samacharsecretary.com

पटना सिटी में ट्रैफिक की तैयारी, प्रकाश उत्सव के लिए विशेष रूट डायवर्जन

पटना आगामी 25 दिसंबर से 27 दिसंबर तक पटना सिटी में आयोजित होने वाले प्रकाश उत्सव पर्व को लेकर जिला और यातायात प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में यातायात प्रशासन ने विस्तृत रूट मैप जारी करते हुए वाहनों के आवागमन पर कई तरह की पाबंदियां लागू कर दी हैं। छोटी-बड़ी गाड़ियों से लेकर बाजार समिति में आने वाली फल मंडी की गाड़ियों तक पर यातायात प्रशासन का शिकंजा रहेगा। बिहार के अलावा अन्य राज्यों से आने वाले सिख श्रद्धालुओं सहित सभी श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पटना सिटी में तीन स्थानों पर पार्किंग स्थल भी चिन्हित किए गए हैं। पटना यातायात प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 दिसंबर से 27 दिसंबर तक सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का 359वां जन्मोत्सव प्रकाश उत्सव पर्व के रूप में श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर देश-विदेश से लाखों की संख्या में सिख श्रद्धालु तख्त श्री हरमंदिर साहिब, पटना साहिब पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण चार दिनों तक पूरे इलाके में यातायात व्यवस्था प्रभावित रहती है, जिसे सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहले से ही वाहनों के संचालन के लिए विशेष रूट मैप तैयार किया है। यातायात प्रशासन के अनुसार 24 दिसंबर की मध्यरात्रि से 28 दिसंबर की रात 12 बजे तक भारी वाहनों, खासकर भवन निर्माण सामग्री जैसे सीमेंट, बालू और गिट्टी लदे वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। दीदारगंज की ओर से कोई भी वाहन अशोक राजपथ में पश्चिम दिशा की ओर नहीं जाएगा। ऐसे सभी वाहनों का परिचालन न्यू बाइपास के माध्यम से किया जाएगा। बाजार समिति में आवश्यक सामग्री लेकर आने वाले मालवाहक वाहनों को केवल रात्रि 2 बजे से 4 बजे तक ही माल की डिलीवरी की अनुमति होगी। इसके अलावा 25 दिसंबर की सुबह 4 बजे से 27 दिसंबर की सुबह 6 बजे तक अशोक राजपथ में गायघाट से पूर्व दरवाजा तक ऑटो और अन्य व्यावसायिक वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा। इन वाहनों को गायघाट से डंका इमली, नवाब बहादुर रोड, सुदर्शन पथ, तुलसी मंडी, अगमकुआं आरओबी होते हुए पटना साहिब तक आवागमन करना होगा। मुख्य कार्यक्रम के दौरान 25 दिसंबर से 28 दिसंबर की सुबह 6 बजे तक पश्चिम दरवाजा से पूर्व दरवाजा तक सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा। वहीं, रूट मैप के अनुसार 26 दिसंबर की सुबह 4 बजे से मध्यरात्रि तक अशोक राजपथ में गायघाट से दीदारगंज तक सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर रोक रहेगी। इमरजेंसी सेवाओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। पीएमसीएच जाने के लिए आकस्मिक स्थिति में कंगन घाट से दाहिने जेपी सेतु पथ होते हुए पहुंचा जा सकेगा, जबकि एनएमसीएच जाने के लिए गायघाट से बाएं डंका इमली मार्ग का उपयोग किया जाएगा। प्रकाश उत्सव पर्व के दौरान वाहनों की पार्किंग के लिए बाजार समिति, दीदारगंज, मंगल तालाब चौक थाना क्षेत्र और कंगन घाट चौक थाना के पास पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जारी रूट मैप का पालन करें और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसमें सहयोग करें।  

