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पटना साहिब की जंग: नंद किशोर यादव को BJP ने सौंपी कमान, कांग्रेस ने दिखाया दमखम

पटना सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंंद सिंह जी की जन्मस्थली पटना साहिब की व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी खास पहचान है। यहां मारुफगंज, मंसूरचक, रामबाग, मच्छरहट्टा जैसे मोहल्लों में अनाज-मसाले से लेकर शृंगार व छोटे खिलौनों की थोक मंडी और बड़ी संख्या में कुटीर उद्योग हैं। पहले इसे पटना पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के नाम से जाना जाता था, लेकिन 2008 में परिसीमन के बाद यह क्षेत्र पटना साहिब बन गया। कांग्रेस, जनसंघ और समाजवादियों को बारी-बारी से मौका देने वाला यह विधानसभा क्षेत्र पिछले साढ़े तीन दशक से भाजपा का गढ़ है। इस सीट से भाजपा के नंदकिशोर यादव पिछले सात चुनावों से लगातार जीत रहे हैं। वह बिहार विधानसभा के अध्यक्ष हैं और इस लिहाज से पटना साहिब महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है। नंद किशोर यादव इस बार चुनाव मैदान में आठवीं बार यहां उतरने वाले हैं। 1957 में अस्तित्व में आए पटना पूर्वी क्षेत्र में 1990 तक नौ विधानसभा चुनावों में सर्वाधिक पांच बार कांग्रेस जीती। भारतीय जनसंघ को दो और जनता पार्टी तथा जनता दल को एक-एक बार सफलता मिली। 1995 में इस सीट पर पहली बार नंदकिशोर यादव जीते। तब से यह भाजपा का गढ़ बना है। इस बार चुनाव में यह सीट इंडिया गठबंधन में कांग्रेस के खाते में आने के आसार हैं। 90 के दशक के बाद कांग्रेस पहली बार विधानसभा चुनाव को लेकर गंभीर दिख रही है। एक-एक सीट का आकलन हो रहा है। कांग्रेस पटना साहिब में किसे उम्मीदवार बनाती है, यह भी अहम पहलू होगा। उधर, जनसुराज ने भी सक्रियता बढ़ाई है और चुनाव संघर्ष को त्रिकोणीय बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। नंदकिशोर यादव क्षेत्र से लगाव व विकास कार्यों की बदौलत फिर चुनाव मैदान में उतरने को तैयार हैं। कहते हैं, क्षेत्र का चहुंमुखी विकास मेरा सपना है। उम्मीद है कि जात-पात से ऊपर उठ इस बार भी जनता हमें आशीर्वाद देगी। प्रतिद्वंद्वी दल सामाजिक समीकरण साधने के साथ वे मुद्दे भी उठा रहे हैं, जो विकास से अछूते हैं। 2015 के चुनाव में कांटे की टक्कर नंदकिशोर यादव को क्षेत्र के लोग ‘नंदू भइया’ से भी बुलाते हैं। वह पथ निर्माण, स्वास्थ्य, पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री भी रहे हैं। 2015 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा था, जब जदयू, राजद व कांग्रेस का महागठबंधन था। राजद ने उनके शिष्य रहे संतोष मेहता को उतारा और मुकाबला इस कदर कांटे का रहा कि नंदकिशोर यादव के सिर महज 2792 मतों से जीत का सेहरा बंधा। चुनावों में नंद किशोर यादव के सामने प्रतिद्वंद्वी पार्टी और चेहरा बदलता रहा। 1995 में उनके सामने राजद के रामलखन सिंह यादव थे तो 2000 में उनका सामना राजद के ही ज्ञानेन्द्र कुमार ज्ञानू से हुआ। इसी तरह 2005 में हुए दो चुनावों में उनके सामने राजद ने भारती यादव (फरवरी) और अनिल यादव (नवंबर) को उम्मीदवार बनाया। कांग्रेस ने 2010 के चुनाव में परवेज अहमद को टिकट दिया, जबकि 2015 में राजद ने संतोष मेहता तो 2020 में कांग्रेस ने प्रवीण कुशवाहा को मैदान में उतारा था। नंद किशोर यादव जी बिहार में कई विभागों के मंत्री रहे। अभी विधानसभा के अध्यक्ष हैं। बिहार की राजनीति में जितना बड़ा उनका चेहरा है, उसके मुताबकि पटना साहिब का विकास नहीं हुआ। पटना सिटी के इलाके में आवागमन सुगम नहीं हो सका। कई इलाकों में लोग जलजमाव से त्रस्त हैं। अपराध भी बेलगाम है। -प्रवीण सिंह कुशवाहा, कांग्रेस प्रत्याशी पटना साहिब के विधायक सह बिहार विधानसभा के अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने कहा कि जातपात से ऊपर उठकर मैं विकास की राजनीति करता हूं। पटना साहिब में सड़कों के निर्माण के लिए 125 करो़ड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गयी है। मंगल तालाब के सौन्दर्यीकरण अगले माह शुरू हो जाएगा। गंगा पाथ के निर्माण से जाम से काफी राहत मिली है। पटना घाट समेत अन्य सड़कों का निर्माण पूरा हो जाने से आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। पांच साल में दिखा यह बदलाव ● जेपी गंगा पथ का दीदारगंज तक विस्तार ● गायघाट से पटना घाट तक लिंक रोड का निर्माण ● गायघाट में आईआईटी की स्थापना ● मंगल तालाब पाटलिपुत्र में इंडोर स्टेडियम का निर्माण ● गुरु गोविंद सिंह अस्पताल को जिला अस्पताल का दर्जा वायदे, जो पूरे नहीं हुए – : ● अशोक राजपथ और उससे सटे इलाकों को जाम से मुक्ति नहीं ● बरसात में जल्ला के कृषि योग्य भूमि को जलजलाव से निजात नहीं ● कुटीर उद्योगों का दायरा बढ़ने की जगह सिमट रहा है ● छोटी पहाड़ी और महादेव स्थान के पास अंडरपास नहीं बना ● अंतरराज्यीय बस स्टैंड बना पर जाम की समस्या का नहीं हुआ निदान कब-कौन जीता 1957 – जेहरा अहमद (कांग्रेस) 1962 – जेहरा अहमद (कांग्रेस) 1967 – रामदेव महतो (भारतीय जनसंघ) 1969 – रामदेव महतो (भारतीय जनसंघ) 1972 – जमील अहमद (कांग्रेस) 1977 – रामदेव महतो (जनता पार्टी) 1980 – शरत कुमार जैन (कांग्रेस) 1985 – शरत कुमार जैन (कांग्रेस) 1990 – महताब लाल (जनता दल) 1995 – नंद किशोर यादव (भाजपा) अबतक  

