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पंजाब और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मलेरकोटला में दो आतंकियों को दबोचा, शेरवानी कोटे गांव में मजदूरी करते थे

मलेरकोटला  जम्मू कश्मीर पुलिस ने शनिवार को पंजाब के मलेरकोटला में चलाए गए ऑपरेशन में 2 पाकिस्तानी आतंकियों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया. पंजाब पुलिस के साथ मिलकर चलाए गए इस ऑपरेशन में पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकियों के नाम अबू हुरैरा और उस्मान हैं. जबकि, उनके साथ पकड़ा गया जमील एक स्थानीय निवासी है. जिसने दोनों पाकिस्तानी दहशतगर्दों को किराये का मकान दिलवाने में मदद की थी।  मलेरकोटला से पकड़ा गया पाकिस्तानी आतंकी  इनमें अबू हुरैरा ए प्लस कैटेगरी का खतरनाक पाकिस्तानी आतंकी है. इसकी गिरफ्तारी को खुफिया एजेंसियां बड़ी सफलता मान रही हैं, जिनसे भारत में पाकिस्तान की आतंकी साजिशों के बारे में जानकारी मिल सकती है।  सूत्रों के मुताबिक, श्रीनगर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को मलेरकोटला में पाकिस्तानी आतंकियों के छिपे होने की गुप्त सूचना मिली थी. इसके बाद SOG ने पंजाब पुलिस की क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (CIA) यूनिट के साथ मिलकर मलेरकोटला के शेरवानी कोट गांव में छापा मारा. रेड के दौरान तीनों दहशतगर्दों ने भागने की कोशिश की लेकिन उन्हें दबोच लिया गया।  15 साल से रह रहे थे दोनों पाकिस्तानी बताया जा रहा है कि दोनों मलेरकोटला में पिछले 15 वर्ष से रह रहे थे। दोनों पाकिस्तानी है। गांव शरेवानी कोट के सरपंच सिमरनजीत सिंह ने दोनों को शनिवार को पुलिस के सीआइए स्टाफ की टीम ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ घर में दबिश देकर दोनों को पकड़ा। सिमरनजीत ने बताया कि दोनों करीब पांच साल से उनके गांव में ही रहकर मजदूरी करते थे। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि दोनों करीब 15 वर्ष से जिले के अलग-अलग गांवों में रह रहे थे। दोनों खुद को जम्मू-कश्मीर के रहने वाले बताते थे और वे स्थानीय लोगों से घुलमिल चुके थे। दोनों पाकिस्तानी हैं, किसी को कभी उन पर संदेह नहीं हुआ। 11 मई 2025 को मां-बेटी को भी पकड़ा था जासूसी करते मलेरकोटला से पाकिस्तानी आतंकी पकड़े जाने की यह पहली घटना है। हालांकि इससे पहले 11 मई 2025 में पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में बाप-बेटी को गिरफ्तार किया था। 31 वर्षीय गुजाला अपने पिता यामीन मोहम्मद के साथ सेना व अन्य बड़े प्रतिष्ठानों की जानकारी पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारी अब्दुल्ला तक पहुंचाने का काम करते थे। इसके बदले में उन्हें पैसे दिए जाते थे। पुलिस ने दोनों को डिजिटल सुबूत के साथ गिरफ्तार किया था। वहीं, पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात अधिकारी को देश से निष्कासित कर दिया गया था। श्रीनगर पुलिस ने गुप्त सूचना पर चलाया ऑपरेशन उनकी गिरफ्तारी के बाद तीनों आतंकियों को ट्रांजिट रिमांड पर श्रीनगर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया. जिसके बाद SOG के जवान दोनों आतंकी और उसके मददगार को अपनी कस्टडी में लेकर कश्मीर की ओर रवाना हो गए.  पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों आरोपी पिछले 15 वर्षों से भारत के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे थे और भारतीय नागरिक बनकर बिना शक पैदा किए अपनी पहचान छिपाए हुए थे।  कट्टरपंथी गतिविधियों का गढ़ बन रहा मलेरकोटला इससे पहले भी मालेरकोटला पुलिस ने कट्टरपंथी गतिविधियों के आरोप में फरहान अंजुम, अदनान खान और वारिस अली को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से .32 बोर पिस्टल, कारतूस और मोबाइल फोन बरामद हुए थे. वहीं, एक अन्य मामले में गुजाला और यामीन मोहम्मद को पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 

AAP सांसद ने लोकसभा में उठाई आवाज, शादी के लिए लड़के का डोप टेस्ट होना चाहिए जरूरी

