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सीएम सम्राट चौधरी से गूगल प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात, निवेश और टेक सहयोग पर चर्चा

पटना  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बुधवार को नई दिल्ली स्थित बिहार भवन में गूगल इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट चंदू थोटा के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। उस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कृषि से संबंधित क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने गूगल को बिहार में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) स्थापित करने हेतु आमंत्रित किया। दोनों पक्षों ने बिहार के डिजिटल विकास को गति देने के लिए सुदृढ़ साझेदारी की दिशा में कार्य करने पर सहमति जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीसीसी नीति के अंतर्गत गूगल के लिए बिहार में बेहतरीन अवसर है। उल्लेखनीय है कि यह नीति राज्य को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए एक प्रमुख तकनीकी और अनुसंधान हब बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है। इसका मुख्य लक्ष्य बिहार में आधुनिक तकनीकों (एआइ, क्लाउड कंप्यूटिंग आदि) के केंद्रों की स्थापना को बढ़ावा देना और स्थानीय युवाओं के लिए उच्च-स्तरीय रोजगार सृजित करना है। मौके पर सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। कंपनियों के अनुकूल नीति बिहार जीसीसी नीति-2026 के अंतर्गत राज्य में जीसीसी स्थापित करने वाली पात्र कंपनियों को पूंजीगत व्यय के 30 प्रतिशत (अधिकतम 50 करोड़ रुपये) तक की सब्सिडी का प्रविधान है। राज्य के मूल निवासियों को रोजगार देने वाली कंपनियों को कर्मचारियों के वेतन पर सब्सिडी मिलेगी। प्रति इकाई अधिकतम 200 कर्मचारियों तक यह सहायता पहले वर्ष में 50 प्रतिशत, दूसरे वर्ष में 40 प्रतिशत और तीसरे वर्ष में 30 प्रतिशत तक होती है। कंपनियों के कार्यालयों के किराये पर भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। नवाचार को बढ़ावा देने के लिए पेटेंट फाइलिंग फीस का शत प्रतिशत (पांच वर्षों में 50 लाख रुपये तक) और अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन का 50 प्रतिशत (पांच वर्षों में 25 लाख रुपये तक) वापस किया जाएगा। पटना और दानापुर नगर निगम क्षेत्रों के बाहर जीसीसी स्थापित करने वाली कंपनियों को अतिरिक्त 10 प्रतिशत प्रोत्साहन मिलेगा। जीसीसी क्या है जीसीसी वस्तुत: बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा दूसरे देशों में स्थापित की गई रणनीतिक शाखाएं हैं। इनका मुख्य उद्देश्य बाहरी वेंडर्स पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं का केंद्र बनाकर वैश्विक प्रतिभा, कम लागत और तकनीकी नवाचार (एआइ, क्लाउड कंप्यूटिंग, आरएंडडी और डेटा विश्लेषण आदि) का लाभ उठाना है

गर्मी से मिली राहत, अब बारिश और वज्रपात का खतरा: 15 जून तक झारखंड में अलर्ट

 रांची  रांची समेत आसपास के जिलों में बुधवार को अचानक बदले मौसम के तेवर ने तापमान चार डिग्री सेल्सियस तक गिरा दिया है। दिनभर तेज धूप के बाद अचानक शाम छह बजे उमड़-घुमड़ आए काले बादल ने राहत की बरसात कर दी। करीब आधे घंटे तक हुई वर्षा से मौसम सुहाना हो गया और आमजनों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी Jharkhand Weather Forecast में बताया गया कि 11 और 12 जून को राज्य के उत्तर पूर्वी हिस्से यानी देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, गिरिडीह, जामताड़ा और साहिबगंज के अलावा निकटवर्ती मध्य भाग यानी रांची, रामगढ़, हजारीबाग, गुमला, बोकारो, लोहरदगा, कोडरमा, धनबाद और खूंटी में मेघगर्जन के साथ 50 से 60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवा के बहने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है, इसे लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पूरे राज्य में यह स्थिति 15 जून तक बनी रहेगी। बुधवार को ऐसा रहा मौसम पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो राज्य में कहीं कहीं हल्की व मध्यम दर्जे की वर्षा हुई। सबसे अधिक वर्षापात 37.2 मिमी दुमका में रिकॉर्ड किया गया। वहीं, सबसे अधिक अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज का जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस लातेहार का रिकॉर्ड किया गया। वहीं, राजधानी रांची का अधिकतम 35.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया कि अगले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले चार दिनों तक यानी 12, 13, 14 और 15 जून तक अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। ऐसा रहेगा रांची में अगले चार दिनों का तापमान 11 जून : अधिकतम 39 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस 12 जून : अधिकतम 37 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस 13 जून : अधिकतम 34 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस 14 जून : अधिकतम 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस मेघगर्जन, आकाशीय बिजली व आंधी से इस तरह बचें – आंधी तूफान से पौधारोपण, बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है – खुले स्थानों पर आकाशीय बिजली लोगों और मवेशियों को घायल कर सकता है – घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद करें और यदि संभव हो तो यात्रा से बचें – सुरक्षित आश्रय लें, पेड़ों के नीचे आश्रय न लें – कंक्रीट की फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों के सामने न रहें – विद्युत इलेक्ट्रानिक उपकरणों को अनप्लग करें – तुरंत जलस्रोतों से बाहर निकलें – बिजली का संचालन करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें।  

