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Punjab में बड़ी नशा तस्करी का खुलासा, 14 किलो अफीम और Verna कार बरामद

तरनतारन. जिले के थाना वल्टोहा की पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को 14 किलो 110 ग्राम अफीम, वरना कार और एक हजार रुपये की ड्रग मनी समेत गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया है। जिले के एसएसपी सुरिंदर लांबा ने जानकारी देते हुए बताया कि थाना वल्टोहा के प्रभारी इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह पुलिस पार्टी के साथ गांव दासूवाल में एक स्कूल के नजदीक विशेष नाकाबंदी कर वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान उत्तराखंड नंबर लगी एक वरना कार को रुकने का इशारा किया गया। पुलिस के अनुसार कार चालक ने पूछताछ के दौरान अपनी पहचान गुरमीत सिंह उर्फ गीतू पुत्र अमरीक सिंह निवासी मरगिंदपुरा, जिला तरनतारन के रूप में बताई। पुलिस पार्टी ने जब कार की तलाशी ली तो उसमें से 14 किलो 110 ग्राम अफीम बरामद हुई। इसके अलावा पुलिस ने एक हजार रुपये की ड्रग मनी और कार भी कब्जे में ले ली। एसएसपी लांबा ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर थाना वल्टोहा में 1 सितंबर को मामला दर्ज किया गया। आरोपी को माननीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया गया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

चाइना डोर बनी जानलेवा, लड़की की गर्दन पर 10 इंच लंबा और गहरा घाव

लुधियाना. प्रशासनिक पाबंदी और तमाम दावों के बावजूद इंसानी जिंदगियों के लिए काल बनी 'चाइना डोर' की अवैध बिक्री और उपयोग थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिमलापुरी इलाके में स्थित व्यस्त क्वालिटी चौक के नजदीक एक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहां काम खत्म कर घर लौट रही 22 वर्षीय कंप्यूटर ऑपरेटर युवती के गले में अचानक चाइना डोर उलझ गई। तेज धार वाली इस खूनी डोर से युवती की गर्दन पर करीब 10 इंच लंबा और आधा इंच गहरा कट लग गया, जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान हो गई। राहगीरों की तत्परता से युवती को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने समय रहते इलाज कर उसकी जान बचा ली। जानकारी देते हुए मुस्कान (22) ने सिविल अस्पताल में खौफनाक मंजर बयां करते हुए बताया कि वह एक निजी दफ्तर में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है। बुधवार शाम को वह अपना रोजाना का काम खत्म कर घर लौट रही थी। जैसे ही वह शिमलापुरी के क्वालिटी चौक के पास पहुंची, रास्ते में हवा में लटकती हुई चाइना डोर अचानक उसके गले में आ फंसी।मुस्कान ने बताया कि इससे पहले कि वह कुछ समझ पाती या हाथ से डोर को हटाने का प्रयास करती, धारदार डोर ने उसकी गर्दन को चीर दिया। गर्दन कटते ही खून का फव्वारा फूट पड़ा और वह दर्द से चीख उठी। सड़क पर युवती को लहूलुहान हालत में तड़पता देख आसपास मौजूद राहगीरों और दुकानदारों ने तुरंत इंसानियत दिखाते हुए उसे संभाला और बिना देर किए सिविल अस्पताल पहुंचाया। आपातकालीन वार्ड में तैनात डॉक्टरों ने तुरंत खून का बहाव रोकते हुए जख्म पर टांके लगाए और मरहम-पट्टी की। डॉक्टरों के मुताबिक, गनीमत यह रही कि डोर सांस की नली या मुख्य नस (कैरोटिड आर्टरी) तक नहीं पहुंची, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान टल गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने युवती को घर भेजते हुए मुकम्मल आराम की सलाह दी है। इस दिल दहला देने वाले हादसे ने एक बार फिर शहर में पुलिस व प्रशासन की मुस्तैदी पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। प्रशासन कागजों में भले ही चाइना डोर की बिक्री और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध के दावे करता रहे, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि महानगर के कई अंदरूनी इलाकों में यह जानलेवा डोर बेखौफ होकर बेची और उड़ाई जा रही है। 'राहगीरों के लिए मौत का फंदा बनी डोर, तुरंत लगे पूर्ण रोक' हादसे के बाद गहरा सदमा झेल रही मुस्कान ने कड़ा रोष जाहिर करते हुए कहा कि सड़कों पर चलने वाले बेकसूर राहगीरों के लिए यह डोर साक्षात मौत का फंदा बन चुकी है। उसने जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नर से हाथ जोड़कर अपील की है कि चाइना डोर बेचने और इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सिर्फ औपचारिकता न की जाए, बल्कि कड़े गैर-जमानती मुकदमों के तहत ठोस कार्रवाई कर खूनी कारोबार को जड़ से खत्म किया जाए, ताकि अन्य बेकसूर की जिंदगी इस तरह दांव पर न लगे। 

