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मुख्यमंत्री नितीश ने नववर्ष की दी शुभकामनाएँ

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रदेश एवं देशवासियों को नये वर्ष 2026 की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें दी हैं। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की है कि वर्ष 2026 समस्त बिहारवासियों एवं देशवासियों के लिए सुख, शान्ति, सद्भाव, समृद्धि एवं अनंत सफलताओं का वर्ष होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया है कि आनेवाले वर्ष में बिहार देश ही नहीं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना सकेगा। उन्होंने कहा है कि नववर्ष में सबके सम्मिलित प्रयास से सुखी, समृद्ध एवं गौरवशाली बिहार के निर्माण का संकल्प पूरा होगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नवचयनित 1910 पदाधिकारियों, कर्मचारियों को दिए नियुक्ति पत्र

रांची. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज जेएसएससी द्वारा आयोजित झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 (सीजीएल)  के माध्यम से विभिन्न पदों के लिए चयनित 1910 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर नव वर्ष का बड़ा उपहार दिया। इस बाबत मोरहाबादी मैदानए रांची में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में नव नियुक्त अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कि जिस तरह अपने कठिन परिश्रम और संघर्ष से यह मुकाम प्राप्त किया हैए उसी तरह  पूरी निष्ठाए लगन सेवा भावना और कार्यशैली से राज्य को आगे ले जाने का दायित्व भी निभाएंगे। आपका सरकार के अंग के रूप में इस राज्य की जनता से जुड़ना इस प्रदेश के विकास को नया आयाम देगा। इरादे नेक हों तो सफलता जरूर मिलती है  मुख्यमंत्री ने कहा कि जेएसएससी. सीजीएल को लेकर तरह . तरह की चुनौतियां आईं। लंबे समय तक परीक्षा में व्यवधान पैदा होता रहा। लेकिनए मैने कहा था कि इरादे नेक हों तो सफलता जरूर मिलती है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार सीजीएल परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी रही। हालांकिए इस दौरान कुछ संगठित गिरोह साजिश रचने का प्रयास करते रहे। लेकिनए हमारी सरकार और जेएसएससी ने इस परीक्षा के आयोजन से लेकर न्यायालय तक पूरी पारदर्शिता के साथ सभी बातों को रखा । इसी का नतीजा है कि विरोधी तत्वों की साजिशें नाकाम हुईंए और आपकी मेहनत और संघर्ष की जीत हुई। लंबे इंतजार के बाद आज नियुक्ति पत्र मिलने से आप खुश हैं । आपका परिवार खुश है ।मुझे भी खुशी है कि इतनी बड़ी संख्या में राज्य के नौजवानों को नियुक्ति पत्र देने का अवसर एक बार फिर प्राप्त हुआ है। नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले जेल जाएंगे  मुख्यमंत्री ने अभ्यर्थियों से कहा कि आपने लंबे समय तक संघर्ष किया । इस दौरान कई तरह की परिस्थितियों से आप गुजरे होंगे। इस बात को हम भी अच्छी तरह महसूस करते हैं। मैं आपसे कहना चाहता हूं कि सरकार द्वारा पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ नियुक्ति परीक्षाएं आयोजित की जा रही है।  ऐसे में अगर  नौजवानों के भविष्य के साथ जो भी खिलवाड़ अथवा साजिश रचने का प्रयास करेगाए उसे जेल भेजने का काम किया जाएगा। अन्य नौजवानों को भी काबिल बनाने में कर सहयोग  मुख्यमंत्री ने कहा कि नौजवानों का भविष्य संवारने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों से कहा कि आपने जिस कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है । वैसा ही आपके अगल.