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डीह बाबा में 18.81 लाख से निर्मित यात्री प्रतीक्षालय का विधायक एवं महापौर ने किया लोकापर्ण

 सिंगरौली  सिंगरौली विधानसभा के विधायक श्री राम निवास शाह एवं नगर पलिक निगम सिंगरौली की महापौर श्रीमती रानी अग्रवाल के मुख्य अतिथि एवं नगर पालिक निगम सिंगरौली के अध्यक्ष देवेश पाण्डेय के विशिष्ट अतिथि में वार्ड क्रमांक 42 डीह बाबा के पास 18.81 लाख की लागत से नव निर्मित यात्री प्रतीक्षालय का विधिवत पूजा अर्चना कर लोकापर्ण किया गया। लोकापर्ण समारोह की अध्यक्षता वार्ड पार्षद श्री संतोष शाह ने की।  इस अवसर पर उपस्थित वार्ड के नागरिको को संबोधित करते हुयें विधायक श्री शाह ने कहा कि डीह बाबा में यात्री प्रतीक्षलय का निर्माण होने से यहा आने वाले लोग गर्मी एवं बारिस में अपना बचाव कर सकेगे। साथ ही यहा होने वाले धार्मिक अनुष्ठानो में भी यह यात्री प्रतीक्षलय सहायक होगा। अब गर्मी बारिस के दिनो में बिना किसी व्यवधान के सभी कार्य सम्पन्न होगे। साथ ही विधायक ने कहा कि नगर निगम विकास हम सब एक होकर कार्य कर रहे अब वह दिन दूर नही जब सिंगरौली प्रदेश के एवं देश के पटल अपनी अलग छाप छोड़ेगा।  समारोह में उपस्थित वार्ड वासियो को संबोधित करते हुयें महापौर श्रीमती अग्रवाल ने कहा कि निगम के सभी वार्डो के समुचित विकास कार्य कराये जा रहो आज आप लोगो को यात्री प्रतीक्षलय की सौगात मिली है मै इसके लिए सभी को बधाई देती हू। महापौर ने कहा कि हर एक वार्ड में वहा की जरूरतो को दृष्टिगत रखते हुयें कार्य कराये जा रहे वार्ड क्रमांक 42 में भी मूलभूत सुविधाओ को बढ़ाने के लिए आगे भी आवश्यकता अनुसार विकास कार्य कराये जायेगे। इस अवसर बड़ी सख्या में वार्डवासियो सहित निगम संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

खंडवा में शाजिया की मयूर संग शादी, सात फेरे लेकर बनी शारदा

 खंडवा  महादेवगढ़ मंदिर में मंत्रोच्चार की गूंज के बीच फिर एक मुस्लिम युवती ने घर वापसी करते हुए सनातन पद्धति से विवाह रचाया। शाजिया से शारदा बनी युवती ने हिंदू युवक मयूर के साथ सात फेरे लिए। दोंदवाड़ा निवासी शाजिया ने जब मयूर के गले में वरमाला पहनाई तो हर-हर महादेव के जयकारे लगे। नवविवाहित जोड़े ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक भी किया। इसके बाद भारत माता की आरती की गई। बचपन से ही सनातन संस्कृति पसंद थी शाजिया से शारदा बनी युवती ने कहा कि मुझे बचपन से ही सनातन संस्कृति पसंद थी। मैंने किसी के दबाव में नहीं, बल्कि अपने मन से यहां आकर मयूर से विवाह किया। वहीं, मयूर ने कहा कि हम दोनों ने साथ जीने का फैसला किया है। दोनों की रजामंदी के साथ यह विवाह किया। शादी के बाद मंदिर में मौजूद लोगों ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। शारदा और मयूर की यह शादी चर्चा का विषय रही। मंदिर में उनके साथ कुछ मित्र थे, जिन्होंने शादी के लिए उनकी मदद की। शादी के बाद दोनों बहुत खुश नजर आए। मयूर और शारदा ने मिलकर एक नए जीवन की शुरुआत की है।

