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6 जिलों से 18 छात्र निष्कासित और 2 फर्जी परीक्षार्थी गिरफ्तार

पटना. राज्यभर के सभी केंद्रों पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा तीसरे दिन गुरुवार को शांतिपूर्ण संचालित हुई। तीसरे दिन छह जिलों से 18 नकलची पकड़े गए। नवादा जिले से सबसे अधिक 11 परीक्षार्थी कदाचार के आरोप में निष्कासित किए गए। वहीं, भोजपुर व जहानाबाद से दो-दो, पटना, अरवल व गोपालगंज से एक-एक परीक्षार्थियों को कदाचार के आरोप में निष्कासित किया गया। वहीं, दो फर्जी परीक्षार्थी भी पकड़े गए। इसमें रोहतास व नवादा में एक-एक फर्जी परीक्षार्थी शामिल है। शेष अन्य जिलों से निष्कासन की संख्या शून्य रही।  फिजिक्स में शामिल हुए 6,20,743 परीक्षार्थी  परीक्षा समिति के अनुसार, तीसरे दिन प्रथम पाली में फिजिक्स विषय की परीक्षा सुबह 9.30 से दोपहर दोपहर 12.45 बजे तक संचालित हुई। इस विषय परीक्षा में शामिल होने के लिए 6,20,743 परीक्षार्थियों ने परीक्षा फार्म भरा था।  द्वितीय पाली में कला संकाय के परीक्षार्थियों के लिए जियोग्राफी तथा वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों के लिए बिजनेस स्टडीज विषय की परीक्षा दोपहर दो से शाम 5.15 बजे तक आयोजित हुई।  जियोग्राफी विषय में 5,51,337 तथा बिजनेस स्टडीज में 27,532 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। पटना जिले में भी तीसरे दिन दोनों पालियों की परीक्षा स्वच्छ, शांतिपूर्ण और कदाचार रहित माहौल में संपन्न हुई। आज अंग्रेजी व हिंदी की परीक्षा इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा के चौथे दिन शुक्रवार को प्रथम पाली में विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी विषय की परीक्षा सुबह 9.30 से दोपहर 12.45 बजे तक होगी। वहीं, द्वितीय पाली में कला संकाय एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों के लिए हिंदी विषय की परीक्षा दोपहर दो से शाम 5.15 बजे तक होगी।

