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कूनो के चीते गांव में घुसे, कुत्ते के साथ ग्रामीणों ने किया पीछा

श्योपुर. मानपुर क्षेत्र के बालापुरा और काशीपुर गांवों में दो जंगली चीते खेतों, पगडंडियों और गांव की सड़कों पर टहलते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले कभी भी चीते नहीं देखे गए थे। वायरल हुए वीडियो में चीतों के पीछे एक कुत्ता और ग्रामीण हाथ में डंडा लिए नजर आ रहे हैं। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और ‘चीता मित्र’ गांवों में पहुंच गए हैं। चीता मित्र लगातार निगरानी कर रहे हैं और ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दोनों चीतों की लोकेशन पर ड्रोन और बीट गार्ड्स के जरिए नजर रखी जा रही है। यदि वे लंबे समय तक गांवों में ठहरते हैं, तो उन्हें सुरक्षित तरीके से वापस कूनो नेशनल पार्क के क्षेत्र में भेजा जाएगा। ग्रामीणों से अपील चीतों से दूर रहें ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों की सुरक्षा के लिए वन विभाग विशेष टीम तैनात करे। वन विभाग ने चेतावनी दी है कि कोई भी व्यक्ति चीतों के पास न जाए और न ही उन्हें फोटो खींचने के लिए उकसाए, क्योंकि इससे खतरा बढ़ सकता है। इसके पहले चीतों का एक वीडियो सामने आया था जिसमें वो बंधी हुई गाय के सामने ही उसके बछड़े का शिकार कर लेते हैं। वह कुछ देर तक वहीं रुककर उसे खाते हुए नजर आते हैं। चीता प्रोजेक्ट के तहत कूनो नेशनल पार्क में लाए गए चीते कई बार पार्क की सीमाओं को लांघकर गांवों में पहुंचे हैं। अब उनके किसी गांव में पहुंचाना आम हो गया है, लेकिन चीता मित्र लगातार उन पर निगाह रखकर ग्रामीणों को उनके लिए सतर्क करते रहते हैं।

वंदे भारत और मेट्रो कोच निर्माण का बड़ा हब बनेगा रायसेन, ब्रह्मा परियोजना का भूमिपूजन संपन्न