Patiala में नशे की हालत में लड़की का Video वायरल, हरकत में आई पुलिस

पटियाला. पटियाला के लकड़ मंडी इलाके की एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर एक लड़की बेसुध या बेहोशी की हालत में दिखाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद दावा किया जा रहा है कि लड़की नशे की हालत में थी। इस वायरल वीडियो को लेकर पटियाला पुलिस की ओर से भी स्पष्टीकरण जारी किया गया है। पुलिस के मुताबिक, जिस स्थान की यह वीडियो बताई जा रही है, वहां पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, लेकिन उस समय वहां कोई भी लड़की मौजूद नहीं मिली। पुलिस अब वायरल वीडियो में दिखाई दे रही लड़की की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि यदि लड़की की पहचान कर उसे ढूंढ लिया जाता है तो उसका मेडिकल टेस्ट करवाया जाएगा। अगर जांच के दौरान उसके नशे की हालत में होने की पुष्टि होती है तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा है कि जांच के दौरान यदि कोई अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर भी उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वायरल वीडियो में दिखाई दे रही लड़की के नशे की हालत में होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि वायरल वीडियो के पीछे वास्तविक मामला क्या है।

PSEB की किताबों के लिए नहीं जाना होगा बाजार, अब घर बैठे मिलेगी डिलीवरी सुविधा

चंडीगढ़. पंजाब के विद्यार्थियों और माता-पिता की सुविधा के लिए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड, मोहाली और डाक विभाग, पंजाब रीजन, चंडीगढ़ के बीच एक अहम समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत क्लास 1 से 12 तक की पाठ्यपुस्तकें भारतीय डाक के जरिए सीधे विद्यार्थियों के घर पहुंचाई जाएंगी। 1 सितंबर को हुए इस एग्रीमेंट के तहत बोर्ड द्वारा 'पुस्तक पोर्टल' नामक एक ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है। इस पोर्टल के जरिए विद्यार्थी, माता-पिता और स्कूल प्रबंधक आसानी से किताबें खरीद सकते हैं और ऑर्डर मिलने के बाद, डाक विभाग अपने बड़े नेटवर्क के जरिए इन किताबों को घर-घर पहुंचाएगा। इससे पहले ऑनलाइन ऑर्डर की गई किताबों के खरीदारों को बोर्ड के निर्धारित जिला दफ्तरों में खुद जाकर प्राप्त करनी पड़ती थी। अब नई व्यवस्था से न सिर्फ घर बैठे किताबें मिलेंगी बल्कि पोर्टल के जरिए ऑर्डर करने पर 15 परसेंट का डिस्काउंट भी मिलेगा। इस कदम से खासकर गांव और दूर-दराज के इलाकों के स्टूडेंट्स को बहुत फायदा होगा। अब किताबें लेने के लिए ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, जिससे लोगों का कीमती समय और आने-जाने का खर्च बचेगा। इस अहम समझौते के मौके पर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन अमरपाल सिंह (रिटायर्ड IAS), बोर्ड सेक्रेटरी सेक्रेटरी सिंह बल, चंडीगढ़ डिवीजन के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पोस्ट ऑफिस कुमार संजीव (IPOS) और BPC चंडीगढ़ इंचार्ज किशोरी लाल समेत दोनों डिपार्टमेंट के कई सीनियर अधिकारी मौजूद थे।

Ludhiana Passport Fraud: दूसरे के दस्तावेजों पर बनवाए 2 पासपोर्ट, विदेश तक की यात्राएं

