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19 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक बिहार में छुट्टियों का शेड्यूल – जानिए पूरी सूची

पटना  त्योहारी सीजन में बिहार में छुट्टियों की भरमार लग गई हैं। राज्य में 19 अक्टूबर से लेकर 29 अक्टूबर तक छुट्टियां ही छुट्टियां हैं। अगर स्कूल की बात करें तो सरकार ने 20 अक्टूबर से लेकर 29 अक्टूबर तक स्कूल बंद रखने का आदेश दिया है। आइए डिटेल में जानते हैं कि बैंक, सकूल और अदालतें किस-किस दिन बंद रहेंगे।  जानें दिवाली पर कितने दिन बंद रहेंगे बैंक? दिवाली से लेकर छठ पूजा तक बैंक 4 से 5 दिन बंद रहेंगे। छुट्टियों की पूरी लिस्ट के लिए किल्क करें।   कितने दिन बंद रहेंगी अदालतें?  बिहार में पटना व्यवहार न्यायालय समेत पटना न्याय मंडल की सभी अदालतें 19 अक्टूबर 2025 से 28 अक्टूबर 2025 तक दीपावली एवं छठ महापर्व की (Bihar Court Holidays 2025) छुट्टियों के कारण बंद रहेंगी। पूरी खबर के लिए क्लिक करें।   बच्चों की लगी मौज…इतने दिन बंद रहेंगे School बिहार सरकार ने 20 अक्टूबर से 29 अक्टूबर 2025 तक स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया है। इस अवधि में राज्य के सभी जिलों में सरकारी और निजी स्कूलों में (Bihar Govt School Closed ) अवकाश रहेगा। ये छुट्टियां दिवाली और छठ पूजा दोनों को कवर करेंगी। 

कांग्रेस में टिकट की ‘घोड़ा-दौड़’! पप्पू यादव-अल्लावरू का धमाकेदार ऑडियो मचा रहा हड़कंप

