samacharsecretary.com

चुनावी जश्न के बाद पंजाब में बड़ा एक्शन, अकाली नेता समेत कई आरोपी नामजद

खन्ना/लुधियाना. नगर कौंसिल चुनाव के नतीजों के बाद लुधियाना जिले के खन्ना कस्बे में सियासी तनाव खुलकर सामने आ गया। जीत की खुशी दौरान हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद पुलिस को सख्त कदम उठाने पड़े। इस प्रकरण में शिरोमणि अकाली दल से जुड़े नेता हरदीप सिंह उर्फ हनी रोशा और उनके भतीजे करण रोशा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वार्ड नंबर 30 से जीत दर्ज करने के बाद हनी रोशा समर्थकों के साथ क्षेत्र में जश्न मना रहे थे। इसी दौरान जुलूस आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी प्रदीप कुमार उर्फ सोनू जौहर के घर के पास पहुंच गया। यहां तेज आवाज में गाने बजाने और पटाखे चलाने को लेकर दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते झगड़े में बदल गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विवाद के दौरान कुछ लोग जबरन घर के भीतर घुस गए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। मामले में महिला के साथ अभद्र व्यवहार और गर्भवती महिला से धक्का-मुक्की के आरोप भी लगाए गए हैं। घटना की सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। खन्ना पुलिस ने फुटेज और शिकायत के आधार पर दो दर्जन से ज्यादा लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। फिलहाल मुख्य आरोपी हनी रोशा और करण रोशा को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

गुरिंदरवीर के रिकॉर्ड की PM मोदी ने की तारीफ, ‘मन की बात’ में जानना चाहा जीत का मंत्र

