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चाईबासा कोर्ट में राहुल गांधी केस की अगली तारीख हुई तय, सुनवाई 9 अक्टूबर

रांची झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा स्थित एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से जुड़ा मामला 4 अक्टूबर को तय समय पर नहीं सुना जा सका। भाजपा नेता अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के संबंध में चल रहे इस केस में राहुल गांधी ने अपनी निजी उपस्थिति से छूट की मांग की है। यह आवेदन उन्होंने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 205 के तहत अदालत में दाखिल किया था। अदालत को इस आवेदन पर 4 अक्टूबर को फैसला सुनाया था, लेकिन न्यायाधीश के अवकाश पर रहने के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई। अब मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें 22 सितंबर को पूरी हो चुकी थीं और अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। 4 अक्टूबर को फैसले की उम्मीद थी, लेकिन न्यायाधीश की अनुपस्थिति के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। पार्टी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर अत्यंत व्यस्त रहते हैं और हर सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना उनके लिए संभव नहीं होगा। इसलिए, यह आवेदन उनकी व्यस्तता को ध्यान में रखते हुए दायर किया गया है ताकि राजनीतिक और संसदीय कर्तव्यों में बाधा न आए। अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को तय हुई है जिसमें इस आवेदन पर निर्णय दिए जाने की संभावना है।  

पटना में नाबालिग डांसर से रेप, पुलिस ने महिला सहित 6 आरोपी किए काबू

पटना बिहार में पटना जिले के बेऊर थाना क्षेत्र में शनिवार को एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के मामले में एक महिला और छह अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।   नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) भानुप्रताप सिंह ने बताया कि बेऊर थानांतर्गत कॉपरेटिव कॉलोनी, विष्णुपुर पकड़ी स्थित एक मकान में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किए जाने की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। गठित दल द्वारा विभिन्न स्थानों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र तीन घंटे के अंदर घटना में संलिप्त एक महिला और छह अपराधकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। सिंह ने बताया कि गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के क्रम में यह बात प्रकाश में आई है कि दुर्गा पूजा के अवसर पर डांस कार्यक्रम के लिए कोलकाता से लड़कियों को बुलाया गया था, जिसके लिए कोलकाता के ही एक व्यक्ति से सम्पर्क स्थापित किया गया था। घटनास्थल से विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम ने साक्ष्य संकलन किया है। गिरफ्तार लोगों की पहचान अशोक कुमार,धीरज कुमार,आर्यन कुमार, प्रिंस कुमार, शशिभूषण कुमार,सिंटू कुमार और प्रिया विश्वास के रूप में की गयी है। गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भजा जा रहा है।  

बिहार में हवाई सफर का विस्तार: मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट के लिए शुरू हुई प्रक्रिया

रांची बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को बताया कि मुज़फ्फरपुर हवाई अड्डे के विकास और उन्नयन की एक महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गयी है। सम्राट चौधरी ने बयान जारी कर बताया कि इस परियोजना के तहत मौजूदा हवाई अड्डे को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन योग्य बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत प्री-फैब स्टील संरचना आधारित टर्मिनल भवन, प्री-इंजीनियडर् एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर, प्री-इंजीनियडर् अग्निशमन केंद्र तथा अन्य सहायक भवन और सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। यह संपूर्ण कार्य इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर संपन्न किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 28.58 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। निर्माण कार्य की अवधि 11 माह तय की गई है, एयरपोट्र्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने इस परियोजना के लिए ऑनलाइन ई-टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। क्षेत्रीय संपर्क, निवेश और पर्यटन को मिलेगी नई गति उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मुज़फ्फरपुर हवाई अड्डे का उन्नयन उत्तर बिहार में हवाई सेवा का विस्तार है। इससे क्षेत्रीय संपर्क, निवेश और पर्यटन को नई गति मिलेगी। साथ ही उत्तर बिहार के लोगों को आधुनिक और बेहतर हवाई सेवा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम बिहार को विमानन क्षेत्र में नई ऊंचाई प्रदान करेगा और राज्य के आर्थिक तथा सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी और प्रदेश में नीतीश कुमार के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार, बिहार में हवाई सेवा को विश्वस्तरीय बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल में ही पटना के लोक नायक जयप्रकाश नारायण हवाई अड्डा का जहां कायाकल्प हुआ है, वहीं गया हवाई अड्डा को भी अपग्रेड किया गया है। सूबे में उड़ान योजना के तहत दरभंगा और पूर्णिया हवाई अड्डा से देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए हवाई सेवा का लाभ बिहार के लोगों को मिल रहा है। और अब इसी कड़ी में मुज़फ्फरपुर हवाई अड्डा का विकास इसे नई उंचाई पर पहुंचाएगा।