पटना  बिहार चुनाव से पहले टिकटों की खरीद-फरोख्त को लेकर कांग्रेस पर गंभीर इल्जाम लग रहे हैं। गंभीर बात यह है कि यह आरोप कोई और नहीं बल्कि कांग्रेस के ही विधायक अफाक आलम लगा रहे हैं। अफाक आलम कस्बा से कांग्रेस विधायक हैं। कस्बा से कांग्रेस विधायक आफाक आलम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के बीच हुई बातचीत का एक ऑडियो भी वायरल हुआ है। इसमें आफाक आलम के पूछने पर राजेश राम कह रहे हैं कि आपके टिकट पर हम साइन कर दिए हैं। अब प्रभारी के पास है। लेकिन कोई मुकतु और इरफान है। खेल, हाथी, घोड़ा सब हो रहा है। बता दें कि कस्बा से कांग्रेस ने इरफान को टिकट दिया है। अफाक आलम का कहना है कि घोड़ा कृष्णा अल्लावरू हैं और हाथी पप्पू यादव। सबसे पहले हम आपको बताते हैं कि अफाक आलम और राजेश राम के बीच क्या बातचीत हुई। हालांकि, लाइव हिन्दुस्तान इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है। जो ऑडियो वायरल हुआ है उसमें अफाक आलम कहते हैं कि अध्यक्ष जी बताइए ना क्या करें, बैठे हए हैं। इसपर राजेश राम कहते हैं कि यहां पर एक मुत्थु हैं, कोई इरफान हैं। उसके लिए बहुत है, आपका ओके है लेकिन अभी सिंबल रोके हुए है। इसके बाद अफाक आलम ने कहा कि तो हमको दे दिजिए। इसपर राजेश राम ने कहा कि हम तो साइन कर के दे ही दिए हैं वहां, हम चले आए क्षेत्र पर। अफाक आलम राजेश राम से कहते हैं कि धन्यवाद आपका सर। खेल, हाथी-घोड़ा हो रहा – राजेश राम इसपर राजेश राम ने कहा कि हम साइन, वगैरह जितना था उतना कर दिए हैं। लेकिन अब ये जो है वो प्रभारी जी के पास है। अफाक आलम कहते हैं कि आप अध्यक्ष है सर। इसपर राजेश राम कहते हैं कि अध्यक्ष हैं तो हम अनुमति तक सबकुछ कर दिए हैं। अफाक आलम ने इसपर पूछा कि तो फिर ये क्या खेल हो रहा है सर। इसपर राजेश राम ने कहा कि खेल, हाथी-घोड़ा सब हो रहा है। हमने कहा था कि किसी भी विधायक का टिकट नहीं कटना चाहिए। इसपर अफाक आलम ने कहा कि आप ऊपर खबर कर दीजिए सर। इसपर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अभी पप्पू यादव लगा हुआ है ना। तब अफाक आलम ने कहा कि किसके पीछे लगा हुआ है पप्पू यादव, पप्पू यादव क्या चीज है, पप्पू यादव क्या है? पप्पू यादव हमलोग की पार्टी का क्या है? इसपर राजेश राम कहते हैं कि यह तो आप ऊपर पूछिएगा ना सर। हमने आपका नाम आगे बढ़ा दिया। बाद में आकर टिकट रूका है। अफाक आलम ने पूछा कि किसने रोक दिया? इसपर राजेश राम ने कहा कि ये सब तो पप्पू जी, वेणु जी सब बैठ कर क्या-क्या कर रहे हैं। हमलोग तो पहले ही साइन करके दे चुके हैं। अफाक आलम इसे बाद कहते हैं कि क्या सर इससे पार्टी चलेगा? तब राजेश राम कहते हैं कि पार्टी एकदम नहीं चलेगा। इससे हम भी बहुत परेशान हैं। आप एक साफ-सुथरा आदमी हैं। आपके बनने से एक मैसेज है कि आपके होने से हमलोग बातचीत कर सकते हैं। आप हमारे अध्यक्ष हैं आपको अड़ना होगा सर। इधर इस ऑडियो क्लिप के वायरल होने के बाद अफाक आलम ने न्यूज 18 से बातचीत में माना कि यह बातचीत उनके और राजेश राम के बीच की ही है। इन लोगों ने टिकट बेचा है और टिकट बेचकर वैसे लोगों को बेचा गया है जो हारा हुआ है। कांग्रेस में टिकट बेचे जाने की बात पर अड़े अफाक आलम अफाक आलम ने कहा कि जो बिहार कांग्रेस के प्रभारी अल्लावरू और अध्यक्ष राजेश राम और शकील खान इन तीनों की जिम्मेदारी थी टिकट देने की। हम लगातार फोन करते रहे लेकिन अल्लावरू साहब ने फोन नहीं उठाया। हमने कहा कि दूसरे चरण में हमलोगों को टिकट मिलना है। हमलोगों को टिकट दिया जाए। उसके बाद हमको धीरे-धीरे पता चला कि पप्पू यादव जी ने पैसे की उगाही कराई और इन लोगों दबाव में लाकर वैसे लोगों को टिकट दिया गया जिनका कोई जनाधार नहीं है और जो समिति में हारा हुआ है। पैसा लेकर टिकट दिया गया है। अफाक आलम ने कहा कि मनमाने ढंग से कांग्रेस पार्टी को बर्बाद करने के लिए कई लोग लगे हुए हैं। अफाक आलम ने कहा कि हम अपनी बात को राहुल गांधी, खरगे और केसी वेणुगोपाल तक पहुंचाया है। यहां बिहार में ये लोग टिकट बेचने का काम कर रहे हैं। किशनगंज में भी फ्रॉड करने की कोशिश की गई है। कसम खाकर कहें कि पैसा दिया गया या नहीं – अफाक आलम कस्बा विधायक ने अपनी अगली रणनीति को लेकर कहा कि हमारे समर्थक हमारे साथ हैं। कई हजार लोग यहां आ गए हैं। हम उनसे राय लेने के बाद ही कदम उठाएंगे। हम इंसाफ मांगते हैं कि आखिर ऐसा क्यों हआ? लोकतंत्र में ईमानदार लोगों को ही क्यों रोका जाता है? ऐसे तो लोकतंत्र में कोई आगे नहीं बढ़ेगा। वहीं दलाल, फ्रॉड लोग आगे आएंगे। अफाक आलम ने कहा कि मुझसे पप्पू यादव ने पूछा कि आप जीतिएगा कि वो जीतेंगे? यह सारा खेल वहीं से हुआ है। पैसा लिया गया है। वो रामायण-पुराण की कसम खाकर कहें कि पैसे दिया गया है नहीं। रातोंरात पैसा कैसे पहुंचा है और पैसा मिलने के बाद टिकट ओके किया गया है।