रायसेन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर मध्य प्रदेश को रेल कोच इकाई की बड़ी सौगात प्राप्त हुई है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रायसेन के उमरिया गांव में ब्रह्मा परियोजना का भूमिपूजन किया है। रायसेन के ग्राम उमरिया में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1800 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) से भोपाल, रायसेन, सीहोर और विदिशा आदि जिलों को लाभ होगा। इन जिलों के तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सीएम और शिवराज जी ने बताया है कि यह छोटी मोटी सौगात नहीं है बहुत बड़ी है। क्षेत्र के लिए भी और प्रदेश के लिए भी, यह हृदय प्रदेश है। मैं जब यूथ विंग में काम करता था तब शिवराज जी प्रदेश में काम करते थे। बहुत पुराना हमारा रिश्ता है। सिलसिला बहुत पुराना है। मध्य प्रदेश मेहमान नवाजी में बेजोड़ है। कोई भी यहां आए मध्यप्रदेश वासियों से प्रभावित हुए बिना नहीं जा सकता है। शिवराज सिंह चौहान के विकास को आगे बढ़ा रहे मोहन यादव जो गति यहां विकास की शिवराज जी ने दी थी उसे आगे ले जाने का काम मोहन जी कर रहे हैं। 1800 करोड़ के निवेश के साथ इस परियोजना का शुभारंभ यहां हो रहा है। 5000 नौजवानों को रोजगार मिलेगा। मोहन जी, शिवराज जी इन सबके प्रयास से हुआ है। रक्षा क्षेत्र में जो हो सकेगा उसके लिए मैं सब करूंगा। 18 वर्षों की शिवराज जी की विरासत को आगे बढ़ाने का काम मोहन यादव कर रहे हैं। रायसेन में एक महत्वपूर्ण यूनिट स्थापित की जा रही है। यह एक यूनिट नहीं बल्कि ऐसी बहुत सी छोटी छोटी MSME भी लगेगी। मध्यप्रदेश बहुत तेजी से आगे बढ़ेगा। औद्योगिक विकास के जो प्रयास हो रहे है 30 लाख करोड़ के निवेश बड़ी बात है। अधिक से अधिक उद्योग को लाने का काम किया जा रहा है। खमरिया और जबलपुर में रक्षा क्षेत्र की इकाईयां काम कर रही हैं कनेक्टिविटी की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। खमरिया और जबलपुर में रक्षा क्षेत्र की कई इकाइयां अच्छे से काम कर रही हैं, मैने 30 वर्षों में यह अनुभव किया है जो गुण चाहिए संसाधन चाहिए रक्षा क्षेत्र के लिए वे सब मध्य प्रदेश में है। नेतृत्व अगर शानदार हो तो विकास तेजी से होता है। शायद कुछ वर्षों के बाद मध्यप्रदेश को मॉर्डन प्रदेश कहेंगे। परियोजना का नाम भी सृष्टि के रचयिता पर रखा गया है। सोच समझकर इसका नाम रखा गया है रेल के डब्बों का निर्माण तो होगा ही रेल का और अलग-अलग सामान भी यहां बनेगा। जो जानकारी मुझे है 2 साल में यह काम होकर रहेगा। जब फैक्ट्री यहां लगेगी तो आसपास के क्षेत्रों का भी विकास होगा। तेज गति से चलने वाली ट्रेन में जब कोई कोच लगेगा तो आपके यहां का बना हुआ कोच लगेगा। बीईएमएल भारत के आर्थिक विकास में अपना पूरा साथ देगा। प्रधानमंत्री ने किया करिश्माई काम प्रधानमंत्री ने कहा है भारत को आत्मनिर्भर बनाकर ही दम लेंगे। प्रधानमंत्री ने करिश्माई काम किया है। आज बड़ी बड़ी चीजें बड़े-बड़े प्लेटफार्म भारत में तैयार हो रहे हैं। हम भारत में उपयोग कर ही रहे हैं दुनिया को भी भेज रहे है। धन दौलत के मामले में भारत दुनिया के टॉप के चार देशों की कतार में आकर खड़ा हो गया है। सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था भारत की है। भारत जब इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है तो देशवासी भी आगे बढ़ रहे हैं। 40 हजार कोचेस अपडेट किए गए रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 11 साल में पैंतीस हजार किमी पटरी बिछाई गई। देश को एक नई जनरेशन की ट्रेन दी गई है। 11 वर्षों में 40 हजार कोचेस अपडेट किए हैं। ब्रह्मा इसी कड़ी में जुड़कर नए आयाम स्थापित करेगा। शिवराज सिंह चौहान ने कहा- 2 दिन में घुटनों पर आ गया था पाकिस्तान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जिनके नेतृत्व में भारत की सेना ने शौर्य का प्रदर्शन किया है ऐसे भारत के रक्षा मंत्री मेरे बड़े भाई राजनाथ सिंह आए हैं, उनका स्वागत करें। राजनाथ जी पधारे हैं ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार मध्य प्रदेश आए हैं। पहलगाम में धर्म पूछ-पूछकर मारा था और कहा था जाओ मोदी को बता देना तब प्रधानमंत्री ने दंड देना तय किया था। आपके नेतृत्व में 21 मिनिट में आतंकवादियों के ठिकाने खत्म कर दिए। आतंक के आकाओं को मारा। भारत ने पहले ही कह दिया था कि हम किसी को छेड़ेंगे नहीं, लेकिन किसी ने हरकत की तो छोड़ेंगे नहीं। रक्षा मंत्री के नेतृत्व में हमारी सेना ने 2 दिन में पाक की सेना को घुटनों पर ला दिया। हाथ जोड़कर पाकिस्तान सामने आ गया कि बात करो बात करो…शिवराज ने कहा बीच में कोई तीसरा नहीं था। 'मैंने यहां पद यात्रा भी की है' शिवराज ने कहा कि जो लोग निर्दोष मारे गए थे उनके परिजनों ने कहा था कि उनके सिर में सीधे गोली मारना हमारी सेना ने वही किया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गौरवशाली भारत शक्तिशाली भारत का निर्माण हो रहा है। शिवराज ने कहा हमें गर्व है प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री पर आपके नेतृत्व में सब सुरक्षित है। उमरिया वालों को कहा कि 1800 करोड़ की सौगात मिल रही है। रेलवे कोच बनेंगे यहां, मैंने यहां पद यात्रा और साइकिल यात्रा भी की है। स्वर्गीय सुंदरलाल पटवा के नेतृत्व में विकास शुरू हुआ यहां, यहां 752 औद्योगिक इकाई हैं। मुझे विधानसभा से जनता ने जीताकर भेजा। यहां रेलवे के कोच बनेंगे, मेट्रो के कोच बनेंगे। किसानों के हित बरकरार रहेंगे शिवराज सिंह ने कहा कि हम रक्षा मंत्री जी के संपर्क में थे जब आपके पास चुनाव के समय आया था तो कहा था कि अटल जी, सुषमा जी पटवा जी ने इस क्षेत्र का नेतृत्व किया है। इसे आइडल क्षेत्र बनाएंगे। किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने कह दिया है कि कोई समझौता ऐसा नहीं होगा जो देश हित में नहीं है। किसानों के हित से कोई समझौता नहीं होगा। … Read more