17 अक्टूबर: रांची में आदिवासियों का शोर, कहा – कुछ समाज खुद को आदिवासी दिखा रहे हैं

  रांची झारखंड में कुरमी समुदाय को आदिवासी सूची में शामिल करने की मांग को लेकर गहराता विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। इसके विरोध में राज्यभर के आदिवासी संगठनों ने 17 अक्तूबर को राजधानी रांची के प्रभात तारा मैदान में आदिवासी हुंकार महारैली आयोजित करने का एलान किया है। इस महारैली में लाखों की संख्या में आदिवासियों के जुटने की संभावना है। शनिवार को सिरम टोली सरना स्थल पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव, केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा और पूर्व मंत्री देवकुमार धान समेत कई आदिवासी नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन आदिवासियों के अस्तित्व और अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। गीताश्री उरांव ने कहा कि कुरमी समाज आदिवासियों के संवैधानिक हक, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, आरक्षण, जमीन और गौरवशाली इतिहास पर कब्जा करने की साजिश रच रहा है। कल तक हमें असभ्य और जाहिल कहने वाले आज खुद को आदिवासी साबित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। लेकिन सभी ऐतिहासिक प्रमाण, मानवशास्त्रीय अध्ययन, डीएनए शोध और लोकुर कमेटी की रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि कुरमी जाति आदिवासी/अनुसूचित जनजाति नहीं है। नेताओं ने आरोप लगाया कि कुरमी समाज अपने आपको आदिवासी दिखाने के लिए ऐतिहासिक विद्रोहों में झूठे तरीके से अपने नेताओं को जोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि चुआड़ विद्रोह में रघुनाथ महतो, कोल विद्रोह में बुली महतो और संथाल विद्रोह में चान्कू महतो जैसे नामों को जबरन आदिवासी इतिहास में घुसाया जा रहा है, जबकि यह ऐतिहासिक सच्चाई के साथ छल है। केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा ने कहा कि 17 अक्तूबर की रैली आदिवासी समाज की एकता और ताकत का प्रदर्शन होगी। उन्होंने मांग की कि एसटी आरक्षण की पात्रता की जांच के लिए स्वतंत्र समिति गठित की जाए ताकि कोई भी समुदाय फर्जी इतिहास गढ़कर आदिवासी अधिकारों पर अतिक्रमण न कर सके। आदिवासी संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि कुरमी को आदिवासी सूची में शामिल करने का हर प्रयास आदिवासी समाज को हाशिए पर डालने की साजिश है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 17 अक्टूबर को रांची में होने वाली यह हुंकार महारैली आदिवासी एकजुटता और अस्तित्व की बड़ी परीक्षा मानी जा रही है।

