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कदमकुआं फायरिंग केस में अपडेटेड केस डायरी दाखिल, कोर्ट ने तीन दिन का समय दिया

 पटना  खान ग्‍लोबल स्‍टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर की अग्र‍िम जमानत याचिका पर शनिवार को पटना सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई।   कदमकुआं थाने की पुलिस ने अपडेटेड केस डायरी सबम‍िट कर दी है। कोर्ट ने इस केस डायरी को पढ़ने के लिए तीन दिनों का समय दिया है। अब 30 जून को केस की सुनवाई होगी।   इस अवध‍ि तक फैजल खान की गिरफ्तारी पर रोक जारी रहेगी। उनके दो गार्ड जो जेल में बंद हैं, उनकी जमानत याचिका पर भी उसी दिन सुनवाई होगी।   फैजल खान पक्ष ने जताई आपत्‍त‍ि फैजल खान की अग्र‍िम जमानत याचिका को लेकर सभी की नजरें कोर्ट की तरफ लगी थी। बताया जाता है क‍ि कोर्ट में सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्‍ता ने लगातार समय विस्‍तार का विरोध किया।   हालांक‍ि लोक अभ‍ियोजक एवं ज्ञान बिंदु के डायरेक्‍टर रौशन आनंद के वकील ने इसपर आपत्ति जताई। कहा कि केस डायरी ठीक से पढ़ने के लिए समय दिया जाए। इसपर कोर्ट ने तीन दिनों का समय दिया है।   दहशत के लिए चलवाई थी गोली फैजल खान के वकील अरविंद कुमार मौआर ने बताया क‍ि सरकारी वकील को अपडेटेड केस डायरी दी गई है। अब मंगलवार को फाइनल हियरिंग हो जाएगी। बताया जाता है कि अपडेटेड केस डायरी में पुलिस ने लिखा है कि आत्‍मरक्षा में नहीं बल्‍क‍ि दहशत के उद्देश्‍य से 2 जून की रात फायरिंग कराई गई थी। उस घटना को लेकर फैजल खान का नाम एफआईआर में बाद में जोड़ा गया था। 2 जून से अबतक हुए कई नाटकीय घटनाक्रम की वजह से केस में लोगों की दिलचस्‍पी बढ़ गई है। रौशन आनंद के भाई प्र‍िंस यादव की संदिग्‍ध पर‍िस्‍थ‍िति‍यों में मौत हो गई। बेल पर जेल से बाहर आए रौशन आनंद ने हत्‍या का आरोप सीधे फैजल खान और कोल्‍ड स्‍टोरेज के मालिक पर लगा दिया।

किशनगंज-पूर्णिया में भारी बारिश की चेतावनी, उत्तर बिहार में गरज-चमक की संभावना

पटना  बिहार में मौसम का रंग बदलने लगा है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कमी से हीट वेव से निजात मिली है। कई जिलों में बादलों की आवाजाही से मौसम पहले से बेहतर हुआ है। राज्य के 23 शहरों के अधिकतम तापमान में शुक्रवार को आंशिक कमी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने शनिवार को किशनगंज और पूर्णिया में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, अररिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा और सुपौल में मेघ-गर्जन और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। कुल मिलाकर सात जिलों में बारिश और वज्रपात की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार दक्षिण मध्य बिहार में भी एक दो जगहों पर आंधी -पानी की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से 28 और 29 जून को राज्य में कई जगहों पर तेज बारिश का पूर्वानुमान किया गया है। मौसमविदों के अनुसार मानसून ट्रफ अभी राज्य में मोतिहारी से होकर गुजर रहा है। उत्तर बिहार में पुरवा तो दक्षिण बिहार में कई जगहों पर पछुआ का प्रभाव है। पटना में पुरवा और पछुआ के मिलन की स्थिति बनी हुई है। इस वजह से धूप और नमी के मिश्रण से गरज तड़क वाले बादल बन रहे हैं। मानसूनी बारिश के लिए अभी करना होगा इंतजार मुजफ्फरपुर जिले में मानसून की बारिश के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को जारी पूर्वानुमान में इसकी जानकारी दी है। इसके अनुसार अगले चार दिनों में बारिश की संभावना काफी कम है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के कमजोर पड़ने से यह स्थिति बन रही है। हालांकि, इस दौरान जिले में तीन दिनों तक खंड बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, शुक्रवार को अधिकतम के साथ ही न्यूनतम तापमान में गिरावट आई। लेकिन, पुरवा हवा के कारण उमस की अधिकता से लोग बेचैन रहे। पूसा स्थित ग्रामीण मौसम विज्ञान केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि पहले से ही बंगाल की खाड़ी से आनेवाला मानसूनी ट्रफ जिले में प्रवेश के साथ कमजोर पड़ा है। उसके बाद अब दक्षिण-पश्चिम मानसून भी पूर्वी यूपी में आने के बाद कमजोर हो गया है। इससे बारिश की संभावना कम हो गई है। फिलहाल 30 जून तक बारिश होने की संभावना महज 20 से 25 फीसदी है। यह बारिश भी जिले के एकाध स्थानों पर हो सकती है। लेकिन इस बीच जिले में गरज चमक के बीच 50 किमी तक की तेज पुरवा हवा चल सकती है। दो जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में मानसूनी गतिविधियों के जोर पकड़ने की संभावना है। नमी बढ़ने से परेशानी इधर, पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान एक डिग्री कम होकर 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 2.3 डिग्री कम रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान में 2.2 डिग्री की कमी आई। यह सामान्य से 2 डिग्री नीचे 24.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। औसत नमी 70% रही। साथ ही 8 किमी की गति से पुरवा हवा चली।

