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झरिया विस्थापितों को बड़ी राहत, बेलगड़िया में कमांड सेंटर से तुरंत सुलझेंगी समस्याएं

 धनबाद झरिया के अग्नि प्रभावित विस्थापितों के लिए बसाई गई झरिया विहार बेलगड़िया टाउनशिप की पूरी व्यवस्था अब एक जगह से मानिटर की जा सकेगी। झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार (जेआरडीए) की ओर से बेलगड़िया में इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर विकसित किया जा रहा है। इस सेंटर के माध्यम से टाउनशिप के अलग-अलग फेज में रहने वाले विस्थापित परिवारों से जुड़ी सुविधाओं और समस्याओं की निगरानी की जाएगी। प्रशासन और जेआरडीए की कोशिश है कि विस्थापितों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए झरिया या धनबाद के दूसरे कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े। इसको ध्यान में रखते हुए ही जेआरडीए के नए प्रशासनिक भवन के साथ-साथ यहां नया पुलिस आउटपोस्ट (टीओपी) भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि शिकायतों का तुरंत निपटारा हो सके। जिला प्रशासन के निर्देश पर जेआरडीए का पूरा कार्यालय इसी महीने के अंत तक बेलगड़िया में शिफ्ट हो जाएगा। इसके लिए बेलगड़िया में तीन प्रशासनिक ब्लाक तैयार किए गए हैं। करीब 50 प्रतिशत अधिकारी और कर्मचारी तथा कार्यालय पहले ही यहां शिफ्ट हो चुके हैं। शेष कार्यालयों को भी महीने के अंत तक स्थानांतरित करने की तैयारी है। अभी कार्यालय हीरापुर में चल रहा है। एक कमांड सेंटर से कई सुविधाओं पर नजर उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर बेलगड़िया टाउनशिप के प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यहां से टाउनशिप के अलग-अलग फेज में पानी, बिजली, सड़क, सफाई, स्ट्रीट लाइट, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित स्थिति की निगरानी की जा सकेगी। किसी इलाके में समस्या सामने आने पर संबंधित विभाग को तत्काल इसकी जानकारी देकर समाधान की प्रक्रिया शुरू कराई जा सकेगी। कमांड सेंटर का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि विस्थापितों की समस्याओं को अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय के साथ देखा जा सकेगा। शिकायतों की निगरानी, उनके निष्पादन की स्थिति और लंबित मामलों पर भी नजर रखी जा सकेगी। इससे अधिकारियों को टाउनशिप की वास्तविक स्थिति की जानकारी एक ही स्थान से मिल सकेगी और शिकायतों के समाधान में तेजी आने की उम्मीद है। बीसीसीएल समेत तीन संस्थानों को मिलेगा कार्यालय बेलगड़िया के प्रशासनिक ब्लाक में जेआरडीए के अलावा बीसीसीएल, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) और वस्त्र मंत्रालय को भी कार्यालय के लिए जगह उपलब्ध कराई जाएगी। इससे विस्थापितों को पुनर्वास से संबंधित विभिन्न कार्यों के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों तक स्थानीय स्तर पर पहुंच मिल सकेगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि पुनर्वास क्षेत्र में ही आवश्यक सरकारी सेवाओं को उपलब्ध कराया जाए। शिकायत निवारण केंद्र भी सक्रिय बेलगड़िया में विस्थापितों के लिए शिकायत निवारण केंद्र भी चालू है। यहां लोग सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक कार्य अवधि में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आफलाइन के साथ आनलाइन शिकायत की सुविधा भी उपलब्ध है। विस्थापित और पीड़ित परिजन jrdadhanbad.in के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कराने के साथ उसकी स्थिति भी मॉनिटर कर सकते हैं। आनलाइन शिकायत की सुविधा पिछले वर्ष 25 नवंबर से शुरू की गई थी। अब तक 3500 परिवार पहुंचे बेलगड़िया बेलगड़िया में अब तक करीब 3500 परिवारों को शिफ्ट किया जा चुका है। वर्ष 2008 से 2025 तक करीब 2800 परिवार यहां पुनर्वासित किए गए, जबकि संशोधित झरिया मास्टर प्लान आने के बाद जिला प्रशासन की पहल पर करीब 800 परिवारों को बेलगड़िया में शिफ्ट कराया गया है। जेआरडीए के अनुसार अभी कुल 13,872 परिवारों को यहां पुनर्वासित किया जाना है। इसके लिए प्रक्रिया जारी है। प्रशासन की कोशिश है कि पुनर्वास के साथ-साथ विस्थापितों को उनके नए आवासीय क्षेत्र में ही बेहतर नागरिक सुविधाएं और त्वरित शिकायत निवारण की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर बनने से विस्थापितों को अपने काम के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। – आदित्य रंजन, उपायुक्त, धनबाद।

पटना के 3 इलाकों का होगा कायाकल्प, हरियाली के साथ वेंडिंग जोन और बेहतर पब्लिक स्पेस की तैयारी

