samacharsecretary.com

टाटा मोटर्स यूनियन की तीन सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार, 13 अप्रैल को मिलेंगे नामांकन फॉर्म और बढ़ी चुनावी सरगर्मी

  जमशेदपुर झारखंड के जमशेदपुर में टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के तीन रिक्त कमेटी मेंबर पदों पर उपचुनाव के लिए मतदान 17 अप्रैल को होगा. चुनाव पदाधिकारी चिदानंद खंडई ने गुरुवार को अधिसूचना जारी कर चुनावी कार्यक्रम की घोषणा कर दी. जिसके साथ ही कंपनी परिसर में चुनावी सरगर्मी तेज हो गयी है. 13 अप्रैल को मिलेगा नामांकन फॉर्म घोषित कार्यक्रम के अनुसार इन पदों के लिए नामांकन पत्रों का वितरण 13 अप्रैल को होगा. इसके बाद 17 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा और इसी दिन शाम को मतगणना के बाद देर रात तक नतीजों की घोषणा कर दी जाएगी. कमेटी मेंबरों का चुनाव पूरा होते ही यूनियन की कमेटी मीटिंग बुलाई जाएगी. इसके बाद ही खाली उपाध्यक्ष और सहायक सचिव के एक-एक पदों पर भरा जाएगा. त्रिकोणीय मुकाबले के आसार एक्सल डिवीजन की दो सीटों के लिए जहां विजय कुमार शर्मा, रवींद्र कुमार, अश्विनी तिवारी और विजय कुमार सिंह जैसे पुराने चेहरे आमने-सामने हैं. वहीं इआरसी की एक सीट पर दो से अधिक दावेदारों के कूदने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है. संभावित प्रत्याशी अपने-अपने विभागों में छोटी-छोटी बैठकें कर रहे हैं और मतदाताओं को रिझाने के लिए पार्टियों का दौर भी शुरू हो चुका है. रिटाइरमेंट के कारण खाली हुए पद एक्सल डिवीजन से कमेटी मेंबर सैयद मुनव्वर और उपाध्यक्ष शिव नारायण सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद दो सीटें खाली हुई थीं. वहीं, इआरसी विभाग से सहायक सचिव मनोज कुमार शर्मा के रिटायर होने से एक पद खाली हुआ था. इन तीनों सीटों पर कब्जा जमाने के लिए प्रत्याशियों ने अभी से फील्डिंग सजानी शुरू कर दी है.

झारखंड के सभी जिलों में खुलेंगे कैंसर डे-केयर यूनिट, इलाज के लिए अब दूसरे राज्यों में नहीं भटकेंगे मरीज

 रांची  राजधानी रांची के सदर अस्पताल में मरीजों को अब विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम शुरू हो गया है. स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह ने गुरुवार को मुख्यमंत्री अस्पताल कायाकल्प योजना की समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि सदर अस्पताल में 200 बेड का नया सुपर स्पेशियलिटी विंग स्थापित किया जाएगा. इसके लिए जमीन का चयन कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया जल्द आरंभ करने का निर्देश दिया गया है. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य के सरकारी स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप ढालना और मरीजों को त्वरित इलाज उपलब्ध कराना रहा. कैंसर मरीजों के लिए विशेष सुविधाएं और रेडिएशन बंकर झारखंड में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. स्वास्थ्य सचिव ने निर्देश दिया कि राज्य के सभी जिलों के सदर अस्पतालों में कैंसर मरीजों के लिए समर्पित ‘डे-केयर यूनिट’ बनाई जाए. इसके साथ ही, रेडिएशन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष बंकरों का निर्माण भी किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए मरीजों को राज्य से बाहर या महंगे निजी अस्पतालों में न जाना पड़े, बल्कि उन्हें अपने ही जिले में उचित चिकित्सा और देखभाल मिल सके. आईपीएचएस मानकों के आधार पर अस्पतालों का उन्नयन बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सभी सदर अस्पतालों का विकास इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (IPHS) के मानकों के अनुरूप किया जाएगा. इसके तहत अस्पतालों की बेड क्षमता बढ़ाई जाएगी और वहां अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी. स्वास्थ्य सचिव ने बोकारो, धनबाद, सरायकेला, चाईबासा, गोड्डा और रामगढ़ के लिए पूर्व में तैयार डीपीआर में संशोधन कर उन्हें पुन: प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. वहीं, धनबाद, साहिबगंज, गिरिडीह, दुमका, पाकुड़ और गढ़वा के अस्पतालों के जीर्णोद्धार (Renovation) प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई है. मानव संसाधन विकास और नामकुम में प्रशिक्षण केंद्र अस्पतालों के बुनियादी ढांचे के साथ-साथ कुशल मानव संसाधन पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. रांची के नामकुम में 500 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला एक अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना पर चर्चा की गई है. स्वास्थ्य सचिव ने एंबुलेंस, ट्रॉमा सेंटर, इमरजेंसी और गहन चिकित्सा (ICU) सेवाओं में प्रशिक्षित कर्मियों की कमी पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने निर्देश दिया है कि इन सेवाओं के लिए विशेषज्ञ कर्मियों की नियुक्ति और प्रशिक्षण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि जीवन रक्षक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सके.