सरकारी स्कूलों के मिड-डे मील रसोइयों के लिए नया नियम, दस्तावेज अनिवार्य किए गए

 दारौंदा (सिवान)  बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों के लिए शिक्षा विभाग ने नया निर्देश जारी किया है। विभाग ने सभी रसोइयों की पे-आईडी (Pay ID) बनाने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। इसके लिए स्कूलों को सभी आवश्यक दस्तावेज एकत्र करने का निर्देश दिया गया है। ये दस्तावेज जमा करना होगा अनिवार्य पे-आईडी बनाने के लिए प्रत्येक रसोइया को अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक की छायाप्रति संबंधित विद्यालय में जमा करनी होगी। विद्यालय प्रधानों को इन दस्तावेजों का सत्यापन कर उन्हें स्कूल के अभिलेख में सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है। दस्तावेज नहीं तो अटक सकता है मानदेय शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन रसोइयों के पास आधार, पैन कार्ड या बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज नहीं होंगे, उनकी पे-आईडी नहीं बन पाएगी ऐसे में भविष्य में मानदेय का भुगतान प्रभावित हो सकता है। इसलिए जिनके दस्तावेज अधूरे हैं, उन्हें जल्द से जल्द बनवाने की सलाह दी गई है। डिजिटल और पारदर्शी होगी भुगतान व्यवस्था विभाग का उद्देश्य रसोइयों के मानदेय भुगतान को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना है। पे-आईडी बनने के बाद भुगतान प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और रिकॉर्ड का रखरखाव भी आसान हो जाएगा। इससे भुगतान में होने वाली देरी और तकनीकी समस्याओं को भी कम किया जा सकेगा। स्कूलों में शुरू हुई दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया विभागीय आदेश के बाद प्रखंड के सरकारी विद्यालयों में रसोइयों से जरूरी दस्तावेज लेने की प्रक्रिया तेज हो गई है। स्कूल प्रबंधन सभी रसोइयों से समय पर दस्तावेज जमा कराने की अपील कर रहा है, ताकि पे-आईडी बनाने का काम तय समय पर पूरा हो सके और भविष्य में मानदेय भुगतान में किसी तरह की परेशानी न आए।  

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती, डेयरी यूनिट पर 5 लाख तक ऋण सुविधा