अगले 7 दिन में सर्दी से संभलें! बिहार के इन जिलों में कोल्ड डे अलर्ट

पटना बिहार में सर्द पछुआ हवाओं ने ठंड को और तीखा कर दिया है और मौसम के इस बदले मिजाज के बीच इस मौसम में पहली बार शीत दिवस की स्थिति  बनी है, जिसे लेकर मौसम विज्ञान केंद्र ने यलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी पटना समेत मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और राज्य के कई जिलों में लगातार चौथे दिन रविवार को भी धूप नहीं निकल पाई है। विभाग का कहना है कि अगले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। इन जिलों में अलर्ट जारी मौसम विभाग (IMD)  के अनुसार, शीत दिवस के दौरान दिन और रात के तापमान में अंतर काफी कम हो जाता है। इस समय न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे चला गया है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से करीब पांच डिग्री तक नीचे दर्ज किया जा रहा है। ठंडी हवाओं और धूप की कमी के कारण लोगों को दिन में भी कड़ाके की ठंड का एहसास हो रहा है। रविवार को गोपालगंज, सिवान, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, शेखपुरा, नालंदा, जहानाबाद, नवादा, औरंगाबाद, अरवल, रोहतास, भोजपुर, बक्सर, भभुआ, पटना और गया में शीत दिवस का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने घने कोहरे को लेकर भी चेतावनी दी है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, पटना, जहानाबाद, गया जी, नालंदा, नवादा और शेखपुरा में ऑरेंज अलर्ट (IMD Alert) जारी किया गया है। अगले 7 दिनों तक शुष्क बना रहेगा मौसम विभाग का कहना है कि घने कोहरे के कारण द्दश्यता में भारी कमी आ सकती है, जिससे सड़क और हवाई यातायात प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 25 दिसंबर तक मौसम में खास बदलाव की संभावना नहीं है। पटना में दिन का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 10 डिग्री तक गिरने के आसार हैं। अगले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क  बना रहेगा। आगे के पूर्वानुमान के अनुसार, 21 दिसंबर को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी और मधुबनी में घने कोहरे की संभावना है। 22 दिसंबर को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान और सारण के एक- दो स्थानों पर घना कोहरा छाया रह सकता है। इसके बाद भी अगले चार से पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से घना कोहरा बने रहने की आशंका है। तापमान को लेकर राहत की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों में अधिकतम और अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

छुट्टियों का मौका: झारखंड के स्कूल 24, 25 और 26 दिसंबर को बंद

रांची  क्रिसमस 2025 इस बार गुरुवार को पड़ रहा है। इस दिन लगभग पूरे देश के सभी स्कूलों में छुट्टी रहती है। वहीं, बात करें झारखंड की तो हर साल की तरह इस बार भी यहां के सभी स्कूलों में 25 दिसंबर यानी क्रिसमस पर छुट्टी रहने वाली है। 24 या 26 दिसंबर को भी अवकाश सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राज्य के स्कूलों में क्रिसमस की छुट्टी के बाद सर्दियों की छुट्टियां पड़ जाएगी जिससे बच्चों में खुशी की लहर है। कई स्कूलों में 24 या 26 दिसंबर को भी अवकाश दिया जा सकता है। क्रिसमस के मौके पर मिशनरी और CBSE/ICSE स्कूलों में छुट्टी का दायरा थोड़ा ज्यादा हो सकता है। दिसंबर के अंत में झारखंड में तापमान काफी गिर जाता है, इसलिए Winter Break दिया जाता है। बच्चों में खुशी की लहर कुछ जिलों में ठंड अधिक होने पर छुट्टियां जनवरी के पहले सप्ताह तक बढ़ सकती हैं। विंटर ब्रेक का फैसला जिला प्रशासन भी मौसम को देखते हुए करता है। इस दौरान बच्चों को कुछ दिन के लिए पढ़ाई से राहत मिल जाती है।  

