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बिहार के रेल यात्रियों के लिए गुड न्यूज, 160 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें और खत्म होंगे फाटक

पटना बिहार के रेल यात्रियों के लिए एक गुड न्यूज है। मोकामा में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहे नए दो लेन पुल से ट्रेनों की आवाजाही जून में शुरू हो जाएगी। इस पुल के चालू होने से दानापुर और सोनपुर मंडल के बीच ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी। साथ ही दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचाने का रास्ता भी साफ हो जाएगा। इसके बाद पटना से दिल्ली का सफर लगभग 7 घंटे में तय किया जा सकेगा। इसकी जानकारी पूर्व मध्य रेलवे के जीएम छत्रसाल सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दी। मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के लिए 'गेम चेंजर' बनेगा नया पुल जीएम छत्रसाल सिंह ने बताया कि राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहे इस पुल के दोनों ओर रेल फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि झाझा-पटना की ओर से आने-जाने वाली ट्रेनों या राजेंद्र पुल पर चढ़ने वाली गाड़ियों के कारण मेन लाइन का परिचालन बाधित नहीं होगा। यह बुनियादी ढांचा मालगाड़ी और यात्री ट्रेनों के समयबद्ध परिचालन के लिए 'गेम चेंजर' साबित होने वाला है। कवच तकनीक से 160 किमी की स्पीड का लक्ष्य रेल मंत्रालय ने 'मिशन रफ्तार' के तहत दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रूट को हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में चिह्नित किया है। पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू (पंडित दीनदयाल उपाध्याय) से प्रधानखंटा खंड के बीच 294 किलोमीटर के दायरे में अत्याधुनिक 'कवच' सिस्टम लगाने का काम चल रहा है। पटना से दिल्ली का सफर लगभग 7 घंटे होगा तय: जीएम छत्रसाल सिंह ने बताया कि अगले एक वर्ष में इस खंड में कवच स्थापित हो जाएगा। उन्होंने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे (गाजियाबाद से डीडीयू) और पूर्व रेलवे (आसनसोल और हावड़ा मंडल) में भी कवच का काम जारी है। जैसे ही इन तीनों रेलवे जोन में कवच सिस्टम पूरी तरह सक्रिय होगा, पटना होकर दिल्ली से हावड़ा के बीच ट्रेनें 160 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ने लगेंगी, जिससे पटना से दिल्ली का सफर लगभग 7 घंटे में तय किया जा सकेगा। अंडरपास और आरओबी निर्माण से खत्म होंगे फाटक रेलवे परिचालन को और अधिक सुरक्षित और तेज बनाने के लिए पूर्व मध्य रेल बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कर रहा है। पूर्व मध्य रेल के जीएम ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में 41 जगरों पर अंडरपास और छोटे ओवरब्रिज निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। अब 71 और जगहों पर ऐसे ही छोटे ओवर ब्रिज और अंडरपास का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है।  

भ्रष्टाचार की हद, डीएसपी गौतम कुमार की नौकरानी के पास मिली करोड़ों की संपत्ति और लग्जरी गाड़ियां

