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कांग्रेस ने माना तेजस्वी का लोहा — RJD को मिली बड़ी जीत, जानिए बिहार राजनीति में इसका मतलब क्या है

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के बीच कांग्रेस ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव को आखिरकार सीएम फेस घोषित कर दिया है। कांग्रेस ने बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने पर विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के मुखिया मुकेश सहनी को भी डिप्टी सीएम बनाने का वादा किया है। कांग्रेस के वरीय नेता अशोक गहलोत ने गुरुवार को पटना में इंडिया अलायंस की पटना में हुई साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह ऐलान किया। बीते कुछ महीनों से कांग्रेस पार्टी तेजस्वी को मुख्यमंत्री का चेहरा मानने से परहेज कर रही थी। राहुल गांधी से लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेता तेजस्वी के सीएम फेस के सवाल को मीडिया के सामने टालते रहे। इस बीच महागठबंधन में सीट बंटवारे पर राजद, कांग्रेस और अन्य घटक दलों के बीच सहमति और असहमति का भी लंबा दौर चला। अंदरखाने से खबरें आईं कि कांग्रेस चुनाव रिजल्ट के बाद ही मुख्यमंत्री का चुनाव चाहती है। पटना में गुरुवार को महागठबंधन की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरीय नेता अशोक गहलोत ने पार्टी की ओर से बात रखी। गहलोत ने नेता प्रतिपक्ष को बिहार चुनाव में महागठबंधन का सीएम फेस घोषित करते हुए कहा, “तेजस्वी ने पिछली बार भी कमाल किया था। मगर मामूली वोटों के अंतर से उनकी सरकार बनते हुए रह गई थी।” उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और एनडीए पर साम, दाम, दंड, भेद के बल पर तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनने से रोकने का भी आरोप लगाया। अशोक गहलोत ने कहा कि मीडिया की ओर से बार-बार सीएम फेस के बारे में सवाल किया जा रहा था, इसलिए आज घोषणा करनी पड़ी। कांग्रेस ने राजद के सामने डाले हथियार? दरअसल, कांग्रेस अब तक तेजस्वी यादव को महागठबंधन का सीएम फेस मानने से बचती रही। वोटर अधिकार यात्रा के दौरान पूर्णिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी से जब तेजस्वी पर सवाल किया था, तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया था। इससे पहले कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु समेत अन्य शीर्ष नेताओं ने भी बार-बार तेजस्वी को सीएम फेस घोषित करने के सवाल को टाला था। बिहार चुनाव के लिए पहले और दूसरे चरण के नामांकन के दौरान महागठबंधन की कलह खुलकर सामने आ गई थी। कुछ सीटों पर घटक दलों ने एक-दूसरे के सामने ही उम्मीदवार उतारकर दोस्ताना संघर्ष बना दिया। सुल्तानगंज, कहलगंव, वैशाली समेत कुछ सीटों पर कांग्रेस और राजद दोनों के उम्मीदवारों के नामांकन कर दिया। कांग्रेस ने बछवाड़ा और अन्य जगह पर लेफ्ट पार्टी सीपीआई के खिलाफ भी अपना प्रत्याशी उतारा। इस वजह से महागठबंधन में गांठ उलझती नजर आई। खासकर राजद और कांग्रेस के बीच सीटों पर तनातनी बढ़ने के बाद अशोक गहलोत को सुलह के लिए पटना भेजा गया। गहलोत ने पटना आने के बाद बुधवार को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद याजव और तेजस्वी से मुलाकात की। हालांकि, इस मुलाकात के तुरंत बाद उन्होंने कुछ खास नहीं बोला और कहा कि गुरुवार को महागठबंधन की साझा प्रेस वार्ता में स्पष्ट कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि महगठबंधन में उलझी हुई गांठ को अब सुलझा दिया गया है। कांग्रेस ने तेजस्वी को सीएम फेस घोषित करने के साथ ही सहनी को डिप्टी सीएम बनाने का वादा करके सारी कंफ्यूजन दूर कर दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अब तक मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर टालमटोल करने वाली कांग्रेस ने आखिरकार लालू-तेजस्वी के सामने अपने हथियार डाल दिए। चुनाव में इसका क्या असर होगा यह 14 नवंबर को रिजल्ट आने के बाद साफ हो जाएगा।  

