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आज से 19 जुलाई तक स्पेन प्रवास पर रहेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज से 19 जुलाई 2025 तक स्पेन के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में निवेश के माध्यम से औद्योगिक विकास और रोजगार सृजनकी दिशा में सतत् रूप से प्रयासरत् है। स्पेन प्रवास के दौरान वे मैड्रिड में आयोजित “इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश” बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगे और उद्योग, पर्यटन, खेल, संस्कृति तथा फिल्म निर्माण से जुड़े विषयों पर उच्चस्तरीय बैठकों में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री दुबई से रवाना होकर देर रात स्पेन की राजधानी मैड्रिड पहुंचेंगे। स्पेन प्रवास के प्रथम दिन 16 जुलाई की शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भारत के राजदूत श्री दिनेश के. पटनायक शिष्टाचार भेंट करेंगे। इसके बाद वे “इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश” बिजनेस फोरम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस सेशन में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पर्यटन, औद्योगिक नीति एवं निवेश, आईटी और अधोसंरचना सेक्टर पर प्रेजेन्टेशन होगा। बिजनेस फोरम की शुरुआत मध्यप्रदेश शासन के सचिव एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री इलैयाराजा टी. के स्वागत भाषण से होगी। स्पेन-इंडिया काउंसिल फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री जुआन इग्नासियो एंत्रेकानालेस भी फोरम को संबोधित करेंगे। नेचर बायोफूड्स के सीईओ श्री रोहन ग्रोवर द्वारा अनुभव साझा किये जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव फोरम में उपस्थिति उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के अवसरों पर विस्तृत जानकारी देंगे। नेटवर्किंग लंच में मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन के प्रमुख उद्योगपतियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खेल सेक्टर में विख्यात स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डिज़ाइन एवं कंसल्टिंग फर्म ‘पॉपुलस’ के प्रजेंटेशन में भाग लेंगे। यह प्रजेंटेशन श्री जोर्ज बेटनकौर द्वारा दिया जाएगा। जिसमें मध्यप्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकास पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बाद में स्पेन फिल्म आयोग के अध्यक्ष मुलाकात करेंगे, जिसमें मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फिल्म शूटिंग और सहयोग पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्राडो म्यूज़ियम का भ्रमण भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन में बसे भारतीय व्यापार समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे और मैड्रिड में आयोजित विशेष रात्रि भोज में भाग लेंगे।  

उच्च शिक्षा मंत्री परमार की बैठक में विभागीय समीक्षा, सुधार के लिए दिए अहम निर्देश

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने मंत्रालय में, उच्च शिक्षा विभाग के विभिन्न विभागीय विषयों एवं गतिविधियों की समीक्षा की। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय में लंबित विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के निलंबन से संबंधित गंभीर एवं अनावश्यक रूप से लंबित विभागीय प्रकरणों को, सामान्य प्रशासन के नियमानुरूप समय पर निराकृत करने के निर्देश भी दिए। परमार ने जनभागीदारी समिति के नियमों का पुनर्वलोकन कर, वर्तमान परिदृश्य अनुरूप समसामयिक बनाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। मंत्री परमार ने सार्थक ऐप पर अनुचित रूप से फर्जी उपस्थिति दर्ज करने वाले प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी और अतिथि विद्वानों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। परमार ने क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक कार्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन करने को कहा। परमार ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने की दृष्टि से, महाविद्यालयों में एकल संकाय को बहुसंकाय में उन्नयन करने की कार्यवाही को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन एवं आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

