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एक साथ 5000 छात्र कर सकेंगे पढ़ाई झारखंड की इस मेगा लाइब्रेरी में दिखेंगी परमवीर चक्र विजेताओं की गाथाएं

झारखंड  झारखंड की राजधानी रांची के मोराबादी में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल तेजी से आकार ले रही है. यहां पर करीब 65 करोड़ रुपये की लागत से मेगा अत्याधुनिक लाइब्रेरी बनाई जा रही है. यह लाइब्रेरी सूबे के छात्रों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आ रही है. रविवार को झारंखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इसका निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का जायजा लिया. एक साथ 5000 छात्रों के बैठने की सुविधा यह लाइब्रेरी अपने आप में बेहद खास होगी, जहां एक साथ करीब 5,000 छात्र बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे. हर फ्लोर पर मॉडर्न रीडिंग रूम बनाए जा रहे हैं, जिससे छात्रों को बेहतर और शांत वातावरण मिल सके. इसके साथ ही ग्राउंड फ्लोर पर कैफेटेरिया की सुविधा भी विकसित की जा रही है, ताकि छात्रों को पढ़ाई के बीच आराम और रिफ्रेशमेंट मिल सके. सीनियर सिटीजन्स के लिए विशेष व्यवस्था इस लाइब्रेरी की खास बात यह होगी कि इसमें हर आयु वर्ग के लोगों को सुविधा मिलेगी. पहली मंजिल पर सीनियर सिटीजन्स के लिए अलग व्यवस्था की जा रही है. इसका उद्देश्य यह है कि बुजुर्ग भी यहां आकर पढ़ें और समय बिताएं. परमवीर चक्र विजेताओं को मिलेगा सम्मान इस लाइब्रेरी को सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि प्रेरणा का केंद्र भी बनाया जा रहा है. प्रस्ताव रखा गया है कि यहां परमवीर चक्र से सम्मानित 21 वीर सपूतों के चित्र लगाए जाएं. राज्यपाल ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए निर्देश दिया है कि पूरी पहली मंजिल को इन वीरों को समर्पित किया जाए, जहां उनके शौर्य और बलिदान की कहानियां भी प्रदर्शित होंगी. जून तक पूरा होने की उम्मीद निर्माण कार्य तेजी से जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि यह लाइब्रेरी जून तक बनकर तैयार हो जाएगी. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जून या जुलाई में इसका उद्घाटन कर दिया जाए, ताकि छात्र जल्द से जल्द इसका लाभ उठा सकें. आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मिलेगा लाभ इस लाइब्रेरी को एक ट्रस्ट के माध्यम से संचालित किया जाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे छात्रों तक महंगी किताबें और संसाधन पहुंचाना है, जो आर्थिक तंगी के कारण उन्हें खरीद नहीं पाते. इससे शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर को बढ़ावा मिलेगा. कोल इंडिया और सीसीएल का अहम योगदान इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करने में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और सेंट्रल कोल फील्ड लिमिटेड (सीसीएल) का बड़ा योगदान रहा है. इनके सहयोग से यह लाइब्रेरी आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रही है. शिक्षा का नया केंद्र बनेगा मोराबादी रांची के बीचों-बीच, कई विश्वविद्यालयों के पास स्थित यह लाइब्रेरी आने वाले समय में पूरे झारखंड के छात्रों के लिए एक प्रमुख शिक्षा केंद्र बन सकती है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह पहल सिर्फ एक इमारत तक सीमित रहती है या राज्य के भविष्य को नई दिशा देने वाला ज्ञान का सबसे बड़ा हब बनती है.