बिहार में युवाओं को खास लाभ: चुनाव से पहले हर माह ₹1000, छात्रवृत्ति भी बढ़ाई गई

नई दिल्ली कौशल दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को देश के युवाओं के लिए योजनाओं-परियोजनाओं के अनावरण की झड़ी लगाई तो चुनावी राज्य बिहार के युवा खास तौर पर सरकार के प्यार में सराबोर होते दिखाई दिए। केंद्र-राज्य सरकार की तमाम योजनाओं का शुभारंभ करते हुए राज्य का अतीत याद दिलाते हुए राजद के शासनकाल को कुशासन बताया और नीतीश कुमार नेतृत्व वाली राजग सरकार की सराहना की। कांग्रेस पर पीएम मोदी का कटाक्ष जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय का वर्चुअल उद्घाटन करते हुए बिना किसी का नाम लिए विपक्ष पर कटाक्ष किया- ''जरा चोकन्ने रहिए, ये जननायक पद कर्पूरी ठाकुर से ही है। आजकल लोग ये जननायक की भी चोरी करने में लगे हैं और इसलिए बिहार के लोगों से मैं जागृत रहने का आग्रह करूंगा कि हमारे कर्पूरी ठाकुर साहब का ये जनता द्वारा दिया गया सम्मान कोई चोरी न कर जाए।'' पीएम के कटाक्ष को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से जोड़ा जा रहा है, क्योंकि तमाम कांग्रेस नेताओं ने अब राहुल को जननायक की उपाधि दे दी है। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दिन पहले ही बिहार की बहनों के रोजगार और आत्मनिर्भरता से जुड़ा एक बहुत भव्य कार्यक्रम में मुझे शामिल होने का अवसर मिला था। आज बिहार के युवाओं के सशक्तीकरण का ये मेगा प्रोग्राम है। ये दिखाता है कि एनडीए सरकार बिहार के नौजवानों को, महिलाओं को कितनी प्राथमिकता दे रही है। बिहार के लोगों से पीएम मोदी ने कही ये बात आज बिहार के युवाओं के लिए भी इस मंच से अनेक योजनाएं और परियोजनाएं समर्पित हुई हैं। बिहार में नया कौशल विश्वविद्यालय, अन्य विश्वविद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार, नौजवानों के लिए युवा आयोग, हजारों युवाओं को पक्की सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र, ये सब बिहार के युवाओं के बेहतर भविष्य की गारंटी है। उन्होंने दावा किया कि एनडीए की डबल इंजन सरकार लगातार बिहार की शिक्षा संस्थाओं को आधुनिक बनाने में जुटी है। 'आईटीआई पटना में भी इंफ्रास्टक्चर के विस्तार का काम शुरू' उन्होंने कहा कि आईटीआई पटना में इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार का काम भी शुरू हो चुका है। आज भी बिहार में कई बड़े शिक्षा संस्थानों के आधुनिकीकरण का काम आरंभ हुआ है। एनआइटी पटना के बिहटा कैंपस को भी अब होनहार विद्यार्थियों के लिए खोल दिया गया है। इसके अलावा पटना यूनिवर्सिटी, भूपेंद्र मंडल यूनिवर्सिटी, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा और नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी, इन सभी संस्थानों में नए एकेडेमिक इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव रखी गई है। पीएम ने कहा कि अच्छे संस्थानों के साथ-साथ नीतीश सरकार बिहार के नौजवानों की पढ़ाई का खर्च भी कम कर रही है। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले एजुकेशन लोन को ब्याजमुक्त कर दिया गया है। ये बिहार सरकार का निर्णय है। इतना ही नहीं, विद्यार्थियों के लिए स्कालरशिप भी 1800 से बढ़ाकर के 3600 रुपये कर दी गई है। पीएम ने राज्य सरकार की मुख्यमंत्री निश्चय स्वयंसहायता भत्ता योजना का भी शुभारंभ किया, जिसमें पांच लाख स्नातकों को दो वर्ष तक प्रतिमाह एक हजार रुपये दिए जाएंगे। आत्मनिर्भर भारत की कार्यशाला हैं आइटीआइ पीएम मोदी ने कहा कि हमारी आइटीआइ इंडस्टि्रयल एजुकेशन के बेहतरीन संस्थान तो हैं ही, ये आत्मनिर्भर भारत की कार्यशाला हैं, इसलिए हमारा फोकस इनकी संख्या बढ़ाने के साथ ही इनको लगातार अपग्रेड करने पर भी है। इंडस्ट्री को आज कैसी स्किल चाहिए, 10 साल बाद किस प्रकार की स्किल लगेगी, इसके लिए आइटीआइ नेटवर्क को तैयार किया जा रहा है। आज 60 हजार करोड़ रुपये की पीएम सेतु योजना की शुरुआत की गई है। 1000 से ज्यादा आइटीआइ को इसके माध्यम से अपग्रेड किया जाएगा। 34 राज्यों के जवाहर नवोदय विद्यालयों और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 1200 स्किल लैब का वर्चुअल उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ज्ञान और कौशल का देश है। यही बौद्धिक शक्ति हमारी सबसे बड़ी ताकत है। कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री जुएल ओरांव और राजीव रंजन वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे, जबकि कार्यक्रम की प्रस्तावना कौशल विकास मंत्री जयन्त चौधरी ने रखी। शिक्षा राज्य मंत्री सुकांता मजूमदार भी मंचासीन थे।  