RJD नेता का आवास पर प्रदर्शन: रोने के साथ कुर्ता फाड़ा, लगाए बड़े आरोप

पटना/ मोतिहारी पूर्वी चंपारण जिले की मधुबन विधानसभा सीट से राष्ट्रीय जतना दल के पूर्व प्रत्याशी मदन साह का दर्द रविवार को राबड़ी आवास के बाहर फूट पड़ा। उन्होंने पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर अपना कुर्ता फाड़ लिया और फूट-फूटकर रोने लगे। इस दौरान उन्होंने तेजस्वी यादव के राजनीतिक सलाहकार संजय यादव पर टिकट बेचने का गंभीर आरोप लगाया। मदन साह का आरोप है कि कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के करीबी व राज्यसभा सांसद संजय यादव ने मुझसे दो करोड़ सत्तर लाख रुपये की मांग की थी। पैसे नहीं देने पर मेरा टिकट काट दिया गया। मैं बर्बाद हो गया हूं। बेटा-बेटी की शादी तक टाल दी थी चुनाव के लिए। लालू यादव ने खुद कहा था कि तैयारी करो, पिछली बार कम वोटों से हारे थे। इधर, पार्टी की ओर से इस पूरे मामले पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मधुबन से लड़े से विधानसभा चुनाव बता दें कि मदन साह 2020 के विधानसभा चुनाव में राजद के टिकट पर मधुबन से चुनाव लड़े थे, जहां उन्हें भारतीय जनता पार्टी के राणा रणधीर सिंह ने मात्र 5,878 वोटों के अंतर से हराया था। उस हार के बाद पार्टी ने उन्हें प्रोत्साहित किया और अगली बार मौका देने का भरोसा दिया था। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान मदन साह पर यह आरोप लगा कि उन्होंने राजद उम्मीदवार की जगह NDA प्रत्याशी को अंदरखाने से मदद की। आरोप है कि उनकी भूमिका के चलते ही जदयू की लवली आनंद ने राजद उम्मीदवार ऋतु जयसवाल को करीब 30,000 वोटों से हरा दिया। इसी वजह से पार्टी नेतृत्व उनसे नाराज चल रहा था।

नाराज़ RJD नेता का ड्रामा! टिकट ना मिलने पर फूट-फूटकर रोए, लालू-राबड़ी के घर मचा बवाल

पटना बिहार चुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच पटना में जमकर ड्रामा हुआ. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के 10, सर्कुलर रोड स्थित आवास के बाहर उस समय हंगामा मच गया, जब मधुबन विधानसभा सीट से टिकट के दावेदार रहे मदन शाह अचानक वहां पहुंच गए और जोरदार प्रदर्शन करने लगे. मदन शाह ने आवास के बाहर गेट के ठीक सामने अपना कुर्ता फाड़ लिया और जमीन पर लेटकर जोर-जोर से रोने लगे. मौके पर मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में मदन शाह कहते नजर आ रहे हैं कि उनसे आरजेडी टिकट के बदले पैसे मांगे गए थे. उनका आरोप है कि जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो पार्टी ने उनका टिकट काटकर डॉ. संतोष कुशवाहा को पैसे लेकर दे दिया. मदन शाह ने कहा, "मैं सालों से पार्टी के लिए मेहनत कर रहा हूं, लेकिन टिकट पैसों के दम पर बांटा गया है. पार्टी ने समर्पित कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर धनबल वालों को प्राथमिकता दी है." उन्होंने आरजेडी के राज्यसभा सांसद संजय यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि संजय यादव ने टिकट की दलाली की है और पैसे लेकर टिकट बेचा गया है. लालू-राबड़ी के घर के बाहर अफरा-तफरी घटना के दौरान लालू-राबड़ी आवास के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मदन शाह को वहां से हटाया और स्थिति को नियंत्रित किया. इस बीच, आरजेडी की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. महागठबंधन में सीटों को लेकर खटपट जारी बता दें कि राज्य विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में खटपट जारी है. गठबंधन दलों के बीच आपसी सहमती नहीं बन सकी है. राजद और कांग्रेस के बीच आपसी मतभेद है और कई सीटों पर आमने-सामने की लड़ाई की स्थिति बन गई है. राजद और मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी के बीच भी कुछ मतभेद है, जहां मधेपुरा में एक सीट पर एक ही उम्मीदवार ने दोनों पार्टियों से पर्चा भरा है. मसलन, हालात पेचीदा हो गया है.