अब ‘फार्मर रजिस्ट्री’ से PM-Kisan के साथ KCC लोन मिलना भी होगा आसान

दरभंगा. किसानों के लिए खेती-बाड़ी से जुड़ी सुविधाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब किसानों के लिए बनाई जा रही 'फार्मर रजिस्ट्री' पीएम-किसान सम्मान निधि की किस्त दिलाने में मदद करेगी। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनवाने और उसके नवीनीकरण (Renewal) में भी मील का पत्थर साबित होगी। KCC के लिए नहीं काटने होंगे दफ्तर के चक्कर सरकार की तैयार की जा रही इस डिजिटल रजिस्ट्री का सबसे बड़ा फायदा KCC धारकों को मिलेगा। अब तक किसानों को KCC लोन के लिए विभिन्न जगहों पर चक्कर काटने और जमीन के दस्तावेज (फर्द/जमाबंदी) जमा करने में काफी समय लगता था। लेकिन अब बैंकों के पास किसान का पूरा डिजिटल डेटा उपलब्ध होगा, जिससे पेपरलेस लोन बिना किसी लंबी कागजी कार्यवाही के लोन मंजूर हो सकेगा। तुरंत वेरिफिकेशन, सही लोन की सीमा और एक आईडी बैंक एक क्लिक पर किसान की जमीन और फसल का रिकॉर्ड देख सकेंगे। किसान कौन सी फसल उगा रहा है, उसके आधार पर लोन की राशि तय की जाएगी। इस रजिस्ट्री को एक 'यूनिक फार्मर आईडी' के रूप में देखा जा रहा है। इसका मकसद किसानों को बिचौलियों से बचाना और सीधे लाभ पहुंचाना है। फार्मर रजिस्ट्री बनने के बाद किसानों को निम्नलिखित फायदे भी मिलेंगे। PM-Kisan की किस्तें बिना किसी रुकावट के सीधे खाते में आएंगी। नुकसान होने पर बीमा क्लेम का पैसा जल्द और पारदर्शिता के साथ मिलेगा। मंडी में अनाज बेचते समय अलग से वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होगी। लाभुक और उनके पिता के नाम में त्रुटि से रही परेशानी बिहार के दरभंगा में किसानों को जमीन की जमाबंदी रसीद पर खाता-खसरा गायब होने, लाभुक और उनके पिता के नाम में त्रुटि होने, पूर्वजों के नाम पर जमीन का रसीद होने और भूमि का दाखिल-खारिज न होने जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि जमीन के रिकॉर्ड में त्रुटियों और आधार में नाम की अशुद्धि होने के कारण कई किसान सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। विशेष अभियान चलाकर समस्या को हल करने की कोशिश सरकार ने विशेष अभियान चलाकर इस समस्या को हल करने की कोशिश की है, लेकिन जमीनी हकीकत में कोई सुधार देखने को नहीं मिला रहा है। सरकार किसानों का डिजिटल पहचान पत्र बनवा रही है। यह किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि और कृषि योजनाओं का लाभ देने की योजना है। सरकार का दावा है कि इससे सभी योजनाओं तक किसानों की आसान और पारदर्शी तरीके से लाभ मिलेगा। फार्मर आईडी बनाना जरूरी दरभंगा के जिला कृषि पदाधिकारी डां.सिद्धार्थ ने बताया कि फार्मर आईडी बनाने को लेकर तृतीय चरण का कार्य 2 फरवरी से शुरू है। पीएम किसान सम्मान निधि लाभ के लिए फार्मर आईडी बनाना जरूरी है। जमाबंदी स्वंय का होना अनिवार्य है। कई जगहों से जमीन में नाम में अशुद्धि, खाता-खेसरा शून्य, रकवा शून्य आदि की समस्या देखने को मिल रहा है। हल्का कर्मचारी छोटी-मोटी अशुद्धि शिविर में तत्काल शुद्ध कर देते है।

प्रमोशन, पोस्टिंग पर फैसले के भरोसे पर काम पर लौटे राजस्व कर्मचारी

पटना. बिहार में राजस्व कर्मियों की हड़ताल खत्म हो गई और वे शुक्रवार से काम पर लौट आए. उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय सिन्हा के साथ बैठक के बाद बिहार राजस्व सेवा अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने फैसला लिया कि सभी अधिकारी शुक्रवार से काम पर लौट जायेंगे. उन सभी की मांगों पर उपमुख्यमंत्री ने विचार का आश्वासन दिया है. विजय सिन्हा ने बैठक में लिया फैसला साथ ही विजय सिन्हा ने यह भी कहा है कि प्रतिभा का सम्मान किया जाएगा. मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राजस्व सेवा अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की थी, जिसमें यह निर्णय लिया गया. राजस्व सेवा के अधिकारी अपनी कई मांगों को लेकर दो फरवरी 2026 से सामूहिक अवकाश पर थे. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व सेवा के अधिकारियों की मांग पर विचार किया जाएगा. 12 फरवरी को जारी होगी अधिसूचना बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि अब बिहार प्रशासनिक सेवा के नहीं बल्कि राजस्व सेवा के अधिकारी ही डीसीएलआर बनेंगे. बैठक के दौरान जो कुछ भी बातचीत हुई, इसे लेकर अधिसूचना 12 फरवरी को जारी की जाएगी. बैठक में और क्या-क्या लिए गए फैसले? राजस्व सेवा के अफसरों का सेकंड प्रमोशन डीसीएलआर के पद पर होगा. फिलहाल जो डीसीएलआर हैं, उनका इस पद पर पोस्टिंग नहीं होगी. अनुमंडल राजस्व अधिकारी के जिम्मे में सर्वे से जुड़े काम होंगे. डीसीएलआर के 11 पदों पर राजस्व सेवा के अधिकारी तैनात होंगे.