बगल में रहने वाले नौजवान भी काबिल बनेए इसमें  आप उन्हें जरूर सहयोग करें। जब हर युवा अपने पैरों पर खड़ा होगा तो राज्य भी मजबूत बनेगा। नौकरी के साथ आपकी सुरक्षा का भी पूरा ख्याल  मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह राज्य में नियुक्तियों का सिलसिला जारी हैए वैसे ही सरकारी कर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इस सिलसिले में विभिन्न बैंकों के साथ राज्य सरकार ने एमओयू किया है।  इसके तहत दुर्घटना की स्थिति में एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता के साथ कई सुविधाएं भी मिलेगी। यह सुविधा स्थायी कर्मियों के साथ अनुबंध कर्मियों को भी मिल  रहा है। आपकी कार्यशैली से सरकार की छवि बनती है  मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त अभ्यर्थियों से कहा कि आप सरकार के अंग के रूप में अब जुड़ रहे हैं। ऐसे में आपका काम काफी मायने रखता है। आपकी कार्यशैली से सरकार की छवि बनती है। आपकी कार्यशैली से हमें ताकत मिलता है। आपकी कार्यशाली से राज्य की दशा और दिशा बदलती है । ऐसे में राज्य के विकास में आपका सहयोग बेहद जरूरी है । मुख्यमंत्री ने कहा कि आप आगे बढ़ेंए सरकार आपके सहयोग के लिए हमेशा खड़ी रहेगी। आपके विश्वास और सहयोग के बल पर विकास की खींच रहे लंबी और गाढ़ी लकीर  मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 में हमारी सरकार सत्ता में आई। उस वक्त से से आज तक आपका विश्वास और सहयोग हमें लगातार मिलता आ रहा है। 2024 में जब हमारी सरकार दोबारा बनी तो उसमें भी आपका हमें पूरा आशीर्वाद प्राप्त हुआ। आपके इसी भरोसे पर ही हम राज्य के विकास को नई गति दे रहे हैं। हम एक ऐसी लंबी और गाढ़ी लकीर खीच रहे हैए जो इस राज्य और यहां के लोगों के जिंदगी में बदलाव ला रहा है। 1 साल में 10 हजार से ज्यादा को मिल चुका है नियुक्ति पत्र  मुख्यमंत्री ने कहा कि  2019 में हमारी सरकार बनी। उसके बाद से नियुक्तियों का सिलसिला निरंतर जारी है । अब तक लाखों नौजवानों को हम नौकरी दे चुके  हैं। राज्य गठन के बाद पहली बार कृषि पदाधिकारी की नियुक्ति हुई। मेडिकल ऑफिसर की बहाली समय.समय पर होती आ रही है। सभी श्रेणी में शिक्षकों की बहाली हुई। सरकारी अस्पतालों को बड़े पैमाने पर एएनएम . जीएनएम मिले।  अलावे भी विभिन्न सेवाओं और पदों के लिए बड़ी संख्या में नियुक्तियां हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 2024 में जब हमारी सरकार  फिर बनी तो मात्र एक वर्ष में ही सिर्फ एक कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 9000 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान करने का अवसर मिला। उसके लगभग एक महीने बाद आज  फिर 1910 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दे रहे हैं।  विभिन्न पदों के लिए नियुक्तियां प्रक्रिया लगातार जारी है। गरीबों और मजबूरों  को बना रहे मजबूत मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार इस राज्य के गरीबए किसानए मजदूर, आदिवासीए  दलितए महिलाए नौजवान . हर किसी को मजबूत बनाने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कोई गरीब और मजबूर नहीं होता है। वक्त का तकाजा उन्हें यहां तक लाता है। लेकिनए मेरा मानना है कि समय हर किसी का बदलता है। ऐसे में हमें एक. दूसरे का सम्मान करना चाहिए।  उन्होंने आगे कहा कि मंइया सम्मान योजना की वजह से एक ओर महिलाएं सशक्त हो रही हैं तो सरकार की विभिन्न योजनाओं से जुड़कर गरीब और जरूरतमंद अपने पैरों पर खड़ा हो रहे हैं। नवनियुक्त अभ्यर्थियों ने व्यक्त किए अपने विचार इस मौके पर मंच के माध्यम से कई अभ्यर्थियों ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने परीक्षा के सफल आयोजन और नियुक्ति पत्र मिलने के लिए मुख्यमंत्री श्री … Read more