इन्फ्रास्ट्रक्चर को बूस्ट: बिहार में 26 NH प्रोजेक्ट जल्द शुरू, जमीन अधिग्रहण में तेजी

पटना. राष्ट्रीय उच्च पथ (एनएच) की 26 परियोजनाओं के लिए वन विभाग की 711.92 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि केंद्र सरकार के कानून के तहत प्रतिपूरक वनीकरण की जिम्मेदारी संबंधित निर्माण एजेंसी की होगी। पथ निर्माण विभाग के सचिव के स्तर से एनएच की संबंधित परियोजनाओं की मानीटरिंग की जा रही है। पथ निर्माण विभाग के सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय उच्च पथ परियोजनाएं राज्य की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने, निवेश आकर्षित करने एवं समग्र आर्थिक विकास को गति प्रदान करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया गया है। यह बताया गया कि 711.92 हेक्टेयर वन भूमि से संबंधित प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर विधिवत अग्रसारित किया गया है। वन विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ सतत समन्वय स्थापित कर आवश्यक स्वीकृतियां शीघ्र प्राप्त करने की दिशा में ठोस पहल की गयी है। विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा कि किसी भी महत्वपूर्ण परियोजना में अनावश्यक विलंब की स्थिति उत्पन्न न हो। कुदरा में एनएच निर्माण बना मुसीबत  कैमूर जिले के कुदरा प्रखंड मुख्यालय से सकरी गांव तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) और परिवहन विभाग की लापरवाही के कारण सड़क सुरक्षा पूरी तरह सवालों के घेरे में है। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर चल रहा सिक्स लेन निर्माण कार्य पिछले कई महीनों से अधूरा पड़ा है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार कुदरा से सकरी गांव तक एनएच-19 और उसकी सर्विस सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। निर्माण कार्य के दौरान जगह-जगह गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं, लेकिन उन्हें भरने या समतल करने की दिशा में तत्परता नहीं दर्शायी जा रही है। सर्विस सड़क और उसके किनारे बने फुटपाथ भी इस हालत में हैं कि पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। स्थिति और भी गंभीर तब हो जाती है जब कई स्थानों पर बैरियर लगाकर आवागमन बाधित कर दिया जाता है। इससे वाहनों को अचानक दिशा बदलनी पड़ती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। खासकर रात के समय और बारिश में यह मार्ग और अधिक खतरनाक हो जाता है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण कार्य में हो रही देरी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाती है। लोगों का आरोप है कि न तो पर्याप्त चेतावनी संकेत लगाए गए हैं और न ही वैकल्पिक रास्तों की समुचित व्यवस्था की गई है। गौरतलब है कि कुदरा थाना क्षेत्र में हाल के दिनों में सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। ऐसे में एनएच-19 की बदहाल स्थिति और अधूरा निर्माण कार्य हादसों को और आमंत्रित कर रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराया जाए, गड्ढों को भरकर सड़क को सुरक्षित बनाया जाए तथा पर्याप्त संकेतक और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

15 अप्रैल तक नहीं पहुंचीं नई किताबें, बिहार के स्कूलों में पुरानी किताबों से ही पढ़ाई जारी

पटना. जिले के सरकारी स्कूलों में वार्षिक परीक्षा के बाद आगे की कक्षा में प्रोमोट होने वाले स्कूली बच्चों को पुरानी किताबें स्कूल में जमा करने के लिए कहा गया है। जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार, पुरानी जमा लेने के बाद नई किताबों को मिलाकर बच्चों को वितरित किया जाएगा। पुरानी किताबों की उपलब्धता नहीं होने की स्थिति में ही बच्चों को नई किताबें दी जाएंगी। जिले में कक्षा एक से आठवीं की करीब 50 हजार पुरानी किताबें वापस होने की उम्मीद है। बहुत पुरानी और फटे हुए किताब वितरित नहीं की जाएगी। उनकी जगह नई किताबें दी जाएंगी। सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से 9वीं तक की नई किताबें पहुंचनी शुरू हो गई है। पहले चरण में नया सत्र शुरू होने से पहले चार लाख 25 हजार किताबें स्कूलों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। जिले के प्राथमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों की ओर से 7,25,189 नई किताबों की मांग की गई है। विभागीय आदेश के अनुसार, बच्चों को किताबें उपलब्ध कराने के बाद स्कूलों के निरीक्षण करने वाले अधिकारी यह भी जांच करेंगे नई किताबें उपलब्ध कराई गई हैं या नहीं। इसकी की रिपोर्ट विभाग को देंगे। 15 अप्रैल तक पहुंचाने का लक्ष्य मांग की गई किताबों को 15 अप्रैल तक स्कूलों में पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि, स्कूलों में एक अप्रैल से नए सत्र की पढ़ाई प्रारंभ होगी। प्रधानाध्यापक को निर्देशित किया गया कि जब तक नई किताबें नहीं पहुंच पातीं, तब तक वे पुरानी से ही बच्चों को पढ़ाया जाएगा। जिले में कक्षा एक से आठवीं तक वर्गवार नामांकित बच्चे कक्षा     बच्चों की संख्या     किताबों की संख्या     प्रति बच्चा किताबें (औसत) कक्षा 1     46,732     41,568     0.89 कक्षा 2     60,260     50,056     0.83 कक्षा 3     68,380     59,649     0.87 कक्षा 4     76,868     66,779     0.87 कक्षा 5     79,229     67,567     0.85 कक्षा 6     67,402     57,699     0.86 कक्षा 7     64,417     53,817     0.84 कक्षा 8     64,335     52,144     0.81 कुल     5,27,623     4,49,279     0.85 कुल छात्र: 5,27,623 कुल किताबें: 4,49,279