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद मालविंदर सिंह कंग नेकेंद्र सरकार से आग्रह किया कि शादी के समय लड़कों के डोप टेस्ट और चिकित्सा जांच को अनिवार्य बनाने के लिए कानून बनाया जाए। उन्होंने सदन में शून्यकाल के दौरान यह मांग उठाई। कंग ने कहा, ‘आज हमारे समाज में तलाक और घरेलू हिंसा के मामले बढ़ते जा रहे हैं। जब नया रिश्ता जुड़ता है तो लड़की के बारे में बहुत जांच-पड़ताल की जाती है, लेकिन लड़कों को लेकर उतनी जांच-पड़ताल नहीं होती।’ उनका कहना था कि शादी के समय लोग इस तरह की चीजें छिपाते हैं। उन्होंने कहा, 'सरकार से मांग है कि एक कानून बनाया जाए कि शादी के समय डोप टेस्ट और चिकित्सा जांच अनिवार्य हो।' उन्होंने कहा कि शादी के बाद कई बार सामने आता है कि लड़का गंभीर रूप से बीमार है या फिर वह आपराधिक प्रवृत्ति का है। इससे महिलाओं के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कंग ने कहा कि दूल्हे के लिए अनिवार्य कर दिया जाना चाहिए कि वह मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और डोप टेस्ट का सर्टिफिकेट लड़की वालों के सामने पेश करे और तभी शादी हो। कांग्रेस सांसद ने की ऑनलाइन कारोबारियों पर लगाम की मांग कांग्रेस के उज्जवल रमण सिंह ने सरकार से ऑनलाइन कारोबार पर अंकुश लगाने तथा छोटे एवं मझौले व्यापारियों के हितों के संरक्षण की मांग की। सिंह ने शून्य काल में इस बारे में नियम बनाने और छोटे दुकानदारों और मझौले व्यापारियों का व्यवसाय को बचाने के उपाय करने की सरकार से मांग की। सपा के वीरेन्द्र सिंह ने किसानों के घरों में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने पर बिल बढ़कर आने तथा प्रीपेड मीटर लगाने से उन्हें हो रही कठिनाइयों की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए उनकी समस्यायें दूर करने की मांग की। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निशिकांत दुबे ने मुस्लिमों और ईसाइयों से विवाह करने वाली आदिवासी युवतियों का अनुसूचित जनजाति का दर्जा समाप्त करने की मांग की। भाजपा के ही चन्दूभाई छगनभाई शिहोरा ने गुजरात के सुरेन्द्र नगर इलाके के नमक किसानों को बारिश से हुए नुकसान की भरपाई करने और उन्हें भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। सपा के आनंद भदौरिया ने उत्तर प्रदेश में शहीदों और संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किये जाने का मुद्दा उठाया और इसके दोषियों को सजा देने की मांग की। कांग्रेस के डॉ. प्रशांत यादवराव पडोले ने 2027 की जनगणना के लिए निर्धारित प्रारूप के कॉलम में अन्य पिछड़ा वर्ग को भी जोड़ने की मांग की।

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बाघापुराना में बंटी कुर्सी: चेयरमैन आप, वाइस चेयरमैन कांग्रेस

मोगा (पंजाब)   इस चुनाव में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर 14 सदस्यों के समर्थन से चेयरमैन तथा वाइस चेयरमैन के पद पर जीत हासिल की। आम आदमी पार्टी की सरबजीत कौर चेयरमैन और कांग्रेस की चरणजीत कौर वाइस चेयरमैन चुनीं गईं। शिरोमणि अकाली दल को 12 वोट मिले। पहले 17 मार्च को हुए थे चुनाव बाघापुराना ब्लॉक समिति में कुल 25 सदस्यों का चुनाव हुआ था, जिसमें अकाली दल के 13, कांग्रेस पार्टी के 3, एक निर्दलीय और आम आदमी पार्टी के आठ सदस्य जीतकर आए थे। 17 मार्च को हुए पहले चुनाव के दौरान अकाली दल और कांग्रेस ने मौजूदा सरकार पर आरोप लगाया था कि उनके सदस्यों को मतदान करने से रोका गया। आरोपों के बावजूद आम आदमी पार्टी ने अपना चेयरमैन और वाइस चेयरमैन घोषित कर दिया था। इसके बाद शिरोमणि अकाली दल ने मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें चुनाव दोबारा करवाने की मांग की गई। हाईकोर्ट ने दिए थे 28 मार्च को चुनाव के आदेश इस दौरान तत्कालीन एसडीएम ने भी पंजाब चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखकर मोगा डिप्टी कमिश्नर पर दबाव के आरोप लगाए गए, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए बाघापुराना के एसडीएम बबनदीप सिंह वालिया को कोट में पेश होने को कहा था। 23 मार्च को एसडीएम कोर्ट में पेश हुए जिसके बाद हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को 28 मार्च को दोबारा चुनाव करवाने के निर्देश दिए। अदालत के आदेश पर आज प्रशासन की निगरानी में निष्पक्ष तरीके से मतदान कराया गया जिसमें आम आदमी पार्टी की सरबजीत कौर चेयरमैन और कांग्रेस की चरणजीत कौर वाइस चेयरमैन बनीं। विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद ने बताया कि आज दोबारा हुए चुनाव में उनकी जीत हुई है। उन्होंने कहा कि 17 मार्च को हुए पिछले चुनाव में भी सरबजीत कौर चेयरमैन बनी थीं, लेकिन विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोप आज पूरी तरह से झूठ साबित हो गए। उन्होंने बताया कि इस चुनाव में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को मिलाकर कुल 14 सदस्यों का समर्थन मिला और सर्वसम्मति से चेयरमैन व वाइस चेयरमैन का चयन किया गया। विपक्ष को 12 वोट मिले। उन्होंने बताया कि 17 मार्च को हुए चुनाव के दौरान विपक्ष द्वारा की गई कथित गुंडागर्दी के मामले में भी कार्रवाई करने की बात कही गई। डीसी मोगा सागर सेतिया ने बताया कि आज हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत ब्लॉक समिति के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन पदों के लिए चुनाव करवाए गए। यह चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए, जिसमें 25 सदस्यों के साथ विधायक ने अपना वोट दिया। पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई। सभी के सहयोग से चुनाव सफलतापूर्वक और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।  

