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शीत लहर का असर: जमशेदपुर के सभी ICSE और CBSE स्कूलों का समय बदला, सोमवार से होगा लागू

रांची झारखंड में भीषण ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। भीषण ठंड में स्कूली बच्चों को सुबह-सुबह स्कूल जाना पड़ रहा है। वहीं, इसके चलते जमशेदपुर के आईसीएसई और सीबीएसई स्कूलों ने सोमवार से अपने स्कूल समय में बदलाव किया है। सुबह के समय पड़ने वाली शीतलहर को देखते हुए लिया फैसला आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों ने अपने समय में आधे घंटे का बदलाव किया है। पहले जहां बच्चों का स्कूल में प्रवेश समय सुबह 7:30 बजे था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 8 बजे कर दिया गया है। वहीं सीबीएसई स्कूलों ने समय में एक घंटे का बदलाव किया है। पहले ये स्कूल सुबह 7 बजे खुलते थे, लेकिन अब इन्हें 8 बजे से खोलने का निर्णय लिया गया है। स्कूल प्रशासन का यह कदम छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय है। इसके अलावा लगातार बढ़ती ठंड और सुबह के समय पड़ने वाली शीतलहर को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। गुमला का तापमान पहुंचा 7.7°C मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में भी रात के तापमान में कोई खास बढ़ोतरी नहीं होगी। 29 नवंबर से 2 दिसंबर के बीच न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की और गिरावट देखने मिल सकती है, जिससे ठंड बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, झारखंड के गुमला जिले की अगर हम बात करें, तो पिछले 24 घंटे में सबसे कम न्यूनतम तापमान यहां 7.7 डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं, सबसे अधिकतम तापमान गोड्डा में 31.1 डिग्री दर्ज किया गया है।  