जालंधर. पंजाब के जालंधर के युवा धावक गुरिंदरवीर सिंह ने अपनी रफ्तार से देशभर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हाल ही में रांची में आयोजित राष्ट्रीय फेडरेशन कप एथलेटिक्स प्रतियोगिता में गुरिंदरवीर सिंह ने 100 मीटर दौड़ महज 10.09 सेकंड में पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में गुरिंदरवीर सिंह की खुलकर सराहना की और उनसे सीधे बातचीत कर उनके संघर्ष और सफलता की कहानी देशवासियों तक पहुंचाई। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि रांची में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटे, लेकिन पुरुष 100 मीटर दौड़ में दो दिनों के भीतर तीन बार रिकॉर्ड टूटना पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। इसी उपलब्धि के कारण गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया। भारतीय नौसेना में ऑफिसर हैं गुरविंदर बातचीत के दौरान गुरिंदरवीर सिंह ने बताया कि वह भारतीय नौसेना में पेटी ऑफिसर हैं और उनका सपना ट्रैक पर भी देश का नाम रोशन करना तथा वर्दी में भी राष्ट्र सेवा करना है। उन्होंने बताया कि उनके पिता और दादा दोनों खिलाड़ी रहे हैं। बचपन में जब वह उनके पदक और ट्रॉफियां साफ करते थे, तभी उनके मन में भी खिलाड़ी बनने का सपना जागा। गुरिंदरवीर ने प्रधानमंत्री को बताया कि एक समय ऐसा भी था जब लोगों ने उन्हें कहा कि 100 मीटर दौड़ भारतीय खिलाड़ियों के लिए उपयुक्त स्पर्धा नहीं है। कई लोगों का मानना था कि भारतीय धावक इस स्पर्धा में विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते। लेकिन उनके पिता ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने और असंभव को संभव करने की प्रेरणा दी। यही विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। संघर्ष व अनुशासन को बताया सफलता का राज प्रधानमंत्री ने जब उनसे सफलता का राज पूछा तो गुरिंदरवीर ने कहा कि संघर्ष, अनुशासन, परिवार का सहयोग और प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन उन्हें लगातार आगे बढ़ाता रहा। हार और चोट के दौर में भी परिवार ने उनका मनोबल नहीं टूटने दिया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने दोनों खिलाड़ियों की खेल भावना की भी सराहना की। गुरिंदरवीर ने बताया कि मैदान के बाहर वह और अनिमेष अच्छे मित्र हैं, लेकिन प्रतियोगिता के दौरान दोनों एक-दूसरे को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं। यही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भारतीय दौड़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत के अंत में गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि दोनों खिलाड़ी भविष्य में भी देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन करेंगे। ‘मन की बात’ में मिली इस विशेष पहचान के बाद पंजाब ही नहीं, पूरे देश के खेल प्रेमियों में गुरिंदरवीर सिंह की उपलब्धि को लेकर गर्व का माहौल है। साथियो, एक स्पर्धा जिसकी पूरे देश में सबसे अधिक चर्चा हुई, वह थी 100 मीटर दौड़। महज दो दिनों के भीतर पुरुष 100 मीटर दौड़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा। यह उपलब्धि हासिल करने वाले दो खिलाड़ी हैं—गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर। मैंने सोचा कि इस बार ‘मन की बात’ में इन दोनों खिलाड़ियों से बातचीत की जाए, ताकि देशवासी इनके संघर्ष और सफलता की कहानी सुन सकें। प्रधानमंत्री: अनिमेष जी नमस्कार। गुरिंदरवीर जी, आपको भी नमस्कार, सत श्री अकाल। अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह: नमस्कार सर। प्रधानमंत्री: आप दोनों ने अद्भुत उपलब्धि हासिल की है। संगीत में तो जुगलबंदी के बारे में सुना था, लेकिन खेल में इस तरह की सकारात्मक प्रतिस्पर्धा कम ही देखने को मिलती है। आप दोनों ने एक-दूसरे को चुनौती दी और फिर उससे आगे निकलने का प्रयास किया। मैं चाहता हूं कि ‘मन की बात’ के श्रोता आपके बारे में अधिक जानें। पहले अनिमेष जी, आप अपने बारे में बताइए। अनिमेष कुजूर: सर, मेरा नाम अनिमेष कुजूर है। मैं 200 मीटर और 400 मीटर स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हूं। मेरा संबंध छत्तीसगढ़ से है और वर्तमान में मैं ओडिशा की ओर से खेलता हूं। पिछले वर्ष मैं एशियाई प्रतियोगिता और विश्व विश्वविद्यालय खेलों में पदक जीतकर लौटा था। मैंने वर्ष 2021 में एथलेटिक्स की शुरुआत की। उससे पहले मैं सैनिक विद्यालय, अंबिकापुर में पढ़ता था और फुटबॉल खेलता था। कोविड काल के दौरान मेरे माता-पिता मुझे बाहर जाकर दौड़ने और खेलने की अनुमति देते थे। बाद में मेरे मित्रों ने मुझे राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। मुझे यह भी नहीं पता था कि वहां से राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन होगा। वहीं से मेरा चयन हुआ और आज मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। प्रधानमंत्री: बहुत अच्छा। अब गुरिंदरवीर जी, आप अपनी कहानी बताइए। गुरिंदरवीर सिंह: नमस्कार सर। मेरा नाम गुरिंदरवीर सिंह है। मैं भारतीय नौसेना में पेटी ऑफिसर हूं और हाल ही में मैंने 100 मीटर दौड़ में 10.09 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। मैं पहला भारतीय हूं जिसने 10.1 सेकंड की बाधा को पार किया है। मेरा प्रयास है कि मैं ट्रैक पर भी और वर्दी में भी देश की सेवा करूं। मेरे पिता और दादा दोनों खिलाड़ी रहे हैं। बचपन में जब भी घर की सफाई होती थी, मैं उनके पदक और ट्रॉफियां साफ करता था। उन्हें देखकर मेरे मन में जिज्ञासा पैदा होती थी कि ये सम्मान कैसे मिले। तब मेरे पिता मुझे अपनी खेल यात्राओं की कहानियां सुनाते थे। वहीं से मेरे भीतर भी खिलाड़ी बनने का सपना पैदा हुआ। वे सुबह दौड़ने जाते थे, तो मैं भी उनके साथ जाने लगा। उन्होंने जो कुछ खेलों से सीखा था, वह मुझे सिखाना शुरू किया। इसी दौरान मैंने उसेन बोल्ट को विश्व रिकॉर्ड बनाते देखा। तब मैंने अपनी मां से मजाक में कहा था कि आज आप मुझे टेलीविजन देखने नहीं दे रहीं, लेकिन एक दिन ऐसा आएगा जब आप मुझे टेलीविजन पर खोजेंगी। आज जब मेरी मां मुझे दौड़ते हुए देखती हैं तो मुझे बहुत खुशी होती है। हम एक मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। मेरे पिता वॉलीबॉल खिलाड़ी थे, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उन्हें खेल छोड़ना पड़ा। उनका अधूरा सपना उन्होंने मेरे भीतर देखा। वे हमेशा कहते थे कि सपने केवल देखने से पूरे नहीं होते, उनके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। वे मुझे मिल्खा … Read more