बिहार में नई सरकार और सीएम का निर्णय दिल्ली में, बीजेपी बैठक में क्या होगा आज?

नई दिल्ली/ पटना  बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से सीएम बनने जा रहे नेता के नाम पर आपसी सहमति बनाने के लिए भाजपा ने आज दिल्ली में राज्य के प्रमुख नेताओं की बैठक रखी है। बीजेपी मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन इस बैठक को लेंगे, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय, राज्य के मंत्री मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, सांसद संजय जायसवाल जैसे बड़े नेता शामिल होंगे। बीजेपी की आज की बैठक का मकसद बिहार में भाजपा के पहले सीएम के नाम पर आपसी सहमति हासिल करना है। पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के दौर में भाजपा में एक नाम पर सहमति बनाना मुश्किल काम नहीं है। बिहार में 14 या 15 अप्रैल को भाजपा के सीएम के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की नई सरकार का गठन हो सकता है। सरकार में पहले की तरह भाजपा के साथ नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू), चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर), जीतनराम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) से मंत्री शामिल होंगे। नीतीश कुमार के मौजूदा कैबिनेट के कई मंत्री अगली सरकार में भी शामिल हो सकते हैं, लेकिन कम से कम भाजपा और जदयू में कुछ नए चेहरों को मौका मिलने की चर्चा है। अगर दोबारा मंत्री बने तो सबसे ज्यादा फायदा में उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश कुशवाहा रहेंगे। उनको 6 महीने के अंदर एमएलसी या एमएलए बनने का मौका दोबारा मिल जाएगा। इस समय उनके मंत्री बनने का 5वां महीने पूरा होने को है और नियमतः उन्हें छह महीने के अंदर किसी सदन में पहुंचना है। तकनीकी पेच ना हो तो नई सरकार में फिर से शपथ लेने के बाद उन्हें छह महीने की यह मियाद एक बार फिर मिल जाएगी। भाजपा में मुख्यमंत्री का चुनाव कैसे होता है? लिखा-पढ़ी में मुख्यमंत्री का चुनाव पार्टी के विधायक करते हैं, लेकिन भाजपा में विधायक दल की बैठक में नेता चुनने से पहले पार्टी का संसदीय बोर्ड इसका फैसला कर देता है। भाजपा के संसदीय बोर्ड में नितिन नवीन, नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह, अमित शाह, जेपी नड्डा, बीएस येदियुरप्पा, सर्बानंद सोनोवाल, के लक्ष्मण, इकबाल सिंह लालपुरा, सुधा यादव, सत्यानारायण जाटिया और बीएल संतोष शामिल हैं। संसदीय बोर्ड से फैसले के बाद पार्टी विधायक दल के नेता का चुनाव कराने के लिए एक या दो पर्यवेक्षक भेजती है। पर्यवेक्षक पार्टी हाईकमान के फैसले की जानकारी विधायकों को देते हैं और फिर विधायक उस फैसले का अनुपालन करते हुए नेता चुनने की औपचारिकता पूरी करते हैं। विधायक दल का नेता मुख्यमंत्री बनता है। अभी सम्राट हैं बीजेपी विधायक दल के नेता, विजय सिन्हा उप-नेता, दोनों डिप्टी सीएम बिहार में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन उसके पास अकेले बहुमत नहीं है। इसलिए भाजपा के विधायक दल के नेता को एनडीए गठबंधन के विधायक दल का भी नेता चुना जाएगा। इस प्रक्रिया में कोई अड़चन नहीं है, लेकिन औपचारिकता पूरी करनी होगी। सबसे पहले एनडीए के पांचों दल का नेता चुना जाएगा और अंत में एनडीए के सभी विधायकों की एक साथ बैठक होगी, जिसमें भाजपा के विधायक दल के नेता को एनडीए विधायक दल का नेता यानी मुख्यमंत्री चुना जाएगा। बिहार में नई सरकार का सम्राट किसे बनाएगी भाजपा? बिहार में इस समय भाजपा विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी और उप-नेता विजय कुमार सिन्हा हैं। दोनों नीतीश सरकार में उप-मुख्यमंत्री हैं, जिसमें सम्राट चौधरी को नंबर 2 का दर्जा हासिल है। सीएम के चयन में भाजपा फिर चौंकाती है या आम तौर पर जिन नेताओं के नाम की चर्चा चल रही है, उनमें ही किसी पर भरोसा जताती है, यह एक पहेली है, जिसे सिर्फ मोदी और शाह सुलझा सकते हैं। बिहार में हर जुबान पर अभी यही सवाल है कि भाजपा बिहार में सरकार का सम्राट किसे बनाएगी। 