निवेश के नाम पर बड़ा फ्रॉड: CG पुलिस ने पकड़े 6 करोड़ ठगी के मास्टरमाइंड

जशपुर जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन अंकुश के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी निवेश कंपनी ‘C Bulls Global Solution’ के डायरेक्टर और उसके दो साथियों को झारखंड से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने निवेश के नाम पर रकम तीन गुना करने का लालच देकर लोगों से करीब 6 करोड़ रुपये की ठगी की थी। ठगी के बाद कंपनी बंद कर तीनों आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस उनकी लगातार तलाश कर रही थी और आखिरकार तीनों आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। क्या है पूरा मामला 17 अक्टूबर 2025 को मदनपुर (इंजिको) निवासी जागेश्वर लाल यादव (43 वर्ष) ने पत्थलगांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वे खेती-बाड़ी और ठेकेदारी का काम करता है। वर्ष 2023 में उन्हें और उनके साथियों डॉ. पीताम्बर साय निराला, सुकुंद चौहान, राजेंद्र भगत को एक परिचित के जरिए होटल मान्या बुलाया गया, जहां उनकी मुलाकात संतोष कुमार साव से हुई। संतोष ने खुद को C Bulls Global Solution नाम की प्रोडक्ट बेस कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कृषि संबंधी प्रोडक्ट्स और नए प्लांट में निवेश पर बड़े लाभ का झांसा दिया। शुरुआत में निवेशकों को कुछ महीनों तक ब्याज मिला भी, लेकिन बाद में पैसा आना बंद हो गया। जब पैसा आना बंद हुआ तो संतोष ने निवेशकों को कंपनी के कथित एमडी मो. सिराज आलम से मिलवाया। सिराज ने उन्हें फिर से गुमराह करते हुए बताया कि कंपनी कृषि आधारित नहीं, बल्कि ट्रेडिंग कंपनी है। उसने दावा किया कि कंपनी सेबी में रजिस्टर्ड है और पिछले 12 वर्षों से शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कर रही है। उसने यह भी कहा कि निवेश पर प्रतिदिन 1% लाभ दिया जाता है और 10 महीनों में निवेशित राशि तीन गुना हो जाती है। उसने निवेशकों को बताया कि जांजगीर-चांपा निवासी हरिशरण देवांगन और संतोष कुमार साहू उसके बिजनेस पार्टनर हैं, जो निवेशित राशि पर बैंक गारंटी के रूप में चेक भी देते हैं। इन दावों के आधार पर अक्टूबर 2023 में कोरबा, चांपा, अंबिकापुर, घरघोड़ा और बिलासपुर में अलग-अलग मीटिंग का आयोजन कर निवेशकों से करोड़ों रुपये जुटाए गए। प्रार्थी ने ऑनलाइन और नगद मिलाकर 1 करोड़ 80 लाख रुपये, उसके साथी लक्ष्मण केशवानी ने 95 लाख, कमलेश यादव ने 10 लाख, भूषण पटेल ने 33 लाख, डॉ. पीतांबर साय निराला ने 25 लाख और राजेश देवांगन ने 15 लाख रुपये निवेश किए। इस प्रकार अन्य लोगों से भी रुपये लेकर लगभग 6 करोड़ रुपये की ठगी हुई। इंश्योरेंस और रजिस्ट्री के नाम पर भी ठगा जब निवेशकों ने पैसे वापस मांगना शुरू किया तो आरोपियों ने ओडिशा के सुंदरगढ़ में एक बैठक आयोजित कर ‘हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड’ का बहाना बनाते हुए निवेशकों के आधार कार्ड, पैन कार्ड व हस्ताक्षर लिए और उनके नाम पर C Bulls सहयोग निधि रियल स्टेट एवं फाइनेंस लिमिटेड के नाम से रजिस्ट्रेशन करा कर निवेशकों को उसका मेंबर व डायरेक्टर बना दिया गया। इसके बाद कंपनी की वेबसाइट बंद कर दी गई। C Bulls Global Solution कंपनी के डायरेक्टर और अन्य सदस्यों से संपर्क करने पर वे कंपनी में भारी नुकसान का बहाना बनाते रहे और रकम वापस करने में लगातार टालमटोल करते रहे। अंत में उन्होंने अपने मोबाइल फोन भी बंद कर दिए। ग्रामीणों से करोड़ों की ठगी के मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पत्थलगांव थाना में आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 120 (बी) और 34 आईपीसी के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस पहले ही दो आरोपियों हरिशरण देवांगन और संतोष कुमार साहू को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं कंपनी का कथित एमडी मोहम्मद सिराज आलम, उसका पार्टनर इमरान खान और सहयोगी संतोष साव घटना के बाद से फरार थे। पुलिस की तकनीकी टीम और मुखबिरों की मदद से पता चला कि सिराज आलम बोकारो में और इमरान खान व संतोष कुमार साव रांची में छिपे हुए हैं। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस टीम झारखंड भेजी गई, जहां तकनीकी टीम की सहायता से बोकारो से मोहम्मद सिराज और रांची से इमरान खान और संतोष कुमार साव को हिरासत में लेकर जशपुर लाया गया। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते के दस्तावेज और लैपटॉप बरामद किए गए हैं। बैंक डिटेल और लैपटॉप डेटा की जांच जारी है। ऐसे करते थे ठगी पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे निवेशकों को प्रतिदिन 1% ब्याज का लालच देकर रकम जमा कराते थे। शुरुआती महीनों में वे निवेशकों के ही पैसों को ब्याज के रूप में अन्य निवेशकों को देते थे। जब नए निवेशक आना बंद हो गए, तो कंपनी ने ब्याज देना बंद कर दिया और पूरी राशि हड़प ली। सबूत मिलने पर तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। इस कार्रवाई में साइबर सेल जशपुर और थाना पत्थलगांव की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गिरफ्तार आरोपियों के नाम मो. सिराज आलम (38 वर्ष ) निवासी हिंद पीढ़ी, जिला रांची संतोष कुमार साव (34 वर्ष) निवासी सीदपा, जिला चतरा इमरान खान (35 वर्ष) निवासी दौठवा, हजारीबाग

नई विधानसभा का पहला सत्र शुरू होने को तैयार, बिहार में अगले दिन होगा अध्यक्ष पद का चुनाव

