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Punjab News: बढ़ती नशाखोरी को रोकने प्रेगाबालिन कैप्सूल की बिक्री पर लगी रोक

इस दवाई की बिक्री पर लगी रोक, सख्त आदेश जारी कपूरथला. जिला मैजिस्ट्रेट अमित कुमार पांचाल ने इंडियन सिटिजनशिप प्रोटैक्शन कोड-2023 के सैक्शन 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए और सीनियर सुपरिटेंडैंट ऑफ पुलिस की मांग पर, कपूरथला जिले की सीमा के अंदर बिना लाइसेंस के प्रेगाबालिन कैप्सूल रखने, मंजूर मात्रा से ज्यादा रखने/बेचने, बिना बिल और रिकॉर्ड के खरीदने/बेचने पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। आदेशों में कहा गया है कि सुपरिटेंडैंट ने उनके ध्यान में लाया है कि अलग-अलग इंटेलिजेंस रिपोर्ट और नशा करने वालों से संपर्क करने पर पता चला है कि नशा करने वाले लोग बड़ी मात्रा में प्रेगाबालिन कैप्सूल का इस्तेमाल नशा करने के लिए कर रहे हैं। 

शहीद सैनिकों के परिवारों को पंजाब सरकार से बड़ी राहत, 10 परिवारों को मिले सरकारी नौकरी के अवसर

चंडीगढ़   वर्ष 2025 के दौरान पंजाब का रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग शहीद सैनिकों के परिवारों, पूर्व सैनिकों, विधवाओं तथा दिव्यांग सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार तथा कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के निर्देशों के तहत इस वर्ष रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग द्वारा पूर्व सैनिकों की भलाई के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जिम्मेदारी निभा रही पंजाब सरकार इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि पंजाब सरकार देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले राज्य के सैनिकों के परिवारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरी संवेदनशीलता और सम्मान के साथ निभा रही है। शहीद सैनिकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान 10 शहीद सैनिकों के आश्रितों को पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों में सम्मान और कृतज्ञता की नीति के तहत सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। मंत्री ने कहा कि कारगिल दिवस के अवसर पर ऑपरेशन विजय के दौरान शहीद हुए 65 सैनिकों के परिजनों को सम्मानित कर उनकी शहादत और देश सेवा को स्मरण किया गया। राज्य सरकार के अहम कदम उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा शहीद सैनिकों के परिवारों और दिव्यांग सैनिकों को एक्स-ग्रेशिया अनुदान के रूप में 3.66 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। भगत ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान शहीद सैनिकों के परिवारों, गैलेंट्री पुरस्कार विजेताओं तथा पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 63.22 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। कार्यालयों में 15-दिवसीय सहायता शिविर मंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों और विधवाओं की पेंशन ‘स्पर्श’ पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी ढंग से जारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पेंशन से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए पंजाब के सभी जिला रक्षा सेवाएं कार्यालयों में 15-दिवसीय सहायता शिविर भी लगाए गए हैं। सैनिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 10 दिव्यांग सैनिकों को इलेक्ट्रिक तीन-पहिया स्कूटर वितरित किए गए हैं, ताकि उनकी आवाजाही और जीवन को सरल बनाया जा सके। मंत्री भगत ने दोहराया कि पंजाब सरकार शहीदों के परिवारों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में और भी नई योजनाएं लागू की जाएंगी।