मालेरकोटला में आतंक का पर्दाफाश: पंजाब पुलिस ने दो संदिग्ध आतंकी पकड़े, लंबे समय से थे सक्रिय

मालेरकोटला पंजाब पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक ज्वाइंट ऑपरेशन में मालेरकोटला से दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर पाकिस्तानी नागरिक बताए जा रहे हैं। मालेरकोटला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नशों के विरुद्ध युद्ध अभियान के तहत हिरासत में लिए गए एक स्थानीय नशा तस्कर से पूछताछ के दौरान इन दोनों के बारे में जानकारी मिली। बताया जा रहा है कि उनकी पहचान जम्मू-कश्मीर में सूचीबद्ध दो वांछित आतंकियों से मेल खाती है। हालांकि पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन कई पुलिस सूत्रों व थाना संदौड़ के अधीन गांव शेरवानी कोट के निवासियों ने पुलिस कार्रवाई की पुष्टि की है। 15 साल से भारत में रह रहे थे दोनों संदिग्धों की पहचान अब्बू गाबा हुैररा व उस्मान के रूप में हुई है। वह लंबे समय से गांव में किराएदार के तौर पर रह रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि वह 15 वर्षों से अधिक समय से भारत के विभिन्न स्थानों पर रह रहे थे व किसी को भी उनकी देश-विरोधी गतिविधियों या उनके भारतीय होने के दावे पर कोई संदेह नहीं था। माहोराणा स्थित मालेरकोटला की सीआईए विंग की एक टीम ने शेरवानी कोट गांव में छापेमारी कर दोनों को हिरासत में लिया। बाद में उन्हें जम्मू-कश्मीर पुलिस के हवाले कर दिया गया। गांव के सरपंच सिमरनजीत सिंह ने पुष्टि की कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने गांव में छापा मारकर दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया।  ग्रामीणों को नहीं हुआ शक गांव में किसी को भी इन दोनों पर शक नहीं था। ग्रामीणों के अनुसार, ये दोनों लंबे समय से गांव में रह रहे थे। मलेरकोटला में महोराणा की CIA विंग की एक टीम ने शेरवानी कोट गांव में छापा मारा और इन्हें गिरफ्तार किया। मलेरकोटला पुलिस ने हाल ही में देश-विरोधी तत्वों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। एक अलग मामले में CIA और साइबर क्राइम यूनिट ने तीन स्थानीय युवकों फरहान अंजुम, अदनान खान और वारिस अली को धर्म के नाम पर युवकों को कट्टरपंथी बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया। इस ऑपरेशन के दौरान, पुलिस ने एक .32 बोर की पिस्तौल, तीन कारतूस और चार मोबाइल फोन बरामद किए। इससे पहले, अधिकारियों ने सीमा पार जासूसी के एक मामले में गुजाला नाम की एक महिला और यामीन मोहम्मद को भी गिरफ्तार किया था। महिला पर एक स्थानीय हैंडलर के तौर पर काम करने का आरोप है, जबकि यामीन मोहम्मद, जिसका कथित तौर पर पाकिस्तान दूतावास से संबंध था, पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों को जानकारी देने का आरोप है। पुलिस ने इस ताजा ऑपरेशन का पूरा ब्योरा अभी जारी नहीं किया है, और आगे की जांच जारी है।  

