samacharsecretary.com

सीआईए फिरोजपुर की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में हेरोइन और कैश बरामद, दो आरोपी दबोचे गए

फिरोजपुर  फिरोजपुर सीआईए स्टाफ ने पांच किलो हेरोइन व 29 लाख रुपये ड्रग्स मनी समेत दो तस्करों को काबू किया है। इनके पास से तीन मोबाइल भी बरामद हुए हैं। पकड़े गए आरोपी की पहचान साजन वासी बस्ती आवा और रमेश वासी गांव नौरंगके लेली वाला के तौर पर हुई है। थाना सिटी पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।  नार्को-टेरर नेटवर्क का भंडाफोड़: अंकुश कपूर मास्टरमाइंड, 8 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 2020 के अंतरराष्ट्रीय नार्को-आतंकी गठजोड़ मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। पाकिस्तान से समुद्री मार्ग के जरिए गुजरात में ड्रग्स की तस्करी के मामले में यह कार्रवाई की गई है। ड्रग्स की कमाई लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) आतंकी संगठन को फंडिंग के लिए इस्तेमाल होनी थी।  एनआईए ने दायर अपनी आठवीं पूरक चार्जशीट में यह स्पष्ट किया है कि यह साजिश इटली बेस्ड सिमरनजीत सिंह संधू, ऑस्ट्रेलिया निवासी तनवीर बेदी और भारत में अंकुश कपूर ने रची थी। चार्जशीट अहमदाबाद की एनआईए विशेष अदालत में एनडीपीएस एक्ट और यूए (पी) एक्ट की धाराओं के तहत दाखिल की गई है। इसके अलावा आरोपियों में पाकिस्तान के नागरिक तारिक उर्फ भाईजान, गगनदीप सिंह अरोड़ा, तमन्ना गुप्ता, सुखबीर सिंह उर्फ हैप्पी और अनवर मसीह भी शामिल हैं। जांच में सामने आया कि पाकिस्तान से करीब 500 किलोग्राम हेरोइन गुजरात लाई गई थी, जिसे आगे पंजाब भेजा गया था। इस ड्रग्स की बिक्री से मिली रकम लश्कर-ए-तैयबा की आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होती थी। एनआईए की जांच में पता चला कि यह नार्को-टेरर नेटवर्क गुजरात, दिल्ली, पंजाब और चंडीगढ़ समेत कई राज्यों में फैला था, जो आगे  इटली, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, पाकिस्तान, ईरान और थाईलैंड जैसे देशों तक फैला हुआ था। जांच के अनुसार, अंकुश कपूर भारत में नार्को-टेरर सिंडिकेट का मुख्य संचालक था, जिसकी पंजाब में तस्करी के जमीनी संचालन, लॉजिस्टिक्स, स्टोरेज और स्थानीय वितरण की जिम्मेदार थी। सिमरनजीत इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड था, जो अवैध ड्रग्स की सप्लाई, स्टोरेज, प्रोसेसिंग और फंडिंग का काम देखता था। तनवीर बेदी ने अंतरराष्ट्रीय हवाला चैनलों के जरिए आतंकी समूह की भारत में गतिविधियों के लिए फंडिंग की। वहीं फरार गगनदीप सिंह अरोड़ा बड़ी धनराशि के स्थानांतरण में शामिल था। अब तक इस मामले में कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि आठ आरोपी फरार हैं। एनआईए फरार आरोपियों की तलाश में है, ताकि इस सिंडिकेट को खत्म करने के साथ ड्रग्स तस्करी और आतंकवाद के गठजोड़ को समाप्त किया जा सके। 

पंजाब में बाढ़ राहत पर दोबारा मंथन, चीफ सेक्रेटरी की मीटिंग जारी; केंद्र से मांगे 1600 करोड़