बिहार में पारा गिरने से बढ़ेगी ठंड और घना होगा कोहरा

पटना. राज्य के मौसम में बदलाव जारी है। दिन में धूप निकलने के साथ हल्की गर्मी का एहसास हो रहा है। जबकि, रात में ठंड सता रही है। तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के उत्तरी भागों के आठ जिलों के पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज में घना कोहरे का प्रभाव बन रहेगा। पटना सहित आसपास इलाकों में हवा की गति 40 किमी प्रतिघंटा रहने के साथ सुबह-शाम ठंड का असर बना रहेगा। एक से दो दिनों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों के अधिकतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट की संभावना है।  तापमान में गिरावट आने के साथ ठंड में वृद्धि के आसार तापमान में गिरावट आने के साथ ठंड में वृद्धि के आसार हैं। पछुआ के कारण प्रदेश का मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहेगा। राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस सिवान (जीरादेई) एवं 14.1 डिग्री सेल्सियस राजधानी का न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। बीते 10 वर्षों के दौरान राजधानी का न्यूनतम तापमान सबसे अधिक रहा। दो सौ मीटर के साथ वाल्मीकि नगर में सबसे कम दृश्यता दर्ज की गई। राज्य का न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस से 15.9 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। पटना का अधिकतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पटना सहित आसपास इलाकों में मौसम शुष्क बने होने के साथ सुबह-शाम ठंड का प्रभाव बना रहा। प्रमुख शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में) शहर     अधिकतम तापमान (°C)     न्यूनतम तापमान (°C) पटना     24.8     14.1 गया जी     25.6     11.6 भागलपुर     25.5     12.8 मुजफ्फरपुर     23.4     13.6

बिहार में पूर्णिया एयरपोर्ट से 4 महीने में 1 लाख यात्रियों ने भरी उड़ान

पटना. पटना और दरभंगा के बाद अब पूर्णिया एयरपोर्ट ने बिहार के विमानन क्षेत्र में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा दी है. उद्घाटन के महज चार महीनों के भीतर 1.10 लाख यात्रियों को उड़ान भरवाकर पूर्णिया एयरपोर्ट ने न सिर्फ रिकॉर्ड बनाया है. बढ़ती भीड़ और फुल फ्लाइट्स को देखते हुए इसे इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की दिशा में कदम तेज हो गए हैं. चार महीने में बदली सीमांचल की तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 17 सितंबर 2025 को उद्घाटन के बाद से ही पूर्णिया एयरपोर्ट यात्रियों की पहली पसंद बनता गया. सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लोगों के लिए यह एयरपोर्ट सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि वर्षों पुराने इंतजार का अंत साबित हुआ. चार महीनों में 1.10 लाख से अधिक यात्रियों का सफर करना इस बात का संकेत है कि यहां की डिमांड अनुमान से कहीं ज्यादा है. पूर्णिया एयरपोर्ट से दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद और हैदराबाद के लिए इंडिगो और स्टार एयर की पांच नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं. यात्रियों का उत्साह ऐसा है कि लगभग सभी फ्लाइट्स लगातार फुल बुकिंग के साथ उड़ान भर रही हैं. स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि एयरपोर्ट से न केवल पूर्णिया, बल्कि नेपाल सीमा से सटे इलाकों और पश्चिम बंगाल के करीब एक दर्जन जिलों को सीधा लाभ मिल रहा है. आंकड़े बताते हैं सफलता की रफ्तार एयरपोर्ट डायरेक्टर दीप प्रकाश गुप्ता के मुताबिक 12 दिसंबर तक यात्रियों की संख्या 50 हजार थी, लेकिन जनवरी खत्म होते-होते यह आंकड़ा एक लाख के पार पहुंच गया. मनिहारी-साहिबगंज पुल के पूरा होने के बाद यात्रियों की संख्या में और उछाल आने की उम्मीद जताई जा रही है. बढ़ती भीड़ को देखते हुए पूर्णिया एयरपोर्ट के विस्तार की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. 15 एकड़ अतिरिक्त जमीन एयरपोर्ट को सौंपी जा चुकी है, जहां अत्याधुनिक और स्थायी टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण प्रस्तावित है. अगले महीने टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है. नए टर्मिनल में विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ 500 गाड़ियों की पार्किंग क्षमता होगी. अधिकारियों का लक्ष्य भविष्य में यहां से मुंबई, बेंगलुरु और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ानें शुरू करना है. सीमांचल का नया पावरहाउस पूर्णिया एयरपोर्ट अब सिर्फ एक घरेलू हवाई अड्डा नहीं, बल्कि बिहार के एविएशन भविष्य का मजबूत स्तंभ बनता जा रहा है. जिस इलाके को कभी पिछड़ेपन की पहचान से जाना जाता था, वही आज विकास की उड़ान भरता दिख रहा है.