पटना राजधानी में खाली और कम उपयोग हो रहे स्थानों को अब हरित और मनोरंजक सार्वजनिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए तीन प्रमुख स्थानों पर अर्बन ग्रीन एंड रिक्रिएशनल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का प्रस्ताव नगर निगम की ओर से तैयार किया गया है। इसमें पटेल गोलंबर से एयरपोर्ट होते हुए शेखपुरा मोड़ तक का मार्ग, गांधी मैदान व उसकी बाहरी परिधि और मीठापुर से करबिगहिया के बीच फ्लाईओवर के नीचे का क्षेत्र शामिल है। प्रस्तावित योजना में हरियाली बढ़ाने के साथ पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों के लिए सुविधाएं विकसित करने तथा छोटे दुकानदारों के लिए व्यवस्थित वेंडिंग जोन बनाने की परिकल्पना की गई है। अर्बन ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होने से तीनों क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने के साथ पैदल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। साइकिल ट्रैक से साइकिल चलाने वालों को सुरक्षित जगह मिल सकेगी। वहीं, व्यवस्थित वेंडिंग जोन बनने से छोटे दुकानदारों को तय स्थान मिलेगा और सड़क किनारे अव्यवस्थित दुकानें लगाने की समस्या कम हो सकती है पौधारोपण, लैंडस्केपिंग, बैठने की जगह और बेहतर रोशनी से इन क्षेत्रों की सुंदरता बढ़ने के साथ लोगों को अधिक सुविधाजनक और बेहतर सार्वजनिक वातावरण उपलब्ध होगा। नगर निगम जल्द ही इस प्रस्ताव को धरातल पर उतारने की दिशा में काम कर रहा है। पटेल गोलंबर-शेखपुरा मोड़ मार्ग होगा हरित पहले स्थल के रूप में पटेल गोलंबर से एयरपोर्ट होते हुए शेखपुरा मोड़ तक के मार्ग को विकसित करने का प्रस्ताव है। सड़क के किनारे व्यवस्थित फुटपाथ और साइकिल ट्रैक बनाए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही सड़क के आसपास और डिवाइडर क्षेत्र में पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाई जाएगी। पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए फुटपाथ पर टैक्टाइल पथ प्रस्तावित है। इससे दृष्टिबाधित लोगों को भी आवाजाही में सुविधा होगी। सड़क किनारे आकर्षक लाइटें, पौधों की कतार और गमलों से क्षेत्र को बेहतर रूप देने की योजना है। इसके अलावा दीवारों पर बिहार की कला और संस्कृति से जुड़े चित्रों के माध्यम से इस मार्ग को आकर्षक बनाया जाएगा। एयरपोर्ट से शहर में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्ग को हरित और व्यवस्थित स्वरूप दिया जाएगा। गांधी मैदान के चारों ओर विकसित होगा सार्वजनिक क्षेत्र दूसरे स्थल के रूप में गांधी मैदान की बाहरी परिधि को विकसित करने की योजना है। इसके गेट क्षेत्र समेत मैदान के आसपास के हिस्से को बेहतर सार्वजनिक स्थान के रूप में तैयार किया जागा। यहां चौड़े फुटपाथ, हरियाली, बैठने की जगह, स्ट्रीट लाइट और व्यवस्थित वेंडिंग कियोस्क प्रस्तावित हैं। चाय-नाश्ता, फल और अन्य सामान बेचने वाली दुकानों के लिए एक समान डिजाइन वाले कियोस्क लगाए जाएंगे। इससे दुकानदारों को निर्धारित स्थान मिलेगा और सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से दुकानें लगाने की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। गांधी मैदान के गेट क्षेत्र में ऑटो के लिए व्यवस्थित स्थान का भी प्रस्ताव है। कूड़ा प्रबंधन के लिए अलग-अलग डस्टबिन लगाए जाएंगे। लोगों के बैठने के लिए बेंच, पौधों से सजे लैंडस्केप क्षेत्र और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था से मैदान के आसपास का क्षेत्र अधिक सुविधाजनक बनेगा। गांधी मैदान की आंतरिक परिधि में भी बढ़ेगी हरियाली गांधी मैदान की आंतरिक परिधि को बेहतर बनाने के लिए भी योजना बनाई है। इसमें पैदल पथ को व्यवस्थित करने, हरियाली बढ़ाने और लोगों के बैठने के लिए स्थान विकसित करने की तैयारी है। कुछ हिस्सों में अलग साइकिल ट्रैक भी प्रस्तावित है। मैदान के किनारे खुले स्थानों को केवल आने-जाने के रास्ते के रूप में इस्तेमाल करने के बजाय उन्हें टहलने, बैठने और साइकिल चलाने के अनुकूल बनाया जाएगा। इससे गांधी मैदान के आसपास का क्षेत्र अधिक उपयोगी और सुविधाजनक सार्वजनिक स्थान बन सकेगा। मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर के नीचे बदलेगा नजारा तीसरे स्थल के रूप में मीठापुर से करबिगहिया के बीच फ्लाईओवर के नीचे की जगह को विकसित करने का प्रस्ताव है। फ्लाईओवर के पिलरों के बीच उपलब्ध स्थान में हरियाली, पैदल पथ और बैठने की सुविधा विकसित करने की तैयारी है। इसके साथ आकर्षक प्रकाश व्यवस्था भी प्रस्तावित है। यहां पौधों से सजे छोटे लैंडस्केप क्षेत्र बनाने की योजना है। पैदल यात्रियों के लिए टैक्टाइल पथ और कचरा डालने के लिए अलग-अलग डस्टबिन भी प्रस्तावित स्वरूप में शामिल हैं। इससे फ्लाईओवर के नीचे के स्थान को अधिक साफ-सुथरा और उपयोगी सार्वजनिक क्षेत्र बनाया जाएगा। ये जगह होंगे विकसित     पटेल गोलंबर से एयरपोर्ट-शेखपुरा मोड़     गांधी मैदान व उसकी बाहरी परिधि     मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर के नीचे  

रांची की हवा सुधारने की कोशिशों को झटका, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 27वीं रैंक