थाने जाने की जरूरत खत्म! बिहार में डिजिटल पुलिसिंग, घर बैठे मिलेंगी सभी सेवाएं

पटना. किराएदार, घरेलू सेवक या वाहन चालक का सत्यापन कराना हो, लापता-अपहृत या अज्ञात व्यक्ति का विवरण देना हो अथवा खोई-पाई संपत्ति की जानकारी देनी हो, अब थाने का चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। आम लोगों से जुड़ी ऐसी तमाम सुविधाएं अब घर बैठे नागरिक सेवा पोर्टल पर एक क्लिक में उपलब्ध होंगी। इसके लिए सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस के तहत बिहार पुलिस को और भी स्मार्ट बना दिया है। सरकार ने इसके लिए स्मार्ट नागरिक सेवा पोर्टल जारी किया है। इस स्मार्ट पोर्टल https://citizenservices.bihar.gov.in की खासियत यह है कि इसमें लॉग इन किए बिना भी प्राथमिकी की प्रति प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा कोई भी गुप्त जानकारी दे सकता है। साथ ही उद्घोषित या इनामी अपराधी की जानकारी देख सकते हैं। यह सेवा पारदर्शिता बढ़ाने व नागरिकों को त्वरित सूचना देने के लिए शुरू की गई है। लॉग इन करने पर मिलेंगी दो तरह की सेवाएं ऑनलाइन प्राथमिकी की सुविधा देने वाला स्मार्ट नागरिक पोर्टल पुलिस व जनता के बीच दूरी कम करने में काफी कारगर साबित हुआ है। अब इसमें नई सेवाएं जुड़ने से यह पोर्टल और भी अधिक उपयोगी हो जाएगा। इसका विस्तार कर दिया गया है। citizenservices.bihar.gov.in वेबसाइट पर लॉग इन करने के बाद लोगों को 11 तरह की अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। अभी तक तमाम मामलों में लोगों को थाने का चक्कर लगाना पड़ता था। इस बात की लगातार शिकायते मिलती रहती हैं कि पीड़ित को थाने से लौटा दिया गया। उसकी शिकायत नहीं सुनी गई। छोटे-छोटे मामलों में अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही कार्रवाई की उम्मीद जगती थी। अब इस पोर्टल लॉग इन करने के बाद लापता या अपहृत व्यक्ति की रिपोर्ट दर्ज करना, खोई वस्तु की जानकारी देना, अज्ञात व्यक्ति या शव की पहचान से जुड़ी जानकारी देखना, वांछित या गिरफ्तार अपराधियों का विवरण प्राप्त करना और ई-शिकायत दर्ज करना जैसी सेवाएं काफी सहज हो जाएंगी। ऐसी सूचनाएं हासिल करने मे स्थानीय पुलिस का हस्तक्षेप न्यूनतम होगा। सत्यापन व पंजीकरण से जुड़ी सेवाएं भी इस पोर्टल पर उपलब्ध हैं। आमजन चालक का चरित्र सत्यापन, किराएदार या घरेलू सहायक के चरित्र का सत्यापन, वरिष्ठ नागरिकों का ऑनलाइन पंजीकरण, खोई या बरामद संपत्ति की जानकारी प्राप्त करना आदि सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। इससे आमजन को अब छोटी-छोटी जरूरतों के लिए थाने जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