राजधानी के निकट रेल कोच इकाई से बढ़ेगा अधोसंरचना का विकास: CM यादव

रेल कोच इकाई से राजधानी के निकट होगी अधोसंरचना सशक्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दावा: रेल कोच इकाई से राजधानी के आसपास होगी अधोसंरचना मजबूत राजधानी के निकट रेल कोच इकाई से बढ़ेगा अधोसंरचना का विकास: CM यादव केन्दीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे भूमिपूजन भोपाल मेट्रोपोलिटन सिटी के विकास को भी मिलेगी गति स्वदेशी के मंच पर हो रहा अमल 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग इकाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को रेल कोच इकाई की बड़ी सौगात प्राप्त हो रही है। परियोजना का भूमि-पूजन केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 10 अगस्त को औबेदुल्लागंज के दशहरा मैदान में करेंगे। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, रक्षा उत्पाद सचिव संजीव कुमार, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार, भारत अर्थ मूवर्स परियोजना के अध्यक्ष शांतनु राय शामिल हो रहे हैं। इस अवसर पर बीईएलएल (भारत अर्थ मूवर्स लि) परियोजना पर केन्द्रित लघु फिल्म, प्रस्तावित प्लांट का 3डी वॉक थ्रू और नए संयंत्रों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया है कि भारत अर्थ मूवर्स परियोजना द्वारा भोपाल जिले की सीमा के पास रायसेन के ग्राम उमरिया में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाली ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) से राजधानी भोपाल सहित रायसेन, सीहोर और विदिशा आदि जिलों को लाभ होगा। इन जिलों के तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। परियोजना में 5 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलना प्राप्त होगा। मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित हो रहे भोपाल क्षेत्र को इस परियोजना से बहुत लाभ होगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रहे मेक इन इंडिया मिशन के भाव का प्रकटीकरण है। यहां बनने वाले वंदे भारत-अमृत भारत और मेट्रो ट्रेनों के कोच से सम्पूर्ण भारतीय रेल व्यवस्था के नए युग का सूत्रपात होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि न सिर्फ राजधानी क्षेत्र बल्कि प्रदेश के विकास को गति देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना से निकट स्थित औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप भी लाभान्वित होगा। विकास की नई इबारत लिखेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेल कोच फैक्ट्री को प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सशक्त नेतृत्व में मध्यप्रदेश सहित भारत के अन्य राज्यों के निवदेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। इस क्रम में कुछ माह पूर्व बैंगलोर में बीईएमएल संस्थान के भ्रमण के दौरान रायसेन जिले में रेल कोच फैक्ट्री की स्थापना के संबंध में निर्णय लिया गया। मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य के अनुरूप कार्य करेगा संयंत्र ‘ब्राह्मा’ संयंत्र पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करेगा। संयंत्र में उपयोग होने वाली अधिकांश तकनीक और सामग्री देश में विकसित व निर्मित की जाएगी, जिससे विदेशी निर्भरता कम होगी। यह परियोजना प्रदेश को रक्षा निर्माण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इस संयंत्र के निर्माण में पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यहां शून्य तरल अपशिष्ट प्रणाली, सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, वर्षा जल संचयन और हरित लैंडस्केपिंग को अपनाया जाएगा। निर्माण में पुनर्नवीनीकृत और टिकाऊ सामग्री का प्रयोग करते हुए इसे हरित फैक्ट्री मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। परियोजना का प्रारंभिक उत्पादन क्षमता 125 से 200 कोच प्रतिवर्ष होगी, जिसे पांच वर्षों में बढ़ाकर 1,100 कोच प्रतिवर्ष किया जाएगा। इस इकाई के संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार सृजित होंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को अपने ही राज्य में उच्च स्तरीय औद्योगिक रोजगार उपलब्ध होंगे। साथ ही, यहां विकसित होने वाली तकनीकी क्षमताएं प्रदेश को हाई-स्पीड रेल और मेट्रो निर्माण के वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाएंगी।  