लुधियाना. किसी अन्य व्यक्ति के निजी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी पहचान के आधार पर पासपोर्ट जारी करवाने और उन पर धड़ल्ले से विदेश यात्राएं करने का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शातिर आरोपी ने शिकायतकर्ता के पहचान पत्रों, उसके माता-पिता और यहां तक कि उसकी पत्नी के नाम का भी दुरुपयोग कर अपने लिए 2-2 पासपोर्ट बनवा लिए और विदेश की उड़ानें भरता रहा।  पहले 1998 में जारी करवाया पासपोर्ट  शिकायतकर्ता बलविंदर सिंह द्वारा दी गई दरखास्त की गहन पुलिस पड़ताल के बाद आरोपी मक्खन सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता बलविंदर सिंह ने पुलिस को दिए बयानों में खुलासा किया कि आरोपी मक्खन सिंह ने उसके मूल पहचान दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया। आरोपी ने इन दस्तावेजों के आधार पर 11 नवंबर 1998 को अपने नाम पर एक पासपोर्ट (नंबर: A 6577757) जारी करवा लिया, जिसकी वैधता अवधि 10 नवंबर 2008 तक थी। आरोपी की जालसाजी यहीं नहीं रुकी। पहले पासपोर्ट की म्याद खत्म होने के बाद उसने उसी पुराने पासपोर्ट और दस्तावेजों के आधार पर एक और नया पासपोर्ट बनवा लिया। दस्तावेजों पर खुद की पगड़ी वाली फोटो लगाकर की जालसाजी, इस नए पासपोर्ट में आरोपी ने न केवल शिकायतकर्ता के नाम का दुरुपयोग किया, बल्कि शिकायतकर्ता के माता-पिता और उसकी पत्नी के नाम को भी अपने दस्तावेजों में गैर-कानूनी ढंग से इस्तेमाल किया। हैरानी की बात यह है कि सारे कागजात और पारिवारिक विवरण शिकायतकर्ता बलविंदर सिंह के थे, लेकिन पासपोर्ट पर आरोपी मक्खन सिंह ने अपनी खुद की पगड़ी वाली फोटो लगाई, जो पासपोर्ट पर साफ दिखाई दे रही है। इस जाली पहचान और फर्जी पासपोर्ट के दम पर आरोपी कई बार विदेश यात्राएं भी कर चुका है। शिकायतकर्ता को जब इस गंभीर जालसाजी की भनक लगी, तो उसने तुरंत पुलिस के समक्ष गुहार लगाई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दर्ज मुकदमे के आधार पर आरोपी मक्खन सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस दोनों पासपोर्टों का आधिकारिक रिकॉर्ड और इमिग्रेशन हिस्ट्री जुटाने के लिए संबंधित पासपोर्ट कार्यालय से संपर्क साध रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही काबू कर आगे की गहन पूछताछ की जाएगी।

Chandigarh Master Plan 2031: आज दिल्ली में बड़ा मंथन, ऊंची इमारतों, FAR और फ्रीहोल्ड प्रस्ताव पर होगी चर्चा