उज्जैन मंदिर में पोस्टर विवाद: अश्लील पहनावे को लेकर मां-बाप पर सवाल उठे

उज्जैन  धार्मिक नगरी उज्जैन में अधिकांश मंदिरों में सनातनी ड्रेस पहनने को लेकर जोर दिया जा रहा है. कई मंदिरों में ड्रेस कोड का पालन करने के लिए पोस्टर व बैनर लगाए जा चुके हैं. इन पोस्टर में सनातनी ड्रेस व मंदिर में दर्शन करने की गाइडलाइन लिखी है. इसके साथ ही मंदिर के पुजारी भी यहां आने वालों भक्तों के लिए सनातनी ड्रेस पहनकर ही आने का आग्रह कर रहे हैं. इन दिनों ऐसा ही एक पोस्टर उज्जैन मे चर्चा का विषय बना हुआ है. दरसल पूरा मामला उज्जैन जिले के नागदा के बिड़ला गांव में स्थित बड़े गणेश मंदिर का है यहा मंदिर मे एक पोस्टर लगाया गया है, जिसमें लड़कियों के पहनावे को लेकर पांच सवाल पूछे गए हैं. इस पोस्टर को लेकर तरह-तरह के लोगों के मन मे विचार आ रहेगा है. इतना ही नही अब पोस्टर पढ़ने के बाद अखिल भारतीय पुजारी महासंघ व मंदिर मे आने वाले हर श्रद्धांलु इस पोस्टर का समर्थन कर रहे है. भगवान भरोसे लगा पोस्टर जैसे ही इस पोस्टर को लोगों नें मंदिर मे देखा तो उन्होंने पुजारी से और पुजारी नें श्रद्धांलुओ से पूछा, लेकिन यह पोस्टर किसने और कब लगाया, इस बारे में मंदिर समिति या स्थानीय प्रशासन को कोई जानकारी नहीं है, लेकिन इसने क्षेत्र में एक नई बहस को जन्म दे दिया है. पोस्टर में माता-पिता को लक्षित करते हुए कहा गया है कि लड़कियों के अमर्यादित पहनावे के लिए मां जिम्मेदार है, जबकि पिता की मौन स्वीकृति को भी कटघरे में खड़ा किया गया है. इसके साथ ही अर्धनग्न कपड़े पहनने वाली लड़कियों को ”मॉडर्न, स्मार्ट, स्टैंडर्ड और आधुनिक” मानने वाली सोच पर तंज कसा गया है. साथ ही पोस्टर में अंत में जनजागरण समिति का उल्लेख किया गया है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि यह किसी सामाजिक संगठन की पहल हो सकती है. हालांकि, अब तक किसी संस्था ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है. पुजारी महासंघ व श्रद्धांलु कर रहे समर्थन पोस्टर का अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने समर्थन किया है. पुजारी महासंघ के अध्यक्ष और महाकाल मंदिर के वरिष्ठ पुजारी महेश शर्मा का कहना है कि मंदिर एक आस्था और मर्यादा का स्थान है. यहां आने वाले सभी श्रद्धालुओं, विशेषकर युवतियों को शालीनता का ध्यान रखना चाहिए खासकर मंदिर में प्रवेश करते समय. दक्षिण के मंदिरों में यह व्यवस्था पहले से लागू है और महाकाल मंदिर के गर्भगृह में भी ड्रेस कोड लागू है. इतना ही नही मंदिर मे आने वाले श्रद्धांलु भी इस बाट का समर्थन कर रहे है. बोर्ड पर 5 प्वाइंट्स में यह सवाल 1. क्या टीवी शो, फिल्मों को देख अपनी नासमझ से छोटी बेटियों (4, 6, 8 वर्ष से अधिक) की अमर्यादित ड्रेस पसंद कर फूहड़ एवं अश्लील पहनावे का बीज बोने वाली माता हैं? 2. क्या अपनी 10 वर्ष से अधिक उम्र की बेटियों को फूहड़, अमर्यादित, एकदम टाइट एवं छोटे-छोटे कपड़े पहनने पर मौन रहने वाला पिता है? 3. क्या छोटे, कम एवं अर्ध नग्न ड्रेस पहनने वाली लड़की को मॉडर्न, स्मार्ट, स्टैंडर्ड एवं आधुनिक समझने वाली सोच है? 4. अपनी बेटियों को विचारों की आजादी दीजिए अमर्यादित, अश्लील पहनावे की नहीं। 5. शालीन एवं मर्यादित कपड़े आपकी बेटी का सुरक्षा कवच हैं।