हाईवे के अवैध कटों पर होगी सख्त कार्रवाई, रोड एक्सीडेंट की घटनाएं घटेंगी

जबलपुर हाइवे पर ढाबा, होटल, पेट्रोल पंप के आसपास डिवाइडरों के अवैध कट में कहीं से भी बाइक, कार, ई रिक्शा, ऑटो दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित रोड सेफ्टी कमेटी इन अवैध कट की हकीकत देख चुकी है। कमेटी के निर्देश पर अब एनएचएआई हाईवे पर डिवाईडर के सभी अवैध कट बंद करेगी। दो दिन में लखनादौन से धूमा मार्ग पर 6 अवैध कट बंद किए गए हैं। इस सम्बंध में सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, एमपीआरडीसी, नगर निगम व अन्य निर्माण एजेंसी के अधिकारियों, तकनीकी टीम, जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक करेगी। कुम्भ के दौरान हुए थे सर्वाधिक एक्सीडेंट प्रयागराज में कुंभ के दौरान जबलपुर-नागपुर हाईवे, जबलपुर-कटनी हाईवे पर बड़ी संख्या में सडक़ दुर्घटनाएं हुई थीं। सिहोरा में हुई तीन बड़ी दुर्घटनाओं में 15 के लगभग लोगों को मौत हो गई थी। जिले में उस दौरान एक महीने के अंदर 20 के लगभग बड़ी सडक़ दुर्घटना हुई थीं। जिनमें 35 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इन सडक़ दुर्घटनाओं में ज्यादातर का कारण हाईवे के डिवाइडर में ढाबा, होटल व अन्य प्रतिष्ठानों की ओर से लगा दिए गए कट थे। एनएचएआई की टीम ने हाईवे पर डिवाइडर के 50 के लगभग कट बंद कर दिए थे, जो कट छूट गए थे उन्हें अब बंद किया जा रहा है। हाईवे पर डिवाइडर में जो कट बचे हुए हैं उन्हें बंद किया जा रहा है। तैयारी इस तरह की है कि एक सप्ताह में सभी बचे हुए कट बंद कर लिए जाएंगे।- अमृतलाल साहू, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई गोसलपुर, गांधी ग्राम की ओर भी हाईवे पर डिवाइडर में कई अवैध कट हैं, ये ही हाल पनागर छोर पर भी है। एनएचएआई ने हाईवे पर डिवाइडर के कई अवैध कट हैं। एनएचएआई ने एक सप्ताह में 15 अगस्त तक इन अवैध कट को बंद करने का निर्णय लिया है।