स्टॉप लाइन और जेब्रा क्रॉसिंग पार करना पड़ेगा भारी, अमृतसर में AI कैमरे रखेंगे नजर

अमृतसर अमृतसर में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लिए अब सावधान रहने का समय आ गया है। अमृतसर ट्रैफिक पुलिस ने आज से ऑनलाइन चालान प्रणाली को लागू कर दिया है। इसके तहत ट्रैफिक सिग्नलों और प्रमुख चौकों पर लगे लगभग 1300 सीसीटीवी कैमरों की मदद से नियम तोड़ने वालों पर नजर रखी जाएगी। आज से उल्लंघन होने पर स्वचालित रूप से ऑनलाइन चालान जारी किया जाएगा। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) अमनदीप कौर ने बताया कि इस व्यवस्था को पहले परीक्षण आधार पर शुरू किया गया था औ अब इसे पूरी तरह लागू कर दिया गया है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे ट्रैफिक सिग्नलों पर निर्धारित स्टॉप लाइन और जेब्रा क्रॉसिंग के पीछे ही अपने वाहन रोकें। यातायात पुलिस के अनुसार यदि कोई वाहन चालक स्टॉप लाइन पार करता है या जेब्रा क्रॉसिंग पर वाहन खड़ा करता है तो उसका ऑनलाइन चालान स्वतः दर्ज हो जाएगा। 1300 हाईटैक कैमरे रखेंगे नजर शहर में स्थापित तकरीबन 1300 कैमरे आधुनिक कैमरे दूर से ही वाहन नंबर पढ़ने और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की पहचान करने में सक्षम हैं। इससे पूरी चालान प्रक्रिया बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के संचालित की जा सकेगी। यातायात पुलिस का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और वाहन चालकों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। साथ ही चौकों पर लगने वाले जाम और अव्यवस्था को भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। जानें किन 7 चौको पर शुरू हुआ ई-चालान अधिकारियों के अनुसार शुरुआती चरण में यह प्रणाली शहर के कुछ प्रमुख चौकों पर लागू की जाएगी। इनमें नोवेल्टी चौक, क्रिस्टल चौक, न्यू रियाल्टो चौक, रेलवे स्टेशन के आसपास का क्षेत्र, भंडारी पुल और क्वींस रोड क्षेत्र शामिल हैं। इन स्थानों पर ट्रैफिक दबाव अधिक होने के कारण नियमों के उल्लंघन की घटनाएं भी ज्यादा सामने आती हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कदम लोगों को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। ऐसे में वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे ट्रैफिक संकेतों का पालन करें और स्टॉप लाइन तथा जेब्रा क्रॉसिंग का सम्मान करें, ताकि अनावश्यक चालान से बचा जा सके।