RJD में बढ़ी अंदरूनी कलह, लालू-राबड़ी आवास पर कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

पटना बिहार चुनाव से पहले आरजेडी के सीटिंग विधायकों को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। पहले मधेपुरा सदर विधायक प्रो. चंद्रशेखर को लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ी। अब राजद के मखदुमपुर विधानसभा से विधायक सतीश कुमार के विरोध में तो लोग पटना स्थित लालू-राबड़ी आवास पहुंच गए, और प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता विधायक को दोबारा टिकट नहीं देने की मांग कर रहे थे। इस बीच विधायक के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। सैकड़ों की तादात में पहुंचे आरजेडी कार्यकर्ताओं ने पहले राबड़ी आवास के बाहर प्रदर्शन किया। और फिर अचानक घर के अंदर घुस गए। कार्यकर्ताओं की मांग है कि मखदुमपुर विधायक सतीश कुमार ने क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं किया है। जनता की समस्याओं की अनदेखी की है, ऐसे में दोबारा उन्हें टिकट न दिया जाए। लालू-राबड़ी आवास पर अचानक हुए हंगामे से अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा कर्मियों ने लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन काफी देर से हंगामा होता रहा। फिर काफी समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हुआ। हालांकि प्रदेश राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने इस मामले पर कहा कि दस सर्कुलर के बाहर कोई हंगामा की सूचना नहीं है। संभव है कि किसी नेता के समर्थक टिकट की आस में अपनी बात कहने के लिए एकत्रित हुए हों। चुनावी गतिविधियां शुरू हो चुकी है। कुछ ही दिनों में टिकट वितरण का काम शुरू होगा। ऐसे में समर्थकों के आने-जाने का सिलसिला जारी रहेगा। ऐसा केवल राजद में ही नहीं बल्कि भाजपा सहित अन्य दलों के कार्यालयों के बाहर भी होता है। आपको बता दें बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द हो सकता है। चुनाव आयोग की टीम दो दिन के बिहार दौरे पर है। जिसके बाद दिल्ली जाते ही कभी भी तारीखों की घोषणा हो सकती है। इस बीच विधायकों के विरोध की खबरे भी सामने आने लगी है। मुजफ्फरपुर में सकटा से जेडीयू विधायक अशोक चौधरी के 'लापता' वाले पोस्टर लगे है। लोगों का कहना है कि विधायक क्षेत्र में आते ही नहीं है।  