Punjab News: मनरेगा में बदलाव के खिलाफ PM को AAP भेजेगी 10 लाख मजदूरों की चिट्ठी

चंडीगढ़. पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) ने मनरेगा कानून में संशोधन के​ खिलाफ अभिया शुरू किया है. पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि एक बार फिर AAP ने खुद को गरीबों और मजदूरों की सच्ची हितैषी साबित किया है. हमने राज्य के 10 लाख से अधिक मनरेगा मजदूर परिवारों की पीड़ा और मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल शुरू की है. केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G-RAM G) अधिनियम से बदल दिया है. उन्होंने कहा, 'पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मंगलवार को आम आदमी पार्टी के विधायक मनरेगा मजदूरों द्वारा लिखे गए लाखों पत्रों के साथ सदन में पहुंचे. इन पत्रों में उन मेहनतकश परिवारों का दर्द और संघर्ष दर्ज है, जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं. इस दौरान मनरेगा मजदूर भी विधानसभा में मौजूद रहे, जिससे सदन में गरीबों की आवाज और मजबूत हुई.' आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इन पत्रों को केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इन्हें सीधे प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का फैसला किया है. सरकार का उद्देश्य केंद्र को जमीनी हकीकत से अवगत कराना और मनरेगा मजदूरों की समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित कराना है. पंजाब के मनरेगा मजदूर लंबे समय से कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं. मजदूरी के भुगतान में देरी सबसे बड़ी परेशानी है, जिससे गरीब परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ता है. उन्होंने कहा, 'कई इलाकों में मजदूरों को समय पर काम नहीं मिल पाता, जिससे बेरोजगारी बढ़ रही है. केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा फंड समय पर जारी न किए जाने के कारण योजना का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है. आम आदमी पार्टी फाइलों में दबकर रह जाने वाली गरीबों की आवाज को सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. यह पत्र अभियान केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की एक ठोस कोशिश है, ताकि मनरेगा फंड समय पर जारी हों और मजदूरों को उनका पूरा हक मिल सके.' आम आदमी पार्टी ने दोहराया है कि वह हमेशा गरीबों और मजदूरों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी.

Punjab News: नए साल पर पंजाब के सरकारी अस्पतालों में 200 सुरक्षा कर्मियों की होगी तैनाती

चंडीगढ. पंजाब के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन (पी.एच.एस.सी.) ने राज्य के सभी जिला अस्पतालों में 200 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। यह फैसला पी.सी.एम.एस. एसोसिएशन द्वारा लंबे समय से डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे संघर्ष और पिछले वर्षों में अस्पतालों के भीतर हुई हिंसक घटनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। नए आदेशों के तहत यह तैनाती जनवरी 2026 से शुरू होगी, जिससे अस्पतालों में सुरक्षित कार्य वातावरण बनाने की कोशिश की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार इन सुरक्षा कर्मियों की भर्ती केवल ‘पैस्को’ (PESCO) एजेंसी के माध्यम से की जाएगी। जनवरी और फरवरी 2026 के पहले दो महीनों के लिए इनकी तनख्वाह का प्रबंध ई.आर.एफ. और अस्पतालों के यूजर चार्ज फंड से किया जाएगा। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि बठिंडा, श्री मुक्तसर साहिब, एस.बी.एस. नगर और माता कौशल्या अस्पताल पटियाला अपने स्तर पर यूजर चार्ज से भुगतान करेंगे। मार्च 2026 के बाद इन कर्मचारियों की तनख्वाह के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में विशेष प्रावधान करने की जिम्मेदारी निदेशक स्वास्थ्य सेवाओं के जे.सी.एफ.ए. को सौंपी गई है। जिला-वार विवरण के अनुसार लुधियाना को सबसे अधिक 12, जबकि अमृतसर, जालंधर, बठिंडा और पटियाला को 11-11 सुरक्षा गार्ड आवंटित किए गए हैं। अन्य जिलों में यह संख्या 7 से 9 के बीच रखी गई है। जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार यह सुरक्षा व्यवस्था तीन चरणों में उपलब्ध कराएगी। फिलहाल पहले चरण में जिला स्तर के अस्पतालों को सुरक्षा दी गई है, इसके बाद इसे ब्लॉक और कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों तक बढ़ाया जाएगा। साल भर में डॉक्टरों से जुड़े 60 हिंसक मामले पंजाब के अस्पतालों में सुरक्षा की जरूरत क्यों पड़ी, इसका अंदाजा वर्ष 2024-25 के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। इस दौरान राज्य के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और ड्यूटी स्टाफ के साथ करीब 60 बार हाथापाई और झगड़े की घटनाएं सामने आईं। इनमें से लगभग 20 गंभीर मामलों में पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। इन घटनाओं के कारण मेडिकल स्टाफ में भय का माहौल था, जिसके चलते सितंबर 2024 में डॉक्टरों को हड़ताल जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा था।