 पटना  राज्य के 22 हजार गांवों में डेयरी को ऑपरेटिव सोसाइटी का गठन हो गया है। ऐसे गांवों में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए डेयरी व्‍यवसाय को बढ़ावा देने पर सरकार कार्य कर रही है। इसको गत‍ि देने के लिए सहकारिता विभाग इन गांवों में काम्फेड के सहयोग से दूध संग्रह का कार्य जल्द शुरू कराने की तैयारी में है। साथ ही, दुधारू पशुओं की डेयरी यूनिट लगाने के लिए महिलाओं, युवाओं और किसानों को प्रोत्साहन देने एवं सहकारी बैंकों के माध्यम से दुधारू पशुओं की खरीद हेतु ऋण सुविधा दिलाने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार कराई जा रही है। महिलाओं, युवाओं और किसानों को दुधारू पशुओं का पालन कराने के लिए मिलेगा प्रोत्साहन सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव के मुताबिक गांवों में पशुपालन को बढ़ावा देने सरकार की प्राथमिकता में है। इसका लक्ष्य डेयरी के माध्यम से हर गांव को दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना तथा ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देना है। खास बात यह कि डेयरी को ऑपरेटिव सोसाइटी में ग्रामीण महिलाओं को जोड़ने को प्राथमिकता दी जा रही है। अगले साल तक राज्य के शेष बचे 23 हजार राजस्व गांवों में डेयरी को ऑपरेटिव सोसाइटी का गठन कर दिया जाएगा। सहकारी बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा दिलाने को सहकारिता विभाग तैयार कर रहा प्रस्ताव राजस्व गांवों के अलावा दलित, महादलित और आदिवासी समेत अन्य टोलों को भी उसके पास के गांवों की डेयरी को-ऑपरेटिव सोसाइटी से जोड़ा जा रहा है। अभी राज्य सरकार ग्रामीण युवाओं और किसानों को दो दुधारू पशुओं की डेयरी यूनिट लगाने के लिए एक लाख 74 हजार तक अनुदान दे रही है। यह योजना पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के गव्य विकास निदेशालय के अधीन लागू है। सहकारिता विभाग सहकारी बैंकों के माध्यम से डेरी यूनिट को बढ़ावा देने की कार्य योजना पर कार्य कर हा है। पांच लाख रुपये तक मिलेगी ऋण सुविधा व‍िभागीय प्रस्ताव के मुताबिक दुधारू पशुओं का पालन और डेरी यूनिट लगाने पर सहकारी बैंकों से पांच लाख रुपये तक ऋण सुविधा मिलेगी। इसके लिए बैंक गारंटी सरकार लेगी। डेयरी यूनिट हर गांव में गठित को ऑपरेटिव सोसाइटी चलाएगी। अच्छे कार्य करने पर ऋण सुविधा बढ़ायी जाएगी।  

तत्काल टिकट जालसाजी का खुलासा, दलाल बना रहे फर्जी प्रिंट और बेच रहे महंगे दामों पर

गोरखपुर रेलवे ने तत्काल टिकट के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य किया तो दलालों ने जालसाजी का नया तरीका खोज लिया। अब वे मुंबई से असली तत्काल टिकट बुक कर उसका स्कैन लेकर दूसरे शहरों में भेज रहे हैं, जहां हूबहू विंडो टिकट जैसा प्रिंट निकालकर यात्रियों को ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा है। यह पूरा खेल 10 सेकेंड का है। मुंबई में रेलवे का पीआरएस सिस्टम मुंबई में बाकी स्टेशनों से 10 से 12 सेकेंड पहले खुल जाता है। इसी तकनीकी अंतर का फायदा उठाकर दलाल मुंबई के अलग-अलग काउंटरों से तत्काल टिकट तुरंत बुक कर लेते हैं। फिर उस टिकट का स्कैन लेकर व्हाट्सएप या अन्य माध्यम से गोरखपुर, लखनऊ, पटना, मुजफ्फरपुर जैसे दूर के शहरों में अपने एजेंटों को भेजते हैं। गोरखपुर में मामला सामने आया इसका खुलासा कुशीनगर एक्सप्रेस के एक यात्री के पास से मिले स्कैन टिकट से हुआ। इसके बाद इस नेटवर्क को पकड़ने के लिए रेलवे ने अपने वाणिज्य विभाग को अलर्ट किया है। साथ ही स्कैन टिकट के लिए इस्तेमाल हो रहे रेलवे जैसे मिलते-जुलते कागज कहां से उपलब्ध हो रहे हैं, इसकी गोपनीय जांच शुरू की गई है। आरपीएफ गोरखपुर के प्रभारी दशरथ प्रसाद ने बताया कि टिकट दलालों का संगठित गिरोह यात्रियों को दूसरे राज्य से टिकट बुक कर भेज रहा है। उक्त टिकट भी स्कैन किया गया बताया गया है। गोरखपुर में मामला सामने आया है। इनका एक बड़ा नेटवर्क है। इसकी कई स्तर पर पूरे देश में जांच हो रही है। कुशीनगर के यात्री के पास मिला स्कैन टिकट गोरखपुर से एलटीटी जा रही कुशीनगर एक्सप्रेस में एक यात्री स्कैन टिकट के साथ पकड़ा गया। टीटीई को चेकिंग के दौरान टिकट पर बार कोड नहीं दिखा। बारीकी से जांच में पता चला कि असली नहीं है। इसे कंप्यूटर से स्कैन कर निकाला गया है। पूछताछ में यात्री ने माना कि उसने एक दलाल से टिकट खरीदा था। फिर इसकी जानकारी गोरखपुर आरपीएफ को दी गई। सैकड़ों यात्रियों को उपलब्ध करा चुका स्कैन टिकट जांच में खुलासा हुआ कि यह खेल लंबे समय से चल रहा है। यह नेटवर्क अब तक सैकड़ों यात्रियों को स्कैन टिकट उपलब्ध करा चुका है। तत्काल टिकट एक दिन पहले ही बनता है। मुंबई से यूपी या बिहार टिकट की हार्ड कॉपी भेजना संभव नहीं है, इसलिए दलालों ने स्कैन-प्रिंट वाला फार्मूला निकाला। मुंबई से बुक टिकट का पीडीएफ बना कर अपने नेटवर्क के एजेंट को भेज देते हैं। स्थानीय एजेंट आरक्षित टिकट प्रिंट करने के लिए इस्तेमाल हो रहे कागज से मिलते जुलते कागज पर कलर प्रिंट निकालकर दे देते हैं। यह देखने में असली विंडो टिकट जैसा ही लगता है।