चंडीगढ़  पंजाब में बाढ़ से कितना नुकसान हुआ है, इसके लिए अब सरकार नए सिरे से स्टडी कर मेमोरेंडम तैयार कर रही है। इसको लेकर पंजाब के चीफ सेक्रेटरी के.ए.पी. सिन्हा आज (8 अक्टूबर) के.आई.पी. सिंह और विभिन्न विभागों के अधिकारियों से मीटिंग कर रहे हैं।  जल्दी ही इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। सिंचाई मंत्री वरिंदर कुमार गोयल का कहना है कि प्रधानमंत्री खुद हेलिकॉप्टर से स्थिति का जायजा ले चुके हैं। उनका कहना है कि 1,600 करोड़ की बात बीच में रह गई है। पहले टोकन मनी तो भेज दें। पंजाब को इस समय मदद की जरूरत है। 1987 के बाद आई भीषण बाढ़ पंजाब में 1987 के बाद पहली बार भीषण बाढ़ आई है। इस वजह से राज्य के 23 जिलों में नुकसान हुआ है। सरकार का अनुमान है कि 20,000 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। स्कूल, कॉलेजों से लेकर लोगों के घर तक बह गए हैं। 60 के करीब लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ प्रभावितों के लिए पंजाब सरकार ने दिवाली तक मुआवजा देने का ऐलान तक किया है। वहीं, राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा खुद प्रधानमंत्री ले चुके हैं। उन्होंने 10 सितंबर को पंजाब का दौरा किया था। वह बाढ़ प्रभावितों से मिले थे। इस दौरान उन्होंने फौरी मदद के रूप में 1,600 करोड़ रुपए का ऐलान किया था, जबकि कहा था कि एसडीआरएफ के 13,000 करोड़ रुपए पंजाब के पास हैं। जिसको लेकर पंजाब की राजनीति गरमा गई है। केंद्र सरकार के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया है। ​​​​दिल्ली में गृहमंत्री से मिले थे पंजाब के सीएम भगवंत मान ने 30 सितंबर को गृहमंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की थी। करीब 25 मिनट की मीटिंग चली थी। इस दौरान उन्होंने पंजाब में हुए नुकसान के बारे में बताया था। साथ ही पंजाब की मदद करने के लिए कहा था। सीएम ने मीडिया से कहा था कि गृहमंत्री ने विश्वास दिलाया है कि पंजाब को हर संभव मदद दी जाएगी।

पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री को बड़ा झटका, राजवीर जवंदा ने हादसे के 11 दिन बाद तोड़ा दम

मोहाली  पंजाबी गायक राजवीर जवंदा का इलाज के दौरान निधन हो गया है। बुधवार सुबह 10 बजकर 55 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। बाइक एक्सीडेंट में घायल जवंदा मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे। 27 सितंबर को पंजाबी सिंगर जवंदा का पंचकूला के पिंजौर में बीएमडब्ल्यू बाइक से एक्सीडेंट हुआ था। उनका अंतिम संस्कार कल जगरांव में होगा।  पिंजौर-नालागढ़ रोड पर सेक्टर-30 टी पॉइंट के पास बाइक से आ रहे पंजाबी सिंगर राजवीर जवंदा सांडों की लड़ाई की वजह से हादसे का शिकार हो गए थे। सिंगर बद्दी से पिंजौर आ रहे थे। अचानक सांड आगे आने पर उनकी बाइक अनियंत्रित हुई और हाईवे पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में राजवीर जवंदा को सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई थीं। एक्सीडेंट के बाद से ही राजवीर लाइफ सपोर्ट पर थे।   2014 में निकाली थी पहली एलबम 2014 में मुंडा लाइक मी एल्बम से राजवीर ने अपने कैरियर की शुरुआत की और 2016 में कली जवंदे दी से उन्हें पहचान मिली। 2017 में मुकाबला और कंगणी जैसे गाने हिट हुए। इसके बाद पटियाला शाही पग, केसरी झंडे, लैंडलॉर्ड, सरनेम समेत कई सुपरहिट गाने दिए। 2018 में पंजाबी फिल्म सूबेदार जोगिंदर सिंह से उन्होंने एक्टिंग डेब्यू किया और काका जी, जिंद जान, मिंदो तहसीलदारनी, सिकंदर 2 जैसी फिल्मों में अभिनय किया। गायकी के लिए छोड़ी पुलिस की नौकरी राजवीर के पिता कर्म सिंह पंजाब पुलिस में एएसआई थे। राजवीर भी 2011 में पंजाब पुलिस में कॉन्स्टेबल बने और जगरांव में ड्यूटी की। लेकिन 2019 में उन्होंने सिंगिंग करियर को आगे बढ़ाने के लिए नौकरी छोड़ दी। जवंदा को था बाइक राइडिंग का शौक गांव आने पर राजवीर बच्चों को मिठाइयां बांटते थे। उन्हें बाइक राइडिंग का शौक था और हाल ही में उन्होंने 27 लाख की बीएमडब्ल्यू बाइक खरीदी थी। इसी बाइक से शिमला जाते वक्त उनके साथ हादसा हुआ। सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई। राजवीर के दादा और पिता का निधन हो चुका है। वे अपनी पत्नी अशविंदर कौर, बेटी हेमंत कौर और बेटे दिलावर सिंह के साथ रहते थे। गांव की सरपंच रह चुकी हैं मां राजवीर जवंदा के लुधियाना स्थित पैतृक गांव पौना और आसपास के इलाकों में दुआओं का दौर जारी था। गांव के लोग गुरुद्वारा साहिब में अखंड पाठ और अरदास कर उनकी सलामती की अरदास कर रहे थे। राजवीर जवंदा की मां परमजीत कौर गांव की सरपंच रह चुकी हैं। बचपन में ही दूरदर्शन की शूटिंग के दौरान उनकी गायकी की तारीफ हुई और वहीं से उनका संगीत के प्रति झुकाव शुरू हुआ। जगरांव से पढ़ाई पूरी कर उन्होंने पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से थिएटर एवं टेलीविजन में एमए किया।   