विधानसभा और सीवान कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां हुईं अलर्ट

पटना   बिहार विधानसभा को एक महीने के अंदर दूसरी बार बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। शुक्रवार दोपहर एक बजे ईमेल के जरिए यह धमकी दी गई। इसके बाद विधानसभा परिसर में हड़कंप मच गया। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के निर्देश पर फौरन सुरक्षाकर्मी बम निरोधक दस्ते के साथ विधानसभा पहुंचे और जांच में जुट गए। पुलिस ने हर जगह सघन जांच अभियान चलाया। काफी देर खोजबीन के बाद भी बम नहीं मिला। सभी कर्मियों को बाहर निकाला गया इधर, पुलिस टीम ने पूरे विधानसभा परिसर को खंगाला। सभी कर्मियों को बाहर निकाला गया। हर एक कार्यालय की जांच की गई। रेस्टोरेंट और कैंटीन की भी जांच की गई लेकिन कहीं कुछ नहीं बरामद हुआ। मामले में पटना एसएसपी ने बताया कि अज्ञात मेल के जरिए धमकी आई है। साइबर सेल की टीम मामले की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है। बता दें कि 13 मार्च 2026 को बिहार विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इससे पहले ठीक इसी अंदाज में पटना सिविल कोर्ट समेत कुछ जिलों के कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। । किसने क्या लिखा धमकी भरे ईमेल में बिहार विधानसभा को शुक्रवार को जो ईमेल भेजा गया। उसमें धमकी देने वालों ने दावा किया गया है कि दोपहर करीब सवा दो बजे विधानसभा को साइनाइड गैस से निशाना बनाया जाएगा। धमकी भरे संदेश में बांग्लादेश के अब्दुल सईद समेत कई लोगों पर कथित अत्याचार का हवाला दिया गया है। ईमेल भेजने वाले ने खुद को “इस्लामिक फ्राइडे एंटी क्राइस्ट” नामक संगठन से जुड़ा बताया है। सीवान कोर्ट को भी उड़ाने को भी धमकी इतना ही नहीं, इस ईमेल में बिहार विधानसभा के अलावा सीवान सिविल कोर्ट को भी उड़ाने की धमकी दी गई है, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। विधानसभा परिसर और सीवान सिविल कोर्ट के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और बम निरोधक दस्ता भी अलर्ट पर है। पुलिस और जांच एजेंसियां ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुट गई हैं।

नीतीश कुमार के बाद अब बिहार में भाजपाई मुख्यमंत्री की तैयारी, 14 अप्रैल को दे सकते हैं इस्तीफा और सम्राट चौधरी का नाम रेस में सबसे आगे