पंजाब बनेगा संकटमोचक, देशभर में भेजेगा अनाज, सीएम का दावा- पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं

चंडीगढ़  वैश्विक हालात और सप्लाई चेन पर पड़ रहे असर के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पबड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब एक बार फिर संकटमोचक बनकर सामने आएगा और राज्य के गोदामों में पड़ा गेहूं-चावल देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए तैयार है। इसके लिए केंद्र सरकार जरूरत पड़े तो स्पेशल ट्रेनें चलाए। सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे, पंजाब ने साफ तौर पर कहा कि राज्य के पास पर्याप्त अनाज भंडार है और इसे तुरंत उठाया जाए ताकि नई फसल की खरीद में कोई बाधा न आए। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास करीब 171 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 139 लाख मीट्रिक टन चावल का स्टॉक मौजूद है, जिसे पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देशभर में भेजा जा सकता है। सीएम ने जोर देकर कहा कि स्पेशल ट्रेनों के जरिए तेजी से उठान जरूरी है, क्योंकि आने वाले दिनों में नई फसल मंडियों में पहुंचेगी। पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों को खारिज किया सीएम मान ने पेट्रोल-डीजल को लेकर फैली अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में किसी भी तरह की कमी नहीं है। फिलहाल पंजाब में 12 दिन का पेट्रोल, 14 दिन का डीजल और 6 दिन का एलपीजी स्टाक उपलब्ध है, जो सामान्य जरूरतों के लिए पर्याप्त है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराकर घरों में ईंधन स्टोर न करें, यह खतरनाक हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि गांवों में एलपीजी सिलेंडर की वेटिंग अवधि घटाने की मांग केंद्र से की गई है। साथ ही उद्योगों पर किसी तरह की पाबंदी न लगाने और सप्लाई चेन को सुचारू रखने की बात भी रखी गई। सीएम ने कहा कि पंजाब एक बार्डर स्टेट है, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर संसाधन मिलना चाहिए। कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी तरह की पैनिक स्थिति नहीं है। उन्होंने मीडिया से भी जिम्मेदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि अपुष्ट खबरों से बचा जाए। साथ ही चेतावनी दी कि कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डिमांड (पंजाब की प्रमुख मांगें)     स्पेशल ट्रेनों से तुरंत अनाज उठान     पेट्रोलियम सप्लाई बाधित न हो, केंद्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहल करे     गांवों में एलपीजी सिलेंडर की वेटिंग अवधि कम हो     बार्डर स्टेट होने के कारण पंजाब को प्राथमिकता     उद्योगों पर किसी तरह की पाबंदी न लगे सप्लाई व स्टाक     पेट्रोल: 12 दिन का स्टॉक     डीजल: 14 दिन का स्टॉक     एलपीजी: 6 दिन का स्टॉक     गेहूं: 171 लाख मीट्रिक टन     चावल: 139 लाख मीट्रिक टन     कवरड स्टोरेज क्षमता: 155 लाख मीट्रिक टन     27 मार्च तक 1497 चेकिंग, 301 LPG सिलेंडर जब्त  

एसजीपीसी का 1487 करोड़ का बजट पास, शिक्षा, धर्म प्रचार और सेवा के क्षेत्र पर जोर

 अमृतसर   शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1487.41 करोड़ रुपये का बजट जयकारों की गूंज के बीच पास कर दिया। तेजा सिंह समुंदरी हाल में आयोजित जनरल इजलास के दौरान इस बजट पर विस्तार से चर्चा की गई और अंत में सर्वसम्मति से इसे मंजूरी दे दी गई। कमेटी के जनरल सेक्रेटरी शेर सिंह मंडवाला ने बजट पेश करते हुए बताया कि इस बार का बजट पिछले वर्ष की तुलना में 100.94 करोड़ रुपये अधिक है। उन्होंने कहा कि कुल बजट में 7.28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो कमेटी की गतिविधियों के विस्तार और बढ़ती जरूरतों को दर्शाता है। बजट में धर्म प्रचार, शिक्षा और सेवा कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर गुरुद्वारों के प्रबंधन को और बेहतर बनाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत विभिन्न गुरुद्वारों के आसपास सरायों के निर्माण और विस्तार, लंगर व्यवस्था को मजबूत करने तथा धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा शैक्षणिक संस्थानों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। कमेटी द्वारा संचालित स्कूलों और कॉलेजों में सुविधाओं के विस्तार, शिक्षण स्तर को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को अधिक अवसर प्रदान करने के लिए बजट में अलग से प्रावधान रखा गया है। बजट में बहस ना होने पर विरोध अमृतसर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के बजट इजलास के दौरान बहस न करवाए जाने को लेकर विवाद सामने आया। इजलास के बीच सदस्य बलविंदर सिंह बैंस ने विरोध जताते हुए सभा छोड़ दी। बाहर आकर उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बजट जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर खुली चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन सदस्यों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए पारदर्शिता पर सवाल उठाए। बैंस ने कहा कि संगत के हित में हर प्रस्ताव पर विस्तृत विचार-विमर्श जरूरी है, ताकि फैसले संतुलित और जिम्मेदार तरीके से लिए जा सकें।