खान सर विवाद के बाद सरकार सख्त, बिना मान्यता चल रहे स्कूलों को जारी हुआ नोटिस

पटना  बिहार की राजधानी पटना में शुरू हुए खान सर कोचिंग विवाद के बाद सरकार ने कोचिंग सेंटर और स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस बीच सरकार को जानकारी मिली है कि राज्य में 37 हजार निजी (प्राइवेट) स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं। अब सरकार के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने इन प्राइवेट स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बिना मान्यता वाले स्कूलों को मान्यता के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है। प्राइवेट स्कूलों को 15 दिन का दिया टाइम शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम की समीक्षा के दौरान विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीइओ) को निर्देश दिया है कि बिना अनुमति चल रहे निजी विद्यालयों को 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर मान्यता प्राप्त करने के लिए नोटिस जारी करें। 15 दिन के बाद अगर कोई प्राइवेट स्कूल बिना मान्यता के चलते हुए पाया जाता है तो फिर उसके खिलाफ नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। बिहार में कितने प्राइवेट स्कूलों को मान्यता प्राप्त? बिहार में वर्तमान में 19186 प्राइवेट स्कूलों को मान्यता प्राप्त है। जबकि 1012 विद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया जारी है। इसके बावजूद राज्य में लगभग 37 हजार से अधिक प्राइवेट स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं। ये आंकड़े शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सामने आए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिला स्तर पर लंबित मान्यता आवेदनों का शीघ्र निपटारा किया जाये। साथ ही ऐसे विद्यालय जो अब तक मान्यता के लिए आवेदन नहीं कर पाये हैं, उन्हें अंतिम अवसर दिया जाए। 1 जुलाई से सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों की होगी जांच बिहार में संचालित मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली पर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। 1 से 31 जुलाई तक सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की सघन जांच की जाएगी। शिक्षा विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने इस संबंध में सभी प्रमंडलीय आयुक्तों को पत्र भेजकर अपने-अपने क्षेत्राधिकार के जिलों में अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित कराने का निर्देश दिया है।  

Parimal Nathwani को हरी झंडी, झारखंड राज्यसभा चुनाव में मुकाबला हुआ और दिलचस्प

रांची  झारखंड राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को बड़ी राहत मिली है. उनके नामांकन पर कांग्रेस की ओर से दर्ज कराई गई आपत्तियों पर बुधवार को हुई सुनवाई पूरी हो गई. रिटर्निंग ऑफिसर (RO) ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद नाथवानी की ओर से दिए गए जवाब को संतोषजनक माना और उनकी उम्मीदवारी को हरी झंडी दे दी।  दरअसल, नामांकन पत्रों की जांच के दौरान नाथवानी के दस्तावेजों में कुछ बिंदुओं को लेकर आपत्तियां उठाई गई थीं. कांग्रेस ने उनके नामांकन की वैधता पर सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने मामले को सुनवाई के लिए रखा था. सुनवाई के दौरान नाथवानी की ओर से सभी आपत्तियों का बिंदुवार जवाब प्रस्तुत किया गया. इसके बाद निर्वाचन पदाधिकारी उनके स्पष्टीकरण से संतुष्ट नजर आए।  बता दें, इस आपत्ति के बाद परिमल नाथवानी का नामांकन पहले होल्ड पर रखा गया था और इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज था. माना जा रहा था कि नाम और दस्तावेजों में कथित विसंगतियों को लेकर उनकी उम्मीदवारी पर संकट आ सकता है, लेकिन अब स्थिति साफ हो गई है।  झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए अब मुकाबला और रोचक हो गया है. चुनावी मैदान में एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी, इंडिया गठबंधन के 2 उम्मीदवारों और अन्य दावेदारों के बीच राजनीतिक गणित पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं. नाथवानी की एंट्री ने पहले ही चुनाव को दिलचस्प बना दिया था और अब उनका नामांकन वैध पाए जाने के बाद मुकाबला और भी रोमांचक हो गया है। 