रांची  National Clean Air Survey-2026 केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में झारखंड की राजधानी रांची 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में 27वें स्थान पर रही। रांची का स्कोर 162.5 रहा। वहीं रांची से बहुत बेहतर प्रदर्शन धनबाद का रहा। धनबाद 17वें स्थान पर रहकर 174.5 अंक के साथ रांची से आगे रहा। झारखंड की औद्योगिक नगरी जमशेदपुर को 37वां स्थान मिला, जिसका स्कोर 147.3 रहा। सर्वेक्षण में शहरों में वायु प्रदूषण कम करने के प्रयास, उनकी प्रभावशीलता और परिणामों का आकलन किया गया। रांची नगर निगम के वार्ड 26, 29 और 15 को सबसे स्वच्छ वार्डों में शामिल किया गया। सर्वेक्षण में सीपीसीबी की भी भूमिका रही। 48 शहरों की श्रेणी में 27वीं रैंक इस बार 10 लाख से अधिक आबादी वाले 48 शहरों को एक श्रेणी में शामिल किया गया है। रैंकिंग तय करने में तालिका में दिए गए क्रमांक के बजाय अलग से दर्ज ‘रैंक’ को आधार बनाया गया है। इसी आधार पर रांची की रैंक 27 है। उसका अंतिम प्राप्तांक 162.5 दर्ज किया गया है। रांची से आगे रहने वाले पटना को 178 अंक मिले हैं और वह 16वें स्थान पर है। धनबाद को 174.5 अंक मिले और वह 18वें स्थान पर रहा। दोनों शहरों के प्राप्तांक रांची के मुकाबले अधिक हैं। लखनऊ शीर्ष पर, मदुरै 39वें स्थान पर सर्वेक्षण की सूची में लखनऊ 198 अंक के साथ पहले स्थान पर रहा। इंदौर 197 अंक के साथ दूसरे और जबलपुर 195 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भोपाल और आगरा दोनों को 192-192 अंक मिले और दोनों चौथे स्थान पर रहे। सूची के निचले हिस्से में मदुरै 39वें स्थान पर है। उसका अंतिम प्राप्तांक 132.1 रहा। हालांकि सूची में 48 शहर शामिल हैं, उपलब्ध तालिका के ‘रैंक’ खाने में मदुरै के लिए 39 दर्ज है। इसलिए उसे 48वें स्थान पर बताना सही नहीं होगा। उपलब्ध रैंक और प्राप्तांक के आधार पर मदुरै की स्थिति 39वें स्थान की ही मानी गई है। शहर की रैंकिंग के बीच वार्डों से राहत पूरे शहर की रैंकिंग में रांची भले ही पीछे रही हो, लेकिन वार्ड स्तर पर शहर के दो हिस्सों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। राज्य स्तरीय वार्ड रैंकिंग में 30 हजार से अधिक आबादी वाली श्रेणी में रांची नगर निगम का वार्ड-29 शामिल हुआ है। वहीं 10 हजार से 30 हजार आबादी वाली श्रेणी में वार्ड-26 ने जगह बनाई है। वार्ड स्तर पर इन दोनों की मौजूदगी रांची के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे यह भी पता चलता है कि शहर के कुछ हिस्सों में स्वच्छ वायु और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े प्रयासों का असर दिखाई दे रहा है। हालांकि पूरे शहर की रैंकिंग 27वें स्थान पर रहना यह सवाल भी खड़ा करता है कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्डों में अपनाए जा रहे उपायों को नगर निगम के दूसरे क्षेत्रों में कितनी प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है।  

JSSC CGL पेपर लीक केस में खुलती जा रही परतें, 135 में 120 सवाल परीक्षा में हुए मैच