बिहार की हालत पर पीएम मोदी का बड़ा बयान, नीतीश कुमार ने बीच में टोक दिया

पटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि बिहार से छात्रों-युवाओं का पलायन राजद शासन काल में शुरू हुआ था। व्यवस्था पटरी से उतर गई थी। नीतीश कुमार की अगुआई वाली राज्य की एनडीए सरकार इसे पटरी पर ले आई है। वे शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दीक्षा समारोह का उद्घाटन करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। इसमें उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, ऊर्जा मंत्री विजय कुमार सिन्हा, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार एवं श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी को अंदाजा नहीं होगा कि दो-ढाई दशक पहले बिहार में शिक्षा व्यवस्था किस तरह तबाह थी। न स्कूल खुलते थे और न भर्तियां होती थीं। मजबूरी में लाखों बच्चों को बिहार छोड़कर बनारस, दिल्ली, मुंबई जाना पड़ा। यही पलायन की असली शुरुआत थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जड़ में कीड़ा लगे पेड़ों को जीवित करना पराक्रम का काम है। राजद शासन काल में राज्य की हालत जड़ में कीड़ा लगे पेड़ जैसी थी। सौभाग्य से बिहार के लोगों ने नीतीश कुमार को सरकार का दायित्व सौंपा। एनडीए की पूरी टीम मिलकर बिगड़ी हुई व्यवस्थाओं को फिर पटरी पर लाई। डबल इंजन सरकार बिहार के शिक्षा संस्थाओं को आधुनिक बनाने में जुटी है। राजद-कांग्रेस के शासनकाल की तुलना में बिहार का शिक्षा बजट कई गुणा बढ़ा है। करीब-करीब हर गांव-टोले में एक स्कूल है। इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज की संख्या बढ़ी है। हाल में ही केंद्र सरकार ने बिहार के 19 जिलों के लिए केंद्रीय विद्यालय स्वीकृत किए हैं। एक समय था, जब बिहार में स्पोर्ट्स से जुड़ा इंटरनेशनल लेवल का इंफ्रास्ट्रक्चर तक नहीं था। आज बिहार में स्पोर्ट्स के नेशनल और इंटरनेशनल इवेंट्स हो रहे हैं।आइआइटी पटना में इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के अलावा आज भी बिहार में कई बड़े शिक्षा संस्थानों के आधुनिकीकरण का काम आरंभ हुआ है। एनआइटी पटना के बिहटा कैंपस को भी विद्यार्थियों के लिए खोल दिया गया है। इसके अलावा, पटना यूनिवर्सिटी, भूपेंद्र मंडल यूनिवर्सिटी, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा और नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी, इन सभी संस्थानों में नए एकेडमिक इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव रखी गई है। बिहार में नई स्किल ट्रेनिंग यूनिवर्सिटी, अन्य यूनिवर्सिटीज में सुविधाओं का विस्तार, नौजवानों के लिए युवा आयोग, हजारों युवाओं को पक्की सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र, ये सब बिहार के युवाओं के बेहतर भविष्य की गारंटी है। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड वाले एजुकेशन लोन को ब्याज मुक्त कर दिया गया है। स्कालरशिप की राशि 1800 से बढ़ाकर के 3600 कर दी गई है। बिहार सरकार ने बीते दो दशकों में 50 लाख नौजवानों को बिहार में रोजगार से जोड़ा है। करीब 10 लाख पक्की सरकारी नौकरियां दी गई हैं। पिछले दो वर्षों में ही ढाई लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। राज्य सरकार ने जितने रोजगार 20 साल में बनाए, आने वाले पांच साल में उससे दोगुने रोजगार निर्माण का लक्ष्य है। बिहार के नौजवान को राज्य में ही नौकरी-रोजगार देने का संकल्प।  