Pending Cases पर बड़ी पहल, बिहार में 21 अगस्त से लगेगी विशेष लोक अदालत, समझौते से होगा समाधान

बिहार. 'पैन इंडिया' के तहत जिले में सुप्रीम कोर्ट में लंबित सुलहनीय मामलों के निपटारे के लिए 'विशेष लोक अदालत समाधान समारोह' का आयोजन किया जाएगा। नई दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट के तत्वावधान में 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को इसका आयोजन होगा। विभिन्न राज्यों से सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के पक्षकारों के लिए आपसी सुलह के आधार पर अपना विवाद खत्म करने का यह एक सुनहरा अवसर है। ऐसे पक्षकार अपने मुकदमों के निपटारे के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के माध्यम से गूगल फॉर्म भरकर आवेदन कर सकते हैं, जिसकी अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 31 जुलाई कर दी गई है। डीएलएसए के सचिव सह सब-जज राजेश कुमार गौरव ने बताया कि नालंदा जिले के अंतर्गत ऐसे कुल 23 वादों (मामलों) की सूची भेजी गई है, जिसमें पक्षकार अन्य जिलों से भी संबंधित हैं। सभी पक्षकारों को जिला प्राधिकार द्वारा नोटिस के माध्यम से सूचना भेज दी गई है, ताकि वे उपस्थित होकर अपनी बात रख सकें और उभय पक्षों (दोनों पक्षों) के बीच सुलह-वार्ता की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। इसी क्रम में अब तक कुल 53 पक्षकार जिला विधिक सेवा प्राधिकार के समक्ष उपस्थित होकर अपनी बात रख चुके हैं। प्राधिकार प्रतिदिन इस समारोह की सफलता के लिए काम कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक वादों का निपटारा हो सके। दोनों पक्षों को जोड़ने का भी हरसंभव प्रयास किया जा रहा है, ताकि सुलह-समझौते में पूरी सफलता मिले।

छात्रों के लिए बड़ा फैसला! स्कूल और कॉलेज के समय कोचिंग संचालन पर रोक, बिहार सरकार का आदेश

पटना  बिहार सरकार कोचिंग संस्थानों के लिए कानून बनाएगी. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग को इसे लेकर निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि स्कूल-कॉलेज के लिए तय समय के दौरान कोचिंग नहीं चलेंगे. विद्यार्थियों की जानकारी जिला प्रशासन को देनी होगी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सीएम ने बताया कि इसे लेकर सरकार का मकसद राज्य की शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, पारदर्शिता और पढ़ाई की क्वालिटी को बेहतर बनाना है।  कोचिंग संस्थानों को देना होगा ब्योरा  बता दें कि सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा कि सभी कोचिंग संस्थानों के लिए ये पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया है कि वे अपने यहां पढ़ने वाली सभी छात्र-छात्राओं की पूरी जानकारी जिला प्रशासन को सौंपे. कोई भी कोचिंग संस्थान अब बच्चों का ब्योरा छिपा नहीं सकेगा।  स्कूल-कॉलेज के समय नहीं चलेंगे कोचिंग  सरकार ने बच्चों पर ज्यादा प्रेशर और उनका स्कूल या कॉलेज न छूटें इसके लिए सख्त रुख अपनाया है. पोस्ट हुए निर्देश में उन्होंने साफ किया कि स्कूल और कॉलेजों में पढ़ाई के दौरान कोई कोचिंग संस्थान अपनी क्लास नहीं चला सकेगा।  शिक्षा विभाग बनाएगी मैनुअल  इस पूरी व्यवस्था को जमीन पर सही तरह से लागू करने के लिए सीएम ने शिक्षा विभाग को एक नई और मजबूत नियम तैयार करने का आदेश भी दिया है. सरकार का कहना है कि वे बिहार की शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और बच्चों को बेहतरीन शिक्षा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबंद्ध हैं। 