किशनगंज  किशनगंज में तैनात DSP गौतम कुमार की कथित 80 करोड़ से अधिक की बेनामी संपत्ति के मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. अब इस केस में एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है. उनके घर में काम करने वाली नौकरानी पारो के पास भी करोड़ों की संपत्ति होने का खुलासा हुआ है. 35 लाख की थार से काम पर आती थी नौकरानी धरमगंज के किला बागान की रहने वाली पारो की लाइफस्टाइल किसी आम घरेलू सहायिका जैसी नहीं थी. वह करीब 35 लाख रुपए की लग्जरी थार से काम करने आती थी. इतना ही नहीं, उसे लाने-ले जाने के लिए कई बार सरकारी और निजी वाहनों का इस्तेमाल भी किया जाता था. बंगाल में करोड़ का बंगला, गिफ्ट में मिली बुलेट जांच में सामने आया है कि पारो ने पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के मलद्वार इलाके में लगभग एक करोड़ रुपए का आलीशान बंगला बनवाया है. इसके अलावा उसे DSP गौतम कुमार की ओर से एक बुलेट बाइक भी गिफ्ट में दी गई थी. नौकरानी पारो की तस्वीर सोशल मीडिया पर दिखती थी लग्जरी लाइफ पारो सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रही है. उसने बुलेट बाइक के साथ अपनी तस्वीरें शेयर की हैं. एक वीडियो में उसके हाथ में करीब डेढ़ लाख रुपए कैश भी नजर आ रहे हैं. कई तस्वीरों में वह DSP और उनके करीबियों के साथ दिखाई दे रही है. EOU रेड के बाद फरार हुई पारो आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की छापेमारी के बाद पारो अपने पूरे परिवार के साथ फरार हो गई है. इस खुलासे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस प्रशासन भी सकते में है. SDPO पर 80 करोड़ की बेनामी संपत्ति का आरोप गौतम कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपनी 32 साल की सेवा के दौरान करीब 80 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति अर्जित की. उनके महंगे शौक लक्जरी रिसॉर्ट में ठहरना, फैमिली ट्रिप और आलीशान जीवनशैली पहले से ही चर्चा में थे. ढाई करोड़ का बंगला, करोड़ों की फर्निशिंग पूर्णिया में उनका जिस बंगले में रहना बताया जा रहा है, उसकी कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपए है. वहीं उसके इंटीरियर और फर्निशिंग पर 1 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए हैं. उनकी पत्नी सरकारी शिक्षिका हैं, लेकिन खुद भी लग्जरी गाड़ियों से चलती हैं. 8 ठिकानों पर EOU की छापेमारी 31 मार्च को EOU ने गौतम कुमार के 8 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी. इनमें पूर्णिया, किशनगंज, पटना, अररिया और सिलीगुड़ी शामिल हैं. छापेमारी के दौरान जमीन के 36 दस्तावेज, LIC और नोएडा-गुड़गांव में निवेश से जुड़े कागजात बरामद हुए. साथ ही 60 लाख रुपए के गहने, महंगी घड़ियां और क्रेटा-थार जैसी लग्जरी गाड़ियां भी मिलीं. सस्पेंशन की प्रक्रिया शुरू, हटाए गए पद से EOU की कार्रवाई के बाद गौतम कुमार को पुलिस मुख्यालय क्लोज कर दिया गया है. DGP विनय कुमार ने उनके निलंबन की प्रक्रिया शुरू होने की पुष्टि की है. कौन हैं गौतम कुमार? गौतम कुमार मूल रूप से सहरसा के रहने वाले हैं और 1994 बैच के सब-इंस्पेक्टर हैं. वर्तमान में उन्हें पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय में योगदान देने का आदेश दिया गया है. उनकी जगह SDPO-2 मंगलेश कुमार सिंह को किशनगंज का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. सूत्रों के मुताबिक, जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. फिलहाल इस मामले ने बिहार के पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है.

नीतीश कुमार का दिल्ली दौरा और राज्यसभा की शपथ,क्या बिहार में पहली बार बनेगा भाजपा का मुख्यमंत्री?

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद बिहार में नई सरकार के गठन पर अटकलें तेज हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नीतीश अगले सप्ताह दिल्ली जाएंगे और राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। इसके बाद वे पटना लौटकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद बिहार में नई सरकार का गठन होगा और राज्य को नया मुख्यमंत्री मिलेगा। 14 अप्रैल तक नए सीएम की शपथ होने की चर्चा भी चल रही है। हालांकि, इस बारे में किसी तरह की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि नीतीश कुमार के 9 अप्रैल को दिल्ली जाने का कार्यक्रम है। 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में उनका शपथ ग्रहण होने की संभावना है। इसके अगले दिन 11 अप्रैल को वे पटना लौट सकते हैं। फिर 12 अप्रैल को नीतीश मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देकर राज्यपाल को सौंप सकते हैं। बिहार को कब मिलेगा नया मुख्यमंत्री? नीतीश के इस्तीफे के तुरंत बाद बिहार में एनडीए की नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। रिपोर्ट्स में 14 अप्रैल को नए सीएम के शपथ ग्रहण की संभावित तारीख बताई जा रही है। हालांकि, इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई सूचना नहीं दी गई है। बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। वहीं, अभी खरमास चल रहा है, जो 14 अप्रैल तक रहेगा। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, खरमास में कोई शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। ऐसे में चर्चा है कि नए सीएम का शपथ ग्रहण खरमास खत्म होने के बाद भी हो सकता है। चर्चा यह भी है कि नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद पूरे कैबिनेट को नए सिरे से गठित किया जाएगा। ऐसे में नए सीएम के साथ मंत्रियों का भी शपथ ग्रहण संभावित है। भाजपा से होगा नया सीएम? सियासी गलियारों में चर्चा है कि नीतीश के बाद बिहार का मुख्यमंत्री भाजपा से हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो भारतीय जनता पार्टी बिहार में पहली बार अपना सीएम बनाएगी। भाजपा से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम प्रमुखता से चल रहा है। रेस में केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, दूसरे डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, मंत्री दिलीप जायसवाल, मंगल पांडेय जैसे नेताओं का नाम भी चल रहा है। एनडीए के नेताओं का कहना है कि गठबंधन के शीर्ष नेता मिलकर नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाएंगे। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने पिछले दिनों कहा था कि अभी यह भी तय नहीं हुआ है कि अगला मुख्यमंत्री किस पार्टी से होगा।