वायरल हुई मोनालिसा अब ‘बिग बॉस’ में मचाएंगी धमाल?महाकुंभ के बाद अब TV पर जलवा

इंदौर  महाकुंभ मेले में माला बेचने आई मोनालिसा रातों-रात सोशल मीडिया स्टार बन गई और अब तो उनका बॉलीवुड डेब्यू भी हो गया हैं. हाल ही में उनका उत्कर्ष सिंह के साथ एक म्यूजिक वीडियो रिलीज हुआ, अब मोनालिसा इससे आगे बढ़ते हुए सलमान खान के मोस्ट पॉपुलर शो बिग बॉस के घर में एंट्री करना चाहती हैं. हाल ही में एक वायरल वीडियो में मोनालिसा से जब पूछा गया कि क्या वह बिग बॉस में जाना चाहेंगी, तो उनका जवाब क्या था आइए आपको बताते हैं. बिग बॉस जाने पर क्या बोली मोनालिसा मोनालिसा का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया हैं. इस वीडियो में वह ब्लैक कलर का अनारकली सूट पहने बेहद ही खूबसूरत लग रही हैं. इस बीच जब उनसे पूछा गया कि आपको बिग बॉस में जाने का मौका मिलेगा, तो क्या आप जाएंगी? इस पर मोनालिसा ने तुरंत रिएक्शन देते हुए कहा हां जरूर, मैं जाऊंगी. हालांकि, अभी तक इस बात पर शो की तरफ से कोई पुष्टि नहीं हुई है कि मोनालिसा इस शो का हिस्सा होगी या नहीं. सोशल मीडिया पर मोनालिसा का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा हैं और यूजर्स भी कमेंट कर रहे हैं कि हम आपको बिग बॉस में देखने के लिए एक्साइटेड हैं. कब होगा बिग बॉस 19 का प्रीमियर खतरों के खिलाड़ी पोस्टपोन होने के बाद बिग बॉस-19 इस बार जल्दी टेलीकास्ट किया जाएगा, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अगस्त के आखिरी में 29 या 30 अगस्त के वीकेंड में इसके प्रीमियर होने की उम्मीद है. इस बार का बिग बॉस सबसे लंबा चलेगा, जो कि 5 महीने का होगा. हालांकि, शो के प्रीमियर को लेकर अभी तक कोई कंफर्मेशन नहीं आई है, इस बार बिग बॉस शो का हिस्सा शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा, लता अग्रवाल, आशीष विद्यार्थी, गौरव तनेजा, चिंकी-मिंकी, कृष्णा श्रॉफ, तनुश्री दत्ता, अर्शिफा खान, शरद मल्होत्रा, ममता कुलकर्णी, अपूर्व मुखर्जी और पूरव झा जैसे सेलिब्रिटीज होंगे.  हां, मैं जरूर जाउंगी… सलमान खान(Salman Khan) के शो 'बिग बॉस 19' का सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बार ये शो पहले से ज्यादा खास होने वाला है क्योंकि, इस बार शो का सीजन 3 महीने की जगह 5 महीने का होने वाला है। इसी बीच वायरल गर्ल मोनालिसा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वायरल वीडियो में मोनालिसा ने रिएलिटी शो बिग बॉस में का हिस्सा बनने की इच्छा जाहिर कर दी है। दरअसल मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि अगर आपको बिग बॉस में जाने का मौका मिले तो, क्या आप जाएंगी? इस सवाल के जवाब में मोनालिसा ने कहा- हां, मैं जरूर जाऊंगी। आधिकारिक जानकारी नहीं आई सामने बता दें कि अब तक मोनालिसा के शो में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि मोनालिसा के फैंस उन्हें इस शो में देखना चाहते हैं। वायरल वीडियो पर यूजर्स भर-भरकर कमेंट्स कर रहे हैं। महाकुंभ से बदली जिंदगी मोनालिसा मध्यप्रदेश के खरगोन जिले की रहने वाली हैं और यहीं एक छोटे से घर में उन्होंने अपना बचपन बिताया है। बता दें कि महाकुंभ में आए कई श्रद्धालुओं ने मोनालिसा की सादगी से भरी खूबसूरती को इंटरनेट पर वायरल कर दिया था। वायरल पोस्ट पर लोगों ने ऐसा प्यार लुटाया कि वो देखने वालों के दिलोें में उतर गई। इसी का नतीजा था कि मोनालिसा का वीडियो देखने के बाद मशहूर डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने उन्हें अपनी अपकमिंग फिल्म द डायरी ऑफ मणिपुर के लिए साइन कर लिया। तब से माला बेचने वाली लड़की की जिंदगी रातोंरात ऐसी बदली कि मोनालिसा लगातार आगे बढ़ रही हैं, फिलहाल उनके पास पीछे देखने का समय नहीं है। ऑल द बेस्ट मोनालिसा…। अगर आप भी हैं महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा के फैन, तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं ये खबर आपको कैसी लगी?