आईपीएस प्रमोट अधिकारियों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैच पहनाकर किया सम्मानित

रांची. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में राज्य पुलिस सेवा के कई अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। इनमें राम समद, रोशन गुड़िया, अविनाश कुमार, राजेश कुमार, मजरूल होदा तथा दीपक कुमार शामिल थे। उल्लेखनीय है कि इन सभी अधिकारियों को हाल ही में भारतीय पुलिस सेवा IPS रैंक में पदोन्नति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अधिकारियों को आईपीएस की बैच पहनाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने सभी अधिकारियों को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्य सचिव अविनाश कुमार तथा पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा भी उपस्थित थीं। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने भी नव.प्रोन्नत अधिकारियों को बैच पहनाकर सम्मानित किया।

न्यू ईयर ईवन पर करें ये सरल उपाय, धन-समृद्धि से भर जाएगा घर

साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है. आज नए साल का पहला दिन है. हर कोई अपने परिवार के लोगों और दोस्तों को नए साल की शुभकामनाएं दे रहा है. कहा जाता है कि नए साल के पहले दिन की शुरुआत जिस प्रकार से की जाती है, उसका प्रभाव जीवन में साल भर देखने को मिलता है, इसलिए ज्योतिषविदों का मानना है साल के पहले दिन देव-देवताओं को प्रसन्न करने का प्रयास करना चाहिए. इससे पूरे साल देवी-देवताओं का आशीर्वाद बना रहता है. शास्त्रों में माता लक्ष्मी को धन की देवी कहा गया है. अगर नए साल पर माता लक्ष्मी को प्रसन्न कर लिया जाता है, तो पूरे साल घर में धन की कमी नहीं होती है. ज्योतिषविदों के अनुसार, देवी लक्ष्मी शाम को गोधूलि वेला में धरती पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों के घर में आती हैं. ये समय संध्या काल में करीब 7 बजे से रात 9 बजे के बीच का होता है. मान्यता है कि अगर नए साल के पहले दिन शाम को कुछ विशेष उपाय करते हुए माता लक्ष्मी का स्वागत किया जाए तो इससे बहुत लाभ होता है. नए साल पर करें ये उपाय सूर्यास्त के बाद घर का प्रमुख द्वार खुला रखें नए साल के पहले दिन सूर्यास्त के बाद घर का प्रमुख द्वार कुछ देर के लिए खुला रखना चाहिए. इससे घर में सकारात्मक उर्जा का प्रवेश होगा, जिसके प्रभाव से घर में सुख-शांति बनी रहेगी. साथ ही माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होगा. घर के प्रमुख द्वार पर पांच दीपक जलाएं नए साल के पहले दिन शाम को घर के प्रमुख द्वार पर पांच दीपक जलाने चाहिए. दरवाजे पर जलाए गए दीपकों को माता लक्ष्मी के स्वागत का प्रतीक माना जाता है. ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि और सौभाग्य बढ़ता है. शाम को घर में अंधेरा और गंदगी न रखें घर के मुख्य दरवाजे पर शाम को रंगोली अवश्य बनानी चाहिए. वहां साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए. कहते हैं जिस घर में साफ-सफाई होती है, वहीं पर माता लक्ष्मी प्रवेश करती हैं. इसलिए ध्यान रखें कि नए साल साल के पहले दिन शाम को घर के किसी कोने में अंधेरा और गंदगी न रहे.