गैस सिलेंडर की भारी किल्लत! डेढ़ महीने से सप्लाई ठप, लोगों की बढ़ी परेशानी

अमृतसर. शहर में एल.पी.जी. सिलैंडरों की सप्लाई को लेकर गहरा संकट खड़ा हो गया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि उपभोक्ताओं को 25 से 45 दिनों तक सिलैंडर का इंतजार करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या ने आम आदमी की रसोई तक को ठप्प कर दिया है लेकिन प्रशासन अब भी मूक-दर्शक बना हुआ है। गैस एजैंसियों के बाहर लंबी कतारें और बार-बार चक्कर काटते उपभोक्ता प्रशासन की नाकामी की गवाही दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि कई बार बुकिंग के बावजूद समय पर सिलैंडर नहीं मिल रहा जिससे रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक सप्लाई चेन में भारी अव्यवस्था और विभागों के बीच तालमेल की कमी के कारण यह संकट और गहराता जा रहा है। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को गंभीरता से लेने के बजाय इसे नजर-अंदाज कर रहे हैं। लगातार बिगड़ती गैस सप्लाई व्यवस्था ने प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह मुद्दा बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन पर होगी। सीधे-सीधे सिस्टम की विफलता समाज सेवक जय गोपाल लाली ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सीधे-सीधे सिस्टम की विफलता है। उन्होंने कहा कि गैस जैसी जरूरी सुविधा का इस तरह बाधित होना बेहद चिंताजनक है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो जनता सड़कों पर उतरकर विरोध करेगी। जिम्मेवार अधिकारियों पर हो करवाई समाज सेवक विक्रम सिंह गिल ने कहा कि प्रशासन की ढीली कार्यशैली के कारण आम आदमी परेशान हो रहा है। उन्होंने मांग की कि गैस सप्लाई व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। जनता का आक्रोश बढ़ना तय ऑल इंडिया एंटी करप्शन मोर्चा के अध्यक्ष महंत रमेशानंद सरस्वती ने इस संकट को मानव जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि जब रसोई ही ठप्प हो जाए तो आम परिवार कैसे गुजारा करेगा। प्रशासन को चाहिए कि तुरंत हस्तक्षेप कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले अन्यथा जनता का आक्रोश बढ़ना तय है।

पंजाब चुनाव में दिलचस्प नतीजे, बरनाला में BJP ने बनाई सबसे बड़ी और सबसे मामूली जीत की कहानी

बरनाला. बरनाला के राजनीतिक इतिहास में पहली बार हुए नगर निगम चुनावों ने इलाके की राजनीति को एक बिल्कुल नया मोड़ दे दिया है। 29 मई को घोषित किए गए चुनावी नतीजों ने जहां राज्य के पारंपरिक राजनीतिक दलों को बड़ा झटका दिया है, वहीं राजनीतिक विश्लेषकों को भी हैरान करके रख दिया है। इस बार के चुनाव न केवल राजनीतिक ताकत के प्रदर्शन के लिए, बल्कि वोटों के बेहद दिलचस्प और अनोखे आंकड़ों के कारण भी लंबे समय तक याद रखे जाएंगे। इन चुनावों का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि सबसे बड़ी जीत और सबसे बारीक (कम) अंतर से जीतने का रिकॉर्ड एक ही पार्टी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हिस्से आया है। कांग्रेस, अकाली दल और बसपा को लगा बड़ा झटका – इन चुनाव परिणामों ने कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल जैसे बड़े पारंपरिक दलों के पैर उखाड़ दिए हैं। कांग्रेस पार्टी: कांग्रेस ने शहर के 39 वार्डों में अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, लेकिन बड़े-बड़े दावों के बावजूद पार्टी के खाते में सिर्फ 2 सीटें ही आईं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा): भाजपा ने 27 सीटों पर चुनाव लड़कर शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 सीटों पर जीत दर्ज की, जिसे मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के मुताबिक काफी अहम माना जा रहा है। शिरोमणि अकाली दल: अकाली दल के लिए ये चुनाव सबसे निराशाजनक रहे। पार्टी ने 27 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे, लेकिन वह एक भी सीट जीतने में कामयाब नहीं हो सकी और अपना खाता भी नहीं खोल पाई। बहुजन समाज पार्टी (बसपा): बसपा ने भी 2 वार्डों में अपनी किस्मत आजमाई थी, लेकिन उसके दोनों उम्मीदवार बुरी तरह चुनाव हार गए। एक ही पार्टी के नाम रहे दोनों 'शीर्ष' रिकॉर्ड इन चुनावों का सबसे बड़ा उलटफेर और दिलचस्प पहलू वोटों के अंतर में देखने को मिला। चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों की सूची पर नज़र डालें, तो सबसे अधिक वोट लेकर इतिहास रचने वाला और सबसे कम (महज़ 10 वोट) के अंतर से जीत की नैया पार लगाने वाला, दोनों उम्मीदवार भारतीय जनता पार्टी के ही हैं। सबसे बड़ी जीत: वार्ड नंबर 41 से भाजपा की उम्मीदवार सुनेह लता गर्ग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे अधिक 733 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की और विजेताओं की सूची में पहला स्थान पाया। सबसे बारीक जीत: दूसरी ओर, वार्ड नंबर 40 से भाजपा के ही उम्मीदवार बारू सिंह ने सबसे कम महज 10 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उनकी इस जीत ने साबित कर दिया कि राजनीति में एक-एक वोट कितना कीमती होता है।