इंदौर के लिए 737 करोड़ का केबल कार प्रोजेक्ट मंजूर, दिल्ली को प्रस्ताव सौंपा गया

इंदौर इंदौर में केबल कार से सफर करने का सपना जल्द हकीकत बन सकता है। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा कराए गए फिजिबिलिटी सर्वे की रिपोर्ट नेशनल हाइवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) को सौंप दी गई है। NHLML ने इस प्रस्ताव को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, दिल्ली को अनुमोदन और बजट आवंटन के लिए भेज दिया है। परियोजना की मुख्य बातें कुल लागत: करीब 737 करोड़ रुपये कुल लंबाई: 11 किमी (दो रूट) शुरुआत: 2028 से अनुमानित यात्री: 2028 में प्रतिदिन 29,900, 2068 तक 1.95 लाख पहला रूट: चंदन नगर से शिवाजी वाटिका (6.24 किमी) लागत: 369.32 करोड़ रुपये स्टेशन: चंदन नगर, लाबरिया भेरू, यशवंत निवास रोड गुरुद्वारा, सरवटे, शिवाजी वाटिका यात्री अनुमान (2028): 11,700 प्रतिदिन दूसरा रूट: रेलवे स्टेशन से विजय नगर (4.7 किमी) लागत: 367.68 करोड़ रुपये स्टेशन: रेलवे स्टेशन, मालवा मिल, पाटनीपुरा, विजय नगर यात्री अनुमान (2028): 18,200 प्रतिदिन भविष्य का यात्री अनुमान     2038: 47,400 प्रतिदिन     2048: 78,200 प्रतिदिन     2068: 1.95 लाख प्रतिदिन सेक्शन विवरण     चंदन नगर – शिवाजी वाटिका: 3 सेक्शन (1.74 किमी, 1.93 किमी, 2.59 किमी)     रेलवे स्टेशन – विजय नगर: 2 सेक्शन (2.08 किमी, 2.62 किमी)

भोपाल की यूनिवर्सिटी में तैनात होगी पासपोर्ट वैन, घर के पास ही बनेगा पासपोर्ट

भोपाल मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT), भोपाल के छात्रों, स्टाफ और आम नागरिकों के लिए पासपोर्ट बनवाना अब और आसान हो गया है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, भोपाल की ओर से पासपोर्ट सेवा प्रोजेक्ट (पीएसपी) वैन को मैनिट कैंपस में तैनात किया जा रहा है। यह वैन मैनिट के फैकल्टी गेस्ट हाउस परिसर में एक महीने के लिए अपनी सेवाएं देगी। समय और यात्रा खर्च की होगी बचत जरूरत और जन सहभागिता के आधार पर इसकी अवधि आगे बढ़ाई जा सकती है। इस सेवा का लाभ छात्रों, संस्थान के कर्मचारियों के साथ आम जनता भी ले सकेगी। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को इंटर्नशिप, उच्च शिक्षा या विदेश में रोजगार जैसे भविष्य के अवसरों के लिए पासपोर्ट संबंधी औपचारिकताएं आसानी से पूरी करने में मदद करना है। साथ ही, इससे समय और यात्रा खर्च की भी बचत होगी।    मैनिट प्रशासन ने की अपील मैनिट प्रशासन ने सभी छात्रों, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों से इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। अधिक जानकारी के लिए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, भोपाल द्वारा जारी पत्र को देखा जा सकता है। यह सुविधा शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन संचालित राष्ट्रीय महत्व के संस्थान मैनिट में दी जा रही है।