भोपाल जिले की 295 एवं मध्य प्रदेश में कुल 18,000 छात्राओं को मिली अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति

 इस वर्ष  2.5 लाख छात्राओं को मिलेगी रायसेन   अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति, अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा वंचित पृष्ठभूमि की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में  वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु एक पहल है। इसे 2024-2025 में  क्षेत्रों से शुरू किया गया था और इस वर्ष १८ राज्यों  में इसका विस्तार करने का लक्ष्य है। अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति का उद्देश्य स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओ कोवित्तीय सहायता प्रदान करना है एवं यह सुनिश्चित करना है की धन की कमी से कोई  भी छात्रा अपनी पढ़ाई न छोड़े । अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा संचालित अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति के बारे में मुख्य बातें: • पात्रता: o ऐसी छात्रायें जिन्होने सरकारी (पब्लिक) स्कूलों से कक्षा 10वी और 12वी की पढ़ाई की हो। o किसी प्रामाणिक उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) में डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम में प्रवेश लिया हो। ‘प्रामाणिक’ HEI की सूची में सभी सरकारी (पब्लिक) HEI और चुनिंदा निजी HEI भी शामिल होंगे। उपरोक्त पात्रता  रखने वाली कोई भी छात्रा  इस छात्रवृति  हेतु  ऑनलाइन आवेदन कर सकती है आवेदन पूर्णतः निःशुल्क है   • छात्रवृत्ति: डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम की अवधि के लिए प्रति वर्ष 30,000 रुपये, जब तक छात्रा सफलतापूर्वक कार्यक्रम में जारी रहती है । उदाहरण के लिए, 4 वर्षीय बीएससी नर्सिंग प्रोग्राम करने वाली छात्राओं को उन 4 वर्षों में 1,20,000( एक लाख बीस हजार) रुपये की छात्रवृत्ति सहायता मिलेगी । यह धनराशि हर साल दो किश्तों में छात्राओ के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी । वह अपनी जरूरत के हिसाब से इस धनराशि का उपयोग कर सकती है । अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति पायलट के तौर पर शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और झारखंड के कुछ चुनिन्दा जिलों में लॉन्च किया गया था । इस पायलट कार्यक्रम में 25,000 से अधिक छात्राओ को यह  छात्रवृत्ति दी गई है  मध्य प्रदेश में 18,000 से अधिक छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई जिसमे से भोपाल जिले की लगभग 295छात्राएं लाभान्वित हुई। अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन का अनुमान है कि वह शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में 2.5 लाख छात्राओ को अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही होगी । यह कार्यक्रम इस साल से देश के 18 राज्यों में शुरू किया जाएगा ।   छात्रवृत्ति के पहले वर्ष की धनराशी को इन छात्राओ के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया है। वर्ष 2025-26 के लिए आवेदन प्रक्रिया सितंबर 2025 में शुरू होने की संभावना है । अठारह राज्यों की सूची इस प्रकार है: अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड । कार्यक्रम का विवरण और कार्यक्रम के डिजाइन या कवरेज में कोई भी बदलाव आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत में अधिसूचित किया जाएगा । आने वाले वर्षों में ये संभावना है की छात्रवृत्ति कार्यक्रम में देश के सभी राज्यो को शामिल किया जाएगा  

मध्य प्रदेश में बारिश का असमान बंटवारा: इंदौर संभाग में सूखा, ग्वालियर-जबलपुर में राहत