डॉक्टरों पर हमले के बाद बड़ा असर, डेराबस्सी अस्पताल की OPD बंद कर किया प्रदर्शन

डेराबस्सी. डेराबस्सी पुलिस थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर सिविल अस्पताल डेराबस्सी के एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. जोत नूर पर 2 अज्ञात व्यक्तियों द्वारा किए गए हमले ने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के 24 घंटे बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने पर सिविल अस्पताल के सभी डॉक्टरों और स्टाफ ने OPD सर्विस बंद कर धरना दिया। जानकारी के अनुसार डॉ. जोत नूर शुक्रवार सुबह अपनी कार जंगलात विभाग के दफ्तर के पास पार्क कर सिविल अस्पताल में ड्यूटी के लिए जा रहे थे। इस दौरान 2 अज्ञात व्यक्ति उनके पास आए और पहले उनका पेशा पूछा। जब डॉक्टर ने एनेस्थीसिया डॉक्टर होने की बात की तो दोनों ने कथित तौर पर उनके साथ धक्का-मुक्की की और मारपीट शुरू कर दी। हमले से घबराए डॉ. जोत नूर तुरंत अपनी गाड़ी में बैठ गए जिसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद डॉक्टर ने अपने साथी स्टाफ को जानकारी दी और डेराबस्सी पुलिस को लिखित शिकायत दर्ज करवाई। डॉक्टरों का आरोप है कि शिकायत दर्ज करने के 24 घंटे बाद भी हमलावरों की पहचान करके उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है और न ही अस्पताल के डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए कोई खास इंतजाम किए गए हैं। प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने कहा कि हेल्थ वर्कर्स पर लगातार हो रहे हमले चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी डॉक्टरों के साथ बदसलूकी और हमले की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न होने से ऐसे लोगों की हिम्मत बढ़ती जा रही है।

सुबह-सुबह लोगों के बीच पहुंचे केवल सिंह ढिल्लों, पंजाब भाजपा अध्यक्ष का नया अंदाज चर्चा में

बरनाला  पंजाब की राजनीति में आमतौर पर देर रात तक चलने वाली सरगर्मियों के विपरीत, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आज राजनीति को एक अलग और नई दिशा दी। लोगों से सीधा संपर्क कायम करने और उनकी समस्याओं को जमीनी स्तर पर समझने के लिए केवल सिंह ढिल्लों ने आज तड़के सुबह 5 बजे ही अपने विशेष 'जन संपर्क अभियान' का आगाज कर दिया। सूरज की पहली किरण के साथ ही वह बरनाला के विभिन्न हिस्सों में आम लोगों, सैर करने वाले नागरिकों और कर्मठ (मेहनतकश) वर्ग के बीच पहुंच गए।  इस मौके पर बातचीत करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने एक बहुत ही भावुक और स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा, "आज सुबह 5 बजे ही मैं जन सेवा और जन संपर्क के लिए मैदान में निकल पड़ा हूं। मेरे लिए राजनीति सिर्फ सत्ता हासिल करने या कुर्सी पर बैठने का साधन नहीं है, बल्कि यह जनता की सच्ची सेवा करने का एक पवित्र माध्यम है।" उन्होंने कहा कि जब लोग सो रहे होते हैं या अपने दिन की शुरुआत कर रहे होते हैं, उस समय लोगों के बीच जाकर उनकी उम्मीदों को समझना ही वास्तविक नेतृत्व है। "सेवा ही संगठन" के सिद्धांत पर पहरा केवल सिंह ढिल्लों ने भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा का मूल मंत्र “सेवा ही संगठन” है। यह सिर्फ एक नारा नहीं है, बल्कि हर भाजपा कार्यकर्ता और नेता के जीवन का हिस्सा है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए वह पंजाब के हर वर्ग—चाहे वह किसान हो, व्यापारी, युवा या महिलाएं—सभी की उम्मीदों और आकांक्षाओं पर खरा उतरने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा पंजाब के लोगों ने मुझ पर हमेशा जो अगाध प्यार और विश्वास जताया है, वही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। मैं इस विश्वास को कभी टूटने नहीं दूंगा। पंजाब के खोए हुए गौरव को बहाल करना, राज्य में प्रगति, खुशहाली और चौमुखी (सर्वांगीण) विकास लाना ही मेरा एकमात्र लक्ष्य है।" स्थानीय लोगों में भारी उत्साह सुबह-सुबह अपने लोकप्रिय नेता को बिना किसी तामझाम के अपने बीच देखकर बरनाला के लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। शहर के पार्कों, चौराहों और बाजारों में लोगों ने केवल सिंह ढिल्लों का गर्मजोशी से स्वागत किया। बुजुर्गों ने उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया और युवाओं ने पंजाब के विकास के लिए उनके इस नए दृष्टिकोण (विज़न) की सराहना की। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ढिल्लों की यह तड़के सुबह वाली रणनीति विरोधियों को पछाड़ने और जनता के दिलों में सीधी जगह बनाने में काफी कारगर साबित होगी। 