DC की समीक्षा बैठक: रांची समाहरणालय में सुरक्षा और साफ-सफाई सुधार को दिशा

रांची झारखंड के रांची समाहरणालय ब्लॉक-ए के कार्यालय कक्ष में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में समाहरणालय परिसर की सुरक्षा, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार किया गया। पूर्व में आयोजित वरीय पदाधिकारियों की बैठक, ऑल हैंड मीटिंग, और अन्य उठाए गए मुद्दों के आधार पर दिए गए निर्देशों की क्रमवार समीक्षा की गई। बैठक में जिला नजारत उप समाहर्ता डॉ. सुदेश कुमार, विशेष विनियमन पदाधिकारी मनीषा तिर्की, जिला सूचना एवं जन संपर्क पदाधिकारी उर्वशी पांडेय, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी राजीव कुमार, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा रवि शंकर मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। भजंत्री ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को पूर्व में जारी आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस समीक्षा बैठक में समाहरणालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने के लिए परिसरों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने का निर्देश दिया गया। इससे परिसर की निगरानी सशक्त होगी और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार आएगा। इसके अलावा समाहरणालय ब्लॉक-ए और ब्लॉक-बी की विशेष साफ-सफाई पर जोर दिया गया। पाकिर्ंग क्षेत्र में लंबे समय से खड़े वाहनों को हटाने के लिए भी तत्काल कारर्वाई करने का आदेश दिया गया ताकि परिसर को व्यवस्थित रखा जा सके। भजंत्री ने समाहरणालय के मुख्य गेट पर बायोमेट्रिक मशीन लगाने का भी निर्देश दिया जिससे कर्मचारियों की उपस्थिति की मॉनिटरिंग सटीक ढंग से हो सके। यह कदम कार्यालय में अनुशासन और समर्पण को बढ़ावा देगा। साथ ही समाहरणालय परिसर और सुभाष चंद्र बोस पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए भी विशेष रूप से कदम उठाने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है ताकि दोनों स्थान स्वच्छ और आकर्षक बन सकें। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा की गई और कार्यान्वयन को समयबद्ध करने का आदेश दिया गया। भजन्त्री ने सभी पदाधिकारियों को कहा कि वे पूर्व में दिए गए निर्देशों का प्रभावी और समय पर पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि समाहरणालय परिसर का स्वच्छ, सुरक्षित और सुंदर होना आवश्यक है और इसके लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा। भजंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों के पालन की नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश भी दिया गया ताकि अगली समीक्षा बैठक में कार्यों की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की जा सके। यह बैठक प्रशासनिक कार्यों को बेहतर बनाने और जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।  

राज्य के विकास व चुनाव मामलों पर सीएम हेमंत से हुई आयुक्तों की चर्चा

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज यहां कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में दो अधिकारियों से शिष्टाचार मुलाकात हुईं। पहली मुलाकात झारखंड की राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने मुख्यमंत्री से की, जिसमें दोनों के बीच सौहार्दपूर्ण चर्चा हुई। यह मुलाकात एक पारंपरिक शिष्टाचार भेंट थी, जिसमें चुनाव संबंधी प्रशासनिक विषयों पर चर्चा हुई। वहीं, दूसरी शिष्टाचार मुलाकात विकास आयुक्त, झारखंड अजय कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री से की। इस अवसर पर सिंह ने मुख्यमंत्री को विभिन्न विकास परियोजनाओं और योजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। सोरेन ने भी संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। सोरेन ने अधिकारियों से चर्चा करते हुए सहयोग और वैश्विक तौर पर सकारात्मक परिवर्तनों के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की।  

गंगा में डॉल्फिन की मौत से साहिबगंज में मचा हड़कंप, टीम कर रही स्थिति की समीक्षा

साहिबगंज झारखंड के साहिबगंज जिले में गंगा के तट पर एक डॉल्फिन का शव मिला है। यह जानकारी वन अधिकारियों ने दी। साहिबगंज के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) प्रबल गर्ग ने बताया कि स्थानीय मछुआरों से सूचना मिलने के तुरंत बाद वन अधिकारी मौके पर गए और शव को कब्जे में ले लिया। डीएफओ ने कहा, "हमने डॉल्फिन (वैज्ञानिक रूप से प्लैटनिस्टा गैंगेटिका) के शव को पोस्टमार्टम के लिए तालझारी के निकटतम रेंज कार्यालय में भेज दिया है। यह स्तनपायी जीव वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची एक के तहत सूचीबद्ध है, जो इसे एक लुप्तप्राय प्रजाति बनाता है।" वन अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया डॉल्फिन के शव पर किसी बाहरी चोट के निशान नहीं हैं। उन्होंने जल प्रदूषण के कारण उसकी मौत की संभावना से भी इनकार किया। गर्ग ने कहा, "डॉल्फिन के शव पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं हैं, जिसमें जहाजों या ट्रॉलरों की आवाजाही से हुई चोट की संभावना खारिज होती है। जल प्रदूषण की संभावना बहुत कम है, क्योंकि ऐसी स्थिति में डॉल्फिनों की कई मौतें हो सकती थीं।" साहिबगंज में प्रोजेक्ट डॉल्फिन के तहत भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) द्वारा किए गए मानसून-पूर्व सर्वेक्षण में स्तनधारियों की संख्या 250 से अधिक पाई गई।