NH-107 अपग्रेडेशन को हरी झंडी, 22 करोड़ से काझी पथ होगा और मजबूत

पटना बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरूवार को बताया कि पथ प्रमंडल पूर्णियां अंतर्गत एन.एच.-107 से काझी (कुल लंबाई 6.000 किमी) पथ चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई है। सम्राट चौधरी ने बयान जारी कर बताया कि इस योजना की लागत 22 करोड़ 61 लाख 70 हजार रुपये आएगी। उन्होंने कहा कि पथ निर्माण विभाग से तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद निविदा प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। इसके क्रियान्वयन और खर्च की जिम्मेदारी पथ प्रमंडल पूर्णिया के कार्यपालक अभियंता को दी गई है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में डबल इंजन वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार, सड़कों के बुनियादी ढ़ांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। यही वजह है कि बिहार में सड़कों का विशाल नेटवर्क तैयार हुआ है। हाल में ही सरकार ने पूर्णिया जिले के पथ प्रमंडल अंतर्गत एनएच-107 के चेथरीयपीर चौक से चम्पानगर भाया धनहरा, कुम्हारटोला, जंगैली, जगनी तक कुल 7.653 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की थी और अब इसी कड़ी में 22 करोड़ 61 लाख 70 हजार रुपये की लागत से पूर्णिया में एन.एच.-107 से काझी पथ का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि काझी पथ का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण जहां आवागमन सुगम होगा वहीं रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।  

कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट शिष्यमंडल ने मंत्री संजय सेठ को दिया श्री राधा कृष्ण मंदिर आने का न्योता

रांची झारखंड में श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट का एक शिष्टमंडल ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल के अगुवाई में रांची के सांसद और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से यहां उनके आवास में मुलाकात की। शिष्टमंडल ने उनका अभिनंदन करते हुए श्री राधा कृष्ण की स्मृति चिन्ह भेंट कर उन्हें जन्म दिवस की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दी तथा उनके दीर्घायु की कामना करते हुए पुंदाग स्थित झारखंड के सबसे बड़े श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में सपरिवार आने का आमंत्रण दिया। ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सररफ ने आज यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की ओर से सांसद संजय सेठ को एक ज्ञापन दिया गया जिसमें उनसे पुंदाग गुटवा रोड में स्थित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर एवं सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम के सामने सड़क एवं नाली के निर्माण के लिए आग्रह किया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि इस रोड में झारखंड का सबसे बड़ा श्री राधा कृष्ण मंदिर का निर्माण हुआ है जो धार्मिक आस्था एवं सांस्कृतिक द्दष्टि से एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। इसके अतिरिक्त ट्रस्ट द्वारा दिव्यांग एवं निराश्रित जनों के पुर्नवास सेवा एवं देखभाल के लिए अपना घर आश्रम का कुशलता पूर्वक संचालन किया जा रहा है। इस सेवा संस्थान तक पहुंचाने के लिए ना कोई पक्की सड़क है और न ही समुचित जल निकासी, नाली की व्यवस्था है। मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं जिन्हें बहुत ही कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए संबंधित विभागों को निर्देशित कर श्री राधा कृष्ण मंदिर के सामने शीघ्र ही पक्की सड़क एवं नाली निर्माण की स्वीकृति एवं कार्यवाही सुनिश्चित कराने की कृपा करें। इस अवसर पर ट्रस्ट के सचिव मनोज कुमार चौधरी, उपाध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल, प्रवक्ता संजय सराफ, पूरणमल सर्राफ, मुकेश काबरा आदि शामिल थे।  

राहुल गांधी ने लिया मां जानकी का आशीर्वाद, तेजस्वी यादव रहे मौजूद

सीतामढ़ी लोकसभा नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को बिहार के सीतामढ़ी में जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना की। उनके साथ राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और अन्य नेता भी शामिल हुए। बिहार कांग्रेस प्रमुख राजेश कुमार ने कहा कि वे लोगों के कल्याण और राज्य की प्रगति के लिए प्रार्थना करने आए हैं। राजेश कुमार ने बताया, "हम यहां लोगों के कल्याण के लिए प्रार्थना करने आए हैं…देश और बिहार राज्य की प्रगति हो।" बता दें कि 16 दिवसीय 'मतदाता अधिकार यात्रा' आज सीतामढ़ी से फिर से शुरू होगी। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और अन्य के साथ शामिल होने के लिए तैयार हैं। बुधवार को राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार में सत्तारूढ़ (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) पर निशाना साधते हुए कहा, "एनडीए का पूरा नाम 'नहीं देंगे अधिकार' है… लोग हमारा समर्थन कर रहे हैं। जिस तरह से 'वोट चोरी' हो रही है, जनता जागरूक है और अपने वोटों की रक्षा करेगी। आगामी चुनावों में भाजपा-एनडीए विफल होगी।"  