राशन डिपो होल्डरों का सरकार को अल्टीमेटम, पंजाब में लाखों परिवार हो सकते हैं प्रभावित

लुधियाना. लुधियाना जिले से संबंधित राशन डिपो होल्डरों को सरकारी पॉलिसी के मुताबिक राशन डिपो पर पहुंचने वाली गेहूं का किराया-भाड़ा नहीं मिलने पर डिपो होल्डरों का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। गुस्से में आए डिपो होल्डरों ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को यहां तक चेतावनी दे दी है कि अगर उन्हें गेहूं की उतरवाई का भाड़ा नहीं मिलेगा तो वह "प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना " से जुड़े लाभपात्र परिवारों में अनाज नहीं बांटेंगे। इसके बाद लाखों परिवारों को समय पर अजान न मिलने का संकट पैदा हो गया है। डिपो होल्डर लक्की सिंह, गुरप्रीत सिंह गिल, हरमेश सिंह, बलबीर सिंह, राजविंदर कौर, चरणजीत कौर, निर्मला रानी, राजेश कुमार और सीमा शर्मा आदि ने बताया कि सरकार द्वारा हर 3 महीने के बाद जो गेहूं राशन डिपो पर भेजी जाती है उसकी उतरवाई का भाड़ा डिपो होल्डर 5 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से मजदूर को अदा करने को मजबूर हैं वहीं सरकार द्वारा ठेकेदार को मजदूर की पेमेंट की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पूरे देश के मुकाबले पंजाब के डिपो होल्डरों को पहले से ही कम कमीशन मिल रही है जिस कारण राशन डिपो होल्डरों की आर्थिक हालत पहले से ही वेंटिलेटर पर लगी हुई है। डिपो होल्डर एसोसिएशन द्वारा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कंट्रोलर लखबीर सिंह को मांग पत्र सौंपते हुए गेहूं की उतरवाई की राशि अदा करने की अपील की गई है ताकि डिपो बिना किसी परेशानी के राशन कार्ड धारकों को गेहूं बांटने का काम लगारात जारी रहे।