PVNL CEO ने की CM हेमंत सोरेन से मुलाकात, राज्य के विकास मुद्दे रहे फोकस

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज यानी रविवार को पतरातू विद्युत निगम लिमिटेड (PVNL) के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ) अशोक कुमार सहगल, ह्यूमन रिसोर्स प्रमुख जेड रहमान, वरीय प्रबंधक पंकज कुमार सिंह एवं डीजीएम जे. महापात्र ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर सीईओ ने मुख्यमंत्री को बताया कि 5 नवंबर 2025 से पीवीएनएल के 800 मेगावाट की क्षमता वाली एक यूनिट से बिजली का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है। उन्होंने इस यूनिट के चालू होने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के द्वारा हर स्तर पर मिले सहयोग का परिणाम है कि इस यूनिट से बिजली का व्यवसायिक उत्पादन  तय समय पर शुरू हो सका है। इस यूनिट के चालू हो जाने से झारखंड अब बिजली के मामले में आत्मनिर्भर हो चुका है। ऊर्जा क्षेत्र सरकार की प्राथमिकता में है सीईओ ने मुख्यमंत्री को पतरातु विद्युत निगम लिमिटेड का भ्रमण करने के लिए भी आमंत्रित किया। वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र सरकार की प्राथमिकता में है। इस दिशा में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक और सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पीवीवीएनएल से कहा कि वह युवाओं के कौशल विकास के लिए भी ठोस पहल करे।  

रेलवे में फिर हुआ कछुआ तस्करी का मामला, आरोपी अब भी फरार

गयाजी पूर्व मध्य रेल के डी.डी.यू. मंडल अंतर्गत रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट गया ने ऑपरेशन विलेप के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 48 अदद जीवित कछुओं को बरामद किया है। यह कार्रवाई गाड़ी संख्या 13010 डाउन (दून एक्सप्रेस) के स्लीपर कोच एस-7 की चेकिंग के दौरान की गई। बरामद सभी कछुओं को बाद में वन विभाग को सुपुर्द कर दिया गया है। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी निरीक्षक बनारसी यादव ने बताया कि चेकिंग के दौरान स्लीपर कोच से जीवित कछुए बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 24 लाख रुपये आंकी गई है। उन्होंने बताया कि इस मामले में फिलहाल किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। बार-बार केवल कछुओं की बरामदगी होना और तस्करों का हाथ न लगना कई सवाल खड़े करता है। आखिर तस्कर क्यों नहीं पकड़े जा रहे हैं, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। जबकि कछुए स्लीपर कोच से ही बरामद किए गए हैं। इससे पहले भी स्लीपर कोच से करीब 51 लाख रुपये मूल्य के कछुए बरामद किए गए थे, लेकिन उस मामले में भी तस्करों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। इससे पूर्व नेताजी एक्सप्रेस से भी कछुओं की बरामदगी हुई थी, लेकिन उस मामले में भी किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका। लगातार स्लीपर कोच से कछुओं की तस्करी के मामलों को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि यह किसी शातिर और आदतन गिरोह का काम हो सकता है। जिस तरह से स्लीपर कोच से बार-बार कछुए पकड़े जा रहे हैं, उससे यह स्वाभाविक रूप से कहा जा सकता है कि तस्कर स्वयं कछुओं की निगरानी करते हुए ट्रेन से सफर कर रहा होगा। चूंकि स्लीपर कोच में बिना टिकट यात्रा संभव नहीं है, ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि तस्कर ट्रेन के कोच में ही मौजूद रहते होंगे। इस पूरी कार्रवाई में आरपीएफ, आंतरिक आसूचना शाखा और रेलवे पुलिस के कई अधिकारी और जवान शामिल रहे। इनमें बनारसी यादव, निरीक्षक, आरपीएफ गया; चंदन कुमार, निरीक्षक, आंतरिक आसूचना शाखा, गया; पवन कुमार, सहायक उप निरीक्षक, आरपीएफ गया; राकेश कुमार सिंह, आरक्षी, आरपीएफ गया; अमित कुमार, आरक्षी, आरपीएफ गया; अनील प्रसाद, आरक्षी, आरपीएफ गया; विपिन कुमार, आरक्षी, आंतरिक आसूचना शाखा, गया; महेश ठाकुर, प्रधान आरक्षी, आंतरिक आसूचना शाखा, गया; मुकेश कुमार, उप निरीक्षक, आंतरिक आसूचना शाखा, गया; राजनीतिक प्रसाद, उप निरीक्षक, रेलवे पुलिस, गया तथा मनोज कुमार, प्रधान सहायक निरीक्षक, रेलवे पुलिस, गया शामिल थे। आरपीएफ के अनुसार बरामद 48 जीवित कछुओं की कुल अनुमानित कीमत 24 लाख रुपये (₹24,00,000) है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और तस्करों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।  

बिहार से पकड़ा गया आतंकवादी, हेरोइन-ग्रेनेड बरामद; जांच में सामने आया पाकिस्तान लिंक