सिंहस्थ 2028 की तैयारियां शुरू, 50 किलोमीटर लंबे हाईस्पीड फोरलेन के लिए ली जाएगी 25 गांवों की जमीन

इंदौर  मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर को जोड़ने की तैयारी शुरु कर दी गई है। 50 किलोमीटर लंबे हाईस्पीड फोरलेन के लिए 228 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह फैसला सिंहस्थ-2028 को देखते हुए लिया गया है। पितृ पर्वत से जुड़ेगा चिंतामण गणेश मंदिर इंदौर के पितृ पर्वत से उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर को आपस में जोड़ा जाएगा। इसकी दूरी 50 किलोमीटर के लगभग है। इस हाईस्पीड फोरलेन के बनने से सिक्स लेन के अलावा इंदौर-उज्जैन के बीच एक और वैकल्पिक रूट मिल जाएगा। चिंतामण गणेश मंदिर को जोड़ने वाला यह बायपास इंदौर में हातोद के पास पितृ पर्वत से जोड़ा जाएगा। पितृ पर्वत से चिंतामण गणेश तक लगभग 50 किलोमीटर लंबा फोरलेन बनाया जा रहा है। इस सड़क के बनने से सिक्स लेन के अलावा इंदौर-उज्जैन के बीच एक और वैकल्पिक रूट मिल जाएगा। 25 गांवों की जमीन अधिग्रहित होगी इस परियोजना के लिए उज्जैन जिले के 6 गांवों और इंदौर जिले के 19 गांवों की कुल 228 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जा रही है। भूमि अधिग्रहण के लिए धारा 11 के तहत प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) अगले महीने तक तैयार कर ली जाएगी। DPR का काम मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) द्वारा किया जा रहा है। 1 घंटे की दूरी का समय होगा आधा इस हाईस्पीड फोरलेन के बनने से इंदौर और उज्जैन के बीच आवागमन काफी आसान हो जाएगा। खासकर सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी। इस नई सड़क के माध्यम से इंदौर एयरपोर्ट से उज्जैन तक की दूरी महज 30 मिनट में तय की जा सकेगी, जबकि अभी यह दूरी तय करने में लगभग 60 मिनट लगते हैं। हाईस्पीड फोरलेन के लिए ली जाएगी 25 गांवों की जमीन हाईस्पीड फोरलेन के लिए इंदौर जिले के 19 गांवों और उज्जैन जिले के 6 गांवों की 228 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जा रही है। भूमि अधिग्रहण के लिए धारा 11 के तहत प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगले महीने तक इसकी डीपीआर तैयार हो जाएगी। जिसके बाद एमपीआरडीसी और तेज काम शुरु कर देगा। 1 घंटे में पहुंच जाएंगे इंदौर से उज्जैन हाईस्पीड फोरलेन बनने के बाद इंदौर और उज्जैन की कनेक्टिविटी और बेहतर हो जाएगी। नए फोरलेन के जरिए इंदौर एयरपोर्ट से उज्जैन की दूरी मात्र 30 मिनट में ही पूरी हो जाएगी। वर्तमान में 60 मिनट का समय लगता है। 60 मीटर चौड़ी होगी सड़क इस फोरलने की कुल लंबाई 50 किलोमीटर और चौड़ाई 60 मीटर होगी। इस फोरलेन के जरिए चंद्रावतीगंज, अजनोद, खजुरिया और हातोद जैसे क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलेगा।  सर्वे का कार्य तेजी से जारी फोरलेन निर्माण के लिए वर्तमान में तेजी से सर्वे का कार्य किया जा रहा है। इसमें जल संरचनाएं, पेड़, निर्माण आदि से जुड़ा डाटा तैयार किया जा रहा है। DPR तैयार करने की डेडलाइन अगले माह तक रखी गई है। भूमि अधिग्रहण को लेकर दावे और आपत्तियों के लिए अगस्त तक का समय निर्धारित किया गया है। टेंडर प्रक्रिया भी एक से दो महीनों में पूरी कर ली जाएगी। इन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ यह फोरलेन सड़क इंदौर के पितृ पर्वत के पास हातोद से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर के पास बने सिंहस्थ बायपास पर समाप्त होगी। इसकी कुल लंबाई लगभग 50 किमी और चौड़ाई 60 मीटर होगी। इस सड़क से इंदौर के सुपर कॉरिडोर, चंद्रावतीगंज, अजनोद, खजुरिया और हातोद जैसे क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलेगा। साथ ही उज्जैन का पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से भी सीधा संपर्क बन जाएगा। 