तमिलनाडु मॉडल अपनाएगा चंडीगढ़ प्रशासन, फाइलों के झंझट से मिलेगी राहत

चंडीगढ़ प्रशासन ने नागरिक सेवाओं को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए यूटी में सिंगल विंडो सिस्टम-यूनिफाइड पोर्टल के प्रभावी तरीके से लागू और सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी विभिन्न राज्यों में लागू बेहतर व्यवस्थाओं का अध्ययन कर चंडीगढ़ में लोगो के लिए सुविधाजनक और आधुनिक प्रणाली विकसित करने पर काम करेगी। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार कमेटी का गठन मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद किया गया। बैठक में तमिलनाडु सरकार की “सिंपल गव” पहल और डी-रेगुलेशन मॉडल पर चर्चा की गई थी। कमेटी में डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव, सूचना प्रौद्योगिकी सचिव डी. कार्तिकेयन, निदेशक आईटी अविकेश गुप्ता, निदेशक स्कूल शिक्षा नितिश सिंगला और एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारी विवेक वर्मा सहित अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है। कमेटी विभिन्न राज्यों में लागू सिंगल विंडो सिस्टम की कार्यप्रणाली का अध्ययन करेगी और चंडीगढ़ के लिए उपयुक्त मॉडल की सिफारिश करेगी। साथ ही विभिन्न सरकारी सेवाओं की प्रक्रिया को सरल बनाने, प्रोसेस री-इंजीनियरिंग करने और अनावश्यक औपचारिकताओं को कम करने पर भी काम किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य नागरिकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से राहत देना और अधिकतर सेवाओं को एकीकृत पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराना है। इससे मंजूरियों और सरकारी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिक हितैषी बनाने में मदद मिलेगी। क्या है तमिलनाडु का मॉडल प्रशासन यदि तमिलनाडु की सिंपल गव और डी-रेगुलेशन नीति लागू करता है तो नागरिक सेवाओं और उद्योगों को बड़ा लाभ मिल सकता है। इस मॉडल के तहत सिंगल विंडो सिस्टम, आनलाइन मंजूरियां, सेल्फ-सर्टिफिकेशन और अनावश्यक नियमों में कमी से लोगों को दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। भवन नक्शा, व्यापार लाइसेंस, एनओसी और विभिन्न प्रमाण पत्रों की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो सकती है। इससे भ्रष्टाचार और फाइलों में देरी कम होगी। उद्योगों और कारोबारियों को भी कम समय में मंजूरी मिलने से निवेश बढ़ने तथा “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” में सुधार की संभावना है। DPR लोड करते ही बन जाएगा एस्टीमेट लोकल बॉडीज महकमे की ओर से तैयार कराए गए EPM सॉफ्टवेयर में तमाम तरह की कैलकुलेशन से लेकर एस्टीमेट बनाने तक सबकुछ किया जा सकता है। अब अफसरों को 50 लाख रुपए से अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट की DPR तैयार कर उसे EPM सॉफ्टवेयर में अपलोड करना होगा। उसके बाद सॉफ्टवेयर खुद ही पहले से फीड आइटम और रेट्स के अनुसार एस्टीमेट तैयार कर देगा। अधिकारियों को सॉफ्टवेयर में सिर्फ आइटम के कोड सिलेक्ट करने होंगे। भागदौड़, कागज, पैसा और समय सबकुछ बचेगा लोकल बॉडीज महकमे में EPM सॉफ्टवेयर लागू होने के बाद सबसे बड़ी राहत अधिकारियों को मिलेगी। उन्हें DPR तैयार कर उसकी फाइल लेकर चंडीगढ़ तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। चंडीगढ़ के चक्कर लगाने में लगने वाला उनका समय और पैसा-दोनों बचेंगे। एस्टीमेट ऑनलाइन चंडीगढ़ मुख्यालय जाने से कागज-स्टेशनरी भी बचेगी। काम शुरू होने के बाद ही पता चलेगी कमियां EPM सॉफ्टवेयर की कमियों के बारे में पूछे जाने पर अधिकारियों ने कहा कि अभी तो सिस्टम लॉन्च हुआ है। जब इस पर काम शुरू होगा, तब धीरे-धीरे इसके बाकी फंक्शन वगैरह पता लगेंगे। उसके बाद अगर किसी तरह की कोई कमी सामने आएगी तो उसे संबंधित प्लेटफॉर्म पर रखा जाएगा। ठेकेदारों को एक करोड़ से ऊपर का भुगतान अब सिर्फ ऑनलाइन अभी तक लोकल बॉडीज महकमे में जिन ठेकेदारों के काम एक करोड़ रुपए से ऊपर के होते थे, उन्हें अपनी पेमेंट के लिए बिल और वर्क कम्प्लीशन की फाइल पास कराने के लिए चंडीगढ़ ले जानी पड़ती थी। इसमें भ्रष्टाचार की गुंजाइश रहती थी। अब ये सारी जानकारी EPM सॉफ्टवेयर की मार्फत एसडीओ, एक्सईएन, एसई से होते हुए आगे तक जाएगी। हर अधिकारी देख पाएगा कि संबंधित पेमेंट को लेकर किसने क्या रिमार्क दिया है। पेमेंट को मंजूरी मिलने के बाद ठेकेदारों को भुगतान भी ऑनलाइन होगा।