केजरीवाल का पंजाब दौरा: जालंधर में शुरू होंगे 5000 करोड़ के बिजली ट्रांसमिशन कार्य

 जालंधर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पंजाब के दो दिवसीय दौरे पर हैं। केजरीवाल जालंधर और बठिंडा के दौरे पर रहेंगे।केजरीवाल आज जालंधर में मुख्यमंत्री मान के साथ बतौर मुख्य अतिथि शामिल होकर 5000 करोड़ के निवेश के साथ पंजाब में पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कार्यों की शुरुआत करेंगे। इसी के साथ लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में आयोजित होने वाले वन इंडिया 2025 राष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सव में शिरकत करेंगे। गुरुवार को वह सीएम मान के साथ बठिंडा में 3100 नए खेल मैदानों का नींव पत्थर रखेंगे। यह पूरे पंजाब में विश्वस्तरीय खेल मैदान बनाने की परियोजना है। इनकी लागत 1184 करोड़ रुपये रखी है। इसके बाद वीरवार दोपहर को चंडीगढ़ में आयोजित एंटरप्रेन्योरशिप माइंडसेट कोर्स का मुख्यमंत्री मान के साथ शुभारंभ करेंगे।   

बच्चों की मौत के मामले के बाद पंजाब में कोल्डरिफ सिरप बैन, सरकार ने लिया कड़ा फैसला