पटना    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ग्रहण किया। सभापति के रूप में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा चारों सदनों का सदस्य बनने रिकॉर्ड कायम कर लिया है। यह उपलब्धि सिर्फ राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने ही हासिल किया। चारों सदनों में बैठने वाले दूसरे सीएम नीतीश कुमार बने हैं। नीतीश कुमार गुरुवार को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा के साथ शपथ ग्रहण करने के लिए पटना से दिल्ली गए थे। आज शाम वे पटना लौट सकते हैं नीतीश कुमार ने आज से अपने राजनीतिक जीवन की नई पारी की शुरुआत कर दी है। अब वे पटना लौटेंगे और अपनी इच्छा से मुख्यमंत्री के पद से त्यागपत्र देंगे।बताया जा रहा है कि 13 अप्रैल को नीतीश कुमार अपने कैबिनेट की बैठक करेंगे और खरमास के बाद 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री अपने पद से इस्तीफा सौंपेंगे। इसके साथ ही बिहार में नई सरकार गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। बिहार में पहली बार भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनेगी। नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी के रूप में बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह सवाल और महत्वपूर्ण हो गया है। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के कोर ग्रुप की आज शाम बैठक होने वाली है जिसमें सीएम चेहरा फाइनल किया जा सकता है। वैसे तो नित्यानंद राय, विजय कुमार, सिन्हा, संजीव चौरसिया, संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल, रेणू देवी समेत कई नामों की चर्चा सीएम पद की रेस में हो रही है लेकिन, सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है। माना जा रहा है कि सीएम फेस के चयन में नीतीश कुमार की इच्छा राय को प्रधानता दी जाएगी क्योंकि उनके बाद एनडीए के वोट बैंक को इनटैक्ट रखने के लिए नीतीश कुमार के सामाजिक समीकरण को बरकरार रखा जाएगा। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के कोर ग्रुप की आज शाम बैठक होने वाली है जिसमें सीएम चेहरा फाइनल किया जा सकता है। वैसे तो नित्यानंद राय, विजय कुमार, सिन्हा, संजीव चौरसिया, संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल, रेणू देवी समेत कई नामों की चर्चा सीएम पद की रेस में हो रही है लेकिन, सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है। माना जा रहा है कि सीएम फेस के चयन में नीतीश कुमार की इच्छा राय को प्रधानता दी जाएगी क्योंकि उनके बाद एनडीए के वोट बैंक को इनटैक्ट रखने के लिए नीतीश कुमार के सामाजिक समीकरण को बरकरार रखा जाएगा। आज का शपथ ग्रहण नीतीश कुमार के केंद्र की राजनीति में वापसी की शुरुआत है। 2005 में दिल्ली की राजनीति छोड़कर पटना गए और बिहार के सीएम बने। करीब 20 सालों की स्टेट पारी निभाने के बाद वे दिल्ली लौट रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह के समय उनके साथ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, राज्यसभा सांसद संजय झा, बीजेपी सांसद जेपी, निर्मला सीतारमण, नड्डा, राजीव प्रताप रूडी, बिहार के मंत्री सम्राट चौधरी, अशोक चौधरी, विजय चौधरी, मंत्री जमा खान, रामनाथ ठाकुर समेत बीजेपी और जदयू के कई नेता मौजूद रहे। नीतीश कुमार के शपथग्रहण के बाद दिल्ली से पटना तक सियासी तपिश और बढ़ गई है।

नितिन नवीन का बड़ा बयान: एनडीए में कोई मतभेद नहीं, बिहार में सत्ता परिवर्तन तय, बीजेपी का भविष्य होगा स्पष्ट