‘हमने देश को ऑक्सीजन दी और उन्होंने हमारी फैक्ट्रियों पर कब्जा किया’: CM हेमंत सोरेन

कोडरमा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज एक दिवसीय दौरे पर कोडरमा पहुंचे। कोडरमा के लोकाई मैदान में झामुमो द्वारा आयोजित सदस्यता ग्रहण समारोह में वो बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस दौरान उन्होंनो सभा में मौजूद पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि 25 साल का झारखंड आज स्वाभिमान से जी रहा है। एकीकृत बिहार में यह काफी पिछड़ा हुआ था। गुरु जी शिबू सोरेन ने लंबे संघर्ष कर अलग राज्य बनाया। जब भारत आजादी का सपना भी नहीं देखता था उसे समय झारखंड के लोग अंग्रेजों से लड़ रहे थे। यहां के सेनानी सिद्धू कानू चांद भैरव बिरसा ने लंबा संघर्ष किया। आजादी की लड़ाई झारखंड से शुरू उन्होंने आगे कहा आजादी की लड़ाई तो यहां के संघर्ष के बाद शुरू हुई। हम ऐसे वीर भूमि में पैदा हुए जहां लोगों जल जंगल जमीन की रक्षा करने की कुर्बानी दी। यह प्रदेश सैकड़ों वर्षों से सिर्फ देने का काम किया। कोई ऐसा खनिज नहीं जो यहां नहीं मिलता है। यहां की बेशकीमती खनिजों का सही तरीके से खनन कार्य हो तो कोई बेकारी नहीं रहती। कोडरमा में सबसे अधिक बाल मजदूर इसके साथ ही उन्होंने कि दुखद है कि कोडरमा में सबसे अधिक बाल मजदूर है। दूसरे राज्य चमकते रहे यहां के खनिज से और हमारे हिस्से में गरीबी बेकारी मिली। आजादी के बाद यहां  कल कारखाना लगे लेकिन यहां के लोग कोई लाभ नहीं हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि एक साजिश के तहत झारखंड को मजदूर प्रदेश बनाया गया।  कोरोना आने के बाद इस बात का खुलासा हुआ कि कितने बड़े पैमाने पर लोग बाहर में रहते हैं। मजदूरी करते हैं। लॉकडाउन आने के बाद इसका खुलासा हुआ। झारखंड के कितने लोग कोरोना में रास्तों पर मर गए। आपका बेटा हेमंत  पहला मुख्यमंत्री रहा जो यहां के मजदूरों के लिए अपने खर्चे से ट्रेन से लाया। दूसरे राज्य के लोग मर रहे थे और हम अपने मजदूरों को झारखंड ला रहे थे। केंद्र सरकार ने फैक्ट्री में कब्जा कर लिया उन्होंने दावा करते हुए कहा कि झारखंड में कोविड कैसे आया कैसे चला गया इसका भनक भी हमने नहीं लगने दिया। हमने झारखंड से पूरे देश को ऑक्सीजन सप्लाई करके लोगों को बचाया। बाद में केंद्र सरकार ने हमारे ऑक्सीजन फैक्ट्री में कब्जा कर लिया। हमारे लोगों को ऑक्सीजन नहीं मिलने लगा।