चंडीगढ़  पंजाब सरकार के फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (ड्रग्स विंग) ने कोल्डरिफ सिरप की बिक्री, वितरण और उपयोग पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। विभाग ने यह कदम उस रिपोर्ट के बाद उठाया है जिसमें उक्त दवा को नॉन-स्टैंडर्ड क्वालिटी घोषित किया गया है। यह रिपोर्ट मध्य प्रदेश ड्रग्स टेस्टिंग लैबोरेटरी द्वारा 4 अक्तूबर 2025 को जारी की गई थी। जांच में पाया गया कि यह सिरप डाइइथिलीन ग्लाइकोल की अत्यधिक मात्रा (46.28%) के कारण मिलावटी और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। यह सिरप स्रेसन फार्मास्युटिकल्स कांचीपुरम तमिलनाडु द्वारा मई 2025 में निर्मित और अप्रैल 2027 तक वैध बताया गया था। विभाग के अनुसार यह दवा मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में बच्चों की हालिया मौतों से जुड़ी बताई जा रही है, जिसके चलते पंजाब में इसे तुरंत प्रतिबंधित किया गया है। आदेश में सभी रिटेलर्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स, अस्पतालों और मेडिकल प्रैक्टिशनरों को निर्देश दिया गया है कि वे इस सिरप को न खरीदें, न बेचें और न ही उपयोग करें। अगर राज्य में इस उत्पाद का कोई भी स्टॉक पाया जाता है, तो उसकी जानकारी drugcontrol.fda@punjab.gov.in पर रिपोर्ट करने के लिए बोला गया है। पंजाब के संयुक्त आयुक्त (ड्रग्स) ने यह आदेश जारी गए किए हैं और इसकी प्रति स्वास्थ्य मंत्री व संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है। सरकारी ऑर्डर में ये बातें लिखीं…     मध्य प्रदेश में परीक्षण के दौरान खतरनाक पाई गई: ऑर्डर में कहा गया है कि मध्य प्रदेश की खाद्य एवं औषधि प्रशासन की औषधि परीक्षण प्रयोगशाला ने 4 अक्टूबर 2025 को एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, कोल्ड्रिफ सिरप नाम की दवा अच्छी गुणवत्ता वाली नहीं पाई गई है।     तमिलनाडु में बनी, इसमें जहरीले रसायन की पुष्टि: कोल्ड्रिफ सिरप का बैच नंबर SR-13 श्रीसन फार्मास्युटिकल्स, कांचीपुरम (तमिलनाडु) ने तैयार किया है। यह मई 2025 में बना और अप्रैल 2027 में खत्म होगा। इस सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल (46.28% w/v) की मिलावट पाई गई है, जो जहर के समान हानिकारक रसायन है और इससे सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है।     सिरप की मौजूदगी की सूचना देने के लिए ईमेल एड्रेस जारी: ऑर्डर के आखिर में लिखा है कि यह सिरप (कोल्ड्रिफ) मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में बच्चों की मौत से जुड़ी है, इसलिए पंजाब में इस दवा की बिक्री, वितरण और इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगा दी गई है। पंजाब के सभी मेडिकल स्टोर, डिस्ट्रीब्यूटर, डॉक्टर और अस्पताल इस दवा को न बेचें, न खरीदें और न ही इस्तेमाल करें। अगर कहीं यह सिरप मौजूद है, तो उसकी जानकारी तुरंत पंजाब खाद्य एवं औषधि प्रशासन (दवा शाखा) को ईमेल drugscontrol.fda@punjals.gov.in पर दें। तमिलनाडु में बनने वाली कोल्ड्रिफ सिरप में 48% जहर कांचीपुरम जिले के सुंगुवर्चत्रम में स्थित श्रीसन फार्मास्यूटिकल की यूनिट से कोल्ड्रिफ सिरप (बैच नंबर SR-13) जब्त किया गया। जांच में पता चला कि इसमें नॉन-फार्माकॉपिया ग्रेड प्रोपीलीन ग्लाइकॉल का इस्तेमाल हुआ, जो संभवतः डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) और एथिलीन ग्लाइकॉल से दूषित था। दोनों ही केमिकल किडनी को नुकसान पहुंचाने वाले जहरीले पदार्थ हैं। जैसे ही सैंपल चेन्नई की सरकारी ड्रग्स टेस्टिंग लैब में भेजे गए, वहां से 24 घंटे में रिपोर्ट दी गई। इसमें पाया गया कि कोल्ड्रिफ सिरप का यह बैच 48.6% w/v DEG से जहरीला और ‘Not of Standard Quality’ है। जबकि अन्य चार दवाओं (रेस्पोलाइट D, GL, ST और हेप्सैंडिन सिरप) को स्टैंडर्ड क्वालिटी का पाया गया। जांच रिपोर्ट के बाद तमिलनाडु सरकार का एक्शन     पूरे राज्य में कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री-वितरण पर तुरंत रोक लगाई गई।     सभी ड्रग इंस्पेक्टर्स को थोक और रिटेल दुकानों से स्टॉक फ्रीज करने का आदेश दिया।     ओडिशा और पुडुचेरी के अधिकारियों को भी अलर्ट किया गया।     कंपनी को स्टॉप प्रोडक्शन ऑर्डर जारी कर दिया गया।     मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस कैंसिल करने के लिए शो-कॉज नोटिस भी भेजा गया।

पंजाब के इस जिले में 10 लाख की स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत, लाल लकीर वाले भी लाभान्वित