ऊर्जा मंत्री तोमर का ऐलान: सभी बिजली कंपनियों में लागू होगी अंशदायी कैशलेस हेल्थ स्कीम

सभी विद्युत कंपनियों में अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना स्वीकृत : ऊर्जा मंत्री  तोमर कैशलेस स्वास्थ्य योजना : नियमित कार्मिक सहित संविदा कार्मिक, पेंशनर और उनके परिजन होंगे लाभान्वित ऊर्जा मंत्री तोमर का ऐलान: सभी बिजली कंपनियों में लागू होगी अंशदायी कैशलेस हेल्थ स्कीम क्रियान्वयन की प्रक्रिया प्रारंभ भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि प्रदेश के सभी 6 विद्युत कंपनियों में अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना स्वीकृत कर दी गई है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने प्रदेश की समस्त विद्युत कंपनियों में कार्यरत अभियंता व कार्मिकों के लिए बहुप्रतीक्ष‍ित पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना (एमपीपीसीएचएस) के क्रि‍यान्वयन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। लगभग एक लाख 82 हजार होंगे लाभार्थी मंत्री श्री तोमर ने बताया है कि इस योजना का लाभ प्रदेश की 6 विद्युत कंपनियों में कार्यरत नियमित कार्मिकों, संविदा कार्मिकों व विद्युत कंपनियों के पेंशनरों और उनके परिजन को मिलेगा। इनकी संख्या लगभग एक लाख 82 हजार है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी को प्रदेश की विद्युत कंपनियों में पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यान्वयन सहायता एजेंसी के लिये ई-टेंडर जारी मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने जानकारी दी कि पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के कार्यान्वयन के लिये 15 जुलाई को ई-टेंडर जारी कर दिया गया है। इस योजना के कार्यान्वयन सहायता एजेंसी (आईएसए) चयन के लिये भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) द्वारा लाइसेंस प्राप्त किसी मौजूदा तृतीय पक्ष प्रशासक (टीपीए) या उसकी होल्डिंग कंपनी या उसकी सहायक कंपनी या उसकी समूह कंपनी, जिन्हें इस क्षेत्र में कार्य करने का वृहद् अनुभव हो, से टेंडर आमंत्रि‍त किए गए हैं। पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के लिए प्री-बिड मीटिंग 24 जुलाई को होगी। विद्युत कंपनियों के लिए पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के क्रि‍यान्वयन करने को इच्छुक कंपनियां 18 अगस्त तक टेंडर प्रक्रि‍या में अपनी निविदा जमा कर सकेंगी। आगामी 20 अगस्त को ई-टेंडर खोले जाएंगे। पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री सिंह ने बताया है कि योजना एक अक्टूबर 2025 तक प्रारंभ करने का लक्ष्य है।  

उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने मंत्रालय में, उच्च शिक्षा विभाग के विभिन्न विभागीय विषयों एवं गतिविधियों की समीक्षा की। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय में लंबित विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के निलंबन से संबंधित गंभीर एवं अनावश्यक रूप से लंबित विभागीय प्रकरणों को, सामान्य प्रशासन के नियमानुरूप समय पर निराकृत करने के निर्देश भी दिए। श्री परमार ने जनभागीदारी समिति के नियमों का पुनर्वलोकन कर, वर्तमान परिदृश्य अनुरूप समसामयिक बनाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। मंत्री श्री परमार ने सार्थक ऐप पर अनुचित रूप से फर्जी उपस्थिति दर्ज करने वाले प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी और अतिथि विद्वानों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। श्री परमार ने क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक कार्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन करने को कहा। श्री परमार ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने की दृष्टि से, महाविद्यालयों में एकल संकाय को बहुसंकाय में उन्नयन करने की कार्यवाही को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन एवं आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