Jharkhand News: राज्यपाल की मंजूरी के बाद अनुज सिन्हा सहित चार नए सूचना आयुक्त होंगे नियुक्त

रांची. झारखंड राज्य सूचना आयाेग में वरिष्ठ पत्रकार अनुज सिन्हा, झामुमो के प्रवक्ता रहे तनुज खत्री, भाजपा के मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक तथा कांग्रेस नेता अमूल नीरज खलखो सूचना आयुक्त होंगे। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सूचना आयुक्त के पद पर इन चारों की नियुक्ति के संबंध में राज्य सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर सशर्त स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने कहा है कि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया में यदि कोई प्रक्रियागत त्रुटि पाई जाती है अथवा इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन से संबंधित कोई सवाल उठता है, तो उसकी पूरी जवाबदेही राज्य सरकार की होगी। राज्यपाल ने राज्य सरकार को निर्देश भी दिया है कि आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति शीघ्र सुनिश्चित की जाए, ताकि आयोग का कार्य सुचारु एवं प्रभावी ढंग से संचालित हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है। अब राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद कार्मिक विभाग चारों सूचना आयुक्तों की नियुक्ति संबंधित अधिसूचना जारी करेगा। बताते चलें कि राज्यपाल ने पूर्व में अनुज सिन्हा को छोड़कर बाकी अन्य तीन नामों पर आपत्ति करते हुए प्रस्ताव लौटा दिया था। उन्होंने तीनों के राजनीतिक दलों से जुड़े होने पर सवाल उठाया था कि उनकी नियुक्ति सूचना आयुक्त के पद पर हो सकती है या नहीं। साथ ही उनपर आपराधिक मामलों की भी जानकारी मांगी थी। छह वर्षों से रिक्त है सूचना आयुक्तों के पद झारखंड राज्य सूचना आयोग में पिछले लगभग छह वर्ष से मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों के पद रिक्त हैं। इस कारण यहां पूरी तरह सुनवाई ठप है। बताया जाता है कि लगभग 25 हजार आवेदन वहां लंबित हैं। इस मसले पर झारखंड हाई कोर्ट में लगातार सुनवाई से जल्द नियुक्ति का दबाव राज्य सरकार बना हुआ था।  इन चार नामों पर लगी मुहर राज्यपाल द्वारा स्वीकृत किए गए प्रस्ताव के अनुसार, राज्य सूचना आयोग में जिन चार प्रमुख चेहरों को सूचना आयुक्त बनाया गया है, वे हैं: अनुज कुमार सिन्हा: वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और झारखंड के बौद्धिक व सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ रखने वाली शख्सियत। तनुज खत्री: युवा और प्रखर राजनीतिज्ञ/अधिवक्ता, जो विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक मंचों पर सक्रिय रहे हैं। अमूल्य नीरज खलखो: प्रशासनिक व सामाजिक क्षेत्र का जाना-माना चेहरा। शिवपूजन पाठक: सार्वजनिक जीवन और सांगठनिक कार्यों का लंबा अनुभव रखने वाले वरिष्ठ व्यक्तित्व। क्यों अहम है यह फैसला? लंबे समय से लंबित था मामला: झारखंड राज्य सूचना आयोग पिछले काफी समय से आयुक्तों के पदों की रिक्ति के कारण लगभग निष्क्रिय सा हो गया था। आयुक्तों के न होने से आरटीआई के तहत आने वाली हजारों द्वितीय अपीलों का निपटारा रुका हुआ था और मामलों का अंबार लग गया था। पारदर्शिता को मिलेगा बल: इन चार नई नियुक्तियों के बाद राज्य में सूचना के अधिकार कानून के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। आम जनता को विभागों से समय पर जानकारी न मिलने की स्थिति में अब समय पर न्याय मिल सकेगा। संतुलित चयन: इस सूची में पत्रकारिता, कानून, प्रशासन और सामाजिक-राजनीतिक पृष्ठभूमि के दिग्गजों को शामिल कर एक संतुलित पैनल बनाने का प्रयास किया गया है, ताकि आयोग का कामकाज पारदर्शी और प्रभावी तरीके से चल सके। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा जल्द ही इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद तय प्रक्रिया के तहत इन सभी नवनियुक्त सूचना आयुक्तों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। शपथ ग्रहण के दिन से ही इनका कार्यकाल शुरू हो जाएगा, जिससे राज्य में पारदर्शिता और सुशासन को और मजबूती मिलेगी।