सम्राट चौधरी के पास भारी संपत्ति, नीतीश से भी अधिक दौलतमंद: रिवॉल्वर और निवेश में करोड़ों

 पटना नीतीश सरकार के मंत्रियों ने वर्ष 2025 के अंतिम दिन अपनी चल-अचल संपत्ति की घोषणा की। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने बुधवार की शाम इसे जारी किया। इसके अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कई गुना ज्यादा संपत्ति मंत्रियों के पास है। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार और श्रम संसाधन मंत्री संजय टाइगर को छोड़ अन्य सभी मंत्री करोड़पति हैं। ज्यादातर मंत्री हथियारों और गहनों के भी शौकीन हैं। सभी के पास अपने वाहन हैं। सबसे ज्यादा आभूषण पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद के पास है। उनके पास दो किलो सोना और 6 किलो चांदी है। ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी की पत्नी के बैंक खातों में 22 करोड़ 54 लाख रुपये जमा हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास महज 1.65 करोड़ की संपत्ति है। चल 17,66,196 और अचल संपत्ति 1.48 करोड़ है। उनकी संपत्ति पिछले साल की तुलना में 70 हजार रुपए बढ़ी है। उनके पास 20552 नकद है। हालांकि, नगद राशि में 500 रुपए की कमी आई है। उनके पास दो अंगूठी है। 20 ग्राम के सोने की अंगूठी और एक मोती लगी चांदी की अंगूठी। मुख्यमंत्री के पास न तो कोई कृषि भूमि है न व्यावसायिक जमीन। नीतीश कुमार गोपालन के शौकीन मुख्यमंत्री गोपालन के भी शौकीन हैं। उनके पास दस गायें और 13 बछड़े हैं। इसके अलावा उनके पास इको स्पोर्ट्स व टाइटेनियम कार भी है। उनके पास घरेलू उपयोग की सामग्री एसी, एयरकूलर, कम्प्यूटर, वाशिंग मशीन, माइक्रो ओवेन, ओटीजी और एक्सरसाइज साइकिल है। दिल्ली के द्वारिका में एक हजार वर्गफीट का एक फ्लैट है। इसे उन्होंने वर्ष 2004 में 13.78 लाख में खरीदा था। उनके ऊपर बैक का ऋण नहीं है। न कोई सरकारी बकाया है। उनके ऊपर कोई कर देयता भी नहीं है। वर्ष 2024 में सीएम के पास 21052 रुपए नगद था जबकि 1697741 लाख रुपए की चल संपत्ति थी। सम्राट के पास रिवॉल्वर के साथ एक राइफल भी उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी के पास 1.35 लाख रुपये नकद जबकि बैंक खातों में 17.45 लाख रुपये जमा है। उन्होंने बांड आदि में 31.83 लाख रुपये जबकि बचत योजनाओं में करीब 20 लाख रुपये का निवेश कर रखा है। पत्नी के नाम पर 2021 में पटना के गोला रोड में 1450 स्क्वायर फुट के फ्लैट है। 4.91 करोड़ रुपये की गैर-कृषि भूमि है। इसका ब्योरा अलग एनेक्शचर में डाला गया है। उनके पास पिता से मिली एक रिवॉल्वर के अलावा एक एनपी बोर की राइफल है। वाहन के नाम पर 2023 मॉडल की बोलेरो कार है। ज्वेलरी के नाम पर 20 लाख रुपये मूल्य का 200 ग्राम सोना है। उन पर कोई ऋण नहीं है। संजय के खाते में 85 हजार 23.76 लाख की कार लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय सिंह के पास 85 हजार नकद और विभिन्न बैंकों में 20.55 लाख रुपये है। राजीव नगर में 2.54 करोड़ का भवन है। 