Punjab News: CM भगवंत मान ने नए साल की दी शुभकामनाएं

चंडीगढ़. नए साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नए साल की शुभकामनाएं दी हैं। नए साल के मौके पर एक पोस्ट सांझा करते हुए उन्होंने कहा, “नए साल 2026 की आप सभी को हार्दिक बधाई। परमात्मा से प्रार्थना करते हैं कि आपका आने वाला वर्ष खुशियों और सफलता से भरा हो।” इसके साथ ही उन्होंने कहा, “हमने अपने कर्तव्य के रूप में बीते वर्ष 2025 में पंजाब के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, बच्चों को अच्छी शिक्षा और युवाओं को रोजगार प्रदान किया। पंजाब के माथे से नशा और भ्रष्टाचार जैसे कलंक मिटाने के लिए सख्त कार्रवाई की। इसी कड़ी में आने वाले नए साल में भी विकास कार्य इसी तरह जारी रहेंगे।” #HappyNewYear2026  स्वर्ण मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों में भक्तों का लगा तांता 1 जनवरी (आईएएनएस)। कड़ाके की ठंड के बावजूद, सैकड़ों श्रद्धालु गुरुवार सुबह नए साल का स्वागत करने के लिए पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर और आसपास के अन्य धार्मिक स्थलों पर पहुंचे। स्वर्ण मंदिर में प्रार्थना करने के लिए श्रद्धालु आधी रात से ही लाइन में लगे थे। मंदिर के बाहर गुरुवार सुबह लंबी लाइनें देखी गईं, जिसमें लोग 'हरमंदिर साहिब', यानी पवित्र स्थान, के अंदर प्रार्थना करने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। कई श्रद्धालुओं को गोल्डन टेंपल के पवित्र 'सरोवर' में डुबकी लगाते देखा गया। दिल्ली की एक श्रद्धालु कविता गुप्ता ने कहा कि नए साल के पहले दिन गोल्डन टेंपल में प्रार्थना करना हमारे लिए सच में सौभाग्य की बात है। भगवान करे 2026 प्रार्थनाओं के पूरे होने और लक्ष्यों की प्राप्ति से भरा हो। इसके अलावा, चंडीगढ़ के पास पंचकूला में स्थित माता मनसा देवी मंदिर में भी लोग प्रार्थना करने के लिए उमड़ पड़े। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी लोगों ने नए साल के मौके पर अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना की। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने नए साल के मौके पर पंजाब और चंडीगढ़ के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि नए साल का स्वागत हमेशा नई उम्मीद, आशा और आकांक्षाओं के साथ किया जाता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ये आकांक्षाएं केवल जोश, दृढ़ संकल्प और समर्पण से किए गए सामूहिक प्रयासों से ही पूरी हो सकती हैं। इस मौके पर कटारिया ने लोगों से एक मजबूत, शांतिपूर्ण और एकजुट भारत बनाने के अपने संकल्प को दोहराने और देश की प्रगति और समृद्धि के लिए खुद को फिर से समर्पित करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने शुभकामनाएं दीं और सभी को एक खुशहाल, स्वस्थ और समृद्ध नए साल की बधाई दी। पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने भी नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि सर्वशक्तिमान 2026 में पंजाबियों के सभी सपने पूरे करें। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि दुनिया भर में रहने वाले सभी पंजाबियों को खुशी, शांति, सफलता और समृद्धि मिले। उन्होंने लोगों से अपने जीवन में नियमित रूप से व्यायाम करने का आग्रह किया ताकि वे स्वस्थ और तंदुरुस्त रहें। नए साल की शुभकामनाएं देते हुए, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रार्थना की कि सर्वशक्तिमान लोगों के जीवन को खुशी और सफलता से भर दे। एक्स पोस्ट में उन्होंने लिखा कि पिछले साल उनकी सरकार ने पंजाब के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा और युवाओं के लिए रोजगार प्रदान किया। उन्होंने कहा कि हमने पंजाब के माथे से ड्रग्स और भ्रष्टाचार जैसे कलंक को हटाने के लिए सख्त कार्रवाई की। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्य जारी रहेंगे।