एलपीजी संकट की मार, रांची में चाय से लेकर समोसे तक सब कुछ हुआ महंगा, पीएनजी की बढ़ी डिमांड

रांची एलपीजी सिलेंडर की किल्लत की मार अब घर से लेकर दुकानों और संस्थानों पर दिखाई देने लगी है. झारखंड की राजधानी रांची में लोग अब एक बार फिर कोयलायुग में वापस लौटने लगे हैं. घरेलू रसोई गैस से लेकर लेकर कॉमर्शियल सिलेंडर मिलने में दिक्कतें आ रही है. इसका असर हर जगहों पर दिखने लगा है. छोटे-बड़े होटलों से लेकर स्ट्रीट फूड दुकानों और कॉलेज कैंटीनों पर भी खासा असर दिखने लगा है. सबसे बड़ा असर यह है कि खाने-पीने की चीजों के दामों में बढ़ोत्तरी हो गयी है. ऐसे में खाद्य से संबंधित व्यावसायिक कार्य करने वाले मालिक डीजल भट्टी, व्यावसायिक इलेक्ट्राॅनिक इंडक्शन, लकड़ी के चूल्हे का प्रयोग कर रहे हैं, ताकि लोगों को आसानी से सभी खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराया जा सके.वहीं, कई होटल मालिकों ने ऐसे भोजन को परोसना बंद कर दिया है, जिसे पकाने में अधिक समय लग रहा है. इससे होटल व्यवसाय में भी फर्क पड़ गया है. कई होटलों, रेस्टूरेंटों और कैंटीन में वैकल्पिक के रुप में कोयला वाला चूल्हा अपना लिया है. कई जगहों पर सप्लाई हुई ठप गैस नहीं मिलने के कारण कई ठेले बंद हो गये हैं, तो कई लोकल ब्रेड, बिस्किट, नमकीन, सेव आदि बनाने वालों की सप्लाई पूरी तरह से ठप हो गयी है. जबकि, कुछ वैकल्पिक उपाय से सामानों का निर्माण भी कर रहे हैं. वहीं, जो होटल और ठेले खुले हैं, उन्होंने अपने-अपने सामानों की कीमतें बढ़ा दी हैं. ठेले पर बिकने वाला एक प्लेट इडली 20 रुपये से बढ़ कर 25 रुपये प्रति प्लेट, चालू चाय पांच की जगह सात रुपये और स्पेशल चाय 10 रुपये की जगह 12 रुपये, आठ रुपये का समोसा 10 रुपये हो गया है. इसी प्रकार, धीरे-धीरे अन्य सामानों की कीमतें भी बढ़ रही है. होटलों के मेन्यू में कटौती कॉमर्शियल सिलेंडर की किल्लत के कारण होटलों के मेन्यू में कटौती हो गयी है. होटल प्रताप रेसीडेंसी के प्रोपराइटर त्रिलोचन सिंह ने कहा कि पहले पनीर और चिकन के 10-12 आइटम बनाते थे. गैस की किल्लत के कारण अब मात्र दो-दो आइटम बना रहे हैं. न्यू राजस्थान कलेवालय के प्रोपराइटर निरंजन शर्मा ने कहा कि कोयला और डीजल भट्ठियों से काम कर रहे हैं. इसमें बहुत परेशानी आ रही है. स्टाफ को काम करने में दिक्कतें आ रही हैं. सिलेंडर की दिक्कतों के कारण कई आइटमों की वेराइटी घटा दी गयी है. पहले मिठाइयों की 40-45 वेराइटी रहती थी, अभी 15-20 वेराइटी बना रहे हैं. इसी तरह , नमकीन के आइटम 50 प्रतिशत कम हो गये हैं. खाने में चुनिंदा आइटम बना रहे हैं. वहीं, चाइनीज आइटम पूरी तरह से बंद हो गया है. सिलेंडर की जगह कोयला से हो रहा काम सिलेंडर नहीं मिलने के कारण छोटे-छोटे दुकानदार जैसे फास्ट फूड, मोमो, चाय बनाने वालों को परेशानी हो रही है. इससे कईयों का रोजगार प्रभावित हो गया है. सिलेंडर की दिक्कतों के कारण वे कोयला का प्रयोग कर रहे हैं. दुकानदारों का कहना है कि पहले एक बाेरा कोयला 200 रुपये में मिल रहा था. अब यह 350 