चंडीगढ़  शहर के भविष्य से जुड़े कई अहम फैसलों पर आज दिल्ली में मंथन होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में चंडीगढ़ के मास्टर प्लान-2031 में प्रस्तावित बदलावों के साथ पुनर्वास कॉलोनियों के अलॉटियों को स्थायी मालिकाना हक देने, व्यावसायिक व औद्योगिक संपत्तियों को लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड करने और मेयर का कार्यकाल एक वर्ष से बढ़ाकर ढाई वर्ष करने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इन फैसलों का सीधा असर शहर के विकास, संपत्ति व्यवस्था और नगर निगम के कामकाज पर पड़ सकता है। यूटी प्रशासन की ओर से गृह सचिव रामनदीप बराड़, मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद, वित्त सचिव दीपर्वा लाकरा और उपायुक्त निशांत कुमार यादव के बैठक में शामिल होने की संभावना है। अधिकारी प्रस्तावों पर प्रस्तुति देंगे। सूत्रों के मुताबिक बैठक में प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के साथ इनमें बदलाव या नए सुझाव भी दिए जा सकते हैं। मास्टर प्लान में ऊंची इमारतों का रास्ता होगा साफ मास्टर प्लान-2031 में संशोधन को लेकर प्रशासन ने ड्राफ्ट अधिसूचित कर लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। प्रस्तावित बदलावों में चिन्हित परिधीय और फेज-3 क्षेत्रों में एफएआर बढ़ाकर 3.0 करने का प्रावधान है। वहीं चयनित बाहरी सेक्टरों, फेज-3 और औद्योगिक क्षेत्रों में 30 मीटर तक ऊंची इमारतों को मंजूरी देने का प्रस्ताव है। औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 और फेज-2 में बड़े प्लाटों को विभाजित करने, फेज-1 से बाहर स्कूल-कालेज और सांस्कृतिक संस्थानों के लिए एफएआर व ऊंचाई सीमा में राहत देने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा चिन्हित इलाकों में हाईराइज और मिश्रित भू-उपयोग के जरिए बढ़ती आवासीय जरूरतों को पूरा करने की योजना है। प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, गृह मंत्रालय से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद प्रस्तावित संशोधनों को हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। इसके बाद तय प्रक्रिया के तहत मास्टर प्लान में बदलाव की कार्रवाई आगे बढ़ेगी। फ्रीहोल्ड से करोड़ों की संपत्तियां होंगी अन-लॉक लीजहोल्ड व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने का प्रस्ताव भी बैठक में महत्वपूर्ण रहेगा। प्रशासन का मानना है कि इससे शहर में करोड़ों रुपये की संपत्तियां अनलाक होंगी। संपत्ति मालिकों को राहत मिलने के साथ प्रशासन का राजस्व भी बढ़ेगा और कारोबार करना आसान होगा। यूटी प्रशासन ने मई में इस प्रस्ताव को मंजूरी देकर गृह मंत्रालय को भेजा था। पुनर्वास कॉलोनियों के अलॉटियों को मालिकाना हक की उम्मीद पुनर्वास कालोनियों के अलॉटियों को स्थायी मालिकाना हक देने का प्रस्ताव भी लंबे समय से लंबित है। प्रशासन ने इस संबंध में भी गृह मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है। इस पर फैसला होने से हजारों परिवारों की संपत्तियों से जुड़ी स्थिति स्पष्ट हो सकती है। मेयर का कार्यकाल ढाई साल करने पर भी नजर मेयर का कार्यकाल एक वर्ष से बढ़ाकर ढाई वर्ष करने का प्रस्ताव भी बैठक में अहम रहेगा। नगर निगम के मौजूदा सदन का कार्यकाल समाप्त होने की ओर है और आने वाले महीनों में चुनाव प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। ऐसे में मेयर का कार्यकाल बढ़ाने का फैसला निगम के कामकाज के साथ-साथ आगामी राजनीतिक बदलाव पर भी असर डाल सकता है। मंजूरी मिली तो आगे बढ़ेगी प्रक्रिया प्रशासन की नजर अब दिल्ली में होने वाली बैठक के फैसले पर है। अधिकारियों का कहना है कि सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद संबंधित प्रस्तावों पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में चंडीगढ़ के विकास और प्रशासन से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी सुझाव आने की संभावना है।  

जालंधर में टूल्स कंपनी पर छापा, पुलिस और मालिक आमने-सामने; जमकर हुई बहस

जालंधर. जालंधर के कपूरथला चौक के नजदीक स्थित गोल्डन टूल्स की दुकान पर देर रात उस समय हंगामा हो गया, जब एक कंपनी के प्रतिनिधियों ने दुकान मालिक पर कंपनी के नाम से कॉपी सामान बेचने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की। कंपनी की ओर से मामले की सूचना संबंधित थाने की पुलिस को दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कंपनी के प्रतिनिधियों और पुलिस की मौजूदगी में दुकान से कथित तौर पर कॉपी सामान को जब्त किया गया। इस दौरान दुकान मालिक और पुलिस के बीच बहस भी हुई। पूरी घटना का वीडियो कंपनी के प्रतिनिधियों ने बना लिया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वहीं, दुकान मालिक ने कंपनी के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि वह कोई कॉपी सामान नहीं बेच रहा था। उसके पास दुकान में मौजूद सामान के सभी बिल हैं और उस पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस और कंपनी की ओर से की गई कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। मामले में जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। 

पंजाब में मानसून मेहरबान! अगले 3 दिन भारी बारिश के आसार, चंडीगढ़ में भी छाए रहेंगे बादल