पश्चिम एशिया के तनाव से रसोई का बजट बिगड़ा, खाद्य तेलों की कीमतों में 20 रुपये तक बढ़ोतरी

चंडीगढ़  पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब आम आदमी की रसोई तक पहुंच गया है। खाद्य तेलों की कीमतों में पिछले एक महीने में 15 से 20 रुपये प्रति किलो तक का उछाल दर्ज किया गया है। कारोबारियों का कहना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो कीमतों में और तेजी बनी रह सकती है।  कारोबारियों के अनुसार युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 से 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इससे बायोडीजल की मांग बढ़ी है, जिसके कारण वनस्पति तेलों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। भारत अपनी जरूरत का करीब 60 से 66 प्रतिशत खाद्य तेल आयात करता है। सामान्य तौर पर देश हर महीने 13 से 14 लाख टन आयात करता है, लेकिन मार्च में यह घटकर करीब 11 लाख टन रहने का अनुमान है। खासतौर पर सूरजमुखी तेल के आयात में भारी गिरावट आई है, जो फरवरी में लगभग 51 प्रतिशत तक कम हो गया। आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता और लगातार बढ़ती कीमतें इसकी मुख्य वजह हैं। युद्ध के कारण समुद्री मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिससे जहाजों की आवाजाही और डिलीवरी पर असर पड़ा है। समुद्री किराया भी 60 डॉलर प्रति टन बढ़ा खाद्य तेल कारोबारी संजय विरमानी के मुताबिक समुद्री रास्तों में बाधा और बढ़ते जोखिम के कारण बीमा कंपनियां भी माल कवर करने से हिचक रही हैं। वहीं समुद्री किराया भी प्रति टन करीब 60 डॉलर तक बढ़ गया है। ब्राजील और अर्जेंटीना से आने वाले शिपमेंट भी प्रभावित हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बायोडीजल में बढ़ती खपत से भी बाजार पर दबाव बढ़ा है। राइस ब्रान की उपलब्धता घटने से राइस ब्रान ऑयल का उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसकी कीमत पिछले साल 350 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर अब करीब 700 रुपये तक पहुंच गई है। 20 से 30 प्रतिशत तक हो सकती है वृद्धि इसका असर बाजार में साफ दिख रहा है। सरसों तेल 132.50 से बढ़कर 147 रुपये, सोया रिफाइंड 131.20 से 150.10 रुपये और सनफ्लावर रिफाइंड 160 से 175 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो खाद्य तेलों की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे आम उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ेगी। 