अमृतसर   ‘आप’ के तरनतारन उप-चुनाव के लिए उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू ने हलके के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार द्वारा किए गए बड़े विकास कार्यों और लोक पक्षीय फैसलों के बारे में जानकारी दी। संधू ने बताया कि उनके निवेदन पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 10 लाख रुपए की मुफ्त सेहत बीमा योजना की शुरूआत तरनतारन से की, जिसके तहत हलके की 3 लाख की आबादी वाले लोगों को इस योजना के घेरे में लाया गया है। उन्होंने बताया कि जहां पहले गांवों में ‘लाल लकीर’ के अंदर वाले घरों और प्लॉटों के मालिकाना हकों को लेकर कब्जे और लड़ाई-झगड़े होते थे, वहां मान सरकार ने बड़ा प्रयास करते हुए उन लोगों को भी मालिकाना हक दे दिए हैं, जिससे उनका बहुत बड़ा मसला हल हो गया है। इस संबंध में रजिस्ट्रेशन का काम चल रहा है और इससे लोग अब अपनी जायदाद बेच सकते हैं या उस पर लोन लेकर कारोबार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों के बुनियादी ढांचे और चौड़ीकरण के लिए सिर्फ तरनतारन हलके के लिए 55 करोड़ रुपए आ चुके हैं। इसके साथ ही पंचायतों के विकास कार्यों के लिए 30 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं। संधू ने हलके के वोटरों को अपील की कि वे अपने हलके को तरक्की की बुलंदियों पर लेकर जाएं और ‘आप’ को कामयाब करें। 

पंजाब में अस्पताल सुरक्षा में बढ़ावा, 2 साल में 80 मारपीट के मामलों के बाद 23 जिलों में सुरक्षा प्रोजेक्ट शुरू

चंडीगढ़  स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के 23 जिलों के अस्पतालों में सुरक्षा गार्ड तैनात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले चरण में 200 सुरक्षा गार्डों को तैनात किया जाएगा जिसके लिए विभाग के नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक ने पंजाब एक्स सर्विसमैन कॉरपोरेशन (पेस्को) को पत्र लिख दिया है। इससे डॉक्टरों की एक बड़ी मांग पूरी हो गई है क्योंकि अस्पतालों में हिंसा की बढ़ती घटनाओं के चलते वह सुरक्षा कर्मी तैनात करने की मांग कर रहे थे। विभाग ने पत्र में कहा है कि 31 मार्च-2026 तक सभी अस्पतालों में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जानी है। सुरक्षा कर्मियों के वेतन पर आने वाले खर्चों की अदायगी पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन के अधीन चलती स्कीम के तहत किया जाएगा। विभाग ने कहा है कि तैनाती प्रक्रिया दौरान पंजाब सरकार की आरक्षण नीति की पालना की जाएगी। पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रधान अखिल सरीन ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पहले चरण में जिला अस्पतालों में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके बाद दूसरे चारण में सब डिविजनल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इससे अब डॉक्टर बिना डरे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दिन रात काम कर सकेंगे।  