झारखंड: लातेहार में संगठित गिरोह के 5 सदस्य गिरफ्तार, भारी हथियार बरामद

लातेहार झारखंड के लातेहार जिले में एक संगठित आपराधिक गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनके पास से दो पिस्तौल, पांच कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘मंगलवार रात हमें सूचना मिली कि राहुल सिंह गिरोह के कुछ सदस्य चंदवा थाना क्षेत्र के परसाही दगदगी पुल पर आपराधिक गतिविधि को अंजाम देने के लिए इकट्ठा हुए हैं। सूचना के आधार पर, पुलिस अनुमंडल अधिकारी लातेहार के नेतृत्व में एक पुलिस दल ने इलाके में छापेमारी की और पांच लोगों को गिरफ्तार किया।'' उन्होंने बताया कि गिरोह एक कोयला लदान क्षेत्र से जबरन वसूली करने के लिए इकट्ठा हुआ था। पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘‘गिरफ्तार किए गए पांचों व्यक्ति राहुल सिंह गिरोह के हैं। इनमें से चार रांची के और एक गुमला का रहने वाला है।'' आरोपियों की पहचान विश्वनाथ उरांव (33), संदीप यादव (24), फूलचंद खलको (24), तुलसी मुंडा (19) और तनवीर अंसारी (22) के रूप में हुई।  

रांची में छठ पर्व के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था कड़ी, नागरिकों की सुविधा पर जोर

रांची छठ पर्व के मद्देनजर झारखंड की राजधानी रांची में 27 और 28 अक्टूबर को ट्रैफिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव किये गए हैं। रांची पुलिस ने बुधवार को आदेश जारी कर इस दौरान यातायात सुगमता और भीड़ नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण नियम घोषित किये हैं। यह नियम इमरजेंसी वाहनों को छोड़ कर सभी वाहनों पर लागू होंगे। सबसे महत्वपूर्ण प्रतिबंधों में मालवाहक वाहनों का प्रवेश शामिल है। 27 अक्टूबर की सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक तथा 28 अक्टूबर की सुबह 2 बजे से दिन के 10 बजे तक सभी भारी मालवाहक वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, ऐसे भारी वाहनों को रिंग रोड के माध्यम से ही अपने गंतव्य तक परिचालन करने की अनुमति दी गई है। इसके अतिरिक्त, शहर में लागू सामान्य नो-एंट्री नियम पहले की तरह समान रूप से लागू रहेंगे। छोटे मालवाहक वाहनों के परिचालन पर भी विशेष रोक लगाई गई है। 27 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक पूरे शहर में छोटे मालवाहक वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, उसी दिन शाम 3 बजे से रात 8 बजे तक चांदनी चौक से कांके तथा राम मंदिर के बीच ऑटो और ई-रिक्शा चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। ट्रैफिक नियंत्रण के लिए प्रमुख मार्गों पर भी रोक लगाई गई है। 27 अक्टूबर को फिरायालाल से चढ़री तालाब की ओर जाने वाली सड़क और जेल चौक से फिरायालाल की ओर जाने वाली सड़क पर वाहन यातायात पूरी तरह बंद रहेगा। छठ पर्व के अवसर पर घाटों के पास कुछ स्थानों को पाकिर्ंग स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। रांची पुलिस ने कहा है कि आवश्यकतानुसार यातायात को नियंत्रित करने के लिए अन्य मार्गों को भी सीमित समय के लिए डायवर्ट या रोका जा सकता है। रांची पुलिस ने जनता से इन नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है जिससे पर्व की खुशियां सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से मनाई जा सकें।  