भोपाल में हमीदिया अस्पताल, स्कूल और कॉलेज के नाम बदलने की तैयारी तेज

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अलग-अलग स्थानों के नाम को बदलने की प्रक्रिया तेज हो गई है। निगम की बैठक में नाम को बदलने की प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब इस सरकार को भेजा जा रहा है। निगम के प्रस्ताव के बाद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने प्रस्ताव कमिश्नर हरेंद्र नारायण को भेज दिया है। अब वह इस प्रस्ताव को शासन को भेजने की तैयारी कर रहे हैं। आपको बता दें कि भोपाल में कुछ स्थानों के नाम बदलने की प्रक्रिया चल रही है इनमें हमीदिया अस्पताल , कॉलेज और स्कूल के नाम को बदल जाना है। दरअसल, शहर में नाम को बदलने के लिए पहला प्रयास नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने किया था। उन्होंने जून महीने में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था और भोपाल के नवाब हमीदुल्लाह के नाम से संचालित हमीदिया अस्पताल, स्कूल और कॉलेज का नाम बदलकर राष्ट्र भक्तों के नाम पर किए जाने की अपील की थी। स्कूल, अस्पताल के नाम बदलने का प्रस्ताव इससे पहले भोपाल में कुछ स्थानों के नाम बदले गए हैं। सितंबर 2023 में हमीदिया रोड का नाम बदलकर गुरु नानक मार्ग किया गया था। यह कार्य नगर निगम द्वारा कर दिया गया था। लेकिन स्कूल, कॉलेज और अन्य स्थानों के नाम बदलने का अधिकार नगर निगम को नहीं है। इसीलिए नगर निगम ने प्रस्ताव पास करवाया है और इसे नगर निगम कमिश्नर को भेज दिया है। नगर निगम की बैठक में मिली मंजूरी 24 जुलाई को नगर निगम परिषद की बैठक हुई थी। इसमें भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने नाम बदलने का प्रस्ताव रखा था। तब इसके बाद जमकर हंगामा हुआ था। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा था कि नवाब हमीदुल्लाह गद्दार थे, उनका आरोप था कि नवाब ने भारत के आजाद होने के बाद भी 2 साल तक भोपाल रियासत का विलय नहीं होने दिया। वे इसे पाकिस्तान में शामिल कराना चाहते थे। वहीं, कांग्रेस ने आरोप पर पलटवार करते हुए कहा था कि यह निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है। इतिहास गवाह है कि नवाब हमीदुल्लाह ने इन संस्थान की स्थापना के लिए अपने निजी संपत्ति दान में दी थी।

पहली बार इंदौर से नवी मुंबई की उड़ान, विंटर शेड्यूल में होगी शुरुआत

इंदौर  इंदौर एयरपोर्ट पर 26 अक्टूबर से 28 मार्च विंटर शेड्यूल लागू होगा। इस दौरान इंदौर को कुछ नए शहरों की एयर कनेक्टिविटी मिलेगी। इंदौर से मुंबई के लिए कई उड़ानें हैं, लेकिन नई उड़ान नवी मुंबई के लिए शुरू होगी। नवी मुबंई में नया इंटरनेश्नल एयरपोर्ट तैयार हो रहा है। जल्दी ही वहां से उड़ानों का संचालन शुरू होगा। इंदौर से नवी मुंबई जाने वाले यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट लेने में इस नए एयरपोर्ट से आसानी होगी। कई अंतर्राष्ट्रीय उड़ाने नवी मुंबई एयरपोर्ट से संचालित होगी। इंदौर से रीवा के लिए के लिए भी उड़ान सेवा शुरू होगी। रीवा के लिए पहली बार इंदौर से उड़ान शुरू होगी। पहले बंद हो चुकी नासिक, जम्मू, उदयपुर उड़ान भी शुरू हो सकती है।विंटर शेड्यूल के दौरान नई उड़ान शुरू करने के लिए एयरलाइंस डायरेक्टर जनरल आफ सिविल एविएशन के साथ एयरपोर्ट प्रबंधन से भी अनुमति लेता है। नवी मुंबई और रीवा की उड़ान की अनुमति की प्रक्रिया एयरलाइंस कंपनियों ने की थी। दोनो नई उड़ानों के लिए दोनों एयरपोर्ट से अनुमति मिल चुकी है। अब कंपनियां उड़ानों को शेड्यूल कर उसकी जानकारी एयरपोर्ट को देगी। आपको बता दें कि इंदौर से फिलहाल 84 उड़ानों का संचालन किया जा रहा है। इंदौर से सबसे ज्यादा उड़ानें दिल्ली, मुंबई, बेंगलरु शहर के लिए है। अक्टूबर में इंदौर से गोवा के लिए भी नई उड़ान शुरू होगी। फिलहाल इंदौर से अंतर्राष्ट्री उड़ान सिर्फ एक ही संचालित होती है। इंदौर से शारजाह के एक फ्लाइट है।