सभी विद्युत कंपनियों में अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना स्वीकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि प्रदेश के सभी 6 विद्युत कंपनियों में अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना स्वीकृत कर दी गई है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने प्रदेश की समस्त विद्युत कंपनियों में कार्यरत अभियंता व कार्मिकों के लिए बहुप्रतीक्ष‍ित पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना (एमपीपीसीएचएस) के क्रि‍यान्वयन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। लगभग एक लाख 82 हजार होंगे लाभार्थी मंत्री श्री तोमर ने बताया है कि इस योजना का लाभ प्रदेश की 6 विद्युत कंपनियों में कार्यरत नियमित कार्मिकों, संविदा कार्मिकों व विद्युत कंपनियों के पेंशनरों और उनके परिजन को मिलेगा। इनकी संख्या लगभग एक लाख 82 हजार है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी को प्रदेश की विद्युत कंपनियों में पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यान्वयन सहायता एजेंसी के लिये ई-टेंडर जारी मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने जानकारी दी कि पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के कार्यान्वयन के लिये 15 जुलाई को ई-टेंडर जारी कर दिया गया है। इस योजना के कार्यान्वयन सहायता एजेंसी (आईएसए) चयन के लिये भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) द्वारा लाइसेंस प्राप्त किसी मौजूदा तृतीय पक्ष प्रशासक (टीपीए) या उसकी होल्डिंग कंपनी या उसकी सहायक कंपनी या उसकी समूह कंपनी, जिन्हें इस क्षेत्र में कार्य करने का वृहद् अनुभव हो, से टेंडर आमंत्रि‍त किए गए हैं। पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के लिए प्री-बिड मीटिंग 24 जुलाई को होगी। विद्युत कंपनियों के लिए पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के क्रि‍यान्वयन करने को इच्छुक कंपनियां 18 अगस्त तक टेंडर प्रक्रि‍या में अपनी निविदा जमा कर सकेंगी। आगामी 20 अगस्त को ई-टेंडर खोले जाएंगे। पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री सिंह ने बताया है कि योजना एक अक्टूबर 2025 तक प्रारंभ करने का लक्ष्य है।  

नई तकनीक से कृषि में आएगा क्रांतिकारी परिवर्तन: राज्यमंत्री कृष्णा गौर

भोपाल   नई तकनीकें न केवल समय की बचत करती हैं, बल्कि जीवन को सरल और समृद्ध भी बनाती हैं। मंगलवार को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर एक निजी उपकरण कंपनी द्वारा संचालित 'परिवर्तन यात्रा' के समापन अवसर पर निवास कार्यालय, भोपाल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि मशीनीकरण अब कृषि का अभिन्न अंग बन चुका है, जो किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और उनकी जीवनशैली को बेहतर बनाने में सहायक है। उन्होंने विशेष रूप से महिला किसानों की सराहना करते हुए कहा कि आज वे भी आधुनिक मशीनों को अपनाकर खेती को आसान और सशक्त बना रही हैं। पावर टूल्स और कृषि उपकरणों की निर्माता कंपनी ने परिवर्तन यात्रा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी जागरूकता फैलाने और कृषि के आधुनिकीकरण में अहम योगदान दिया है। परिवर्तन यात्रा के तहत 5100 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हुए 35 जिलों में 1500 से अधिक किसानों से सीधा संवाद किया गया। इस पहल ने किसानों में नई तकनीकों को लेकर विश्वास और उत्साह उत्पन्न किया है। कार्यक्रम में भोपाल के पूर्व सांसद श्री आलोक संजर, उपकरण निर्माता कंपनी के एमपी एएसएम श्री अनीमेश वाघेला, एवं भोपाल के अधिकृत डीलर भी उपस्थित रहे। राज्यमंत्री ने कंपनी को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि ऐसे प्रयास किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे और प्रदेश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाएंगे।  