इंदौर   मध्य प्रदेश के किस जिले में अब तक सबसे ज्यादा बारिश हुई है और कहां पर सबसे कम? मानसूनी सीजन को करीब ढाई महीना बीतने को है। मध्यप्रदेश में अब तक औसत 29.3 इंच बारिश हो चुकी है, जो कोटे की 79 प्रतिशत है। ग्वालियर समेत 10 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है, जबकि इंदौर संभाग के 8 में से 6 जिलों में सूखे जैसी स्थिति है। आइए इस रिपोर्ट में देखते हैं इस मानसूनी सीजन में मध्य प्रदेश के किस जिले में कितना पानी गिरा है…. कई जिले बाढ़ की चपेट में दरअसल, जब मध्य प्रदेश में मानसून ने दस्तक दी थी, तो प्रदेश के पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में खूब बारिश हुई. इस दौरान  छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में भयंकर बाढ़ आ गई.  इन जिलों में बारिश का कोटा पूरा ग्वालियर-चंबल के जिलों में भी इस बार खूब बारिश हुई है. ग्वालियर-चंबल संभाग के 8 में से 6 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया. मौसम विभाग के मुताबिक,   ग्वालियर, राजगढ़, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मुरैना और श्योपुर में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है. मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 10 जिले- ग्वालियर, राजगढ़, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मुरैना और श्योपुर में बारिश का कोटा पूरा हो गया है। इनमें से कुछ जिले ऐसे भी हैं, जहां आंकड़ा डेढ़ सौ प्रतिशत तक पहुंच गया है। हालांकि, अगस्त का पहला पखवाड़ा सूखा ही बीत रहा है। कुछ जिलों को छोड़ दें तो प्रदेश के बाकी हिस्से में तेज बारिश नहीं हुई है। दूसरे पखवाड़े में ही तेज बारिश होने के आसार है। बता दें कि प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 29.3 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 22.5 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। मौसम विभाग ने अबकी बार सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान जताया है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इन जिलों में सूखे जैसे हालात वैसे तो इस मानसूनी सीजन में प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश हुई है. लेकिन कुछ जिले ऐसे भी हैं, जहां पानी का अकाल है. इंदौर संभाग के 8 में से 6 जिलों में सूखे जैसी स्थिति देखने को मिल रही है. वहीं, उज्जैन संभाग भी पिछड़ा हुआ है.  इंदौर और उज्जैन संभाग में मानसून की एक्टिविटी कम देखने को मिलीं. इसलिए इन दोनों संभागों के 15 में से 9 जिलों में अभी तक सामान्य के आधी भी बारिश नहीं हुई है. जिसके कारण यहां सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न है. गुना में सबसे ज्याता बारिश इस मानसूनी सीजन में अब तक सबसे ज्यादा बारिश गुना जिले में हुई है. यहां करीब 46 इंच पानी गिर चुका है. वहीं,  मंडला में 44.1 इंच, टीकमगढ़ में करीब 44.2 इंच, निवाड़ी में 45.2 इंच और अशोकनगर में 42.1 इंच पानी गिर चुका है. इन जिलों में 30 इंज से अधिक बारिश वहीं, नर्मदापुरम, सिंगरौली, सीधी, रीवा, पन्ना, सागर, ग्वालियर, डिंडौरी, बालाघाट, नरसिंहपुर, राजगढ़ और विदिशा में इस मानसूनी सीजन में 30 इंच से अधिक पानी गिर चुका है. इन जिलों 20 से 30 इंच तक हुई बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, भोपाल, सीहोर, अलीराजपुर, झाबुआ, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, दतिया, दमोह, रतलाम, नीमच, भिंड, मुरैना, हरदा, बैतूल, शहडोल और अनूपपुर जिलों में इस मानसूनी सीजन में अब तक औसत 20 से 30 इंच के बीच पानी गिरा है. इन जिलों में सबसे कम पानी इंदौर, धार, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर और आगर-मालवा जिलों में इस सीजन में सबसे कम बारिश हुई है. इन जिलों में औसतन बारिश 10 से 19 इंच के बीच हुई है. 