Bihar Social Security Pension: लाभार्थियों के खाते में आए ₹84 करोड़, अब तय तारीख पर होगी भुगतान प्रक्रिया

पटना. सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 77265 लाभुकों के बैंक खाते में भेजे गए 84 करोड़ 99 लाख 24 हजार 625 रुपये भेज दिए गए हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लाभुकों को मई माह की पेंशन राशि प्रदान की। यह राशि उन्होंने दिल्ली में बिहार भवन से डीबीटी के जरिए भेजी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुलावे पर सम्राट बुधवार पूर्वाह्न दिल्ली गए हैं। पहले वे मंगलवार रात को प्रस्थान करने वाले थे, लेकिन कामकाज की व्यस्तता के कारण पटना से निकल नहीं पाए। बुधवार को दिल्ली में एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में सम्राट भी सहभागी रहेंगे। बैठक का उपलक्ष्य मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर जन-जन तक उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार है।  पेंशन भुगतान का समय अनियमित उल्लेखनीय है कि बिहार में उल्लेखनीय है कि बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के एक करोड़ 21 लाख चार हजार 939 लाभुक हैं। इस योजना के अंतर्गत प्रति लाभुक 1100 रुपये दिए जाते हैं। पहले पेंशन भुगतान का समय अनियमित था।  अब हर महीने 10 तारीख को पेंशन का भुगतान इस कारण बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की आर्थिक समस्याओं का  समय से समाधान नहीं हो पा रहा था। अंतत: मुख्यमंत्री ने निर्णय लिया कि अब प्रत्येक माह की 10 तारीख को लाभुकों के खाते में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि भेज दी जाएगी। उस पर अमल शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के गरीब, वंचित एवं जरूरतमंद तबकों को सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराना हमारी सरकार का दायित्व है। हमने पिछली सरकार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि को 400 रूपये से बढ़ाकर सीधे 1100 रुपये प्रति माह किया था। हम 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों, सभी विधवाओं एवं निःशक्तजनों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशनों का लाभ देते है।  सभी लाभुकों को यह राशि हर माह निश्चित समय पर प्राप्त हो इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करने के सुअवसर पर इन योजनाओं के 94 लाख से अधिक लाभुकों को 1100 रुपये प्रति माह की दर से आज हम लगभग 1100 करोड़ रुपये की राशि उनके खाते में भेज रहे है।  जरूरतमंद लोगों की सेवा करते रहने के लिए संकल्पित उन्होंने कहा कि आगे हर महीने की 10 तारीख को हमारी सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभुकों के खाते में यह राशि अंतरित करती रहेगी। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के लोक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से सरकार सभी जरूरतमंद लोगों की सेवा करते रहने के लिए कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग जिन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, वे लाभ प्राप्त करने के लिए शीघ्र आवेदन करें। साथ ही आधार कार्ड लिंक नहीं होने के कारण पेंशन से वंचित लोग भी जल्द अपना आधार लिंक कराकर सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ प्राप्त करें। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, स्थानिक आयुक्त मनोज कुमार उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास, सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं लाभार्थीगण जुड़े हुए थे।