आलमनगर में चुनावी उलटफेर: एक कैंडिडेट, दो पार्टियों से नामांकन – RJD और VIP में मचा घमासान

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नामांकन के दौरान मधेपुरा जिले के आलमनगर विधानसभा क्षेत्र से एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां एक ही प्रत्याशी ई नवीन कुमार उर्फ नवीन निषाद ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और विकासशील इंसान पार्टी (VIP), दोनों के सिंबल पर अपना नामांकन पर्चा दाखिल किया है. यह घटना महागठबंधन के भीतर सीट शेयरिंग विवाद की वजह से हुई है, जहां अभी तक सीटों का सटीक बंटवारा नहीं हो पाया है. नवीन कुमार, जो पिछले चुनाव में भी RJD के टिकट पर आलमनगर से चुनाव लड़ चुके हैं, इस बार विकासशील इंसान पार्टी की ओर से भी उम्मीदवार हैं. नवीन कुमार ने बताया कि उन्होंने पार्टी के आदेश का पालन किया है और आगे भी पार्टी की हिदायात के अनुसार ही काम करेंगे. इस सीट का प्रचार पहले मुकेश सहनी की पार्टी के पास था, जिसने इसे अपने खाते में ले लिया है. इस मामले से महागठबंधन के अंदरूनी संकट और सीट शेयरिंग की जटिलताओं का पता चलता है. चुनाव के अंतिम चरण में यह विवाद हल होने की संभावना है, और प्रत्याशी की ओर से भी सीट छोड़ने या समर्थन वापस लेने की संभावना बनी हुई है. महागठबंधन में वीआईपी को मिल रहीं 15 सीटें बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चली लंबी बातचीत के बाद महागठबंधन ने विकासशील इंसान पार्टी (VIP) को करीब 15 सीटें देने पर सहमति बना ली है. हालांकि इसका आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है, लेकिन यह समझौता पहले चरण के नामांकन की आखिरी तारीख से कुछ घंटे पहले ही तय हुआ. 30 सीटें मांग रहे थे मुकेश सहनी वीआईपी पार्टी के नेता मुकेश सहनी शुरू में ज्यादा सीटों की मांग कर रहे थे. पहले उन्होंने 30 सीटों तक की मांग रखी थी, बाद में 20 सीटें मांगीं, साथ ही अगर गठबंधन की जीत होती है तो उपमुख्यमंत्री पद की भी इच्छा जताई थी. हालांकि, अभी कुछ फाइनल नहीं हुआ है. 

अमित शाह का बड़ा बयान: बिहार में उद्योग क्यों नहीं फल-फूल रहे, बाढ़ मुक्ति के लिए पेश किया रोडमैप