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का अलर्ट, पश्चिमी जिलों में रहेगा मौसम साफ

भोपाल  मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के 10 जिलों में सोमवार को भारी बारिश का अलर्ट है। ट्रफ की एक्टिविटी होने से यहां तेज बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर और उज्जैन में मौसम साफ रहेगा। यहां तेज धूप खिली रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर, कटनी, जबलपुर, सिवनी और बालाघाट में तेज बारिश होगी। 12 अगस्त को भी पूर्वी हिस्से में तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। इधर, उज्जैन क्षेत्र में लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण अब ग्रामीण टोटके और परंपराओं का सहारा ले रहे हैं। उज्जैन के पास स्थित उन्हेल गांव में अच्छी बारिश की कामना के लिए गांव के पटेल लखन पटेल को गधे पर उल्टा बैठाकर श्मशान में पांच बार घुमाया गया।

महाकाल की पांचवीं सवारी में आज ओरछा, मां बगलामुखी और मां शारदा शक्तिपीठ की झलक

उज्जैन  आज सोमवार 11 अगस्त को श्री महाकालेश्वर भगवान की पांचवीं सवारी निकलेगी। सवारी शाम 4:00 बजे मंदिर प्रांगण से निकलेगी। भगवान महाकाल सवारी में भक्तों को पांच स्वरूप में दर्शन देंगे। कल निकलने वाली इस भव्य सवारी की तैयारी कर ली गई है। महाकाल की सवारी में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है, जैसे कि कल सोमवार को भी भक्त बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उमड़ सकते हैं। सवारी निकलने से पहले मंदिर के सभा मंडप में भगवान श्री चंद्रमोलेश्वर का पूजन-अर्चन किया जाएगा। पालकी में श्री चंद्रमोलेश्वर भगवान भक्तों को दर्शन देंगे, जबकि हाथी पर श्री मनमहेश को भक्त निहार सकेंगे। इसके साथ ही, करोड़ रथ पर श्री शिव तांडव, नंदी रथ पर श्री उमा महेश और ढोल रथ पर श्री होलकर स्टेट के मुखारविंद शामिल रहेंगे। जानिए सवारी का मार्ग वहीं, महाकाल मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवान पालकी में विराजित भगवान को सलामी देंगे। हर बार की तरह महाकाल की सवारी परंपरागत मार्ग से ही निकलेगी महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्शी बाजार और कहारवाड़ी से होकर सवारी रामघाट तक पहुंचेगी। जैसे ही रामघाट पर सवारी पहुंचेगी, घाट पर नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन किया जाएगा। अभिषेक-पूजन के बाद सवारी रामानुज कोट मोड़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, हाथी का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार होते हुए महाकालेश्वर मंदिर लौटेगी। यह रहेगा सवारी का मार्ग महाकाल मंदिर से शुरू होकर सवारी कोट मोहल्ला, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए शिप्रा तट पहुंचेगी। यहां पूजा अर्चना के बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, ढाबारोड, टंकी चौरहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होते हुए शाम 7 बजे पुन: मंदिर पहुंचेगी। जनजातीय एवं लोक नृत्य कलाकारों के दल देंगे प्रस्तुति सवारी को भव्य स्वरूप देने के लिए चार जनजातीय कलाकारों के दल सवारी में सहभागिता करेंगे। बैतूल से मिलाप इवने के नेतृत्व में गौंड जनजातीय ठाट्या नृत्य, खजुराहो से गणेश रजक के नेतृत्व कछियाई लोक नृत्य, दमोह से पंकज नामदेव नेतृत्व में बधाई लोक नृत्य एवं डिण्डोरी के सुखीराम मरावी के नेतृत्व में गेडी जनजातीय नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी। जनजातीय नृत्य भी होगा इस बार सवारी में पालकी भजन मंडली के अलावा चार जनजातीय कलाकारों के दल भी प्रस्तुति देंगे। बैतूल से गौंड जनजातीय ठाट्या नृत्य, खजुराहो से कछियाई लोक नृत्य, दमोह से बधाई लोक नृत्य और डिंडौरी के गेड़ी जनजातीय नृत्य की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र होंगी। सवारी के साथ मध्यप्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों की झांकियां भी शामिल होंगी। इनमें श्री राजाराम लोक ओरछा, मां बगलामुखी माता मंदिर, मां शारदा शक्तिपीठ मैहर और देवीलोक मां श्री बिजासन माता धाम सलकनपुर की प्रतिकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। लाइव प्रसारण की भी व्यवस्था भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी के सुगमतापूर्वक दर्शन के लिए श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति द्वारा चलित रथ की व्यवस्था की गई है। जिसके दोनों ओर एलईडी के माध्यम से सवारी का लाइव प्रसारण किया जाएगा। जिससे श्रद्धालु भगवान के दर्शनों का लाभ सकेंगे। साथ ही उज्जैन के अन्य स्थानों जैसे फ्रीगंज, नानाखेड़ा, दत्त अखाड़ा क्षेत्रों पर भी सवारी के लाइव प्रसारण को देख सकेंगे। भगवान के दर्शनों का लाभ ले सकेंगे। क्या कुछ रहेगा ख़ास? भगवान महाकाल की पांचवीं सवारी बेहद खास होने वाली है। दरअसल, सवारी के साथ मध्य प्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों की झांकियां भी देखने को मिलेंगी। इन झांकियों में मां शारदा शक्तिपीठ मैहर, राजारामलोक ओरछा, मां बगलामुखी माता मंदिर और देवी लोक मां श्री बिजासन माता धाम सलकनपुर की झांकियां शामिल रहेंगी। इसके साथ ही, सवारी में चार जनजातीय कलाकारों के दल भी प्रस्तुति देंगे। इनमें बैतूल से गोंद जनजातीय तात्या नृत्य, खजुराहो से कछिया लोक नृत्य, दमोह से बधाई लोक नृत्य और डिंडोरी से गेड़ी जनजाति नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी।