बाप-दादा के नाम वाली जमीन की वंशावली के आधार पर बनेगी किसानों की ID

भागलपुर. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी व फार्मर आईडी बनाने में कृषि व राजस्व विभाग की टीम हांफ रही है। नियमों में ढील मिलने की वजह से मंगलवार को जहां 25337 किसानों के फार्मर आईडी बनाए गए। वहीं, बुधवार को नियमों में फिर से सख्ती होने पर 4405 किसानों के ही फार्मर आईडी बनाए जा सके। फार्मर आईडी बनाने के मामले में भागलपुर नंबर वन पर था, यह पांचवें स्थान पर पहुंच गया। पीरपैंती में ई-केवाईसी व फार्मर रजिस्ट्री की स्थिति अच्छी नहीं है। खराब परफॉरमेंस के कारण खवासपुर पीरपैंती के किसान सलाहकार रामाशीष यादव, कोदवार कहलगांव के किसान सलाहकार सच्चिदानंद मंडल, महेशी अजगैवीनाथ के किसान सलाहकार रजनीकांत मिश्र व धर्मेंद्र कुमार को मुख्यालय बुला लिया गया है। उन्हें कारण बताओ नोटिस देकर 24 घंटे में उसका स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। जिले में अबतक दो लाख 74 हजार 158 के विरुद्ध एक लाख तीन हजार 745 किसानों के फार्मर आईडी बन चुके हैं। कहलगांव के प्रखंड विकास पदाधिकारी राजीव रंजन ने बताया कि खतियान यदि पिता, दादा या पूर्वजों के नाम है तो संबंधित किसानों का फार्मर रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। संयुक्त जमाबंदी में भी अलग अलग परिवार के सदस्यों का रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। पहले जिन किसानों के नाम खतियान में थे सिर्फ उन्हीं के रजिस्ट्रेशन किए जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को किसानों के एफआर बनने के कार्य में काफी तेजी आ गई थी। इसकी मूल वजह मूल जमाबंदी में आवेदक का नाम नहीं रहने के बाद भी वंशावली के आधार पर लाभ ले रहे नामों को साफ्टवेयर स्वीकार करने लगा था। सूत्र के अनुसार, जमाबंदी दादा और पिता के नाम से होने के बाद भी आवेदक का एफआर बनने लगा था। इसका निर्देश मुख्यालय से प्राप्त हुआ था। हालांकि, उसमें कुछ गलत एफआर बनने की सूचना मिलते ही बुधवार को इसे बंद कर दिया गया है। इससे फार्मर रजिस्ट्री का कार्य बुघवार को कम हुआ। सबौर के प्रखंड कृषि पदाधिकारी संजीव कुमार पाल ने बताया कि कल नाम में विसंगतियां होने के बाद भी किसानों का एफआर बन रहा था। बुधवार को पुन: पहले जैसी स्थिति हो गई है। नाम और जमाबंदी के नाम में अंतर होने पर सॉफ्टवेयर एक्सेप्ट नहीं कर रहा है। उन्होंने बताया कि सबौर का एफआर 50 प्रतिशत होना चाहिए था, जो हो गया है। सबौर प्रखंड में टोटल 7271 पीएम किसान लाभार्थी हैं। उनमें से अबतक 6547 किसानों के केवाईसी हो चुके हैं। जबकि 3956 किसानों के एफआर कर लिए गए हैं। इधर, जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी व उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह ई-केवाईसी व फार्मर रजिस्ट्री की लगातार मानीटरिंग कर रहे हैं। समीक्षा भवन में कृषि व राजस्व विभाग के अधिकारी लगातार इस कार्य पर नजर बनाए हुए हैं। बुधवार को छुट्टी के दिन भी जिलाधिकारी सहित सभी वरीय पदाधिकारी समीक्षा भवन में मौजूद रहे। इसमें लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।

जमशेदपुर के मानगो निकाय चुनाव में बन्ना और सरयू में सिंदूर पर महाभारत!

