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चुनावी सुरक्षा पुख्ता: 1650 अर्द्धसैनिक बल मैदान में, DGP ने दिया सख्त संदेश

पटना बिहार में कल यानी 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान होगा। पहले चरण में 18 जिलों में 121 सीटों पर वोटिंग होगी। चुनावों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किेए गए। बिहार DGP विनय कुमार ने बयान जारी करते हुए कहा है कि 1650 अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की जाएगी। 35,000 महिला पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा। बूथों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। घोड़े दस्तों से पैट्रोलिंग करवाई जाएगी। असमाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रहेगी। संवेदनशील क्षेत्रों पर भी नजर रहेगी। मैदान में 1314 प्रत्याशी बता दें कि पहले चरण के चुनाव में 1314 उम्मीदवार मैदान में उतरेंगे। NDA के घटक जदयू ने 57, भाजपा ने 48, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने 13 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) ने 02 प्रत्याशी चुनावी अखाड़े में उतारे हैं। एक अन्य सीट मढ़ौरा में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) प्रत्याशी भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री सीमा सिंह का नामांकन रद्द हो गया था। राजग ने इस सीट पर निर्दलीय अंकित कुमार को समर्थन दिया है। वहीं महागठबंधन के घटक राजद ने 71, कांग्रेस ने 24, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा माले) ने 14, भाकपा ने पांच, माकपा और आईआईपी ने तीन-तीन सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किये है। ' पहले चरण के मतदान के लिए 45,341 बूथ स्थापित प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने प्रथम चरण में 118 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे हैं। इन 121 विधानसभा क्षेत्रों में पहले चरण के मतदान में 45341 मतदान केंद्र पर तीन करोड़ 75 लाख 13 हजार 302 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर 122 महिला और 1192 पुरुष प्रत्याशी समेत कुल 1314 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 6 नवंबर को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में बंद कर देंगे। गौरतलब हो कि मतदाताओं में एक करोड़ 98 लाख 35 हजार 325 पुरुष, एक करोड़ 76 लाख 77 हजार 219 महिला और 758 थर्ड जेंडर शामिल हैं। पहले चरण के चुनाव में सबसे अधिक 20 उम्मीदवार कुढ़नी और मुजफ्फरपुर में वहीं भोरे, अलौली और परबत्ता में सबसे कम पांच प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे हैं। जानकारी हो कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए दो चरण में 06 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान कराया जाना है। 14 नवंबर को मतगणना होगी और चुनाव की प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी हो जायेगी। बिहार विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है।

सीएम गायब क्यों? प्रियंका गांधी का सवाल – ‘मोदी-नीतीश की केमिस्ट्री में दरार?’

पटना  बिहार चुनाव के दूसरे चरण के लिए प्रचार जोरों पर है। बुधवार को बाल्मीकि नगर विधानसभा क्षेत्र के हरनाटांड़ में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार की केमिस्ट्री पर निशाना साधा। प्रियंका ने कहा कि बिहार की सरकार केंद्र से संचालित हो रही है बावजूद इसके पीएम मोदी की सभा में सीएम नीतीश नहीं दिख रहे हैं। उन्होने कहा कि पीएम को महागठबंधन के पोस्टरों में तेजस्वी नहीं है, इसकी चिंता नहीं, लेकिन नीतीश कुमार की कोई परवाह नहीं है। कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि बिहार की रिमोट सरकार दिल्ली से चल रही है। यहां की जनता के लिए योजनाएं दिल्ली से बन रही हैं। प्रधानमंत्री को किसानों की चिंता नहीं है, उन्हें पूंजीपतियों की चिंता है। आज देश में सरकारी नौकरियां कम हुई है और हर जगह ठेकेदारी व्यवस्था लागू हुई है। नौजवानों को रोजगार नहीं मिल रहा है। रोजगार के लिए लोग पलायन कर रहे हैं। लेकिन मोदी सरकार को इसकी चिंता नहीं है। अंग्रेजी साम्राज्य से कम नहीं है मोदी जी की सरकार। मोदी जी के शासन में आम लोगों के अधिकार छीने गये हैं। वोट चोरी की गई है। बिहार से 65 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटकर जनता के हाथों को कमजोर किया। पीएम की सभा से नीतीश गायब हैं- प्रियंका गांधी इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि बिहार की सरकार केंद्र से संचालित हो रही है बावजूद इसके पीएम के सभा में सीएम नहीं दिख रहे हैं। बिहार की एनडीए सरकार पर प्रहार करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि 20 सालों के उनके शासनकाल में राज्य में बेरोगारी बढ़ी है, पलायन बढ़ा है। शिक्षा व्यवस्था चौपट हुई है। किसानों को उनके फसल का मूल्य नहीं मिला है और अस्पतालों की स्थिति बदहाल हुई है। उन्होंने लोगों से शिक्षा,रोजगार, महिला सशक्तिकरण पर इंडिया गठबंधन के पक्ष में मतदान करने की अपील की।

बाराचट्टी में चुनावी बवाल! HAM प्रत्याशी ज्योति देवी पर हमला, माहौल गरमाया

गया  गयाजी की बाराचट्टी सीट से जीतन राम मांझी की हम (सेक्यूलर) की प्रत्याशी ज्योति देवी पर हमला हुआ है। चुनाव प्रचार के दौरान सुलेबट्टा क्षेत्र में कुछ लोगों ने हमला बोला। ज्योति देवी का स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की ज्योति देवी समधन हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बताया जा रहा है कि खुली जीप में ज्योति देवी चुनाव प्रचार कर रही थीं। इसी दौरान भीड़ से कुछ असामाजिक तत्वों ने पत्थर फेंके थे। जिसमें एक पत्थर उन्हें लगा था। फिलहाल ज्योति खतरे से बाहर हैं। बाराचट्टी सीट पर दूसरे चरण में वोटिंग है। आपको बता दें एनडीए के सीट बंटवारे में जीतन राम मांझी की HAM को 6 सीटें मिली थी। जिसमें 3 टिकट उन्होने अपने परिवार के लोगों को दिए। जिसमें बहू दीपा कुमारी को इमामगंज से प्रत्याशी बनाया। वहीं बाराचट्टी से समधन ज्योति देवी को कैंडिडेट बनाया, और जमुई जिले की सिकंदरा सीट से प्रफुल्ल कुमार मांझी को पार्टी का प्रत्याशी बनाया गया है। जो जीतन राम मांझी के दामाद हैं। भूमिहार बिरादरी से आने वाले अनिल कुमार के परिवार को 2 टिकट दिए है। गया की टिकारी सीट से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार को उतारा है तो उनके भतीजे रोमित कुमार को इसी जिले की अतरी सीट से टिकट दिया है।  

झारखंड कक्षपाल भर्ती 2025: युवाओं के लिए बड़ी राहत, दौड़ के नए नियम लागू

रांची झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से निकाली गई जेल वार्डर ( कक्षपाल ) के 1733 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 नवंबर 2025 से शुरू होगी। झारखण्ड कक्षपाल प्रतियोगिता परीक्षा 2025 के लिए उम्मीदवार jssc.jharkhand.gov.in पर जाकर एप्लाई कर सकेंगे एप्लाई करने की लास्ट डेट 8 दिसंबर 2025 तय की गई है। 10 दिसंबर 2025 की मध्य रात्रि तक परीक्षा शुल्क भुगतान तथा फोटो एवं हस्ताक्षर अपलोड कर आवेदन पत्र का प्रिंटआउट लेने के लिए लिंक उपलब्ध रहेगा। 11 दिसंबर 2025 से 13 दिसंबर 2025 के मध्य रात्रि तक ऑनलाइन आवेदन पत्र में अभ्यर्थी के नाम, जन्म तिथि, ईमेल आईडी एवं मोबाइल संख्या को छोड़कर किसी भी गलत एंट्री को संशोधित करने के लिए फिर से लिंक उपलब्ध करायी जायेगी। नियुक्ति की कार्रवाई झारखंड राज्य की पुलिस, कक्षपाल, सिपाही (गृह रक्षा वाहिनी), उत्पाद सिपाही संयुक्त भर्ती नियमावली-2025 के तहत की जाएगी। फिजिकल टेस्ट के नियम हुए आसान शारीरिक परीक्षा के तहत अभ्यर्थियों के लिए दौड़ का आयोजन होगा। दौड़ प्रक्रिया को पहले से काफी सरल करते हुए दूरी को घटाया गया है। बता दें कि बीते मार्च माह में हुई कैबिनेट बैठक में पुलिस, कक्षपाल, सिपाही और उत्पाद सिपाही नियुक्ति के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा में बदलाव किया गया है। पुरुष अभ्यर्थियों को 06 मिनट में 1600 मीटर दौड़ पूरी करनी होगी। पहले यह दौड़ 10 किमी की होती थी। वहीं, महिला अभ्यर्थियों को 10 मिनट में 1600 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। पहले महिलाओं को 06 किलोमीटर की दौड़ लगानी पड़ती थी। कक्षपाल भर्ती की वैकेंसी डिटेल्स रिक्तियों में 1634 पद पुरुषों और 64 पद महिलाओं के लिए हैं। पुरुषों में 165 पद भूतपूर्व सैनिकों के लिए, 413 होमगार्ड के लिए और शेष 1056 अन्य अभ्यर्थियों के लिए हैं। कक्षपाल भर्ती योग्यता – 10वीं पास। आयु सीमा – 18 वर्ष से 25 वर्ष। अधिकतम आयु सीमा में अत्यंत पिछड़ा वर्ग के पुरुषों को दो वर्ष, अनारक्षित, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, ईडब्ल्यूएस वर्गों की महिलाओं को 3 वर्ष, एससी एसटी पुरुष व महिलाओं को 5 वर्ष की छूट मिलेगी। कद काठी कितनी हो पुरुष अनारक्षित, ईडब्ल्यूएस, अत्यंत पिछड़ा वर्ग – लंबाई कम से कम 160 सेमी, सीना फुलाकर कम से कम 81 सेमी हो। एससी व एसटी – लंबाई कम से कम 155 सेमी, सीना फुलाकर कम से कम 79 सेमी हो। महिलाओं के लिए लंबाई कम से कम 148 सेमी हो। चयन – सबसे पहले शारीरिक मापदंड व शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी। इसमें सफल अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद मेडिकल जांच होगी। वेतन – लेवल -2 (19900 – 63200 रुपये) आवेदन फीस – 100 रुपये राज्य के एससी व एसटी के लिए – 50 रुपये झारखंड सहायक कारापाल प्रतियोगिता परीक्षा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने झारखंड सहायक कारापाल प्रतियोगिता परीक्षा 2025 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके जरिए राज्य में सहायक कारापाल ( JSSC Assistant Jailor Vacancy ) के 42 पदों पर भर्ती होगी। इच्छुक अभ्यर्थी jssc.jharkhand.gov.in पर जाकर 7 नवंबर से 8 दिसंबर 2025 तक आवेदन कर सकेंगे। 11 दिसंबर से 13 दिसंबर के बीच एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन कर सकेंगे। चयनितों को पे मैट्रिक्स लेवल-5 29200 – 92300 का वेतनमान मिलेगा। लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षण और चिकित्सकीय परीक्षण के आधार पर चयन करेगा। कारपाल के अलावा कक्षपाल के 1700 से ज्यादा पदों पर भी भर्ती निकाली गई है। इसकी डिटेल्स आप नीचे दिए गए लिंक से देख सकते हैं। शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या समकक्ष डिग्री कद काठी कितनी हो पुरुष अनारक्षित, ईडब्ल्यूएस, अत्यंत पिछड़ा वर्ग – लंबाई कम से कम 160 सेमी, सीना फुलाकर कम से कम 81 सेमी हो। एससी व एसटी – लंबाई कम से कम 155 सेमी, सीना फुलाकर कम से कम 79 सेमी हो। महिलाओं के लिए लंबाई कम से कम 148 सेमी हो। फिजिकल टेस्ट पुरुष अभ्यर्थियों को 06 मिनट में 1600 मीटर दौड़ पूरी करनी होगी। महिला अभ्यर्थियों को 10 मिनट में 1600 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। चयन – शारीरिक दक्षता परीक्षा, लिखित परीक्षा, मेडिकल टेस्ट। लिखित परीक्षा का स्वरूप एवं पाठ्यक्रम :- (क) परीक्षा दो चरणों में ली जायेगी – प्रारंभिक परीक्षा एवं मुख्य परीक्षा। परन्तु शारीरिक क्षमता परीक्षा में 50,000 (पचास हजार) से कम अभ्यर्थियों के सफल रहने पर सामान्यतः प्रारंभिक परीक्षा नहीं ली जायेगी। 50,000 की अधिकतम सीमा से अधिक अभ्यर्थी रहने की स्थिति में भी विभिन्न परिस्थितियों के आधार पर सीधी मुख्य परीक्षा आयोजित करने के संबंध में आयोग निर्णय ले सकेगा। (ख) परीक्षा में सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ एवं बहुविकल्पीय उत्तर आधारित होंगे। एक प्रश्न का पूर्णांक 3 (तीन) होगा। प्रत्येक सही उत्तर के लिए 3 (तीन) अंक दिये जायेंगे तथा प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1 (एक) अंक की कटौती की जायेगी। (ग) भाषा विषयों को छोड़कर अन्य विषयों के प्रश्न हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषा में होंगे। (घ) प्रारंभिक परीक्षा का पाठ्यक्रम – सामान्य ज्ञान से संबंधित निम्नलिखित विषयों से संबंधित बहुविकल्पीय उत्तर आधारित प्रश्न पूछे जायेंगे। परीक्षा की अवधि दो घंटों की होगी। (i) सामान्य अध्ययन – 30 प्रश्न (ii) झारखण्ड राज्य से संबंधित ज्ञान – 60 प्रश्न (iii) सामान्य गणित – 10 प्रश्न (iv) सामान्य विज्ञान – 10 प्रश्न (v) मानसिक क्षमता जाँच – 10 प्रश्न कुल – 120 प्रश्न  

लोकतंत्र का पर्व सहरसा में जोरों पर: दो सीटों पर 1 घंटे पहले थमेगा मतदान

सहरसा बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का प्रचार थमने के साथ ही सहरसा जिले में मतदान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने समाहरणालय के सभा कक्ष में संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर विस्तृत जानकारी दी। डीएम ने बताया कि जिले की चार विधानसभा सीटों 74 सोनवर्षा, 75 सहरसा, 76 सिमरी बख्तियारपुर और 77 महिषी पर 6 नवंबर, गुरुवार को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। हालांकि, सिमरी बख्तियारपुर और महिषी विधानसभा क्षेत्रों में भौगोलिक स्थिति को देखते हुए मतदान शाम 5 बजे तक ही कराया जाएगा। मतगणना 14 नवंबर, शुक्रवार को होगी। सहरसा जिले में कुल 12 लाख 96 हजार 74 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 6 लाख 79 हजार 117 पुरुष, 6 लाख 16 हजार 875 महिला और 22 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए कुल 1566 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सोनवर्षा विधानसभा में 6 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जहां 358 मतदान केंद्रों पर 3 लाख 1 हजार 868 मतदाता मतदान करेंगे। सहरसा विधानसभा में 10 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं और यहां 437 मतदान केंद्रों पर 3 लाख 69 हजार 912 मतदाता वोट डालेंगे। सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा में 15 उम्मीदवार मैदान में हैं और यहां 410 मतदान केंद्रों पर 3 लाख 36 हजार 625 मतदाता मतदान करेंगे। इस क्षेत्र में पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर 35 लोकेशन पर 69 मतदान केंद्र हैं, जहां भौगोलिक स्थिति के कारण मतदान शाम 5 बजे तक ही होगा। महिषी विधानसभा में 14 प्रत्याशी मैदान में हैं और यहां 361 मतदान केंद्रों पर 2 लाख 87 हजार 669 मतदाता मतदान करेंगे। महिषी क्षेत्र में भी पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर 46 मतदान केंद्र हैं, जो कठिन भूगोल वाले क्षेत्र में स्थित हैं और यहां भी मतदान शाम 5 बजे तक ही होगा। दोनों तटबंध वाले क्षेत्रों में मतदान कर्मियों और सामग्री के आवागमन के लिए जीपीएस युक्त नावों और ट्रैक्टरों की व्यवस्था की गई है। डीएम ने बताया कि सोनवर्षा और महिषी विधानसभा क्षेत्रों के ईवीएम डिस्पैच, संग्रहण और मतगणना केंद्र के रूप में रमेश झा महिला महाविद्यालय को चुना गया है। सोनवर्षा के विभागीय जांच अधिकारी अपर समाहर्ता गणेश कुमार और महिषी के विभागीय अधिकारी अपर समाहर्ता मृत्युंजय कुमार होंगे। सहरसा विधानसभा का मतगणना केंद्र सहरसा जिला स्कूल में रहेगा, जिसके प्रभारी अपर समाहर्ता संजीव चौधरी होंगे। वहीं, सिमरी बख्तियारपुर का मतगणना केंद्र राजकीय कन्या उच्च विद्यालय सहरसा में बनाया गया है, जिसके अधिकारी उप विकास आयुक्त संजय कुमार निराला होंगे। डीएम ने बताया कि आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का एक मामला जन सुराज पार्टी के निर्वाचन अभिकर्ता पर दर्ज किया गया है। सहरसा जिले में 3092 मतदान कर्मियों ने डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान किया है। चुनावी सख्ती के तहत अब तक 40 लाख 39 हजार 490 रुपये नकद और 11,153.525 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है, जिसकी कीमत करीब 36 लाख 72 हजार रुपये है। पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने बताया कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए 53 कंपनियां CAPF, 2 कंपनियां BSAP, 1500 पुलिसकर्मी और पदाधिकारी, तथा 2400 होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं। कोसी तटबंध के भीतर स्थित 105 मतदान केंद्रों तक पहुंचने के लिए मतदान कर्मियों को जीपीएस युक्त नावों और ट्रैक्टरों की सुविधा दी गई है। इन मतदान केंद्रों पर 15 क्लस्टर पॉइंट बनाए गए हैं, जहां जनरेटर और प्रकाश की व्यवस्था भी की गई है। रात में नावों को आसानी से पहचानने के लिए रेडियम लाइट स्ट्रिप लगाई गई है। इसके अलावा, दुर्गम इलाकों में मतदान कर्मियों की मदद के लिए 8 SDRF टीम तैनात की गई हैं। सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। इस बार जिले में 12 मॉडल मतदान केंद्र, 11 यूथ केंद्र, 15 वीमेन केंद्र, और 4 पीडब्लूडी केंद्र बनाए गए हैं। जिले में 6932 पोलिंग अधिकारी और 177 माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात रहेंगे। सभी मतदान केंद्रों पर पुरुष और महिला के लिए अलग-अलग शौचालय, स्वच्छ पेयजल, बिजली, और रैंप की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। दिव्यांग मतदाताओं के लिए 794 व्हीलचेयर और स्वयंसेवकों की सहायता का प्रावधान किया गया है। डीएम ने बताया कि सक्षम ऐप के माध्यम से पंजीकृत दिव्यांग मतदाताओं को मतदान के दिन वाहन सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे आसानी से मतदान केंद्र तक पहुंच सकें।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दंपति ने प्रकाश उत्सव पर गुरुग्रंथ साहिब के आगे झुकाया शीश

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज यानी गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के मौके पर पीपी कंपाउंड स्थित गुरु नानक स्कूल में 556वें “प्रकाश उत्सव” में शामिल हुए। इस दौरान उनकी पत्नी कल्पना सोरेन भी मौजूद रही। मुख्यमंत्री ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेका और झारखंड वासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी के विचार समाज को एक सूत्र में बांधने का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन सिख समाज ही नहीं, पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। प्रकाश उत्सव में शामिल होकर मुझे हर बार अपार हर्ष की अनुभूति होती है। यह आयोजन सामाजिक एकता और सद्भाव का प्रतीक है। सीएम हेमंत ने कहा कि गुरु नानक देव जी सिर्फ सिख समाज के लिए ही नहीं, बल्कि समूचे मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी दूरदर्शी सोच और मानवीय दृष्टिकोण आज भी मार्गदर्शन देता है। उनके बताए रास्तों और आदर्शों पर चलकर ही एक सशक्त और समरस समाज का निर्माण संभव है।  

दूसरे चरण की तैयारी पूरी: 121 सीटों पर कल पड़ेगा वोट, 1314 उम्मीदवार मैदान में

पटना बिहार में पहले चरण मतदान कल यानी छह नवंबर को है। 115 विधानसभा क्षेत्र के 45341  मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक वोटिंग होगी। छह विधानसभा क्षेत्रों के 2135 मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से पांच बजे तक ही वोटिंग होगी।  बुधवार सुबह से ही डिस्पैच सेंटरों से मतदान कर्मी ईवीएम-वीवीपैट और अन्य सामग्री लेने में जुट गए। आज शाम तक सभी मतदान केंद्र पर सुरक्षा बल पहुंच जाएंगे। गुरुवार सुबह पांच बजे ही बूथ लेवल एजेंटों की मौजूदगी में मॉक पोल किया जाएगा। इसके दो घंटे बाद यानी सात बजे मतदान शुरू होग। पहले चरण में इन जिलों में मतदान पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान होगा। यह जिले हैं- मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर। इन 121 सीटों पर कुल 2496 नामांकन दाखिल हुए थे। जांच के क्रम में 1939 को वैध पाया गया। उनमें से 70 प्रत्याशियों ने नामांकन बाद में वापस ले लिया। इसके बाद, कई सेट में नामांकन की छंटनी करते हरेक प्रत्याशी के एक नामांकन को लिया गया तो प्रत्याशियों की कुल वास्तविक संख्या 1314 रह गई। इनमें 1192 पुरुष और 122 महिलाएं शामिल हैं। इस चरण में 102 सामान्य और 19 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों पर मतदान होगा। 100 वर्ष से अधिक आयु वाले 6,736 मतदाता पहले चरण में कुल 3 करोड़ 75 लाख 13 हजार 302 मतदाता मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। एक करोड़ 98 लाख 35 हजार 325 पुरुष, एक करोड़ 76 लाख 77 हजार 219 महिलाएं और 758 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।। इसके अलावा, 1, 00, 904 सर्विस वोटर भी इस चरण में वोट डालेंगे। मतदान केंद्रों पर दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। 3, 22, 077 दिव्यांग मतदाता और 5, 31, 423 वरिष्ठ नागरिक मतदाता (जिनमें 80 वर्ष से अधिक आयु वाले 5, 24, 687 और 100 वर्ष से अधिक आयु वाले 6,736 मतदाता शामिल हैं) भी लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लेंगे। पहले चरण के मतदान में सात लाख 37 हजार 765 मतदाता ऐसे हैं जो पहली बार मतदान करेंगे। इनमें से अधिक 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवा वोटर है। वहीं 18 से 40 वर्ष के बीच के 1, 96, 27, 330 युवा मतदाता इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं।  

लोकतंत्र का पर्व: दरभंगा में तैयार 3329 बूथ, कुशेश्वरस्थान में नाव बनेगी मतदान का साधन

दरभंगा दरभंगा जिले में विधानसभा चुनाव की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। जिला प्रशासन ने सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और सुविधा की व्यापक व्यवस्था की है। जिले में कुल 3329 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 24 आदर्श मतदान केंद्र हैं, जबकि 54 मतदान केंद्रों पर पूरी तरह से महिला मतदान कर्मी और महिला सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। डीएम कौशल कुमार और एसएसपी जगन्नाथ रेड्डी ने देर शाम पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि जिले में चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हालांकि कुशेश्वरस्थान विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण मतदान प्रक्रिया थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो गई है। यह क्षेत्र कोसी, कमला बालान और उनकी कई उपधाराओं से घिरा हुआ है। हाल में आए मोंथा तूफान के बाद इन नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिससे कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है। स्थिति यह है कि अब इन क्षेत्रों में मतदान सामग्री और कर्मियों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा बनी हुई है। वहीं कई गांवों के मतदाताओं को भी नाव या चचरी पुल के सहारे मतदान केंद्र तक जाना उनकी मजबूरी बन गई है। जानकारी के मुताबिक, कुशेश्वरस्थान के गोरा उत्तरी गांव के करीब 750 मतदाताओं और खोन बलहा गांव के करीब 1000 मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए नदी पार करनी होगी। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय गोलमा बूथ से गोलमाडीह गांव के 350 मतदाता, प्राथमिक विद्यालय भरैन मुसहरी बूथ से भरैन मुसहरी के पूबारी टोला के 650 मतदाता, उच्च विद्यालय सुघराईन के दो बूथों से सुघराईन गांव के क्रमशः 1160 और 611 मतदाता, मध्य विद्यालय सिमरटोका बूथ से गैइजोरी गांव के 400 मतदाता, मध्य विद्यालय इटहर बूथ से बलथरवा गांव के 200 और जिमराहा गांव के 400 मतदाता, मध्य विद्यालय बरनिया बूथ से चौकीया गांव के 400 मतदाता तथा प्राथमिक विद्यालय फकदोलिया बूथ से भरडीहा गांव के 500 मतदाता नाव या चचरी पुल के सहारे मतदान केंद्र तक पहुंचेंगे। बताया जा रहा है कि कुशेश्वरस्थान के सुघराईन गांव में मतदान केंद्र तक जाने वाली सड़क पर फिलहाल बाढ़ का पानी भरा हुआ है। वहीं गोरा उत्तरी टोला के मतदाताओं के लिए सड़क संपर्क पूरी तरह से बंद है। गैइजोरी, चौकीया, बलथरवा, जिमराहा, गोलमा, भरडीहा और खोन बलहा गांवों के बीच नदियों और उपधाराओं का पानी बहने से आवागमन अत्यंत कठिन हो गया है। इस संबंध में डीएम कौशल कुमार ने बताया कि नदी वाले इलाकों में एसडीआरएफ की नावों के सहारे मतदान कर्मियों और सामग्री को सुरक्षित मतदान केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है ताकि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न कराया जा सके।  

सीएम हेमंत सोरेन बोले – कार्तिक पूर्णिमा और गुरु नानक जयंती समाज में प्रेम और एकता का संदेश देती हैं

रांची आज यानी 5 नवंबर को देशवासी कार्तिक पूर्णिमा और प्रकाश पर्व मना रहे हैं। वहीं, सीएम हेमंत ने कार्तिक पूर्णिमा और गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर सभी को बधाई दी है। सीएम हेमंत ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं और जोहार। आप सभी का जीवन समृद्ध, स्वस्थ और खुशहाल हो, यही कामना करता हूं।" वहीं, सीएम हेमंत ने एक और ट्वीट कर लिखा, "सेवा, सत्य, मानवता, समानता और करुणा की शिक्षा देने वाले श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के शुभ अवसर पर सभी को लख-लख बधाइयां।" बता दें कि हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व बताया गया है। कहते हैं कि इस दिन दान-स्नान करने वालों पर भगवान की विशेष कृपा रहती है। कार्तिक पूर्णिमा पर ही देव दिवाली का भी पर्व मनाया जाता है। ऐसा कहते हैं कि देव दिवाली पर देव लेक से देवी-देवता धरती पर दिवाली मनाने काशी के घाट आते हैं। इस दिन लक्ष्मी नारायण और भगवान शिव की पूजा का भी विधान है। वहीं, आज गुरु नानक देव की 556वीं जयंती भी मनाई जा रही है। गुरु नानक जयंती तो गुरु पर्व के नाम से भी जाना जाता है, जो कि सिखों का सबसे खास पर्व होता है। इस दिन को प्रकाश पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। गुरु नानक देव जी की करुणा, सद्भाव और सत्य की शिक्षाएं आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। गुरु नानक देव के उपदेश हमें इंसानियत और समानता का रास्ता दिखाते हैं। इस दिन देशभर के गुरुद्वारों को दीपों से सजाया जाता है, सुबह-सुबह नगर कीर्तन निकाले जाते हैं और जगह-जगह लंगर के रूप में सामूहिक सेवा की जाती है।  

डीजीपी अनुराग गुप्ता ने त्यागा पद, झारखंड सरकार करेगी पुष्टि

रांची  1990 बैच के आईपीएस अधिकारी और झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग गुप्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सूत्र इस खबर को सही बता रहे हैं. अनुराग गुप्ता को उनकी सेवानिवृत्ति के बाद झारखंड का डीजीपी नियुक्त किया गया था, जिसे लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था. बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने अनुराग गुप्ता की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा था कि राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दायर अवमानना याचिका मंजूर नहीं की जा सकती है. हालांकि, केंद्र सरकार ने इस नियुक्ति को नियम खिलाफ करार देते हुए राज्य सरकार को लगातार तीन बार पत्र लिखा था. अनुराग गुप्ता को आइपीएस अधिकारियों की प्रोन्नति से संबंधित यूपीएससी (UPSC) की मीटिंग में भी आने के लिए निमंत्रित नहीं किया गया था. सूत्रों के हवाले से खबर है कि झारखंड को जल्द नया डीजीपी मिल सकता है. 2026 जुलाई तक के लिए राज्य सरकार ने अनुराग गुप्ता को डीजीपी नियुक्त किया था.