रुपये में मिल रहा है. इसे चाय, पकौड़ी, धुसका, पकौड़ी आदि के दाम बढ़ गये है. स्ट्रीट फूड वालों से बातचीत डोरंडा निवासी सुनिता तिग्गा घाघरा बस्ती में चाय पकौड़ी , धुसका, चिकन पकौड़ा का ढेला लगाती थी. कहती हैं कि गैस नहीं मिलने के कारण दुकानें बंद करनी पड़ी. जो अब बंद करना पड़ा. कहती हैं कि गैस की एलपीजी समस्या के कारण दुकान बंद करनी पड़ी. इडली-डोसा में पांच से 10 रुपये की बढ़ोतरी दीपाटोली स्थित साउथ इंडियन स्टॉल में इडली में पांच रुपये की बढ़ोतरी कर दी गयी है. एक प्लेट इडली के दाम 20 रुपये से बढ़ कर 25 रुपये प्लेट हो गये हैं. वहीं, डोसा की कीमत 10 रुपये बढ़ा दी गयी है. प्रोपराइटर परमेश्वर प्रसाद ने कहा कि कोयले की बढ़ी कीमत के कारण व्यंजनों के दर में बढ़ोत्तरी हो गयी है. अब कोयले का प्रयोग अधिक करना पड़ रहा है. चाय की कीमतों में बढ़ोतरी क्यूरेस्टा अस्पताल, कोकर चौक के निकट चाय का स्टॉल लगाने वाले कनक हल्दर ने कहा कि गैस की कमी के कारण चाय की कीमत दो रुपये बढ़ानी पड़ी. चालू चाय पांच की जगह सात रुपये और स्पेशल चाय 10 रुपये की जगह 12 रुपये में बिक्री करनी पड़ रही है. पीएनजी की बढ़ गयी डिमांड वर्तमान में पीएनजी कनेक्शन की डिमांड बढ़ गयी है. हर दिन औसतन लगभग 100 नये उपभोक्ताओं द्वारा रजिस्ट्रेशन एवं सिक्योरिटी डिपोजिट जमा कराया जा रहा है. शहर में लोगों तक पीएनजी का कनेक्शन देने में मैनपावर के रुप में लगभग 50 लोग लगे हुए हैं. इससे हर दिन लगभग 60-75 कनेक्शन हो रहा है. वहीं, वर्तमान में कनेक्शन की संख्या बढ़ाने के लिए काम चल रहा है. इसके लिए मैनपावर को 150 किया जा रहा है. कनेक्शन की संख्या को बढ़ा कर हर दिन लगभग 200 से अधिक करने का लक्ष्य है. कॉलेज के हॉस्टल में विकल्प तैयार रांची के विभिन्न रेसिडेंशियल कॉलेज के हॉस्टल में हजारों छात्र-छात्रायें रहते हैं. जिनका खाना-पीना कॉलेज मेस और कैंटीन के माध्यम से होता है. फिलहाल सभी संस्थानों के हॉस्टल में पर्याप्त गैस सिलेंडर की व्यवस्था है. वर्तमान स्थिति को देखते हुए गैस संकट से निपटने के लिए विकल्प तैयार किये जा रहे हैं. बीआईटी मेसरा में तैयार हो रहा कोयला चूल्हा बीआईटी मेसरा में कुल 14 हॉस्टल हैं, जिनमें लगभग पांच हजार छात्र-छात्राएं रहते हैं. बीआइटी मेसरा के हॉस्टल मेस के लिए वैकल्पिक तैयारी करते हुए 25 टन कोयला मंगाया गया है. साथ ही चूल्हा भी बनाया जा रहा है. हालांकि, सभी हॉस्टल के मेस में पर्याप्त गैस सिलिंडर की सप्लाई हो रही है. संस्थान से मिली जानकारी के अनुसार सभी हॉस्टल में गैस सिलिंडर उपलब्ध हैं और मांग के अनुसार सप्लाई भी हो रही है. लेकिन भविष्य में किसी प्रकार के गैस संकट होने पर मेस पर असर न पड़े और मेस व्यवस्थित चले, इसकी तैयारी की गयी है. एनआईएएमटी रांची में लगाया गया कोयला के चूल्हा एनआईएएमटी रांची के छह हॉस्टल के लिए तीन मेस की व्यवस्था है. जिसमें लगभग 1,000 छात्र- छात्रायें खाना खाते हैं. यहां पर कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद हो गयी है. घरेलू सि