जेल कक्षपाल भर्ती नियमों में बदलाव, भूतपूर्व सैनिकों का कोटा अब दो हिस्सों में बंटेगा

 पटना बिहार सरकार ने राज्य की काराओं (Jail) में कक्षपाल नियुक्ति प्रक्रिया में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके लिए बकायदा बिहार कक्षपाल संवर्ग (संशोधन) नियमावली, 2026 स्वीकृत की गई है। सरकार के फैसले के अनुसार कक्षपाल भर्ती में भूतपूर्व सैनिकों के लिए पहले से लागू 25 प्रतिशत आरक्षण को दो बराबर भागों में बांटा जाएगा। जानकारी के अनुसार अभी कक्षपाल भर्ती में भूतपूर्व सैनिकों को 25 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। इसी आरक्षण को दो बराबर भाग में बांटा जाएगा। बिहार के पूर्व अग्‍नि‍वीरों को फायदा इसके तहत 12.5 प्रतिशत पद भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित रहेंगे, जबकि शेष 12.5 प्रतिशत पद बिहार राज्य के पूर्व अग्निवीरों के लिए सुरक्षित किए जाएंगे। इस संशोधन के बाद अग्निवीर योजना के तहत सेना में सेवा पूरी कर चुके युवाओं को राज्य सरकार की कारा सेवा में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। सरकार के अनुरार पूर्व अग्निवीर अनुशासन, प्रशिक्षण और सुरक्षा संबंधी अनुभव के कारण कारा प्रशासन की जिम्मेदारियों के लिए उपयुक्त होंगे। जल्‍द संकल्‍प जारी कर सकती है सरकार नई व्यवस्था से उन्हें सरकारी सेवा में समायोजन का अवसर मिलेगा और उनके कौशल का उपयोग राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में किया जा सकेगा। इस निर्णय को अग्निवीरों के पुनर्वास और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संशोधित नियमावली लागू होने के बाद भविष्य की कक्षपाल भर्तियों में इसका लाभ पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा। संभावना जताई गई है कि इस प्रस्ताव को अनुमोदन मिल चुका है जल्दी ही इस संबंध में सरकार संकल्प भी जारी करेगी।

जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल पर जोर

रांची  राज्य के जल स्रोतों की स्वच्छता और शुद्धता के लिए केंद्र सरकार की तरफ से 30 करोड़ की सहायता राशि दी जाएगी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की तरफ से यह राशि प्रतिवर्ष मानसून के समय राज्यों को दी जाती है। इसमें जलस्रोतों के पास रसायनों के छिड़काव, उनका साफ सफाई के अलावा जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। इस राशि से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुछ दवाइयां भी रखी जाएंगी। केंद्रीय सहायता मिलते ही जिलों में इसका आवंटन कर दिया जाएगा। जल सहिया को गुणवत्तापूर्ण जल जांच किट भी मुहैया कराए जाएंगे। जल जीवन मिशन पार्ट- 2 में भी जल स्रोतों की स्वच्छता के लिए विशेष खर्च का प्रविधान किया गया है। हालांकि यह राशि पूर्व से चली आ रही सहायता के तहत दी जाएगी। राज्य में बरसात के मौसम में दूषित जल का सेवन करने से लोग डायरिया जैसी बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। खराब पड़े हैंडपंप का मरम्मत का काम पूरा पेयजल स्वच्छता विभाग ने करीब 18 हजार खराब पड़े हैंडपंप की मरम्मत का काम पूरा कर लिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल मिलने में आसानी हुई है। हैंडपंप और सोलर आधारित सामुदायिक पंप से ग्रामीण क्षेत्र में 70 प्रतिशत तक पेयजल की आपूर्ति इस साल की गई है। स्वच्छता के लिए मिलने वाली राशि से सामुदायिक जलापूर्ति योजना के आसपास काम कराया जाएगा। इस राशि को खर्च करने की ज्यादातर जिम्मेदारी जल सहिया के पास होती है। अक्टूबर से जल जीवन मिशन पार्ट-2 के तहत स्वच्छता उपायों पर ज्यादा राशि खर्च की जा सकेगी। इसमें स्वच्छता के लिए तकनीकी खर्च की सीमा बढ़ाई गई है।