रूफटॉप सोलर वेंडर्स के कौशल विकास के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

भोपाल मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा रूफटॉप सोलर के वेंडर्स के लिए प्रदेश के 10 जिलों में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। विभिन्न 10 जिलों के लिए अलग-अलग तारीखों का निर्धारण किया गया है। इसकी शुरुआत 11 अगस्त को भोपाल से होने जा रही है। कार्यशाला इंदौर में 13, जबलपुर में 18, ग्वालियर में 20 सागर में 22 उज्जैन 25 रीवा 27 मुरैना 29 नर्मदापुरम में एक सितंबर और शहडोल में 4 सितंबर को होगी। भोपाल में कार्यशाला सोमवार 11 अगस्त को कार्यालय, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम प्रातः 10 से दोपहर 2 बजे तक आयोजित की गई है। कार्यशाला में वेंडर्स को सोलर रूफटॉप की उच्च गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक जानकारियां प्रदान की जाएगी। कार्यशाला में वेंडर की क्षमता संवर्धन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा इससे प्रदेश द्वारा तय की गई निर्धारित सीमा में लक्ष्य को प्राप्त करने में आसानी होगी।  

बीएसएफ परिसर एवं पितृ पर्वत के पीछे 11-11 हजार पौधों का रोपण

पर्यावरण संरक्षण के लिए इंदौर काम कर सकता है तो देश के अन्य शहर क्यों नहीं : रक्षा राज्य मंत्री सेठ आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ वातावरण के साथ ही बेहतर कल का उपहार दे : मंत्री विजयवर्गीय बीएसएफ परिसर एवं पितृ पर्वत के पीछे 11-11 हजार पौधों का रोपण इंदौर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ द्वारा आज "एक बगिया मां के नाम" अभियान अंतर्गत इंदौर में बड़े स्तर पर पौधारोपण किया गया। इस अवसर पर बीएसएफ परिसर एवं पितृ पर्वत के पीछे गांधीनगर थाने के पास 11-11 हजार पौधों का रोपण कार्य शुभारंभ किया गया। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में इंदौर का योगदान सराहनीय है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के नेतृत्व में इंदौर ने विगत वर्ष 51 लाख से अधिक पौधे लगाकर एक बड़ा लक्ष्य हासिल किया है, जो नागरिकों के सहयोग से संभव हुआ। "एक पेड़ मां के नाम" एवं एक बगिया मां के नाम अभियान से पूरे भारत में पर्यावरण संरक्षण का संदेश गया है। जिस प्रकार इंदौर ने स्वच्छता में लगातार आठवीं बार प्रथम स्थान प्राप्त किया है, उसी तरह हरियाली और पर्यावरण में भी इंदौर देश का अग्रणी शहर बनेगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए इंदौर ने जो काम किया है, उसका अनुसरण देश के अन्य शहर करके यह मुकाम प्राप्त कर सकते हैं।  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान पर "एक पेड़ मां के नाम" अभियान को इंदौर ने पूरे जोश और समर्पण से अपनाया है। पिछले वर्ष रेवती रेंज एवं अन्य स्थानों पर 51 लाख पौधों का रोपण किया गया, जिसमें पितृ पर्वत जैसे स्थान हरियाली से आच्छादित हो गए हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि अपनी मां के नाम एक पेड़ अवश्य लगाएं, उसकी देखभाल करें और आने वाली पीढ़ी के लिए हरियाली का उपहार छोड़ें। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि आज का पौधारोपण भविष्य में आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा उपहार है। जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान के बीच यह संकल्प हमें आने वाले समय में राहत देगा।   