 रांची  SSC CGL Paper Leak: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) प्रतियोगिता परीक्षा में कथित अनियमितता की जांच के लिए गठित 17 सदस्यीय एसआइटी को लगातार नई जानकारियां मिल रही हैं। नए सिरे से जब इस मामले की जांच तेज हुई तो गिरफ्तार एक-एक आरोपित इस परीक्षा में कथित पेपर लीक की पुष्टि करने लगे। सीआइडी के पूर्व डीजी अनुराग गुप्ता के कार्यकाल में सीआइडी ने जांच के दौरान 16 आरोपितों को गिरफ्तार तो किया था, लेकिन जांच में पेपर लीक की पुष्टि नहीं कर सकी थी। पूर्व की जांच में सीआइडी ने पाया था कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में पेपर लीक नहीं हुई थी, बल्कि पेपर लीक के नाम पर अभ्यर्थियों से अवैध तरीके से वसूली की गई थी। जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी, ओएमआर शीट की हेराफेरी सहित अनियमितता मामले की जांच के क्रम में गिरफ्तार परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी की गिरफ्तारी के बाद ही एक-एक कर गड़बड़ियों का खुलासा होता गया। अभय कुमार तिवारी जेपीएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ियों के मामले में गिरफ्तार हुआ था। जब उससे पूछताछ हुई तो उसने जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा में भी गड़बड़ी से पर्दा उठाया। उसने बताया कि उसने स्वयं सहित अपनी पत्नी सुषमा कुमारी व भाई अक्षय तिवारी को उक्त परीक्षा में पास कराने के लिए जेएसएससी सीजीएल परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी आइसीएन के संचालक मिथिलेश सिंह को 12-12 लाख रुपये की रिश्वत दी थी। अभय तिवारी ने यह भी बताया था कि उक्त परीक्षा में 12-12 लाख रुपये से लेकर किसी अभ्यर्थी से 15 लाख तो किसी से 20-20 लाख रुपये लेकर अभ्यर्थियों की सेटिंग कराई गई थी और उन्हें पास कराया गया था। बोकारो से लेकर नेपाल तक रटवाए गए थे प्रश्न व उत्तर सीजीएल परीक्षा मामले में एसआइटी ने गिरफ्तार आरोपितों से सख्ती से पूछताछ की तो आरोपितों ने बताया कि उन्हें बोकारो से लेकर नेपाल तक प्रश्न व उत्तर रटवाए गए थे। रटवाए गए 135 प्रश्नों में से 120 प्रश्न परीक्षा में मैच कर गए थे। रुपये देने वाले अभ्यर्थियों को भी सफलता हासिल हुई थी। सीआइडी की एसआइटी ने पिछले एक महीने के भीतर 11 सफल अभ्यर्थियों व परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी आइसीएन के कर्मियों को गिरफ्तार किया है। अभ्यर्थियों व आइसीएन से जुड़े कर्मियों ने पेपर लीक की सूचना पर मुहर लगाई है। इसी सिंडिकेट से पूर्व में गिरफ्तार 16 अभ्यर्थी भी जुड़े थे, जिन्होंने अभ्यर्थियों से रुपये वसूले, उन्हें संबंधित ठिकानों तक पहुंचाया, जहां उन्हें प्रश्न व उत्तर रटवाया। इसमें विशेषज्ञों की भी मदद ली गई थी। वेबेल को मिला था काम, आइसीएन से करवाया, फिर लीक हुआ प्रश्न पत्र जेएसएससी सीजीएल परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी वेबेल एजेंसी को मिली थी। वेबेल ने अपने सहयोगी आइसीएन से परीक्षा संचालन में मदद ली। आइसीएन प्रश्न प्रिंट होने से लेकर स्ट्रांग रूम तक पहुंचाने में शामिल रहा। सीआइडी की जांच में पुष्टि हो चुकी है कि आइसीएन ने ही पेपर लीक किया अभ्यर्थियों, एजेंटों, दलालों, अधिकारियों के सिंडिकेट में आइसीएन भी शामिल था, जिसने पेपर लीक कर अयोग्य अभ्यर्थियों को मदद पहुंचाई है। सीआइडी ने अब तक 250 से अधिक अभ्यर्थियों व संदिग्धों का बयान ले लिया है। हर दिन पूछताछ जारी है। प्रखंड कल्याण पदाधिकारी कुंदन कुमार से रिमांड पर होगी पूछताछ सीआइडी की एसआइटी अब गिरफ्तार गुमला जिले के सिसई के प्रखंड कल्याण पदाधिकारी कुंदन कुमार को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। कुंदन कुमार की नियुक्ति जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के माध्यम से हुई थी। सीआइडी ने प्रारंभिक जांच में पाया है कि कुंदन कुमार ने स्वयं व अन्य अभ्यर्थियों के लिए भी एजेंट बनकर अवैध भुगतान किया था और नौकरी हासिल की थी। सीआइडी सभी बिंदुओं पर छानबीन कर रही है। भाजपा लगातार कर रही है पूर्व डीजी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग सीआइडी की जांच में पेपर लीक की पुष्टि के बाद भाजपा लगातार पूर्व डीजीपी सह सीआइडी के पूर्व डीजी अनुराग गुप्ता के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रही है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से पत्राचार कर व इंटरनेट मीडिया एक्स पर पोस्ट कर पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता की जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। बाबूलाल मरांडी के अनुसार अनुुराग गुप्ता ने जान-बूझकर सीजीएल परीक्षा में पेपर लीक व अनियमितता के मामलों की अनदेखी करते हुए आरोपों को गलत ठहराया था। सभी आरोप एक-एक कर सही साबित होते जा रहे हैं।  JSSC-CGL मामले की जांच को प्रभावित करने, उसे गलत दिशा में ले जाने और डिजिटल साक्ष्यों को नष्ट कराने के आरोपों से घिरे पुलिस अधिकारी अनुराग गुप्ता पर कार्रवाई करने से मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM आखिर क्यों हिचक रहे हैं?     आखिर ऐसी क्या वजह थी कि अनुराग गुप्ता छात्रों द्वारा लगाए गए…

भाजपा के बाद अब JDU को मिल सकती है विधान परिषद सभापति की कुर्सी, NDA में बनी सहमति की चर्चा