पटना  बिहार विधानसभा का पहला सत्र 1 दिसंबर को शुरू होगा और इस दिन सभी नए सदस्यों का शपथ ग्रहण कराया जायेगा. इसके अलगे दिन यानी 2 दिसंबर को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा. 3 दिसंबर को सेंट्रल हॉल में विधानसभा और विधान परिषद की संयुक्त बैठक में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का अभिभाषण होगा. इसके अगले दिन राज्यपाल की अभिभाषण पर चर्चा होगी. फिर 5 दिसंबर को दूसरी अनुपूरक बजट का सदन में बहस होगी और विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा. क्या होता है विनियोग विधेयक राज्य विनियोग विधेयक को पारित करना एक जरुरी प्रोसेस है. पहले इस विधेयक को विधानसभा और विधान परिषद में मंजूरी मिलती है. इसके बाद इसे राज्यपाल के पास भेजा जाता है. राज्यपाल की स्वीकृति मिलने पर यह कानून बन जाता है, जिसके बाद राज्य की संचित निधि से खर्च की अनुमति मिलती है. इस बार सदन में क्या नया होगा बिहार विधानसभा में इस बार सदन की कार्यवाही बिल्कुल नई तकनीक के साथ चलने वाली है. सभी विधायकों की सीटों पर टैबलेट लगा दिए गए हैं, जिनके जरिए वे सवाल पूछेंगे. इससे सदन के अंदर कागज का इस्तेमाल लगभग खत्म हो जाएगा. नेवा योजना के तहत विधानसभा को डिजिटल बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है. 18वीं बिहार विधानसभा के नए चुने गए विधायकों को यह व्यवस्था एक तरह से स्वागत-उपहार के रूप में मिलेगी. शुक्रवार को सभी सीटों पर टैब लगाने का काम लगभग पूरा हो गया. विधान परिषद में यह व्यवस्था पहले ही लागू हो चुकी है.

राजद से दूरी बनाएगी कांग्रेस? गठबंधन पर बिहार नेताओं की उठी आपत्तियाँ

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार झेलने के बाद महागठबंधन में टूट की अटकलें चलने लगी हैं। हाल ही में समीक्षा के दौरान कांग्रेस के अधिकतर उम्मीदवारों ने लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से गठबंधन को चुनावी हार के लिए जिम्मेदार ठहराया। इनमें से कई ने तो कांग्रेस आलाकमान को राजद से गठबंधन तोड़ने की वकालत भी कर दी। इसके बाद से सियासी पारा गर्माया हुआ है। हालांकि, पार्टी के किसी भी बड़े नेता की तरफ से गठबंधन के भविष्य को लेकर कोई भी बयान नहीं आया है। पिछले दिनों संपन्न हुए बिहार चुनाव के नतीजों में कांग्रेस, राजद और अन्य विपक्षी दलों के गठबंधन को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस 71 सीटें लड़कर महज 6 पर जीत दर्ज कर पाई। राजद ने भी 143 सीटें लड़ी और 25 पर ही जीत नसीब हुई। अन्य घटक दलों की स्थिति भी खराब रही। महागठबंधन कुल 243 में से महज 35 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज कर पाया। बीते गुरुवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस ने बिहार चुनाव की हार की समीक्षा बैठक बुलाई। इसमें सभी 61 सीटों पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के अलावा प्रदेश स्तर के नेता मौजूद रहे। बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सभी उम्मीदवारों से 10-10 के समूह में बात की। सूत्रों के अनुसार, अधिकतर उम्मीदवारों ने आलाकमान को बताया कि तेजस्वी यादव की पार्टी राजद से गठबंधन की वजह से कांग्रेस को बुरी हार का सामना करना पड़ा है। अगर कांग्रेस इस चुनाव में अकेले मैदान में उतरती तो परिणाम बेहतर होते। प्रत्याशियों ने कहा कि कांग्रेस को राजद से गठबंधन खत्म कर देना चाहिए। उन्होंने महागठबंधन में सीट बंटवारे में देरी होने और लगभग एक दर्जन सीटों पर फ्रेंडली फाइट को भी हार की वजह माना। हालांकि, कांग्रेस के वरीय नेता इस पर कुछ बोल नहीं रहे हैं। दिल्ली में समीक्षा बैठक के बाद बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह से जब राजद से गठबंधन तोड़ने के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने आलाकमान इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसका फैसला आलाकमान करेगा। फिलहाल महागठबंधन में शामिल घटक दल अपने-अपने स्तर पर हार की समीक्षा कर रहे हैं। राजद में प्रमंडलवार प्रत्याशियों से फीडबैक लिया जा रहा है। चुनाव में विरोधियों के हित में काम करने वाले भितरघातियों की पहचान भी की जा रही है। उन पर ऐक्शन हो सकता है। इस बीच, बिहार विधानसभा का सत्र 1 दिसंबर से शुरू होने वाला है। इसमें नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी। राज्य में प्रचंड जीत के बाद गदगद नीतीश सरकार अपना अनुपूरक बजट भी सदन में पेश करेगी। विधानसभा सत्र से पहले शनिवार को पटना में तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन की बैठक बुलाई गई है। इसमें राजद, कांग्रेस और वाम दलों के विधायक शामिल होंगे। इसमें विधानसभा सत्र की रणनीति को लेकर चर्चा की जाएगी।  