राजधानी में डेंगू का प्रकोप तेज, एनएमसीएच में बढ़ाई गई चिकित्सा सुविधाएं

पटना  राजधानी पटना में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। अब तक लगभग पिछले एक सप्ताह में लगभग 72 डेंगू से पीड़ित हो चुके हैं और विगत 24 घंटे में 10 नए मामले सामने आए मिले हैं। अगस्त में 158 मरीज मिले हैं।  24 घंटे में जो 10 मरीज मिले हैं. उनमें तीन मुसल्लहपुर, दो-दो छज्जूबाज और बाजार समिति, एक-एक बाइपास, संदलपुर और गुलजारबाग का बताया जा रहा है। डेंगू के हॉट स्पॉट में कंकड़बाग का पोस्टल पार्क और योगीपुर, पटना सिटी, बोरिंग कैनाल रोड, जक्कनपुर, कॉलोनी, दीघा, गोला रोड, जगनपुरा, पाटलिपुत्र, फुलवारीशरीफ और दानापुर इलाके है। इस संबंध में एनएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन सिन्हा ने बताया कि मेडिसिन विभाग में डेंगू दो मरीज भर्ती हैं। इसको लेकर 40 बेड रिजर्व रखे गए हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने के पर बेड़ों की संख्या बढ़ाई जाएगी। मेडिकेटेड मच्छरदानी भी उपलब्ध कराई गई है। ओपीडी में इलाज कराने आने वाले मरीजों में लक्षण मिलने पर जांच कराई जा रही है। उन्होंने इसे रोकने के लिए घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी है। इसके साथ ही कूलर, गमलों, बाल्टी, पुराने टायरों और अन्य बर्तनों का पानी खाली करने की सलाह दी है। दिन में भी सोते समय मछरदानी का उपयोग करने की सलाह दी।

सीतामढ़ी में विपक्ष की ताकत का प्रदर्शन, यात्रा से बढ़ी NDA की मुश्किलें

सीतामढ़ी बिहार में जारी इंडिया गठबंधन की 'वोट अधिकार यात्रा' सीतामढ़ी पहुंच चुकी है। यहां आज राहुल गांधी माता जानकी का आशीर्वाद लेकर अपनी यात्रा को आगे बढ़ाएंगे। राहुल के साथ उनके गठबंधन के कई दिग्गज नेता मौजूद हैं। कार्यकर्ताओं में एक अलग जोश देखने को मिल रहा है। 'गरीब व वंचित परिवारों का वोट चोरी हो रहा' बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर दलों में सियासी घमासान मचा हुआ है। वहीं, प्रदेश में 'वोट अधिकार यात्रा' अपने पड़ाव पर आगे बढ़ रही है। यात्रा के 12वें दिन लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का कारवां सीतामढ़ी पहुंच चुका है। इससे पहले उन्होंने रुन्नी सैदपुर में आयोजित सभा को संबोधित किया। केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जमकर घेरा है। आरोप लगाया कि इसके जरिए माध्यम से गरीब व वंचित परिवारों का वोट चोरी हो रहा है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम गौरतलब है कि वाहनों के लंबे काफिले के बीच सीतामढ़ी में राहुल गांधी ने प्रवेश किया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जगह-जगह पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था। राहुल गांधी की यात्रा जब शहर में प्रवेश की तो ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरीके से डायवर्ट कर दिया गया था। 28 अगस्त को राहुल गांधी सीतामढ़ी के रीगा से निशाना साधेंगे। उससे पहले माता जानकी के मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे। रीगा से बैरगनिया तक वोटर अधिकार यात्रा के तहत रैली करेंगे। राहुल गांधी के साथ तेजस्वी यादव ,मुकेश सहनी और दीपांकर भट्टाचार्य मौजूद है।

सर्वसम्मति से पास हुआ प्रस्ताव: शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की सिफारिश