 पटना बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मतदान का समय नजदीक आता जा रहा है। सभी पार्टियां चुनाव प्रचार में जुटी हैं। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को 'हिन्दुस्तान बिहार समागम' कार्यक्रम के दौरान बिहार के विकास पर चर्चा की। शाह ने बिहार में औद्योगिक विकास की बाधाओं पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि राज्य में फैक्ट्रियां न लगने की सबसे बड़ी वजह भूमि की कमी है, जो निवेशकों को आकर्षित करने में प्रमुख बाधा बनी हुई है। साथ ही, उन्होंने बाढ़ मुक्ति का एक व्यापक प्लान भी साझा किया, जिसमें केंद्र सरकार की भूमिका और दीर्घकालिक उपाय शामिल हैं। हिन्दुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर के साथ एबीपी न्यूज पर विशेष बातचीत में शाह ने कहा, "बिहार के अंदर हम सभी जानते हैं कि भूमि की कमी है। कोई भी बड़ी इंडस्ट्री लाना है तो बिहार में भूमि मिलने में बड़ी दिक्कत आती है। इसलिए बिहार में इस प्रकार की इंडस्ट्री लानी चाहिए जिसमें भूमि की कम जरूरत हो। इसीलिए हम बिहार को देश के AI का हब बनाना चाहते हैं।" दरअसल शाह से पूछा गया कि क्या वे ये घोषणा कर सकते हैं कि आने वाले 10 वर्षों में बिहार की यह स्थिति हो जाएगी कि ये मजदूरों का निर्यातक प्रदेश नहीं होगा? इस पर गृह मंत्री ने कहा कि इसे अलग तरीके से देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम बिहार को सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री का हब बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "हमें इस इंडस्ट्री के अनुकूल युवाओं के लिए मौके बनाने होंगे.. उन्हें तराशना होगा। इन विधाओं में शिक्षित मैन पावर बनाने का काम हम करेंगे।" बाढ़ मुक्ति का प्लान समझाया बिहार में हर साल बाढ़ से तबाही मचती है। इसको रोकने के लिए अमित शाह ने अपनी सरकार के प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार में चंद्रगुप्त मौर्य के काल से नेपाल का पानी आता है.. गंगा बिहार में आती हैं और यहां तबाही मचती है। शाह ने कहा, "नरेंद्र मोदी जी ने 2024 के बजट के अंदर बिहार की कोसी परियोजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये घोषित किए। ये परियोजनाएं तेज गति से चल भी रही हैं। 50 हजार हेक्टेयर से ज्यादा भूमि सींचित भी होगी और आने वाले 10 सालों में बिहार पूरी तरह बाढ़ से प्रभाव से मुक्त हो जाएगा। अब समय आ गया है कि बिहार को बाढ़ मुक्त करना चाहिए और हम जरूर करेंगे।"

23 अक्टूबर से पीएम मोदी का मेगा प्रचार अभियान, बिहार के 12 जिलों में भरेंगे चुनावी हुंकार

पटना   बिहार में चुनावी सरगर्मी तेज हो चुकी है और इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यभर में 12 जनसभाओं को संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री की ये रैलियां अलग-अलग चरणों में आयोजित की जाएंगी. पीएम मोदी इस रैली से भाजपा और एनडीए उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाएंगे. किस दिन कहां-कहां करेंगे रैली सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी अपनी पहली तीन रैलियां 23 अक्टूबर को करेंगे. इस दिन वे सासाराम, भागलपुर और गया में जनसभाओं को संबोधित करेंगे. इन रैलियों में प्रधानमंत्री केंद्र सरकार की उपलब्धियों, बिहार में विकास योजनाओं और राज्य के लिए केंद्र सरकार क्या-क्या कर रही है उसको जनता के सामने रखेंगे. इसके बाद 28 अक्टूबर को प्रधानमंत्री की तीन और रैलियां निर्धारित हैं. वे इस दिन पटना, मुजफ्फरपुर और दरभंगा में जनता को संबोधित करेंगे. माना जा रहा है कि इन सभाओं में मोदी रोजगार, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी योजनाओं पर बात करेंगे. अगले चरण में 1 नवंबर को प्रधानमंत्री पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर और छपरा में रैलियां करेंगे. इन इलाकों में एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में बड़ी संख्या में जनता के जुटने की संभावना है. अंतिम चरण में 3 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी पश्चिमी चंपारण, सहरसा और अररिया में चुनावी सभाएं करेंगे. बिहर के नेताओं को पीएम मोदी की रैली से बड़ी उम्मीद भाजपा संगठन इन रैलियों की तैयारी में जुट गई है. बिहार बीजेपी के नेताओं का कहना है कि पीएम मोदी पर बिहार की जनता सबसे ज्यादा भरोसा करती है. केंद्र सरकार की योजनाओं का सबसे ज्यादा लाभ गरीब वर्ग के लोगों को मिलता है. ऐसे समय में पीएम मोदी की रैलियां बिहार में NDA उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनायेंगे.