20.25 लाख के गहने हैं। पत्नी के पास 40.50 लाख के गहने और होंडा कार है, मंत्री के पास पिस्टल और राइफल भी है। अरुण शंकर 82 लाख की जमीन के मालिक पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के पास कुल 2.55 करोड़ रुपये की चल एवं अचल संपत्ति है। इसमें 78 लाख 12 हजार 314 रुपये की चल संपत्ति एवं अचल संपत्ति के रूप में 82 लाख रुपये की कीमत वाली कृषि योग्य भूमि एवं 95 लाख रुपये की कीमत वाली रिहायशी घर है। लखेन्द्र के पास 97 लाख 65 हजार की चल संपत्ति अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन के पास 97 लाख 65 हजार 434 रुपये की चल संपत्ति है। वहीं, उनकी पत्नी के नाम पर 9,58,255 रुपये, पुत्र के नाम पर 1.68 लाख और पुत्री के नाम पर 1,79,225 रुपये की चल संपत्ति है। गाड़ी के शौकीन हैं पशु और मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र पशु व मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता वाहनों के शौकीन हैं। उनके पास 57 लाख रुपए की फार्च्यूनर और 14 लाख की टाटा सफारी गाड़ी है। 40 हजार रुपए मूल्य की 5 ग्राम सोना है। मंत्री के पास 50 हजार रुपए कैश हैं, जबकि इनकी पत्नी के पास 20 हजार रुपए कैश हैं। अशोक चौधरी की पत्नी के खाते में 22.54 करोड़ ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी से कई गुना अधिक धनी उनकी पत्नी हैं। मंत्री के पास 50 हजार तो उनकी पत्नी के पास 10 हजार नकदी है। लेकिन विभिन्न बैंकों में मंत्री ने 53 लाख जमा किए हैं जबकि पत्नी के नाम पर 22 करोड़ 54 लाख जमा है। मंगल पांडेय 1.32 करोड़ चल संपत्ति के मालिक स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के पास 59 हजार नकद है। 18.83 लाख बैंक में और नन बैंकिंग कंपनी में एक करोड़ जमा है। पत्नी के पास बैंक में 24 लाख रुपये जमा हैं। मंत्री के पास 7.80 लाख,पत्नी के पास 25 लाख के गहने हैं। मंत्री के पास कुल 1.32 करोड़ की चल संपत्ति है। रामकृपाल के पास 315 बोर की एक राइफल कृषि मंत्री रामकृपाल यादव के पास मात्र 12 हजार रुपये नकद जबकि 8.30 लाख बैंकों में जमा है। हथियार में 315 बोर की एक राइफल है। पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद के पास 3 करोड़ 75 लाख 21 हजार 737 रुपये की चल संपत्ति है, जबकि उनके पति के पास 2 करोड़ 30 लाख 22 हजार 528 की चल संपत्ति है।निषाद के पास 2 किलोग्राम और 6 किग्रा चांदी है। नारायण प्रसाद ज्वेलरी के शौकीन, तीन वाहन भी आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद के पास हथियार के नाम पर एक बंदूक और एक राइफल है। उनके नाम पर एक जीप, एक इनोवा कार और एक स्कॉर्पियो एन सहित तीन वाहन हैं। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान को ढाई लाख रुपये का पिस्टल भी मंत्री ने अपने पास रखा है। कैमूर में उनके पास खेती योग्य 30 लाख रुपये की जमीन और गैर कृषि योग्य 19 लाख रुपये की जमीन है। संजय टाइगर के पास 32 लाख की संपत्ति श्रम संसाधन मंत्री संजय सिंह टाइगर के पास नकद 45 हजार तथा बैंकों वित्तीय संस्थानों में 24 लाख रुपये जमा है। इनकी चल संपत्ति 32 लाख की है। कोई अचल संपत्ति नहीं है। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार के पास … Read more