 पटना  बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद अब सत्ता के गलियारों में एक और बड़े राजनीतिक बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। बिहार विधान परिषद के सभापति का पद एक बार फिर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के खाते में जा सकता है। चर्चा है कि इसको लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर सहमति बन चुकी है। यदि यह बदलाव होता है तो इसे भाजपा और जदयू के बीच सत्ता-संतुलन साधने की दिशा में अहम कदम माना जाएगा।फिलहाल विधान परिषद के सभापति की जिम्मेदारी भाजपा के वरिष्ठ नेता अवधेश नारायण सिंह के पास है। नई सरकार बनने के बाद से ही राजनीतिक हलकों में चर्चा थी कि सरकार में महत्वपूर्ण पदों के बंटवारे के बाद अब विधान परिषद की शीर्ष कुर्सी जदयू को दी जा सकती है। भाजपा के पास कई अहम पद, जदयू की दावेदारी क्यों मजबूत? सरकार में मुख्यमंत्री पद समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भाजपा के पास हैं। विधानसभा अध्यक्ष का पद भी भाजपा के पास है। ऐसे में विधान परिषद के सभापति का पद जदयू को दिया जाना एनडीए के भीतर राजनीतिक संतुलन बनाने का संदेश माना जा रहा है। यानी सदन के दोनों शीर्ष संवैधानिक पदों में से एक पर जदयू की मौजूदगी गठबंधन के भीतर जिम्मेदारियों के संतुलित बंटवारे का संकेत दे सकती है। यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विधान परिषद में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन जदयू भी मजबूत स्थिति में है। आंकड़ों को देखें तो परिषद में भाजपा के 25 और जदयू के 20 सदस्य हैं। इसके अलावा राजद के 15, कांग्रेस के दो, निर्दलीय सात तथा सीपीआई, सीपीएम, हम, रालोमो और लोजपा (रामविलास) के एक-एक सदस्य हैं। विधानसभा में भी भाजपा और जदयू के बीच सीटों का अंतर बहुत बड़ा नहीं है। भाजपा के 88 जबकि जदयू के 85 विधायक हैं। ऐसे में दोनों दलों की राजनीतिक ताकत को देखते हुए संवैधानिक पदों का बंटवारा एनडीए के भीतर सत्ता-संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण हो जाता है। जदयू के लिए नई नहीं है सभापति की कुर्सी विधान परिषद के सभापति पद पर जदयू की दावेदारी पहले भी रही है। भाजपा के अवधेश नारायण सिंह से पहले जदयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर करीब दो वर्षों तक इस पद पर रहे थे। वहीं, महागठबंधन सरकार के दौरान उपसभापति हारुण रशीद ने कार्यकारी सभापति की जिम्मेदारी संभाली थी। इससे साफ है कि विधान परिषद की शीर्ष कुर्सी को लेकर जदयू की भूमिका पहले भी महत्वपूर्ण रही है। किसे मिलेगी जिम्मेदारी, इस पर नजर अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि सभापति का पद जदयू के खाते में जाता है तो पार्टी किस वरिष्ठ विधान पार्षद को यह जिम्मेदारी देगी।पार्टी के भीतर अनुभवी नामों पर मंथन की चर्चा है। हालांकि, संभावित नाम को लेकर अभी आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं हुई है। राजनीतिक तौर पर यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि नई सरकार के दौर में भाजपा और जदयू के बीच सत्ता-साझेदारी का नया प्रारूप सामने आ रहा है। ऐसे में विधान परिषद सभापति का पद किसके पास जाता है, इसे आने वाले दिनों में एनडीए के भीतर शक्ति-संतुलन के एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जाएगा।  

पटना एयरपोर्ट पर पार्किंग होगी स्मार्ट, ऐप से स्लॉट बुकिंग और ऑटोमैटिक बैरियर की सुविधा

पटना  बिहार की राजधानी पटना में स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पटना में वाहनों की पार्किंग ऐप के माध्यम से हो सकेगी। निकास और प्रवेश द्वार पर सुगम यातायात व्यवस्था और पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए एयरपोर्ट परिसर में काम शुरू हो गया है। हाल ही में नई एजेंसी को परिसर में वाहनों के प्रबंधन का जिम्मा मिला है। एजेंसी ने बताया कि एक पखवारे में पीएमएसस ऐप से पटना एयरपोर्ट पर वाहनों की पार्किंग का स्लॉट बुक करने की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। एयरपोर्ट प्रशासन ने तय अवधि में काम पूरा करने का निर्देश एजेंसी को दिया है। पार्किंग संचालन कर रही एजेंसी पार्कमॉन्ट प्राइवेट लिमिटेड के विपिन कुमार ने बताया कि पटना एयरपोर्ट पर पार्किंग की नई व्यवस्था पर काम शुरू हो गया है। परिसर में पार्किंग प्रबंधन के लिए कंट्रोल एंड कमांड रूम बनाया जा रहा है। इससे सुगम आवाजाही की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। ऐप से वैसे वाहन चालकों को ऑनलाइन पेंमेंट की सुविधा दी जाएगी जिनकी गाड़ियों में फास्टैग नहीं लगा है। मैनुअल व्यवस्था में निकास द्वार के पास वाहनों की कतार लग जाती है। नई व्यवस्था के तहत ऐसे वाहनों के नंबर को तकनीकी माध्यम से स्कैन कर उन्हें निकास द्वार पर पेमेंट से छूट मिल जाएगी। ऐप से निकास द्वार के पास लगे कैमरे जुड़े होंगे। नंबर स्कैन होते ही स्वचालित माध्यम से बूम बैरियर स्वत: खुल जाएगा। इस सुविधा से निकास द्वार के पास जाम की स्थिति नहीं बनेगी। मुंबई और अन्य एयरपोर्ट पर कंपनी दे रही सुविधा पार्किंग व्यवस्था संभाल रही एजेंसी के प्रबंधक ने बताया कि यह सुविधा कंपनी की ओर से मुंबई एयरपोर्ट पर दी जा रही है। पटना एयरपोर्ट पर भी यह सुविधा देने की तैयारी है। ऐप की एक और खासियत यह है कि इसमें उपयोगकर्ताओं को खुली पार्किंग और बहुमंजिली पार्किंग का रियल टाइम स्टेटस दिखेगा। ताकि सुविधानुसार वे जगह का चयन कर सकें। इससे वाहन चालकों और यात्रियों के समय की बचत होगी। साथ ही पार्किंग प्रबंधन बेहतर हो सकेगा।

JPSC परीक्षा घोटाले में CID का शिकंजा, 7 फरार आरोपियों की तलाश तेज; वारंट-कुर्की की तैयारी