पटना  बिहार की राजनीति में बदलाव का दौर है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार (10 अप्रैल) को राज्यसभा की शपथ लेने जा रहे हैं. इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने NDA गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि गठबंधन के अंदर कोई मतभेद नहीं है और सभी फैसले तय प्रक्रिया के अनुसार हो रहे हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में नितिन नवीन ने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार में सत्ता परिवर्तन कब होगा और भाजपा कब अपना मुख्यमंत्री बनाएगी. नितिन नवीन ने इस सवाल पर कहा कि हमारे गठबंधन में किसी भी प्रकार का मतभेद नहीं है. सभी निर्णय तय प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं. तारीख की जानकारी जल्द दी जाएगी. उन्होंने इशारों में अगले मुख्यमंत्री के नाम का भी संकेत दे दिया।   मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को राज्यसभा सांसद पद की शपथ लेंगे।  इसके साथ ही लोकल से नेशनल नेता बन जाएंगे. ऐसे में अगले 48 घंटे में बिहार के सत्ता की दशा और दिशा दोनों ही तय हो जाएगी, जिस पर सभी की निगाहें लगी हुई है बिहार की राजनीति फिर एक बार बड़ा बदलाव होने जा रहा है. एक ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाएं तेज हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ग्रहण के साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और पहली बार बीजेपी सूबे में अपना मुख्यमंत्री बनाएगी।  नीतीश कुमार के राइट हैंड माने जाने वाले जेडीयू नेता विजय कुमार चौधरी ने पार्टी की तरफ से पहली बार साफ-साफ शब्दों में कह दिया है कि आगे बिहार की सत्ता को बीजेपी लीड करेगी. अब साफ है कि बिहार में बीजेपी बड़े भाई के रोल में तो जेडीयू छोटे भाई की भूमिका में होगी?  नीतीश कुमार का राज्यसभा कार्यक्रम नितिन नवीन ने बताया कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे. इसके बाद जो भी राजनीतिक प्रक्रिया होगी वह उसी के अनुसार आगे बढ़ेगी. उन्होंने पूरे घटनाक्रम को सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बताया. इसमें किसी तरह की असहजता या टकराव की स्थिति नहीं है.भाजपा अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि NDA में सभी दल गठबंधन धर्म का पूरी ईमानदारी से पालन कर रहे हैं. भाजपा हमेशा सहयोगी दलों के साथ सम्मानजनक संबंध बनाए रखती रही है. यही वजह है कि आज भी NDA के सभी दलों का भरोसा भाजपा पर कायम है. गठबंधन की मजबूती ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।  सीएम फेस पर नितिन नवीन का संकेत मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर उठ रहे सवालों पर नितिन नवीन ने किसी नाम का सीधा दावा नहीं किया, लेकिन उन्होंने कहा कि सभी चीजें समय के अनुसार तय होंगी. जो भी निर्णय होगा वह नीतीश कुमार के नेतृत्व में तय दिशा के अनुसार ही होगा. ऐसे में साफ संकेत मिलता है कि NDA में बदलाव बिना नीतीश कुमार की सहमति के नहीं होगा. सूत्रों के अनुसार, अगला चेहरा सम्राट चौधरी का हो सकता है और यह लगभग तय माना जा रहा है. हालांकि, इसका आधिकारिक रूप से औपचारिक ऐलान बाकी है।  बिहार में अब नहीं होगा खेला, बीजेपी का सीएम बिहार में अब कोई सियासी खेला नहीं होगा. नीतीश कुमार की जगह बीजेपी का मुख्यमंत्री होगा. जेडीयू के दिग्गज नेता और बिहार सरकार में मंत्री व‍िजय कुमार चौधरी ने बताया कि बिहार में भाजपा बड़ी पार्टी है, लिहाजा सत्ता को लीड करने की जिम्मेदारी उन्हें ही लेना है. निर्णय उनका ही होगा, हम (जेडीयू) तो एनडीए के साथ हैं. नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद कैबिनेट स्वत: भंग हो जाएगी. ऐसे में नई सरकार का गठन किया जाएगा और शुभ मुहूर्त में अच्छा दिन देखकर यह काम होगा।    विजय कुमार चौधरी का यह बयान इस मायने में अहम है कि अभी तक यह किसी बड़े नेता ने स्पष्ट रूप से नहीं कहा था कि अगला सीएम किस दल का होगा. बीजेपी को अब अपना नया मुख्यमंत्री चुनना है. बिहार में नए सीएम की करें तो रेस में सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है. हालांकि, अभी तक बीजेपी ने सीएम के नाम पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं, सभी को इसी बात का इंतजार है कि बिहार के नए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री कौन-कौन बनाए जाते है।  दिल्ली में 10 अप्रैल को बीजेपी नेताओं के होने वाली बैठक में बिहार के नए सीएम के नाम पर चर्चा हो सकती है.मुख्‍यमंत्री के नाम पर आम सहमत‍ि का प्रयास किया जाएगा. बिहार से इस बैठक में प्रदेश अध्‍यक्ष संजय सरावगी, डिप्‍टी सीएम सम्राट चौधरी, व‍िजय कुमार सिन्‍हा समेत अन्‍य सीनियर लीडर शामिल होंगे. अब देखना है कि बीजेपी सत्ता का सिंहासन किसे सौंपती है?  बिहार की मौजूदा स्थिति भी बोले नितिन नितिन नवीन का यह बयान उस समय आया है जब बिहार में सरकार गठन और नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हैं. बता दें कि नीतीश कुमार ने पहले ही विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. 10 अप्रैल के बाद नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. NDA नेताओं के बयान से साफ है कि गठबंधन में सब कुछ नियंत्रण में है. कोई बड़ा मतभेद नहीं है।  विजय चौधरी ने भी क्लियर मैसेज दिया बता दें कि इसी प्रकार की बात जेडीयू के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी कही है. उन्होंने साफ-साफ कहा है कि बिहार में नई सरकार का नेतृत्व बीजेपी के पास होगा. विजय चौधरी ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य में बीजेपी बड़ी पार्टी है, इसलिए नेतृत्व उसी को करना है. उन्होंने कहा कि निर्णय भी बीजेपी ही लेगी और जेडीयू एनडीए के साथ मजबूती से खड़ी है।  बिहार की राजनीति में आगे क्या होगा? बहरहाल, नितिन नवीन के बयान के बाद अब सभी की नजरें अब 10 अप्रैल के घटनाक्रम पर हैं. नीतीश कुमार राज्यसभा की शपथ लेने के बाद पटना लौटेंगे. उसके बाद NDA की बैठक में अगले मुख्यमंत्री और सरकार के गठन पर फैसला होगा. भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के बयान से गठबंधन की एकता और मजबूती का संदेश गया है. बिहार की जनता नई सरकार और नए सीएम का इंतजार कर रही … Read more