दिल्ली से पटना के लिए उड़ान में खराबी आई, विमान को वापस लैंड कराया गया

 नई दिल्ली दिल्ली से पटना के लिए उड़े विमान में तकनीकी खराबी की वजह से इसे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) पर दोबारा उतारा गया। आसमान में पायलट को तकनीकी गड़बड़ी का अहसास हुआ जिसके बाद विमान को वापस दिल्ली में लैंड कराने का फैसला किया गया। यात्रियों और एयरपोर्ट प्रबंधन ने तब राहत की सांस ली जब विमान ने सुरक्षित लैडिंग की।  एक रिपोर्ट के मुताबिक, विमान संख्या SG 497 ने दिल्ली से सुबह 9.41 पर उड़ान भरी थी। टेकऑफ के कुछ देर बाद पायलट को तकनीकी गड़बड़ी का अहसास हुआ। पायलट ने एटीसी को इसकी सूचना देते हुए बोइंग 737-8A विमान को दोबारा एयरपोर्ट पर उतारने की अनुमति मांगी। विमान को आनन-फानन में लैंड कराया गया। एयरपोर्ट पर लैडिंग के बाद विमान की गहनता से जांच की जा रही है। यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई। दो महीने पहले भी स्पाइसजेट के एक विमान को इसी तरह दिल्ली में दोबारा उतारा गया था। 200 से अधिक यात्रियों को लेकर श्रीनगर के लिए उड़ान भरे विमान की इमर्जेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। इसके अलावा अगस्त में दुबई जा रहे विमान को अहमदाबाद में उतारा गया था। उस विमान ने सूरत से टेकऑफ किया था।

छठ की छुट्टियों में ट्रेनों में भारी भीड़, जगह न मिलने से यात्री परेशान

पटना   छठ पूजा का त्यौहार है, ऐसे में तमाम कामगार मजदूर छठ पूजा के लिए बिहार अपने घर को जा रहे हैं. लोग स्पेशल ट्रेनों की जगह रेगुलर चलने वाली ट्रेनों से यात्रा कर रहे हैं. रेगुलर चलने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ है, लोग गेट पर और टॉयलेट तक में बैठे हुए हैं. घर पहुंचने के लिए लोग रातभर खड़े होकर यात्रा कर रहे हैं, बैठने तक की जगह नहीं है. ट्रेनों में भीड़ को लेकर DDU जंक्शन से  ग्राउंड रिपोर्ट. दरअसल, रेलवे के दावों के इतर जमीनी हकीकत कुछ और है. ट्रेनों में बिहार जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ है. कोई 15 से 20 घंटे खड़े होकर, तो कोई टॉयलेट या फर्स पर बैठ कर यात्रा करने को मजबूर है. कमोबेश हर रेगुलर ट्रेन का यही हाल है. गेट पर लटककर जा रहे हैं घर यात्री विकास सिंह ने  बातचीत में बताया कि वह बनारस से आ रहे हैं और दिलदारनगर जा रहे हैं. वह बनारस रहकर पढ़ाई करते हैं. उन्होंने बताया कि ट्रेन में भीड़ बहुत अधिक है. इसकी वजह से गेट पर लटककर जा रहे हैं. बनारस स्टेशन पर भी भीड़ थी. इसलिए यहां ऑटो से डीडीयू जंक्शन आए, ताकि भीड़ कम हो, लेकिन यहां भी भीड़ वैसे ही है. वहीं उन्होंने बताया कि एक तो ट्रेन लेट है, दूसरा बैठने को भी जगह नहीं है. छठ पूजा मेंयूपी-बिहार के लोग घर जाते हैं. रेलवे को इस पर ध्यान देना चाहिए. भीड़ की वजह से कहीं किसी यात्री के साथ हादसा न हो जाए. स्पेशल ट्रेनें और चलानी चाहिए. टॉयलेट में भी घुसे हुए हैं लोग एक और यात्री इम्तियाज अहमद ने तचीत में बताया कि हम मध्य प्रदेश से आ रहे हैं, लेकिन यहां आए तो देखा  बनारस में भी भीड़ थी और डीडीयू जंक्शन पर भी भीड़ है. ट्रेन भी बहुत लेट चल रही है. हम कई घंटों से खड़े होकर आ रहे हैं. हम सभी यात्रियों का बुरा हाल है. सभी डब्बे खचाखच भरे हुए हैं. लोग एक दूसरे के ऊपर बैठे हुए हैं. टॉयलेट में भी लोग घुसे हुए हैं. जैसे तैसे लोग छठ पूजा पर घर पहुंचना चाहते हैं. हादसे की बढ़ गई है आशंका  बता दें कि छठ पूजा जैसे बड़े पर्व पर रेलवे की सीमित व्यवस्था यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन रही है. भीड़ के चलते हादसे की आशंका भी बढ़ गई है. जरूरत है कि रेलवे प्रशासन अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाए और भीड़ प्रबंधन पर ठोस कदम उठाए, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता से अपने घर पहुंच सकें.  

महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में तय हुआ, तेजस्वी यादव CM उम्मीदवार और मुकेश सहनी उपमुख्यमंत्री

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन ने बड़ा ऐलान करते हुए तेजस्वी यादव को अपना मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित कर दिया है. पटना के होटल मौर्य में हुई इस अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस, वामदलों और अन्य सहयोगी दलों ने मिलकर यह फैसला किया कि आगामी विधानसभा चुनाव तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ा जाएगा. कांग्रेस के सीनियर लीडर अशोक गहलोत ने ऐलान करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव ही महागठबंधन के मुख्यमंत्री के चेहरा होंगे. बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन ने गुरुवार को पटना के होटल मौर्य में बहुप्रतीक्षित प्रेस कांफ्रेंस कर बिहार की जनता को बड़ा संदेश दिया. इस संयुक्त प्रेस वार्ता में महागठबंधन के सभी प्रमुख नेताओं ने भाग लिया और अपनी-अपनी बात रखी. इस दौरान पूर्व सीएम और कांग्रेस के सीनियर लीडर अशोक गहलोत ने ऐलान करते हुए कहा कि बिहार में महागठबंधन तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे और वे मुख्यमंत्री के चेहरे होंगे. बिहार चुनाव के पहले चरण से पहले सीटों के बंटवारे को लेकर जारी मतभेदों के बीच, महागठबंधन ने आज एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. महागठबंधन तेजस्वी यादव को अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर घोषित कर दिया है. कांग्रेस के सीनियर नेता अशोक गहलोत ने महागठबंधन के जीतने पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी के नाम का ऐलान किया है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशोक गहलोत, मुकेश सहनी, दीपांकर भट्टाचार्य समेत अन्य नेताओं ने भाग लिया. VIP के अध्यक्ष मुकेश सहनी ने कहा कि साढ़े तीन साल से इस दिन का इंतजार था और उन्होंने शपथ ली थी कि बीजेपी को तोड़ने का अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक लक्ष्य पूरा नहीं होता. वहीं CPIML के जेनरल सचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि NDA सरकार को लग रहा था कि बिहार में अब कुछ नहीं होगा, लेकिन महागठबंधन के साथ पूरे बिहार के युवा, महिला और गरीब ने संकल्प लिया है कि इस बार सरकार बदली जाएगी. अशोक गहलोत ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि देश में ध्रुवीकरण बढ़ गया है और आलोचना करने पर लोगों को जेल में डाल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज पर भी सवाल उठते हैं और PM से लेकर गृह मंत्री तक धनबल के आधार पर राजनीति कर रहे हैं. अन्य नेताओं ने भी महागठबंधन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि यह गठबंधन पूरी तरह से मजबूत है और जनता बदलाव चाहती है। राहुल गांधी और खगड़े द्वारा करवाए गए सर्वे के बाद यह निर्णय लिया गया कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में जनता के सामने जाएंगे. प्रेस कांफ्रेंस में यह भी साफ किया गया कि बिहार में महागठबंधन एनडीए के खिलाफ मजबूती से खड़ा है और जनता के हित के लिए लड़ाई लड़ रहा है. सभी दलों ने जनता से अपील की कि वे गठबंधन को समर्थन दें और इस