रांची दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न देने का प्रस्ताव गुरुवार को मानसून सत्र के आखिरी दिन विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित हो गया। झारखंड सरकार के समाज कल्याण मंत्री दीपक बिरुआ ने सदन में शिबू सोरेन को भारत रत्न देने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि, शिबू सोरेन ने झारखंड आंदोलन के लिए अपना जीवन तमाम कर दिया। उनके संघर्ष से नया राज्य और नई पहचान मिली। मंत्री ने कहा कि 4 अगस्त को उनका निधन हो गया। प्रस्ताव करता हूं कि उन्हें भारत रत्न देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाए। भारत रत्न के प्रस्ताव पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हम संकल्प के साथ हैं। उन्होंने मांग रखी कि झारखंड आंदोलन के प्रणेता और झारखंड आंदोलन की नींव रखने वाले मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा और विनोद बिहारी महतो का नाम जरूर जोड़ें। वहीं संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सुझाव दिया कि प्रस्ताव में यह बात जोड़ी जाए कि भारत की आजादी में आदिवासी समाज का बहुमूल्य योगदान है। लेकिन आदिवासी समाज के किसी आंदोलनकारी, राजनीतिज्ञ, बुद्धिजीवी को आज तक भारत रत्न नहीं मिला। ऐसे में शिबू सोरेन को भारत रत्न दिया जाए, यह जरूर जोड़ा जाए। प्रस्ताव पर स्वीकार रबीन्द्रनाथ महतो में सदन के समक्ष रखा। जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। बता दें कि झारखंड आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले दिशोम गुरू शिबू सोरेन का लंबी बीमारी के बाद 4 अगस्त को सर गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद पार्थिव शरीर को झारखंड लाया गया और इसके बाद उनके पैतृक गांव नेमरा में अंतिम संस्कार किया गया था। उनके निधन के बाद से ही उन्हें भारत रत्न देने की मांग जोर पकड़ने लगी थी। गुरुवार को उनको भारत रत्न देने की मांग का प्रस्ताव विधानसभा में आया और सर्वसम्मति से उस प्रस्ताव को पारित कर दिया गया।  

8 साल बाद आया न्यायालय का फैसला, नीरज सिंह मर्डर केस में सभी आरोपी बरी

रांची झारखंड में नीरज सिंह हत्याकांड में बीते बुधवार को धनबाद के न्यायालय ने झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह को आरोपों से बरी कर दिया है। न्यायालय ने इस मामले के सभी आरोपियों को नीरज सिंह हत्याकांड से बरी कर दिया। इससे पहले संजीव सिंह को स्ट्रेचर पर कोर्ट के अंदर ले जाया गया। पुलिस उन्हें एंबुलेंस में सिंह मेंशन से लेकर कोर्ट पहुंची थी। इसके पहले वकीलों को कोर्ट में प्रवेश नहीं करने देने पर वकीलों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालांकि, थोड़ी देर बाद नारेबाजी बंद हो गयी। धनबाद की राजनीति को झकझोर देने वाले चर्चित पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में आज आठ साल, पांच महीने और पांच दिन बाद अदालत ने सभी आरोपियों को बरी किया है। जिला और सत्र न्यायाधीश 16 सह विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट दुर्गेश चंद्र अवस्थी ने अपना फैसला सुनाते हुए पूर्व विधायक संजीव सिंह समेत सभी 10 आरोपियों को बरी कर दिया। इस फैसले में झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह, जैनेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह, डब्लू मिश्रा, विनोद सिंह, सागर सिंह उर्फ शिबू, चंदन सिंह, कुर्बान अली, पंकज सिंह और रणधीर धनंजय उर्फ धनजी सहित सभी आरोपियों को राहत मिली। ज्ञातव्य है कि 21 मार्च 2017 को धनबाद के तत्कालीन डिप्टी मेयर नीरज सिंह सहित तीन लोगों की हत्या कर दी गयी थी। नीरज सिंह के साथ जिन लोगों की हत्या की गयी थी उसमें अशोक यादव, चंद्र प्रकाश महतो उर्फ घोल्टू और मुन्ना तिवारी का नाम शामिल था। अशोक यादव नीरज सिंह के आप्त सचिव थे जबकि घोल्टू उनका ड्राइवर और मुन्ना तिवारी निजी बॉडीगार्ड था।  

विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में असहमति, माले विधायक की तीखी टिप्पणी कांग्रेस पर