राधा चरण साह के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर चुनाव का एलान, 14 मई को आएंगे नतीजे

 पटना   बिहार विधान परिषद की भोजपुर-बक्सर स्थानीय निकाय सीट पर उपचुनाव का बिगुल बज गया है. इलेक्शन कमीशन ने गुरुवार को इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी. इस सीट पर 12 मई को मतदान कराया जाएगा, जबकि 14 मई को मतों की गिनती होगी. यह सीट 16 नवंबर 2025 से खाली है. पहले इस सीट का प्रतिनिधित्व जदयू नेता राधा चरण साह कर रहे थे. लेकिन विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्हें यह सीट छोड़नी पड़ी. उनका कार्यकाल 7 अप्रैल 2028 तक था, लेकिन समय से पहले सीट खाली हो गई. चुनाव का पूरा शेड्यूल निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार     16 अप्रैल: अधिसूचना जारी     23 अप्रैल: नामांकन की अंतिम तिथि     24 अप्रैल: नामांकन पत्रों की जांच     27 अप्रैल: नाम वापसी की आखिरी तारीख     12 मई: मतदान     14 मई: मतगणना लागू हुई आचार संहिता, बढ़ी सियासी हलचल चुनाव की घोषणा के साथ ही भोजपुर और बक्सर क्षेत्र में आचार संहिता लागू हो गई है. इसके बाद से ही इलाके में पॉलिटिकल एक्टिविटीज तेज हो गई हैं. सभी दल इस सीट पर कब्जा जमाने के लिए रणनीति बनाने में जुट गए हैं. NDA फिर से जीत का कर रहा दावा इस सीट पर पहले जदयू का कब्जा था, जो एनडीए गठबंधन का हिस्सा है. ऐसे में एनडीए एक बार फिर इस सीट को अपने पास बनाए रखने का दावा कर रहा है. वहीं विपक्ष भी इस मौके को भुनाने की तैयारी में है, जिससे मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है. 27 वोट से जीती थी विधानसभा चुनाव राधा चरण साह ने 2025 के विधानसभा चुनाव में संदेश सीट से जदयू के टिकट पर जीत दर्ज की थी. उन्होंने राजद उम्मीदवार दीपू सिंह को महज 27 वोटों के अंतर से हराया था. इस चुनाव में राधा चरण साह को 80,598 वोट मिले थे. यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और पूरे राज्य में इसकी काफी चर्चा हुई थी. सियासी मुकाबला होगा दिलचस्प भोजपुर-बक्सर की यह सीट स्थानीय निकाय से जुड़ी होने के कारण यहां का चुनाव समीकरण अलग होता है. ऐसे में सभी पार्टियां अपने-अपने समीकरण साधने में जुट गई हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि इस उपचुनाव में कौन बाजी मारता है और किसके खाते में यह सीट जाती है.