ऑनलाइन तस्करी का बड़ा भंडाफोड़: Amazon पैकेट में मछली दाने की जगह निकली 314 लीटर शराब

समस्तीपुर. बिहार के समस्तीपुर जिले में मुफस्सिल थाने की पुलिस ने शनिवार को अमेजन (ऑनलाइन शापिंग कंपनी) के डिलीवरी सर्विस पार्सल पार्टनर विंग के आफिस में छापा मारकर शराब की खेप बरामद की। यहां मछली दाना की बुकिंग की आड़ में शराब की तस्करी की जा रही थी। पुलिस को इसकी सूचना मिलने पर यह कार्रवाई की गई। इस संबंध में तीन लोगों पर प्राथमिकी की गई है। शराब की यह खेप शराब कल्याणपुर थाना क्षेत्र के लदौरा पंचायत भवन के समीप वीरेंद्र कुमार के यहां डिलीवर होनी थी। इसे प्लास्टिक की 20 बाल्टियों में पैक किया गया था। जितवारपुर स्थित वेयर हाउस में पार्सल से शराब की गंध आने के बाद कूरियर कंपनी ने इसकी सूचना अमेजन के प्रतिनिधि और पुलिस को दी। पार्सल खोला तो पुलिस के उड़े होश मौके पर पहुंची पुलिस ने पार्सल को खोला तो होश उड़ गए। बोरे के भीतर प्लास्टिक की बाल्टी में मछली दाना की जगह शराब भरी थी। पुलिस टीम ने एक-एक कर सभी 20 बंद पैकेट को खोलकर देखा और जब्त कर लिया। कुल 252 लीटर बीयर और 62 लीटर अंग्रेली शराब मिली। बोतलों को बाल्टी के अंदर रखकर उसे जूट के बोरे से इस तरह पैक किया गया था कि पता नहीं चल सके। इस दौरान एक पैकेट से शराब जैसी महक आने पर कूरियर कर्मी ने टीम लीडर को सूचना दी। मुंबई से भेजा गया था पार्सल जांच में पता चला कि मुंबई के रहने वाले सेलर आदर्श कुमार और गुंजेश कुमार ने यह पार्सल रांची से भेजा था। इसकी सप्लाई वीरेंद्र कुमार को होनी थी। इन तीनों के खिलाफ कूरियर कंपनी के चैनल टीम लीडर केशव कुनाल सिन्हा ने प्राथमिकी कराई है। एफआइआर में मोबाइल नंबर और पैन कार्ड की जानकारी भी कंपनी ने पुलिस को दी है। थानाध्यक्ष अजीत प्रसाद सिंह ने बताया कि शराब जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। ऑनलाइन शापिंग साइट का उपयोग कर शराब मंगाना कानून का गंभीर उल्लंघन है। इस नेटवर्क को खंगालने का काम जारी है।

Avalanche Tragedy: लद्दाख में शहीद हुआ नालंदा का जवान, अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़