अब मोबाइल पर मिलेगी सरकारी बस की लाइव लोकेशन, बीएसआरटीसी ला रहा नया ऐप

पटना बिहार में रोजाना सरकारी बसों से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) एक बड़ी सुविधा शुरू करने जा रहा है। अब यात्रियों को अपनी बस के लिए घंटों बस स्टैंड पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि ट्रेनों की तरह ही अब सरकारी बसों की भी पूरी जानकारी एक क्लिक पर मोबाइल पर मिलेगी। एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार, परिवहन निगम आगामी 15 अगस्त को 'वेयर इज माय बस' नामक एक बेहद खास मोबाइल ऐप लॉन्च करने जा रहा है। इस ऐप के जरिए यात्री घर बैठे ही बस की लाइव लोकेशन, उसके आने का अनुमानित समय, रूट, किराया और स्टॉपेज की सटीक जानकारी आसानी से देख सकेंगे। ऑनलाइन टिकट और किराए की मिलेगी पूरी जानकारी इस नए डिजिटल सिस्टम के शुरू होने से अब यात्रियों को पूछताछ काउंटर या बस डिपो के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं होगी। इस ऐप के जरिए लोग 24 घंटे कभी भी ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे और डिजिटल भुगतान भी कर पाएंगे। यह सुविधा विशेष रूप से बिहार से बाहर रहने वाले उन प्रवासियों के लिए वरदान साबित होगी, जो छठ, दीपावली, दुर्गापूजा और होली जैसे बड़े त्योहारों पर अपने घर लौटना चाहते हैं। जिन शहरों में भी बीएसआरटीसी की बसें चलती हैं, वहां से पटना या राज्य के अन्य किसी भी हिस्से के लिए यात्री आसानी से एडवांस बुकिंग कर अपनी यात्रा को सुरक्षित बना सकेंगे। ऐप संचालन के लिए जल्द जारी होगा टेंडर राजधानी पटना सहित पूरे राज्य में यातायात व्यवस्था को सुधारने और जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए भी इस ऐप में कड़े नियम जोड़े गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, परिवहन निगम जल्द ही सभी प्रमुख बस स्टॉप और पड़ावों को बेहतर बनाकर उन्हें मार्क करेगा, ताकि ड्राइवर हर कहीं बस न रोककर सिर्फ निर्धारित स्टॉपेज पर ही बसें खड़ी करें। ऐप के सुचारू संचालन के लिए विभाग द्वारा जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर एक बेस्ट एजेंसी का चयन किया जाएगा। इस ऐप की मुख्य खूबियों में मैप पर बस की वर्तमान स्थिति देखना, बस स्टॉप तक पहुंचने का समय जानना और राज्यभर में चल रही सभी बसों का आधिकारिक किराया सूची देखना शामिल रहेगा।

Bihar Politics: राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर बड़ा अपडेट, CCTV हटे; बंगला खाली करने की अंतिम चेतावनी