अमृतसर  पंजाब में एक बार फिर मानसून एक्टिव हो रहा है। मौसम विभाग ने 3 से 5 सितंबर तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान उत्तरी और पूर्वी पंजाब के जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं 6 सितंबर को पूरे राज्य में किसी तरह की विशेष चेतावनी नहीं है और मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। हालांकि मौसम विभाग की तरफ से बुधवार भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया था। लेकिन बारिश कुछ चुनिंदा जिलों तक ही सीमित रही। हिमाचल से सटे कुछ जिलों के अलावा लुधियाना और जालंधर में पॉकेट रेन रिकॉर्ड हुई। इससे तापमान जो कुछ दिनों से सामान्य से ऊपर बना हुआ था, सामान्य के करीब पहुंच गया है। आज 20 जिलों में बारिश की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब के 20 जिलों में बारिश का अनुमान है। पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर और मोहाली में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा गुरदासपुर, अमृतसर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मोहाली में कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। रात को चंडीगढ़-मोहाली में बारिश मंगलवार को चंडीगढ़ में रात में एक एमएम बारिश हुई है। इसी तरह पंचकूला और मोहाली में भी रात को बारिश हुई। दिन में लुधियाना, पटियाला और चमकौर साहिब में बारिश रिकॉर्ड की गई थी। वहीं, आज सुबह से बादल छाए हुए हैं। मौसम ठंडा बना हुआ है। अब बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी मानसून की ट्रफ बठिंडा के ऊपर से गुजर रही है, जिससे पंजाब के मौसम पर इसका असर बना हुआ है। इस सिस्टम के कारण पंजाब के कुछ हिस्सों, खासकर बठिंडा और आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं, उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर बंगाल तक बनी दूसरी ट्रफ भी मानसून को सक्रिय बनाए रखने में मदद कर रही है। चंडीगढ़ में भी इसके असर से बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी रह सकती है। हालांकि इस जानकारी में चंडीगढ़ के लिए सीधे भारी बारिश का संकेत नहीं है। बिजली की मांग में आई कमी बारिश होने से बिजली की मांग में कमी आई है। गुरुवार सुबह बिजली की मांग 12,789 मेगावाट है। राज्य में 4,793 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। बाहर से करीब 7,997 मेगावाट बिजली ली जा रही है। तय शेड्यूल 7,961 मेगावाट था, यानी करीब 36 मेगावाट ज्यादा बिजली ली जा रही है। बिजली ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 49.89 हर्ट्ज है। हालांकि पिछले चार दिनों में सुबह के समय यह 15 हजार मेगावाट तक पहुंच गई थी। आज भी 4 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी  3 सितंबर: वीरवार को पठानकोट, होशियारपुर, मोहाली और रूपनगर में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। हालांकि अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, मोगा, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, फाजिल्का, बठिंडा, बरनाला, संगरूर, मानसा, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और नवांशहर में कोई विशेष चेतावनी नहीं है। 4 सितंबर: शुक्रवार को बारिश का दायरा थोड़ा बढ़ सकता है। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। राज्य के बाकी जिलों में कोई विशेष चेतावनी नहीं है। 5 सितंबर: शनिवार को भी पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली में येलो अलर्ट रहेगा। इन जिलों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। 6 सितंबर: रविवार को पंजाब के सभी जिलों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। किसी भी जिले के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। ऐसे में लगातार बारिश की संभावना वाले जिलों को रविवार को राहत मिल सकती है। बुधवार को बठिंडा सबसे गर्म इससे पहले बुधवार को पंजाब में मौसम अधिकांश हिस्सों में शुष्क रहा। राज्य में सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे की तुलना में 1.4 डिग्री अधिक रहा। फिरोजपुर में 35.7, पटियाला में 35.5, रूपनगर में 34.8, अमृतसर में 34.2 और लुधियाना में 34.0 डिग्री तापमान रहा। मोहाली में अधिकतम तापमान 33.7, नवांशहर के बललोवाल सौंखड़ी में 33.5, जालंधर में 33.3 और गुरदासपुर में 32.5 डिग्री दर्ज किया गया। चंडीगढ़ में तापमान 34.7 डिग्री रहा, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक था। बारिश की बात करें तो अधिकांश जिलों में वर्षा नहीं हुई। लुधियाना और पठानकोट के थीन बांध क्षेत्र में केवल 1.0 मिलीमीटर हल्की बारिश दर्ज की गई। राज्य का औसत अधिकतम तापमान पिछले दिन के मुकाबले 0.1 डिग्री बढ़ा, लेकिन यह सामान्य के आसपास रहा।  