पीएम किसान योजना सैचुरेशन के लिये शुरू होगा अभियान

भोपाल  आयुक्त भू-अभिलेख ने बताया है कि पीएम किसान योजनासैचुरेशन के लिये प्रदेश में अभियान चलाया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक किसानों से संपर्क कर सेचुरेशन से शेष रह गए किसानों से कार्यवाही पूर्ण कराई जाएगी और लाभ वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान के बेहतर संचालन के लिये तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है। प्रदेश में लगभग 5 लाख किसानों द्वारा ई-केवायसी एवं आधार बैंक खाता डीबीटी के लिये इनेवल करने की कार्यवाही कर ली गई है। योजना में 20 लाख से अधिक किसानों द्वारा फार्मर रजिस्ट्री बनाए जाने की कार्यवाही की जाना प्रस्तावित है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र कृषक परिवारों को वर्ष में कुल 6 हजार रूपये की राशि प्रदान की जा रही है। योजना की अनिवार्य कार्यवाही ई-केवायसी, आधार, बैंक खाता, डीबीटी केलिए इनेवल एवं फार्मर रजिस्ट्री जैसी अनिवार्य कार्यवाही पूर्ण करने के उपरांत ही हितग्राहियों को राशि प्राप्त होती है। योजना की 20वी किस्त का वितरण माह जुलाई 2025 में किया जाना प्रस्तावित है।  

एक जिला-एक उत्पाद मध्यप्रदेश को मिला रजत पदक, म.प्र. के उत्पादों को मिला वैश्विक बाजार