इस महीने के अंत तक सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। अगर यह प्रोजेक्ट कामयाब रहता है तो अन्य अस्पतालों में भी इसे लागू किया जाएगा। वहीं, इस फैसले से डॉक्टरों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि इससे लोगों को काफी फायदा होगा। यह स्टाफ इमरजेंसी में तैनात रहेगा। हर 10वें दिन डॉक्टरों से मारपीट पंजाब के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के साथ इमरजेंसी में मारपीट के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अगर दो सालों की बात करें तो डॉक्टरों के साथ अस्पतालों में मारपीट के लगभग 80 केस आ चुके हैं। हर 10वें दिन एक केस आता है। डॉक्टरों की मानें तो यह स्थिति बॉर्डर एरिया के जिलों में ही नहीं बल्कि वीआईपी जिले मोहाली में भी आ चुकी है। वहीं, कई बार तो इस वजह से डॉक्टर अपना काम भी उचित तरीके से नहीं कर पाते हैं। उन्हें अपनी सुरक्षा का डर सताने लगता है। सिक्योरिटी ऑडिट में मिली थी खामियां पिछले साल सितंबर में जब मोहाली के डेराबस्सी और जालंधर में डॉक्टरों से मारपीट हुई थी, उस समय डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया था। साथ ही डॉक्टरों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद यह फैसला लिया गया था कि सारे जिलों में गठित हेल्थ सिक्योरिटी बोर्ड की तरफ से मेडिकल संस्थानों का सिक्योरिटी ऑडिट किया जाएगा। वित्त विभाग से मंजूरी के बाद गार्ड तैनाती का फैसला साथ ही सारे अस्पतालों में उन स्थानों की पहचान करने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद सारे अस्पतालों में डार्क पॉइंट कवर किए गए थे। अधिकतर अस्पतालों की इमरजेंसी में कैमरे लगाए गए थे, लेकिन अभी तक गार्ड नहीं लग पाए थे क्योंकि इसमें फंड की कमी आ रही थी। इसके बाद वित्त विभाग से इस बारे में मंजूरी ली गई, जिसके बाद इनकी तैनाती का फैसला लिया गया है। 31 मार्च तक रहेगी तैनाती इन सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति 31 मार्च 2026 तक आउटसोर्स के माध्यम से की जाएगी। इनकी नियुक्ति में पंजाब सरकार की रिजर्वेशन पॉलिसी लागू रहेगी। इन मुलाजिमों को भुगतान पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कॉर्पोरेशन के अधीन चल रही स्कीम के तहत किया जाएगा। पीसीएमएस एसोसिएशन पंजाब के डॉ. अखिल सरीन ने कहा कि सरकार का यह अच्छा कदम है। इससे डॉक्टरों को अस्पताल में एक अच्छा माहौल मिलेगा। संस्थान- सिक्योरिटी गार्ड की संख्या     डीएच अमृतसर- 11     डीएच बरनाला- 7     डीएच बठिंडा- 11     डीएच फरीदकोट- 7     डीएच फतेहगढ़ साहिब- 7     डीएच फाजिल्का- 9     डीएच फिरोजपुर- 9     डीएच गुरदासपुर- 9     डीएच होशियारपुर- 9     डीएच जालंधर- 11     डीएच कपूरथला- 9     डीएच लुधियाना- 12     डीएच मालेरकोटला- 7     डीएच मानसा- 7     डीएच मोगा- 9     डीएच मुक्तसर साहिब- 9     डीएच पठानकोट- 7     डीएच एमकेएच पटियाला- 11     डीएच रूपनगर- 7     डीएच संगरूर- 9     डीएच मोहाली- 9     डीएच एसबीएस नगर- 7     डीएच तरनतारन- 7