पांकी के मुख्य बाजार में बड़ी वारदात, दुकान में सेंधमारी कर सोने-चांदी के आभूषणों पर हाथ किया साफ

  पलामू झारखंड के पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र के मुख्य बाजार में स्थित घनश्याम ज्वेलर्स में बुधवार देर रात अज्ञात चोरों ने बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया. चोरों ने दुकान के पीछे के गेट से सेंधमारी कर अंदर प्रवेश किया और लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण पर हाथ साफ कर दिया. इस घटना के बाद पूरे बाजार में दहशत का माहौल बन गया है. लाखों के गहनों पर किया हाथ साफ जानकारी के अनुसार, चोरों ने दुकान में रखे कीमती आभूषणों को निशाना बनाया. सोने और चांदी के गहनों की चोरी से दुकानदार को भारी नुकसान हुआ है. शुरुआती अनुमान के मुताबिक, चोरी की रकम लाखों में बताई जा रही है. हालांकि, सटीक आंकलन दुकान मालिक द्वारा सूची तैयार करने के बाद ही हो पाएगा. सबूत मिटाने के लिए डीवीआर भी चोरी इस घटना की खास बात यह रही कि चोर पूरी तैयारी के साथ आए थे. उन्होंने न केवल गहनों की चोरी की, बल्कि दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने साथ ले गए. इससे साफ जाहिर होता है कि चोर सबूत मिटाने और पहचान छिपाने की मंशा से इस वारदात को अंजाम दे रहे थे. इससे पुलिस के लिए जांच और चुनौतीपूर्ण हो गई है. पुलिस जांच में जुटी, डॉग स्क्वायड की मदद इस घटना की सूचना मिलते ही पांकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. पुलिस ने डॉग स्क्वायड की भी मदद ली है, ताकि चोरों के सुराग तक पहुंचा जा सके. खोजी कुत्तों के जरिए आसपास के इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों की तलाश की जा रही है. पुलिस आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है. सुबह दुकान खुलने पर सामने आया सच दुकान के मालिक घनश्याम सोनी ने बताया कि जब वे सुबह दुकान खोलने पहुंचे, तो पीछे के दरवाजे की हालत देखकर उन्हें चोरी का अंदेशा हुआ. अंदर जाकर देखा तो गहने गायब थे. इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. घटना की खबर फैलते ही बाजार के अन्य दुकानदार भी मौके पर पहुंच गए. व्यापारियों में असुरक्षा का माहौल मुख्य बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह की चोरी की घटना से व्यवसायियों में डर का माहौल है. व्यापारियों का कहना है कि अगर मुख्य सड़क पर स्थित दुकानों में भी चोरी हो रही है, तो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है. लोगों में असुरक्षा की भावना लगातार बढ़ रही है. सुरक्षा बढ़ाने की मांग स्थानीय दुकानदारों ने प्रशासन से बाजार क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि इलाके में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और रात के समय पुलिस गश्ती बढ़ाई जाए. ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा मिल सके.

स्मार्ट मीटर वालों की बल्ले-बल्ले: बिहार में 8 घंटे मिलेगी सस्ती बिजली, नया टैरिफ लागू