धारा 163 पाँच दिनों तक प्रभावी: जानें बिहार जिले में आदेश क्यों हुए जारी

पटना बिहार में नयी सरकार के गठन के बाद आगामी एक दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर राजधानी पटना के जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। एक से पांच दिसंबर 2025 तक चलने वाले इस सत्र के दौरान पटना में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू रहेगी, जिसके तहत किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, जुलूस और सार्वजनिक विरोध कार्यक्रम पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध प्रभावी होगा। जुलूस, घेराव, धरना पर प्रतिबंध पटना सदर के अनुमंडल पदाधिकारी गौरव कुमार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सत्र के दौरान विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन की आशंका रहती है। इस संभावना को देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के गैरकानूनी रूप से एकत्र होने, जुलूस, घेराव, धरना या किसी भी प्रकार की आक्रामक गतिविधि प्रतिबंधित रहेगी। बिना पूर्व अनुमति के लाउडस्पीकर का इस्तेमाल पूर्णतः निषिद्ध आदेश में आग्नेयास्त्र, विस्फोटक सामग्री, फरसा, गड़ासा, भाला, छुरा जैसे हथियारों के साथ घूमने को भी दंडनीय अपराध करार दिया गया है। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना पूर्व अनुमति के लाउडस्पीकर का इस्तेमाल पूर्णतः निषिद्ध रहेगा। यह आदेश एक दिसंबर से लागू होगा और पांच दिसंबर तक प्रभावी रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की जाएगी तथा संबंधित मार्गों पर विशेष ट्रैफिक नियंत्रण व्यवस्था लागू की जाएगी। जिला प्रशासन का कहना है कि यह कदम विधानसभा की कार्यवाही को बिना किसी व्यवधान के संपन्न कराने और शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

बिहार विधानसभा सत्र 1 दिसंबर से; सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, राज्यपाल के संबोधन की तारीख भी तय

पटना विधानमंडल के एक दिसंबर से प्रारंभ हो रहे सत्र की तैयारी की समीक्षा में सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था, चिकित्सा, सफाई, पार्किंग की व्यवस्था चाक चौबंद रखने का निर्देश दिया गया। शुक्रवार को हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने की। इसमें संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी भी शामिल थे। सभापति ने बताया कि अठारहवीं विधानसभा की यह पहली बैठक होगी। एक दिसंबर को नव निर्वाचित विधायक शपथ ग्रहण करेंगे। दो को नए विधानसभा अध्यक्ष का निर्वाचन होगा। तीन दिसंबर को राज्‍यपाल का संबोधन तीन दिसंबर को सेंट्रल हाल में बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां संबोधित करेंगे। चार को राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर वाद–विवाद एवं सरकार का उत्तर होगा। पांच दिसंबर को द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी पर वाद–विवाद होगा। इससे संबंधी विनियोग विधेयक पेश किया जायेगा। संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार विधानमंडल के प्रति अपनी जिम्मेवारी के निर्वहन के प्रति मुस्तैद है । सदस्‍यों को न हो कोई कठ‍िनाई यह अठारहवीं विधान सभा का यह पहला सत्र है, इसलिए सत्र के दौरान सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को किसी भीप्रकार की कठिनाई न हो, इसका अधिकारी विशेष रूप से ध्यान रखें। बैठक में गृह सचिव प्रणव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक डा. कमल किशोर सिंह, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक वैभव श्रीवास्तव, भवन निर्माण के संयुक्त सचिव शिव रंजन पटना के जिलाधिकारी डा. त्यागराजन एस एम , वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा, नगर आयुक्त यशपाल मीणा, विधानसभा की प्रभारी सचिव ख्याति सिंह, एवं विधान परिषद के सचिव अखिलेश कुमार झा उपस्थित थे। इधर विधानमंंडल सत्र को लेकर निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। पटना के सदर एसडीओ ने इसका आदेश जारी किया है। इसके तहत 1 से पांच दिसंबर तक विधानसभा के आसपास निषेधाज्ञा प्रभावी रहेगी।   