भीषण गर्मी के चलते पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, पूरे जून बंद रहेंगे स्कूल-अंगनबाड़ी

मोहाली. पंजाब में पड़ रही तेज गर्मी व हीट वेव के रेड अलर्ट को देखते हुए सरकार ने राज्य के सारे सरकारी व निजी स्कूलों में 1 जून से 30 जून तक छुटि्टयों का ऐलान कर दिया गया। यह घोषणा सीएम भगवंत मान की तरफ से की गई है। इसके बाद सारी स्थितियों को देखकर यह फैसला लिया गया है। वहीं शिक्षा विभाग की तरफ से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस दौरान टीचिंग, नॉन टीचिंग काडर से संबंधित अधिकारी कर्मचारी चुनाव ड्यूटी व चुनाव स्थिति व्यवस्था में लगी ड्यूटी निभाने को यकीनी बनाएंगे। इससे पहले एक जून से गर्मी की छुटि्टयों से संबंधित आदेश जारी किए गए थे, जो कि 30 जून तक है। स्कूलों का पहले बदला था समय इससे पहले गत सप्ताह शिक्षा विभाग की तरफ से राज्य में पड़ रही गर्मी और हीट वेव के अलर्ट को लेकर मंथन किया गया गया था। साथ ही स्कूलों के समय बदलने संबंधी आदेश जारी किए थे। उस समय तय हुआ था 20 मई से 30 मई तक स्कूल सुबह 7 बजे से 12 बजे तक खुलेंगे। जबकि डबल शिफ्ट वाले स्कूलों का समय सुबह सवा दस बजे से दोपहर 1.15 बजे तक कर दिया गया था। पंजाब के आंगनवाड़ी सेंटरों में 30 तक हुई छुटि्टयां पंजाब में पड़ी रही तेज गर्मी व लू के चलते पंजाब सरकार ने आंगनवाड़ी सेंटरों में भी छुटि्टयां कर दी हैं। अब सेंटर 21 मई से 30 जून तक बंद रहेंगे। आंगनवाड़ी सेंटरों में तीन से छह साल तक के बच्चे आते हैं। इनकी देखभाल करना काफी मुश्किल होती है। इसके चलते सरकार की तरफ से यह फैसला लिया गया है। वहीं, आंगनबाड़ी वर्करों को इस दौरान होम विजिट करना होगा। साथ ही बच्चों को टेक होम राशन मुहैया करवाया जाएगा। विभाग द्वारा मांगी जाने वाली रिपोर्ट भी तय समय पर भरी जाएगी। गर्मी से बचना है तो इन चीजों का रखें ध्यान शिक्षा विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि इस मौसम में ज्यादा पानी का पीना चाहिए। अगर आप दिल, किडनी या लीवर की बीमारियों से पीड़ित हैं और कम पानी पीते हैं। ऐसे लोग डॉक्टरी सलाह के बाद तरल पदार्थ का सेवन करें। ओआरस के घोल का प्रयोग करने का सुझाव भी दिया गया है। इसी तरह घरों में तैयार किए जाने वाले तरल पदार्थ जैसे ही नींबू पानी, लस्सी, नारियल पानी आदि तरल पदार्थ का प्रयोग किया जा सकता है। वहीं, हमेशा ही हलके फीके रंग के कपड़े पहन बाहर जाए और डार्क कलर के कपड़े पहनने से परहेज करें। घर से बाहर जाने के लिए सिर और हाथों को अच्छी तरह ढक कर निकलना चाहिए। टोपी और छाते का प्रयोग करना चाहिए। आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा व चमड़ी की सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन का प्रयोग करें।