नूरसराय/नालंदा. देश की सरहदों की रक्षा करते हुए बिहार के नालंदा जिले के एक वीर सपूत ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र के मोकरमपुर मिर्चायगंज निवासी जेसीओ सुमन कुमार सिंह उर्फ पंकज (45) लद्दाख में ड्यूटी के दौरान हिमस्खलन (एवलांच) की चपेट में आ गए थे। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। जैसे ही देर रात उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। बर्फ में दबने से बिगड़ी हालत, इलाज के दौरान मौत जानकारी के अनुसार, 26 मार्च को लद्दाख में तैनाती के दौरान अचानक आए भीषण हिमस्खलन में सुमन कुमार सिंह बर्फ के नीचे दब गए। सेना के बचाव दल ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर तत्काल लखनऊ स्थित आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां 27 मार्च को डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि वे पहले से पीलिया और ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से भी जूझ रहे थे। परिवार का सहारा थे सुमन, सेना से जुड़ा है घराना सुमन कुमार सिंह अपने परिवार के मजबूत स्तंभ थे। वे दो भाइयों में बड़े थे, जबकि उनके छोटे भाई वर्तमान में सीआईएसएफ में कार्यरत हैं। अपने पीछे वे पत्नी नीलम सिंह, दो बेटियां स्नेहा और सलोनी तथा दो बेटे अंश राज और यशराज छोड़ गए हैं। बड़ी बेटी इंटर और छोटी बेटी मैट्रिक की छात्रा है। पिता के बलिदान की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ‘अमर रहें’ के नारों के बीच दी गई अंतिम विदाई शहीद का पार्थिव शरीर जैसे ही गांव पहुंचा, पूरा इलाका ‘शहीद सुमन कुमार अमर रहें’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। प्रशासन और सेना के अधिकारियों की मौजूदगी में बाढ़ के उमानाथ घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। मां की आंखें नम, आखिरी बातचीत को किया याद शहीद की मां ने बताया कि 13 मार्च को बेटे से आखिरी बार बात हुई थी। उसने कहा था, “आप चंडीगढ़ चली जाइए, बच्चों का ख्याल रखिएगा।” उन्होंने बताया कि बेटे ने दवा भी मंगवाकर दी थी और खुद का ख्याल रखने को कहा था। मंत्री श्रवण कुमार ने दी श्रद्धांजलि बलिदान की सूचना मिलते ही बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं परिवहन मंत्री श्रवण कुमार शहीद के घर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश ने एक वीर योद्धा खोया है, लेकिन हमें उनके बलिदान पर गर्व है।

Hemant Soren in Assam: JMM का चुनावी बिगुल आज, सोरेन संभालेंगे कमान

रांची. असम विधानसभा चुनाव को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शुक्रवार शाम असम पहुंच गए, जहां वे 28 मार्च से पार्टी के चुनावी प्रचार अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे। उनका पहला कार्यक्रम कोकराझार जिले के गोसाई गांव विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित है, जहां वे एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। झामुमो के लिए यह चुनाव महज विस्तार का प्रयास नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने की रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री अगले कुछ दिनों तक असम में ही रहेंगे और विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में लगातार सभाएं करेंगे। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में अभियान को धार पार्टी अध्यक्ष के रूप में हेमंत सोरेन खुद पूरे चुनावी अभियान की कमान संभाल रहे हैं। झामुमो ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह असम में अपने दम पर चुनाव लड़ रही है और इसके लिए संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय किया गया है। पार्टी महासचिव विनोद पांडेय असम में लगातार कैंप कर रहे हैं और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। उनके नेतृत्व में स्थानीय समीकरणों और मुद्दों के आधार पर प्रचार की रूपरेखा तैयार की जा रही है। स्टार प्रचारकों की तैनाती, संगठन हुआ सक्रिय झामुमो ने अपने 20 स्टार प्रचारकों की सूची चुनाव आयोग को सौंप दी है। इसमें हेमंत सोरेन के अलावा डा. सरफराज अहमद, सुप्रियो भट्टाचार्य, जोबा मांझी, दीपक बिरुआ, चमरा लिंडा, कल्पना मुर्मू सोरेन, अभिषेक प्रसाद और डा. महुआ माजी जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं। पार्टी के कई मंत्री और विधायक जैसे दीपक बिरुआ, चमरा लिंडा और आलोक सोरेन, एमटी राजा पहले ही असम पहुंचकर स्थानीय स्तर पर चुनावी गतिविधियों को गति दे रहे हैं। चुनिंदा क्षेत्रों पर फोकस, स्थानीय मुद्दों पर जोर झामुमो की रणनीति असम के चुनिंदा विधानसभा क्षेत्रों में अपने प्रभाव को मजबूत करने पर केंद्रित है। पार्टी स्थानीय सामाजिक-आर्थिक मुद्दों को प्रमुखता देते हुए मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। हेमंत सोरेन की सभाएं झामुमो कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने के साथ-साथ पार्टी को नए क्षेत्रों में पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