Punjab News: सरकार ने 10 हजार पुलिस जवान भर्ती के प्रस्ताव को दी मंजूरी

चंडीगढ़. पंजाब में बढ़ती सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के मद्देनजर 10 हजारों नए जवानों की भर्ती की जाएगी। बाॅर्डर स्टेट होने के नाते सूबे में निगरानी व्यवस्था और कड़ी जाएगी। इसके चलते नए पद स्वीकृत किए हैं। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पंजाब सरकार ने इस संदर्भ में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हाल ही में 1600 पदों पर भी जवानों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो गई है। उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है। डीजीपी ने बुधवार को पंजाब पुलिस के साल 2026 के विजन पर चर्चा करते हुए कहा कि पुलिस इस साल नशे और गैंगस्टरवाद के खिलाफ और सख्ती से निपटेगी। डायल-112 इमरजेंसी रिस्पांस स्पोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इसे 7 से 8 मिनट पर लाया जाएगा। इसके तहत मोहाली में 52 करोड़ रुपये की लागत से डायल 112 सेंट्रल कंट्रोल रूम भवन स्थापित किया जाएगा व 50 करोड़ रुपये की लागत से नए वाहन खरीदे जाएंगे। पंजाब के जिला नियंत्रण कक्षों को 25 करोड़ रुपये के निवेश से अपग्रेड किया जा रहा है, ताकि निर्बाध समन्वय और किसी भी घटना का त्वरित प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। डीजीपी के साथ आईजीपी मुख्यालय सुखचैन सिंह गिल भी मौजूद थे। डीजीपी ने बताया कि पंजाब सरकार ने पिछले तीन वर्षों में पंजाब पुलिस के आधुनिकीकरण पर 800 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि फील्ड में सभी एसपी रैंक के अधिकारियों को नए वाहन दिए गए हैं, साथ ही सभी पुलिस थानों और पुलिस चौकियों को भी नए वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। आधुनिक उपकरणों से लैस होगी पुलिस डीजीपी ने बताया कि राज्य सरकार ने अगले तीन वर्षों में 426 करोड़ रुपये की लागत वाले मेगा पुलिस भवन परियोजना को मंजूरी दे दी है। इसमें मोहाली के फेज-4 में साइबर क्राइम डिवीजन के लिए नया मुख्यालय, नवांशहर और मलेरकोटला जिलों में नई पुलिस लाइनें व 11 नई पुलिस स्टेशन इमारतों का निर्माण शामिल है। इसके अलावा लुधियाना, फिरोजपुर और जालंधर में नए एएनटीएफ रेंज कार्यालय खोले जाएंगे तथा मौजूदा कार्यालयों को आधुनिक उपकरणों और फोरेंसिक टूल्स से अपग्रेड किया जाएगा। नए आपराधिक कानूनों के अनुसार पंजाब सरकार द्वारा गवाह संरक्षण योजना पहले ही अधिसूचित की जा चुकी है, जो सजा की दर में सुधार लाने में सहायक होगी। तकनीकी क्षमताओं को उन्नत किया गौरव यादव ने बताया कि एजीटीएफ ने पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम (पीएआईएस 2.0) के माध्यम से अपनी तकनीकी क्षमताओं को और उन्नत किया है, जो अन्य अत्याधुनिक विशेषताओं के साथ-साथ अब वॉयस एनालिसिस में भी सक्षम है। इसके साथ ही संगठित अपराध सूचना प्रणाली (ओसीआईएस) को अपराध रिकॉर्ड प्रबंधन को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए और अपग्रेड किया जा रहा है। पंजाब पुलिस संगठित अपराधियों को फर्जी विवरणों के आधार पर पासपोर्ट प्राप्त कराने या उसमें सहायता देने में शामिल ट्रैवल एजेंटों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जांच पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगी। सड़क सुरक्षा थाने स्थापित होंगे शहरी क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने के लिए समर्पित ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा थाने स्थापित किए जाएंगे। इन थानों को शहरों के सीसीटीवी फीड और अनुकूली ट्रैफिक सिग्नलों के माध्यम से वास्तविक समय की निगरानी के लिए एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसी3) से जोड़ा जाएगा। 

मनरेगा संशोधन पर पंजाब सरकार सख्त, विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र को घेरा