उद्यान प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की संकल्पना पर आधारित इस अभियान के तहत, पिछले वर्ष गृह मंत्री अमित शाह जी की उपस्थिति में रेवती रेंज पर एक दिन में 12 लाख 41 हजार पौधों का रोपण कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था, जिसमें लगभग ढाई लाख पौधे बीएसएफ जवानों द्वारा लगाए गए। इसके अलावा बिजासन टेकरी एवं बीएसएफ परिसर में भी एक लाख से अधिक पौधारोपण किया गया। उन्होंने बताया कि बीएसएफ द्वारा लगाए गए पौधों की देखरेख हेतु उपचारित जल की पाइपलाइन और सम्पवेल निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई है, जिसके लिए नगर निगम, इंदौर, बीएसएफ का आभार व्यक्त करता है। इस वर्ष भी 51 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लाखों पौधे लगाए जा चुके हैं। कार्यक्रम में सांसद शंकर लालवानी, विधायक महेंद्र हार्डिया, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, मधु वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।  

ग्वालियर के हज़ार बिस्तर अस्पताल में एनसीडी क्लीनिक का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया उद्घाटन

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया हज़ार बिस्तर अस्पताल ग्वालियर में एनसीडी क्लीनिक का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हज़ार बिस्तर अस्पताल ग्वालियर में एनसीडी क्लीनिक का उद्घाटन किया ग्वालियर के हज़ार बिस्तर अस्पताल में एनसीडी क्लीनिक का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया उद्घाटन एनसीडी के समय से चिन्हांकन से गंभीर स्थितियों से होगा बचाव भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने  जयारोग्य चिकित्सालय समूह के हज़ार बिस्तर अस्पताल में नॉन-कम्युनिकेबल डिज़ीज़ (एनसीडी) क्लीनिक का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि एनसीडी क्लीनिक गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाने और उनका इलाज शुरू करने में सहायक होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बदलती जीवन शैली, खान-पान की गलत आदतें, तनाव और शारीरिक श्रम की कमी के कारण हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर, उच्च रक्तचाप और थायरॉइड जैसी एनसीडी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अक्सर इन बीमारियों का देर से पता चलने पर ये जानलेवा साबित होती हैं। इसी समस्या को देखते हुए एम्स भोपाल के बाद अब जयारोग्य अस्पताल समूह में यह विशेष क्लीनिक शुरू किया गया है। गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. धाकड़ ने बताया कि क्लीनिक कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के अधीन संचालित होगा। इसका उद्देश्य प्रदेश में बढ़ते एनसीडी मामलों पर नियंत्रण करना है। यहां मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श और आवश्यकतानुसार उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। एनसीडी क्लीनिक को भविष्य में टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड की सुविधा से भी जोड़ा जाएगा, जिससे मरीजों का डेटा सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध रहे। एनसीडी क्लीनिक में हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर, थायरॉइड और उच्च रक्तचाप जैसे रोगों का शुरुआती चरण में पता लगाकर समय पर इलाज किया जाएगा। इससे स्ट्रोक, हार्ट अटैक और किडनी फेलियर जैसी गंभीर स्थितियों से बचाव संभव होगा। आम जनता को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के जांच व परामर्श की सुविधा मिलेगी और समय पर उपचार मिलने से समयपूर्व मौत के मामलों में कमी आएगी। जयारोग्य चिकित्सालय समूह के अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना, कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज बंसल सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं यूजी व पीजी विद्यार्थी मौजूद थे।