 रांची  जेपीएससी मेधा घोटाला मामले की जांच कर रही सीआइडी ने जांच शुरू होने से लेकर अब तक पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांग्ते सहित 20 आरोपितों को जेल भेज दिया है। सात ऐसे आरोपित भी हैं, जो जांच शुरू होने के बाद से ही फरार चल रहे हैं। अगर समय रहते वे सीआइडी के सामने उपस्थित नहीं हुए तो जांच एजेंसी सीआइडी की विशेष अदालत से उपरोक्त संदिग्धों, आरोपितों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट, कुर्की जब्ती आदि भी करेगी। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इनकी तलाश के सीआइडी ने पांच दिनों में कई दिनों तक दबिश दी, लेकिन इनका पता नहीं चल सका। इन आरोपितों पर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में अनियमितता, कथित पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी सहित कई गंभीर आरोप हैं। ये सभी आरोपित सीआइडी थाना कांड संख्या 16/2026 के संदिग्ध हैं। इनपर पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी, अवैध लेन-देन, सेटिंग कर परीक्षा पास कराने आदि के आरोप हैं। गिरफ्तार 20 आरोपितों से पूछताछ व छानबीन में इन आरोपितों के नाम सामने आए हैं। इन आरोपितों में रांची के नामकुम का रहने वाला आदित्य पांडेय, टाटीसिलवे निवासी पवन कुमार सिंह, पलामू के बारालोटा निवासी रविशंकर कुमार, पलामू के ही हमीदगंज निवासी संतोष कुमार सिंह, बोकारो सेक्टर 3 निवासी सानन्द प्रकाश, कोर्रा हजारीबाग का रहने वाला लालू कुमार यादव और बेंगाबाद गिरिडीह का सौरभ कुमार पांडेय शामिल है। जाचं में कई प्रभावशाली लोगों के जुड़े होने के भी संकेत हैं, जिसकी जांच चल रही है। जेएसएससी सीजीएल परीक्षा मामले में पूर्व के केस डायरी पर भी नए सिरे से जांच झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल प्रतियोगिता परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी मामले की जांच कर रही सीआइडी ने पूर्व में जांच के दौरान अक्टूबर 2025 में 12 अहम और तकनीकी बिंदुओं पर गहराई से पड़ताल करने के सुझाव दिए थे।उपरोक्त केस डायरी पर नए सिरे से भी जांच जारी है। पूर्व में जब्त मोबाइल से फोरेंसिक डेटा निकालकर उसकी जांच की जा रही है। इस मामले के अन्य आरोपित विनय शाह और अनीश कुमार के आधार कार्ड के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि उनके नाम पर कोई अन्य नया सिम कार्ड तो जारी नहीं कराया गया था। प्राथमिकी व गवाहों के बयानों में यह बात सामने आई थी कि परीक्षा तिथि से 2-3 दिन पूर्व छात्रों को आसनसोल के सिन्धी होटल, नियामतपुर के विवाह भवन सहित मुजफ्फरपुर, रांची, मांडू, दिल्ली और काठमांडू (नेपाल) तक ले जाकर प्रश्न व उत्तर रटवाया गया था। सीआइडी इन सभी ठिकानों का भौतिक सत्यापन भी कर रही है।

बिहार पुलिस में ट्रांसफर की बड़ी सूची जारी, 8 ASP और 28 DSP को मिली नई जिम्मेदारी

पटना बिहार सरकार ने रविवार को एक एसपी, आठ एएसपी और 28 डीएसपी समेत बिहार पुलिस सेवा के 37 पदाधिकारियों का तबादला किया है। इस तबादले में मुंगेर, किशनगंज, सारण, लखीसराय में नये साइबर डीएसपी, सीवान, रोहतास और अरवल में नये ट्रैफिक डीएसपी और जमालपुर और समस्तीपुर में नये रेल डीएसपी की तैनाती की गयी है। गृह विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, आरा सदर के एसडीपीओ वन राजकुमार साह को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में एसपी की जिम्मेदारी दी गयी है। मधेपुरा सदर के एसडीपीओ प्रवेंद्र कुमार भारती को ईओयू में एएसपी बनाया गया है। दाऊदनगर के एसडीपीओ अशोक कुमार दास को निगरानी जबकि सीवान सदर के एसडीपीओ वन अजय कुमार सिंह और सीवान के एएसपी संजय कुमार झा को विशेष शाखा में एएसपी की जिम्मेदारी मिली है। समस्तीपुर सदर के एसडीपीओ वन संजय कुमार पांडेय बी-सैप वन पटना, त्रिवेणीगंज के एसडीपीओ विभाष कुमार बी-सैप सात कटिहार में एएसपी बनाया गया है। फुलवारीशरीफ के दीपक कुमार को सारण और बेतिया सदर के एसडीपीओ रजनीश कांत प्रियदर्शी को लखीसराय के साइबर क्राइम डीएसपी की जिम्मेदारी मिली है। पटना के मो आदिल बेलाल को समस्तीपुर का रेल डीएसपी बनाया गया है। अजय चौधरी को सीवान का डीएसपी मुख्यालय, सुनील पांडेय को विशेष सुरक्षा दल बिहार का डीएसपी, संजय कुमार जायसवाल को एसटीएफ का डीएसपी, आलोक कुमार सिंह वन को रोहतास, विपिन नारायण शर्मा को पटना, सुरेंद्र कुमार को सीवान का डीएसपी (रक्षित) एवं मिथिलेश कुमार सिंह को केंद्रीय वस्त्र एवं आयुद्ध भंडार के डीएसपी की जिम्मेदारी मिली है। दो आईएएस और आठ बिप्रसे अधिकारियों का तबादला सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों का तबादला किया है। साथ ही, बिहार प्रशासनिक सेवा के आठ पदाधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई। राजस्व पर्षद के सचिव कुमार मंगलम को ग्रामीण कार्य में अपर सचिव बनाया गया है। मधेपुरा के उप विकास आयुक्त अनिल बसाक को पथ निर्माण में संयुक्त सचिव के पद पर पदस्थापित किया गया है। भविष्य निधि निदेशालय के सहायक निदेशक गौतम कुमार को समस्तीपुर का नगर आयुक्त बनाया है। भागलपुर के अपर समाहर्ता दिनेश राम को योजना पर्षद में संयुक्त सचिव, तिरहुत प्रमंडल क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के संयुक्त आयुक्त सह सचिव अरुण कुमार को मधेपुरा का उप विकास आयुक्त बनाया गया है। कहलगांव के डीसीएलआर सरफराज नवाज को डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन में ओएसडी, लखीसराय के वरीय उप समाहर्ता शशि कुमार को भविष्य निधि में सहायक निदेशक, कटिहार वरीय उप समाहर्ता शशि भूषण शशि को बांका का भूमि सुधार उप समाहर्ता, नरकटियागंज के भूमि सुधार उप समाहर्ता चंद्रशेखर कुमारन को पर्यावरण, वन में ओएसडी तथा वैशाली की वरीय उप समाहर्ता तनुजा श्री को सीवान का डीएसओ बनाया गया है।