राघव चड्ढा के वोटर रिकॉर्ड पर विवाद, SIR में ‘पर्मानेंटली शिफ्टेड’ दिखा नाम; AAP पर बरसे

चंडीगढ़  पंजाब में एसआईआर की लिस्ट से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम हटने के बाद राजनीति शुरू हो गई है। राघव ने कहा कि उन्हें वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट से 'शिफ्टेड' मार्क करके हटाया गया है, जो बदले की राजनीति का स्पष्ट संकेत है। चड्ढा ने ईसीआई की गाइडलाइंस के उल्लंघन का भी दावा किया है।  राघव चड्ढा ने लगाए पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप भाजपा के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से काम किया है। चड्ढा के अनुसार, मतदाता सूची के मसौदे में उनका नाम गलत तरीके से 'दूसरी जगह चले जाने वाला' (शिफ्टेड) दिखाया गया है। वह पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और उनका मतदाता पहचान पत्र मोहाली में पंजीकृत है। चड्ढा ने एक्स पर एक पोस्ट साझा कर यह जानकारी दी।  उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल मसौदा मतदाता सूची है, अंतिम सूची नहीं। 'दावे और आपत्तियां' की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें नामों में सुधार किया जा सकता है। अंतिम मतदाता सूची अक्तूबर 2026 में प्रकाशित होगी। सांसद चड्ढा ने बताया कि वह स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) दिशानिर्देशों के तहत उपलब्ध उपायों का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने इसे केवल एक लिपिकीय त्रुटि मानने से इन्कार किया। चड्ढा ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध का स्पष्ट मामला बताया।  चड्ढा ने कहा कि यह कोई सामान्य क्लेरिकल मिस्टेक नहीं है, बल्कि सोची-समझी साजिश है। गनीमत है कि यह केवल प्रारूप मतदाता सूची है, अंतिम सूची नहीं। उन्होंने कहा कि मैंने SIR दिशा-निर्देशों के तहत पहले ही अपने कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करते हुए ऑब्जेक्शन फाइल कर दिया है। अंतिम मतदाता सूची अक्टूबर 2026 में प्रकाशित होगी। सांसद ने आरोप लगाया कि जब से उन्होंने AAP छोड़ी है और भाजपा में शामिल हुए हैं, तब से आप नेतृत्व बौखलाया हुआ है। प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि उनका नाम "दूसरी जगह चले जाने वाला" किसने चिह्नित किया। इसका सत्यापन और उच्च स्तर पर प्रसंस्करण आप की पंजाब सरकार के अधिकारियों ने किया। जमीनी स्तर के बीएलओ से लेकर पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी तक, इस अभ्यास का हर परिचालन स्तर पंजाब सरकार के अधिकारियों द्वारा संचालित है। अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव बीएलओ आमतौर पर पंजाब सरकार के कनिष्ठ कर्मचारी होते हैं। एईआरओ, ईआरओ और डीईओ भी पंजाब सरकार के अधिकारी होते हैं। आगे कहा कि शीर्ष पर पंजाब कैडर के एक आईएएस अधिकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। ये अधिकारी जानते हैं कि आप सरकार उनकी चुनावी ड्यूटी समाप्त होने के बाद उनके स्थानांतरण, नियुक्तियों और कॅरिअर को नियंत्रित करती है। उन्हें पता है कि कौन उनका स्थानांतरण कर सकता है और कौन उनका जीवन मुश्किल बना सकता है। इस तरह आप सरकार राजनीतिक प्रतिशोध को अंजाम देने के लिए राज्य के अधिकारियों के माध्यम से राजनीतिक दबाव डालती है। भाजपा सांसद ने पंजाब सरकार पर लगाए ये आरोप…     वोट काटने के पीछे प्रशासनिक तंत्र पर दबाव: राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) तक की पूरी प्रक्रिया में पंजाब सरकार के प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि मुझे ‘शिफ्टेड’ किसने मार्क किया? आप सरकार के अधिकारी ने। उस वर्गीकरण की पुष्टि किसने की? आप सरकार के ही अधिकारी ने। उच्च स्तर पर इसे किसने प्रोसेस किया? आप सरकार के ही वरिष्ठ अधिकारी ने। उन्होंने कहा कि चुनाव ड्यूटी खत्म होने के बाद इन अधिकारियों के ट्रांसफर, पोस्टिंग और करियर पर राज्य सरकार का ही नियंत्रण होता है, इसलिए अधिकारी दबाव में काम कर रहे हैं।     राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई: सांसद ने कहा कि जब से मैंने भ्रष्ट आम आदमी पार्टी छोड़ी है, इसका शीर्ष नेतृत्व गुस्से से जल रहा है। जिन नेताओं और सांसदों ने आप छोड़कर भाजपा का दामन थामा है, उनके खिलाफ पंजाब पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी को तैनात कर दिया गया है। वोटर लिस्ट में गलत वर्गीकरण उसी राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है।     चुनाव आयोग (ECI) के नियमों का उल्लंघन: राघव चड्ढा ने भारत निर्वाचन आयोग के SIR के विस्तृत दिशानिर्देशों के पैराग्राफ 4(d) का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इस नियम के अनुसार न्यायाधीशों, जनप्रतिनिधियों (सांसद/विधायक) और प्रमुख हस्तियों के नाम यदि डेटाबेस में चिह्नित भी होते हैं, तो भी उन्हें ड्राफ्ट रोल में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए, ताकि दावे-आपत्ति की अवधि के दौरान आवश्यक दस्तावेज जुटाए जा सकें। उन्होंने कहा कि इस नियम को अनदेखा नहीं किया गया, बल्कि उनके मामले में इसका जानबूझकर उल्लंघन किया गया है।     वोटर लिस्ट किसी की निजी संपत्ति नहीं: सांसद ने सख्त लहजे में कहा कि भले ही पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार चल रही हो, लेकिन पंजाब की प्रारूप मतदाता सूची आप की कोई निजी संपत्ति नहीं है। मतदाता सूची में पारदर्शिता होना हर नागरिक और जनप्रतिनिधि का संवैधानिक अधिकार है।  