चुनाव में बदलाव का संकल्प पूरा करें. तेजस्वी यादव ने कहा, "हम लोग को बिहार बनाने का काम करना है. हम आदरणीय लालू जी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सभी महागठबंधन के साथियों का धन्यवाद देते हैं. जो विश्वास आप लोगों ने हम पर जताया है, उस उम्मीद पर हम जरूर खरे उतरेंगे." – अशोक गहलोत ने कहा कि डिप्टी सीएम चेहरे के तौर पर मुकेश सहनी होंगे. – अशोक गहलोत ने सीएम फेस का ऐलान करते हुए कहा, "सबकी राय लेकर हमने तय किया है कि इस बार के चुनाव में तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे." – अशोक गहलोत ने कहा, "देश के जो हालात हैं, उससे चिंतित होना जरूरी है. देश किस दिशा में जा रहा है, कोई नहीं जानता. देश में बेरोजगारी है. हम सब की जिम्मेदारी बनती है, कि ऐसे वक्त में देश क्या चाहता है, हर बात का ख्याल रखा जाए. किसान, मजदूर, आम आदमी, छात्र और युवा सभी के लिए हालात वही हैं. जब ऐसा होता है, तो लोग बदलाव चाहते हैं और इस बार बदलाव होगा. जिस तरह से पब्लिक ने रिस्पॉन्स दिया, पूरे देश ने देखा." इससे पहले महागठबंधन में सीएम फेस को लेकर तनाव की बाते सामने आई थीं. हालांकि, बुधवार को अशोक गहलोत को पटना पहुंचे, उन्होंने लालू यादव और तेजस्वी यादव से मुलाकात की. मीटिंग के बाद उन्होंने कहा कि गठबंधन एकजुट है और चुनाव के लिए तैयार है. – वीआईपी के प्रवक्त ने बताया कि आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिर्फ मुख्यमंत्री के चेहरे का ऐलान होगा. आज उपमुख्यमंत्री के चेहरे पर किसी तरह का ऐलान नहीं होने वाला है. – पटना में महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव होटल पहुंचे. – महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए बने पोस्टर में सिर्फ तेजस्वी यादव की तस्वीर लगाई गई है. इस पर पप्पू यादव ने कहा, "किसी और नहीं, राहुल गांधी की फोटो पर ही वोट पड़ेंगे." – पप्पू यादव ने कहा, "जब तक सीट वापस न हो, तब तक गठबंधन को कोई कदम नहीं उठाना चाहिए. सामूहिक गठबंधन के साथ चुनाव लड़ना चाहिए." – बिहार बीजेपी चीफ दिलीप जायसवाल ने कहा, "आपसी मतभेद चल रहा है, एक दूसरे को नीचा दिखाने का काम कर रहे हैं. ऑफिस में बैठकर दिखा रहे हैं कि हम सब एक हैं. ये लोग सरकार नहीं चला सकते हैं. कांग्रेस और RJD की दोस्ती संभव नहीं है." गहलोत ने सुलझाई महागठबंधन की गुत्थी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने बुधवार को आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव से मुलाकात की. बातचीत के दौरान कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु भी मौजूद थे, जिन्हें बातचीत में आई रुकावट के लिए जिम्मेदार माना जा रहा था. मुख्य विवाद तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने को लेकर था. कांग्रेस पहले इस पर सहमत नहीं थी, जबकि आरजेडी का पूरा प्रचार अभियान ‘तेजस्वी सरकार’ पर केंद्रित था. सूत्रों के मुताबिक अब कांग्रेस इस मुद्दे पर झुक गई है. कांग्रेस ने सीटों के निष्पक्ष बंटवारे पर भी जोर दिया. मतभेद के चलते कई सीटों पर महागठबंधन के घटक दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें लगभग छह सीटों पर कांग्रेस-आरजेडी, चार पर भाकपा-कांग्रेस और दो पर वीआईपी-आरजेडी के बीच टकराव देखने को … Read more

तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ीं, लालू के करीबी पूर्व विधायक अब BJP में शामिल

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सियासी पारा हाई है। नेताओं के इधर-उधर होने का दौर भी जारी है। इसी कड़ी में एक और दिग्गज नेता का नाम जुड़ गया है। पूर्व राजद विधायक अनिल सहनी (Anil Sahani) बीजेपी में शामिल हो गए हैं। बुधवार को केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े की मौजूदगी में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। बता दें कि पूर्व राजद नेता अनिल सहनी को तीन साल पहले सीबीआई अदालत द्वारा धोखाधड़ी के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद बिहार विधानसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। दिल्ली की सीबीआई अदालत ने उन्हें 2012 में जाली हवाई टिकट जमा करने का दोषी ठहराया था। उस समय अनिल सहनी राज्यसभा सांसद थे। सहनी के भाजपा में शामिल होने से क्या होगा? बीजेपी ने सहनी को पार्टी में शामिल कर 'निषाद' समुदाय के वोटरों को साधने की कोशिश की है। निषाद समुदाय एक अत्यंत पिछड़ा वर्ग है और उनके गृह जिले मुजफ्फरपुर में इनकी अच्छी-खासी आबादी है। सहनी ने 2020 के विधानसभा चुनाव में कुरहानी से भाजपा के केदार गुप्ता को 900 से भी कम मतों के अंतर से हराया था। गुप्ता ने बाद में सहनी की अयोग्यता के बाद हुए उपचुनाव में जीत हासिल की और मंत्री बने।  

बिहार चुनाव की सरगर्मी में लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ीं, CBI ने दर्जनों गवाह किए पेश

पटना  बिहार विधानसभा चुनावों से पहले लालू परिवार पर संकट गहरा गया है। केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने IRCTC होटल मामले में करीब एक दर्जन गवाहों की सूची अदालत को सौंपी है, जो पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ मामले में उनकी कथित संलिप्तता के बारे में गवाही देंगे। CBI पहले ही इन गवाहों को औपचारिक नोटिस जारी कर चुकी है और उन्हें 27 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने को कहा है। उस दिन से इस मामले में ट्रायल शुरू होना है। सूत्रों के हवाले से ET की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि CBI इन गवाहों की गवाही बिना किसी सबूत के आधार पर जल्दी से पूरा करने की कोशिश करेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि उक्त गवाहों से पूछताछ के बाद, सीबीआई आरोपियों के खिलाफ अपने आरोपों को पुष्ट करने के लिए कुछ और गवाह भी पेश करेगी। इसी महीने आरोप तय हुए हैं बता दें कि इस महीने की शुरुआत में ही एक विशेष सीबीआई अदालत ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ आईआरसीटीसी होटल मामले में उनकी कथित संलिप्तता के लिए आरोप तय किए हैं। अदालत ने लालू प्रसाद के खिलाफ भ्रष्टाचार (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत), आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और अन्य आरोप तय किए हैं। राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य पर षड्यंत्र और धोखाधड़ी सहित कई अपराधों का आरोप है। हालांकि, तीनों ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया है। मामले से जुड़े लोगों के अनुसार, आरोपी इस आदेश को चुनौती दे सकते हैं। लालू को पूरी प्रक्रिया की जानकारी थी 13 अक्टूबर को आरोप तय करते हुए विशेष सीबीआई कोर्ट के जज विशाल गोगने ने कहा था कि वे प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुँचे हैं कि लालू को पूरी प्रक्रिया की जानकारी थी और उन्होंने होटलों के हस्तांतरण को प्रभावित करने के लिए हस्तक्षेप किया था। अपने आदेश में जज ने कहा, "निविदा प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए थे… यह स्पष्ट संभावना के रूप में सामने आया है कि बिक्री के समय, ज़मीन के टुकड़ों का कम मूल्यांकन किया गया था और फिर वे लालू के हाथों में आ गए।" न्यायाधीश ने 244 पृष्ठ के आदेश में मामले में “मिलीभगत’’ के पहलू को चिह्नित किया। अवैध भूमि हस्तांतरण में हेरफेर करने का आरोप बता दें कि सीबीआई ने यादव परिवार पर भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (IRCTC) की निविदाओं और अवैध भूमि हस्तांतरण में हेरफेर करने का आरोप लगाया था। लालू प्रसाद यादव पर रेल मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कोचर बंधुओं- विजय कोचर, विनय कोचर (दोनों मेसर्स सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक, होटल चाणक्य, पटना के मालिक) और अन्य के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप हैं, ताकि रांची और पुरी में रेलवे के बीएनआर होटलों को उप-पट्टे पर देने के लिए ठेके देने में फर्म को अनुचित लाभ पहुंचाया जा सके। ठेके के बदले दिए भूखंड सीबीआई के आरोपपत्र के अनुसार, ठेके के बदले में कोचर ने कथित तौर पर पटना में एक प्रमुख भूखंड लालू प्रसाद के करीबी सहयोगी प्रेम चंद गुप्ता और उनके सहयोगियों द्वारा नियंत्रित एक कंपनी को बेच दिया और बाद में इस कंपनी को यादव के परिवार के सदस्यों ने अपने नियंत्रण में ले लिया और यह मूल्यवान संपत्ति मामूली कीमत पर उन्हें हस्तांतरित कर दी। न्यायाधीश द्वारा आरोप पढ़े जाने के बाद लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी ने निर्दोष होने की दलील दी और मुकदमे का सामना करने की बात कही।