पंजाब के छात्रों पर रुपये की गिरावट का असर, विदेश में पढ़ाई अब और महंगी

जालंधर  भारतीय रुपये के लगातार कमजोर होने और डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक निचले स्तर (करीब 93 रुपये प्रति डॉलर) तक पहुंच गया है। इसका सीधा असर विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों, खासकर पंजाब के विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर पड़ रहा है।   पहले से ही महंगी विदेशी शिक्षा अब और अधिक बोझिल होती जा रही है, जिससे कई परिवार आर्थिक दबाव में आ गए हैं। रुपये की इस गिरावट ने न केवल कुल शिक्षा बजट को बढ़ाया है, बल्कि सालाना खर्च, लोन की अदायगी और अन्य छिपे हुए शुल्कों के रूप में भी अतिरिक्त बोझ डाल दिया है, जिससे विदेश में पढ़ाई का सपना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा महंगा हो गया है। विदेशी मुद्रा का कारोबार करने वाले हेमंत का कहना है कि रुपये में गिरावट के कारण विदेश में पढ़ाई का कुल बजट औसतन 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ गया है। उदाहरण के तौर पर, जो कोर्स पहले लगभग 1.2 करोड़ रुपये में पूरा हो जाता था, अब उसी पर करीब 1.5 करोड़ रुपये तक खर्च आ रहा है। यह वृद्धि केवल मुद्रा विनिमय दर में बदलाव के कारण हुई है, जिससे अभिभावकों की पहले से बनाई गई वित्तीय योजनाएं प्रभावित हो रही हैं और उन्हें अतिरिक्त संसाधन जुटाने पड़ रहे हैं। डॉलर महंगा होने से छात्रों को हर साल अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ रही है। उदाहरण के लिए, 55,000 डॉलर सालाना फीस वाले कोर्स में छात्रों को सिर्फ एक्सचेंज रेट की वजह से करीब 4.11 रुपये लाख अधिक देने पड़ रहे हैं। यह अतिरिक्त खर्च पूरे कोर्स अवधि में लाखों रुपये तक पहुंच जाता है, जो मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ा आर्थिक झटका साबित हो रहा है। विदेशी एजुकेशन की माहिर परमजीत का कहना है कि मुद्रा विनिमय के दौरान लगने वाले छिपे हुए शुल्क (हिडन चार्जेज) भी छात्रों के लिए बड़ी समस्या बनकर उभरे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्ष 2024 में भारतीय छात्रों को पारदर्शिता की कमी और अतिरिक्त शुल्कों के कारण 1,700 रुपये करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ। इन शुल्कों में बैंक मार्जिन, ट्रांसफर फीस और एक्सचेंज रेट में अंतर जैसी चीजें शामिल हैं, जिनके बारे में अधिकतर छात्रों और अभिभावकों को पहले से स्पष्ट जानकारी नहीं होती। एजुकेशन लोन पर भी असर रुपये के कमजोर होने का असर एजुकेशन लोन पर भी पड़ रहा है। लोन की कुल लागत और उसकी अदायगी पर सालाना 3 से 5 प्रतिशत तक अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है, जिससे छात्रों के लिए पढ़ाई पूरी करने के बाद कर्ज चुकाना और मुश्किल हो सकता है। ब्याज के साथ-साथ मूलधन की राशि भी बढ़ने से कुल देनदारी पहले के मुकाबले काफी अधिक हो जाती है। पंजाब से विदेश जाने वाले छात्रों के रुझान में भी हाल के समय में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2023 में भारत से करीब 3.19 लाख छात्र कनाडा गए थे, जिनमें से लगभग 1.8 लाख यानी करीब 56 प्रतिशत अकेले पंजाब से थे। लेकिन 2024-25 में सख्त नियमों और बढ़ते खर्च के कारण पंजाब से कनाडा जाने वाले छात्रों के आवेदनों में करीब 50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट इस बात का संकेत है कि बढ़ती लागत और नीतिगत बदलावों ने छात्रों के फैसलों को सीधे प्रभावित किया है। अमेरिका के मामले में स्थिति कुछ अलग नजर आती है। 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में अमेरिका में लगभग 3.63 लाख भारतीय छात्र नामांकित रहे, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। हालांकि, इसके बावजूद 2025 की पहली छमाही में भारतीय छात्रों को जारी किए जाने वाले एफ-1 वीजा में 44 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो भविष्य में वहां जाने वाले छात्रों की संख्या पर असर डाल सकती है। अमेरिका में पढ़ाई पर चार लाख का अतिरिक्त बोझ खर्च के स्तर पर देखा जाए तो अमेरिका में पढ़ाई की औसत वार्षिक लागत 25,000 डॉलर से 55,000 डॉलर के बीच है, जिसमें रुपये की गिरावट के कारण 4 लाख तक का सीधा अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। वहीं कनाडा में ग्रेजुएशन की औसत फीस 33,417 और पोस्ट ग्रेजुएशन की 16,321 डॉलर है, जबकि जीआईसी फंड बढ़कर 20,635 कनाडाई डॉलर यानी करीब 13 लाख रुपये हो गया है, जो छात्रों के लिए शुरुआती निवेश को और भारी बना देता है। विकल्प बदलने लगे छात्र एजुकेशन एक्सपर्ट पूजा सिंह का कहना है कि “रुपये की गिरावट ने विदेशी शिक्षा को मिडिल क्लास परिवारों की पहुंच से धीरे-धीरे दूर कर दिया है। कई छात्र अब अपने विकल्प बदल रहे हैं या अपनी पढ़ाई को टाल रहे हैं। आने वाले समय में छात्र सस्ते देशों की ओर रुख कर सकते हैं या भारत में ही बेहतर अवसर तलाशेंगे।” कुल मिलाकर, डॉलर की मजबूती और रुपये की कमजोरी ने पंजाब के छात्रों के विदेशी शिक्षा के सपनों पर गंभीर आर्थिक दबाव डाल दिया है। यदि यही स्थिति बनी रहती है, तो आने वाले समय में विदेश जाने वाले छात्रों की संख्या में और गिरावट देखने को मिल सकती है, और उच्च शिक्षा के लिए वैश्विक विकल्प चुनना पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।   

नैंसी ग्रेवाल हत्याकांड में नया मोड़, कनाडाई जांच एजेंसियों ने खालिस्तान समर्थकों पर शक जताया