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में "एक जिला-एक उत्पाद" योजना के अंतर्गत प्रदेश के उत्पादों की वैश्विक बाजारों में उपस्थिति दर्ज हो रही है।  मध्यप्रदेश ने अपनी विशिष्टता और योजनाओं के उत्कृष्ट क्रियान्वयन का प्रमाण प्रस्तुत करते हुए एक जिला एक उत्पाद पुरस्कार 2024 में राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश श्रेणी में रजत पुरस्कार प्राप्त किया। नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित भारत मंडपम में एक भव्य समारोह में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने पुरस्कार प्रदान किया। यह पुरस्कार राज्य में एक जिला एक उत्पाद योजना के प्रभावशाली क्रियान्वयन, स्थानीय उत्पादों के ब्रांड निर्माण, रोजगार सृजन, और ग्रामीण व शहरी उद्यमिता को बढ़ावा देने के प्रयासों को मान्यता देने के लिए प्रदान किया गया। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और भारत सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों एवं विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित थे। मध्यप्रदेश की ओर से यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उद्योग विभाग, वाणिज्य एवं निवेश प्रोत्साहन नीति विभाग की उप सचिव, श्रीमती रूही खान ने प्राप्त किया। प्रदेश अब लोकल से ग्लोबल की ओर एक जिला-एक उत्पाद योजना में म.प्र. के उत्पादों को वैश्विक बाजार मिल रहा है। प्रदेश स्थानीय से ग्लोबल की ओर बढ़ रहा है। स्थानीय स्तर पर निर्यातकों का बड़ा समूह तैयार हो रहा है। कई उत्पादों को जी.आई. टैग मिला है जिसमें इन उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़ी है। हस्तशिल्प एवं कृषि और खाद्य उत्पादों की पहचान बढ़ने के साथ कारीगरों और निर्माताओं के जीवन स्तर में भी सुधार हो रहा है। ओडीओपी योजना में विशेष उत्पादों को उनके भौगोलिक, जैविकीय, प्राकृतिक या उत्पादन की विशेषताओं के कारण शामिल किया गया है। सभी जिलों में ओडीओपी योजना संचालित है, जिनमें हरी सब्जी, मोटे अनाज, क्राफ्टकला हथकरघा, हस्तशिल्प, उपकरण शामिल है। स्थानीय कलाकारों और उत्पादों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। अलग-अलग जिलों के 19 विशिष्ट उत्पादों को अब तक जीओ-ग्राफिकल इंडीकेशन्स (जीआई) टैग प्रदान किये गये है। इसमें चंदेरी साड़ी, बाग प्रिंट, नागपुरी संतरा, रतलामी सेंव, कड़कनाथ मुर्गा, चिन्नौर चावल, बुटिक प्रिंट, स्टोन क्राफ्ट, लेदर टॉय, बेल मेटल वेअर, महेश्वरी साड़ी, महोबा देशवारी पान, मुरैना गजक, सुंदरजा आम, शरबती गेहूँ, गोंड पेंटिंग, रॉट आयरन क्राफ्ट, हेन्डमेड कारपेट, वारासिवनी की हेंडलूम साड़ी शामिल है। इनमें से 7 उत्पाद ओडीओपी योजना में भी शामिल है। मध्यप्रदेश ने "एक जिला-एक उत्पाद" के अंतर्गत विश्व के प्रमुख बाजारों में अपनी पहचान बनाई है। वैश्विक बाजार तक पहुँचाने की दिशा में ठोस कदम भी उठाए हैं। राज्य के विभिन्न जिलों के उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। बुरहानपुर के उच्च गुणवत्ता वाले केले, रायसेन का सुगंधित बासमती चावल, और बालाघाट का प्रसिद्ध चिनौर चावल इन उत्पादों में प्रमुख हैं। मध्यप्रदेश के उत्पादों की पहचान अब सीमित नहीं रही, बल्कि ये राज्य की आर्थिक प्रगति, रोजगार अवसरों और निर्यात क्षमता को मजबूती दे रहे हैं। "एक जिला-एक उत्पाद योजना अब एक जनभागीदारी आधारित आंदोलन बन चुकी है। इसमें कारीगरों, महिला समूहों, एफपीओ, स्टार्टअप्स और स्थानीय उद्यमियों की सक्रिय भूमिका रही है। राज्य सरकार ने एक जिला-एक जिला उत्पाद को स्थानीय से वैश्विक बनाने की दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। उत्पाद आधारित प्रशिक्षण, ब्रांडिंग और पैकेजिंग सुधार, डिजिटलीकरण और निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु लॉजिस्टिक सहयोग भी राज्य शासन द्वारा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश न केवल संस्कृति और शिल्प की धरती है, बल्कि एक उभरता हुआ औद्योगिक और निर्यातक राज्य भी है। मध्यप्रदेश सरकार की यह उपलब्धि "स्थानीय हाथों से वैश्विक मंच तक" की परिकल्पना को साकार कर रही है और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है। प्रदेश में इतने विविध उत्पाद हैं जिन्हें विश्व स्तर पर ले जा सकते हैं। “एक जिला, एक उत्पाद” एक अनूठी पहल है और किसी अन्य देश में ऐसा नहीं है। प्रत्येक जिले की अपनी अलग विरासत है। उत्पादों की ब्रांडिंग और गुणवत्ता पर काम किया जा रहा है। पैकेजिंग और ब्रांडिंग में सुधार किया जा रहा है ताकि उत्पादों को उनकी उच्च गुणवत्ता के लिए दुनिया भर में सम्मान मिले। ओडीओपी पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करेगा। ओडीओपी उत्पादों को आगे बढ़ाने के तरीके सीखने और अनुकरण करने में मदद के लिए एक सर्वोत्तम प्रथाओं का संग्रह तैयार किया गया है। केंद्र, सरकार ने 750 से अधिक जिलों से 1,200 से अधिक अनूठे उत्पादों की पहचान की है, जो कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, हथकरघा, हस्तशिल्प आदि क्षेत्रों में हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य मूल्य संवर्धन, विपणन को बढ़ावा देना और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ना है। सिंगापुर, न्यूयॉर्क, वैंकूवर, मिलान, कुवैत, बहरीन और जापान में ओडीओपी वॉल्स स्थापित किए गए हैं। ओडीओपी उत्पाद अब सिंगापुर के मुस्तफा सेंटर और सेंटर पॉइंट मॉल जैसे खुदरा दुकानों पर उपलब्ध हैं। ओडीओपी पुरस्कारों के लिए 1 अप्रैल से 11 जून 2024 के बीच राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से कुल 641 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें जिलों से 587, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से 31 और विदेशों में भारतीय मिशनों से 23 प्रविष्टियां शामिल थीं।