शिक्षा में संकट: मध्य प्रदेश में 6.70 लाख बच्चों ने बीच में छोड़ी पढ़ाई, हर साल बढ़ रही इनकी संख्या

 भोपाल  मध्य प्रदेश के स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयार हो रहे हैं, लेकिन विद्यार्थियों की संख्या लगातार घटती ही जा रही है। सरकारी व निजी स्कूलों के इस साल 6.70 लाख विद्यार्थियों ने पढ़ाई छोड़ दी है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 5.70 लाख था। वहीं सरकारी स्कूलों में इस साल करीब 4.67 लाख बच्चों ने पढ़ाई छोड़ दी है। पिछले साल 3.99 लाख विद्यार्थियों ने पढ़ाई छोड़ी थी। इसमें निजी स्कूलों के करीब दो लाख विद्यार्थी शामिल हैं। यह आंकड़ा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के तहत यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफार्मेशन सिस्टम फार एजुकेशन (यूडाईस) रिपोर्ट में सामने आई है। इसके अनुसार, वर्ष 2024-25 में प्रदेश के सरकारी व निजी स्कूलों में पहली से 12वीं तक में करीब 1.50 करोड़ विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ था। वहीं 2025-26 में करीब एक करोड़ 41 हजार बच्चों का 13 जुलाई तक प्रोग्रेसिंग पेंडिंग है। वहीं 6.70 लाख बच्चे ऐसे हैं, जिन्होंने किसी भी स्कूल में प्रवेश नहीं लिया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विद्यार्थियों के प्रोग्रेशन को पूर्ण करें और ड्रापबाक्स के बच्चों को खोजकर स्कूल में नामांकन कराएं तथा नामांकित विद्यार्थियों का मैपिंग कराएं। इंदौर की स्थिति ज्यादा खराब प्रदेश के कुछ जिलों में अधिक संख्या में बच्चों ने स्कूल में प्रवेश नहीं लिया है। इसमें इंदौर में सर्वाधिक 38 हजार, शिवपुरी में 25 हजार, धार व बड़वानी में 21 हजार, छिंदवाड़ा में 20 हजार, छतरपुर में 19 हजार, खरगोन में 18 हजार, बालाघाट में 17 हजार और खंडवा में 16 हजार बच्चों ने स्कूल में प्रवेश नहीं लिया। यहां के सरकारी स्कूलों में सबसे अधिक बच्चों ने पढ़ाई छोड़ी प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले सत्र में 79.75 लाख बच्चों का नामांकन दर्ज हुआ था। इस सत्र में अब तक 53.81 लाख का प्रोग्रेशन पेडिंग है। वहीं 4.67 लाख बच्चों ने किसी भी स्कूल में प्रवेश नहीं लिया है। इसमें सबसे अधिक बड़वानी में 17 हजार, छिंदवाड़ा व छतरपुर में 16 हजार, बालाघाट में 13 हजार, भिंड में 10 हजार, शहरी क्षेत्र ग्वालियर व भोपाल में चार-चार हजार, जबलपुर में छह हजार और इंदौर में 11 हजार विद्यार्थियों ने पढ़ाई छोड़ी है। विभाग ने ये कारण गिनाए     बच्चों का अपने माता-पिता के साथ दूसरी जगह जाना।     समग्र आईडी से मैपिंग नहीं होने के कारण ऐसे हालात बने।     जगह बदलने के कारण बच्चे का ठीक से मैपिंग नहीं होना।     अब ऑनलाइन चाइल्ड ट्रैकिंग से सही संख्या सामने आ रही है। ऑनलाइन चाइल्ड ट्रैकिंग से सामने आ रही संख्या     ऐसा भी हो सकता है कि कई जगहों पर सरकारी व निजी स्कूलों में एक ही बच्चों के नाम दर्ज होते हैं। अब ऑनलाइन चाइल्ड ट्रैकिंग के कारण वास्तविक संख्या सामने आ रही है। – डॉ. दामोदर जैन, शिक्षाविद्  