रांची में त्योहारों की तैयारी तेज़, DC ने दिए विशेष दिशा-निर्देश

रांची झारखंड की राजधानी रांची में आगामी दीपावली, काली पूजा और छठ पर्व के सफल एवं सुरक्षित आयोजन को लेकर उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम, पुलिस प्रशासन, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, परिवहन, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन, स्वच्छता एवं अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। भजंत्री ने निर्देश दिया कि सभी छठ घाटों की सुरक्षा, स्वच्छता एवं प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने रांची नगर निगम को सभी प्रमुख घाटों की सफाई, चूना छिड़काव और अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था समय पर पूर्ण करने का निर्देश दिया। दीपावली, काली पूजा एवं छठ पूजा को लेकर सभी घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। महिला पुलिस की भी उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। नगर निगम द्वारा घाटों की सफाई, कचरा निस्तारण और रोशनी की व्यवस्था करने के निर्देश। प्रत्येक प्रमुख घाट पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे। विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति और पेयजल विभाग को पर्याप्त जल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। ट्रैफिक पुलिस द्वारा घाटों की ओर जाने वाले मार्गों पर विशेष यातायात योजना लागू की जाएगी। एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की टीम को सतकर् मोड में रखा जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। सभी छठ तालाबों और घाटों में सुरक्षित गहराई में बैरिकेड करने के निर्देश दिए। छठ पूजा को सौहार्दपूर्ण एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता भजंत्री ने दीपावली, काली पूजा एवं छठ पूजा को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था, विधि व्यवस्था को लेकर कई निर्देश दिए। छठ घाटों में अस्थाई चेंजिंग रूम बनाने को लेकर निर्देश। इन पूजा के दौरान वालंटियर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। बिजली विभाग के सभी पदाधिकारी/कर्मी सभी फोन उठाएं ताकि किसी भी आपात स्थिति होने पर लोग उनसे संपर्क कर पाए। सभी प्रमुख स्थानों में सीसीटीवी लगाने के निर्देश दिए गए। पर्व के दौरान असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर बनाए रखने एवं लोकल थाना द्वारा लगातार पेट्रोलिंग करने का निर्देश दिया गया। सभी काली पूजा पंडालों एवं छठ घाटों की साफ सफाई करने के निर्देश दिए गए। छठ, काली पूजा समिति के सदस्यों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का निर्देश दिया गया। भजंत्री ने कहा कि छठ पूजा लोक आस्था का महापर्व है, इसे सौहार्दपूर्ण एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने स्तर से लगातार निगरानी रखें और जनसहभागिता को बढ़ावा दें। साथ ही विशेष रूप से कहा की इन पर्व के दौरान ध्वनि प्रदूषण को लेकर उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित सभी मानकों का पालन सुनिश्चित रूप से हो। टीम बना कर मानकों का पालन करने का निर्देश दिया गया। पर्व के दौरान बेहतर विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार एंटी क्राइम चेकिंग चलाने का निर्देश वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा दिया गया। इस दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक, राकेश रंजन, अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था रांची, राजेश्वर नाथ आलोक, पुलिस अधीक्षक शहर, ग्रामीण एवं ट्रैफिक, अनुमंडल पदाधिकारी सदर रांची, उत्कर्ष कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी बुंडू, किस्टो बेसरा, जिला नजारत उप समाहर्ता रांची, डॉ. सुदेश कुमार, कार्यपालक अभियंता (पेयजल एवं स्वच्छता), सभी सम्बंधित डीएसपी, विद्युत विभाग के पदाधिकारी, अग्निशमन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।  