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा के स्पेशल सेशन के दौरान केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में बदलाव का विरोध किया और इस बदलाव के खिलाफ प्रस्ताव पास किया गया। यह प्रस्ताव मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने सदन में पेश किया, जिसे सदन में सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने न सिर्फ मनरेगा बल्कि दलित मजदूरों के मुंह से निवाला भी छीन लिया है। इस नीति ने देश के दलित मजदूरों के जीने का हक भी खत्म कर दिया है। मंत्री सौंद ने कहा कि मनरेगा गरीब परिवारों के लिए एक वक्त की रोटी का आखिरी सहारा था। मुख्यमंत्री मान ने सदन में बोलते हुए केंद्र सरकार को कड़े शब्दों में यह भी कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो लोग भाजपा के साथ-साथ अकाली नेताओं को भी गांवों में घुसने नहीं देंगे। 

नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई: ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के 304वें दिन 113 तस्करों पर शिकंजा

चंडीगढ़  पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही जंग लगातार और तेज होती जा रही है। भगवंत मान सरकार की 'युद्ध नशियां विरुद्ध' मुहिम के तहत पंजाब पुलिस ने 304वें दिन भी पूरे दमखम के साथ मोर्चा संभाले रखा। राज्यभर में लगातार रेड, सर्च ऑपरेशन और जागरूकता अभियानों के जरिए पुलिस न सिर्फ नशा तस्करों पर शिकंजा कस रही है, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखने की कोशिश भी कर रही है। पंजाब पुलिस का कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे की जड़ तक पहुंचने और पूरे ड्रग नेटवर्क को तोड़ने की है। इसी सोच के साथ 304वें दिन पंजाब पुलिस ने राज्यभर में 319 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की। इन कार्रवाइयों के दौरान 82 एफआईआर दर्ज की गईं और 113 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की यह कार्रवाई दिखाती है कि अब नशे के सौदागरों के लिए पंजाब में कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है। अगर अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह अभियान काफी असरदार साबित हुआ है। पिछले 304 दिनों में कुल 42,480 नशा तस्करों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। यह संख्या अपने आप में बताती है कि पंजाब पुलिस कितनी गंभीरता से इस मिशन को आगे बढ़ा रही है। मान सरकार की इस मुहिम की खास बात इसकी तीन-स्तरीय रणनीति है। पहला स्तर है इन्फोर्समेंट (सख्त कार्रवाई), रेड और गिरफ्तारी। दूसरा स्तर है डी-एडिक्शन, जिसके तहत नशे की लत में फंसे लोगों को इलाज और काउंसलिंग के जरिए सामान्य जीवन की ओर लौटाने की कोशिश की जा रही है। तीसरा और सबसे अहम स्तर है प्रिवेंशन, यानी जागरूकता। स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और मोहल्लों में लोगों को नशे के नुकसान बताए जा रहे हैं, ताकि युवा इस दलदल में फंसने से पहले ही रुक जाएं। पंजाब पुलिस का कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है। जब तक आम लोग, परिवार और युवा साथ नहीं आएंगे, तब तक नशे के खिलाफ पूरी जीत संभव नहीं है। इसी वजह से जागरूकता अभियानों पर भी उतना ही जोर दिया जा रहा है जितना कार्रवाई पर।