बोकारो में नई व्यवस्था लागू, कस्टमर आईडी से आसान होगा पार्सल ट्रैकिंग और बुकिंग

 बोकारो  डाक विभाग ने पार्सल बुकिंग की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कस्टमर आईडी जारी करने का निर्णय लिया है। यह कदम ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान करने और पार्सल बुकिंग के अनुभव को सुगम बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। कस्टमर आईडी के माध्यम से ग्राहक अपनी पार्सल बुकिंग की स्थिति को आसानी से ट्रैक कर सकेंगे। इसके अलावा, यह आईडी ग्राहकों को विभिन्न सेवाओं का लाभ उठाने में भी मदद करेगी। डाक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए की जा रही है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी पार्सल सेवाओं का उपयोग कर सकें। इस नई प्रणाली के तहत, ग्राहक को अपनी पहचान के लिए एक विशेष आईडी प्रदान की जाएगी, जिसे वे अपनी पार्सल बुकिंग के समय उपयोग कर सकेंगे। यह आईडी न केवल बुकिंग प्रक्रिया को तेज करेगी, बल्कि ग्राहकों को अपनी पार्सल की स्थिति की जानकारी भी समय पर उपलब्ध कराएगी। डाक विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कस्टमर आईडी सभी ग्राहकों के लिए अनिवार्य होगी, और इसे प्राप्त करने के लिए ग्राहकों को अपने व्यक्तिगत विवरण प्रदान करने होंगे। विभाग का मानना है कि इस पहल से पार्सल बुकिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राहकों का विश्वास भी मजबूत होगा। इस नई प्रणाली का कार्यान्वयन जल्द ही शुरू किया जाएगा, जिससे ग्राहकों को बेहतर और सुविधाजनक सेवा मिल सकेगी। डाक विभाग ने सभी ग्राहकों से अपील की है कि वे इस नई सुविधा का लाभ उठाएं और अपनी पार्सल बुकिंग को और अधिक सरल बनाएं।

धनबाद होमगार्ड भर्ती का इंतजार खत्म! जिला प्रशासन ने जारी किया रिजल्ट, यहां देखें नाम

धनबाद. झारखंड गृह रक्षा वाहिनी, धनबाद के तत्वावधान में संचालित गृह रक्षकों की नव-नामांकन प्रक्रिया को रिकॉर्ड समय में पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचार मुक्त वातावरण में संपन्न कर लिया गया है। इसकी मेधा सूची जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर मंगलवार को जारी कर दिया गया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत धनबाद जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के योग्य महिला व पुरुष अभ्यर्थियों के चयन की औपबंधिक मेधा सूची को सार्वजनिक कर दिया गया है। सुरक्षा और निष्पक्षता के पुख्ता इंतजाम इस बार की संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया तकनीकी सुगमता और कड़े प्रशासनिक नियंत्रण के कारण विशेष चर्चा में रही है। आयोजित शारीरिक जांच परीक्षा तथा हिन्दी लेखन क्षमता परीक्षा में हजारों अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और निष्पक्षता के ऐसे पुख्ता इंतजाम किए गए थे कि संपूर्ण बहाली के दौरान कदाचार या किसी भी प्रकार की अनियमितता की एक भी घटना सामने नहीं आई। यह पारदर्शी चयन प्रणाली का एक नया कीर्तिमान है। कनीकी दक्षता जांच परीक्षा का आयोजन  शारीरिक एवं लिखित परीक्षा में सफल तकनीकी रूप से दक्ष अभ्यर्थियों की जांच हेतु विषय विशेषज्ञों के विशेष दल द्वारा 'तकनीकी दक्षता जाँच परीक्षा' का आयोजन किया गया था। पूर्व में प्रकाशित सूची की गहन समीक्षा एवं संशोधन करते हुए, सभी अनिवार्य योग्यताओं व अर्हताओं को पूर्ण करने वाले ग्रामीण (प्रखण्डवार) एवं शहरी (तकनीकी/गैर तकनीकी) अभ्यर्थियों की अंतिम संशोधित औपबंधिक मेधा सूची पारदर्शी तरीके से पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी है। उपायुक्त आदित्य रंजन ने इस सफल, त्वरित और स्वच्छ बहाली प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों, पुलिस बल और शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा में सम्मिलित होने वाले सभी अभ्यर्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। इन कारणों से रद होगी उम्मीदवारी यह पूर्णतः एक औपबंधिक चयन सूची है। यदि किसी भी स्तर पर चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में कोई त्रुटि पाई जाती है, अथवा चरित्र सत्यापन एवं चिकित्सीय जाँच में अभ्यर्थी अयोग्य पाए जाते हैं, तो संबंधित अभ्यर्थी की उम्मीदवारी किसी भी स्तर पर तत्काल प्रभाव से रद कर दी जाएगी। इस लिंक पर मिलेगी मेधा सूची: आधिकारिक वेबसाइट www.dhanbad.nic.in पर https://cdn.s3waas.gov.in/s337f0e884fbad9667e38940169d0a3c95/uploads/17809410199791.pdf