तरणतारन सीट पर शिअद का कब्जा, आप के लिए बरकरार रखने की मुश्किलें बढ़ीं

चंडीगढ़  पंजाब का तरनतारन विधानसभा क्षेत्र कभी शिरोमणि अकाली दल का गढ़ रहा है मगर पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी ने यहां से शानदार जीत दर्ज की थी। हालांकि इस सीट से कांग्रेस भी एक बार जीत का स्वाद चख चुकी है। आप विधायक डॉ. कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद अब यहां उपचुनाव करवाया जा रहा है। चुनावी बिगुल बज चुका है और 11 नवंबर को यहां उप चुनाव होंगे। जनादेश 14 नवंबर को आएगा। चुनावी घोषणा के बाद हलके में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राजनीतिक दलों शिअद, आप, भाजपा व कांग्रेस ने अपने-अपने प्रत्याशी पहले ही घोषित कर रखे हैं और सभी क्षेत्र में प्रचार भी कर रहे हैं। शिअद से अलग हुई पंथक पार्टी भी यहां अपना प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है। इसके लिए पार्टी ने एक कमेटी का गठन किया है, जो प्रत्याशी पर फैसला लेगी। बगावत के बाद यह पंथक दल इस सीट पर शिरोमणि अकाली दल के वोटबैंक में सेंधमारी कर मुश्किलें पैदा कर सकता है। उधर शिअद ने इस क्षेत्र में राजनीति और समाज सेवा से जुड़े आजाद ग्रुप को अपने साथ मिला लिया है। इस ग्रुप ने इलाके में अपने करीब 40 सरपंच और 7 पार्षद जितवाएं हैं। इसी ग्रुप से जुड़ीं प्राचार्य सुखविंदर कौर रंधावा को शिअद ने इस बार अपना प्रत्याशी बनाया है। सुखविंदर कौर के पति धर्मी फौजी रहे हैं। उनका भी क्षेत्र में अच्छा प्रभाव था। इसका भी फायदा सुखविंदर को मिल सकता है। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने इस बार दलबदलू हरमीत सिंह संधू पर दांव खेला है। संधू 2002, 2007 व 2012 में विधायक रह चुके हैं। उन्होंने दो बार शिअद से चुनाव जीता और एक बार निर्दलीय (2002) चुनाव जीता था। साल 2017 व 2022 में वे हार गए थे। क्षेत्र में अच्छा रसूख रखने वाले इसी संधू को आप ने अब अपने साथ मिला लिया है और उन्हीं पर दांव खेल दिया है। पंथक दल के बाद संधू भी शिअद के लिए दूसरी बड़ी चुनौती बन सकते हैं। कांग्रेस ने किसान नेता करणबीर सिंह बुर्ज को मैदान में उतारा है। साल 2017 में कांग्रेस के डॉ. धर्मबीर अग्निहोत्री ने इस सीट से जीत दर्ज की थी। अब पार्टी को बुर्ज से उम्मीदें हैं। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के करीबी माने जाते हैं और कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। भाजपा ने तरनतारन के जिलाध्यक्ष हरजीत सिंह संधू को चुनावी समर में उतारा है। हरजीत पहले अकाली दल से जुड़े रहे हैं मगर साल 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर ली थी। क्षेत्र प्रभाव ठीक बताया जा रहा है और वे अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन इकबाल सिंह लालपुरा के नजदीकी माने जाते हैं। सीट पर कब्जा काबिज रखना चाह रही आप तरनतारन सीट पर पहली बार साल 2022 में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी कश्मीर सिंह सोहल ने जीत दर्ज की थी। साल 2017 में आप ने करतार सिंह पहलवान पर दांव खेला था मगर वह कांग्रेस के धर्मबीर अग्निहोत्री से कड़े मुकाबले में हार गए थे। आप इस सीट पर अपना कब्जा काबिज रखना चाहती है। तीन दिन पहले मुख्यमंत्री तरनतारन में एक कार्यक्रम के दौरान हरमीत सिंह संधू को आप का प्रत्याशी घोषित करके आए थे। सीएम ने तरनतारन की जनता से आह्वान किया था कि वे इस बार भी आप के प्रत्याशी को जितवा दें, उसके बाद वे देखेंगे कि तरनतारन में विकास की गति कैसे तेज होती है। उधर, उपचुनाव का रिकॉर्ड देखें तो आप के पक्ष में ही रहा। सूबे में हुए उपचुनाव में जालंधर वेस्ट विधानसभा चुनाव में आप के मोहिंदर भगत, डेरा बाबा नानक से गुरदीप सिंह रंधावा, चब्बेवाल से डाॅ. इशांक चब्बेवाल, गिद्दड़बाहा से डिंपी ढिल्लों, बरनाला से हरिंदर सिंह धारीवाल और लुधियाना वेस्ट से संजीव अरोड़ा ने जीत दर्ज की थी। अब आप की निगाहें तरनतारन की सीट पर है।

मंत्री बैंस ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र, कहा—शिक्षक हैं ज्ञान और मूल्यों के स्तंभ