पटना  बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास से शुक्रवार को सीसीटीवी कैमरे हटा दिए गए। लालू परिवार के द्वारा धीरे-धीरे यह बंगला खाली किया जा रहा है। इससे पहले भी पिकअप आदि गाड़ियों में भरकर सामान यहां से निकाल कर दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को आखिरी मोहलत मिली हुई है। 22 जून को उन्हें नोटिस देकर एक सप्ताह के भीतर आवास खाली करने को कहा गया था। यह बंगला सम्राट कैबिनेट में मंत्री नंदकिशोर राम को पिछले महीने ही आवंटित कर दिया गया था। भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से 39 हार्डिंग रोड पर दूसरा सरकारी आवास आवंटित किया है। हालांकि, कई बार उन्हें नोटिस मिलने के बावजूद उन्होंने अपना मौजूदा आवास खाली नहीं किया था। विभाग की ओर से उन्हें 10 सर्कुलर रोड बंगला खाली करने के लिए कई बार नोटिस दे चुकी है। इसी महीने दो बार उन्हें रिमाइंडर दिया जा चुका है। 7 दिन में बंगला खाली करना होगा राबड़ी देवी को भवन निर्माण विभाग ने ताजा नोटिस 22 जून को जारी किया। इसमें 7 दिन के भीतर बंगला खाली करने को कहा गया। भवन निर्माण विभाग ने यह भी कहा कि अगर इस अवधि में आवास खाली नहीं किया गया, तो कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसे सम्राट सरकार का लालू परिवार को आखिरी अल्टीमेटम माना जा रहा है। नए आवास में लालू के लिए मांगी गईं सुविधाएं इसी महीने 9 जून को भी भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को बंगला खाली करने का नोटिस दिया था। उस समय उन्होंने विभाग को पक्ष लिखकर नए आवास में उनके पति एवं आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए रैंप, लिफ्ट और आउटहाउस का निर्माण करने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद विभाग ने 39 हार्डिंग रोड बंगला में निर्माण कार्य शुरू कर दिया। उस आवास का रंग-रौगन भी किया गया है। राबड़ी आवास से सामान की शिफ्टिंग इसी बीच, राबड़ी आवास से सामान की शिफ्टिंग भी शुरू कर दी गई। पिछले दिनों पिकअप में लोड होकर सामान 10 सर्कुलर रोड से निकले थे और उन्हें राबड़ी देवी के छोटे बेटे एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर पहुंचाया गया था। इससे पहले भी कुछ सामान उनके निजी मकानों में शिफ्ट किए जा चुके हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि इसी महीने लालू परिवार द्वारा 10 सर्कुलर रोड आवास खाली कर दिया जाएगा।

बिहार को अर्बन चैलेंज फंड में 2,900 करोड़, नगर निकाय करेंगे एमओयू

पटना बिहार के शहरों को सुंदर, आधुनिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने केंद्र सरकार के 'अर्बन चैलेंज फंड' (यूसीएफ) मिशन में भागीदारी को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस खास मिशन के तहत अब बिहार के संबंधित नगर निकाय सीधे केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के साथ एमओयू कर सकेंगे। सरकार के इस कदम से बिहार के शहरी इलाकों में बुनियादी ढांचे का विकास करने, कमाई के नए जरिए ढूंढने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने में बहुत बड़ी मदद मिलने वाली है। बिहार के हिस्से आए 2,900 करोड़ रुपए इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने अर्बन चैलेंज फंड मिशन के लिए देशभर के शहरों को चमकाने के लिए एक लाख करोड़ रुपए की सहायता का प्रावधान किया है, जिसमें से बिहार के लिए पूरे 2,900 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। इस फंड से होने वाले कामों का पूरा पैसा सरकार अकेले नहीं देगी। किसी भी प्रोजेक्ट की कुल लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 25 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी, जो कुल मिलाकर 50 फीसदी होता है। इसका सीधा मतलब यह है कि आधी रकम तो सरकार दे देगी, लेकिन बाकी बची हुई आधी (50 प्रतिशत) राशि संबंधित नगर निकायों को ऋण, बॉन्ड अथवा अन्य वित्तीय साधनों के माध्यम से खुद ही जुटानी होगी। लोन दिलाने के लिए हुडको को बनाया गया पार्टनर नगर निकायों को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने और इस आधी रकम को जुटाने में सहायता के लिए भारत सरकार ने 'हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन' (HUDCO) को नामित किया है, जिससे चयनित परियोजनाओं के लिए आसानी से लोन उपलब्ध कराया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, इस मिशन के तहत सिर्फ उन्हीं परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जो नगर निकायों के लिए लंबे समय तक राजस्व का मजबूत स्रोत बन सकें। सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से बिहार के नगर निकाय आत्मनिर्भर और वित्तीय रूप से अधिक सक्षम बनेंगे, जिससे राज्य के शहरों में योजनाबद्ध और टिकाऊ विकास को एक नई गति मिलेगी।