बिहार में बाढ़ से बिगड़े हालात, 22.42 लाख लोग पानी से घिरे; गंगा ने तोड़ा पुराना रिकॉर्ड

पटना  बिहार में बाढ़ से हाहाकार मचा है. राज्य के 12 जिलों के 22 लाख से अधिक लोग इससे प्रभावित है. राजधानी पटना, छपरा, भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया, कटिहार सहित कई जिलों में गांव के गांव पानी में घिरा है. पटना में रविवार को गंगा नदी का जलस्तर बाढ़ के उच्चतम स्तर को पार कर गया, जिसके बाद अधिकारियों ने अलर्ट जारी किया है. गंगा के अलावा कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती भी उफान पर है. जिससे प्रभावित इलाकों में बाढ़ की स्थिति विकराल हो गई है. राज्य के 12 जिलों के 70 प्रखंडों की 368 पंचायतों में 22.42 लाख आबादी इस समय पानी के जद में है।  हाथीदह में लगातार खतरे के निशान के ऊपर गंगा इधर सेंट्रल वॉटर कमीशन ने बिहार के 3 फ्लड फोरकास्टिंग स्टेशनों पर अत्यधिक बाढ़ की चेतावनी जारी की है. CWC नेटवर्क के 3 फ्लड फोरकास्टिंग स्टेशनों – पटना जिले के गांधीघाट, हाथीदह और पंडारक – पर गंगा नदी में बाढ़ की स्थिति बहुत गंभीर है. हाथीदह में गंगा खतरे के निशान 41.76 मीटर से लगातार ऊपर बह रही है।  हाथीदह में आज सुबह गंगा का जलस्तर 43.52 मीटर दर्ज की गई CWC ने 8 अगस्त तक के लिए जारी की चेतावनी CWC का कहना है कि चूंकि बिहार में गंगा की मुख्य धारा को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की नदियों के साथ-साथ बिहार के भीतर अपनी उत्तरी सहायक नदियों से भी काफी पानी मिलता है, इसलिए 8 अगस्त तक बिहार के बक्सर, सारण, वैशाली, खगड़िया, मुंगेर और भागलपुर जिलों में नदी के जलस्तर में स्थिरता या बढ़ोतरी के साथ सामान्य से अधिक या गंभीर बाढ़ की स्थिति बने रहने की संभावना है।    गांधी घाट पर गंगा के जलस्तर ने तोड़ा 6 साल पुराना रिकॉर्ड इधर पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर रिकॉर्ड 50.57 मीटर पर पहुंच गया है, जिसने 2016 का 50.52 मीटर का रिकॉर्ड तोड़ दिया. इससे पटना सिटी के कई मोहल्लों में पानी घुस गया है. पुनपुन के इलाकों में भी कई गांव बाढ़ की चपेट आ गए हैं. हथिदह में गंगा 2021 के रिकॉर्ड स्तर पर रात 11 बजे पहुंच गई। तब गंगा 43.52 मीटर पर पहुंची थी।  छपरा में माही नदी का तटबंध टूटने से कई गांव जलमग्न छपरा के दरियापुर में माही नदी का तटबंध 20 फीट टूटने से कई गांव जलमग्न हो गए. भागलपुर के अकबरनगर में रिंग बांध ओवरफ्लो होने से सुल्तानगंज की 9 पंचायतों के 4 हजार घर डूब गए. मध्य पूर्व रेलवे ने एक अधिसूचना जारी कर कहा कि पटना-गया खंड पर पुनपुन और परसा बाजार स्टेशनों को जोड़ने वाली पुल संख्या 21 पर जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ जाने के कारण कुछ रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया गया है या फिर उनका मार्ग बदला गया है।  अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए अभी अलग-अलग जिलों में कुल 190 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही है और प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालने और आवाजाही में मदद के लिए 1,429 नावों की सेवा ली जा रही है।  SDRF की 47 और NDRF की 10 टीम तैनात अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा, अलग-अलग जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 27 और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 10 टीम तैनात की गई हैं. अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बाद पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर ‘बाढ़ के उच्चतम स्तर' (एचएफएल) से ऊपर चला गया है।  किस जिले में कौन सी नदी उफान पर अधिकारियों ने बताया कि राज्य में गंडक नदी डुमरियाघाट और हाजीपुर में, कोसी नदी बलतारा और कुरसेला में, बूढ़ी गंडक नदी खगड़िया में, गंगा नदी बक्सर, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव एवं मुंगेर में, पुनपुन नदी श्रीपालपुर में, घाघरा नदी दरौली में और बागमती नदी बेनीबाद में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है।  हाथीदह स्टेशन तक पहुंच सकता है पानी अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बाद पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर उच्च बाढ़ स्तर से ऊपर चला गया है, जिससे अगले एक से तीन दिनों में राज्य की राजधानी में हाथीदह और अन्य स्टेशनों पर असर पड़ने की आशंका है. उन्होंने बताया कि कई नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय और अरवल में लगभग 22.42 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।  विभाग की नई एडवाइजरी में क्या कहा गया? जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) की ओर से जारी नई एडवाइजरी के मुताबिक, हाथीदह में गंगा का जलस्तर अपने पिछले एचएफएल को पार कर सकता है. इसके मद्देनजर बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है. परामर्श में कहा गया, ‘‘अधिकारियों और जमीनी स्तर के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सतर्क रहें और जरूरत के हिसाब से सावधानी बरतते हुए जलस्तर, तटबंधों, संवेदनशील जगहों और निचले इलाकों पर नियमित नजर रखें।  इसमें कहा गया, ‘‘अभियंताओं से बाढ़ से निपटने से संबंधित संसाधन और मशीनरी तैयार रखने को कहा गया है. प्रभावित इलाकों के लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी के पास न जाएं और सतर्क रहें.'' स्थानीय प्रशासन से कहा गया है कि वे नावों के संचालन पर नजर रखें, क्षमता से अधिक लोगों को नावों पर सवार नहीं होने दें और लोगों को हालात के बारे में जानकारी देते रहें।  अगले दो दिन कई जिलों में बारिश के भी आसार स्थानीय मौसम विज्ञान कार्यालय के अधिकारी ने अगले दो दिनों के दौरान राज्य में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई है. इस बीच, विपक्ष ने बिहार में आई बाढ़ को ‘राष्ट्रीय आपदा' घोषित करने की मांग की है।  राजद नेता तेजस्वी बोले- यह राष्ट्रीय आपदा, केंद्र करे मदद बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार का 76 प्रतिशत इलाका बाढ़ से प्रभावित है और 19 जिलों के 20 लाख लोग इसकी चपेट में हैं. उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर की गई पोस्ट में कहा, “बीस लाख से अधिक लोग इस आपदा में फंसे हुए हैं, पशुपालकों के मवेशी पानी में डूबकर बह गए हैं. … Read more

बिहार में एक रात में गोलीकांड और हत्या की 3 वारदात, मां-बेटी पर फायरिंग से मासूम की हत्या तक

दानापुर पटना के दानापुर में ऑनलाइन लूडो खेलने के दौरान दोस्त के साथ हुए विवाद में उसे गोली मार दी गई। घटना शनिवार देर रात दानापुर थाना क्षेत्र के मैनपुरा की है। किशोर को पेट में गोली लगी है। गोली मारने का आरोप नाबालिग दोस्त पर है। मैनपुरा निवासी विजय राय के पुत्र दुर्गेश कुमार व उसका दोस्त ऑनलाइन लूडो खेल रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि किशोर ने दुर्गेश को गोली मार दी, जो उसके पेट में लगी। घटना के बाद से किशोर फरार है। उधर, गोली की आवाज सुनकर लोग दौड़े और पुलिस को सूचना दी। परिजन दुर्गेश को लेकर पीएमसीएच पहुंचे, जहां उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। थानाध्यक्ष प्रने बताया कि दोनों दोस्त नाबालिग बताए जा रहे हैं। शिवहर: घर में घुसकर मां-बेटी को मारी गोली,गंभीर शिवहर जिले के श्यामपुर भटहां थाना क्षेत्र के लालगढ़ जोगिया गांव में शनिवार की आधी रात घर में घुसकर अपराधियों ने सो रही मां-बेटी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। घटना में मां को तीन और बेटी को दो गोलियां लगीं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को मुजफ्फरपुर स्थित एसकेएमसीएच ले जाया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एसपी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि प्रथमदृष्टया घटना के पीछे प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रिंस कुमार का घायल किशोरी के साथ प्रेम प्रसंग था। वह किशोरी पर घर से भागने के लिए दबाव बना रहा था। पुलिस ने दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए दोनों को एसकेएमसीएच रेफर किया गया। बाढ़: विवाद में मां के सामने मासूम बेटे को लोहे के हुक से मार डाला पटना से सटे बाढ़ में आपसी विवाद में मां के सामने उसके तीन वर्षीय मासूम बेटे चिंटू कुमार की लोहे के हुक से मारकर हत्या कर दी गई। घटना भदौर थाना क्षेत्र के लालपुरा गांव में रविवार की है। हत्या का आरोप पड़ोसी श्याम सुंदर है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बाढ़ भेज दिया। वहीं मासूम की हत्या में आरोपित श्याम सुंदर को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। चिंटू कुमार के मामा शिवजी कुमार ने पुलिस को बताया कि घर से बाहर जाने के लिए उसकी मां जूता पहना रही थी। तभी आपस में लड़ते हुए श्याम सुंदर आया और बोरा उठाने वाले लोहे के हुक को बच्चे की गर्दन में भोंक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। परिजनों ने पास के एक निजी क्लीनिक में बच्चे को लेकर पहुंचे, लेकिन गंभीर स्थिति होने के कारण उसे रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन शेखपुरा जिले के बरबीघा स्थित एक अस्पताल में ले जा रहे थे, पर रास्ते में ही मासूम ने मां की गोद में ही दम तोड़ दिया। घर में मचा कोहराम मासूम की मौत से घर में कोहराम मच गया। हंसते खेलते चिंटू की मौत ने हर किसी को दुखी कर दिया। चिंटू की मौत से मां लगातार बेहोश हो जा रही थी। होश में आने के बाद वह अपने बेटे का नाम पुकार रही थी। वहीं अन्य लोग उसे ढाढस बंधाने में लगे थे ।