पटना जाने से पहले चिराग पासवान अस्वस्थ, फ्लाइट छोड़कर घर लौटे

पटना लोजपा रामविलास के स्थापना दिवस के मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान दिल्ली से पटना आने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे लेकिन तबियत खराब होने के कारण वापस आवास पर लौट गए। पार्टी के बिहार प्रभारी अरुण भारती ने इसकी जानकारी दी। चिराग पासवान ने दिल्ली से ही ऑनलाइन लोजपा स्थापना के रजत दिवस समारोह को संबोधित किया।   चिराग ने कहा कि हमें आने संकल्प पत्र को जमीन पर उतारना है। संगठन को मजबूत करना है। उन्होंने बिहार में एनडीए की बड़ी जीत को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि हमारे सभी 19 विधायक जनता की समस्या के समाधान में जुटेंगे। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) का स्थापना दिवस समारोह आज (28 नवंबर) को मनाया जा रहा है। पटना के बापू सभागार में कार्यक्रम चल रहा है। जिसें पार्टी के सभी सांसद, विधायक, संगठन पदाधिकारी समेत पार्टी नेता शामिल हुए हैं। हांलांकि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने दिल्ली से ऑनलाइन कार्यक्रम को जुड़े और पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों को संबोधित किया। 2024 लोकसभा चुनाव और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग की पार्टी लोजपा-आर का प्रदर्शन जबरदस्त रहा है। विधानसभा चुनाव में एनडीए की सहयोगी के रूप में 29 सीटों पर लड़कर 19 सीटें जीती। वहीं लोकसभा चुनाव में पार्टी के 5 सांसद लोकसभा पहुंचे।

सीएम हेमंत ने बांटे नियुक्तियाँ: हजारों युवाओं के सपनों को मिली उड़ान

रांची सीएम हेमंत सोरेन ने आज यानी शुक्रवार को मोरहाबादी मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में हजारों युवक-युवतियों को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र बांटा। इससे युवाओं में खुशी की लहर है। इस दौरान सीएम हेमंत ने कहा कि झारखंड वासियों की अपनी सरकार का एक साल पूरा हो रहा है। आज इसी ऐतिहासिक अवसर पर झारखण्ड के हमारे हजारों नौजवानों को सरकारी नौकरी की सौगात दी जा रही है। इस अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार। इसके अलावा सीएम हेमंत ने सोशल मीडिया पर भी बधाई दी है। सीएम हेमंत ने पोस्ट कर लिखा, जोहार! आज झारखंड की अबुआ सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण हुआ। इस एक वर्ष में आपकी उम्मीदों और वादों को पूरा करने हेतु सरकार ने लगातार समर्पित भाव से काम किया है। सीएम हेमंत ने आगे लिखा कि राज्य की हर बहन के सशक्तिकरण के लिए सम्मान राशि हर माह सीधे उनके खातों में बिना रुके भेजी जा रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। साथ ही सामाजिक सुरक्षा, युवाओं के भविष्य और रोजगार को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। झारखण्ड की जनता के भरोसे पर खरा उतरने और झारखंड को विकसित राज्य बनाने के लिए आपकी सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।  

कोहरे ने बढ़ाई सर्दी की मार, तापमान 7°C पर अटका—ठिठुरन और बढ़ेगी

पटना बिहार में ठंड ने दस्तक दे दी है और मौसम का मिजाज़ अचानक बदल चुका है। बीते 24 घंटों में रात का पारा 7.5°C तक नीचे पहुंच गया, वहीं दृश्यताभी घटकर सिर्फ 450 मीटर रह गई। लेकिन मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह ठंड अभी सिर्फ शुरुआत है। दिसंबर के पहले हफ्ते से दिखेगा ठंड का असली तेवर मौसम विभाग के अनुसार दिसंबर की शुरुआत के साथ ही बिहार में अत्यधिक ठंड की स्थिति दिखने लगेंगी। पहले सप्ताह से पूरे राज्य में कड़ाके की ठंड शुरू होने की संभावना है, जो जनवरी तक बनी रह सकती है। फिलहाल उत्तरी बिहार—पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज और आसपास के इलाकों में तापमान और नीचे गिरने की आशंका है क्योंकि पछुआ हवा की रफ्तार बढ़ेगी। फिलहाल कैसा रहेगा बिहार का मौसम? बिहार मौसम सेवा केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के ज्यादातर इलाकों में बादल छाए हुए हैं और शुष्क मौसम की स्थिति बनी रहेगी। उत्तरी जिलों में पछुआ हवा की रफ्तार 40 km/h तक पहुंच सकती है।अधिकतम तापमान 26°C–30°C, जबकि न्यूनतम तापमान 08°C–12°C के बीच रह सकता है। वातावरण में नमी बढ़ने से कोहरे का निर्माण तेज़ हो रही है। गुरुवार को पूर्णिया में सबसे कम दृश्यता 450 मीटर रही। कैमूर में सबसे कम तापमान, अधौरा रहा सबसे ठंडा क्षेत्र बिहार मौसम सेवा केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन का सबसे कम तापमान 7.4°C कैमूर जिले के अधौरा प्रखंड में रिकॉर्ड किया गया। पहाड़ी इलाकों, जंगल के पास के गांवों और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में सर्दी का असर काफी तेज़ दिखाई दे रहा है। इसके अलावा भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा, जमुई, मुंगेर, वैशाली, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा और कटिहार में न्यूनतम तापमान 10°C से 14°C के बीच दर्ज किया गया।  