Education Revolution: बिहार के स्कूलों में पढ़ाई जाएगी AI, बच्चों को मिलेगी टेक्नोलॉजी की नई ताकत

पटना. राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा आठ से 12 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रोग्राम लागू करने की तैयारी है। इसके लिए राज्य सरकार ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है। यह प्रोग्राम एनसीईआरटी के तैयार मॉडल पर आधारित होगा। इस मॉडल में दीक्षा प्लेटफार्म में आई से वीडियो सर्च और रीड-अलाउड टूल जैसी सुविधाएं हैं, जो छात्र-छात्राओं के लिए बहुत उपयोगी हैं। कक्षा आठ से 12 के छात्र-छात्राओं को एआइ और डिजिटल कौशल सिखाता है, ताकि वे भविष्य के लिए तैयार हों। स्कूली छात्रों को एआई एजुकेशन उपलब्ध कराने की पहल शिक्षा विभाग के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रसार दुनिया भर में तेजी से हो रहा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए आई एजुकेशन प्रोग्राम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में सरकार ने भी स्कूली छात्रों को एआई एजुकेशन उपलब्ध कराने की पहल शुरू की है। इस उद्देश्य के साथ राष्ट्रीय स्तर पर स्किलिंग फार एआइ रीडनेस प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। इस प्रोग्राम के माध्यम से कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्रों को एआइ एजुकेशन उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्रोग्राम के तहत कक्षा छह से 12 तक के स्कूली छात्रों को कई महत्वपूर्ण बातें सिखाई जाएंगी। इसमें मशीन लर्निंग, न्यूरल नेटवर्क, एआई के जिम्मेदाराना उपयोग जैसी बुनियादी बातें शामिल हैं। इसके करिकुलम को ग्लोबल मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। एआई प्रोग्राम के तीन मॉडल स्किलिंग फार एआई रीडनेस प्रोग्राम में स्कूली छात्रों के लिए तीन माड्यूल बनाए गए हैं, जो प्रत्येक 15 घंटे का है।इसमें एआई टू बी अवेयर, एआई टू एक्वायर और एआई टू एस्पायर शामिल है। इसी तरह स्किलिंग फार एआई रीडनेस प्रोग्राम है।  इस प्रोग्राम में जनरेटिव एआई, एआई की मूल बातें, प्रोग्रामिंग के मूल सिद्धांत, दैनिक जीवन में एआई, साइबर सुरक्षा और एआइ में करियर के अवसर जैसी अवधारणाएं शामिल हैं।

राजगीर दौरे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, 31 मार्च को नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में होंगी शामिल

राजगीर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 31 मार्च को बिहार में राजगीर के दौरे पर आएंगी, जहां वह नालंदा विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक जानकारी दी। यह अवसर नालंदा विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि नव-निर्मित स्थायी परिसर में आयोजित होने वाला यह पहला दीक्षांत समारोह होगा। इस परिसर का उद्घाटन जून 2024 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया था। पुनरुद्धार के बाद यह विश्वविद्यालय का दूसरा दीक्षांत समारोह है; पहला समारोह वर्ष 2016 में आयोजित हुआ था। विश्वविद्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक राष्ट्रपति इस अवसर पर दीक्षांत भाषण देंगी, विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान करेंगी तथा मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित भी करेंगी। इसके साथ ही वह विश्वविद्यालय के नवनिर्मित 2,000 सीटों वाले सभागार "विश्वमित्रालय" का उद्घाटन भी करेंगी। कुल 10 PHD उपाधियां और 36 स्वर्ण पदक किए जाएंगे प्रदान दीक्षांत समारोह में स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट पाठ्यक्रमों के सभी विद्यार्थियों को व्यक्तिगत रूप से डिग्री प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया गया है। ये विद्यार्थी अर्जेंटीना, वियतनाम, भूटान, इंडोनेशिया, केन्या, लाओस, म्यांमार, सर्बिया, घाना, थाईलैंड, नेपाल, बांग्लादेश और जिम्बाब्वे सहित विभिन्न देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं। समारोह में कुल 10 पीएचडी उपाधियां और 36 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे, जो विश्वविद्यालय की बढ़ती वैश्विक पहचान को दर्शाते हैं। इस अवसर पर "मंजिरी" नामक एक विशेष पत्रिका का भी विमोचन किया जाएगा, जो विश्वविद्यालय के मौजूदा छात्रों द्वारा तैयार की गई है। कई गणमान्य अतिथि होंगे शामिल इसमें प्रथम बैच से लेकर अब तक के पूर्व छात्रों की यात्राओं, अनुभवों और उपलब्धियों को संकलित किया गया है। इसके अतिरिक्त, दिन के उत्तरार्ध में दक्षिण-पूर्व एशियाई अध्ययन केंद्र का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इस केंद्र की घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22वें आसियान–भारत शिखर सम्मेलन के दौरान की थी। करीब नौ वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित हो रहे इस दीक्षांत समारोह में देश-विदेश से आए छात्र, उनके परिजन और कई गणमान्य अतिथि शामिल होंगे। प्रमुख अतिथियों में बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर तथा विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पेरियासामी कुमारन शामिल रहेंगे।  