राजनीतिक खेल में उलटफेर: लालू और तेजस्वी ने कांग्रेस की उम्मीदों को किया मात

पटना  बिहार चुनाव के मद्देनजर महागठबंधन के भीतर आपसी रंजिश खत्म होने का नाम नहीं ले रही। कई सीटों पर गठबंधन के घटक दल- कांग्रेस और आरजेडी आमने-सामने हैं। ऐसे में बिहार चुनाव के लिए कांग्रेस पर्यवेक्षक और राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से मिलने गए थे लेकिन उनके बीच कोई पुख्ता बातचीत नहीं हो सकी। आरजेडी नेतृत्व ने कांग्रेस को खाली हाथ लौटाया मगर गहलोत ने मीडिया में बातचीत के दौरान कहा कि कल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी, जिसमें तस्वीर पूरी तरह से साफ हो जाएगी। बैठक के बाद अशोक गहलोत ने मीडिया से कहा, “लालू जी और तेजस्वी जी से बहुत अच्छी बातचीत हुई। तमाम काम अच्छे से चल रहे हैं। 5-7 सीटों पर फ्रेंडली फाइट है, एक-दो दिन में जो भी भ्रम है, वह पूरी तरह दूर हो जाएगा।” कुछ सीटों पर फ्रेंडली फाइट आम: अशोक गहलोत गहलोत ने माना कि बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से कुछ पर महागठबंधन के घटक दल आमने-सामने आ सकते हैं। उन्होंने इसे मतभेद नहीं बल्कि लोकतांत्रिक जोश का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, “कभी-कभी कार्यकर्ताओं में उत्साह होता है, स्थानीय परिस्थितियों में ऐसी स्थितियां आती हैं। इसे कमजोरी नहीं, मजबूती की निशानी समझिए।” गौरतलब है कि करीब 11 सीटों पर कांग्रेस और आरजेडी दोनों के उम्मीदवारों ने दावेदारी ठोक दी है, जिससे अंदरूनी नाराजगी बढ़ी है। खासकर सीमांचल और कोसी इलाकों में कई ऐसी सीटें हैं जहां सीट एडजस्टमेंट पर सहमति नहीं बन पाई है। लड़ाई जनता के भविष्य की है: कृष्णा अल्लावरु इस बीच, बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने भी साफ किया कि पार्टी का लक्ष्य सिर्फ सत्ता नहीं, बल्कि बिहार के लोगों का भविष्य है। उन्होंने कहा, “बिहार में मुकाबला 243 सीटों पर है और यह सीधी लड़ाई एनडीए के खिलाफ है। हम जनता के मुद्दों को लेकर मजबूती से चुनाव लड़ेंगे।” अल्लावरु ने विश्वास जताया कि महागठबंधन जनता के मुद्दों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगा और बिहार में बदलाव की बयार लाएगा। महागठबंधन में भरोसे की बात लेकिन जमीन पर खिंचतान बरकरार हालांकि कांग्रेस नेताओं के बयान में एकता का संदेश साफ झलकता है, मगर जमीनी हकीकत कुछ और कहती है। अंदरखाने आरजेडी और कांग्रेस दोनों के कार्यकर्ताओं में टिकट को लेकर असंतोष है। कई जगह कार्यकर्ताओं ने खुलकर नाराजगी भी जताई है। अब सबकी नजरें लालू-तेजस्वी और कांग्रेस की अगली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं। सवाल ये है कि क्या यह दोस्ताना मुकाबला सच में दोस्ताना रहेगा या चुनावी रण में मतों की कीमत पर भारी पड़ जाएगा?  