जमशेदपुर. मानगो नगर निगम चुनाव के अखाड़े में अब विकास के मुद्दे आइसीयू में चले गए हैं, उनकी जगह एक चुटकी सिंदूर और व्यक्तिगत चरित्र हनन ने ले ली है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने गुरुवार को पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के उन आपत्तिजनक आरोपों का चुन-चुनकर जवाब दिया, जिन्होंने शहर की राजनीति में भूचाल ला दिया था। राय ने दो टूक कहा कि जो व्यक्ति हर नारी को केवल देह की दृष्टि से देखता हो, उससे मर्यादा की उम्मीद करना ही बेमानी है। सियासी दंगल में गुरुवार को सरयू राय के तेवर रुद्र नजर आए। उन्होंने बन्ना गुप्ता को अल्पज्ञानी बताते हुए कहा कि किसी महिला के चरित्र पर अंगुली उठाना अक्षम्य अपराध है। राय ने स्पष्ट किया कि मधु और उनका पूरा शिक्षित परिवार (माता, बेटा और बेटी) उनके साथ रहता है। उन्होंने कहा, मैं रामार्चा पूजा में बैठता हूं, पंडित पूजा कराते हैं और संकल्प के समय कई महिलाएं मौजूद रहती हैं। बन्ना की सोच इतनी विकृत है कि उन्हें पवित्र संकल्प में भी केवल पति-पत्नी का रिश्ता दिखता है। बेहुदगी की भी एक सीमा होती है। सरयू राय ने बन्ना गुप्ता को आईना दिखाते हुए उनका वह अश्लील वीडियो याद दिलाया, जो विधानसभा चुनाव के कुछ दिन पहले रिलीज हुआ था। राय ने तीखा हमला करते हुए कहा, बन्ना गुप्ता को उस वीडियो वाली महिला को पत्नी के रूप में स्वीकार कर लेना चाहिए, क्योंकि सच्चाई सबके सामने है। जिसका अपना दामन दागों से भरा हो, वह दूसरों के सिंदूर और पूजा पर सवाल उठा रहा है। राय ने तंज कसा कि बन्ना गुप्ता मेयर पति बनकर नगर निगम के पैसों को लूटने की फिराक में हैं और इसी बौखलाहट में वे मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। दरअसल, इस विवाद की पटकथा बुधवार को बन्ना गुप्ता ने लिखी थी। एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बन्ना ने सरयू राय के निजी जीवन पर सीधा हमला करते हुए ''आपरेशन सिंदूर'' छेड़ा था। बन्ना ने सार्वजनिक रूप से पूछा था कि सरयू राय जिस महिला के साथ सालों से रामार्चा पूजा में पति-पत्नी के रूप में बैठते हैं, उनके सम्मान में अपनी चुप्पी क्यों नहीं तोड़ते? बन्ना ने व्यंग्य करते हुए कहा था कि अगर रिश्ता इतना ही गहरा है, तो सरयू राय उस महिला की मांग में सिंदूर क्यों नहीं भर देते और उन्हें समाज में पत्नी का दर्जा क्यों नहीं देते? बन्ना ने राय पर दोहरा चरित्र जीने का आरोप लगाते हुए उन्हें सार्वजनिक रूप से इस रिश्ते को स्वीकार करने की चुनौती दी थी। अब मानगो की चुनावी जंग पूरी तरह व्यक्तिगत ईगो और चरित्र हनन की भेंट चढ़ चुकी है। एक तरफ बन्ना गुप्ता ने सिंदूर को हथियार बनाया, तो दूसरी तरफ सरयू राय ने नैतिकता और पुराने वीडियो के जरिए पलटवार किया। मानगो की राजनीति में अब कीचड़ इतना गहरा हो गया है कि जनता विकास के कम और विवादों के चर्चे ज्यादा कर रही है। अब देखना यह है कि मानगो की महारानियों की इस लड़ाई में यह व्यक्तिगत हमला किसे ले डूबता है।

बिहार में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने 15 एयरपोर्ट्स का होगा रिनोवेशन