चंडीगढ़ पंजाब में अब कोई भी शिक्षक पढ़ाने के सिवाय गैर शैक्षिक कार्य नहीं करेगा। शिक्षामंत्री हरजोत बैंस ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत प्रभाव से इस संदर्भ में सभी विभागों को सख्त हिदायत जारी करें। शिक्षामंत्री ने साफ कहा कि शिक्षकों के लिए कक्षाएं सबसे ज्यादा जरूरी कार्य हैं न कि अन्य कार्य। कई जिलों में शिक्षकों को कक्षाओं से हटाकर रुटीन प्रशासनिक कामों में लगाने की रिपोर्टों पर शिक्षामंत्री ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने इस रिवायत को शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के साथ घोर अन्याय करार दिया। उन्होंने शिक्षण ड्यूटी को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि शिक्षक अपनी मुख्य जिम्मेदारी पर ही ध्यान केंद्रित करें। मुख्य सचिव को लिखे पत्र में मंत्री बैंस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षक केवल साधारण सरकारी कर्मचारी नहीं हैं – वे ज्ञान और मूल्यों के ध्वजवाहक हैं, जिन्हें पंजाब के भविष्य को दिशा देने की पवित्र जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें कक्षाओं की जगह विभिन्न प्रशासनिक कामों में लगाना न केवल उनके साथ बल्कि हमारे बच्चों के साथ भी अन्याय है। ऐसा करने से बच्चों की शिक्षा का अधिकार प्रभावित होता है। बताते चलें कि इस संदर्भ में सूबे के शिक्षक भी मांग कर रहे थे, जिस पर अब शिक्षा मंत्री संज्ञान ले लिया है। मंत्री ने आरटीई एक्ट का दिया हवाला मंत्री ने बच्चों के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम-2009 की धारा 27 का हवाला देते हुए कहा कि यह धारा गैर-शैक्षिक उद्देश्यों के लिए शिक्षकों की तैनाती पर रोक लगाती है। यह मनाही केवल कुछ विशेष मौकों जैसे दस वर्षीय जनगणना, आपदा राहत कार्य और स्थानीय संस्थाओं, राज्य विधानसभाओं या संसदीय चुनावों में ड्यूटी पर लागू नहीं होती। शिक्षा मंत्री बैंस ने बताया कि यह व्यवस्था बहुत सोच-समझकर लागू की गई थी ताकि शिक्षकों का समय और ऊर्जा क्लासरूम शिक्षण पर केंद्रित रह सके, जो हमारे समाज की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि कई बार जरूरी सरकारी काम हो सकते हैं, लेकिन ऐसे कार्यों के लिए शिक्षक को पहला विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। कक्षाओं में उनकी मौजूदगी के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होना चाहिए। लिखित अनुमति लेना अनिवार्य पत्र में मुख्य सचिव को निर्देश देते हुए मंत्री बैंस ने कहा कि सभी प्रशासनिक विभागों और जिला अधिकारियों को स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं कि आरटीई अधिनियम, 2009 की धारा 27 में बताई गई ड्यूटी के अलावा शिक्षकों की कोई भी गैर-शैक्षिक ड्यूटी न लगाई जाए। ऐसी कोई भी स्थिति, जहां शिक्षकों की तैनाती आवश्यक हो, ऐसी किसी भी तैनाती से पहले स्कूल शिक्षा विभाग से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य किया जाए।

फास्ट फूड कॉर्नर और ढाबों में सप्लाई होने वाला 189 किलो पनीर लुधियाना में जब्त

लुधियाना  इन दिनों त्योहारी सीजन चल रहा है। ऐसे में मिलावट खोर भी सक्रिय हो गए हैं। त्योहार में मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है, लेकिन बाजारों में मिलावटी मिठाई सेहत को खराब भी कर सकती है। त्योहारी सीजन में मिलावट खोर मोटा मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत बिगाड़ने से नहीं बाज नहीं आते। दूध एवं उससे बनने वाले मावा, पनीर आदि में मिलावट की सबसे ज्यादा संभावना रहती है। हालांकि मिलावटखोरी रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अलर्ट हो गई हैं।  पंजाब के लुधियाना में नकली पनीर की बड़ी खेप पकड़ी गई है। सेहत विभाग के फूड सेफ्टी विंग ने त्योहारी दिनों में मिलावटी खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई की है। सीआईए जगरांव की टीम के साथ मिलकर सेहत विभाग की टीम ने गांव रामगढ़ भुल्लर के पास सिधवां बेट रोड पर नाकेबंदी की। वाहनों की जांच के दौरान एक टेंपो से 189 किलो पनीर बरामद किया। यह पनीर हरियाणा के नरवाणा से 210 रुपये प्रति किलो की दर पर खरीदा गया था और जगरांव से नकोदर तक फास्ट फूड कॉर्नर और ढाबों में सप्लाई किया जाना था। फूड सेफ्टी विंग ने पनीर के सैंपल भरकर गुणवत्ता जांच के लिए स्टेट फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी में भेज दिए और शेष पनीर को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर ने बताया कि यह कार्रवाई भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई जिसके तहत डेयरी उत्पादों के निर्माण, भंडारण और परिवहन के दौरान स्वच्छता, तापमान नियंत्रण व गुणवत्ता मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि पनीर की सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की पहचान और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।