पंजाब में सप्लीमेंट्री परीक्षा पर सख्ती, कैमरों के साथ माइक से होगी निगरानी

लुधियाना. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा की सप्लीमेंट्री परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए इस बार कड़ी निगरानी व्यवस्था की गई है। पहली बार ऐसी व्यवस्था हुई है कि पूरे पंजाब में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों के जरिए PSEB नजर रख रहा है। खास बात यह है कि इन कैमरों में माइक और मोशन डिटेक्टर की सुविधा भी है, जिसके चलते परीक्षा केंद्रों की हर गतिविधि पर बोर्ड की नजर बनी हुई है और आवाज भी सुनी जा रही है। परीक्षा केंद्रों के एग्जामिनेशन कॉम्प्लेक्स में CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इनके जरिए परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों और परीक्षा स्टाफ की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। ऐसे में नकल या किसी अन्य अनियमितता की कोशिश करने वालों पर बोर्ड की सीधी नजर रहेगी। कैमरों में लगे माइक के कारण परीक्षा केंद्रों में होने वाली गतिविधियों के साथ-साथ आवाज पर भी निगरानी रखी जा रही है, जबकि मोशन डिटेक्टर गतिविधियों को मॉनिटर करने में मदद कर रहे हैं। बोर्ड की इस व्यवस्था का उद्देश्य सप्लीमेंट्री परीक्षाओं को पारदर्शी तरीके से करवाना और नकल पर प्रभावी रोक लगाना है। सप्लीमेंट्री परीक्षाओं का लिखित चरण 18 सितंबर तक चलेगा, जबकि 19 से 22 सितंबर तक प्रैक्टिकल परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। पंजाब भर में विभिन्न स्कूलों और संस्थानों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें एसओआई सेक्टर 32, मल्टीपर्पज स्कूल और पीएयू स्कूल भी शामिल हैं। पूरे पंजाब में परीक्षा केंद्रों पर CCTV निगरानी व्यवस्था लागू होने से परीक्षा प्रक्रिया पर बोर्ड की लगातार नजर बनी रहेगी। नकल करने या परीक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों की हर गतिविधि कैमरे में रिकॉर्ड होगी और बोर्ड तक इसकी जानकारी पहुंच सकेगी।