पटना. बिहार सरकार ने राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने के लिए 15 हवाई अड्डों के विकास की तैयारी शुरू कर दी है. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) से इन एयरपोर्ट्स की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है. रिपोर्ट मिलते ही जमीन पर निर्माण और विस्तार का काम शुरू होगा. सरकार का फोकस केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन इलाकों को भी हवाई सेवा से जोड़ने की योजना है, जहां अब तक उड़ान की सुविधा नहीं थी. मधुबनी, वीरपुर, मुंगेर, वाल्मीकिनगर, भागलपुर और सहरसा जैसे शहरों में 19-सीटर विमानों के परिचालन की संभावना का अध्ययन कराया जा रहा है. इसके लिए 2.43 करोड़ रुपये का भुगतान AAI को किया है. छोटे शहर, बड़ी उड़ान की तैयारी मोतिहारी और छपरा जैसे शहरों के लिए अलग से व्यवहार्यता अध्ययन कराया जा रहा है, जिस पर 1.21 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. वहीं, बेगूसराय के उलाव और गोपालगंज के सबेया सैन्य हवाई अड्डे को नागरिक उड़ानों के लिए उपयोगी बनाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं. हवाई अड्डों के विकास में सुरक्षा सबसे अहम कड़ी है. भागलपुर के सुल्तानगंज, बीरपुर, मुंगेर, वाल्मीकिनगर, मुजफ्फरपुर और सहरसा में ऑब्स्टेकल लिमिटेशन सरफेस सर्वे के लिए 2.90 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. इससे उड़ान मार्ग में आने वाली बाधाओं की पहचान होगी. दरभंगा बनेगा लॉजिस्टिक और कार्गो हब दरभंगा एयरपोर्ट को सिर्फ यात्री सेवा तक सीमित नहीं रखा जाएगा. यहां 50 एकड़ भूमि पर लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब विकसित करने की योजना है, जिसके लिए 138 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. सहरसा में रनवे विस्तार के लिए 12 एकड़ अतिरिक्त भूमि पर 147 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. भागलपुर के सुल्तानगंज में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए 931 करोड़ रुपये की लागत से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है. सोनपुर में 4228 एकड़ भूमि पर नए हवाई अड्डे की योजना है, जबकि रक्सौल और बिहटा में भी विस्तार के लिए राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है. रोजगार और निवेश को मिलेगी उड़ान इन परियोजनाओं से न सिर्फ हवाई सफर आसान होगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. बिहार सरकार का मानना है कि एयर कनेक्टिविटी मजबूत होने से राज्य की आर्थिक तस्वीर तेजी से बदलेगी.

बिहार के 12 जिलों में कोहरे का यलो अलर्ट

पटना. बिहार में कुदरत के मिजाज ने करवट ले ली है. उत्तर बिहार से लेकर सीमावर्ती इलाकों तक सफेद चादर पसरी नजर आ रही है. IMD ने राज्य के 12 जिलों के लिए ‘यलो अलर्ट’ जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है, बीते 24 घंटों में भागलपुर ने सबको ठिठुरने पर मजबूर कर दिया, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. आलम यह है कि सूरज ढलते ही कनकनी बढ़ जाती है और सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हो रही है, जिसने रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. IMD के अनुसार एक-दो दिनों तक यही स्थिति बनी रहने की संभावना है. घने कोहरे से बिगड़े हालात, विजिबिलिटी 100 मीटर तक सिमटी पिछले 24 घंटे में उत्तर बिहार के कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा. कई इलाकों में सुबह के समय विजिबिलिटी 50 से 100 मीटर के बीच दर्ज की गई. मौसम विभाग ने वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर हाइवे और ग्रामीण सड़कों पर सुबह-शाम अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है. भागलपुर में सबसे ज्यादा ठंड, उत्तर बिहार ज्यादा प्रभावित IMD के आंकड़ों के मुताबिक, भागलपुर में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा. उत्तर बिहार के जिलों में उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं और वातावरण में नमी की वजह से कोहरे का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इसी कारण सुबह के वक्त घना कोहरा बन रहा है. पश्चिमी विक्षोभ नहीं, इसलिए बारिश के आसार नहीं मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल कोई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है. इसी वजह से बिहार में बारिश की संभावना नहीं जताई गई है. हालांकि, ठंड और कोहरे का यह दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है. दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, लेकिन सुबह और शाम कनकनी बनी रहेगी. पटना में कोहरा हल्का, पर ठंड का एहसास रहेगा राजधानी पटना में यलो अलर्ट तो जारी नहीं किया गया है, लेकिन सुबह के समय हल्का कोहरा और ठंडी हवा लोगों को ठिठुरन का एहसास कराएगी. दिन में धूप निकलने के बाद मौसम साफ हो जाएगा. पटना में न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री और अधिकतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों तक उत्तर बिहार के सीमावर्ती जिलों में कोहरे का असर बना रह सकता है. धीरे-धीरे तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है. दक्षिण बिहार के जिलों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा और दिन में धूप लोगों को राहत देगी. फिलहाल किसी बड़े मौसमी बदलाव के संकेत नहीं हैं.