ब्लू रिवोल्यूशन की ओर बढ़ते कदम: मछली उत्पादन बढ़ा, झींगा पालन पर फोकस

रोहतास. रोहतास जिले में मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में एक नए नीली क्रांति की ओर अग्रसर है। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में मछली उत्पादन में निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिला मत्स्य कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्पादन का ग्राफ 10.65 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर अब 15.5 हजार मीट्रिक टन के करीब पहुंच रहा है। जिला मत्स्य पदाधिकारी सतेन्द्र राम ने बताया कि जिले में वर्तमान में कुल 1,265 तालाब हैं। विभाग की सक्रियता के कारण इनमें से लगभग 1,150 तालाबों की बंदोबस्ती सफलतापूर्वक की जा चुकी है। इन जल निकायों के प्रबंधन के लिए जिले के सभी प्रखंडों में कुल 19 मत्स्यजीवी सहयोग समितियां सक्रिय हैं। ये समितियां न केवल सरकारी जलकर की बंदोबस्ती कर रही हैं, बल्कि राजस्व प्रबंधन और स्थानीय मछुआरों के हितों की रक्षा भी कर रही हैं। उत्पादन के बढ़ते कदम: एक नजर में जिले में मछली उत्पादन का सालाना डेटा यह दर्शाता है कि आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंच रहा है:- वित्तीय वर्ष     उत्पादन (हजार मीट्रिक टन) 2021-22     10.65 2022-23     12.85 2023-24     13.50 2024-25     14.65 2025-26 (अनुमानित)     15.50 झींगा पालन की नई राह: भुवनेश्वर में प्रशिक्षित हुए किसान मछली के साथ-साथ अब जिले में झींगा पालन की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। इसके लिए प्रायोगिक तौर पर करहगर प्रखंड के सोनवर्षा निवासी किसान गोपाल सिंह का चयन किया गया। उन्हें भुवनेश्वर स्थित केंद्रीय मीठा जल जीवपालन संस्थान में विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया है। विभाग की योजना है कि गोपाल सिंह की सफलता के बाद जिले के अन्य प्रगतिशील किसानों को भी झींगा पालन के लिए प्रोत्साहित और प्रशिक्षित किया जाए। सरकारी योजनाओं का मिल रहा लाभ – मत्स्यपालकों को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत विभिन्न प्रकार की सहायता दी जा रही है। बताया कि मछली विक्रेताओं और पालकों के बीच किट का वितरण किया जा रहा है व बाजार तक पहुंच आसान बनाने के लिए रियायती दरों पर वाहनों का वितरण हुआ है। वहीं आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों के लिए समय-समय पर कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। किसानों की आय में काफी वृद्धि होगी – जिले में मत्स्य पालन को एक लाभदायक उद्योग के रूप में विकसित करना हमारा लक्ष्य है। तालाबों की समय पर बंदोबस्ती और झींगा पालन जैसे नए प्रयोगों से किसानों की आय में काफी वृद्धि होगी। – सतेन्द्र राम, जिला मत्स्य पदाधिकारी, सासाराम रोहतास