प्रमोशन को लेकर बड़ा सवाल: क्या यह मौलिक अधिकार है? हाईकोर्ट का अहम जवाब

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने प्रमोशन को लेकर बड़ा फैसला दिया है। अदालत का कहना है कि एक कर्मचारी का प्रमोशन उसका मौलिक अधिकार नहीं है। पटियाला की एक महिला ने प्रमोशन के लिए उसके नाम पर विचार नहीं किए जाने को लेकर याचिका दाखिल की थी। इसपर अदालत ने उन्हें पदोन्नत नहीं करने के विभागीय फैसले को बरकरार रखा है।   क्या था मामला पंजाब में साल 1990 से टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट से शुरुआत करने वाली महिला ने याचिका दाखिल की थी। उन्होंने इस अंतराल में प्रमोशन हासिल करते हुए साल 2023 तक डिस्ट्रिक्ट टाउन प्लानर के पद पर सेवाएं दीं। इसके साथ ही वह सीनियर पोस्ट के लिए पात्र हो गईं थीं। अब प्रमोशन के लिए उनके नाम पर आगे विचार नहीं किया गया। विभाग के निदेशक का कहना है कि सेवा में रहते हुए याचिकाकर्ता महिला ने विकलांगता का सर्टिफिकेट जमा किया था। इसमें उनके अस्थायी सुनने की विकलांगता 41 फीसदी होने की बात कही गई थी। यह प्रमाण पत्र उन्होंने दिव्यांग कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों के लिए किया था, जिसमें रिटायरमेंट की उम्र 58 के बजाए 60 भी शामिल है। इसके बाद याचिकाकर्ता ने एक और सर्टिफिकेट जमा कराया, जिसमें सुनने की अक्षमता 53 फीसदी और स्थायी दिव्यांग बताई गई। विभाग के पास दो सर्टिफिकेट पहुंचने के कारण संदेह पैदा हुआ। इधर, मेडिकल बोर्ड ने उनके दिव्यांग होने को अस्थायी करार दिया और उनके दिव्यांग के तौर पर पहचाने जाने वाले दावे को भी अधिकारियों ने खारिज कर दिया। इसके बाद उन्हें 58 साल की उम्र में रिटायर करने का फैसला लिया गया। कोर्ट ने क्या कहा जस्टिस नमित कुमार याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने कहा, 'कानून के मुताबिक, प्रमोशन ना ही निहित अधिकार है और ना ही मौलिक अधिकार है। प्रमोशन के लिए नाम पर विचार किया जाना मौलिक अधिकार है। प्रतिवादियों की तरफ से याचिकाकर्ता को सीनियर टाउन प्लानर पद पर प्रमोट नहीं किए जाने में कुछ गलत नहीं है।' खास बात है कि सेवा में रहने के दौरान महिला को सीनियर टाउन प्लानर कार्यभार सौंपा गया था। अब कोर्ट ने उनकी याचिका इस कार्यभार को संभालने के लिए उनकी भत्ते और भुगतान की मांग वाली याचिका को स्वीकार कर लिया है।

कड़ाके की ठंड से जनजीवन बेहाल, उत्तर भारत में तापमान लुढ़का; दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों पर ब्रेक

चंडीगढ़  पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली समेत समूचे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का असर तेज़ी से बढ़ता जा रहा है। बुधवार को घने कोहरे और गिरते तापमान के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़क, रेल और हवाई यातायात पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है, वहीं वायु प्रदूषण ने भी हालात को और गंभीर बना दिया है। घने कोहरे और बेहद कम दृश्यता के चलते बुधवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बड़ा असर पड़ा। कम से कम 148 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि 150 से अधिक उड़ानों में देरी हुई। इनमें 78 आगमन और 70 प्रस्थान उड़ानें शामिल रहीं। दो उड़ानों का मार्ग भी परिवर्तित किया गया। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) के अनुसार दृश्यता में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, लेकिन कुछ उड़ानें अभी भी प्रभावित रह सकती हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस को यात्री सेवा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।   दिल्ली में ‘बहुत खराब’ हवा और ऑरेंज अलर्ट राष्ट्रीय राजधानी बुधवार सुबह घने कोहरे की मोटी चादर में लिपटी रही। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सुबह घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया। पालम और सफदरजंग में दृश्यता मात्र 50 मीटर दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली का 24 घंटे का औसत एक्यूआई 384 रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है। आनंद विहार में एक्यूआई 452 के साथ सबसे खराब दर्ज किया गया। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक, एक जनवरी को हालात ‘गंभीर’ हो सकते हैं और अगले कई दिनों तक हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रहने की आशंका है। न्यूनतम तापमान 6–8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। गुवाहाटी में ठंड के कारण स्कूल बंद कड़ाके की ठंड को देखते हुए असम के कामरूप महानगर जिले में सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 31 दिसंबर से 6 जनवरी तक बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है और स्कूल 7 जनवरी से दोबारा खुलेंगे। मौसम विभाग के अनुसार, गुवाहाटी में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी ठंड, कोहरा और कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।