चलती ट्रेन में विस्फोट से दहशत! आनंद विहार-सहरसा अमृत भारत एक्सप्रेस में मची अफरा-तफरी

बस्ती आनंद विहार से चलकर सहरसा जाने वाली 15558 डाउन ट्रेन में विस्फोट के बाद ट्रेन के एक बोगी में भगदड़ मच गई। इसकी जीआरपी बस्ती इसकी छानबीन कर रही है। बुधवार की भोर करीब 2:45 पर आनंद विहार से चलकर सहरसा जाने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन जैसे ही गौर रेलवे स्टेशन के आगे ओवर ब्रिज के समय पहुंची वैसे ही यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक दिया। एक बोगी में बैठे यात्री उतरकर इधर-उधर भागने लगे। पूछने पर यात्रियों ने बताया कि ट्रेन में विस्फोट हो गया है। डर और दहशत से बदहवास लोग ट्रैक पर ही दौड़ने लगे। बाद में घटना की सूचना पर तत्काल मौके पर गौर पुलिस पहुंच गई और यात्रियों को समझा बूझकर ट्रेन में बैठाया । इस बीच ट्रेन लगभग 34 मिनट ओवर ब्रिज के नीचे खड़ी रही बाद में सिग्नल होने पर अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई। स्थानीय लोगों के मुताबिक ट्रेन में बैठे दो यात्री झुलस भी गए थे, अनुमान लगाया जा रहा है कि ट्रेन में कोई यात्री पटाखा लेकर यात्रा कर रहा था और अचानक उसमें विस्फोट होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई। इस संबंध में जीआरपी इंस्पेक्टर बस्ती पंकज कुमार ने बताया कि ट्रेन में कुछ धमाके की आवाज होने की बात सामने आई है। मामले की जांच चल रही है। ट्रैक किनारे मिला युवक का शव बुधवार की सुबह गौर रेलवे स्टेशन के पश्चिमी छोर पर डाउन ट्रैक किनारे ही एक लगभग 31 वर्षीय युवक का शव पाया गया है। मौके पर पहुंची जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान करने में घंटों जुटी रही पर उसकी पहचान नहीं हो पाई। चर्चा है की कहीं ट्रेन में हुई भगदड़ के बाद उसी ट्रेन से ही युवक के गिर जाने के कारण मौत तो नहीं हो गई। फिलहाल मामले की जांच जीआरपी कर रही है। इस संबंध में जीआरपी इंस्पेक्टर पंकज कुमार ने बताया कि भगदड़ के समय युवक के गिरने की पुष्टि नहीं है।