बांका. अब बिजली उपभोक्ताओं का बिल समय के अनुसार तय होगा। बिजली विभाग ने टाइम ऑफ डे टैरिफ लागू कर दिया है, जिसके तहत दिन को तीन हिस्सों में बांटकर अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत देना और बिजली व्यवस्था पर दबाव कम करना है। नई व्यवस्था के अनुसार, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक का समय आफ-पीक माना गया है। इस दौरान बिजली 20 प्रतिशत सस्ती मिलेगी। शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक पीक आवर रहेगा। इस दौरान बिजली महंगी होगी। घरेलू उपभोक्ताओं को करीब 10 प्रतिशत अधिक प्रति यूनिट देना पड़ेगा। व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए यह दर 20 प्रतिशत तक अधिक होगी। रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक फिर सामान्य दर लागू रहेगी। खर्च में कमी ला सकेंगे उपभोक्ता बिजली विभाग के अनुसार, इस नई व्यवस्था से उपभोक्ता दिन के समय अधिक बिजली उपयोग कर अपने खर्च में कमी ला सकते हैं। साथ ही शाम के पीक समय में लोड कम होगा, जिससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होगी और सौर ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर निर्धारित दर से अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क लगेगा। हालांकि, यह नियम केवल स्मार्ट मीटर वाले एक किलोवाट या उससे अधिक लोड के उपभोक्ताओं पर ही लागू होगा। कृषि फीडर के उपभोक्ताओं को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। दो लाख के करीब लगे हैं स्मार्ट मीटर नई व्यवस्था को फिलहाल वैसे उपभोक्ताओं के लिए लागू किया गया है, जिनके घर या प्रतिष्ठान पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। जिले में बिजली विभाग के दो डिवीजन हैं। बांका और अमरपुर। दोनों डिवीजन की अगर बात की जाए तो तो उपभोक्ताओं की संख्या करीब चार लाख के आसपास है, इसमें से आधे यानी दो लाख उपभोक्ताओं के घर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इसका फायदा स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को मिलेगा। उनको जो अगले महीने का बिजली बिल आएगा, वह नए नियम के अनुसार ही आएगा। जिनके घर स्मार्ट मीटर नहीं लगाए गए हैं, उन्हें पुराने नियमों के अनुसार ही बिजली बिल का भुगतान करना होगा। नया बिजली टैरिफ: सस्ती बिजली (ऑफ-पीक आवर): सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक। महंगी बिजली (पीक आवर): शाम 5:00 बजे से रात 11:00 बजे तक। सामान्य दर: रात 11:00 बजे से सुबह 9:00 बजे तक सामान्य दर रहेगी। टाइम आफ डे टैरिफ लागू – जिला में टाइम आफ डे टैरिफ लागू कर दिया गया है। स्मार्ट मीटर जिनके घर या प्रतिष्ठान पर लगे हैं, उसी को नए टैरिफ दर से बिजली बिल का भुगतान करना होगा। यहां पर अब तक करीब दो लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। – ई. कुमार सौरभ, कार्यपालक अभियंता, बांका डिविजन।

बिहार की सत्ता में बड़ा बदलाव, बीजेपी संभालेगी कमान और जेडीयू को मिल सकते हैं दो डिप्टी सीएम के पद

 पटना   बिहार की राजनीति में पिछले कई दिनों से चल रहा सस्पेंस अब खत्म होने की कगार पर है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं के साथ फाइनल दौर की बैठक करेंगे. इस बैठक का एजेंडा नई सरकार के स्वरूप और मंत्रालयों के बंटवारे को अंतिम रूप देना होगा. बीजेपी के पास होगी कमान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बनने वाली नई सरकार में मुख्यमंत्री बीजेपी का होगा. अब तक नीतीश कुमार ही एनडीए की कमान संभालते रहे हैं, लेकिन बदले हुए सियासी समीकरणों में बीजेपी ने अपनी भूमिका को बढ़ाने फैसला किया है. जेडीयू और अन्य सहयोगियों का हिस्सा सत्ता के संतुलन को बनाए रखने के लिए जेडीयू को दो डिप्टी सीएम पद दिए जाने की संभावना है. इसके अलावा, जेडीयू के 13-14 विधायक कैबिनेट का हिस्सा बनेंगे. छोटी पार्टियों को भी उनकी ताकत के हिसाब से सरकार में जगह दी जा सकती है. जीतनराम मांझी की हम पार्टी से उनके बेटे संतोष सुमन, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी (RLM) से दीपक प्रकाश और चिराग पासवान की पार्टी (LJP-R) से संजय पासवान और संजय सिंह को मंत्री पद मिलने की चर्चा है. जातीय समीकरण का रखा जायेगा ध्यान नई सरकार के गठन में केवल सत्ता का बंटवारा ही नहीं, बल्कि सोशल मैसिजिंग का भी ध्यान रखा जायेगा. बीजेपी और जेडीयू की रणनीति ओबीसी, सवर्ण, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को बराबरी का प्रतिनिधित्व देने की है. यह पूरी कवायद अगले चुनावों को ध्यान में रखकर की जा रही है. दिल्ली में होने वाली बैठक में इन चेहरों के नाम पर अंतिम चर्चा होगी. नीतीश कुमार के दिल्ली से लौटते ही इस्तीफे की औपचारिकता पूरी होगी और बिहार में एक नई सुबह की शुरुआत होगी. यहां बीजेपी पहली बार राज्य के बॉस की भूमिका में नजर आ सकती है.