चण्डीगढ़ पंजाबी मूल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नैंसी ग्रेवाल की हत्या में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। कनाडाई जांच एजेंसियों ने पहली बार यह संकेत दिया है कि इस हत्याकांड के पीछे खालिस्तानी समर्थक तत्वों का हाथ हो सकता है।  पुलिस का मानना है कि नैंसी का सोशल मीडिया पर खालिस्तान समर्थकों का लगातार और तीखा विरोध ही इस हत्या का मुख्य कारण बन सकता है। पंजाब के लुधियाना-जालंधर क्षेत्र की 45 वर्षीय नैंसी की 3 मार्च को ओंटारियो के लासाले में एक क्लाइंट के घर के बाहर चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस इस वारदात को सुनियोजित टारगेट किलिंग मान रही है।  40 से अधिक बार मिल चुकी थी धमकियां परिवार के अनुसार, नैंसी को खालिस्तान विरोधी वीडियो पोस्ट करने के कारण 40 से अधिक बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी थीं। इस बारे में विंडसर पुलिस को सूचित किया गया था लेकिन सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पाई। जांच में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। पुलिस ओंटारियो में नैंसी के घर पर हुए पिछले साल के पेट्रोल बम हमले की भी जांच कर रही है, और शक जताया जा रहा है कि यह दोनों घटनाएं एक ही समूह के कृत्य हो सकती हैं। जांच में निजी रंजिश का भी एंगल पुलिस अब इस मामले में खालिस्तानी कट्टरपंथी लिंक की जांच कर रही है। हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन जांच में निजी रंजिश और अलगाववादी एंगल दोनों पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। सिख कल्चरल सोसाइटी विंडसर के पूर्व प्रधान हरजिंदर सिंह कंदोला ने जांच को निष्पक्ष और ठोस सबूतों के आधार पर करने की अपील की है, ताकि पूरे सिख समुदाय को बिना वजह बदनाम न किया जाए। नैंसी की मां और बहन ने आरोप लगाया है कि उनकी निडर आवाज को दबाने के लिए यह हत्या की गई। 

CM का बयान: पंजाब में पेट्रोल का 12, डीजल का 14 और सिलेंडर का 6 दिन का स्टॉक, स्टोर न करें

