमरों की मरम्मत, स्मार्ट क्लासरूम, खेल के मैदान, शौचालय – सब कुछ दुरुस्त किया जा रहा है। शिक्षकों की कमी पूरी की जा रही है। ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ जैसी योजनाओं से गरीब बच्चों को भी अच्छी शिक्षा का मौका मिल रहा है। यह सब दिखाता है कि सरकार का फोकस क्लियर है – हर बच्चे को शिक्षा, हर इंसान को सेहत। राजनीतिक विश्लेषक मानते है कि मान सरकार की यह रणनीति गेम-चेंजर साबित हो रही है। दूसरी सरकारें अक्सर बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणाएं करती हैं जो जमीन पर कभी उतरते नहीं। लेकिन यहां उल्टा हो रहा है – छोटे-छोटे लेकिन जरूरी काम हो रहे है, और लोग महसूस कर रहे है। जब एक मां को अपने बच्चे के लिए मुफ्त दवाई मिलती है, जब एक गरीब किसान के बेटे को सरकारी स्कूल में अच्छी शिक्षा मिलती है – तब विश्वास बनता है। और यही विश्वास आज पंजाब में दिख रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि जनता सब देख रही है, समझ रही है। सोशल मीडिया के जमाने में कोई काम छिपा नहीं रह सकता। लोग खुद मॉनिटर कर रहे है कि उनके इलाके में क्या हो रहा है। जब अच्छा काम होता है तो तारीफ करते है, जब कमी दिखती है तो आवाज उठाते है। यह स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी है। और पंजाब सरकार इस परीक्षा में खरी उतर रही है क्योंकि उसका एजेंडा साफ है – जनता की भलाई। आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह तो बस शुरुआत है। आने वाले समय में सेहत और शिक्षा के क्षेत्र में और भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। लेकिन फिलहाल जो हो रहा है, वह काफी है लोगों को यकीन दिलाने के लिए कि यह सरकार उनकी है, उनके लिए है। जब एक आम कार्यकर्ता अपने इलाके के अस्पताल की तस्वीर गर्व से शेयर करता है, तो यह सिर्फ एक पोस्ट नहीं होती – यह उम्मीद का संदेश होता है। पंजाब की जनता ने मान सरकार को पहचान लिया है, और वह जानती है कि यह विकास हकीकत में हो रहा है।