पटना बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी समर जारी है। ऐसे में दोनों गठबंधनों को दरार और फूट की बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। महागठबंधन में दरार को लेकर एक खबर जोर पकड़ रही है। दरअसल,  सासाराम क्षेत्र के रोहतास जिले में कांग्रेस कमेटी द्वारा विभिन्न विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों से आवेदन लिए जाने को लेकर महागठबंधन के घटक दलों के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। जिले की काराकाट विधानसभा सीट से भाकपा माले के विधायक अरुण सिंह ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। गौरतलब है कि कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की सदस्य एवं महाराष्ट्र की सांसद प्रीणीति शिंदे इन दिनों रोहतास समेत बिहार के अलग-अलग जिलों में जाकर कांग्रेस उम्मीदवारों से आवेदन ले रही हैं। कांग्रेस का व्यवहार गठबंधन धर्म के खिलाफ विधायक अरुण सिंह ने कहा कि कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी को महागठबंधन के अन्य घटक दलों वाली सीटों पर उम्मीदवारों के आवेदन नहीं लेने चाहिए। यह पूरी तरह से गठबंधन धर्म के खिलाफ है। कांग्रेस सिर्फ उन्हीं सीटों पर आवेदन लेने की हकदार है, जो उसके खाते में पहले से हैं। जिन विधानसभा सीटों पर पहले से ही राष्ट्रीय जनता दल या भाकपा माले के विधायक हैं, उन पर कांग्रेस अगर उम्मीदवारों से आवेदन ले रही है या चयन प्रक्रिया शुरू कर रही है तो यह बिल्कुल गलत है। कांग्रेस को ऐसा नहीं करना चाहिए। भाकपा माले को कम से कम 40 सीटें चाहिए अरुण सिंह ने कहा कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में भाकपा माले को गठबंधन में कम से कम 40 सीटें मिलनी चाहिए। पिछले विधानसभा चुनाव में 19 सीटों में से 12 पर जीत और लोकसभा चुनाव में 3 सीटों में से 2 सीटों पर जीत दर्ज की गई थी। इस आधार पर माले का स्ट्राइक रेट सबसे बेहतर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को समझना चाहिए कि माले किसी भी हाल में अपनी जीती हुई सीट नहीं छोड़ेगी और हर जिले में माले को कम से कम एक-एक विधानसभा सीट मिलनी ही चाहिए। गठबंधन को होगा फायदा माले विधायक ने कहा कि बिहार में गरीबों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों का वोट हमेशा माले के साथ रहा है। माले की जितनी अधिक हिस्सेदारी होगी, गठबंधन को उतना अधिक फायदा होगा। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी को राजद और माले विधायक वाली सीटों पर उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया रोकनी चाहिए। कांग्रेस को पिछली बार जिले में करगहर और चेनारी सुरक्षित सीट मिली थी, इसलिए उन्हें केवल इन्हीं सीटों के लिए उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया अपनानी चाहिए।

वैशाली में अजब मामला: जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर डाला, अब प्रशासन पर उठे सवाल

वैशाली बिहार में लगातार मतदाता गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ विरोधी दल के नेताओं के द्वारा 'वोट अधिकार यात्रा' की जा रही है। केंद्र सरकार चुनाव आयोग को विरोधी दल के नेता लगातार निशाना भी बना रहे हैं। वहीं, हाजीपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पर जीवित मतदाता का नाम सूची से काट दिया गया है। यह मामला हाजीपुर विधानसभा क्षेत्र 123 बूथ नंबर 317 के मतदाता सुनील कुमार सिंह से जुड़ा है। सुनील का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। बताया गया है कि सुनील एक सफल बिजनेसमैन हैं और यह टैक्स भी भरते हैं। इनका एपिक नंबर एमएनक्यू 5523220 है। डोर-टू-डोर सत्यापन नहीं करने का आरोप वहीं, सुनील कुमार ने बताया कि हमारे पिता छत्रपति सिंह का नाम 2003 के मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन मेरा नाम काट दिया गया है। सुनील ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन सर्च करने पर पाया कि उनका नाम मृत घोषित कर दिया गया है। बूथ लेवल अधिकारी बीएलओ ने नियमों का उल्लंघन करते हुए डोर-टू-डोर सत्यापन नहीं किया। चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देश थे कि बीएलओ को घर-घर जाकर मतदाता पुनरीक्षण करना था। डीएम ने लिया संज्ञान सुनील के अनुसार, बीएलओ ने न तो उनके घर और न ही अन्य मतदाताओं के घर जाकर सत्यापन किया। सुनील ने वैशाली जिलाधिकारी से इस मामले की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि वह नियमित रूप से सरकार को टैक्स का भुगतान कर रहे हैं। बीएलओ ने न तो ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए कैंप लगाया और न ही नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया की। डीएम ने मामले पर संज्ञान लिया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।