अमृतसर  फगवाड़ा में आम जनता को लगभग सभी पैट्रोल पंपों पर सामान्य दिनों की भांति ही पैट्रोल और डीजल मिल रहा है।  आज जब शहर के प्रमुख पैट्रोल पंपों का दौरा किया गया तो सभी पंपों पर लोगों को सरलता के साथ पैट्रोल और डीजल वाहनों में भरवाते हुए पाया। लोगों ने भी पैट्रोल पंपों पर मिल रहे तेल पर संतोष जताया हैं। हालांकि कुछ लोगों ने कहा कि पैट्रोल पंपों पर जारी हालात के मध्य वाहनों की लंबी कतारें जरूर लग रही हैं लेकिन यह तो अनेक मौकों पर पहले भी लगती रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कल (27 मार्च) को हुई मीटिंग के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को चंडीगढ़ में मीडिया से बात की। उन्होंने मीटिंग के बारे में कहा कि देश में लॉकडाउन लगने की कोई संभावना नहीं है।  लोगों ने कहा कि सोशल मीडिया पर आए दिन पैट्रोल और डीजल को लेकर कई तरह की चर्चाओं का दौर सरगर्म रहने और भांति प्रकार की उठ रही अफवाहों के कारण हालात को कुछ का कुछ बनाया जा रहा है। ऐसे में जरूरत है कि हम सभी सजग और सर्तक रहे और सच्चाई पर पहरा देते हुए अफवाहों से बचें। जनता ने जिला कपूरथला पुलिस और प्रशासन से भी पुरजोर मांग की हैं कि वह सोशल मीडिया पर जनता के मुद्दों संबंधी बारीकी से फैक्ट चैक करें जिससे सही और सटीक सूचना आम लोगों तक पहुंच सके।  पंजाब के हालात के बारे में CM भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में पेट्रोल का 12 दिन और डीजल का 14 दिन का स्टॉक बचा हुआ है। LPG गैस का भी 6 दिन का स्टॉक है। सीएम ने स्पष्ट किया कि 2 महीने पहले भी यही स्थिति थी, इसलिए लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सीएम ने कहा कि अफवाहों की वजह से तेल की डिमांड ज्यादा बढ़ गई है। मैंने चीफ सेक्रेटरी को कहा है कि डीसी से संपर्क करो और जिस पेट्रोल पंप पर लाइनें लगी हैं, उसे चेक करो। ऐसे कोई हालात नहीं हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र ने 41 देशों के साथ समझौते किए हैं। देश में 60 दिन का तेल का स्टॉक है। अफवाहों से बचने की जरूरत है। हम पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। चीफ सेक्रेटरी और DC से बात कर रहे हैं। केंद्रीय गृह और पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ संपर्क में हैं। लॉकडाउन लगने की कोई संभावना नहीं है। कुछ भी स्टोर करनें की जरूरत नहीं हैं। हमने हर तरह की कंडीशन हटाने को कहा है ताकि फैक्ट्री को 2 दिन बंद करना पड़े, ऐसी नौबत न आए क्योंकि वहां कर्मचारियों का रोजगार चलता है। सीएम ने कहा कि कल प्रधानमंत्री के साथ मीटिंग हुई थी, जिसमें यह मांगें रखी गई हैं। मैंने कहा कि हमारी गेहूं की फसल आ रही है। ट्रैक्टर, कंबाइन और मंडियों में ट्रक भी चलेंगे। हमें डीजल-पेट्रोल की कमी नहीं होनी चाहिए। हमारी फसल मंडी में आए, तुलाई हो जाए और साथ के साथ गोदाम में जाए। हमें इसके लिए तेल की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। मैंने PM को यही विनती की कि आपके दूसरे देशों से अच्छे संबंध हैं। हमने विज्ञापन भी देखा कि आपने युद्ध रुकवा दिए। भारतीयों को सुरक्षित रखा। यह वक्त भारत के 140 करोड़ लोगों के लिए दोस्ती निभाने का वक्त है। लोगों के लिए पेट्रोलियम उत्पादों और दूसरी चीजों की दिक्कत न हो, इसका ध्यान रखिएगा। हमें व्हाइट हाउस से ऑर्डर आता है कि हम तुम्हें एक महीने के लिए रूस से कच्चा तेल खरीदने की इजाजत मिलती है। हम तो विश्वगुरू बनने चले थे, विश्वचेले कब से बन गए। वहीं ताजा हालात की बात करें तो अमेरिका-इजराइल और ईरान की जंग के बीच पंजाब में पेट्रोल-डीजल को लेकर मारामारी मची हुई है। कल जालंधर और लुधियाना के 2 पेट्रोल पंप ड्राई हो गए थे। आज, शनिवार को अमृतसर में भी रानी के बाग वाले पेट्रोल पंप पर पेट्रोल खत्म हो गया। जिसके बाद पंप मालिकों ने वहां नोटिस लगा दिया। वहीं जालंधर में कल बंद हुआ BMC चौक के पास वाले पंप में तेल आने के बाद इसो फिर खोल दिया गया है। लुधियाना में भारत नगर चौक वाला पंप अभी भी बंद है। इसी बीच मोगा में फूड एंड सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट ने पेट्रोल पंप मालिकों को एडवाइजरी जारी कर ड्रमों और कैनियों में डीजल भरने पर रोक लगाने को कहा है। डिपार्टमेंट का कहना है कि इससे स्टोरेज और ब्लैकमार्केटिंग पर रोक लगेगी। वहीं पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने इसका विरोध किया। एसोसिएशन ने साफ किया कि यह गलत है। डीजल का उपयोग मोटर, पंपों, जनरेटरों, आदि में होता है। इन्हें पेट्रोल पंप पर लाना संभव नहीं है। इससे लोगों में पैनिक बढ़ेगा और परेशानी भी बढ़ेगी। लुधियाना में भारत नगर चौक के पास पेट्रोल पंप में कल बंद कर दिया गया। लुधियाना में अब सिर्फ गाड़ियों में तेल मिलेगा। कैनी वगैरह में पेट्रोल-डीजल देना बंद कर दिया गया है। चंडीगढ़ में ड्रम में डीजल बेचना बंद कर दिया गया है। पठानकोट में हालात फिलहाल नॉर्मल हैं। मोहाली में भी पेट्रोल-डीजल को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। वहीं लुधियाना के आजाद पंप के मैनेजर अजय ने बताया कि अभी लोगों को तेल की दिक्कत नहीं है लेकिन हमें पहले जो 2 गाड़ियां क्रेडिट पर यानी उधार मिलती थीं, वह सरकार की तरफ से बंद कर दी गई हैं। अब हमें एडवांस पेमेंट देनी पड़ती है, तभी गाड़ी वहां से चलती है। मंत्री बोले- पैनिक क्रिएट न करें मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि लोगों से अनुरोध है कि पैनिक क्रिएट ना करें। पेट्रोल-डीजल को लेकर कोई कमी नहीं है। एलपीजी का रुट जरूर डिस्टर्ब हुआ है। अभी तक के हालात के मुताबिक कॉमर्शियल एलपीजी की कमी जरूर है। इस समय 20 प्रतिशत अवेलेबल है। हमारी कोशिश है की होस्टल, अस्पताल व अन्य जरूरी स्थानों पर इसका इस्तेमाल हो। पाइप गैस की कोई कमी नहीं है।