भोपाल में साइबर ठगी के 70 केस, करोड़ों की रिश्वत देकर बचे आरोपी

भोपाल  साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ने के बावजूद भोपाल में अब भी हर सप्ताह कम से कम एक ‘डिजिटल अरेस्ट’ का मामला सामने आ रहा है। बीते डेढ़ साल में क्राइम ब्रांच की साइबर सेल में ऐसे 70 मामले दर्ज हुए हैं, यानी औसतन हर सात से आठ दिन में एक पीड़ित पुलिस तक पहुंच रहा है। इस दौरान ठगों ने पीड़ितों से करीब ढाई करोड़ रुपये हड़पे हैं। साल 2024 में डिजिटल अरेस्ट के 53 मामलों में लगभग 1 करोड़ 82 लाख रुपये की ठगी हुई, जबकि वर्ष 2025 में जून तक 17 लोगों से 77 लाख 57 हजार रुपये वसूले जा चुके हैं। ऐसे फंसाते हैं ठग साइबर ठग पहले विभिन्न माध्यमों से पीड़ितों के डाटा आधार, पैन, बैंक डिटेल, मोबाइल नंबर से लेकर सोशल मीडिया गतिविधियां तक पर नजर रखते हैं। इन जानकारियों के आधार पर वे पीड़ित की वर्चुअल प्रोफाइल बनाते हैं, ताकि उसे यह भरोसा हो कि काल करने वाला कोई सरकारी अधिकारी है। इसके बाद शुरू होता है डराने-धमकाने का सिलसिला। पीड़ित को फोन कर बताया जाता है कि उसका नाम मनी लांड्रिंग, ड्रग तस्करी या अवैध लेनदेन के मामले में आ गया है। दावा किया जाता है कि ईडी, सीबीआई या कोर्ट में मामला दर्ज है और तुरंत वेरिफिकेशन जरूरी है। पीड़ित को किसी ऐप के जरिए वीडियो कॉल पर जोड़ा जाता है, जहां ठग पुलिस अधिकारी के वेश में, पुलिस कार्यालय जैसी पृष्ठभूमि के साथ बैठा दिखता है। पीड़ित को परिवार या किसी अन्य से बात करने की मनाही होती है। सामान्य पूछताछ के बाद वीडियो काल में ‘अन्य एजेंसियों’ के अफसर के रूप में और लोग जुड़ते हैं, जो सख्ती से पूछताछ कर आरोप ‘सिद्ध’ कर देते हैं और फिर ‘क्लीन चिट’ के नाम पर रकम की मांग करते हैं। यह रकम सीधे ठगों के खातों में जमा कराई जाती है। जज बनकर सुनाई सजा सितंबर 2024 में भोपाल के श्यामला हिल्स क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक गैस संचालक की मां को डिजिटल अरेस्ट कर 80 लाख रुपये ठग लिए थे। आरोपियों ने उन्हें फर्जी मनी लांड्रिंग केस में फंसाया। करीब दस दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और ‘अदालत’ में पेश कर दिया। यहां नकली कोर्ट, फर्जी वकील और जज की भूमिका निभाई गई। महिला को ‘सजा’ सुनाने के बाद समझौते के नाम पर 80 लाख रुपये ले लिए गए। यह मामला क्राइम ब्रांच साइबर सेल में दर्ज हुआ था। डिजिटल अरेस्ट के मामलों में कमी आई     साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता के लिए भोपाल और प्रदेशभर में पुलिस लगातार अभियान चला रही है, जिससे डिजिटल अरेस्ट के मामलों में कमी आई है। मप्र स्टेट साइबर ने पहली बार डिजिटल अरेस्ट में लाइव रेस्क्यू किया था। वहीं भोपाल क्राइम ब्रांच ने पहली बार डिजिटल अरेस्ट करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। इसके बाद से साइबर ठगों पर लगातार कार्रवाई जारी है। – शैलेंद्र सिंह चौहान एडिशनल डीसीपी, क्राइम ब्रांच