झारखंड पुलिस की बड़ी जीत: TSPC संगठन के दो एरिया कमांडर ने किया आत्मसमर्पण

रांची  झारखंड में चतरा और पलामू जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय खतरनाक टीएसपीसी नक्सली संगठन के दो बड़े एरिया कमांडर कुलदीप गंझू उफर् पत्थर (कुणाल) और रोहनी गंझू उफर् रोहनी पाहन ने शुक्रवार को चतरा में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों नक्सलियों पर 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण समारोह चतरा समाहरणालय के सभाकक्ष में बोकारो प्रक्षेत्र के आईजी सुनील भास्कर और चतरा एसपी सुमित कुमार अग्रवाल की मौजूदगी में संपन्न हुआ। कुलदीप गंझू के खिलाफ चतरा जिले के कुंदा, सदर, मनातु, छतरपुर, प्रतापपुर और गिद्धौर थाना क्षेत्रों में कुल 16 गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं, रोहनी गंझू पर कुंदा और मनातु थाना क्षेत्रों में 10 आपराधिक मामले हैं। नक्सलियों ने पुलिस को हथियार भी सौंपे। रोहनी गंझू ने एसएलआर राइफल समेत 82 जिंदा राउंड और कुलदीप ने सेमी ऑटोमैटिक राइफल के साथ 103 राउंड जिंदा गोला-बारूद सौंपा। ये दोनों नक्सली क्षेत्र में कई कुख्यात वारदातों में शामिल रहे हैं, जिनमें 25 मई 2024 को पंकज बिरहोर और उनके पिता बिफा बिरहोर की निर्मम हत्या और 7 फरवरी 2024 को अफीम विनष्टिकरण से लौट रहे पुलिस जवानों पर हमले की घटना प्रमुख हैं। उस हमले में दो पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। चतरा एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि यह सफलता लगातार चलाए जा रहे पुलिस अभियान और झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति‘नई दिशा'के व्यापक प्रचार-प्रसार का नतीजा है। पुलिस ने नक्सली परिवारों को इस नीति के बारे में गांव-गांव जाकर जानकारी दी और मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया। टीएसपीसी संगठन के अंदर भी उत्पन्न तनाव और पुलिस की प्रभावी दबिश के कारण ये नक्सलियों ने आत्मसमर्पण का कदम उठाया।

पशुपति पारस ने किया ऐलान—महागठबंधन से नहीं गठजोड़, अब तक 33 सीटों पर उम्मीदवार

पटना राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख पशुपति कुमार पारस ने कहा कि हमने महागठबंधन के साथ गठबंधन करने की काफी कोशिश की, लेकिन गठबंधन साकार नहीं हो सका। इसीलिए हमने तय किया है कि हम चुनाव अकेले लड़ेंगे। हमलोगों ने पहले चरण की 33 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। मुझे उम्मीद है कि चुनाव के पहले चरण में हम अच्छी संख्या में सीटें जीतेंगे। पशुपति पारस ने कहा कि 2005 में हमारी पार्टी ने अकेले ही बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा था। 29 सीटों पर हमलोग जीते थे। इस बार भी हम लोगों ने महागठबंधन के साथ गठबंधन करने का प्रयास किया। लेकिन, कुछ कारण वश ऐसा नहीं हुआ। हमारा संगठन पूरे बिहार में है। हमारा दलित सेना पूरे बिहार में है। इस बार हमारी पार्टी ने फैसला किया कि हम लोग अकेले चुनाव लड़ेंगे। पहले चरण में हम लोगों ने 33 अपने कार्यकर्ताओं को प्रत्याशी बनाया। इसमें छह महिलाओं को टिकट दिया है। हम लोगों ने बिहार के जातीय समीकरण का पूरा ख्याल रखना है। मुझे उम्मीद है की प्रथम चरण के चुनाव परिणाम में हमारी संख्या काफी अच्छी रहेगी। महागठबंधन में सीट बंटवारे के सवाल पर उन्होंने कहा कि आज तक सीट बंटवारा फाइनल नहीं हुआ तो अब क्या होगा? मुकेश सहनी के साथ पिछले बार भी गलत हुआ और इस बार भी हो रहा है। हम लोगों के साथ भी ऐसा ही किया गया इसलिए हमलोग अलग हो गए। पारस ने कहा कि यह बिहार के लिए दुर्भाग्य की बात है जो सामाजिक न्याय की सरकार बननी थी, उसमें अवरोध पैदा हो गया है। यह चीज गठबंधन के लिए अच्छी बात नहीं है कुछ सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवार आमने-सामने हो गए हैं, इस सवाल पर पशुपति पारस ने कहा कि इसका मतलब स्पष्ट है कि उम्मीदवारों का चयन गलत किया गया है। एक तरफ आप गठबंधन की बात करते हो और दूसरी तरफ दोस्ताना संघर्ष की बात करते हो। लालगंज, वैशाली समेत कई जगहों पर दोस्ताना संघर्ष हो रहा है। यह गठबंधन के लिए अच्छी बात नहीं है। पशुपति पारस ने स्पष्ट कहा की कि हम लोगों को सभी जाति धर्म के लोग वोट करेंगे और हमारी जीत होगी।