पूर्वी चंपारण बिहार में एक आतंकवादी को पकड़ा गया है। पूर्वी चंपारण जिले में रक्सौल बॉर्डर से सेना का भगोड़ा व नार्को आतंकी मॉड्यूल में शामिल राजबीर सिंह उर्फ फौजी को गिरफ्तार किया गया। हरैया रक्सौल पुलिस व पंजाब स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल की संयुक्त छापेमारी में उसे 18 दिसंबर को कस्टम चौक के पास से गिरफ्तार किया गया। भगोड़े सेना के जवान के पास से 500 ग्राम हेरोइन व एक हैंड ग्रेनेड बरमद हुआ है। साथ ही पाकिस्तान स्थित हैंडलर से उसका कनेक्शन सामने आया है। पंजाब पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ पंजाब ले गई है। मिली जानकारी के अनुसार आरोपी नेपाल के रास्ते देश से फरार होने के फिराक में था। राजबीर ने वर्ष 2011 में सेना ज्वाइन की थी। अमृतसर ग्रामीण के घरिनडा थाने में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत दर्ज जासूसी के मामले में नाम आने के बाद वह फरवरी 2025 से सेना से फरार हो गया था।

स्मार्ट खेती की दिशा में बड़ी कामयाबी, झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय की प्रोफेसर का डिवाइस पेटेंटेड

रांची झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUJ) की सिविल इंजीनियरिंग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रतिभा वारवाडे और उनकी शोध टीम द्वारा विकसित मिट्टी की नमी मापने वाले उपकरण को पेटेंट मिल गया है। विश्वविद्यालय की ओर से शनिवार को जारी बयान में इसकी जानकारी दी गई। यह उपकरण इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) तकनीक पर आधारित है और एक स्मार्ट सिंचाई प्रणाली का हिस्सा है। इसे खास तौर पर बड़े पैमाने पर कृषि उत्पादन के लिए तैयार किया गया है, जिसमें ड्रिप इरिगेशन के जरिए सब्जी और फलों की अलग-अलग फसलों की सिंचाई की जा सकती है। संस्थान के अनुसार, यह सिस्टम रियल-टाइम मिट्टी की नमी और पर्यावरण से जुड़े आंकड़ों के आधार पर खुद-ब-खुद सिंचाई को नियंत्रित करता है। इससे किसानों की मैनुअल लेबर पर निर्भरता कम होती है और पानी का सही व वैज्ञानिक तरीके से उपयोग संभव हो पाता है। कृषि क्षेत्र के लिए यह पेटेंट बड़ी उपलब्धि: डॉ. प्रतिभा वारवाडे डॉ. प्रतिभा वारवाडे ने कहा कि यह पेटेंट कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। उन्होंने बताया कि यह डिवाइस किसानों को मिट्टी में मौजूद नमी की सटीक जानकारी तुरंत उपलब्ध कराती है, जिससे सिंचाई प्रबंधन ज्यादा प्रभावी, सटीक और वैज्ञानिक बनता है। बयान में बताया गया कि मध्य प्रदेश कृषि विभाग ने इस डिवाइस को किसानों के लाभ के लिए इस्तेमाल करने को लेकर डॉ. वारवाडे से संपर्क किया है। इसके साथ ही यह तकनीक झारखंड जैसे राज्यों के लिए भी काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। कम लागत वाला उपकरण खास बात यह है कि यह उपकरण कम लागत वाला है और बाजार में उपलब्ध अन्य उपकरणों की तुलना में काफी सस्ता है। इससे छोटे और मध्यम किसानों के लिए भी इस तकनीक को अपनाना आसान हो जाएगा। डॉ. वारवाडे ने कहा कि यह उपलब्धि स्मार्ट एग्रीकल्चर की दिशा में नए रास्ते खोलती है। यह तकनीक पानी की बचत, उत्पादन बढ़ाने और सतत विकास (Sustainable Development) में अहम भूमिका निभा सकती है। यह सफलता छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की शोध टीम के साथ संयुक्त परियोजना के तहत हासिल की गई है। झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर क्षिति भूषण दास ने डॉ. वारवाडे को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि शोध और नवाचार को पेटेंट में बदलकर समाज के कल्याण में योगदान देना सराहनीय कार्य है और यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है।  

झारखंड में बिजली महंगी होने वाली, JBVNL का प्रस्ताव सार्वजनिक

रांची झारखंड में नए साल में बिजली महंगी हो सकती है। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने राज्य विद्युत नियामक आयोग के सामने बिजली की कीमतों में 60 प्रतिशत तक इजाफे का प्रस्ताव रखा है जिससे प्रति यूनिट 3.50 रुपए तक का इजाफा हो सकता है। एक अप्रैल से लागू होती हैं नई दरें राज्य विद्युत नियामक आयोग अब प्रमंडलों में जनसुनवाई कर आपत्तियां और सुझाव लेगा। उसके बाद स्टेक होल्डर्स की बैठक में सभी पक्षों को सुनने के बाद नई दर पर आदेश देगा। आमतौर पर नई दरें एक अप्रैल से लागू होती हैं। चालू वर्ष में नई दरें एक मई से लागू की गईं। जेबीवीएनएल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिजली खरीद पर 8,726 करोड़ रुपए से अधिक खर्च का अनुमान लगाया है। इसमें थर्मल, हाइड्रो और अन्य स्रोतों से खरीदी जाने वाली बिजली शामिल है। इससे पहले 1 मई 2025 से ग्रामीण घरेलू बिजली 40 पैसे प्रति यूनिट और शहरी घरेलू बिजली 20 पैसे प्रति यूनिट महंगी हुई थी, जबकि किसानों को राहत दी गई थी।  

शिक्षा विभाग ने जारी किया नया आदेश: बिहार के स्कूलों का समय बदल गया

पटना घने कोहरे, गिरते तापमान और बढ़ती ठंड के कारण पटना जिले में आम जनजीवन के साथ-साथ बच्चों की दिनचर्या भी प्रभावित होने लगी है। सुबह के समय कम दृश्यता और शीतलहर जैसे हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को जिले के सभी विद्यालयों के संचालन समय में एहतियातन बदलाव किया। 25 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा यह आदेश पटना जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने आदेश जारी करके कहा कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ-साथ प्री-प्राइमरी विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र अब सुबह 10 बजे से अपराह्न 3.30 बजे तक ही संचालित किए जाएंगे। उन्होंने आदेश में कहा कि निर्धारित समय से पहले या बाद में किसी भी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि पर पूरी तरह रोक रहेगी। प्रशासन के अनुसार, सुबह और देर शाम की ठंड बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन के अनुसार यह आदेश 20 दिसंबर से 25 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, बोर्ड और प्री-बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित विशेष कक्षाएं और निर्धारित परीक्षाएं इस आदेश से मुक्त रहेंगी, ताकि परीक्षा कार्यक्रम प्रभावित ना हो। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी ठंड के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए 10 दिसंबर को विद्यालयों के समय में बदलाव किया गया था। उस दौरान आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए विद्यालय का समय सुबह 8.30 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया था, जो 11 से 18 दिसंबर तक लागू रहा। हालांकि मौसम के और अधिक सर्द होने तथा न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज होने के बाद अब सभी कक्षाओं के लिए एक समान समय तय किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।  

सरकार को झारखंड HC का आदेश, अब मांस खुले में नहीं बिकेगा

रांची  झारखंड उच्च न्यायालय ने बीते शुक्रवार को राज्य सरकार को केंद्र द्वारा बनाए गए खाद्य सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और खुले में मांस की बिक्री को रोकने का निर्देश दिया। खुले में मांस की बिक्री पर झारखंड HC सख्त मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की पीठ श्यामानंद पांडे द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता ने न्यायालय को बताया कि खुले में बकरियों व मुर्गियों को काटा जाता और उनके शवों को दुकानों में लटका दिया जाता है, जो राह चलते हुए लोगों को दिखाई देते हैं। पीठ ने खुले में मांस की बिक्री पर नाराजगी व्यक्त की और राज्य सरकार तथा रांची नगर निगम को इस संबंध में तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया। अदालत ने सरकार को केंद्र द्वारा बनाए गए खाद्य सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने का भी निर्देश दिया।