नववर्ष से पहले बिहार सरकार अलर्ट मोड में, मुख्य सचिव ने कानून-व्यवस्था को लेकर दिए अहम आदेश

पटना  बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मंगलवार को अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि 31 दिसंबर एवं 01 जनवरी के (New Year 2026) दौरान कानून-व्यवस्था को पूरी सख्ती के साथ लागू करें। अमृत ने राज्य में आगामी नव वर्ष के अवसर पर विधि-व्यवस्था को सुद्दढ़ एवं शांतिपूर्ण बनाए रखने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि 31 दिसंबर एवं 1 जनवरी के दौरान कानून-व्यवस्था सख्ती के साथ लागू होन चाहिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित दिया कि भीड़-भाड़ वाले स्थानों, सार्वजनिक स्थलों, बाजारों तथा प्रमुख चौराहों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या विवाद की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाएं- मुख्य सचिव मुख्य सचिव अमृत ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए सभी चिन्हित एवं संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जायें तथा पहले से लगे कैमरों की कार्यशीलता की नियमित जांच की जाए। उन्होंने शीतलहर एवं बढ़ती ठंड को ध्यान में रखते हुए जरूरतमंदों के लिए अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि सभी अस्पतालों का निरीक्षण किया जाए, जिससे वहां मरीजों के लिए कंबलों की कोई कमी न हो तथा चिकित्सा कर्मी समय पर उपस्थित रहें। इसके अतिरिक्त, पार्क, पिकनिक स्पॉट्स एवं उनके आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न रह जाए। डीजीपी ने दिए ये निर्देश बैठक में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीजीपी ने कहा कि वर्ष के अंतिम दिन एवं नव वर्ष के अवसर पर युवाओं में शराब एवं नशीले पदार्थों की मांग रहती है, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस को पूरी सतकर्ता के साथ कार्य करना होगा। जहां भी शराब या ड्रग्स से संबंधित सूचना प्राप्त हो, वहाँ नियमित रूप से छापेमारी की जाए और दोषियों के विरुद्ध सख्त कारर्वाई की जाए। डीजीपी ने यह भी निर्देश दिया कि तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल की तैनाती की जाए। वरीय अधिकारियों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को सही ढंग से ब्रीफिंग एवं डी-ब्रीफिंग करें, ताकि सभी अपने कर्तव्यों को भली-भांति समझ सकें। उन्होंने गलियों, चौक-चौराहों एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसरों पर बाइकर्स गैंग अधिक सक्रिय हो जाते हैं, इसलिए इन पर कड़ी नजर रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, ब्लॉक, जिला, विद्यालयों एवं अन्य संस्थानों में नशा मुक्ति अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि आम जनता को जागरूक किया जा सके और वे पुलिस प्रशासन को सहयोग प्रदान करें। सीमावर्ती इलाकों में ड्रग्स एवं अवैध हथियारों के लेन-देन को रोकने के लिए सघन फ्रिस्किंग एवं चेकिंग अभियान चलाने तथा संदिग्ध व्यक्तियों से तत्काल पूछताछ करने के निर्देश भी दिए गए।  

निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री पर सस्पेंस, श्रवण कुमार बोले– फैसला उन्हें खुद लेना है

पटना  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में एंट्री की मांग जदयू के कार्यकर्ता काफी लंबे वक्त से कर रहे हैं। पार्टी के पदाधिकारी और नेता भी चाहते हैं कि निशांत जल्द सियासी पारी शुरू करें। इस बीच नीतीश सरकार में मंत्री और जदयू विधायक श्रवण कुमार ने कहा कि परिवार और पार्टी, दोनों स्तर पर इस विषय पर सकारात्मक माहौल है, लेकिन अंतिम निर्णय नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत को लेना है। हम सब लोगों की तो यही इच्छा है कि उन्हें (निशांत) को पॉलिटिक्स में आना चाहिए।   इससे पहले निशांत कुमार को राजनीति में लाने की मांग करते हुए जदयू के कुछ कार्यकर्ताओं ने मुकुंद सेना के बैनर तले भूख हड़ताल की थी। मुकुंद कुमार के नेतृत्व में बैनर-पोस्टर के साथ बीते रविवार को गर्दनीबाग धरना स्थल पर 12 घंटे भूख हड़ताल पर बैठे। धरना में जदयू के अन्य कार्यकर्ता भी शामिल हुए थे। मुकुंद कुमार ने कहा कि निशांत कुमार शिक्षित युवा हैं। उनमें पूरी क्षमता है कि वह राजनीति में आएं और अपने पिता की तरह राज्य की सेवा करें। बता दें कि निशांत कुमार के राजनीति में आने और पार्टी में शामिल होने की मांग कई जदयू नेता और कार्यकर्ता कर चुके हैं। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी कह चुके हैं कि हमलोग चाहते हैं कि निशांत राजनीति में आयें, पर फैसला उन्हें ही लेना है।  