Ranchi Traffic Update: वीआईपी मूवमेंट के कारण कई सड़कों पर एंट्री बंद, जानें नए रूट

रांची. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के 28 मार्च को प्रस्तावित रांची दौरे को लेकर जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक यातायात व्यवस्था लागू कर दी है। उनके आगमन, एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक आवागमन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहर के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों के प्रवेश और परिचालन पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस अधीक्षक (यातायात) कार्यालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, शुक्रवार को सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक रांची शहर के भीतर बड़े और छोटे मालवाहक वाहनों, बसों तथा अन्य वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। हालांकि, आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। भारी वाहनों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए रिंग रोड का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है। ट्रैफिक को डायवर्ट या पूरी तरह से रोका भी जा सकता है ट्रैफिक प्लान के तहत रांची से खूंटी और कांके की ओर जाने वाले वाहनों को रिंग रोड के जरिए अपने गंतव्य तक भेजा जाएगा। वहीं, शहर के अंदर प्रवेश करने वाले वाहनों को भी निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर विभिन्न मार्गों पर थोड़े समय के लिए ट्रैफिक को डायवर्ट या पूरी तरह से रोका भी जा सकता है। रामपुर चौक तक बड़े वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक शहर के प्रमुख चौक-चौराहों—हिनू चौक, बिरसा चौक, अरगोड़ा चौक, किशोरगंज चौक, न्यू मार्केट चौक, कचहरी चौक, होटल चौक, राम मंदिर चौक, एटीआई मोड़ और राधाकृष्ण चौक पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इन क्षेत्रों में सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे के बीच ऑटो, ई-रिक्शा और अन्य सवारी वाहनों के परिचालन पर भी आवश्यकता अनुसार प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इसके अलावा नया सराय रिंग रोड से रामपुर चौक तक बड़े वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। जमशेदपुर और बुंडू की ओर से आने वाले वाहनों को रिंग रोड से डायवर्ट करते हुए शहर में प्रवेश कराया जाएगा, जबकि रांची से जमशेदपुर जाने वाले वाहनों को दुर्गा सोरेन चौक से टाटीसिलवे होते हुए रिंग रोड के रास्ते भेजा जाएगा। यात्रा से पहले ट्रैफिक प्लान की जानकारी लेकर निकलें खूंटी रोड स्थित ओटीसी और सदाबहार चौक के बीच भी बड़े वाहनों, बसों और सवारी गाड़ियों के परिचालन पर रोक लागू रहेगी। प्रशासन ने बताया कि आकस्मिक सेवा वाले वाहन जैसे एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड आदि को सभी प्रतिबंधों से छूट रहेगी।  प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक प्लान की जानकारी लेकर ही घर से निकलें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, ताकि अनावश्यक जाम की स्थिति से बचा जा सके। सुरक्षा एजेंसियों और ट्रैफिक पुलिस को हर प्रमुख प्वाइंट पर तैनात किया जाएगा, जिससे वीआईपी मूवमेंट के दौरान किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो।