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शिक्षा और आवास में मुफ्त सुविधा: बिहार ने अल्पसंख्यक छात्रों के लिए उठाया कदम

पटना  बिहार सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किशनगंज और दरभंगा में बिहार राज्य अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन विद्यालयों में पढ़ाई के साथ-साथ छात्रावास की सुविधा भी पूरी तरह निःशुल्क होगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अल्पसंख्यक वर्ग के प्रतिभाशाली छात्रों को सुरक्षित, अनुशासित और उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ सकें। नामांकन प्रक्रिया इसी दिसंबर से शुरू सरकार सत्र 2025–26 के लिए इन विद्यालयों में नामांकन प्रक्रिया इसी दिसंबर से शुरू कर रही है। इच्छुक अभ्यर्थी 30 दिसंबर तक आवेदन कर सकते हैं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा आवेदन के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे अधिक से अधिक छात्र इस योजना का लाभ उठा सकें। छात्रों के सर्वांगीण विकास पर फोकस इन आवासीय विद्यालयों में मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी समुदाय के छात्रों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाएगी। साथ ही सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और अनुशासित शैक्षणिक माहौल भी सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार का फोकस केवल शिक्षा तक सीमित न होकर छात्रों के सर्वांगीण विकास पर भी रहेगा। 75 प्रतिशत सीटें ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए आरक्षित सत्र 2025–26 के लिए कला और विज्ञान संकाय में नामांकन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके तहत कक्षा 9 और कक्षा 11 में प्रवेश के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार कक्षा 9 के लिए अधिकतम आयु 16 वर्ष और कक्षा 11 के लिए 18 वर्ष निर्धारित की गई है। वर्तमान में नवमी और ग्यारहवीं कक्षा में अध्ययनरत, विशेषकर विज्ञान और कला संकाय के छात्र-छात्राओं को प्रवेश में प्राथमिकता दी जाएगी। सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कुल सीटों में से 75 प्रतिशत सीटें ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए आरक्षित करने का निर्णय लिया है, जिनमें से 50 प्रतिशत सीटें बालिकाओं के लिए होंगी। आरक्षण प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा इसके अलावा राज्य सरकार के अधीन संचालित शिक्षण संस्थानों में लागू आरक्षण प्रावधानों को भी यहां प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा, ताकि सभी पात्र वर्गों को समान अवसर मिल सके। गौरतलब है कि वर्ष 2005 से पहले राज्य की शिक्षा व्यवस्था कई चुनौतियों से जूझ रही थी। बीते वर्षों में बिहार सरकार ने स्कूलों, कॉलेजों और आवासीय विद्यालयों के माध्यम से शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया है। अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय इसी क्रम में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होंगे। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। सरकार का विश्वास है कि यह योजना अल्पसंख्यक छात्रों को मुख्यधारा से जोड़ने, ड्रॉपआउट दर कम करने और उन्हें आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।  

कोहरा और ठिठुरन का दौर: मौसम विभाग ने जारी की बड़ी चेतावनी, 48 घंटे चुनौतीपूर्ण

पटना बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को लगातार पांचवें दिन न्यूनतम तापमान  में गिरावट देखी गई, क्योंकि पिछले दिन धूप न निकलने से ठंड बढ़ गई थी। मौसम विभाग (IMD) ने पटना के लिए कोल्ड डे की चेतावनी जारी की है। साथ ही राज्य में अगले 48 घंटों के लिए अलर्ट (IMD Alert) जारी किया गया है। इस दौरान जबरदस्त ठंड के साथ पछुआ हवाओं और कोहरे की मार झेलनी पड़ सकती है। कुछ जगहों पर कोल्ड डे की स्थिति मौसम विभाग ने बताया कि सोमवार को पश्चिमी और मध्य बिहार में कुछ जगहों पर कोल्ड डे की स्थिति बनी रह सकती है। अधिकांश जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे के साथ बादल छाए रहने की उम्मीद है। मंगलवार को उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी जिलों में एक या दो जगहों पर घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जबकि अन्य जगहों पर हल्का से मध्यम कोहरा बना रह सकता है। अगले दो दिनों में अधिकतम या न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव की उम्मीद नहीं है।  IMD ने अगले छह दिनों तक पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहने का भी पूर्वानुमान लगाया है। पटना एयरपोर्ट पर 5 उड़ानें रद्द ठंड और घने कोहरे का असर परिवहन व्यवस्था पर साफ दिख रहा है। रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, पटना से गुजरने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनें 10 से 20 घंटे देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। पटना एयरपोर्ट पर खराब विजिबिलिटी के कारण पांच उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि कई अन्य उड़ानें काफी देरी से संचालित हुईं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की स्थिति में सुधार होने तक पहले से शेड्यूल जांच लें और सतर्क रहें। शिवहर में, जहां एक हफ्ते से अधिक समय से शीतलहर जारी है, जिला मजिस्ट्रेट प्रतिभा रानी ने 23 दिसंबर तक सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। यह फैसला गिरते तापमान और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। यह बंदी कक्षा 1 से 8 तक के लिए लागू है, जबकि शिक्षकों को नियमित रूप से स्कूल आने का निर्देश दिया गया है।   इन जिलों में स्कूल बंद बिहार में कड़ाके की ठंड की वजह से अररिया, सिवान, भोजपुर, गोपालगंज और सीतामढ़ी के जिला प्रशासन ने 24 दिसंबर तक सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। मुजफ़्फरपुर में, पूरी तरह से बंद करने के बजाय, स्कूलों का समय बदल दिया गया है। अब सरकारी और प्राइवेट दोनों स्कूलों में पढ़ाई सुबह 10.00 बजे से दोपहर 3.30 बजे तक ही होगी। गोपालगंज जिले में, प्रशासन ने ठंड की लहर के बीच बच्चों की सेहत और सुरक्षा को देखते हुए 22 दिसंबर से 24 दिसंबर तक सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों, प्री-स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में पढ़ाई बंद कर दी है। हालांकि, क्लास 9 और उससे ऊपर की क्लास के लिए कुछ छूट दी गई है, जो सुबह 10.00 बजे से शाम 4.30 बजे तक चलेंगी।

जनवरी 2026 में होगी बिहार पुलिस सब-इंस्पेक्टर परीक्षा, जानें एडमिट कार्ड की डेट

पटना बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने गृह विभाग (पुलिस शाखा) में सब-इंस्पेक्टर (SI) पदों के लिए प्रारंभिक परीक्षा की तारीख जारी कर दी है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर जाकर आधिकारिक नोटिस चेक कर सकते हैं। ऑफिशियल नोटिफिकेशन में दी गई जानकारी के अनुसार सब-इंस्पेक्टर (SI) पर चयन के लिए प्रारंभिक लिखित परीक्षा का आयोजन 18 जनवरी 2026 (रविवार) और 21 जनवरी 2026 (बुधवार) को किया जाएगा। परीक्षा का आयोजन दो शिफ्टों में किया जाएगा। पहली शिफ्ट का आयोजन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जाएगा। पहली शिफ्ट का आयोजन दोपहर 2:30 बजे से दोपहर 4:30 बजे तक किया जाएगा। उम्मीदवारों को परीक्षा के लिए 2 घंटे का समय दिया जाएगा। ई-एडमिट कार्ड की जानकारी- प्रारंभिक लिखित परीक्षा के लिए उम्मीदवारों के ई-एडमिट कार्ड (E-Admit Card) आधिकारिक वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर 30 दिसंबर 2025 से उपलब्ध होंगे। परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए अभ्यर्थी ई-एडमिट कार्ड के साथ अपना एक वैलिड फोटो आईडी जैसे-मतदाता पहचान-पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड अथवा आधार कार्ड भी लेकर जरूर जाएं। यदि ई- एडमिट कार्ड पर फोटो स्पष्ट नहीं है या उपलब्ध नहीं है तो ऐसी स्थिति में अभ्यर्थी परीक्षा केन्द्र पर अपने साथ आवेदन फॉर्म के समान दो फोटोग्राफ भी ले जाएं। जो अभ्यर्थी किसी कारणवश वेबसाईट से ई- एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं कर सकें वे 9 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग के 5, हार्डिंग रोड, पटना-800001 स्थित ऑफिस से अपने आवेदन फॉर्म की फोटोकॉपी और एक वैलिड फोटो आईडी कार्ड के साथ स्वयं उपस्थित होकर अपने खर्च पर डुप्लिकेट ई- एडमिट कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। पदों की डिटेल्स- इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए दरोगा के कुल 1799 पदों पर उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। उम्मीदवारों को वेतनमान लेवल 6 के अनुसार दिया जाएगा। चयन प्रक्रिया- 1. प्रारंभिक लिखित परीक्षा 2. मेंस लिखित परीक्षा 3. शारीरिक योग्यता/दक्षता परीक्षा 4. मेरिट लिस्ट एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें- 1. सबसे पहले आपको ऑफिशियल वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर जाना होगा। 2. इसके बाद आपको होम पेज पर दिए गए ‘Home Dept.’ टैब में जाकर एडमिट कार्ड लिंक पर क्लिक करना होगा। 3. इसके बाद आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर लॉगिन करना होगा। 4. अब आपकी स्क्रीन पर आपका एडमिट कार्ड ओपन हो जाएगा। 5. अब आप एडमिट कार्ड को डाउनलोड कर लीजिए। 6. परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड का प्रिंट आउट निकाल लीजिए।  

कल पटना में नितिन नबीन का रोड शो, कई इलाकों में बदलेगा ट्रैफिक सिस्टम; जानिए कौन-से रास्ते रहेंगे बंद

पटना भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के मंगलवार को प्रस्तावित रोड शो को लेकर पटना पुलिस ने व्यापक यातायात व्यवस्था लागू की है। यह रोड शो दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक या वीआईपी कार्यक्रम समाप्ति तक आयोजित होगा। इस दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा और वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। रोड शो पटना एयरपोर्ट से शुरू होकर अरण्य भवन, शेखपुरा मोड़, पटेल भवन, पुनाईचक, पटना उच्च न्यायालय, ऊर्जा भवन, आयकर चौराहा होते हुये भाजपा प्रदेश कार्यालय और मिलर हाई स्कूल तक जायेगा। वीरचंद पटेल पथ पर आर ब्लॉक गोलंबर से आयकर चौराहे तक दोनों लेन में सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा। वहीं जगदेव पथ और वीरचंद पटेल पथ पर पार्क भी वर्जित रहेगी। अग्निशमन वाहन, एंबुलेंस, शव वाहन, मरीजों और न्यायिक कार्यों से जुड़े वाहनों और पासधारी वाहनों को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। रोड शो में शामिल होने वाले छोटे वाहनों की पार्किंग जीपीओ गोलंबर से आर ब्लॉक तक और बड़ी गाड़ियों और बसों की पार्किंग अटल पथ पर निर्धारित की गई है। वैकल्पिक मार्गों का करें उपयोग जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से मुख्य मार्गों पर जाने से बचें और तय वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

झारखंड में शीतलहर और घना कोहरा, कई जिलों में IMD का येलो अलर्ट जारी

रांची भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने झारखंड के कुछ हिस्सों में ठंड और घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। इन जिलों में अलर्ट जारी आईएमडी के अनुसार, गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार और लोहरदगा जिलों के लिए ठंड को लेकर ‘येलो अलर्ट' जारी किया गया है। वहीं, गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद और खूंटी सहित कुल 15 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। छह जिलों में शीतलहर की संभावना आईएमडी ने एक बुलेटिन में बताया कि राज्य के छह जिलों में शीतलहर जैसी स्थिति भी दर्ज की गई है, जहां न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। इन जिलों में गुमला, हजारीबाग, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा और रांची शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण नमी वाली हवा ठंडी सतह से टकरा रही है, जिससे जलवाष्प की महीन बूंदें कुहासे में बदल रही हैं। धूलकण और प्रदूषण के कण इसमें शामिल होकर द्दश्यता और कम कर रहे हैं, जिसके कारण दिन में भी ठंड और कनकनी महसूस हो रही है।

पीएम मोदी–अमित शाह के साथ नीतीश कुमार की बैठक, दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मियां तेज

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह, एक महीने पहले  मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार का राष्ट्रीय राजधानी का पहला दौरा है। इस दौरान राज्य के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। वहीं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी साथ में मौजूद रहे। सम्राट चौधरी ने इस संबंधी सोशल मीडिया पर पोस्ट भी शेयर की। सम्राट चौधरी ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि बिहार में NDA को मिले भारी जनादेश के बाद आज दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  से बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात हुई। पीएम मोदी के निर्देशन और नेतृत्व में देश और बिहार लगातार आगे बढ़ रहा है। इस दौरान विकसित बिहार के लक्ष्यों पर बहुमूल्य मार्गदर्शन भी मिला। डबल इंजन सरकार डबल स्पीड से कर रही काम सम्राट चौधरी ने अमित शाह से हुई मुलाकात को लेकर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि आज नई दिल्ली में NDA की बड़ी जीत के बाद, देश के यशस्वी गृह और सहकारिता मंत्री माननीय अमित शाह और बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिला। डबल इंजन सरकार "विकसित बिहार" के लिए डबल स्पीड से काम कर रही है। बता दें सीएम नीतीश कुमार रविवार को दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे थे। बैठक में मकर संक्रांति के बाद संभावित राज्य मंत्रिमंडल विस्तार के मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है।

पेट्रोल पंप की रोशनी में पढ़ने वाले बच्चे की कहानी ने जीता CM हेमंत सोरेन का दिल, रांची DC को मिले खास निर्देश

रांची सोशल मीडिया एक्स पर एक यूजर ने सीएम हेमंत को टैग करते हुए एक बच्चे की समस्या से अवगत करवाया। इसके बाद सीएम हेमंत ने मामले को संज्ञान में लिया। सीएम हेमंत ने रांची डीसी को टैग करते हुए लिखा, संज्ञान लें एवं एलेक्स की पढ़ाई हेतु हर संभव मदद पहुंचाते हुए सूचित करें। दरअसल, सनी शारद नामक युवक ने अपने ट्वीट में सीएम हेमंत को टैग करते हुए लिखा कि चौधरी फ्यूल पेट्रोल पंप की रोशनी के नीचे हर रात 8 वर्षीय एलेक्स मुंडा पढ़ाई करता है। उसकी मां नूतन टोप्पो दिन भर पेट्रोल पंप पर मेहनत-मजदूरी करने के बाद रात को अपने बेटे को पढ़ाती हैं। सात साल पहले पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी नूतन टोप्पो के कंधों पर आ गई थी। पत्रकार सनी शारद ने ट्वीट में मां-बेटे के संघर्ष और जज़्बे की सराहना करते हुए उम्मीद जताई थी कि एलेक्स एक दिन अपने परिवार का नाम रोशन करेगा। वहीं, इस ट्वीट पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची उपायुक्त को टैग करते हुए निर्देश दिया कि मामले का संज्ञान लिया जाए और एलेक्स की पढ़ाई के लिए हर संभव मदद सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि मामले में संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही जिला प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एलेक्स को बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो और उसे हर संभव सहयोग दिया जाए। वहीं, रांची डीसी ने जवाब देते हुए कहा कि महोदय, संदर्भित मामले में संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दिए गए है। साथ ही एलेक्स को बेहतर शिक्षा मिलें इसके लेकर जिला प्रशासन हर संभव मदद देगी।  

राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं: दोषी कर्मियों की नौकरी जाएगी और संपत्ति होगी जब्त : विजय सिन्हा

मुजफ्फरपुर बिहार के उपमुख्यमंत्री तथा राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सोमवार को सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि सरकारी जमीन में दखिल खारिज या किसी भी तरह की गड़बड़ी पाई गई, तो दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों की बर्खास्तगी के साथ उनकी संपत्ति भी जब्त की जाएगी। विजय सिन्हा ने आज मुजफ्फरपुर में जमीन से जुड़े मामलों के समाधान के लिए जनता दरबार का आयोजन किया। जनता दरबार में कई मामलों में सरकारी जमीन में गलत तरीके से दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) और हेराफेरी की शिकायतें भी सामने आईं, जिसके बाद उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी। इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। मंत्री ने एक-एक कर लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही, गड़बड़ी या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता दरबार के दौरान एक मामला जाति अंकन को लेकर सामने आया। एक व्यक्ति ने शिकायत की कि उसके खतियान में पहले 'भूमिहार ब्राह्मण' लिखा हुआ था, लेकिन अब उसे केवल 'भूमिहार' कर दिया गया है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि इस संबंध में विभाग की ओर से पर्ची बांटी गई है। "भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' की नीति" इस पर मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ कहा कि यह किसी जाति विशेष की बैठक नहीं है, बल्कि बिहारियों की बैठक है। हम यहां किसी जाति के हित के लिए नहीं, बल्कि बिहार के लोगों के कल्याण के लिए बैठे हैं। मंत्री ने कहा कि खतियान में जो पहले से दर्ज है, वही मान्य होगा। यदि खतियान में 'भूमिहार ब्राह्मण' लिखा है तो वही रहेगा। इसमें किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा और न ही किसी अधिकारी को इसमें मनमानी करने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि पहले जो व्यवस्था चलती थी, वही आगे भी चलेगी और इसमें किसी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा साफ है और भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम किया जा रहा है। "फरियादियों को बार-बार चक्कर लगाने पर अधिकारी होंगे जिम्मेदार" मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के साथ न्याय करना उनकी जिम्मेदारी है। यदि किसी फरियादी को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। विजय कुमार सिन्हा ने जनता से अपील की कि किसी भी जमीन संबंधी समस्या के समाधान के लिए वे सबसे पहले स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि पहले अंचल कार्यालय और संबंधित थाने में अपनी शिकायत दर्ज करें। यदि वहां समाधान नहीं होता है, तो मामला अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) और फिर जिलाधिकारी (डीएम) तक ले जाएं। इसके बावजूद अगर समस्या का समाधान नहीं होता है, तभी मंत्री स्तर पर सुनवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों की कहीं भी सुनवाई नहीं हुई है, उनकी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा। ऐसे मामलों में त्वरित कारर्वाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। जनता दरबार के दौरान कई फरियादियों ने मंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें भूमि विवाद, दाखिल-खारिज में देरी, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और रिकॉर्ड में त्रुटि जैसे मामले शामिल थे। मंत्री ने कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। मंत्री के सख्त तेवर और स्पष्ट निर्देशों से जनता दरबार में मौजूद लोगों को उम्मीद की किरण दिखाई दी। लोगों ने कहा कि यदि इसी तरह जमीन मामलों में सख्ती बरती गई, तो आम लोगों को लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से राहत मिल सकेगी।

नीतीश सरकार की बड़ी पहल: छात्रवृत्ति योजनाओं से लाखों छात्रों को मिला संबल

पटना बिहार सरकार के पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति योजनाओं के जरिये करीब 55 लाख विद्यार्थियों को लगभग 832 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है। बिहार सरकार का पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग राज्य के सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े तथा अत्यंत पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए लगातार प्रयासरत है। शिक्षा को प्रोत्साहन देने और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से विभाग द्वारा संचालित विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं ने वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनसे लाखों छात्र-छात्राएँ लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना विभाग की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक, मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक लगभग 53 लाख 46 हजार विद्यार्थियों को लगभग 654 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है, जिससे उन्हें अपनी प्री-मैट्रिक शिक्षा बिना किसी बाधा के जारी रखने में सहायता मिली है। यह योजना लाखों परिवारों के लिए शिक्षा का आधार बन रही है। मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 में अब तक कुल 2,76,580 लाभार्थियों को कुल 142.01 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है। मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस योजना से अब तक कुल 1,11,670 विद्यार्थियों (50,002 बालिकाएँ और 61,668 बालक) तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 1,07,172 विद्यार्थियों (49,370 बालिकाएँ और 57,802 बालक) को लाभ मिला है। इन सभी मेधावी विद्यार्थियों को प्रत्येक को 10 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए संचालित मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना ने भी अपनी प्रतिबद्धता साबित की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में, इस योजना के तहत कुल 78,045 लाभार्थियों तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 70639 लाभार्थियों को प्रत्येक को 10 हजार रूपये की राशि वितरित की जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार सरकार की इन प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाओं से अब तक लगभग 55 लाख विद्यार्थियों को लगभग 832 करोड़ रुपये का लाभ मिला है। पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार सरकार, राज्य के सामाजिक और शैक्षणिक रूप से कमजोर वर्गों को आर्थिक सहायता प्रदान करने और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उनकी शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है, जिससे एक सशक्त, शिक्षित और समावेशी बिहार का निर्माण हो सके। विभाग भविष्य में भी इन वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए नए आयाम स्थापित करने के लिये संकल्पित है।  

जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं, बिहार के इस इलाके में बढ़ा रेट

पटना  बिहार भूमि से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, पटना जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में जमीन की न्यूनतम मूल्य दर (MVR / सर्किल रेट) में भारी बढ़ोतरी होने जा रही है। जिला मूल्यांकन समिति की सिफारिश और निबंधन विभाग की समीक्षा के बाद जल्द ही नई दरें लागू की जाएंगी। स्टांप ड्यूटी में भी बढ़ोतरी नई MVR लागू होने के बाद जमीन की रजिस्ट्री के समय 10 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी नए रेट के अनुसार देनी होगी। उदाहरण के तौर पर ऐसे में ₹3 करोड़ की जमीन पर ₹30 लाख स्टांप शुल्क तो वहीं ₹5 करोड़ की जमीन पर ₹50 लाख स्टांप शुल्क लगेगा पटना के प्रमुख इलाकों में जमीन के नए रेट सूत्रों के अनुसार, पटना के पॉश और विकसित इलाकों में जमीन की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा जाएगा:     फ्रेजर रोड: न्यूनतम ₹5 करोड़     दानापुर: लगभग ₹2 करोड़     कंकड़बाग (मुख्य सड़क): करीब ₹3 करोड़     बिहटा (कृषि भूमि): ₹70,000–₹80,000 प्रति कट्ठा   शहरी और ग्रामीण इलाकों में कितनी बढ़ी दरें?     शहरी इलाके: सर्किल रेट में लगभग 3 गुना बढ़ोतरी     पटना से सटे ग्रामीण इलाके: लगभग 4 गुना बढ़ोतरी इससे जमीन के बाजार मूल्य और सर्किल रेट के बीच का अंतर काफी हद तक कम हो जाएगा। 10 साल बाद हुआ बड़ा बदलाव ग्रामीण इलाकों में अंतिम बार MVR संशोधन 2013 में शहरी इलाकों में अंतिम संशोधन 2016 में हुआ था। बीते एक दशक में जमीन की कीमतों में तेज़ वृद्धि हुई, लेकिन सर्किल रेट अपडेट नहीं होने से सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था।