बिहार का एंटी-टेरर मास्टरप्लान: ATS कमांड ऑफिस किन जिलों में बनेंगे, क्या होगी जिम्मेदारी

पटना आतंकवाद से लड़ने के लिए बिहार पुलिस महकमा में गठित विशेष इकाई एटीएस (आतंकवाद निरोध दस्ता) के चार नए क्षेत्रीय कार्यालय बनेंगे। पटना में मौजूद एटीएस के मुख्यालय के अलावा गया, मोतिहारी, दरभंगा और पूर्णिया में भी एक-एक क्षेत्रीय कार्यालय बनाए जाएंगे। इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार करके पुलिस महकमा ने गृह विभाग को भेज दिया है। अनुमति मिलने के साथ ही इनके गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह जानकारी एडीजी (विधि-व्यवस्था) पंकज कुमार दराद ने दी। वह सोमवार को पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ये क्षेत्रीय कार्यालय जहां मौजूद रहेंगे, वहां के आसपास के जिलों को इससे जोड़ा जाएगा। एडीजी दराद ने कहा कि इन क्षेत्रीय कार्यालय का गठन होने से एटीएस की कार्य क्षमता का विकास होगा। इनकी जवाबदेही आतंकवाद से जुड़ी गतिविधि पर नजर रखने के साथ ही धार्मिक, राष्ट्रविरोधी और आपराधिक गतिविधि पर भी नजर रखने की होगी। यह सभी जिलों में मौजूद स्पेशल ब्रांच के समानांतर काम करेगा। प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालय की कमान डीएसपी रैंक के अधिकारी के पास होगी। उन्होंने कहा कि एटीएस सीमावर्ती इलाकों में आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों पर भी निरंतर नजर बनाए रखता है। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से संबंधित धाराओं में जेल में बंद जो लोग छूटकर बाहर आते हैं, उन पर भी निरंतर नजर बनाए रखने और इनसे संबंधित सूचना एकत्र करने का काम भी एटीएस के स्तर से की जाती है। उन्होंने कहा कि एटीएस की सोशल मीडिया इकाई के माध्यम से 176 व्यक्ति को चरमपंथी विचारधारा के कारण चिन्हित किया गया है। इसमें 12 लोगों को अतिचरमपंथी उन्माद की प्रवृति को लेकर मानसिक रूप से प्रेरित करके समझाने का काम किया गया है। एडीजी ने कहा कि सभी जिलों में मौजूद तमाम थानों में एक अधिकारी और एक सिपाही को खासतौर से आसूचना एकत्र करने के लिए रखा गया है। इनकी जवाबदेही मादक पदार्थों की तस्करी, शराब के अवैध व्यापार, आतंकवाद, अपराध समेत अन्य सभी जरूरी मुद्दों पर आसूचना एकत्र कर इसे जिला से लेकर मुख्यालय तक पहुंचाने की होगी। जिलों में मौजूद सीएटी की टीम के साथ समन्वय स्थापित कर ये कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि एसटीएस के अंतर्गत गठित विशेष स्वाट (एसडब्ल्यूएटी यानी स्पेशल वेपन एंड टैक्टिस टीम) टीम की जिम्मेदारी राज्य में मौजूद 257 संवेदनशील संस्थानों के निगरानी की है। इसमें पिछले वर्ष 194 और इस वर्ष 41 में मॉक ड्रील एवं रेकी की गई है। उन्होंने कहा कि एटीएस के अब तक 176 कमांडों को विशेष रूप से ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इन्हें एसजी के मनेसर और कोलकाता स्थित केंद्रों पर खासतौर से प्रशिक्षण दिया गया है।  