बिहार में महिला रोजगार योजना: मुख्यमंत्री नीतीश ने 10 लाख महिलाओं को सीधे ट्रांसफर किया ₹10,000

पटना मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत शुक्रवार को बिहार की 10 लाख महिलाओं के बैंक खाते में सीएम नीतीश कुमार ने 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए. इस दौरान सीएम नीतीश ने साफ तौर से कहा कि वह उद्यमी महिलाओं को बीच में नहीं छोड़ेंगे. सरकार उनकी लगातार मदद करती रहेगी. जो महिलाएं अपने रोजगार का विस्तार करेंगी उन्हें दो लाख रुपये तक आर्थिक मदद की जाएगी. सीएम ने 10 लाख महिलाओं को भेजे 10-10 हजार मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की किस्त जारी करते हुए सीएम नीतीश ने कहा कि इस बार बिहार के लोगों ने विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत से एनडीए को जिताया है. हम लोगों को फिर से अगले पांच साल तक बिहार की सेवा करने का मौका दिया है. मैं इसके लिए आप सभी महिलाओं के साथ-साथ बिहार के सभी लोगों का आभार व्यक्त करता हूं. यह बहुत खुशी की बात है कि आज महिला रोजगार योजना के तहत अपनी पसंद का रोजगार करने के लिए 10 लाख महिलाओं को 10-10 हजार की सहायता राशि भेजी जा रही है. अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं को सहायता राशि उन्होंने कहा कि पहले एक करोड़ और 46 लाख महिलाओं को यह सहायता राशि दी जा चुकी है. अब आज 10 लाख महिलाओं को यह सहायता दी जा रही है. यानी कुल मिलाकर 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं को इसका फायदा मिल जाएगा. इस योजना में दी गई सहायता से काफी संख्या में महिलाओं ने अपनी पसंद का रोजगार शुरू किया है और जो महिलाएं अपना रोजगार अच्छे से करेंगी उन्हें आगे दो लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी.     जीविका से जुड़ी 10 लाख और महिलाओं के खाते में भेजी गई 10-10 हजार रुपये की राशि… हम लगातार महिला सशक्तिकरण कर रहे सीएम ने कहा कि अब इसके बाद जो परिवार बचे हैं उनको भी अगले महीने तक सहायता राशि दे दी जाएगी. इससे बिहार के सभी परिवारों की महिलाओं को काफी फायदा होगा. अब आप जान लीजिए कि पहले से तो सब काम किया ही गया है महिलाओं के लिए. शुरू से ही महिला सशक्तिकरण पर पूरा जोर दिया गया. हम लोगों ने शुरू किया 2006 में पंचायती राज संस्थाओं का 2007 में नगर निकाय में महिलाओं को 50% का हम लोगों ने आरक्षण शुरू किया. उसके बाद 2013 में पुलिस में महिलाओं के लिए 35% आरक्षण किया गया. 2016 में महिलाओं को सभी सरकारी नौकरियों में 35% का आरक्षण किया. हम महिलाओं को छोड़ेंगे नहीं पहले बिहार में स्वयं सहायता समूह की स्थिति बहुत खराब थी. लेकिन उसके बाद 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर राज्य में स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया और उसको जीविका नाम हम लोगों ने दिया. अब स्वयं सहायता समूह में जीविका दीदियों की संख्या 1 करोड़ 40 लाख हो गई. आप जान लीजिए अब वर्ष 2024 से शहरी क्षेत्रों में भी स्वयं सहायता समूह का गठन हो रहा है, जिसमें लगभग 4 लाख 34000 जीविका दीदियां हैं और गठन लगातार जारी है. आप देखिए कि एक-एक चीज में कितना महिलाओं को बढ़ाने का हम लोगों ने शुरू से उपाय किया है और आज जिस तरह से इन लोगों के लिए 10 लाख के लिए किया जा रहा है. यह बहुत खुशी की बात है और एक बात जान लीजिए जो किया जा रहा है अब आगे और हम लोग कराएंगे, हम लोग छोड़ेंगे नहीं.