बिहारशरीफ शीतला मंदिर में बड़ा बदलाव, भगदड़ रोकने के लिए हटा अतिक्रमण और बनाई जा रही ढलान

 नालंदा बिहार के बिहारशरीफ के मघड़ा में मां शीतला मंदिर में 31 मार्च को हुई दर्दनाक भगदड़ के बाद अब प्रशासन पूरी तरह एक्शन में आ गया है. इस हादसे में 8 महिलाओं की जान चली गई थी. इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और मंदिर प्रबंधन पर कई सवाल उठे थे. अब ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए बड़े स्तर पर बदलाव शुरू किए गए हैं. सुधार काम शुरू शनिवार को नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम ने मंदिर परिसर में सुधार काम की शुरुआत कर दी. सबसे पहले उन कारणों को ठीक करने पर ध्यान दिया जा रहा है, जिनकी वजह से हादसा हुआ था. जांच में पाया गया कि भीड़ ज्यादा थी और रास्ते बहुत संकरे थे. इससे भगदड़ मच गई. इसी को देखते हुए प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया. मंदिर के आसपास बने अवैध कब्जों को बुलडोजर से हटाया गया ताकि आने-जाने का रास्ता खुला और चौड़ा हो सके. अधिकारियों का कहना है कि आगे भी यह अभियान जारी रहेगा और मंदिर तक जाने वाली सड़कों को चौड़ा किया जाएगा. बनाया जा स्लोप जिस जगह पर भगदड़ हुई थी, वहां की सीढ़ियां भी खतरे का कारण बनी थीं. अब उन संकरी और फिसलन भरी सीढ़ियों को तोड़कर उनकी जगह ढलान यानी स्लोप बनाया जा रहा है. इससे भीड़ आसानी से आ-जा सकेगी और गिरने या दबने का खतरा कम होगा. लाइन में लगने के लिए अब मजबूत स्टील बैरिकेड लगाए जा रहे हैं. इससे भीड़ को व्यवस्थित रखा जा सकेगा. साफ सफाई का रखा जा रहा ध्यान मंदिर परिसर में साफ-सफाई पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है. पहले जहां गंदगी और पानी जमा रहता था, अब उसे हटाया जा रहा है. तालाब और आसपास के इलाके की सफाई कर साफ पानी भरने का काम शुरू हो चुका है. प्रशासन अब पूरी कोशिश कर रहा है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और साफ माहौल मिले और भविष्य में ऐसी कोई दुखद घटना दोबारा न हो.

नीलामी वाहन मामले में झारखंड हाईकोर्ट की नाराजगी, भुगतान में देरी को बताया जानबूझकर की गई गड़बड़ी

रांची  झारखंड हाईकोर्ट ने लातेहार जिले में नीलामी के जरिये बेचे गये वाहन की राशि भुगतान से जुड़े मामले में कड़ा रुख अपनाया है. अदालत ने जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) को इस मामले के याचिकाकर्ता को तत्काल 28 लाख रुपये भुगतान करने का निर्देश दिया है. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए, भुगतान की प्रक्रिया में हुई तकनीकी देरी पर गहरी नाराजगी जताई. अदालत ने स्पष्ट रूप से टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत होता है कि भुगतान में जानबूझकर गड़बड़ी की गई, ताकि राशि सही व्यक्ति तक समय पर न पहुंच सके. ब्याज चेक से तो मूल राशि एनईएफटी से क्यों? सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने इस बात पर हैरानी जताई कि जब ब्याज की राशि कंपनी के नाम से चेक द्वारा दी गई थी, तो मूल राशि के लिए अलग तरीका क्यों अपनाया गया. याचिकाकर्ता ‘जेके मिनरल एंड डेवलपर्स’ की ओर से बताया गया कि, मूल 28 लाख रुपये एनईएफटी के जरिये ट्रांसफर किए गए, लेकिन इस दौरान कंपनी के बजाय प्रोपराइटर का नाम दर्ज कर दिया गया, जिससे राशि प्राप्त नहीं हो सकी. कोर्ट ने डीएमओ के इस आचरण को अस्वीकार्य बताते हुए, इसे भुगतान लटकाने की एक साजिश के रूप में देखा है. लोन वाले वाहन की नीलामी और कोर्ट का डंडा यह पूरा विवाद लातेहार प्रशासन द्वारा अवैध ढुलाई के आरोप में जब्त किए गए एक वाहन की नीलामी से शुरू हुआ था. याचिकाकर्ता जाफर अली ने वाहन तो खरीद लिया, लेकिन रजिस्ट्रेशन के समय पता चला कि वह वाहन पहले से लोन पर है और एनओसी (NOC) के बिना उसका पंजीकरण संभव नहीं है. पूर्व में भी हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि यदि समस्या का समाधान नहीं हो रहा है, तो नीलामी राशि लौटाकर वाहन वापस लिया जाए. अब कोर्ट ने 6 अप्रैल की अगली तारीख तय करते हुए निर्देश दिया है कि यदि भुगतान नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा.

सरयू राय का बड़ा दांव! हेमंत सोरेन को दिया बिना BJP-कांग्रेस सरकार बनाने का प्रस्ताव

रांची. जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक गैर-भाजपा, गैर-कांग्रेस सरकार बनाने का प्रस्ताव दिया है। जेएमएम और कांग्रेस के बीच बढ़ती तल्खियों के बीच सरयू राय का यह बयान राज्य की सियासत में नए समीकरणों की संभावनाओं को जन्म दे रहा है। सरयू राय ने दावा किया कि झारखंड में ऐसी राजनीतिक स्थिति बन सकती है, जहां झारखंड मुक्ति मोर्चा को न तो कांग्रेस के सहारे की जरूरत होगी और न ही भाजपा के समर्थन की। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राजनीतिक साहस दिखाते हैं तो वे स्वयं बाहर से बिना किसी शर्त के समर्थन देने को तैयार हैं। बहुमत का गणित भी बताया सरयू राय ने अपने दावे को केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि विधानसभा का पूरा गणित भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि झारखंड विधानसभा में बहुमत के लिए 41 विधायकों का आंकड़ा जरूरी है। जेएमएम के पास 34 विधायक हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय जनता दल के चार विधायक, भाकपा माले के दो विधायक और जयराम महतो का एक वोट मिलाकर यह संख्या 41 तक पहुंचती है। राय ने जोर देकर कहा कि इस स्थिति में सरकार चलाने के लिए कांग्रेस या भाजपा की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने इसे व्यवहारिक और संभव विकल्प बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को इस दिशा में गंभीरता से विचार करना चाहिए। कांग्रेस-JMM रिश्तों पर उठाए सवाल सरयू राय ने मौजूदा राजनीतिक तनाव की जड़ में कांग्रेस और जेएमएम के रिश्तों को बताया। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में कांग्रेस ने जेएमएम को उचित भागीदारी नहीं दी और अब असम चुनाव में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिल रही है। उनके मुताबिक कांग्रेस केवल अपने हितों के अनुसार गठबंधन करती है, जिससे सहयोगी दलों में असंतोष बढ़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी और बाद में साथ आ जाना गठबंधन की विश्वसनीयता को कमजोर करता है। राय के अनुसार, यह राजनीतिक अवसरवाद का संकेत है, जो दीर्घकाल में नुकसानदेह साबित हो सकता है। असम चुनाव के बाद बदल सकते हैं समीकरण सरयू राय ने संकेत दिया कि असम विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद झारखंड की राजनीति में बड़े बदलाव संभव हैं। उनका मानना है कि इन परिणामों का असर राज्य के गठबंधन समीकरणों पर पड़ेगा और नए राजनीतिक विकल्पों के लिए रास्ता खुल सकता है।

फर्जी प्रमाण पत्रों का खेल उजागर! BPSC पास शिक्षकों पर कार्रवाई, सैकड़ों की नौकरी पर संकट

सहरसा. बिहार के सहरसा जिले में बीपीएससी उत्तीर्ण शिक्षक भी फर्जी साबित होने लगे हैं। जिले में पिछले तीन-चार वर्षों में बिहार लोक सेवा आयोग के द्वारा ली जा रही प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर शिक्षकों का चयन किया जा रहा है। ऐसी हालत में जिले में टीआरई एक से तीन तक करीब चार हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गयी। इन नियुक्त शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन में कई अनियमितता सामने आयी है। कई फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्त शिक्षकों की नौकरी पर संकट उत्पन्न हो गया है। बीपीएससी उत्तीर्ण शिक्षकों के प्रमाण पत्रों में मिली गड़बड़ी के आधार पर यह तो तय हो गया कि शिक्षा माफिया का तंत्र व तकनीक उच्च शिक्षा आयोग तक फैला हुआ है। इससे पूर्व वर्ष 2012-15 के बीच प्रमाण पत्र के आधार पर पहले आओ पहले पाओ के तर्ज पर शिक्षक की नौकरी हासिल की थी। उस समय में फर्जी शिक्षक चिह्नित किए गए। इधर, अब बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा परीक्षा आयोजित करनेवाले विद्यालय अध्यापकों में भी फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नैया पार करने वालों की खोज विभाग ने अब शुरू कर दी है। लगातार प्रमाण पत्रों के सत्यापन का कार्य चल रहा है। BPSC से बहाल हुए 3895 विद्यालय अध्यापक बिहार लोक सेवा आयेाग द्वारा प्रतियोगी परीक्षा आयोजित कर विद्यालयों में 3895 शिक्षकों की नियुक्ति की गयी। जिले में टीआरई 1, टीआरई 2 और टीआरई 3 में कुल मिलाकर शिक्षकों की नियुक्ति हुई, जिसमें टीआरई 1 में 1758, टीआरई 2 में 1169 एवं टीआरई 3 में 968 विद्यालय अध्यापक नियुक्त किए गए। इन सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कार्य शुरू होने से शिक्षकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। अभी हाल ही में कंप्यूटर विज्ञान विद्यालय अध्यापकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन में करीब दो दर्जन से अधिक विद्यालय अध्यापकों की नौकरी पर तलवार लटक रही है। सबों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अब विभाग इन शिक्षकों के विरूद्ध कार्रवाई करने के मूड में है। जांचोपरांत विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी – बीपीएससी से उत्तीर्ण शिक्षकों के प्रमाण पत्रों में अनियमितता बरतने की शिकायत मिल रही है जिसकी जांच कराई जा रही है। जांचोपरांत विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। -हेमचंद्र, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सहरसा

तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी, झारखंड में 6 अप्रैल तक खराब रहेगा मौसम, जानें अपने जिले का हाल

 रांची झारखंड में मौसम लगातार करवट ले रहा है. शुक्रवार को दिनभर आंशिक बादल छाए रहे और शाम होते-होते रांची और कोडरमा में तेज हवा के साथ बारिश हुई. इससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम और बदलने वाला है. 4 से 6 अप्रैल तक येलो अलर्ट मौसम विभाग ने 4 अप्रैल से 6 अप्रैल तक राज्य में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है. इन जिलों में बारिश और तेज हवा की चेतावनी शनिवार को पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद में कहीं-कहीं गर्जन के साथ बारिश हो सकती है. इसके साथ ही 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है. रविवार-सोमवार को और तेज होगा असर मौसम विभाग के अनुसार, रविवार और सोमवार को भी कई इलाकों में बारिश और गरज के साथ बादल छाए रहेंगे. इस दौरान हवा की रफ्तार बढ़कर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. अप्रैल में टूट सकता है गर्मी का रिकॉर्ड मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, अप्रैल में मौसम का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा. पिछले 10 वर्षों में 2016 में अधिकतम तापमान 42 डिग्री दर्ज किया गया था, जो इस बार टूट सकता है. इस महीने के पहले सप्ताह में बारिश से थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन दूसरे और तीसरे सप्ताह में तापमान तेजी से बढ़ेगा और महीने के अंत तक हीट वेव की स्थिति बन सकती है. तापमान का हाल पिछले 24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक 5 मिमी बारिश रामगढ़ में हुई. वहीं, सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सरायकेला में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री गुमला में रिकॉर्ड किया गया.