कश्मीर को मात देती सर्दी! झारखंड के कई जिलों में ठिठुरन बढ़ी, येलो अलर्ट जारी

नई दिल्ली भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची स्थित केंद्र ने सोमवार को झारखंड के कई हिस्सों में शीत लहर और घने कोहरे की स्थिति को लेकर येलो अलर्ट जारी किया। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के बुलेटिन के अनुसार, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी और रांची के लिए शीत लहर का येलो अलर्ट जारी किया गया है। छह जिलों में घने कोहरे के लिए अलर्ट जारी इन जिलों में मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक भीषण ठंड का प्रकोप जारी रहने की संभावना है। रांची के पास स्थित कांके राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त, गढ़वा, पलामू, लातेहार, चतरा, हजारीबाग और कोडरमा सहित छह जिलों में घने कोहरे के साथ ‘शीत दिवस' के लिए और गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ सहित अन्य छह जिलों में केवल घने कोहरे के लिए अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान विभाग के बुलेटिन के अनुसार, इन जिलों में दृश्यता घटकर 50 से 200 मीटर के बीच रहने का अनुमान है। इसके अलावा इन जिलों में 31 दिसंबर को सुबह 8:30 बजे तक घना कोहरा छाए रहने का भी अनुमान है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने कहा, "झारखंड के निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में चलने वाली उत्तर-पश्चिमी से पश्चिमी हवाओं के कारण शीतलहर की स्थिति उत्पन्न हो रही है।" आईएमडी के बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में लोहरदगा में न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस, खूंटी में चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि डाल्टनगंज में पारा गिरकर 6.1 डिग्री सेल्सियस तक चला गया। रांची में न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस रहा।  

जदयू में बड़ा कड़ा कदम, पार्टी से बाहर किए गए आठ नेता

पूर्णिया बिहार विधानसभा चुनाव में भीतरघात और गठबंधन विरोधी गतिविधियों को लेकर जदयू नेतृत्व ने पूर्णिया जिले में कड़ा अनुशासनात्मक हंटर चलाया है। पार्टी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पूर्व जिला अध्यक्षों सहित कुल आठ पदाधिकारियों को पदमुक्त कर छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इस कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाला नाम दो कद्दावर नेताओं का है, जिन्होंने संगठन में लंबे समय तक जिला कमान संभाली थी। प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के निर्देश पर पार्टी ने संगठन की मजबूती और अनुशासन को सर्वोपरि रखते हुए यह फैसला लिया है। इन नेताओं पर गिरी गाज प्रदेश अध्यक्ष ने राकेश कुमार (पूर्व जिला अध्यक्ष), सचिन मेहता (पूर्व जिला अध्यक्ष युवा जदयू, नीलू सिंह पटेल (प्रदेश सचिव) आजाद (प्रदेश महासचिव, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ), पूरन सिंह पटेल (जिला महासचिव) और इसके साथ ही रितेश आनंद (कसबा), मनोज कुमार दर्वे (डगरूआ) और मीडिया संयोजक प्रदीप कुमार मेहता पर भी निष्कासन की गाज गिरी है। रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद कार्रवाई पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव के दौरान इन नेताओं द्वारा गठबंधन के प्रत्याशियों को नुकसान पहुंचाने की गुप्त शिकायतें मिली थीं। मुख्यालय प्रभारी अनिल कुमार द्वारा जारी पत्र के अनुसार, एक तीन सदस्यीय विशेष जांच दल ने इन शिकायतों की जमीनी स्तर पर पड़ताल की। जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद ही इन दिग्गज नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को जदयू की क्लीनअप ड्राइव के रूप में देखा जा रहा है। दो पूर्व जिला अध्यक्षों पर कार्रवाई कर नेतृत्व ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा।